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मासूम की चीख़ सुनकर राहगीरों ने किया रोमांचक बचाव, जानें पूरी कहानी

सोनीपत सोनीपत के राई औद्योगिक क्षेत्र में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रूढ़े बाबा की मढी के पास झाड़ियों में नवजात बच्ची बेसहारा हालत में मिली है। मासूम की रोने की आवाज सुनकर राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को नागरिक अस्पताल सोनीपत भिजवाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम बच्ची की स्वास्थ्य जांच कर रही है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। राई थाना पुलिस को सूचना मिली कि रूढ़े बाबा की मढ़ी के पास नवजात बच्ची पड़ी है। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। आसपास पता करने पर बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। डॉक्टरों ने नवजात को विशेष नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती किया है, जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मासूम को इस हालत में छोड़ जाना मानवता को शर्मसार कर देने वाला कृत्य है। पुलिस आसपास के इलाके की छानबीन कर रही है और बच्ची के माता-पिता की तलाश में जुट गई है। डायल 112 पर तैनात कांस्टेबल राजेश ने बताया कि ऐसा लगता है कि बच्ची का जन्म रात को हुआ और उसके तुरंत बाद ही जन्म देने वाली मां ने या परिजनों ने उसे झाड़ियों में फेंक दिया, जिसके बाद फेंकने वाले फरार हो गए। उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है। समाज में इस तरह की घटनाएं न केवल इंसानियत को आहत करती हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर क्यों मासूमों को जन्म के साथ ही जिंदगी और मौत की जंग में धकेल दिया जाता है।

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी      राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर      सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामले के निस्तारण में आया खासा सुधार     – कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, शाहजहांपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     – जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर      – पिछले एक साल से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा सितंबर माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले एक साल से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 21,296 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में पूरे प्रदेश में कुल 3,88,145 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 21,296 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 11,396 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, शाहजहांपुर 9,075 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,856 मामले निस्तारित कर चौथा और गोरखपुर ने 8,448 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 704 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की सितंबर माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 704 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 281.60 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 415 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 300 के सापेक्ष 412 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर बस्ती है। इसी तरह सितंबर में फतेहपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 79 मामलों का निस्तारण कर 263.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और फतेहपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 77 मामले निस्तारित किये गये। वहीं कुशीनगर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 67 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में जाैनपुर दूसरे और कुशीनगर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 251 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 21 मामलों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर है।    

बंदूक की नोक पर सराफा व्यापारी से भारी लूट, बदमाश ले गए 86 किलो चांदी

रायपुर राजधानी में अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए सराफा व्यापारी से करीब 86 किलो चांदी के आभूषण लूट लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार इलाके की है। बदमाशों ने व्यापारी को गन प्वॉइंट पर बंधक बनाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेहोश करने के लिए संदिग्ध वस्तु सुंघा दी। इसके बाद ज्वेलरी शॉप से भारी मात्रा में चांदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी का नाम राहुल गोयल है और उनकी दुकान शिवा ट्रेडर्स ज्वेलर्स के नाम से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे अज्ञात बदमाश दुकान पर पहुंचे और हथियार के बल पर गेट खुलवाया। इसके बाद व्यापारी को बेहोश कर डकैती को अंजाम दिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।

गंगा में डॉल्फिन की मौत से साहिबगंज में मचा हड़कंप, टीम कर रही स्थिति की समीक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा के तट पर एक डॉल्फिन का शव मिला है। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। साहिबगंज के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) प्रबल गर्ग ने बताया कि स्थानीय मछुआरों से सूचना मिलने के तुरंत बाद वन अधिकारी मौके पर गए और शव को कब्जे में ले लिया। डीएफओ ने कहा, "हमने डॉल्फिन (वैज्ञानिक रूप से प्लैटनिस्टा गैंगेटिका) के शव को पोस्टमार्टम के लिए तालझारी के निकटतम रेंज कार्यालय में भेज दिया है। यह स्तनपायी जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची एक के तहत सूचीबद्ध है, जो इसे एक लुप्तप्राय प्रजाति बनाता है।" वन अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया डॉल्फिन के शव पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने जल प्रदूषण के कारण उसकी मौत की संभावना से भी इनकार किया। गर्ग ने कहा, "डॉल्फिन के शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं हैं, जिसमें जहाजों या ट्रॉलरों की आवाजाही से हुई चोट की संभावना खारिज होती है। जल प्रदूषण की संभावना बहुत कम है, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉल्फिनों की कई मौतें हो सकती थीं।" साहिबगंज में प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा किए गए मानसून-पूर्व सर्वेक्षण में स्तनधारियों की संख्या 250 से अधिक पाई गई।  

