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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

बालको प्लांट हादसा: पुराना ESP संयंत्र ढहने से उठी सुरक्षा की बड़ी चिंता

कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईडी का छापा: छतरपुर में शिवहरे परिवार के घर जांच, जमीन सौदे और बैंक रिकॉर्ड खंगाले गए

छतरपुर मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगौता में तिराहे पर स्थित शिवहरे परिवार के निवास पर आज सुबह करीब 7 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है. जानकारी के अनुसार, भोपाल से आई ED की 5 सदस्यीय टीम 4 पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवी दीन शिवहरे के परिवार के घर पर जाँच कर रही है. परिवार से जुड़े लोगों में रियल एस्टेट और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व्यवसायी अनंत राम शिवहरे और मुकेश शिवहरे (सब इंजीनियर, पूर्व में पन्ना में कार्यरत) शामिल हैं. फिलहाल ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस मामले में जाँच की जा रही है. सुबह 7 बजे से चल रही कार्रवाई शिवहरे परिवार के यहां ED की 5 सदस्यीय टीम ने करीब सुबह 7 बजे छापा मारा था. तभी से ठेकेदार अनंतराम शिवहरे और उनके पुत्र सब इंजीनियर मुकेश शिवहरे के यहां ED की कार्यवाही चल रही है. ED की टीम ने अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है. वहीं घर के बाहर पुलिस के जवान को भी तैनात किया गया है. पाल से आई टीम, बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले भोपाल से आई ईडी की पांच सदस्यीय टीम सुबह चार पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवीदीन शिवहरे के निवास पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घर सागर-कानपुर रोड पर बगौता तिराहे के पास स्थित है। छापेमारी के दौरान ईडी टीम के साथ आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने संबंधित बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई। परिवार का ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़ाव जांच जिन लोगों को केंद्र में रखकर की जा रही है, उनमें अनंतराम शिवहरे और मुकेश शिवहरे शामिल हैं। अनंतराम पहले नल फिटिंग के ठेकेदार रहे हैं, जबकि मुकेश शिवहरे पन्ना में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनकी पत्नी डॉ. सोनल शिवहरे वर्तमान में ईसानगर में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवहरे परिवार ठेकेदारी के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ लेन-देन संदिग्ध हैं, जिन्हें लेकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने की पुष्टि सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह ने भी ईडी की इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की है और पुलिस टीम सहयोग के लिए मौके पर मौजूद रही। ED की कार्रवाई जारी जानकारी के मुताबिक, ED की टीम शिवहरे परिवार के यहां कार्यलायों के दस्‍तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड्स और जरुरी अन्‍य समानों की जांच कर रही है. दरअसल, अनंत राम शिवहरे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में कॉफी सक्रिय माने जाते हैं. इनकी बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स में भी अहम भुमिका मानी जाती है. ED द्धारा शिवहरे परिवार के यहां छापा मारने के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से चार की जान गई, एक की हालत गंभीर

पूर्णिया बिहार के पूर्णिया में भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं एक युवक की हालत गंभीर है। पांचों लोग कसबा में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस ने चार युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल का इलाज पूर्णिया जीएमसीएच में चल रहा है। शव क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रैक पर पड़े मिले स्थानीय लोगों का कहना है कि कटिहार जोगबनी रेलखंड के कसबा जबनपुर के पास शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वंदे भारत ट्रेन के चपेट में आने से पांच लोग कट गए। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। पांच लोगों को बुरी तरह चपेट में। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चार लोगों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रैक पर पड़े मिले। घटना के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार और कोहराम मच गया। जांच में जुटी पुलिस पुलिस की टीम हादसे में जान गंवाने वाले किसी भी मृतक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतीत हो रहा है कि पांचों युवक दुर्गापूजा का मेला देखकर लौट रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ है। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल एकमात्र व्यक्ति को आननफानन में पूर्णिया मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स की टीम उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन हालत चिंताजनक बनी हुई है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान कार ने युवकों को मारा टक्कर, आरोपी भाजपा नेता का बेटा, पुलिस पर सवाल

