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हरियाणा-पंजाब CM की बैठक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सहयोग का आश्वासन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल पहुंचे और पंजाब के सीएम भगवंत मान से मुलाकात की। सैनी ने मान के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।  दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में बाढ़ के हालातों की जानकारी ली और कहा कि बाढ़ के चलते उत्पन्न हुए हालात में हरियाणा पंजाब के साथ खड़ा है। सैनी ने पंजाब सीएम को हर संभव सहयोग का भी भरोसा दिया और कहा कि हरियाणा सरकार और प्रत्येक हरियाणावासी संकट की इस घड़ी में पंजाब के साथ है। मुख्यमंत्री ने पंजाब के इस स्थिति से जल्द उबरने और पंजाब सीएम के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने आज पंजाब के मोहाली में पंजाब के सीएम से मुलाकात की. दरअसल, पंजाब के सीएम पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती है. सीएम सैनी पंजाब के सीएम का हाल जानने के लिए गए थे. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तकरीबन 20 मिनट तक भगवंत मान से बातचीत की और उनका हालचाल जाना. इस दौरान नायब सैनी ने भगवंत मान से पंजाब में बाढ़ संबंधी हालातों की जानकारी ली. साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया. सीएम ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी: वहीं, हरियाणा के सीएम ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, "हम पड़ोसी धर्म निभा रहे हैं. मैं पंजाब के मुख्यमंत्री का हालचाल पूछने गया. उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. मैंने उनसे पंजाब के बारे में बातचीत की है. मैंने बताया कि हरियाणा के लोग भी पंजाब में सहायता पंहुचा रहे हैं. हम आगे भी सहायता करेंगे. पंजाब हमारा भाई है. हमारा परिवार है. हरियाणा सरकार और हरियाणा के लोग पंजाब के साथ खड़े हैं, क्योंकि यह हमारा परिवार है.जब मैं हरियाणा के गांव में गया तो उन्होंने अपनी बात कम और पंजाब की बात ज्यादा की." भगवंत मान का हाल जानने अस्पताल पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब  सीएम सैनी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा: वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री की पंजाब की सीएम से मुलाकात को लेकर हरियाणा जनसंपर्क विभाग ने ट्विट कर जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक CM भगवंत मान से हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने मुलाकात की. तकरीबन 20 मिनट तक दोनों ने महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. सीएम नायब ने पंजाब CM भगवंत मान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की.उन्होंने पंजाब में बाढ़ से उत्पन्न हालातों पर चर्चा की और कहा—"हरियाणा सरकार एवं जनता इस संकट की घड़ी में पंजाब के साथ मज़बूती से खड़ी है." बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान करने के दौरान बिगड़ी थी तबियत: पंजाब के सीएम भगवंत मान की पिछले दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी. हालांकि अब उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. लेकिन अभी वो डॉक्टरों की निगरानी में हैं. डॉक्टरों की मानें तो सीएम मान को धड़कन धीमी होने और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था.

धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में निकलेगी सनातन पदयात्रा, दिल्ली से वृंदावन तक

 छतरपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति भी गरमाने लगी है। अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा को लेकर भी माहौल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक लगभग 170 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालेंगे। अब इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक पारा हाई होने लगा हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 से 16 नवंबर के बीच दिल्ली से वृंदावन तक 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकालेंगे. इस पदयात्रा की तैयारियों के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है. शास्त्री ने संत मिलन के अवसर पर सभी संतों का आशीर्वाद लिया और यात्रा के लिए सहयोग मांगा. संतों और प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में तन, मन, धन से यात्रा का समर्थन करने और इसे सफल बनाने का वचन दिया.  संतों ने इसे राष्ट्रीय यज्ञ बताते हुए इसमें आहुति देने की अपील की. वृंदावन के श्रीकृष्ण धाम में आयोजित संत मिलन में बृजवासी सेवा न्यास, गोस्वामीजन, कथा प्रवक्ता, तीर्थ पुरोहित, पंडा महासभा, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, अखिल भारतीय सन्यासी परिषद और वृंदावन के आश्रम प्रमुख शामिल हुए.  सभी ने अपने विचार रखे और वचन दिया कि जिस मठ से यात्रा गुजरेगी, वहां भव्य स्वागत होगा. संतों ने अपने अनुयायियों और समर्थकों के साथ यात्रा में शामिल होने की बात कही. चर्चा में यह भी तय हुआ कि ब्रज क्षेत्र में प्रवेश करते ही बृजवासी भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं संभालेंगे. समागम में श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर, गीता मनीषी, गिरीशानंद महाराज, चित्त प्रकाशानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज और विनोद बाबा के प्रतिनिधि सहित अन्य मौजूद रहे. संत समागम का हुआ आयोजन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी। दावा किया जा रहा है कि यह अब तक की सबसे विशाल पदयात्रा होगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं और देशभर से आए संतों की भागीदारी रहेगी। इस यात्रा को लेकर बीते दिनों वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में संत-समागम आयोजित हुआ।इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और देशभर से आए 200 से अधिक संतों और महंतों ने हिस्सा लिया था। बैठक में यात्रा की अनुशासन, धार्मिक मर्यादा और रूपरेखा पर चर्चा की गई है। वैचारिक आंदोलन का बताया उद्देश्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ वैचारिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक। यमुना नदी का शुद्धिकरण और मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रगीत का वादन। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सनातनी एकजुट नहीं होते, उनका प्रयास जारी रहेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यहां तक कहा कि जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान नहीं हो जाते, संघर्ष चलता रहेगा। यह तो केवल झांकी है, असली फिल्म अभी बाकी है। यात्रा पर सियासत तेज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, किसी साधु-संत के कहने से नहीं। साधु-संत जिसकी भाषा बोल रहे हैं वो किसी से छुपी नहीं। वो हिन्दू-मुस्लिम कराना चाहते हैं। वोटों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। ये लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। हम लोग उनसे कम हिन्दू नहीं है, लेकिन वो हिन्दू होने का सर्टिफिकेट बांटते हैं। सरकार से कर दी मांग सपा प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि अगर मंशा उनकी ठीक नहीं तो सरकार को इस यात्रा पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उनकी मंशा ठीक नहीं, वह हिन्दू मुस्लिम कराना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते है। वो किसी के बहकावे, इशारे और स्पॉन्सरशिप पर इस तरह की यात्रा निकालने जा रहे हैं। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा ने एक ओर जहां धार्मिक उत्साह को हवा दी है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और यमुना की स्वच्छता की मांग  मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए. उन्होंने वृंदावन को मांस और मदिरा से मुक्त करने, गौ वध पर पूर्ण रोक लगाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. यमुना नदी को स्वच्छ करने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के शीघ्र निपटारे की भी मांग उठी. दिल्ली से आए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ किया जाएगा. बागेश्वर महाराज का सम्मान ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संरक्षक मृदुलकांत शास्त्री ने बागेश्वर महाराज को चुनरी ओढ़ाकर और श्रीमद् भागवत गीता भेंटकर सम्मानित किया. संत मिलन में मौजूद सभी प्रतिनिधियों और देवालयों ने भी उनका स्वागत और सम्मान किया. शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा जात-पात, क्षेत्रवाद और भाषावाद के भेद मिटाने के लिए है. यह सनातन धर्मावलंबियों की साझा यात्रा है, जिसमें सभी को सहभागी होना चाहिए.

सीएम सैनी नग्गल में पहुंचे, जलभराव का निरीक्षण, किसानों के साथ विवादित स्थिति बनी

नग्गल   अंबाला सिटी के नग्गल में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। किसानों की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। किसान नेता जय सिंह जलबेड़ा और अन्य कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। जय सिंह ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर धार्मिक चिन्ह तोड़ने और कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया।  मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं  किसानों की समस्याएं सुनते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तुरंत स्थिति को संभाला और किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया। किसान नेता कुलदीप सिंह मोहड़ी और जय सिंह जलबेड़ा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने नग्गल क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि सेगती गांव के पास बने बांध के कारण जलभराव हो रहा है। पहले वहां पानी की निकासी के लिए मोटर लगी होती थी, जो अब बंद है। उन्होंने मोटरों को फिर से चालू करने की मांग की। किसानों का प्रशासन पर आरोप किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि 28 जुलाई को अंबाला शहर की नई अनाज मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोका था। इस पर मुख्यमंत्री सैनी ने जय सिंह जलबेड़ा का हाथ पकड़कर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। जैसे ही उन्हें किसानों की मौजूदगी का पता चला, उन्होंने तुरंत मुलाकात का निर्देश दिया। किसान नेताओं ने महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सोमवार को नग्गल थाने का घेराव किया जाएगा और इस संबंध में शिकायत दर्ज की जाएगी। 