मिशन शक्ति-5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान

मिशन शक्ति- 5.0: खतरनाक स्थिति में चुप न रहें, उठाएँ सुरक्षा के ठोस कदम मिशन शक्ति-5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान मिशन शक्ति- 5.0: स्कूल से गांव तक पहुंचा सुरक्षा संदेश, आत्मरक्षा से मिली आत्मविश्वास की सीख  योगी सरकार ने बालिकाओं को बताया, कैसे करें सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल  योगी सरकार का संकल्प, नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से ही बनेगा सुरक्षित समाज – मिशन शक्ति से मजबूत हुई महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। 90 दिवसीय विशेष अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3-11 अक्टूबर 2025) के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन किया। इसमें बताया गया कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें। इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है। इसमें बताया गया कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए। यह अभियान नारी सम्मान को मजबूत करते हुए महिलाओं को आत्मरक्षा और जागरूकता की ताकत दे रहा है, जो योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 का मूल आधार है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

गोविंदपुरा में पोषण माह का भव्य आयोजन, पुरुष बने पोषण चैंपियन

गोविंदपुरा में धूमधाम से मना पोषण माह, पुरुष बने पोषण चैंपियन अन्नप्राशन, जन्मदिन का जश्न और क्विज़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह भोपाल गोविंदपुरा परियोजना के इंद्रपुरी सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 549 में सोमवार को 8वें पोषण माह की गतिविधियों का रंगारंग आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की थीम रही – “बच्चों की पोषण देखभाल करने वाले पुरुषों को पोषण चैंपियन से सम्मानित करना और उनकी कहानियां साझा करना।” कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना अधिकारी श्रीमती शुभा श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती पूजन से किया। इसके बाद माहौल और भी जीवंत हुआ जब सामाजिक संस्थाओं से जुड़ीं श्रीमती किरण शर्मा (सकारात्मक सोच संस्था), श्रीमती रेणु (आरंभ संस्था) और श्रीमती रेखा श्रीधर (मीत संस्था) ने मंच से महिलाओं और पुरुषों को संबोधित किया। उन्होंने परिवार और समाज में पोषण संबंधी जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि “पोषण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, पुरुष भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।” सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती अनामिका पटेल ने उपस्थित लोगों को पोषण माह की रूपरेखा और उद्देश्य समझाए। वहीं श्रीमती नीति सक्सेना ने पुरुष प्रतिभागियों के लिए क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया। सवालों के जवाब देने में पुरुषों का उत्साह देखते ही बनता था। थीम के अनुरूप कार्यक्रम में अन्नप्राशन और जन्मदिन समारोह भी रखा गया। खास बात यह रही कि बच्चों के जन्मदिन का केक टीएचआर (टेक होम राशन) से तैयार किया गया था, जिसे काटकर पूरे उल्लास के साथ बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषण व्यंजन प्रदर्शनी भी सजाई। प्रतिभागियों ने इन पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी महत्ता समझी। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत स्वल्पाहार के साथ किया गया। पूरे कार्यक्रम में माहौल उत्साह और जागरूकता से सराबोर रहा।

विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान

बरेली में अब अमन-चैन, विपक्षी नेता सिर्फ माहौल बिगाड़ना चाहते हैंः जेपीएस राठौर  विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी बरेली जाकर माहौल खराब कर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं विपक्षी सांसद और नेताः राठौर   कहाः ‘सर तन से जुदा’ के नारे और हिंसा के बाद पुलिस ने लिया उचित एक्शन  पुलिस ने ससमय कार्रवाई कर उपद्रव फैलाने की साजिश नाकाम कीः मंत्री   लखनऊ योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा है कि बरेली में अब पूरी तरह अमन और चैन है, पुलिस ने जिस तरह से ससमय कार्रवाई की, उसने उपद्रव फैलाने की हर साजिश को विफल कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो भी विपक्षी सांसद या नेता बरेली जाने की बात कर रहे हैं, वे सिर्फ माहौल खराब करने की साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। सरकार किसी को भी बरेली का अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद और नेता अब बरेली जाकर उन्हीं उपद्रवियों के लिए आंसू बहाने की तैयारी में हैं, जिन्होंने पुलिस और निर्दोष लोगों की जान लेने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि वे किसके लिए बरेली जा रहे हैं, उन लोगों के लिए जिन्होंने कानून तोड़ा, पत्थर फेंके और पुलिस पर हमला किया? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ, केवल कानून तोड़ने वालों को जेल भेजा गया है।  कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा राठौर ने कहा कि विपक्षी दलों को लगा था कि बरेली आग में झुलसेगा और उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की लाशों पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, अब जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है। जो पहले संविधान की दुहाई देते थे, वही आज संविधान तोड़ने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति साफ है,“कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि बरेली के लोग शांति और सद्भाव के साथ अपने घरों में अमन चैन से हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बाहरी ताकत उस माहौल को खराब न कर सके। वर्तमान में बरेली में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बाजार खुले हैं, यातायात सामान्य है और पुलिस सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरा माहौल पूर्णतः शांत हो जाएगा। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया राज्य मंत्री राठौर ने बताया कि जिस तरह से कुछ लोगों ने रातों-रात माहौल को भड़काने की कोशिश की, उसमें मुख्य रूप से तौकीर रजा और उनके समर्थकों का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रशासन उनसे बातचीत करता रहा, लेकिन रात करीब 11 बजे एक लेटर वायरल किया गया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन नहीं होगा, जुलूस नहीं निकलेगा। फिर देर रात डेढ़ बजे दावा किया गया कि पत्र फर्जी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और ‘आई लव मुहम्मद’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने लगे। राठौर ने कहा कि इसके बाद उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया, जिससे किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हालात और बिगड़ सकते थे। पुलिस ने उपद्रवियों को रोका, निर्दोषों की जान बचाई उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में ऐसे ही अराजक तत्व शहरों को जलाने का काम करते थे। 2010 में बरेली में महीनों कर्फ्यू जलता रहा था, लेकिन आज हमारी सरकार में ऐसी अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। जो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार में शांति और कानून सर्वोपरि है। जेपीएस राठौर ने बताया कि उपद्रवियों के पास से पेट्रोल बम, असलहा और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने पहले से घरों में जमा कर रखा था, ताकि पुलिस और निर्दोष लोगों पर हमला किया जा सके, लेकिन पुलिस ने न केवल उपद्रवियों को रोका बल्कि आम नागरिकों की जान भी बचाई।

‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के विरोध में बरेली में गिरफ्तारी, जालंधर में सांप्रदायिक तनाव

