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धार्मिक उत्सव में सुरक्षा सख्त, रांची में दुर्गा पूजा के लिए 2500 पुलिसकर्मी तैनात

रांची झारखंड की राजधानी रांची में बीते शुक्रवार से सभी बड़े पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में भक्त-जन उमड़ रहे हैं। इस भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि पर्व शांति और सुरक्षा के साथ मनाया जा सके। इस बार दुर्गा पूजा के दौरान कुल मिलाकर लगभग 2500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें जिला पुलिस के साथ-साथ जैप, रैप, सीआरपीएफ और रैफ भी शामिल हैं। हर पंडाल और आसपास के इलाकों में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो मनचलों, उचक्कों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी ऐसे संदिग्धों को तुरंत पहचानकर पकड़ेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा टीमों को लगाया गया है। शाम के बाद भी पुलिस चौक-चौराहों और मैदानों में सतत गश्त करेगी। शहर के सुनसान इलाकों में भी पेट्रोलिंग जारी रहेगी, ताकि कहीं भी किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो। रांची एसएसपी राकेश रंजन स्वयं सड़कों पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं और पीसीआर टीमों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। श्रीरंजन ने थानों को स्पष्ट आदेश दिया है कि दुर्गा पूजा के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राजधानी के प्रमुख पंडालों के आस-पास आसमान से ड्रोन निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सभी डीएसपी और थानेदारों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त बनाएं। वहीं एसएसपी राकेश रंजन ने कहा, 'दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों पर हमारी पैनी नजर रहेगी। माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।'  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1549.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 519.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1021.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 906.1 मि.मी., गरियाबंद में 1084.8 मि.मी., महासमुंद में 931.5 मि.मी. और धमतरी में 1050.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1129.0 मि.मी., मुंगेली में 1097.3 मि.मी., रायगढ़ में 1331.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1065.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1347.1 मि.मी., सक्ती में 1234.6 मि.मी., कोरबा में 1116.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1030.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 877.0 मि.मी., कबीरधाम में 786.3 मि.मी., राजनांदगांव में 951.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1400.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 836.0 मि.मी. और बालोद में 1176.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 756.1 मि.मी., सूरजपुर में 1138.0 मि.मी., बलरामपुर में 1512.0 मि.मी., जशपुर में 1049.5 मि.मी., कोरिया में 1189.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1072.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1516.8 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1084.7 मि.मी., कांकेर में 1305.7 मि.मी., नारायणपुर में 1375.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1529.8 मि.मी. और सुकमा में 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का बड़कागांव आगमन, तैयारियों में जुटा प्रशासनिक अमला

गोपालगंज गोपालगंज जिले के हथुआ विधानसभा क्षेत्र के बड़कागांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संयुक्त संवाद कार्यक्रम को लेकर मुक्ति आदर्श उच्च विद्यालय के मैदान में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी, पथ निर्माण, बिजली विभाग और पीएचइडी के कर्मचारी इलाके में कैंप कर हर बिंदु पर निगरानी रख रहे हैं। जिले के सभी अधिकारी स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का अध्ययन कर समाधान निकालने में जुटे हैं। 28 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार की शाम डीएम पवन कुमार सिन्हा, हथुआ एसडीएम अभिषेक कुमार चंदन और एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने सभा स्थल का निरीक्षण किया। पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह, जेडीयू जिलाध्यक्ष आदित्य शंकर शाही और अन्य पार्टी नेता भी तैयारियों में शामिल हुए। अधिकारियों की टीम लगातार इलाके में कैंप कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर तैनात हैं और हर बिंदु पर निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हेलिपैड के लिए सबेया एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। हेलिपैड से सड़क मार्ग के जरिए सभा स्थल तक पहुंचा जाएगा। बड़कागांव में इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी की लहर है। क्षेत्र में लंबे समय से लंबित कई समस्याओं के समाधान पर काम शुरू होने की उम्मीद है। लोग मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आने से क्षेत्र के विकास और संभावित बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा में हैं।  

पन्ना में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, स्टोन क्रशर मालिक श्रीकांत दीक्षित पर ₹1.24 अरब का जुर्माना