गोबरी नाला निर्माण कार्य का मंत्री राजवाड़े ने लिया जायजा, दिए जरूरी निर्देश

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान विकासखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली गोबरी नदी पर निर्माणाधीन अस्थायी रपटा पुल का आज  स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लेते हुए लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में तेजी लाई जाए और कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पुल निर्माण में लगे तकनीकी अमले और जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसकी प्राथमिकता सर्वोच्च स्तर पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि भारी वर्षा के कारण दो माह पूर्व गोबरी नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते खुटरापारा, डबरीपारा, गंगोटी, बांसापारा सहित 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण आवागमन में कठिनाई का सामना कर रहे थे। रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की शिक्षा और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि अस्थायी रपटा निर्माण शीघ्र ही पूर्ण होगा, जिससे आवागमन सामान्य हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।अस्थायी रपटा पुल के शीघ्र तैयार हो जाने से डुमरिया से गंगोटी मार्ग पर यातायात बहाल होगा और हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।    

CM नीतीश का तोहफा, आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय हुआ बढ़ा, अब मिलेगा ₹9,000

पटना  बिहार की नीतीश कुमार सरकार राज्य विधानसभा चुनाव के पहले सौगातों की झड़ी लगा रही है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आगे बढ़कर आंगनबाड़ी सेविका और आंगनबाड़ी सहायिका के मानदेय को बढ़ाने का एलान किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7 हजार से बढ़ाकर 9 हजार किया जा रहा है। इसी तरह, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर साढ़े 4 हजार किया जा रहा है। उनके निर्देश पर विभाग इसका प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा। मंगलवार को कैबिनेट में उस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर कही ये बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए समेकित बाल विकास परियोजना के तहत छह तरह की सेवाएं दी जा रही हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों तक पहुंचाई जाती हैं। इसमें आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं।     राज्य में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी इसी भूमिका का सम्मान करते हुये हमलोगों ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रूपये से… उन्होंने बताया कि इनके योगदान को देखते हुए मानदेय राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे सभी सेविकाओं और सहायिकाओं का उत्साह बढ़ेगा और समेकित बाल विकास सेवाएं और बेहतर तरीके से चल सकेंगी। अब आंगनबाड़ी सेविका को 7,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिका को 4,000 रुपये की जगह 4,500 रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण और जीवन स्तर सुधारने में मदद करेगा।  महिला रोजगार योजना की शुरुआत इससे पहले कल यानी रविवार को मुख्यमंत्री ने महिला रोजगार योजना के ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इस योजना के तहत बिहार सरकार हर घर की एक महिला को 10,000 रुपए देगी। चुनाव से पहले सरकार इस पर करीब 27 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। 2 सितंबर को सरकार ने इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपए कैबिनेट से पास कर दिया गया था। इस मौके पर CM ने कहा, 'महिलाओं की मांग पर ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई। अब महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं रोजगार तथा उद्यम का भी नेतृत्व कर सकती हैं। विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने का काम शुरू किया गया है। इसका परिणाम है कि अब स्वयं सहायता समूहों की संख्या11 लाख से अधिक हो गई है, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदी जुड़ी हैं।' अब जानिए महिलाओं को लेकर नीतीश कुमार की बड़ी घोषणाएं और उसके मायने 1. जीविका दीदियों के लोन का ब्याज घटाया, कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी हुई 21 जून 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों और कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े फैसले किए। पहला- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को 3 लाख से ज्यादा के बैंक लोन पर 3 फीसदी की कटौती कर दी। उन्हें अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पहले 3 लाख रुपए से ज्यादा के बैंक ऋण पर 10% ब्याज देना पड़ता था। दूसरा- जीविका कर्मचारियों की सैलरी डबल जीविका स्वयं सहायता समूह के सभी 1 लाख 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी को दोगुना कर दिया गया। इससे ऐसे में ब्लॉक कर्मचारियों को 50 हजार और गांव के कर्मचारियों को 25 हजार रुपए तक की सैलरी मिलेगी। इसके मायने क्या हैं- CM नीतीश कुमार के मुताबिक, 2006 में शुरू हुई जीविका परियोजना से लगभग 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। लोन के ब्याज में कटौती से उन्हें सीधा फायदा होगा। जीविका से अमूमन गरीब तबके की महिलाएं जुड़ी हैं। सरकार के फैसले से उन पर बड़ा असर पड़ेगा। 2. महिलाओं के रिजर्वेशन में डोमिसाइल नीति लागू 8 जुलाई को नीतीश कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 35 फीसदी क्षैतिज आरक्षण में डोमिसाइल नीति को लागू कर दिया। यानी अब दूसरे राज्य की महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें सामान्य श्रेणी में ही आवेदन करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार 1 लाख टीचरों, 6500 लाइब्रेरियन, सिपाही, इंजीनियर आदि की बहाली निकालने वाली है। इन बहालियों में डोमिसाइल लागू रहेगा। इसके मायने क्या हैं- चुनाव से पहले पढ़ी-लिखी महिलाओं को अपने पाले में करने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है। बिहार में होने वाली सरकारी नौकरी की बहाली में डोमिसाइल को लागू करने की मांग पुरजोर तरीके से उठ रही थी। ऐसे में नीतीश सरकार ने पूरी बहाली में इसे लागू ना कर महिलाओं की कैटेगरी में लागू किया है। 3. आशा-ममता कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ा 30 जुलाई को सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं के पैसे में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब ‘आशा’ को 1 हजार की बजाय 3 हजार मासिक और ‘ममता’ को प्रति प्रसव 300 की जगह 600 रुपए मिलेंगे। इससे 95 हजार ‘आशा’ और 4600 ‘ममता’ कार्यकर्ताओं को फायदा होगा। और 29 हजार आशा कार्यकर्ताओं की बहाली चल रही है। इसके मायने क्या हैं- आशा और ममता कार्यकर्ताओं की पहुंच घर तक होती है। इनकी संख्या भी ठीक-ठाक है। पैसा बढ़ने से इनका मनोबल बढ़ेगा और सरकार की बातों को घर-घर तक पहुंचा सकती है। 4. सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपए प्रति महीन से बढ़ाकर 1100 प्रति माह होगी। लाभार्थियों को जुलाई से पेंशन बढ़ी हुई दर पर मिलेगी। खाते में यह राशि महीने की 10 तारीख को जाएगी। इससे विधवा महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को फायदा होगा। इनकी संख्या करीब एक करोड़ 9 लाख है। इसके मायने क्या हैं- 2020 विधानसभा चुनाव में बुजुर्गों के अंदर NDA के प्रति गुस्सा दिखा था। CSDS-लोकनीति के पोस्ट पोल सर्वे में बताया गया कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों ने NDA को 5 फीसदी … Read more

रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री यादव बोले- सरकार की योजनाओं से जुड़ें, भविष्य को बनाएं उज्ज्वल

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज रिसाली दशहरा मैदान, भिलाई में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज द्वारा आयोजित विशाल अभिनंदन समारोह में शामिल होकर समाज के विकास हेतु कई घोषणाएं कीं। उन्होंने चार सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए प्रत्येक को 20-20 लाख रुपये, कुल 80 लाख रुपये तथा 5 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने दुर्ग स्थित पचरीपारा में आयोजित सम्मान समारोह में यादव महिला छात्रावास निर्माण हेतु 30 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में समाजजनों ने पारंपरिक नृत्य-गान के साथ मंत्री यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें समाज की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा और सजी हुई लाठी भेंट की गई। विभिन्न जिलों से आए यादव समाज के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। अपने उद्बोधन में मंत्री यादव ने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी आर्थिक रूप से पिछड़ा है, जिसे मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर समाज के लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं से जुड़ें और अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाकर समाज को नई दिशा प्रदान करें। मंत्री यादव ने इस अवसर पर पाटन सरपंच की मांग पर शासकीय प्राथमिक शाला परेवाडीह के जीर्णाेद्धार की भी घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, झेरिया यादव समाज प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव, प्रदेश संरक्षक जगतराम यादव एवं सुकालु राम यदु, प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह यादव, रिसाली पूर्व मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र शेन्डे, प्रदेश सचिव सुंदर लाल यादव सहित समाज के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। क्रमांक-3737/चन्द्रवंशी

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ‘नवगुरुकुल’ पहुंचे, छात्राओं को दी आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सीख

120 छात्राएँ ले रही हैं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण रायपुर रायगढ़ जिले के मेहनती और वंचित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित नवगुरुकुल प्रशिक्षण केंद्र का रविवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने गढ़उमरिया पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 120 छात्राओं से संवाद किया और अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वित्त मंत्री चैधरी ने छात्राओं से बातचीत करते हुए अपने बचपन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मात्र 8 वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने सरकारी स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवगुरुकुल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में 120 छात्राएँ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, भविष्य में इसे और विस्तारित किया जाएगा। छात्राओं की सफलता इस विस्तार की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण में फिटनेस, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियाँ शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि छात्राओं का शारीरिक और मानसिक विकास समान रूप से हो सके। वित्त मंत्री ने नवगुरुकुल में छात्राओं के लिए उपलब्ध भोजन, आवास, इंटरनेट, बिजली और पाठ्य सामग्री जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो छात्राएँ बेहिचक बताएं, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। नवगुरुकुल: सशक्तिकरण का नया अवसर वित्त मंत्री ओपी चैधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ में जिला प्रशासन की पहल से संचालित नवगुरुकुल में 120 छात्राओं को निःशुल्क आवासीय दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोजन और आवास सहित सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। नवगुरुकुल एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य वंचित युवाओं को गरिमामय करियर दिलाना है। यहाँ छात्राओं को इंजीनियरिंग, प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं और कई पूर्व छात्राएँ आज 12-18 लाख रुपये वार्षिक तक का वेतन कमा रही हैं। नवगुरुकुल की नेतृत्व टीम में आईआईटी, एनआईटी, सेंट स्टीफेंस कॉलेज और हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्र शामिल हैं। इस संस्थान ने शिक्षा और पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी एकीकृत किया है, ताकि छात्राएँ भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। वर्तमान में देशभर में नवगुरुकुल के 9 परिसरों में 1,100 से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। रायगढ़ में यह केंद्र जिला प्रशासन के सहयोग से केआईटी कॉलेज परिसर में संचालित हो रहा है, जिससे यहाँ की बालिकाएँ आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।  

