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सम्राट चौधरी बोले- 15 सितंबर से शुरू होगा टाउनशिप निर्माण, उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी मंजूरी

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की नई 11 टाउनशिप में छह लाख 45 हजार करोड़ का निवेश होगा। टाउनशिप के लिए सीमांकन का कार्य तेजी से चल रहे हैं। 15 सितंबर से जमीन पर इसके कार्य शुरू होंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरा होने पर आयोजित मीडिया संवाद में बोल रहे थे। सम्राट चौधरी लालू प्रसाद यादव पर भी बोले मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, रेल और हवाई संपर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के बाद कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राजगीर, गया और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजना पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। सुल्तानगंज और सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेंगे। बिहार में पटना-पूर्णिया, बक्सर भागलपुर, आमस दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया तथा वाराणसी-गया-कोलकाता एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर जैसे बड़े संपर्क मार्गों पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गंगा नदी पर सात नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा सात अन्य पुल निर्माणाधीन हैं। कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी प्रमुख नदियों पर भी नए पुल बन रहे हैं। औंटा-सिमरिया गंगा पुल और पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती दी है। 30 दिनों में उद्योग के लिए सभी स्वीकृतियां मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर को अपने एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। पहले उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की अलग-अलग स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं, लेकिन अब 30 दिनों की समय सीमा तय की जा रही है। कोई भी निवेशक आवेदन करेगा तो निर्धारित अवधि के भीतर उसे आवश्यक स्वीकृतियां स्वतः उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि राजगीर और मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर बनेगा। साथ ही हर जिले में हवाई संपर्कता बहाल की जाएगी। मीडिया संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने किया। मौके पर राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी एवं विधान पार्षद संजय मयूख मंचस्थ रहे। भाजपा संकल्पों से पीछे नहीं हटी मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जनसंघ के समय से जो भी संकल्प देश के सामने रखा, उसे पूरा करने का काम किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धताएं थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। भाजपा अपने विचारों और संकल्पों से कभी पीछे नहीं हटी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश आज भी मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे। मीडिया के सवाल पर कहा कि बिना किसी सदन के सदस्य के कोई भी पांच महीना 29 दिनों तक मंत्री रह सकता है। मैं स्वयं बिना सदन सदस्य के पांच महीना 28 दिन तक मंत्री था।  सम्राट चौधरी हूं मीडिया ने अतिक्रमण हटाने को लेकर चले अभियान पर सवाल किया कि आप देश के दूसरा योगी आदित्यनाथ हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा नाम सम्राट चौधरी है। राज्य में जहां भी अतिक्रमण है, चाहे वह किसी उद्योगपति का हो या बड़े व्यक्ति का, उसे तोड़ा ही जाएगा। लालू बड़े नेता, बड़ा दिल दिखाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद बड़े नेता है। आवास खाली करने के मामले में भी उन्हें बड़ा दिल दिखाना होगा। यह राजशाही नहीं, लोकतंत्र है। सरकार का आदेश है तो खाली करना ही होगा। यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। मैं आज मुख्यमंत्री हूं, पर मैं भी पूर्व होऊंगा। इस कुर्सी पर कोई सदा के लिए नहीं रहता है। बड़ी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा स्वयं करूंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे, ताकि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति या अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके। प्रधानमंत्री का भी आदेश है कि बड़े प्रोजेक्ट को सभी राज्यों के मुख्यमंत्री स्वयं देखें। राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा। इसका ख्याल रखा जाएगा कि पर्यटक आते हैं तो कहां ठहरें, आने-जाने में कोई परेशानी नहीं, निश्चित दूरी पर खाने-पीने का बेहतर इंतजाम रहे। इस हिसाब से आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी। कैमूर की पहाड़ियों का दर्शन हेलिकॉप्टर से कराया जाएगा।

उदयपुर के ग्रामीण सेवा शिविरों में ऑन-द-स्पॉट समाधान, किसानों और जरूरतमंदों को मिला लाभ