पन्ना  अवैध खनन पर कलेक्टर न्यायालय ने एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में डायमंड स्टोन क्रशर के संचालक श्रीकांत दीक्षित ने पत्थर निकालने के लिए स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खोदाई की, जिससे करोड़ों की रायल्टी की चोरी हुई। कलेक्टर सुरेश कुमार ने उप संचालक खनिज को जुर्माने की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराने और बैंक चालान की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर न्यायालय ने उप संचालक खनिज और एसडीएम गुनौर से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब के लिए एक सितंबर की तिथि तय की गई। दीक्षित के अधिवक्ता नवीन शर्मा ने जवाब के लिए मोहलत मांगी। 15 सितंबर और 18 सितंबर की सुनवाई में जवाब के लिए पुनः समय मांगा गया। इस दौरान लीज की बकाया राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने पाया कि क्रशर संचालक ने मात्र 99 हजार 300 घनमीटर की रायल्टी जमा कराई, जबकि खनन दो लाख 72 हजार 298 घन मीटर किया गया। जुर्माने की कुल राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रुपये आंकी और दोगुनी राशि जमा कराने का आदेश दिया। हाई कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है याचिका क्रशर संचालक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर न्यायालय के अभिलेख को तलब करने और कोई नई जांच प्रारंभ नहीं किए जाने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को यह याचिका खारिज कर दी थी।

पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक पहुंची इंदौर मेट्रो, दशहरे तक रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन जारी

 इंदौर  इंदौर मेट्रो ने शुक्रवार को अपने ट्रायल रन के दौरान पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। गांधी नगर स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो 11.65 किमी की दूरी तय कर दोपहर चार बजे हीरा नगर स्टेशन पहुंची। इस मौके पर मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे, जो रेडिसन चौराहे से ट्रॉली में बैठकर हीरा नगर पहुंचे और फिर मेट्रो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक यात्रा की। गौरतलब है कि 19 सितंबर को मेट्रो पहली बार गांधी नगर से एमआर-10 स्टेशन तक पहुंची थी। वहीं शुक्रवार को यह हीरा नगर स्टेशन तक चली। योजना के अनुसार दशहरे तक मेट्रो बापट चौराहा, मेघदूत उद्यान और विजय नगर चौराहा होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी। मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले भारतीय रेल के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम इंदौर आकर इस हिस्से का निरीक्षण करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम दिसंबर में सुपर कॉरिडोर 3 से रेडिसन तक ट्रैक का परीक्षण करेगी। सीएमआरएस की मंजूरी के बाद ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक नियमित यात्री संचालन शुरू होगा। शुक्रवार का ट्रायल रन शेड्यूल     2:15 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो     2:45 बजे : हीरा नगर स्टेशन पहुंची     3:30 बजे : हीरा नगर से निकली     4:00 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन पर वापस पहुंची अब तक का ट्रायल रन सफर     19 सितंबर : गांधी नगर से एमआर-10 तक (8.24 किमी)     26 नवंबर : गांधी नगर से हीरा नगर तक (11.65 किमी)     2 अक्टूबर तक : रेडिसन चौराहे तक (15.76 किमी) फिलहाल यात्रियों के लिए चल रही मेट्रो (4.28 किमी) गांधी नगर (देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन) से सुपर कॉरिडोर 3 (झलकारी बाई स्टेशन) तक। निर्माण कार्य की स्थिति सुपर कॉरिडोर 2 से रेडिसन चौराहे तक 11 मेट्रो स्टेशन निर्माणाधीन हैं। अगले डेढ़ माह में इनके कांक्रीट ढांचे और प्लेटफार्म का काम पूरा होगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और प्रवेश-निकास मार्ग का काम भी तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।  

होमगार्ड की नौकरी पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कॉलऑफ खत्म कर दिया गया

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का कॉलऑफ समाप्त कर दिया है। करीब 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। जिन पर लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश सुनाते हुए न्यायालय ने उक्त आदेश दिया, जिससे अब अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा, साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कॉलऑफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य है। दरअसल, आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वामसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड को केवल आपातकालीन में ड्यूटी पर आह्वान में लिया जाता था। परंतु वर्ष 1962 के पश्चात संगठन से आपातकालीन के अलावा नियमित सेवाएं ली जाने लगीं और संगठन पुनर्गठन कर सैद्धांतिक रूप से नियमित कर दिया गया। 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए कॉलऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों और सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था। उक्त भेदभाव पूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें वर्ष 2008 में की गई। मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नोट विधान लाने व कॉलऑफ प्रक्रिया जोकि पूर्ण रूप से अनुचित है उसको खत्म करने की अनुशंसा की। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्रवाई शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसे वर्ष 2011 में स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से कॉलऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए गए। जिसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई परंतु वह आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया व आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए व वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान रखा गया, जबकि कॉलऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। जिसके खिलाफ यह याचिकाएं दायर की गई थीं। जिसमें अंतरिम आदेश पारित पूर्व में पारित किये गये थे। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान किया जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया। मामले में हुई विस्तृत सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से काल आफ प्रक्रिया को संविधान के अनुकछेद 14, 21,23 के विपरीत बताते हुए न्यायालय को बताया की होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्यामसेवी संगठन था। परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है व होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं, जो संगठन के ही अन्य नियमित सैनिक व पुलिस कर्मी द्वारा किया जाता है, ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई व कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कॉलऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पे रखे जाने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।  