जालंधर पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प हो जाने से तनाव पैदा हो गया। यह झड़प उस समय हुई जब एक समूह ‘आई लव मोहम्मद’ मुहिम को लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली में की गई गिरफ्तारियों के संबंध में प्राधिकारियों को ज्ञापन सौंपने गया था। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब एक समुदाय के सदस्यों ने एक संगठन के बैनर तले एकत्र होकर ‘आई लव मोहम्मद’ मुहिम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बरेली में की गई गिरफ्तारियों के विरोध में मार्च निकाला। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें एक स्थानीय मौलवी भी शामिल है।  धार्मिक नारे लगाने का आरोप मार्च निकालने के बाद जब समूह पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए एकत्र हुआ तो दूसरे समुदाय के स्कूटर सवार एक युवक से उनकी बहस हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि युवक ने धार्मिक नारे लगाए जबकि युवक का आरोप है कि उसे रोका गया, उसके साथ मारपीट की गई और उसके स्कूटर की चाबी छीन ली गई तथा बाद में उसे स्थानीय लोगों ने बचाया। बाद में शाम को हिंदू समुदाय के कुछ स्थानीय नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।  परगट सिंह ने शांति एवं भाईचारा की अपील की पुलिस ने गलत तरीके से रोके जाने, जानबूझकर चोट पहुंचाए जाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से की गई कार्रवाई जैसे अपराधों के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ युवक के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। इस घटना के बाद जालंधर छावनी से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने सभी समुदायों से शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब में लोग हमेशा सद्भाव से रहे हैं और किसी को भी इस एकता को भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी से प्रशासन के साथ सहयोग करने और शांति सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस घटना के संबंध में कानून को अपना काम करने दें। क्या है "आई लव मुहम्मद" अभियान? "आई लव मुहम्मद" (I Love Muhammad) एक हालिया सामाजिक और धार्मिक अभियान है, जो भारत में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ। यह मुसलमानों द्वारा पैगंबर मुहम्मद  के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम व्यक्त करने का एक शांतिपूर्ण तरीका है, जो पोस्टर, बैनर, सोशल मीडिया पोस्ट और जुलूसों के माध्यम से फैलाया जा रहा है। यह अभियान सितंबर 2025 में कानपुर में एक बरावाफत (ईद-ए-मिलाद-उन-नबी) जुलूस के दौरान शुरू हुआ, जब कुछ लोगों ने "आई लव मुहम्मद" के बैनर लगाए। 4 सितंबर 2025 को कानपुर के लल्लापुरा इलाके में एक जुलूस के दौरान 15-20 लोगों ने "आई लव मुहम्मद" के पोस्टर लगाए और नारे लगाए। पुलिस ने इसे ट्रैफिक बाधित करने और शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की। इससे विवाद बढ़ा। खबर फैलने के बाद, देशभर के कई शहरों जैसे बरेली, लखनऊ, उनाव, बरबंकी, मऊ, नागपुर, हैदराबाद आदि में मुसलमानों ने इस अभियान को अपनाया।  बरेलवी धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा खान (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख) ने इसे समर्थन दिया और विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया। 26 सितंबर 2025 को बरेली में जुमे की नमाज के बाद एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, घर-घर छापेमारी की, और 72 से अधिक गिरफ्तारियां कीं। तौकीर रजा सहित 8 लोगों को हिरासत में लिया गया। बरबंकी और मऊ में भी बैनर फाड़े जाने पर तनाव बढ़ा। कुल 21 एफआईआर दर्ज हुईं, जिसमें 1,300 से अधिक लोग नामजद।

राजस्थान में बिजली सस्ती हुई! दो दशकों बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

जयपुर राजस्थान में 25 वर्षों बाद पहली बार आमजन और उद्योगों के लिए बिजली सस्ती हुई है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की टैरिफ याचिका पर नियामक आयोग से मिली स्वीकृति के बाद ऊर्जा शुल्क (एनर्जी चार्ज) में कमी लागू की है। घरेलू श्रेणी में 51 से 150 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए दर 6 रुपये 50 पैसे से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। 150 से 300 यूनिट वाले उपभोक्ताओं को 35 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है। वहीं, 100 यूनिट तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं का पूरा बिल सरकार की सब्सिडी से शून्य ही रहेगा। राज्य में कुल 1.35 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 1.04 करोड़ उपभोक्ता मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क 5 रुपये 55 पैसे से घटाकर 5 रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट किया गया है। प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित रेगुलेटरी सरचार्ज का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसे भी राज्य सरकार वहन करेगी। औद्योगिक श्रेणी में पहली बार दरों को एकीकृत कर राहत दी गई है। वृहद उद्योगों के लिए शुल्क 7 रुपये 30 पैसे से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे और मध्यम उद्योगों के लिए 7 रुपये से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। स्मॉल इंडस्ट्री के लिए भी दर 6 रुपये तय की गई है। इस कदम से औद्योगिक निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान डिस्कॉम्स पर वर्तमान में लगभग 49,800 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी असेट्स का भार है। इसके निस्तारण के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, लेकिन छोटे उपभोक्ताओं और किसानों पर इसका भार सरकार वहन करेगी। इससे लगभग 6,700 करोड़ रुपये की रिकवरी संभव होगी और निगमों का ऋण भार घटेगा। डिस्कॉम्स का फोकस पावर परचेज कॉस्ट कम करने और सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर है। कुसुम योजना के तहत पहले ही 1,800 मेगावाट विकेन्द्रित सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। आने वाले समय में लगभग 12,000 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

योगी का संदेश: नलकूपों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए अपनाएं स्मार्ट पद्धति

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए योगी ने कहा,‘‘ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। '' उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और ‘डार्क जोन' वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान होगा। नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार हो मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए, फलस्वरूप सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।