 उदयपुर उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान  के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। सवा लाख रूपये का अनुदान मिला मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान श्री शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।  शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी  जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में  1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। अटकी पेंशन बहाल उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर  चांदवास निवासी श्रीमती हरकू, श्रीमती राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी। शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ  ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी श्रीमती रामा, श्रीमती वारकी तथा श्रीमती केशरी को  पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये। विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला चांदवास निवासी श्री उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। नक्शा की गलती की शुद्ध ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में  चीरवा निवासी खातेदार श्री राजेश पुत्र स्व. श्री नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर  उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर  श्री राजेश को राहत पहुंचाई। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

हरियाणा महिला आयोग में नई नियुक्तियां, रेनू भाटिया के पद छोड़ने के बाद उषा प्रियदर्शनी-मीना परमार की बढ़ी भूमिका

 चंडीगढ़  चंडीगढ़ कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से विवाद के चलते हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेश सरकार ने आयोग का पुनर्गठन कर दिया है। हरियाणा सरकार ने राज्य महिला आयोग का विस्तार करते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस बदलाव के तहत उषा प्रियदर्शनी को आयोग का नया अध्यक्ष  और मीना परमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद आयोग के इस नए नेतृत्व से महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी आने की उम्मीद है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि उषा प्रियदर्शनी और मीना परमार कौन हैं और संगठन में इनका अब तक का सफर कैसा रहा है… ऊषा प्रियदर्शी का जन्म 12 अगस्त 1972 को राजस्थान में हुआ। स्नातक तक शिक्षित उषा के पति नीरज प्रियदर्शी अधिवक्ता हैं। निवास स्थान गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-तीन में है। राजनीति में ऊषा 25 साल से भाजपा में सक्रिय हैं। ओबीसी मोर्चा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष सहित महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं। मीना परमार का जन्म 10 सितंबर 1976 को भिवानी के गांव खरक कलां में हुआ था, वे स्नातक पास हैं। इनके पति अर्जुन सिंह लेक्चरर हैं। भिवानी के सेक्टर 13 में निवास है। मीना 26 साल से राजनीति में हैं। वर्ष 2016 से 2019 तक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं। 2021 में महिला मोर्चा की महामंत्री बनीं। साढ़े चार साल तक पद पर रहीं रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक अध्यक्ष के पद पर रहीं रेनू भाटिया महिला आयोग की चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक इस पद पर रहीं। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। उनका कार्यकाल पिछले साल 18 जनवरी को पूरा हो गया था। हालांकि 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के जरिये कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया था, जिस पर विवाद छिड़ा है।    

पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज: भोपाल से गिरफ्तार मोहम्मद फराज के पास मिलीं कथित जिहादी PDF फाइलें

