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रांची की सड़कों पर खून का प्यासा कुत्ता, देखते ही करता है हमला, अब तक 17 लोगों को बनाया शिकार

रांची देश भर में कुत्ते के आतंक से हर कोई दहशत में है। आए दिन कुत्ते इंसानों पर हमला बोलते ही रहते हैं। वहीं, झारखंड के रांची में एक पागल कुत्ते ने 17 लोगों को काट लिया। मामला जिले के तमाड़ का है। बताया जा रहा है कि यहां एक पागल कुत्ता घूम रहा है। इस पागल कुत्ते ने अब तक 17 लोगों को काट लिया। घायलों में ज्यादातर स्कूली बच्चे शामिल हैं। यह स्कूली बच्चे इस रास्ते से स्कूल से अपने घर लौटते हैं। इसी क्रम में वह कुत्ते का शिकार हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, घटना के बाद से लोग दहशत में आ गए हैं। डर के मारे लोग सड़क पर नहीं निकल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: RTE छात्रों की फीस भुगतान के लिए 489 करोड़ रुपये जारी

भोपाल  शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

जिलाधिकारी आज़मगढ़ की साहसिक यात्रा

आज़मगढ़  दिनांक 19 सितम्बर, 2025 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में  रविंद्र कुमार, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, आज़मगढ़ द्वारा 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं को एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रदान किया गया।  कुमार द्वारा फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत अधिकारी प्रशिक्षुओं को पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान  कुमार ने पीपीटी एवं व्याख्यान के माध्यम से प्रशिक्षुओं को न केवल पर्वतीय गतिविधियों की तकनीकी जानकारी दी, ताकि प्रशिक्षु अधिकारियों को दिये गये स्किल से भविष्य में पर्वतीय या आपदा-प्रवण क्षेत्रों अपनी फील्ड पोस्टिंग के दौरान आपदा प्रबन्धन में राहत एवं बचाव कार्यों में मदद मिल सके और जिससे आम  लोगों की जान-माल की सुरक्षा हो सके।  कुमार द्वारा पूर्व में भी कई बार पर्वतारोहण के विषय पर ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया है।   रविन्द्र कुमार 2011 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी हैं। लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रथम फेज की टेªनिंग के बाद सिक्किम में परीवीक्षा प्रशिक्षण के तहत तैनात थे। सिक्किम में डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग के दौरान वर्ष 2012 में एच0एम0आई0 दार्जीलिंग से बेसिक माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण कोर्स एवं एडवांस माउंटेनियरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा  कुमार ने सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में लम्बी-लम्बी ट्रेकिंग की एवं पर्वतारोहण का अभ्यास किया।   रविन्द्र कुमार द्वारा वर्ष 2013 में नेपाल रूट से एवरेस्ट अभियान प्रारम्भ किया। 10 दिन की ट्रैकिंग के बाद बेस कैम्प पहुँचे। वहाँ पहुँचने पर लगभग 2 सप्ताह तक अनुकूलन (Acclimatisation) हेतु अभ्यास किया, तत्पश्चात अनुकूल मौसम मिलने पर शिखर की ओर बढ़ना शुरू किया। अंतिम चढ़ाई के दौरान Death Zone में ऑक्सीजन मास्क का प्रयोग किया क्योंकि एवरेस्ट की ऊँचाई पर केवल एक-तिहाई ऑक्सीजन मिलती है। इस वर्ष कुल 9 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से दो पर्वतारोहियों से  कुमार की पहले बेस कैम्प में मुलाकात भी हुई थी। उन्हें उन पर्वतारोही की मौत पर गहरा दुःख हुआ। अंततः  रविन्द्र कुमार ने 19 मई 2013 को शिखर पर पहुँचकर भारतीय तिरंगा लहराया।     जून 2013 में एवरेस्ट से लौटने के बाद सिक्किम के विभिन्न जिलो में एस0डी0एम0 एवं ए0डी0एम0 के रूप में तैनाती रही, जहाँ वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव भी करवाया। तत्पश्चात माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारम्भ किया, तब रविन्द्र कुमार ने तय किया कि स्वच्छ भारत मिशन के बारे में लोगों को जागरूक करने हेतु दूसरी बार एवरेस्ट की चढ़ाई की जाये।  वर्ष 2015 में 5 सिविल सेवकों की एक टीम बनाई गई। जिसे माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 27 मार्च 2015 को ‘स्वच्छ भारत अभियान‘ के तहत हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया।  