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स्विट्जरलैंड में रह रही रोहिणी ने सांसद पर गंभीर आरोप लगाए, आत्महत्या की धमकी से परिवार में चिंता

इंदौर  भीम आर्मी के संस्थापक और यूपी के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर पर इंदौर की एक महिला ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीएचडी स्कॉलर डॉ रोहिणी घावरी ने बुधवार को धमकी दी है कि उन्हें अगर न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी. इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर कई पोस्ट किए हैं. डॉ रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली हैं और वर्तमान में वह स्विटजरलैंड में रह रहीं हैं. सोशल मीडिया पर उनकी आत्महत्या की बात से इंदौर में रहने वाले उनके माता-पिता परेशान हैं और अपनी बेटी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका अब तक उनकी बेटी रोहिणी से संपर्क नहीं हो पाया है. सांसद चंद्रशेखर पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप इंदौर की रहने वाली डॉ रोहिणी घावरी ने नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर कई दिनों तक शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि इस मामले की शिकायत वह कई बार दिल्ली पुलिस को कर चुकी हैं. अधिकारियों से मिलकर कई सबूत भी दे चुकी हूं लेकिन पुलिस ने इस मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. 3 महीने पहले लगाए थे रोहिणी ने आरोप डॉ रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर 3 महीने पहले गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस के साथ उन्होंने महिला आयोग में भी शिकायत की थी और कहा था कि यह स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लड़ाई है और वह अब पीछे नहीं हटेंगी. महिला आयोग में की गई शिकायत में उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर से उनकी मुलाकात 2020 में हुई थी. 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनका व्यवहार बदल गया. इंदौर में रहने वाले माता-पिता परेशान सोशल मीडिया पर उनकी आत्महत्या वाली पोस्ट देखकर इंदौर में रहने वाले उनके माता-पिता परेशान हैं. पिता शिव घावरी का कहना है कि "उन्हें भी सोशल मीडिया के द्वारा अपनी बेटी के द्वारा इस तरह के कदम उठा लेने की जानकारी मिल रही है. वह पिछले कई घंटों से लगातार अपनी बेटी रोहिणी से संपर्क करने में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक उसने हमसे भी कोई बात नहीं की है. जिसके चलते हम काफी डिप्रेशन में आ चुके हैं." '2020 में रोहिणी से हुई थी जान-पहचान' रोहिणी के पिता शिव घावरी ने भी चंद्रशेखर उर्फ रावण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी की शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है. चंद्रशेखर से 2020 में उसकी जान पहचान हुई थी. चंद्रशेखर ने रोहिणी को यह आश्वासन दिया था कि वह अविवाहित है और उससे शादी कर लेगा. इसके चलते दोनों काफी दिनों तक साथ में भी रहे. कौन हैं रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली वाली रोहिणी घावरी बाल्मिकी समुदाय से आती हैं और उनके पिता सफाईकर्मी हैं. 2019 में मध्य प्रदेश सरकार की स्कॉलरशिप से स्विट्जरलैंड में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी किया है. इसके पहले रोहिणी ने इंस्टिट्यूट ऑफ कॉमर्स से फॉरेन ट्रेड में बीबीए किया है. उसके बाद इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग में एमबीए किया है. वह अपना एक एनजीओ भी चलाती हैं और दलित समुदाय के उत्थान के लिए काम करती हैं. 

लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाने वालों पर निगम की कार्रवाई, परिसर पर लगाया ताला

रायपुर  नगर निगम के अमले ने वर्षों से संपत्तिकर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज व्यावसायिक परिसरों में ताला लगाकर सीलबंद की कार्रवाई की. जिन परिसरों में तालाबंदी की कार्रवाई की गई, उनमें संत रविदास वार्ड 70 स्थित पार्थिवी प्रोविन्स – डॉ. शैलेष वर्मा, वीर सावरकर नगर वार्ड-01 स्थित राहुल धारीवाल पिता राजेंद्र धारीवाल, लीलावती देवी सिंग पति-अशोक सिंग, ओमप्रकाश तिवारी पिता-आर.ए. तिवारी, सुरेन्दर सिंग, गुरविन्दर सिंग पिता-प्रीतम सिंग, नीलम मिश्रा पति-संजय मिश्रा, राजेश चन्द्राकर पिता-गंगा प्रसाद और हरभजन सिंग पिता-टहल सिंग शामिल हैं.