भोपाल मध्य प्रदेश ATS ने भोपाल से एक ऐसे कथित कट्टरपंथी मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिसके तार पाकिस्तान, देवबंद, डार्क ऐप्स, जिहादी साहित्य, मार्शल आर्ट ट्रेनिंग और अफगानिस्तान तक जाते बताए जा रहे हैं. पुराने भोपाल के काजी कैंप इलाके से गिरफ्तार 35 वर्षीय मोहम्मद फराज को एजेंसी एक ऐसे इंटरस्टेट नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है, जिसे कथित तौर पर लोन वुल्फ हमलों के लिए तैयार किया जा रहा था. सूत्रों के मुताबिक इस ग्रुप का हैंडलर पाकिस्तान में बैठा था. निर्देश साफ थे. हथियार खरीदो, तैयार रहो और जरूरत पड़ने पर विदेश जाने के लिए भी तैयार रहो. जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क से जुड़े युवाओं को मिलिशिया ट्रेनिंग के बाद दुनिया के दूसरे देशों में भी जिहाद के नाम पर लड़ाई के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी थी। पाकिस्तान से भेजी गई कथित जिहादी दस्तावेजी PDF फाइलें MP ATS के IG डॉ. आशीष ने बताया, “मोहम्मद फराज, जो पुराने भोपाल के काजी कैंप इलाके का रहने वाला है, उसे MP ATS ने गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया. अदालत ने उसे विस्तृत पूछताछ के लिए 16 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार फराज भोपाल में एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था. बाहर से सामान्य जिंदगी, लेकिन मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों में एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर उसकी गहन जांच की जा रही है. ATS का दावा है कि वह कथित तौर पर स्पेशल ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी में था। जांच के दौरान ATS ने आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजी गई कथित जिहादी दस्तावेजी PDF फाइलें बरामद करने का दावा किया है. एजेंसी अब उसके डिजिटल डेटा, चैट, सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन संपर्कों और संदिग्ध ग्रुप्स की परतें खोल रही है। मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी सूत्रों के अनुसार फराज सिर्फ डिजिटल कट्टरपंथी सामग्री तक सीमित नहीं था. वह मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था. एजेंसियों को शक है कि वह कुछ डार्क ऐप्स के जरिए संदिग्ध ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में प्रारंभिक तौर पर गाजा के समर्थन में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी सामने आने की बात कही जा रही है। ATS के मुताबिक यह कार्रवाई खास इनपुट के आधार पर की गई. एजेंसी को सूचना मिली थी कि फराज एक पाकिस्तानी WhatsApp ग्रुप से जुड़ा हुआ है और सीमा पार बैठे हैंडलर के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। पूछताछ में फराज ने कथित तौर पर बताया कि वह पिछले 5-6 साल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था. ATS का दावा है कि नईम ने ही फराज को पाकिस्तानी हैंडलर से जोड़ा. इसके बाद फराज धीरे-धीरे इस नेटवर्क में गहराई तक उतरता चला गया। मदरसे से जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई जांच के दौरान देवबंद के एक मदरसे से जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है. एजेंसियां अब इन संपर्कों की भूमिका की जांच कर रही हैं. ATS यह पता लगाने में जुटी है कि फराज किन-किन लोगों के संपर्क में था, क्या कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था और क्या स्थानीय स्तर पर भी उसे मदद मिल रही थी। जांच एजेंसी के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर ने फराज को कथित तौर पर जिहाद के लिए उकसाया. उसे बताया गया कि भारत में कई युवाओं को पहले ही तैयार किया जा चुका है और अब उसे भी इसी काम के लिए खुद को तैयार करना होगा. ATS सूत्रों का दावा है कि फराज इस कदर कट्टरपंथी हो चुका था कि वह हैंडलर के किसी भी आदेश को अंजाम देने के लिए तैयार था। शुरुआती पूछताछ में फराज ने कथित तौर पर बताया कि वह Telegram और WhatsApp के जरिए भारत, पाकिस्तान और दूसरे देशों के कई संदिग्ध कट्टरपंथी समूहों से जुड़ा हुआ था. जांच में यह भी सामने आया है कि नईम अब्दुल्ला ने उसे मारे गए पाकिस्तानी आतंकी खालिद सैफुल्लाह का नाम इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया था। युवाओं को टारगेट किलिंग और लोन वुल्फ हमलों के जरिए दहशत फैलाने का काम ATS का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े युवाओं को टारगेट किलिंग और लोन वुल्फ हमलों के जरिए दहशत फैलाने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा था. उन्हें पासपोर्ट बनवाने को कहा गया था, ताकि आगे चलकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया जाकर कथित आतंकी प्रशिक्षण लिया जा सके । जांच एजेंसी के मुताबिक फराज ने पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया था. वह अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया जाने के लिए तैयार था. एजेंसियां अब यह खंगाल रही हैं कि क्या उसकी विदेश यात्रा की कोई तारीख, रूट या फंडिंग चैनल भी तय किया गया था। ATS सूत्रों के अनुसार युवाओं को भड़काने के लिए इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कथित प्रशिक्षण वीडियो, जिहादी साहित्य और डिजिटल दस्तावेज साझा किए जा रहे थे. फराज के मोबाइल से बरामद कथित सामग्री को एजेंसी उसके बयानों की पुष्टि करने वाला अहम डिजिटल सबूत मान रही है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने फराज और इस ग्रुप से जुड़े अन्य युवाओं को प्रतिबंधित संगठन PFI के कथित Mission 2047 एजेंडे की ओर भी धकेलने की कोशिश की. आरोप है कि फराज से शपथ दिलवाई गई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को न मानते हुए हथियारबंद संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा गया। इस मामले में भोपाल के STF थाने में मोहम्मद फराज और देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के खिलाफ BNS की धारा 152 और UAPA की धारा 13(1)(B) और 18 के तहत केस दर्ज किया गया है. नईम अब्दुल्ला की तलाश जारी है। भोपाल पुलिस तक को नहीं थी इस एक्शन की जानकारी आरोपी की गिरफ्तारी और पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई. सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन की जानकारी भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस तक को नहीं दी गई थी. ATS ने गिरफ्तारी से लेकर पूछताछ तक पूरे ऑपरेशन को बेहद सीमित दायरे में रखा। अब ATS और अन्य एजेंसियां इस कथित पैन-इंडिया नेटवर्क की … Read more