सीहोर नगर के सैकड़ाखेड़ी मार्ग पर हुए दर्दनाक हिट एंड रन मामले में पुलिस की कार्यवाही अब सवालों के घेरे में है। 26 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे मॉर्निंग वॉक कर रहे दो युवकों को तेज रफ्तार स्विफ्ट कार (MP 04 CJ 4088) ने कुचल दिया था। हादसे में जरीफ खान की मौत हो गई, जबकि उसका साथी धर्मेश गंभीर घायल है और वर्तमान में एम्स भोपाल में इलाजरत है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कार में बैठे एक युवक ने खुद को भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य राजू राजपूत का बेटा बताया। चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद कार में सवार तीनों युवकों को मौके से पकड़ा गया और पुलिस की 112 टीम द्वारा थाना कोतवाली भी लाया गया।   ग्रामीणों का कहना है कि युवकों ने एक्सीडेंट कबूल भी किया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज की। आरोप है कि थाना पहुंचने के बाद कार चालक और अन्य दो युवकों को छोड़ दिया गया। अब यह पूरा मामला पुलिस की निष्पक्षता और साख पर सवाल खड़े कर रहा है। कार जिस भाजपा नेता से जुड़ी बताई जा रही है, उससे घटना और भी संवेदनशील हो गई है। पुलिस और प्रशासन के बड़े अफसर भी अब तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। यह उठ रहे सवाल     जब कार और आरोपी युवक मौके से पकड़े गए, तो फिर अज्ञात आरोपी की तलाश क्यों?     क्या पुलिस दबाव में आकर आरोपितों को बचा रही है?     हादसे के वीडियो और गवाहों के बयानों के बावजूद पुलिस कार्रवाई क्यों ढीली है? टीआई कोतवाली रवीन्द्र यादव का कहना है कि घटना के संबंध में पुलिस जांच कर रही है, मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं, लेकिन लोगों में सवाल यही है कि क्या यह जांच वास्तव में निष्पक्ष है या फिर आरोपियों को बचाने की कवायद?

AAP कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल: रैली बस पर हुआ गोलियों से हमला

पंजाब  झबाल में आम आदमी पार्टी (AAP) की रैली के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आगमन से पहले बड़ी घटना सामने आई। रैली में शामिल होने के लिए पिंड मूसे से AAP के कार्यकर्ता सरकारी पंजाब रोडवेज की बस से जा रहे थे। इसी दौरान पिंड के कुछ युवकों ने बस पर पत्थर और ईंटों से हमला कर दिया। हमलावरों ने बस के शीशे भी तोड़ दिए और गोलियां भी चलाईं। इस हमले में चार AAP कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों में सुरिंदर सिंह पुत्र सुखदेव सिंह,अरविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, फुमण सिंह शामिल हैं। AAP के सरपंच करनैल सिंह, जो खुद भी इस हमले में घायल हुए, ने बताया कि इस मामले की थाना झबाल में शिकायत दर्ज करवाई गई है और घायल कार्यकर्ताओं को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोप लगाया जा रहा है कि यह हमला BJP से जुड़े कुछ युवकों द्वारा किया गया।  

टीकाराम जूली ने जासूसी कैमरा विवाद पर राष्ट्रपति से भेंट की इच्छा जताई

जयपुर विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भड़का जासूसी कैमरा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। राजस्थान में जासूसी कैमरा विवाद को लेकर विधानसभा में धरने प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दे चुकी कांग्रेस अब आरोप लगा रही है कि प्रदेश में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसलिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। जूली ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं की पवित्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यह घटना न केवल विपक्षी विधायकों की निजता का हनन है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।  जूली ने बताया कि इस गंभीर प्रकरण पर विपक्षी दल के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मिलकर कर उन्हें समस्त तथ्यों से अवगत कराया था और निष्पक्ष जांच की मांग रखी थी। जूली ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान की मर्यादा बनाए रखने हेतु उन्होंने माननीय राष्ट्रपति महोदय से समय प्रदान करने का आग्रह किया है। लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाएं संसद और विधानसभाएं हैं। यदि इन्हीं पर संदेह और जासूसी का वातावरण बनेगा तो यह पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस लड़ाई को जनता और लोकतंत्र के हित में अंत तक लड़ेगा। किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायकों की गरिमा पर आंच नहीं आने दी जाएगी। क्या था जासूसी कैमरा विवाद  विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्षी नेता और कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर वासुदेव देवनानी को घेरते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा में अतिरिक्त CCTV / PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे लगाए गए हैं, खासकर विपक्षी बेंच और महिला विधायकों के आस-पास, जिनका उपयोग उन पर निगरानी रखने और उनकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करने में हो रहा है। आरोपों के अनुसार, ये कैमरे सिर्फ सदन की कार्यवाही के दौरान नहीं बल्कि सदन के बाद भी सक्रिय रहते हैं, और कैमरों से ‘स्पीकर के रूम’ या रेस्ट रूम जैसे जगहों से भी नियंत्रण किया जाता है।     कांग्रेस ने कहा कि ये कैमरे नियमों और विधानसभा की पारंपरिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं, और विधायक‑सदस्यों की निजता का हनन करते हैं। स्पीकर ने यह जवाब दिया विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि कैमरे सदन की कार्यवाही रिकॉर्डिंग और प्रसारण के लिए हैं, ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं होती। सरकार ने कहा कि ये कैमरे सुरक्षा कारणों और सदन के ऑडिट‑प्रक्रिया तथा पारदर्शिता के लिए लगाए गए हैं।