पर्यावरण संरक्षण के साथ रोज़गार सृजन: पंजाब में ज़रूरतमंदों को बंटे ई-रिक्शा

पंजाब  पंजाब में भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर जनता को भरोसा दिलाया है कि उसकी प्राथमिकता सबसे पहले आम इंसान की भलाई है. मलोट हल्के में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने 15 जरूरतमंद परिवारों को ई-रिक्शा भेंट कर न सिर्फ रोजगार का साधन दिया, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने का सुनहरा अवसर भी प्रदान किया. यह पहल उन गरीब और मजदूर वर्गों के लिए नई उम्मीद की किरण है जो लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे थे. पर्यावरण संरक्षण का रखा गया विशेष ध्यान डॉ. बलजीत कौर ने इस अवसर पर कहा कि मान सरकार का लक्ष्य राज्य से गरीबी और बेरोजगारी को समाप्त करना है. सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार बेसहारा न रहे और हर मजदूर व गरीब परिवार को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिले. ई-रिक्शा योजना इस सोच की स्पष्ट मिसाल है, जो लोगों को रोज़गार के साथ-साथ इज्जत और आत्मसम्मान से जीने का अवसर देती है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है. ई-रिक्शा न केवल प्रदूषण-मुक्त साधन हैं बल्कि बढ़ते ईंधन खर्च से भी राहत दिलाते हैं. इस तरह मान सरकार ने रोजगार के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में भी सराहनीय कदम उठाया है. यह सोच दिखाती है कि सरकार दीर्घकालीन विकास की ओर अग्रसर है.   गरीब और मजदूर वर्ग को मजबूत करना ही असली विकास इस दौरान लाभार्थियों ने ई-रिक्शा मिलने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डॉ. बलजीत कौर का दिल से धन्यवाद किया. उनका कहना था कि पहले उनके पास रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं था, लेकिन अब वे अपने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी कर पाएंगे. इस पहल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में जीने का एक नया हौसला मिला है. मान सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना ने यह साबित कर दिया है कि गरीब और मजदूर वर्ग को मज़बूत करना ही असली विकास है. पंजाब सरकार का यह प्रयास दिखाता है कि सरकार केवल वायदे नहीं कर रही बल्कि धरातल पर काम कर रही है. यह कदम राज्य के हज़ारों परिवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा. ई-रिक्शा वितरण के इस अवसर पर डॉ. बलजीत कौर ने भरोसा दिलाया कि मान सरकार आगे भी गरीबों और मज़दूरों के लिए ऐसी योजनाएं लाती रहेगी. पंजाब के हर नागरिक को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ही इस सरकार का मुख्य उद्देश्य है. यही वजह है कि आज मान सरकार को “जनता की सरकार” कहा जा रहा है, जो हर वर्ग के हित में दिन-रात कार्य कर रही है.

सरकार की बड़ी पहल: अब अप्रैल से चलेगा स्कूलों का नया सत्र

जयपुर राजस्थान में सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक सत्र जुलाई के बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र में बदलाव को लेकर कवायद शुरू कर दी है। इस मामले में शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने हाल में एक बैठक भी बुलाई थी जिसमें शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत को अप्रैल  से करने के लिए शिविरा पंचांग में बदलाव और शिक्षा समय-सारणी में आवश्यक समायोजन पर चर्चा की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव इस मकसद से किया जा रहा है ताकि सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा में टिक सकें। राजस्थान में निजी स्कूलों का शैक्षणिक सत्र अप्रैल से ही शुरू हो जाता है। जबकि सरकारी स्कूल में मार्च में परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूल फिर से खुलने के बीच लंबा गैप आ जाता है। इस बीच निजी स्कूल वाले कई बच्चों को सरकारी स्कूल से तोड़कर अपने स्कूलों में दाखिला करवा लेते हैं। इसके साथ ही सत्र पहले शुरू होने से छात्रों का कोर्स भी समय पर पूरा हो सकेगा। बैठक में सुझाव दिया गया कि 15 अप्रैल से 1 मई के बीच कम‑से‑कम 20 % अध्याय पूरा किया जाए, यदि पुस्तकों की समय पर आपूर्ति हो सके। साथ ही राज्य में परीक्षा समय-सारणी को CBSE के साथ करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके लिए परीक्षा पेटर्न में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। जिसमें इंटरनल असेसमेंट्स को घटाने व विषय परीक्षाओं को मार्च 15 तक समाप्त करने जैसे उपाय शामिल हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में कई चुनौतियां भी हैं । राजस्थान के सरकारी स्कूलों में नई कॉपी और किताबों की प्रिंटिंग का काम जुलाई तक पूरा होता है। इतनी बड़ी संख्या में पुस्तकों और कॉपियों को पहले प्रिंट करवाने के लिए बजट भी पहले चाहिए होगा। यह केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिलता है। तो इसके लिए केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत राजस्थान को जो राशि नए वित्त वर्ष में जारी की जाए उसकी जानकारी पहले से दे दी जाए ताकि उसके अनुसार अपने खर्च पूर्व में ही निर्धारित कर सकें। पूर्व में भी हुए प्रयास लेकिन विफल रहे शिक्षक संगठनों ने इस प्रस्ताव पर संशय जताया है। आल राजस्थान स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में भी यह प्रयास हुए लेकिन सफल नहीं हुए। पूर्व शिक्षक प्रकाश मिश्रा ने कहा कि अधिकांश ग्रामीण छात्र जुलाई के पहले स्कूल नहीं आते, और सत्र की शुरुआत अप्रैल से करना व्यवहार में चुनौतीपूर्ण है। हालांकि विभाग का कहना है कि इस निर्णय को सभी पक्षों से सलाह करके लिया जाएगा।