मुख्यमंत्री बोले- नौकरी नहीं छिनेगी, लेकिन अफसर हुआ बर्खास्त; विभाग ने कहा- आदेश नहीं मिला

भोपाल मध्यप्रदेश की नौकरशाही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी नियमों और राजनीतिक घोषणाओं के बीच चल रहे टकराव को उजागर कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में स्पष्ट कहा था कि दो से अधिक संतान होने के आधार पर किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं छीनी जाएगी, लेकिन उनकी घोषणा के बाद ही सिंगरौली के सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को तीसरी संतान के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस नियम के तहत कार्रवाई हुई, उसी नियम को लेकर सरकार बदलाव के संकेत दे चुकी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री राहत का संदेश दे चुके थे, तब विभाग ने इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की? यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उस घोषणा के 48 घंटे बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दो से अधिक संतान होने के आधार पर किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। अफसर को बर्खास्त करने का आदेश गुरुवार को जारी किया गया। यह शुक्रवार को सामने आया। CM ने तीन संतान वाला प्रस्ताव किया था रद्द मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जून को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के उस ड्राफ्ट प्रावधान को निरस्त करने के निर्देश दिए थे, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को सरकारी सेवा के लिए अपात्र घोषित करने का प्रस्ताव था। मुख्यमंत्री ने ड्राफ्ट को पोर्टल से हटाने और संशोधित प्रस्ताव जारी करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद माना जा रहा था कि दो से अधिक संतान से जुड़े मामलों में कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। नौकरी के दौरान हुआ तीसरी संतान का जन्म दरअसल, अशोक सिंह परिहार के खिलाफ शिकायत की गई थी कि शासकीय सेवा के दौरान उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ है। मामले की जांच के लिए पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और बाद में विभागीय जांच बैठाई गई। जांच अधिकारी के रूप में वरिष्ठ जिला पंजीयक जबलपुर पवन अहिरवार को नियुक्त किया गया था। दरअसल, अशोक सिंह परिहार पर आरोप था कि शासकीय सेवा में रहते हुए उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ। विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए और दस्तावेजों के आधार पर यह स्थापित हुआ कि उनकी तीसरी संतान का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। जांच रिपोर्ट के बाद पंजीयन विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि परिहार ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी, लेकिन विभाग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अधिकारियों का मानना था कि 1992 से सरकारी सेवा में रहने वाला कर्मचारी नियमों से अनभिज्ञ होने का दावा नहीं कर सकता। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोप सही जांच में सामने आया कि परिहार की तीसरी संतान अभिषेक सिंह का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। कलेक्टर सिंगरौली की संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट, जन्म संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेखों के आधार पर आरोप सही पाए गए। जांच अधिकारी ने 9 दिसंबर 2025 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में भी परिहार को दोषी माना था। अफसर ने कहा था- नियम की जानकारी नहीं जवाब में परिहार ने कहा था कि उन्हें दो से अधिक संतान संबंधी नियम की जानकारी नहीं थी और विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि परिहार वर्ष 1992 से नियमित शासकीय सेवा में थे, इसलिए यह मानना संभव नहीं है कि उन्हें सेवा नियमों की जानकारी नहीं थी। अब इस पूरे घटनाक्रम ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या मुख्यमंत्री की घोषणा केवल भविष्य की नियुक्तियों के लिए थी या वर्तमान कर्मचारियों पर भी लागू होनी थी? यदि सरकार नियम बदलना चाहती थी तो विभागों को स्पष्ट निर्देश क्यों नहीं दिए गए? और सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या एक अधिकारी की नौकरी उस समय चली गई जब सरकार उसी नियम को बदलने की तैयारी में थी? फिलहाल पंजीयन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अभी तक कोई नया शासकीय आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए विभाग ने मौजूदा नियमों के तहत कार्रवाई की है। वहीं अशोक सिंह परिहार के पास अब विभागीय अपील और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प मौजूद है। यह मामला सिर्फ एक अधिकारी की नौकरी का नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन के बीच समन्वय की उस खाई का भी है, जहां एक तरफ राजनीतिक घोषणा होती है और दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था के आधार पर फैसले जारी रहते हैं। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी बहस का विषय बन सकता है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू

यूपी के 1.5 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी निशुल्क फाइनेंशियल स्किल्स की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू यूपीएसडीएमयू और डीडीयू-जीकेवाई के 1000 से अधिक केन्द्रों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा होंगे लाभांवित  रोजगार के साथ-साथ युवाओं को ‘स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस’ मॉडल पर आत्मनिर्भर बनाएगा मिशन   मिशन मुख्यालय में वर्कशॉप का आयोजन, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी जानें फाइनेंस मैनेजमेंट के 12 मूल मंत्र  लखनऊ,  प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना ही अब योगी सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं का दायरा बढ़ाते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, जागरूक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना भी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पहली बार कौशल प्रशिक्षण को वित्तीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इस साझेदारी के तहत यूपीएसडीएम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू जीकेवाई) के अंतर्गत प्रदेश भर में 1000 से अधिक ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1.5 लाख से अधिक युवाओं को अगले हफ्ते से फाइनेंशियल स्किलिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। मिलेगी फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग एमओयू से पहले मिशन मुख्यालय स्थित सभागार में फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को वित्तीय जागरूकता एवं आर्थिक निर्णय क्षमता का महत्व बताया गया। मिशन निदेशक भी वर्कशॉप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और वित्तीय अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को वित्तीय शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है ।  एक्सपर्ट्स ने बताए वित्तीय सफलता के 12 मूल मंत्र प्रेसेंटेशन के माध्यम से एनएसई के अधिकारियों ने फाइनेंशियल सक्सेस के 12 मूल मंत्र बताए। उन्होंने बताया पहले खुद के भविष्य के लिए बचत करें। इनकम से कम खर्च करें। आपातकालीन फंड तैयार रखें। हाई इंटरेस्ट पर ऋण लेने से बचें, रेगुलर इन्वेस्टमेंट करें। इन्वेस्टमेंट में विविधता रखें। रिस्क और रिटर्न की समझ रखें। टैक्स को देखते हुए निवेश करें। आवश्यक बीमा करवाएं। लॉन्ग टर्म एसेट्स लें और समय-समय पर इन्वेस्टमेंट की समीक्षा करें। ‘सारथी एप’ बनेगा युवाओं का डिजिटल वित्तीय मार्गदर्शक वर्कशॉप  में कर्मचारियों को सारथी एप (SaaRthi App) के बारे में भी विस्तार से बताया गया। यह इन्वेस्टमेंट एजुकेशन के लिए बनाया गया एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को इन्वेस्टमेंट संबंधी शैक्षणिक वीडियो, वित्तीय योजना के टूल्स, कैलकुलेटर और फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। कौशल के साथ आर्थिक समझ भी जरूरी  यह एमओयू प्रदेश के युवाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने वाले युवा अब केवल आय अर्जित नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि पहली सैलरी का सही उपयोग कैसे करें, बजट और बचत कैसे शुरू करें, इन्वेस्टमेंट कब और कहां करना चाहिए, अनावश्यक ऋण से कैसे बचना है, भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कैसे तैयार करनी है। यह ट्रेनिंग युवाओं को घर खरीदने, व्यवसाय शुरू करने, परिवार की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति जैसे जीवन के बड़े निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगी। साथ ही वित्तीय जागरूकता उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और आर्थिक जोखिमों से सुरक्षित रहने में भी मदद करेगी। युवाओं को “स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस” के माध्यम से रोजगार से आगे बढ़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। वर्कशॉप में अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, जॉइंट डायरेक्टर मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर एम के सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर पवित्रा टंडन व मिशन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहें। वहीं, एनएसई से चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर अंकित शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट जोगिंदर सिंह और यूपी रीजन की सीनियर इंचार्ज श्रुति शर्मा भी वर्कशॉप में मौजूद रहीं । वर्जन कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य तब तक अधूरा है, जब तक हमारे युवा अपनी कमाई का सही उपयोग और मैनेजमेंट करना न सीखें। आज रोजगार पाना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है वित्तीय रूप से समझदार बनना। एनएसई के साथ यह साझेदारी युवाओं को स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस के मॉडल पर तैयार करेगी, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।  – पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन

तेज आंधी-बारिश से पंजाब में तबाही, तापमान 6.2°C गिरा; दो दिन का मौसम अलर्ट जारी

चंडीगढ़  पंजाब में तेज आंधी-तूफान और बारिश से तापमान में 5.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह गिरकर सामान्य से 6.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है।  मौसम विभाग ने शनिवार व रविवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी और बारिश होगी। इसके बाद 15 जून से भी चार दिन पंजाब में 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आज 13 जून को पंजाब के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस फरीदकोट में दर्ज किया गया। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। अब तक करीब 3 लोगों की मौत हो चुकी, जबकि पावरकॉम को आंधी के कारण खंभे और ट्रांसफार्मर टूटने के कारण 2.6 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर व पटियाला शामिल हैं। विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन फिलहाल भीषण गरमी से राहत रहेगी और तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है।  पंजाब में सबसे अधिक 36.7 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया। पंजाब का न्यूनतम पारा भी 5 डिग्री गिर गया है। इससे न्यूनतम पारा सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम 19.8 डिग्री का न्यूनतम पारा एसबीएस नगर का दर्ज किया गया। बारिश-आंधी के 3 बड़े असर     850 से ज्यादा बिजली के खंभे टूटे: पंजाब राज्य बिजली निगम (PSPCL) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक आंधी ने बिजली वितरण नेटवर्क को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 850 से ज्यादा बिजली के खंभे तेज हवाओं के कारण उखड़कर जमीन पर गिर गए। 129 ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 8.57 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें और भारी मात्रा में लो-वोल्टेज व हाई-वोल्टेज केबल टूट गए, जिसके कारण कई जिलों के दर्जनों गांवों और शहरों में ब्लैकआउट (अंधेरा) रहा।     शेड्यूल के मुकाबले 625 मेगावाट कम बिजली ली: गर्मी कम होने की वजह से राज्य की कुल बिजली मांग 12,074 मेगावाट रही है। इसमें राज्य में 4,384 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि 7,686 मेगावाट बिजली ग्रिड से ली गई है। शेड्यूल के मुकाबले 625 मेगावाट कम बिजली ली जा रही है, इसलिए पंजाब अंडर ड्रॉल की स्थिति में है।     अब तक 3 लोगों की मौत: अमृतसर में बारिश के कारण दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि फाजिल्का के गांव झंगड़ भैणी में सीमेंट का शेड उड़कर सुनीता रानी पर गिर गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई और उसकी मौत थी। इसके अलावा संगरूर में भी एक व्यक्ति की मौत को गई। सामान्य से 6 फीसदी अधिक बारिश पंजाब के कई इलाकों में शुक्रवार को अच्छी बारिश हुई। कुछ जगहों पर तेज गरज-चमक के साथ बिजली कड़की, ओले गिरे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। राज्य में औसतन 9.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश नवांशहर (एसबीएस नगर) में 55.6 मिमी हुई। यहां कुछ जगहों पर 7 सेंटीमीटर तक पानी गिरा। 1 से 12 जून के बीच पंजाब में औसतन 13.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा है। पंजाब में शुक्रवार सुबह साढ़े 8 बजे तक एसबीएस नगर में 37.2 एमएम, अमृतसर में 33.9 डिग्री, लुधियाना में 9.6 एमएम, पटियाला में 10.2 एमएम, मोहाली में 21.0 एमएम, गुरदासपुर में 32.2 एमएम, बठिंडा में 24.0 एमएम, पठानकोट में 8.0, और रूपनगर में 9.0 एमएम की बारिश दर्ज की गई। अमृतसर का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री, लुधियाना का भी 32.8 डिग्री, पटियाला का 32.7 डिग्री, पठानकोट का 33.7 डिग्री, बठिंडा का 32.0 डिग्री, फिरोजपुर का 34.4 डिग्री, एसबीएस नगर का 30.8 डिग्री, फाजिल्का का 34.7 डिग्री, होशियारपुर का 32.1 डिग्री, रूपनगर का 33.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.5 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 22.2 डिग्री, पठानकोट का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 24.7 डिग्री, फिरोजपुर का 23.6 डिग्री, होशियारपुर का 22.5 डिग्री और रूपनगर का 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के कारण पंजाब के मौसम में अचानक बदलाव आया है। तेज आंधी से पावरकाम को 2.06 करोड़ का नुकसान पंजाब में वीरवार को चली तेज आंधी व तूफान से बिजली वितरण ढांचे को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। पावरकाम को 2.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तेज आंधी व तूफान से 129 ट्रांसफार्मर, 850 खंबे और 8.57 किलोमीटर बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे पंजाब के कईं इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई।  आंकड़ों के अनुसार पावरकाम को बिजली सप्लाई में बाधा संबंधी 1 लाख 9 हजार शिकायतें प्राप्त हुईं। कुछ घंटों के अंदर पावरकाम ने ज्यादातर शिकायतों का निपटारा करके बिजली सप्लाई बहाल कर दी। लेकिन इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पंजाब में झुलसा देने वाली गरमी के बीच वीरवार को अचानक मौसम बदला और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आई और तेज बारिश हुई। इससे राज्य भर में बिजली वितरण ढांचे को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। बड़ी गिनती में खंबों और ट्रांसफार्मरों के अलावा कईं किलोमीटर तक बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हुईं। इससे बिजली सप्लाई बाधित होने से कईं घंटों तक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  वीरवार को पावरकाम के कंट्रोल रूम और आनलाइन प्रणाली के जरिये बिजली बंद होने की रिकार्ड 1 लाख 9 हजार शिकायतें दर्ज हुईं। यह इस मौजूदा धान सीजन के दौरान अब तक एक ही दिन में आईं सबसे अधिक शिकायतें हैं। इस स्थिति को देखते हुए पावरकाम के तकनीकी और फील्ड स्टाफ ने युद्ध स्तर पर शिकायतों के निपटारे के लिए काम शुरू किया।  रात को ही प्रभावित क्षेत्रों में जाकर क्षतिग्रस्त खंबों, ट्रांसफार्मरों व तारों … Read more