कुमार द्वारा टीम का नेतृत्व करते हुए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत देश के लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नेपाल (दक्षिण) मार्ग से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया गया, परन्तु 25 अप्रैल, 2015 को आए विनाशकारी भूकंप के कारण उनका प्रयास विफल हो गया। नेपाल में भूकंप आने से एवरेस्ट पर हिमस्खलन (Avalanche) हुआ। इस भीषण भूकंप ने एवरेस्ट अभियान को गहरा झटका दिया। अभियान के दौरान अचानक आए हिमस्खलन से बेस कैम्प बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई टेंट नष्ट हो गए, कई पर्वतारोही घायल हुए और कई लोगो ने अपनी जान गवांई। नेपाल सरकार ने सभी अभियानों को रद्द कर दिया।  कुमार ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए घायल पर्वतारोहियों एवं शेरपाओं को अस्थायी अस्पताल तक पहुँचाने में मदद की। इस मानवीय कार्य एवं सेवा भावना को देखते हुए  रविन्द्र कुमार को हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन, नेपाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह अभियान भले ही अधूरा रहा हो, लेकिन मानवता और सेवा के मूल्यों ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। वर्ष 2019 में जल संरक्षण हेतु जागरूक करने के उद्देश्य ‘स्वच्छ गंगा स्वच्छ भारत एवरेस्ट अभियान’ केे तहत  रविन्द्र कुमार गंगा जल लेकर द्वारा उत्तरी मार्ग (चीन) से दिनांक 23 मई 2019 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट पर पुनः पहुँचे।   कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा लहराया एवं गंगाजल अर्पित करते हुए समस्त देशवासियों से जल बचाओ की अपील की।  कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन एवं उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो (प्रतीक चिन्ह्)  भी ले जाया गया। इस वर्ष 11 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से कुछ साथी अभियान के दौरान मिले भी थे। चढ़ाई के दौरान कई पुरानी मृत देहें भी दिखीं, जो अत्यधिक ठंड के कारण दशकों बाद भी सुरक्षित पड़ी थीं। यह अभियान दृढ़ निश्चय, अनुशासन और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा।   रविन्द्र कुमार भारत के पहले और एकमात्र सिविल सेवक हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर दो बार अलग-अलग रास्तों से चढ़ाई की है, एक बार 2013 में दक्षिण (नेपाल) मार्ग से और 2019 में उत्तर (चीन) मार्ग से। वे उन 15 भारतीयों में से एक हैं, जिन्होंने नेपाल और चीन दोनों मार्गों से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की है।  कुमार ने माउंट एवरेस्ट के अलावा, उन्होंने 2014 में टिंगचेनखांग पीक (पश्चिम सिक्किम), 2015 में बीसी रॉय पीक (पश्चिम सिक्किम), जनवरी 2019 में तांगलांग-ला पीक (लेह) और मार्च 2019 में रेनोक पीक (पश्चिम सिक्किम) जैसी अन्य चोटियों पर भी चढ़ाई की है।  रविन्द्र कुमार वर्तमान में जिलाधिकारी आज़मगढ़ के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2011 बैच के  रविन्द्र कुमार ने सिक्किम में नियुक्ति के दौरान एस0डी0एम0 तथा ए0डी0एम0 के पदीय दायित्वों का निर्वहन किया है। मई, 2016 में उत्तर प्रदेश कैडर में ट्रांसफर होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी, सीतापुर के पद पर रहे, जहां 2017 विधानसभा चुनाव सकुशल सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तत्पश्चात जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद के पद पर स्थानान्तरित हुए। उसके बाद डेढ़ साल तक वर्ष 2019 में जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार में मा0 कैबिनेट मंत्री सु उमा भारती जी के निजी सचिव के रूप में कार्य किया, जिस दौरान दूसरी बार एवरेस्ट की सफलतम चढ़ाई की।  एवरेस्ट से लौटने पर जिलाधिकारी, बुलन्दशहर के रूप में अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन किया जहां ‘नागरिक संशोधन विधेयक’ एवं ‘कोविड’ के दौरान बहुत ही साहसिक एवं निडर भाव से सराहनीय कार्य किया।  वर्ष 2021 में जिलाधिकारी, झाँसी के पद पर स्थानान्तरित हुए जहां पर जल संरक्षण हेतु सरकार द्वारा चलाये गये कार्यक्रमों में विशेष अभिरूचि … Read more

1 अक्टूबर से आधार से जुड़ी सेवाओं पर ज्यादा फीस देनी होगी, जरूरी अपडेट जरूर पढ़ें

भोपाल  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए नई दरें लागू करने की तैयारी कर ली है। 1 अक्टूबर से ये नई दरें आपकी जेब को थोड़ा और खाली करा सकती हैं। 1 अक्टूबर से चुकानी होगी ज्यादा फीस अब तक आधार कार्ड (Aadhaar Card Update)बनवाने या अपडेट करवाने के लिए आप घर बैठे ही एप्लाई कर रहे थे। जिसके लिए आपको 100 या 50 रुपए ही चुकानें होते थे। लेकिन, नये नियम के मुताबिक अब 1 अक्टूबर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट कराना महंगा पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी और बायोमेट्रिक अपडेट की नई दरें तय कर दी हैं। 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें ये नई फीसमध्यप्रदेश समेत पूरे भारत के लिए प्रभावी की गई हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित की गई ये नई दरें 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी। जबकि नया आधार कार्ड बनवाना, 5-7 साल व 15-17 साल की उम्र में मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट फ्री रहेगा। 7 से 15 साल और 17+ को यह सेवा 125 रुपए में मिलेगी। पहले 100 रुपए लगते थे। नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल के लिए 50 रुपए नहीं, 75 रुपए चुकाने होंगे।

मनोहर लाल के कार्यक्रम में लापरवाही, निगम के दो अफसरों को किया सस्पेंड

चंडीगढ़  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के 25 सितंबर के चंडीगढ़ में हुए कार्यक्रम से संबंधित ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है। चंडीगढ़ नगर निगम कमिश्नर ने दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। चंडीगढ़ निगम कमिश्नर ने इस कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हालांकि, सस्पेंड किए गए अधिकारियों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।  चंडीगढ़ निगम के अधिकारियों की सस्पेंड की कार्रवाई केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम में लापरवाही के कारण की गई है। इससे पहले भी एक मामले में निगम के दो अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था, जब वे भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। इनमें स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संदीप ढांकर और मुख्य स्वच्छता निरीक्षक चंद्र मोहन शामिल थे। दोनों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था ।

नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य बन चुकी हैं सफल उद्यमी

मिशन शक्ति- 5.0 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जिन्दपुरा की नेहा कश्यप मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। एकता स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष के रूप में नेहा ने 10 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर मशरूम खेती जैसे अभिनव उद्यम की नींव रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने नेहा को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान की नई राह भी दिखाई है। नेहा कश्यप की यात्रा तब शुरू हुई जब उन्होंने उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजना के तहत एकता समूह का गठन किया। समूह की कोषाध्यक्ष नूरजहां और सचिव माया देवी के साथ मिलकर नेहा ने 10 महिलाओं को छोटी-छोटी बचत के लिए प्रेरित किया। नेहा कश्यप कहती हैं “मैंने सोचा कि सीमित संसाधनों से भी हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। मशरूम खेती का विचार मुझे आया और समूह ने इसे स्वीकार किया। स्टार्टअप फंड, रिवाल्विंग फंड, सीआईएफ और सीसीएल से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके सपने को पंख दिए।” नेहा ने अपने 42 फीट लंबे और 36 फीट चौड़े मशरूम फार्म की स्थापना की, जिसमें 30,000 रुपये की लागत आई। 10,000 रुपये झोपड़ी और बांस के प्लेटफॉर्म, 2,000 रुपये भूसा-कंपोस्ट, 3,000 रुपये के बीज, 2000 रुपये के रासायनिक दवाएं-खाद और 4,800 रुपये पारिश्रमिक पर खर्च हुए। परिवार के सहयोग से उन्होंने वटन और ढिंगरी प्रजाति की खेती शुरू की, जिससे मासिक 40,000 से 50,000 रुपये की आमदनी होती है। नेहा कहती हैं “मिशन शक्ति ने हमें प्रशिक्षण और सुरक्षा दी। अब हम आत्मनिर्भर हैं, मैं अपने समूह को और सशक्त करना चाहती हूं। सरकार का सहयोग हमें आगे बढ़ा रहा है।”  एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बनीं नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बन चुकी हैं। मशरूम खेती के अलावा बकरी पालन, जरी, और सिलाई जैसे कार्यों से उन्होंने रोजगार और आर्थिक सुधार हासिल किया। विकास खंड निगोही में ऐसे कई SHG हैं, जो मिशन शक्ति की बदौलत प्रगति कर रहे हैं। नेहा अब अपने मशरूम उद्यम को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं।  उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाने है लक्ष्य नेहा का लक्ष्य है कि उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाया जाए और समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। वे चाहती हैं कि जिन्दपुरा गांव की महिलाएं आने वाले समय में पूरे जिले और प्रदेश के लिए आदर्श बनें। नेहा कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन शक्ति अभियान उनकी प्रेरणा का बड़ा आधार बना। इसने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की दिशा भी बदल सकती हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएँ संगठित हों और उन्हें अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

महिला वर्ल्ड कप के लिए होलकर स्टेडियम तैयार, टिकट की कीमत 500 रुपये तक, रविवार से टीमें आएंगी

इंदौर  इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह मैच होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कुछ ब्लाॅकों में नई कुर्सियां लगाई गई। डे-नाइड मैच होने के कारण स्टेडियम की लाइट भी बदली गई है। सभी टाॅवरों में एलईडी लाइड लगाई गई है। रविवार से इंदौर में मैच के लिए टीमों का आना शुरू हो जाएगा। वर्ष 1997 के बाद दूसरी बार इंदौर में महिला वर्ल्ड कप के मैच होने जा रहे है। इंदौर में पांच मैच होंगे। पहला मैच 1 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच छह अक्टूबर को न्यूजीलैंड व साउथ अफ्रीका के बीच होगा। 19 अक्टूबर को भारतीय टीम इंग्लैड के साथ मैच खेलगी। इस मैच के लिए टिकट ज्यादा बुक हो रहे है। इसके अलावा 22 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व इंग्लैड के बीच मैच होगा। 25 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेले जाएंगे। वर्ल्ड कप की शुरुआत गुवाहाटी में होगी और फायनल मैच 20 नवंबर को होगा। स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने खेलप्रेमी आ सके। इसके लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट की दरें भी रियायती रखी है। इस मैच के लिए 100, 200 व पांच सौ रुपये के टिकट होंगे। टिकट आईसीसी की वेबसाइट से बुक होंगे। ई टिकट दिखाकर भी स्टेडियम मेें एंट्री हो जाएगी। मैच की तैैयारियों को लेकर स्टेडियम के आसपास सफाई प्रशासन ने शुरू करा दी है। स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। एमपीसीए की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस विभाग ने भी स्टेडियम के बाहर व भीतर बल तैनात करने की तैयारी की है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता, पटना में दुर्गा पूजा-दशहरा के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध: पटना जिला प्रशासन

पटना दुर्गा पूजा, दशहरा और रावण वध के पावन अवसर पर पटना में भव्य मेले और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं और इसी कड़ी में पटना जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शनिवार को एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि मेला क्षेत्र में आने वाले अभिभावक अपने बच्चों के पॉकेट में उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर अवश्य रखें। साथ ही बच्चों का हाथ न छोड़ें और उन्हें अकेले घूमने न दें। जारी एडवाइजरी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और न ही उन पर ध्यान दें। सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनाए रखें और सुरक्षा मानकों का पालन करें। किसी भी तरह के पटाखे, ज्वलनशील पदार्थ या नशीले पदार्थों को मेले में ले जाने पर रोक है। मेले में भीड़- भाड़ के दौरान सड़क पर धीरे चलें, कतारबद्ध रहें और जल्दबाज़ी न करें। इमरजेंसी मार्ग को कभी अवरुद्ध न करें। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने से बचें। अगर किसी को कोई लावारिस या संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो उसे छूने से बचें और तत्काल निकटतम दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी या नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। इसके लिए प्रशासन ने 2437 हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810, 2219234 और डायल 112 जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा जांच आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए है, इसलिये उसमें पूर्ण सहयोग करें। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस पर्व को आस्था, अनुशासन और सुरक्षा का प्रतीक बनाएं।  

गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति

एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो यूपी सिंह का निधन गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति विद्वता, कर्मठता के साथ सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किए जाएंगे प्रो. सिंह सीएम योगी ने जताया शोक, रविवार को अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अध्यापन कार्य में आने के बाद से ही उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री रविवार को प्रो. सिंह के अंतिम संस्कार के समय गोरखपुर के राजघाट पर मौजूद रहेंगे। प्रो. सिंह अपने पीछे दो पुत्रों दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं।  मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले लोगों में शामिल रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महंत जी ने यह महाविद्यालय दान में दे दिया तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए। इस विश्वविद्यालय में वह आचार्य और गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में ख्यातिलब्ध रहे। अपनी शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं। महंत दिग्विजयनाथ जी के स्मृतिशेष होने के बाद प्रो. यूपी सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की। उनकी सेवा साधना का यह अनुष्ठान वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा।  प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा। वह डॉ. भोलेन्द्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे। शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध पद दायित्वों का सकुशल निवर्हन किया। उनके निधन पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में शोक की लहर है।  रविवार को राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी आएंगे प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (28 सितंबर) को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दिन में 12 बजे से होगा। इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रो सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इस बीच प्रो. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।