सीवर लाइन में उतरे मजदूरों पर आफत, सतना में एक की जान गई, दो घायल

सतना जिला में मैला सफाई के दौरान एक मजदूर की जान गवाने का मामला सामने आई है। सतना नगर निगम क्षेत्र कृपालपुर में सफाई के लिए तीन मजदूर सीवर लाइन की पाइप में उतरें। लेकिन पाइप के अंदर अंदर मीथेन गैस के रिसाव के प्रभाव में आकर तीनों मजदूर अंदर ही बेहोश हो कर फस गए। जिसकी जानकारी लगते ही स्थानीय लोगों द्वारा तीनों मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन उनमें से एक मजदूर अमित कुमार कि तब तक जान जा चुकी थी। जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। इनकी कोई पहचान नहीं हो सकीं। इस दौरान लोगों ने शहर सरकार के ऊपर गंभीर आरोप लगाए कि इस घटना की जानकारी लगते ही मौके पर जुटे लोगो ने 112, फायर, नगर निगम, महापौर सभी को इसकी जानकारी दी लेकिन मौके ओर कोई नही पहुंचा। जिससे नाराज लोगो ने मजदूरों की जनन बचने और उन्हें बाहर निकलने की जद्दोजहद में जुट गए और पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने लगे। इसके बाद नगर निगम के अभियंताओं से लेकर महापौर तक सब घटनास्थल पर पहुच गए। हालंकि इस घटना के बाद मजदूरों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय नागरिक सौरभ सिंह ने कोलगवां थाने में लिखित शिकायत करते हुए संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का शिकायती आवेदन भी दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 से 2024 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक में उतरने के कारण दिल्ली में ही 37 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें तब हुईं, जब सरकार मशीनों से सफाई कराने का दावा करती रही है। वहीं 2019 से अब तक देश भर में 430 लोगों की मौत हो चुकी है। वो भी तब जब बिना उपकरणों के सफाई कराने के खिलाफ कानून मौजूद हैं। चार दिन में दूसरा हादसा लगातार दूसरी घटना से दहशत का माहौल सीवर चेंबर में जहरीली गैस से कर्मचारियों की तबीयत बिग?ने का ये दूसरा मामला है। इससे पहले 22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास आदर्श शुक्ला और किशन वर्मा सीवर लाइन की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। एसडीएम राहुल सिलडय़िा मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ी से दोनों कर्मचारियों को जिला अस्पताल ले गए थे। यह हादसा बीते सप्ताह हुई समान घटना के बाद सामने आया है, जिसने सफाईकर्मियों और उनके परिजनों में भारी दहशत फैला दी है। सवाल यह है कि लाखों रुपए खर्च कर खरीदी गई सुरक्षा किट मजदूरों तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही? 2 घायल गायब, पीडि़त के स्वजनों को 50 लाख मुआवजे की मांग घटना के बाद जिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जहां उन्हें हादसे में घायल दो मजदूर नदारद मिले, जिनकी जानकारी किेसी भी प्रशासनिक अमलें को नहीं थी। जिसके बाद सभी कांग्रेसियों ने मजदूर के पीडि़त स्वजनों को पचास लाख मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। कांग्रेसियों ने मौके पर ही दो अन्य घायलों को ठेकेदार पर गायब कराने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा, कलेक्टर से हुई है चर्चा। मामले के सभी दोषियों पर प्रकरण दर्ज कराने और मृतक को मुआवजा दिलाने की मांग रखी गई है । ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।  

ओवैसी का हमला: बराबरी चाहिए थी, मंत्री पद नहीं — बिहार की सियासत में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल

पटना ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव  पर आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को लेकर उनकी पार्टी की ओर से किए गए आग्रहों पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम ने केवल बराबरी का दर्जा मांगा था, मंत्री पद की कोई इच्छा जाहिर नहीं की थी। हमारी केवल यही मांग थी कि हमें बराबरी का दर्जा मिले… हैदराबाद के सांसद ओवैसी किशनगंज जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। यह रैली उनके चार दिवसीय ‘‘सीमांचल न्याय यात्रा'' का हिस्सा है। सीमांचल क्षेत्र में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। ओवैसी ने कहा, ‘‘हमारे बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को तीन पत्र लिखकर ‘इंडिया' गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि हमने केवल छह सीट की मांग की थी, हमें किसी मंत्री पद की चाहत नहीं थी।'' ओवैसी ने कहा, ‘‘हमारी केवल यही मांग थी कि हमें बराबरी का दर्जा मिले, गुलाम की तरह व्यवहार न किया जाए। लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।'' राजद की ‘‘उपेक्षा'' को दोषी ठहराते हुए ओवैसी ने कहा कि बिहार में मुस्लिम समुदाय के पास अपनी कोई ठोस नेतृत्वकारी ताकत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यादव, कुशवाहा, कुर्मी, मांझी, राजपूत और पासवान यानी हर जाति के अपने नेता हैं। लेकिन मुसलमानों का कोई अपना नेता नहीं है।'' उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब तेजस्वी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख सकते हैं तो सीमांचल का कोई युवा नेता क्यों नहीं बन सकता? ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने यह पहल इसलिए की ताकि उसपर भाजपा की मदद करने के आरोप न लगें। उन्होंने कहा, ‘‘राजद की ओर से सही प्रतिक्रिया नहीं आने से यह साफ हो जाएगा कि वास्तव में भाजपा की मदद कौन कर रहा है।'' एआईएमआईएम ने पिछला विधानसभा चुनाव 20 सीट पर लड़ा था और पांच सीट पर जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में पांच में से चार विधायक राजद में शामिल हो गए और केवल अख्तरुल इमान ही पार्टी के साथ बने रहे। सीमांचल क्षेत्र में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं। इस क्षेत्र में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। ओवैसी दिन में बाद में अररिया जिले में भी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।  

छोटी बात पर बस में भिड़े शिक्षक और प्राचार्य, बालाघाट के स्कूल में पैदा हुआ तनावपूर्ण माहौल

बालाघाट लालबर्रा के नेवरगांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यवसायिक शिक्षक ने प्रभारी प्राचार्य की सिर्फ इसलिए बेरहमी से पिटाई कर दी, क्योंकि प्रभारी प्राचार्य ने शिक्षक को नियत समय पर ही स्कूल से जाने कहा था। जल्दी छुट्टी न देने पर व्यवसायिक शिक्षक वीरेंद्र ब्रम्हे इतना आक्रोशित हो उठा कि उसने मौका पाते ही प्रभारी प्राचार्य नवीन लोढ़ा की बस में पिटाई कर दी। प्राचार्य को आईं गंभीर चोटें हाथ-मुक्कों से पिटाई से नवीन को गंभीर चोटें आई हैं। वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। शिक्षक ने प्रभारी प्राचार्य को जान से मारने की धमकी देकर गाली-गलौच की। घटना बुधवार शाम की है। जानकारी लगते ही गुरुवार सुबह स्कूली विद्यार्थी आक्रोशित हो गए। उन्होंने दोपहर डेढ़ बजे तक स्कूल में प्रदर्शन किया। कक्षाएं नहीं लगने दीं और जमकर नारेबाजी की। फिर से शुरू किया गया स्कूल का संचालन तहसीलदार, बीआरसी, बीईओ की समझाइश के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त किया और स्कूल का संचालन किया गया। प्रभारी प्राचार्य की शिकायत पर लालबर्रा पुलिस ने आरोपित शिक्षक वीरेंद्र ब्रम्हे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। इस घटना की आजाद अध्यापक संघ ने कड़ी निंदा की है।

विधान परिषद सदस्य डॉ. निर्मल ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