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें डीजल से हाइड्रोजन तक: भविष्य के परिवहन मॉडल का नेतृत्व कर रहा यूपी प्रत्येक हाइड्रोजन बस में होंगी 42 सीटें, एक बार में 750 किमी. की यात्रा, प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन भी लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के साथ 3 हाइड्रोजन बसों को भी हरी झंडी दिखाई। यह पहल प्रदेश को हरित परिवहन की दिशा में आगे ले जाएगी। इससे प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। एनटीपीसी दादरी द्वारा विकसित ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना के तहत इन बसों का निर्माण किया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। डीजल व पेट्रोल आधारित वाहनों की तुलना में हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं। इन बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या नहीं होती। यही कारण है कि दुनिया के विकसित देश भी हाइड्रोजन आधारित परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं और अब उत्तर प्रदेश भी इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाता दिखाई देगा। हर साल एक हजार टन कार्बन उत्सर्जन होगा कम इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जल का उपयोग किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो लगभग 1750 पेड़ लगाने के बराबर है। इसके अलावा इस परियोजना से प्रति वर्ष करीब 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। एक बार में 750 किमी तक यात्रा संभव 42 यात्रियों की क्षमता वाली प्रत्येक बस में एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकेगी, जिससे लगभग 750 किलोमीटर तक की यात्रा संभव होगी। ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि भविष्य के हरित परिवहन मॉडल का भी मार्ग प्रशस्त करेगी।