मंत्री डॉ. शाह ने जताई संवेदना, मृतकों के परिजनों से मिलकर दिया मदद का भरोसा

पन्धाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।  

मध्यप्रदेश के खंडवा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन हादसा, 11 पीड़ितों की अंतिम विदाई

खंडवा पंधाना क्षेत्र के ग्राम जामली के निकट अर्दला तालाब में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हादसे में मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शोक संतप्त आदिवासी परिवारों के बीच संवेदना व्यक्त करने पहुंचेंगे। सुबह से जनजातीय कार्य मंत्री डॉ विजय शाह ने घटना स्थल अर्दला तालाब पहुंच कर जानकारी ली। यहां से पाडलाफाटा पहुंचकर अंतिम संस्कार की तैयारी का जायजा लेकर शोकाकुल परिवारों से चर्चा की। पंधाना क्षेत्र में एक ही गांव से एक साथ 11 अर्थियां निकलने की घटना से सभी विचलित है। पंधाना सहित पूरे जिले में इस घटना को लेकर शोक व्याप्त है। दशहरे पर हुए इस हादसे को लेकर गांव मे मातम और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत द्वारा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। मृतकों के स्वजन और ग्रामीण घटना के बाद से गमगीन है। कल से गांव में अधिकांश परिवारों के यहां चूल्हा भी नहीं जला है।   मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों को चार-चार लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा हो चुकी है। हादसे में घायल तीन लोगों का खंडवा जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। इनमें एक गंभीर है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के आने की सूचना है। अभी समय तय नहीं है। गांव में मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। इस हादसे के लिए जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध पंधाना थाने में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस द्वारा जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस ने पकड़ा 43 लाख का अवैध ईंधन, 9 गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने थाना विधानसभा क्षेत्र के रिंग रोड नंबर 03 पर दो यार्डों में छापेमारी कर अवैध रूप से संग्रहित लाखों रुपये कीमत के डीजल और पेट्रोल को जब्त किया है. इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दोनों यार्ड के संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. 1 अक्टूबर को मिली सूचना के आधार पर रेंज साइबर थाना रायपुर और थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने टेकारी चौक और पिरदा चौक स्थित दो यार्डों पर छापेमारी की. टेकारी चौक के यार्ड से 15,300 लीटर पेट्रोल और 31,000 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 42,90,000 रुपये है, जब्त किया गया. साथ ही, घटना में प्रयुक्त तीन ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप भी बरामद किए गए. इस प्रकरण में रवि यादव, नीरज नेताम उर्फ दउवाराम, शेख कलीमुद्दीन, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बिहारी और राज पटेल को गिरफ्तार किया गया. दूसरी कार्रवाई पिरदा चौक के सूरज शाह के यार्ड में की गई, जहां 1,500 लीटर डीजल और 40 लीटर पेट्रोल, जिसकी कीमत लगभग 1,40,000 रुपये है, जब्त किया गया. इस मामले में अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित सरोज को गिरफ्तार किया गया. यहां भी एक ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप जब्त किए गए. आरोपियों के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रहण और बिक्री के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे. दोनों मामलों में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 492/25 और 493/25 के तहत धारा 287 बी.एन.एस. और 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 46,840 लीटर डीजल-पेट्रोल, जिसकी अनुमानित कीमत 44,30,000 रुपये है, और घटना में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया.