samacharsecretary.com

मर्डर केस में झटका: सोनम रघुवंशी की बेल याचिका खारिज, 3 आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद, आकाश और विशाल ने मेघालय के सोहरा उप प्रभाग प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जमानत की अर्जी दायर की थी। लेकिन पुलिस की कड़ी आपत्ति के बाद कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। शिलांग पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें सोनम की हर साज़िश का विस्तार से जिक्र है। हालांकि, इसी केस में पहले तीन आरोपियों बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र तोमर, बलवीर अहिरवार और सिलोम जेम्स को जमानत मिल चुकी है। बाकी आरोपी इन्हीं की जमानत को आधार बनाकर जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी दलील कोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया। राजा रघुवंशी की हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बता रही है, लेकिन राजा का परिवार इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी का आरोप है कि पुलिस ने जांच में कई गड़बड़ियां कीं और कुछ षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि सोनम के खातों तक को फ्रीज़ नहीं किया गया। क्या हुआ था? 29 वर्षीय राजा रघुवंशी और 24 वर्षीय सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, सोनम इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह परिवार के फर्नीचर कारोबार में काम करने वाले अकाउंटेंट राज कुशवाह को चाहती थी। शादी के कुछ ही दिन बाद सोनम ने हत्या की साजिश रची और हनीमून के बहाने 20 मई को राजा को मेघालय ले गई। 23 मई को दोनों लापता हो गए और लंबे इंतज़ार के बाद 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ। जांच में कई राज खुले और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोनम ने यूपी में सरेंडर किया। बताया गया कि हत्या के बाद वह इंदौर में जाकर छिपी हुई थी। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में सोनम समेत आठ आरोपियों सोनम, राज कुशवाह, आनंद, आकाश, विशाल, बलवीर अहिरवार, सिलोम जेम्स और लोकेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है।

MLA गोलू शुक्ला की बस से हादसा, इंदौर में बाइक सवार परिवार की मौत

 इंदौर  ट्रक हादसे का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि विधायक गोलू शुक्ला की बस ने पति-पत्नी और बच्चे की जान ले ली। चालक तीनों को रौंदने के बाद बस छोड़कर फरार हो गया। हादसे में घायल एक मासूम की हालत गंभीर है। उसका अरबिंदो अस्पताल में उपचार चल रहा है। बाणगंगा टीआइ सियाराम सिंह गुर्जर के अनुसार, घटना बुधवार देर रात धरमपुरी के समीप ग्राम रिंगनोदिया की है। टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की बस एमपी 09एफए 6390 ने बाइक एमपी 09वीएफ 3495 को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार दंपती बच्चों सहित दूर जाकर गिरे। हादसे में महेंद्र सोलंकी, जयश्री सोलंकी और 15 वर्षीय जिगर सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। 10 साल का तेजस सोलंकी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सांवेर टीआइ गिरजाशंकर महोबिया के अनुसार, टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की है। बस के पीछे भी गोलू लिखा है। भाई-भाभी से मिलकर घर लौट रहा था टक्कर के बाद चालक और हेल्पर बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। महेंद्र सोलंकी निवासी तीन इमली मूसाखेड़ी की चाय की दुकान है। वह साईं विहार कॉलोनी में रहने वाले भाई बाबूसिंह सोलंकी और भाभी शांति सोलंकी से मिलने आया था। बाबू बुधवार को भोपाल गए थे। लौटने में देरी हो गई और महेंद्र को निकलने में रात हो गई। परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना बाबू सिंह ने तेज बारिश का कहते हुए महेंद्र को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन सुबह जिगर की परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना होना पड़ा। करीब एक घंटे बाद भी घर पहुंचने की खबर नहीं आई तो बाबूसिंह की बेटी ने काल लगाया। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से कॉल आया कि चारों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।  

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज, आज 30 जिलों में झमाझम के आसार, इंदौर में पहले ही खुला मौसम का पिटारा

भोपाल   राजस्थान, गुजरात एवं पंजाब से भले ही मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से सितंबर माह में मानसून के वापस होने की संभावना कम ही है। वर्तमान में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से बुधवार देर शाम इंदौर में झमाझम बारिश हुई। गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के 30 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर में आज बारिश के आसार हैं। बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में 43, रीवा में 41, टीकमगढ़ में 32, सतना में 21, छिंदवाड़ा में 16, पचमढ़ी में तीन, सीधी में दो, नौगांव एवं खजुराहो में एक मिलीमीटर बारिश हुई। बता दें कि सामान्य तौर पर 21 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू हो जाती है। एमपी से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी है द्रोणिका मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी विदर्भ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक प्रभावी चक्रवात सक्रिय है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के मध्य से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पूर्वी विदर्भ, तेलंगाना से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से होकर जा रही है। सितंबर में नहीं होगी मानसून की विदाई मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से लगातार नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में 25 सितंबर को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से सितंबर माह में मानसून के वापस जाने की संभावना कम ही दिख रही है।

नीतीश सरकार का बड़ा एलान: ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा आर्थिक सहारा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं के लिए नई योजना की घोषणा की है. इसके तहत सरकार 20 से 25 साल की उम्र के ऐसे स्नातक युवकों और युवतियों को हर महीने 1000 रुपये देगी, जिनके पास न नौकरी है और न ही स्वरोजगार. यह भत्ता अधिकतम दो साल तक दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही युवाओं को रोजगार और नौकरी देने को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले पांच साल में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाए. इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है और युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. किन छात्रों को मिलेगा फायदा? नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि जब तक युवा पढ़ाई या ट्रेनिंग के दौरान आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक वे नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पाएंगे. इसी सोच के तहत पहले से चल रही मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है. पहले इस योजना का लाभ सिर्फ इंटर पास बेरोजगार युवाओं को मिलता था. लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों को भी यह भत्ता मिलेगा. आत्मनिर्भर बनने में मदद सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है. भत्ता मिलने से वे अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और कौशल प्रशिक्षण में आर्थिक मदद पा सकेंगे. नीतीश कुमार को उम्मीद है कि यह राशि बेरोजगार युवाओं को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी. युवाओं को फायदा ही फायदा विशेष बात यह है कि सरकार का यह ऐलान चुनावी साल में आया है. ऐसे में इसे युवाओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार का कहना है कि यह कदम राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारमूलक बनाने की दिशा में सरकार की दूरदर्शी सोच का हिस्सा है.

साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री

₹5 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ नवंबर में होगी जीबीसी@5: मुख्यमंत्री साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री भूमि अधिग्रहण में संवाद व समन्वय को प्राथमिकता, किसानों की संतुष्टि और उनका हित सुरक्षित करने के निर्देश बोले मुख्यमंत्री, भूमि से किसानों का भावनात्मक संबंध, अधिग्रहण पर मुआवजा दर बढ़ाने पर हो विचार औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग न होने पर होगी रद्द नोएडा क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा बैंकिंग व निर्यात को बढ़ावा देने के हों प्रयास मुख्यमंत्री का निर्देश, और सरल व सहज बनाएं निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टल, निवेशकों को कतई न लगाना पड़े दफ्तरों का चक्कर 22 सितम्बर से लागू हो रहे जीएसटी सुधार का आम नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित करायें: मुख्यमंत्री हर जिले में सरदार पटेल रोजगार ज़ोन विकसित करने की कार्ययोजना पर मंथन, उद्योग व रोजगार का नया मॉडल बनेगा यूपी 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ GVA लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं के साथ पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े 08 वर्षों में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं तथा 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी एवं रोजगार की गारंटी मिली। अब आगामी नवंबर माह में जीबीसी@5 के आयोजन की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी भूमि के साथ हर किसी का एक भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी है। यदि प्रदेश हित में उनकी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है तो उन्हें अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संवाद और समन्वय से यह काम बड़ी आसानी से हो सकता है। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है। निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित किया जाए। यहां बड़े बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हों। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात को और बेहतर करने के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के उपरांत भूमि का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन अधिकतम तीन वर्षों के उपरांत रद कर दिया जाए। वह भूमि अन्य निवेशक को आवंटित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाये जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निवेशक छोटा हो या बड़ा, कार्यालयों के चक्कर किसी को भी न लगाना पड़े। आगामी 22 सितम्बर से प्रभावी होने जा रहे जीएसटी सुधारों का लाभ हर आम नागरिक को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विशेष रोजगार ज़ोन के विकास की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में कम से कम 100 एकड़ में इस रोजगार ज़ोन का विकास किया जाना है, इसके लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह क्षेत्र उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। यह कार्ययोजना पूरे देश में एक मॉडल बनेगी।  बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ का GVA लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत 8,000 नई/विद्यमान इकाइयों का पंजीकरण आवश्यक है। अभी तक 1,354 इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने और अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

‘नायसा’ के पीछे कौन? संजय पाठक ने कर्मचारी के नाम पर बनाई कंपनी, खरीदी करोड़ों की सहारा ज़मीन

जबलपुर  कटनी जिले से विधायक संजय पाठक ने जमीनों की खरीद फरोख्त के लिए न सिर्फ आदिवासियों की मदद ली, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। आदिवासियों के नाम पर करीब 1100 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप से घिरे संजय पाठक सायना ग्रुप के मालिक हैं, इसलिए उन्होंने मिलते-जुलते नाम वाली नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना ली। इस कंपनी का कर्ताधर्ता अपने ही कर्मचारी सचिन तिवारी को बनाया। इस कंपनी से सहारा सिटी की जमीन खरीदी, वो भी औने-पौने दाम पर। सूत्रों की माने सचिन तिवारी के पास विधायक संजय पाठक के लिए जमीन खरीदने-बेचने से लेकर जनसंपर्क आदि कार्यों की जिम्मेदारी है। जबलपुर के तेवर स्थित सहारा सिटी की जमीन का सौदा करने और उसका भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी सचिन और उसके सहयोगियों ने संभाली। दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म सूत्र बताते हैं कि कटनी और जबलपुर की दो फर्मों को सहारा सिटी की करीब 110 एकड़ जमीन खरीदी का काम दिया गया। ये दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म हैं। इस जमीन को कमर्शियल के बजाय कृषि भूमि बताकर पंजीयन शुल्क की चोरी की गई। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि यह जमीन 50 करोड़ में बेची गई, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ था। इधर ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मूल्य कलेक्ट्रेट गाइडलाइन के मुताबिक तय किया गया था। वहीं 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में इस जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी। माइनिंग कान्क्लेव में निवेश के बाद जांच ठंडी दरअसल, मेसर्स नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सहारा कंपनी से जमीने खरीदीं। 2022 में हुए इस सौदे के दौरान नायसा देव बिल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स और प्राधिकृत अधिकारी को ईओडब्ल्यू ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया भी था। जानकार बताते हैं कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों की जांच में तीन पदाधिकारियों के नाम थे। जांच अधिकारियों ने यह पता लगाया कि नायसा कंपनी ने सहारा से खरीदी गई जमीन के एवज में कितनी रकम और किस माध्यम से सहारा को दी। इसके लिए ईओडब्ल्यू ने इनके बैंक खातें भी खंगाले, जिनसे जमीन के पैसों का भुगतान किया गया। हालांकि कंपनी में माइनिंग कान्क्लेव में सायना ग्रुप के बड़े निवेश के बाद मामला ठंडा करने में कई जुट गए, जिससे ईओडब्ल्यू की जांच ठंडी पड़ गई। खनिज से कलेक्टर के बीच घूम रही फाइल खनिज विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बनाई गई जांच टीम ने जब सिहोरा, घुघरी कला समेत कई जगहों की जांच की तो वे भी हैरान हो गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान यह देखा गया कि जिस जमीन के उत्खनन का लाइसेंस लिया गया है, उससे लगी हजारों एकड़ जमीन में भी अवैध उत्खनन कर दिया गया। इस जमीन को जब गूगल और सैटेलाइट के माध्यम से खंगाला गया तो पता चला कि यह काम आज का नहीं बल्कि पिछले 10 सालों से जारी है। विभाग ने संजय पाठक की तीनों कंपनी निर्मला मिनरल, आनंद माइनिंग कार्पोरेशन और मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम पर जारी आठ खदानों को खंगाला तो करीब 443 करोड़ का अवैध उत्खनन पाया गया। इसे वसूलने का काम जबलपुर कलेक्टर को दिया है। भोपाल से फाइल आए हुए करीब 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक कुल जुर्माने की राशि का आकलन नहीं हो सका है।

MP और महाराष्ट्र में बाघों के शिकार पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, उठे संगठित गिरोहों के सवाल

भोपल  सुप्रीम कोर्ट ने  केंद्र सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और अन्य से उस जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कथित संगठित बाघ शिकार और अवैध वन्यजीव व्यापार रैकेट की सीबीआइ जांच की मांग की गई है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ वकील गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सक्रिय संगठित शिकार गिरोहों द्वारा बाघों के लिए उत्पन्न गंभीर खतरे पर प्रकाश डाला गया था। बंसल ने कहा कि कम से कम 30 प्रतिशत बाघ निर्दिष्ट बाघ अभयारण्यों के बाहर हैं और उन्होंने बाघों के बड़े पैमाने पर शिकार की खबरों का हवाला दिया। इन बिंदुओं पर दायर हुई है याचिका महाराष्ट्र सरकार की एसआईटी जांच में शिकारी, तस्करों और हवाला नेटवर्क का संगठित गिरोह सामने आया। यह गिरोह बाघों की खाल, हड्डियां और ट्रॉफी को राज्य की सीमाओं से बाहर और विदेशों तक तस्करी करता है। याचिका में रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि बाघों का शिकार अब संरक्षित क्षेत्रों से बाहर वन प्रभागों और कॉरिडोर में ज्यादा हो रहा है, जहां निगरानी और सुरक्षा बेहद कमजोर है। वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने इन क्षेत्रों को बाघों के फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश पीठ ने केंद्र एवं अन्य प्राधिकारियों की ओर से अदालत में पेश हुईं अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से याचिका पर निर्देश लेने को कहा। याचिका में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बाघों के व्यवस्थित शिकार और राज्यों एवं म्यांमार तक फैले बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश का हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है, ''कई आरोपितों की गिरफ्तारी, बाघों की खाल, हड्डियां, हथियार और वित्तीय रिकार्ड की जब्ती, साथ ही एसआइटी के गठन से यह स्पष्ट हो गया है कि यह समस्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरे आपराधिक नेटवर्क के अस्तित्व को दर्शाती है जो कानून के शासन को कमजोर करता है।'' बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन शिकारियों के आसान शिकार याचिका में यह भी कहा गया है कि अधिसूचित बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन क्षेत्र बार-बार शिकारियों का आसान निशाना बन गए हैं। इसके फलस्वरूप कार्रवाई करने की वजहें और भी मजबूत हो जाती हैं। सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है, ''जब तक यह अदालत हस्तक्षेप नहीं करती और एक व्यापक, स्वतंत्र और समन्वित जांच का निर्देश नहीं देती, तब तक राष्ट्र की पारिस्थितिक सुरक्षा और राष्ट्रीय पशु के अस्तित्व को गंभीर खतरा रहेगा।'' याचिका में यह भी कहा गया है, ''प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को एसआइटी की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और बाघ अभयारण्यों से सटे बाघ गलियारों और प्रादेशिक वन प्रभागों में प्रभावी सुरक्षा, निगरानी और गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया जाए, और उन्हें मुख्य क्षेत्रों के समान माना जाए।'' याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और एनटीसीए को पक्ष बनाया गया है। बंसल ने अदालत में कहा याचिकाकर्ता के वकील बंसल ने कहा कि भारत में 30% से अधिक बाघ संरक्षित क्षेत्रों के बाहर पाए जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्करी का यह संगठित नेटवर्क वन गुर्जर समुदाय जैसे आदिवासी समूहों से जुड़े गिरोहों को भी शामिल करता है। उन्होंने अदालत से मांग की कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।  

बड़वारा को मिलेगी बड़ी सौगात: CM डॉ. यादव करेंगे 233 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ

भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 18 सितंबर को कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड मुख्‍यालय में बड़वारा और विकासखंड रीठी में नवनिर्मित सांदीपनि स्‍कूल भवनों के लोकार्पण सहित 233.82 करोंड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां 106.18 करोड़ रूपये के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और 127.64 करोड़ रूपये के 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण भी करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव बड़वारा में मुख्‍यमंत्री नि:शुल्‍क स्‍कूटी वितरण योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी छात्रवृत्ति राशि, मुख्‍यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन और ई-कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव सेवा पखवाड़ा अभियान की थीम पर आयोजित वृहद प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी में राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वोकल फॉर लोकल की भावना को सशक्‍त करने के उद्देश्य से स्‍व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्‍पादों और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्‍द्र के द्वारा एक जिला एक उत्‍पाद के तहत कटनी सैंड स्‍टोन से निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा यहां विशेष शिविर लगाकर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण, आयुष्‍मान कार्ड निर्माण और स्‍वस्‍थ्‍य नारी, सशक्‍त परिवार की थीम पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास द्वारा गैर संचारी रोगों की स्‍क्रीनिंग और  अन्‍न से निर्मित उत्‍पादों व खाद्य पदार्थों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा दिव्‍यांगजनों की ई-स्‍क्रीनिंग और कृत्रिम उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा पखवाड़ा’ के विभिन्‍न घटकों को प्रदर्शित करने वाले क्रियाकलापों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण करेंगे और छात्रों की कक्षा में पहुंच कर चर्चा करेंगे।     

बारिश बनी आफत: इंदौर में मासूम की मौत, उज्जैन के मंदिरों में जलभराव, भोपाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

इंदौर इंदौर शहर में बुधवार रात हुई तेज बारिश में मायाखेड़ी क्षेत्र में ओमेक्स सिटी के करीब एक बच्चा तेज पानी के बहाव में नाले में बह गया। बच्चे का नाम राजवीर मालवीय बताया जा रहा है और उसकी उम्र करीब 8 साल है। जानकारी के मुताबिक देर रात तेज बारिश के दौरान राजवीर के पिता राजपाल उसे एक जगह पर खड़े करके अपनी गाड़ी पार्क करने गए, जब वो वापस लौटे तो बच्चा वहां पर नहीं था। रात में ही परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। अंधेरा होने की वजह से बच्चे को खोजा नहीं जा सका। गुरुवार सुबह लसूड़‍िया थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने एक बार फिर सर्चिंग शुरू की तो राजवीर का शव मिला। बच्चे का शव कुछ दूरी पर एक पुल में फंसा हुआ मिला। आशंका जताई जा रही है कि बारिश में फिसलने की वजह से वो नीचे गिर गया और पानी के बहाव में बह गया। घटना के बाद राजवीर के माता-पिता सदमे में हैं, वो उनका एकलौता बेटा था। उधर इलाके के लोग नाले के आस-पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वहां दीवार या जाली लगी होती तो बच्चा अंदर नहीं बहता। भोपाल में सबसे ज्यादा ढाई इंच पानी गिर गया। शाजापुर में 2.1 इंच, इंदौर में 2 इंच, उमरिया में 1.9 इंच, उज्जैन-सिवनी में 1.8 इंच, रीवा में 1.6 इंच, टीकमगढ़ में 1.3 इंच बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से बादल छाए हुए हैं। कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इस मानसूनी सीजन में औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से 7 इंच ज्यादा है। रायसेन, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दतिया, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, बैतूल, सीधी, नरसिंहपुर, गुना, दमोह, पांढुर्णा, डिंडौरी, विदिशा और सीहोर में भी बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। सीजन में चौथी बार खुले भदभदा डैम के गेट भोपाल में शाम 7:30 बजे से रात 11:30 बजे तक सिर्फ 4 घंटे में लगभग ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़ा तालाब एक बार फिर लबालब भर गया, जिससे रात में भदभदा डैम का एक गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। इस मानसून सीजन में चौथी बार डैम का गेट खोला गया है। 4 दिन प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट नहीं मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन लोकल सिस्टम की वजह से पानी गिर सकता है। पिछले एक सप्ताह से ऐसा ही हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। यदि वापसी की यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में अगले हफ्ते ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

फायरिंग केस: दिशा पाटनी के घर तक ऐसे पहुंचे हमलावर, लाल जूतों ने खोला राज, इनाम घोषित