गांवों में नई तकनीक की बयार: पंजाब सरकार बनाएगी आधुनिक पंचायत घर और सेवा केंद्र

पंजाब  रंगला पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. 125 करोड़ की लागत से 500 नए आधुनिक पंचायत घर और कॉमन सर्विस सेंटर (आम सेवा केंद्र) बनाने की घोषणा की गई है. यह सिर्फ ईंटों और सीमेंट की इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये गांवों की तकदीर बदलने की नींव हैं. ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने जानकारी देते हुए कहा कि 2,800 से अधिक आबादी वाले प्रत्येक गांव में एक पंचायत घर और एक सामान्य सेवा केंद्र होगा, जो बैठकों और डिजिटल सेवाओं की डिलीवरी के लिए बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेगा. सीएम भगवंत मान ने इससे पहले फतेहगढ़ साहिब से इस परियोजना का शुभारंभ किया था. उन्होंने आशा व्यक्त की कि पंचायत घर पंचायतों को एक साथ आने और अपने गांवों की बेहतरी के लिए सामूहिक निर्णय लेने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करेंगे.   रंगला पंजाब के वादे को पूरा करने की दिशा में मील पत्थर डिजिटल बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि सामान्य सेवा केंद्र ग्रामीण नागरिकों के लिए सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट और कई अन्य सेवाओं को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. एक पंचायत घर के निर्माण की लागत 20 लाख रुपये होगी, जबकि एक सामान्य सेवा केंद्र 5 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा. यह परियोजना सिर्फ सुविधाओं की बात नहीं करती, बल्कि यह गांवों के आत्म-सम्मान को भी बढ़ाती है. यह गांवों को ‘स्मार्ट’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मान सरकार का यह फैसला ‘रंगला पंजाब’ के वादे को पूरा करने की दिशा में एक और मील पत्थर है. गांव में पंचायतों के पास एक सम्मानजनक और आधुनिक जगह हो, जहां वे बैठकर गांव के विकास के लिए योजनाएं बना सकें. यह गांवों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा. यह पंजाब के गांवों के लिए एक नई उम्मीद और गौरव का प्रतीक है.   गांवों में आएगी डिजिटल क्रांति इन नए पंचायत घरों के साथ-साथ ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (आम सेवा केंद्र) भी बनाए जा रहे हैं. ये केंद्र गांवों में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी सेवाओं, डिजिटल साक्षरता और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं को सुलभ बनाएंगे. ये केंद्र ग्रामीणों को शहरों के बराबर सुविधाएं देंगे. यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को कम करेगा. ये केंद्र गांवों में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. इससे गाँव के लोग आसानी से सरकारी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे और उनका जीवन सरल हो जाएगा. यह परियोजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह पंजाब को फिर से उसका गौरव लौटाने का सपना है. यह सपना है कि पंजाब का हर गाँव आत्म-निर्भर बने, हर गांव में आधुनिक सुविधाएं हों, और हर गाँव का व्यक्ति खुद को सशक्त महसूस करे.

यूएई से भारत आया BKI का दुर्दांत आतंकी परमिंदर पिंडी, कई राज्यों की पुलिस को था तलाश

फिरोजपुर  पंजाब पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को बताया कि कई जघन्य अपराधों में शामिल बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक आतंकवादी को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किया गया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि विदेश में मौजूद आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ ​​रिंदा और हैप्पी पासिया के करीबी सहयोगी परमिंदर सिंह उर्फ ​​पिंडी को केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से लाया गया है।   यादव ने कहा कि पिंडी गुरदासपुर के बटाला में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक हमलों और जबरन वसूली समेत कई जघन्य अपराधों में शामिल था। यादव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बटाला पुलिस के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) पर तेजी से कार्रवाई करते हुए, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम 24 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात गई और विदेश मंत्रालय तथा यूएई के अधिकारियों के साथ समन्वय किया। यादव ने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को भारत लाने में सफल रही।