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे सीएम योगी

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल देश के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन का राष्ट्रीय अधिवेशन 13 -14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में  राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश के लगभग 1200 प्रतिनिधि हो रहे शामिल  विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ हो रहे शामिल  अधिवेशन का उद्देश्य वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा कर वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए कार्ययोजना तैयार करना   वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी होगी विशेष चर्चा  वाराणसी,   काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त  तत्वावधान में आयोजित  विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में 13 जून की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह सत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा निर्धारित करेगा। भारत के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन विज्ञान भारती का 7 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 एवं 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश से लगभग 1200 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।  इनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी,नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी उद्घाटन सत्र में सहभागिता करेंगे। अधिवेशन में देश के प्रमुख संस्थानों एवं सरकारी संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता एवं विचारक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग  के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर करेंगे, जिसमें शिक्षण, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विशिष्ट विशेषज्ञ भाग लेंगे।  विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने जानकारी दी कि इस अधिवेशन का उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है। इस वर्ष के अधिवेशन में वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो विषयक सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे। इस सत्र में सतत विकास एवं ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।  राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता विषयक विशेष सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव तथा इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे। इस सत्र में शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समाज हित में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं नैतिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिवेशन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी आयोजित किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे तथा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।  संचालक समिति सदस्य ,प्रो रामनारायण द्विवेदी  ने बताया विज्ञान भारती द्वारा इस अवसर पर “भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार  नीति” संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। 14 जून को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर तथा प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।   विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन विज्ञान भारती  के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन संवाद, सहयोग एवं नीति-निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा जो भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं आंधियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम अचानक बदल गया है। रायबरेली जिले में शनिवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 08:15 बजे आसमान में बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार उठा, और देखते ही देखते बूंदाबांदी झमाझम बारिश में बदल गई। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई इस तेज बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी निजात दिलाई है। वहीं दूसरी तरफ शहर की रफ्तार पर कुछ देर के लिए ब्रेक भी लगा दिया। वर्षा ऋतु की इस पहली अच्छी बारिश का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। वे सड़कों और छतों पर भीगते नजर आए। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 30 जिलों में आंधी-बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और प्रयागराज समेत 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। किसानों के चेहरे खिले, आम-जामुन की फसल को संजीवनी रायबरेली में हुई यह बारिश कृषि क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो रही है। खासकर धान की नर्सरी (बैरन) डाल रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। इसके अलावा, इस बारिश को आम और जामुन के फलों के लिए भी बेहद लाभदायक माना जा रहा है, जिससे फसलों में चमक और मिठास बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिल सकता है। वहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोकों में बदल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर आंधी की रफ्तार का आकलिया है। इसके मुताबिक फिरोजाबाद, मैनपुरी, आगरा, एटा, इटावा, कासगंज अलीगढ़, मथुरा, औरैया, जालौन, हाथरस, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर और झांसी में सबसे भीषण अंधड़ चलने की आशंका है। यहां हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हीट डोम क्षेत्र से छिटक रहे बादल जून में भी उत्तरी पाकिस्तान से आए पश्चिमी विक्षोभों का प्रदेश के कई जिलों में असर पड़ा लेकिन हीट डोम वाले क्षेत्रों से बादल छिटक गए। यहां या तो बारिश हुई नहीं और हुई भी तो नाममात्र। इसके विपरीत पश्चिमी यूपी के जनपदों में भारी बारिश हुई। आईएमडी के शुक्रवार सुबह 08:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार मेरठ 62 मिमी, मुरादाबाद 66 मिमी, मुजफ्फरनगर 57 मिमी, शाहजहांपुर 18 मिमी, हरदोई 09 मिमी, झांसी 01 मिमी, इटावा 10 मिमी, बरेली 19 मिमी, आगरा 18 मिमी और गाजियाबाद में 6.5 मिमी बारिश हुई। अन्य जनपदों में ज्यादातर में बूंदाबांदी या एक से दो मिली बारिश ही हुई। लेकिन बुंदेलखंड के जनपदों व कानपुर नगर समेत आसपास के जनपदों में जहां तापमान 40 के पार रहा वहां बारिश नाममात्र ही हुई। पिछले 48 घंटों से ऑरेंज अलर्ट के बावजूद केवल तेज हवाएं चलीं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जो हीट डोम का क्षेत्र है वहां बारिश ऐसे में मुश्किल होती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सशक्त था जिसका असर आगे भी पड़ेगा। देश के मध्य हिस्से के राज्यों में अभी आंधी-पानी जारी रहेगा लेकिन शनिवार से यूपी में यह सीमित हो जाएगा। 30 जिलों में ऑरेन्ज अलर्ट, 40 में यलो अलर्ट प्रदेश में चक्रवातीय प्रणालियों और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज आक्रामक बना हुआ है। अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के मौसम मुख्यालय ने अगले 24 घंटों यानी शनिवार की सुबह तक के लिए 30 जिलों में तेज आंधी-बारिश, और वज्रपात का ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिलेगा। जहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोंकों में तब्दील हो सकती है।