बरेली  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर दो दिन हमला हुआ था। गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह का शूटर विजय व नकुल ने 11 सितंबर की सुबह 4.30 बजे फायरिंग की थी मगर, प्रकरण चर्चा में नहीं आ सका।  मारे गए शूटरों की पहचान रविंद्र (रोहतक) और अरुण (सोनीपत) के रूप में हुई है। इन दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंट के दौरान शूटरों के पास से जिगाना पिस्टल बरामद हुई है। दिल्‍ली के नामी गैंगस्‍टर्स को भी यह पिस्‍टल बड़ी पसंद है। तुर्की में बनने वाली जिगाना पिस्‍टल खरीद पाना सबके बस की बात नहीं।  वे दोनों फायरिंग कर स्पलेंडर बाइक से लौटते समय झुमका चौराहा के पास पहुंचे, तभी रांग साइड में अपाचे बाइक पर लाल जूते पहने रविंद्र व अरुण शहर के अंदर प्रवेश कर रहा था।  इसके बाद विजय व नकुल दिल्ली की ओर लौट गया, जबकि आगे की घटना का जिम्मा रविंद्र व अरुण ने ले लिया था। दोनों बदमाश रेकी के बाद रामपुर के घमौरा में अपना पंजाब होटल में रुके।  इसके बाद 12 सितंबर की रात दो बजे वहां से निकलकर तड़के दिशा पाटनी के घर पहुंचे थे। फायरिंग के बाद दोनों आरोपित भागे मगर, सोमवार को गाजियाबाद में ढेर कर दिए गए। इन दोनों एवं फरार विजय व नकुल पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका था।  2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शहर, हाईवे और टोल प्लाजा के 2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो कई सुराग मिले। रविंद्र व अरुण 12 सितंबर की रात 2.32 बजे झुमका चौराहा (दिल्ली से आते समय शहर का प्रवेश द्वार) पहुंचा था। वहां 22 मिनट तक रुककर एक दुकान पर चाय पी, कैश में पेमेंट किया।  इसके बाद दोनों 3.24 बजे चौपुला चौराहा, फिर 3.33 बजे दिशा पाटनी के घर पहुंच गए। बाइक चला रहा अरुण हेलमेट लगाए था, जबकि विदेशी पिस्टल से फायरिंग करने वाला रविंद्र लाल जूते पहनकर पीछे बैठा था।  अंधेरे में नजर नहीं आ रहे थे चेहरे एसएसपी ने बताया कि अंधेरा होने के कारण कई फुटेज में शूटर्स के चेहरे स्पष्ट नहीं हो रहे थे मगर, हर जगह अरुण के लाल जूते तस्दीक करते रहे। इसी के सहारे अंधेरे वाली अस्पष्ट फुटेज की कड़ियां भी जोड़ी गईं, जिनके सहारे शूटर्स की लोकेशन पता चलती गई।  इसके बाद हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान पुलिस की मदद से गिरोह के 515 बदमाशों की एलबम बनाई। इससे मिलान करने के बाद स्पष्ट हो गया कि फायरिंग अरुण व रविंद्र ने की थी। तभी से टीमें उन दोनों के पीछे लगी थीं। बेखौफ बदमाश बिना चेहरा छिपाए आए थे।  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी का घर है। वह मुंबई, जबकि पिता रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी, मां पदमा व बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी यहां रहती हैं।  जगदीश ने बताया कि 11 सितंबर को फायरिंग की जानकारी उन्हें सुबह हुई, जब पड़ोसियों ने बताया। इसके बाद 12 सितंबर को तड़के आहट होने पर बालकनी में आए तो बाइक सवार बदमाश फायरिंग कर फरार हो गए थे।  उसी दोपहर को गोल्डी बराड़ गिरोह ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखकर और दिल्ली में कुछ मीडिया हाउस को पुर्तगाल के फोन नंबर से वाइस मैसेज भेजकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।  जगदीश की तहरीर पर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छह पुलिस टीमें तलाश में लगाई गईं, जिसमें चार एसपी शामिल थे। जांच के आरंभिक 24 घंटे में पुलिस को पता चल गया था कि दिल्ली की ओर से आए बदमाश फायरिंग करने के बाद नैनीताल रोड पर भागे।  यह था विवाद जुलाई में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने ‘लिवइन रिलेशनशिप’ पर एतराज जताते हुए टिप्पणी की थी। इस पर खुशबू पाटनी ने वीडियो जारी कर तल्ख शब्दों में अनिरुद्धाचार्य का विरोध किया था।  इंटरनेट मीडिया पर बहस के बीच यह भी चर्चा उठी कि खुशबू ने संत प्रेमानंद के विरुद्ध भी बयान जारी किया। इस पर खुशबू ने सफाई दी कि उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के विरुद्ध कभी कुछ नहीं कहा।  गोल्डी बराड़ गिरोह ने खुशबू के विरोध वाले बयान से नाराज होकर हमला कराया था। उसने इंटरनेट मीडिया पर लिखा था कि दिशा पाटनी व खुशबू ने संतों का अपमान किया, इसलिए हमला कराया। इस बहाने उसने बॉलीवुड को भी धमकाया कि वहां सनातन के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है।