लगाया आरोप: सपा सरकार में गंजिंग करने से भी डरती थीं महिलाएं जातिवाद का जहर घोलकर समाज में वैमनस्यता फैला रही है सपा: लालजी प्रसाद लखनऊ, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव शुरू से ही आरक्षण और दलितों के मसीहा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विरोधी हैं। सपा शासन में मुख्यमंत्री रहते अखिलेश यादव ने दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण खत्म किया। वह चाहते तो  दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के लिए भी प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर सकते थे। सपा दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग की भी विरोधी है। बाबा साहब के खिलाफ अपमानजनक बातें करते हैं सपा के नेता डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा सांसद ने ही लोकसभा में दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण के बिल को फाड़ा। इतना ही नहीं, सपा के कई नेता बाबा साहब के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपमानजनक बात करते रहे, अब दलितों का वोट पाने की खातिर वह आरक्षण और अम्बेडकर की बात करने लगे हैं। जातिवाद समाप्त करने को संकल्पित है योगी सरकार एमएलसी डॉ. निर्मल ने कहा कि राज्य की योगी सरकार प्रदेश से जातिवाद खत्म करने को कृतसंकल्पित है तो ऐसे में अखिलेश यादव को दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग को जोड़ने और उनके अधिकारों की बात याद आ रही है। मुख्यमंत्री जी हजरतगंज में जीएसटी कम होने से आम जन को होने वाले फायदे बता रहे थे, इस पर उनका कहना कि योगी जी गंजिंग करने गये थे। यह बेहद गलत है। सपा शासनकाल में तो कोई भद्र पुरुष या महिला स्वतंत्र होकर गंजिंग भी नहीं कर सकती थी। सपा के गुण्डाराज में महिलाएं घर में रहकर ही खुद को ज्यादा सुरक्षित समझतीं थीं। अखिलेश को दर्द, जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहे सपा के गुंडे डॉ. निर्मल ने कहा कि चाहे जमीनों पर कब्जा करने का मामला हो या नियुक्तियों में धांधली करके एक जाति विशेष को नौकरी देने का, सपा सरकार में यह सब संभव था, लेकिन योगी जी के नेतृत्व में चल रही राज्य सरकार में अब सपा के कथित गुंडे न तो दलितों और न ही सामान्य व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर पा रहे हैं। यही दर्द अखिलेश जी को है। यही वजह है कि योगी सरकार की जनहित की योजनाएं हों या जातिवादी व्यवस्था को खत्म करने की पहल, सपा इन सभी का विरोध कर रही है, लेकिन वंचित समाज के लोग अब समझ चुके हैं कि उनकी भलाई किसके साथ रहने में है। अब वे दोबारा सपा नेताओं के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

रीवा में BJP ने बनाई नई टीम, ब्राह्मण नेतृत्व को बढ़ावा, महिलाओं को मिली जगह

रीवा  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपनी कार्यकारिणी की घोषणा कर रही है। 62 संगठनात्मक जिलों में से अब तक 30 से ज्यादा जिलों की कार्यकारिणी घोषित हो चुकी है। अब रीवा के लिए अपनी नई जिला स्तरीय नेतृत्व टीम को घोषित कर दिया है। यह कदम आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। चुनौतियों के पहले संगठनात्मक ताकत को मजबूत किया जा सके। इन नियुक्तियों को बीजेपी प्रेदश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंजूरी दी। इसकी औपचारिक घोषणा रीवा बीजेपी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि यह टीम अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का मिश्रण है, जिसका मकसद जिले में पार्टी की पकड़ और मजबूत करना है। इनको मिली जिम्मेदारी पार्टी ने एक बयान में कहा कि इस घोषणा में सात जिला उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, सात सचिव और दो वित्त संबंधी पद शामिल हैं। उपाध्यक्षों में प्रबोध व्यास, मनीषा पाठक, अशोक सिंह गहरवार, शरद साहू, राजेश प्रताप सिंह, मनीष चंद्र शुक्ला और संध्या कोल (गौटिया) को जिम्मेदारी दी गई है। ये बनाए गए महासचिव नियुक्त महासचिवों में उमाशंकर पटेल, विवेक गौतम और जीवनलाल साकेत शामिल हैं। वहीं, सचिवों में कल्पना पटेल, रविराज विश्वकर्मा, प्रणेश ओझा, गीता मांझी, बृजेंद्र गौतम, सुमन शुक्ला और बाबूलाल यादव शामिल हैं। वित्त विभाग में वासुदेव थारवानी को जिला कोषाध्यक्ष और अलकनरायन केशरवानी को सहायक कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 5 महिलाओं को भी मिली जिम्मेदारी इस कार्यकारिणी में पांच महिला नेताओं मनीषा पाठक, संध्या कोल, कल्पना पटेल, गीता मांझी और सुमन शुक्ला को भी शामिल किया गया है। इससे साफ होता है कि भाजपा महिला नेतृत्व और लैंगिक संतुलन पर जोर दे रही है। जिला अध्यक्ष ने किया संबोधित जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि नई टीम का गठन प्रदेश नेतृत्व की सहमति से किया गया है। उम्मीद है कि नई कार्यकारिणी अनुशासन बनाए रखते हुए पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और संगठन की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त पदाधिकारी पार्टी के मूल्यों को बनाए रखेंगे और क्षेत्र में पार्टी के विकास में सार्थक योगदान देंगे। नई टीम का गठन ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ रही है। भाजपा का यह कदम आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर अपनी संगठनात्मक तैयारी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रमोशन आरक्षण विवाद: MP हाईकोर्ट ने सुनवाई की नई तारीख घोषित की

जबलपुर  मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। आज दिनांक 25/9/25 को कोर्ट न. 01 मे सीरियल क्र.32 से 32.38 पर समय 11:30 बजे से सुनवाई थी,लेकिन सुबह एडिशनल एडवोकेट जनरल हरप्रीत रूपराह ने मेंशन करके दिनांक 16/10/25 की तारीख़ लगवाई है। आज शासन की ओर से अधिकृत सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता वैद्धांनाथन उपलवध नहीं होने का हवाला दिया गया। अजाक्स संघ सहित अनेक कर्मचारियों एवं अधिकारियो की ओर से प्रमोशन कानून के पक्ष मे अनेक हतक्षेप याचिकाए दाखिल की गईं है,उक्त सभी आवेदनों को पिछली तारीख 16/9/2025 मे अलाउ कर दिया गया है तत्पष्यात हतक्षेप कर्ताओ की ओर से प्रमोशन नियम 2025 को चुनौती देने वाले याचिका कर्ताओ की लोकस एवं याचिकाओं की विचारणशीलता पर आवेदन दाखिल कर आपत्ति दर्ज कराई गईं है। एवं अजाक्स संघ द्वारा नियम 2025 प्रकाशित होने के पूर्व याचिका क्रमांक 16383/2025 दाखिल की गईं है,जिसकी आज प्रथम सुनवाई हेतु सीरियल क्रमांक 32.38 पर सूचिवद्ध है,लेकिन मुख्य केस मे सरकार की ओर से 16/10/25 को सुनवाई किए जाने का समय ले लिया गया है जिसके कारण उक्त याचिका की भी सुनवाई 16/10/25 को होगी। पदोन्नति नियम को लेकर हाई कोर्ट में लगी याचिका के महत्‍वपूर्ण बिंदु     पदोन्नति नियम को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर में गुरुवार को सुनवाई हुई। सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश पर नियम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण सशर्त पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति नियम को सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने चुनौती है। याचिका में कहा गया है कि जब सरकार ने नए नियम बना लिए हैं तो यह स्पष्ट है कि 2002 के नियम निरस्त करने का निर्णय सही था। ऐसे में इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका को वापस क्यों नहीं लिया जा रहा है। इससे भ्रम की स्थिति बन रही है। दरअसल, पुराने नियम से जो पदोन्नतियां हुई हैं, उन्हें सरकार वापस नहीं लेना चाहती है इसलिए याचिका वापस नहीं ली जा रही है। इससे स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। जबकि, सरकार नौ वर्ष से रुकी पदोन्नति प्रारंभ करना चाहती है। नए नियम सुप्रीम कोर्ट द्वारा विभिन्न मामलों में दिए गए निर्देशों की रोशनी में तैयार किए गए हैं। इसमें सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है।  

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान

सभी 75 जनपदों से मिले अब तक लगभग 7 लाख सुझाव ग्रामीण इलाकों से 5.5 लाख तो नगरीय क्षेत्रों से मिले 1.50 लाख सुझाव 31–60 आयु वर्ग सबसे आगे, लगभग 3.60 लाख लोगों ने दिए फीडबैक सुझाव देने में महाराजगंज, कानपुर देहात और संभल शीर्ष 3 में शामिल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आईटी व इंडस्ट्री पर केंद्रित रहे सुझाव मुजफ्फर नगर से मिला सुरक्षा एवं सुशासन के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाने का सुझाव हरदोई से प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए मिली महत्वपूर्ण राय लखनऊ की ज्योत्सना ने दिया छोटे शहरों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विकास और निवेश पर जोर लखनऊ, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत समस्त 75 जनपदों में जारी सक्रिय संवाद के तहत गुरुवार तक लगभग 7 लाख प्रदेशवासियों ने अपने सुझाव साझा किए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5.5 लाख तो वहीं नगरीय क्षेत्रों से लगभग 1.5 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके हैं। सर्वाधिक 3.60 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए हैं, जबकि लगभग 2.90 लाख सुझाव  31 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों ने दिए हैं। यही नहीं करीब 50 हजार सुझाव सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। उल्लेखनीय है कि अभियान के तहत सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सेवी संगठन, श्रमिक संघठनों, मीडिया एवं आम जनमानस के साथ विगत 8 वर्षों से प्रदेश की विकास यात्रा के संबंध में जानकारी दी जा रही है तथा विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि समेत कई सेक्टर में मिले सुझाव आम जनमानस द्वारा अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है। सर्वाधिक सुझाव शिक्षा क्षेत्र, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र, स्वास्थ्य क्षेत्र, समाज कल्याण, कृषि क्षेत्र, आईटी & टेक, इंडस्ट्री तथा सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर प्राप्त हुए हैं। जनपद महाराजगंज से लगभग 64 हजार फीडबैक के साथ प्रथम, लगभग 32 हजार फीडबैक के साथ कानपुर देहात द्वितीय और करीब 30 हजार फीडबैक के साथ संभल तृतीय स्थान पर है। इसके अतिरिक्त प्रयागराज, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी आदि जनपदों से 5 लाख से ज्यादा फीडबैक प्राप्त हुए हैं। प्राप्त हुए ये महत्वपूर्ण सुझाव मुजफ्फरनगर से त्रिस काकरण के अनुसार उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एवं सुशासन हेतु बहुआयामी रणनीति आवश्यक है। पुलिस व होम गार्ड में समन्वय, संयमित शक्ति प्रयोग, संवेदनशील प्रशिक्षण, प्रशासनिक पारदर्शिता, ई-गवर्नेस का विस्तार और हिंदी व स्थानीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ावा देकर नागरिकों को सुलभ, सम्मानजनक व भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं सुनिश्चित किये जाने हेतु और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। हरदोई से मथुरा प्रसाद मिश्र का सुझाव है कि उत्तर प्रदेश 2047 का सपना तभी साकार होगा जब विकास का लाभ हर क्षेत्र और हर वर्ग तक समान रूप से पहुँचे। संतुलित विकास का अर्थ है कि शहर और गाँव, उद्योग और कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सभी को बराबर प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और बेहतर परिवहन नेटवर्क का विस्तार आवश्यक होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर, स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना चाहिए। वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण, स्मार्ट योजनाएँ और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना होगा। लखनऊ से ज्योत्सना सिंह का विचार है कि छोटे शहरों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे का विस्तार करने के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे आईटी क्षेत्र का विस्तार महानगरीय क्षेत्रों से आगे होगा और छात्रों को अपने घर के पास ही व्यापक रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। सरकार को एक ऐसा विशेष पोर्टल विकसित करना चाहिए, जो प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एमबीए स्नातकों के लिए नौकरी और इंटर्नशिप के अवसर सूचीबद्ध करे। इसमें आईटी प्रबंधन, परामर्श और अन्य प्रासंगिक भूमिकाओं को फ़िल्टर करने की सुविधा होनी चाहिए।

लाखों लोगों को लाभ पहुंचाते हुए रांची में सफलतापूर्वक आयोजित हुए 29,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर

रांची झारखंड की राजधानी रांची में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के तहत अब तक लगभग 29,000 स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक लगे हैं। इन शिविरों में तकरीबन 1,06,843 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच, परामर्श और अन्य स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए हैं। यह अभियान महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इन शिविरों में लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया है। हाइपरटेंशन की जांच कराए गए लोगों की संख्या 48,769 है, जबकि डायबिटीज जांच में 45,431 लोग शामिल हुए। कैंसर की स्क्रीनिंग (ओरल, सर्वाइकल, ब्रेस्ट) 53,007 लोगों ने करवाई, जो महिलाओं में कैंसर की शुरुआती पहचान में मददगार साबित हो रही है। साथ ही टीबी स्क्रीनिंग 8,708 और सिकल सेल बीमारी की स्क्रीनिंग 19,468 लोगों ने कराई। ब्लड डोनेशन सेवा में शामिल होने वालों की संख्या 308 रही। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट कार्ड 2,892 लाभार्थियों को दिए गए हैं, वहीं 6,658 आभा कार्ड भी जारी किए गए हैं। माइनर सर्जरी 631 और मेजर सर्जरी 136 सफलतापूर्वक करवाई गई। इसके अलावा पोषण संबंधी, मासिक धर्म स्वच्छता आदि विषयों पर 52,675 लोगों को परामर्श सेवाएं दी गईं। रांची जिला के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि इस अभियान के तहत लोगों की भागीदारी बहुत उत्साहजनक रही है। खासतौर पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य शिविर का बड़े पैमाने पर हिस्सा बनें, अपनी सेहत का ध्यान रखें और जांच कराएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर जैसी बीमारियों की व्यापक जांच कर स्वस्थ महिला, सशक्त परिवार और मजबूत राष्ट्र की नींव रखना है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि लोगों को नियमित जांच और सही इलाज से भी जोड़ रही है। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सुद्दढ़ समाज का आधार है, इसलिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।