प्रदेश भर से आये पीड़ितों की समस्याओं से मुखातिब हुए सीएम योगी, निस्तारण के दिए निर्देश

आमजन से व्यवहार ठीक रखें जनसेवक, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री योगी  प्रदेश भर से आये पीड़ितों की समस्याओं से मुखातिब हुए सीएम योगी,  निस्तारण के दिए निर्देश सहारनपुर से आई महिला ने राशन कार्ड न होने पर राशन डीलर द्वारा अभद्रता की शिकायत की  सीआरपीएफ के जवान की भी सुनीं समस्या, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से कहा- शीघ्र निराकरण कराएं जमीन से जुड़े मामले लेकर भी पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री ने गाजीपुर से आये दिव्यांग की सुनी फरियाद, इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भेंट की आर्थिक सहायता का पत्र लेते हुए सीएम ने महिला से कहा-हॉस्पिटल से लेकर एस्टिमेट दें, सरकार सहायता करेगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आये पीड़ितों की शिकायतें सुनीं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जनता दर्शन में 50  से अधिक पीड़ित पहुंचे। सहारनपुर से आई महिला ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। जब वे राशन लेने गईं तो राशन डीलर अभद्रता करता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जनसेवक आमजन से व्यवहार ठीक रखें। किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा।  जमीन के आए मामलों का भी लिया संज्ञान  सोमवार को 'जनता दर्शन' में सर्वाधिक मामले जमीनी विवाद से जुड़े आए। प्रयागराज से आए सीआरपीएफ के जवान ने भी जमीन से जुड़े मामले को लेकर सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को इस प्रकरण के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया। शामली से भी एक महिला अपनी शिकायत लेकर आईं, बताया कि उनके पति असम में तैनात हैं। उन्होंने भी बताया कि प्रयागराज में जमीन ली है, लेकिन कब्जा लेने में परेशानी आ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया।  आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार  'जनता दर्शन' में आईं मंजू देवी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि अपोलो में इलाज चल रहा है। इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिला दी जाए। इस पर सीएम ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज में खर्च की चिंता सरकार करेगी।  गाजीपुर से आए दिव्यांग को सीएम ने दी इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक  'जनता दर्शन' में दिव्यांग भी पहुंचे। गाजीपुर से दिव्यांग उधम यादव ने पेंशन बढ़ाने, आयुष्मान कार्ड, हैंडपंप व आवास दिलाने को लेकर सीएम को प्रार्थना पत्र दिया। सीएम ने तत्काल उनकी समस्या के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अफसरों को निर्देश दिया।  सीएम ने उधम यादव को इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भी प्रदान की।   बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।  

शिप्रा पुल से कार गिरी, टीआई मृत, एसआई और महिला कांस्टेबल की तलाश जारी

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में बड़ा हादसा सामने आया है. यहां शिप्रा नदी के पुल से बीती रात एक कार नीचे जा गिरी. लोगों को पता चला तो सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. रात में रेस्क्यू के दौरान कार के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका. आज सुबह जब दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ तो उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद किया है. थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार हादसे में मृत थाना प्रभारी अशोक शर्मा का रविवार को चक्रतीर्थ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब थाना प्रभारी अशोक शर्मा दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उज्जैन से उन्हेल लौट रहे थे. कार नदी में कैसे गिरी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है.  थाना प्रभारी का किया गया अंतिम संस्कार, SI और आरक्षक की खोज के लिए अभियान जारी  शिप्रा नदी में हुए कार हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस विभाग के लिए बेहद ही विचलित करने वाले खबर रही। रविवार को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर एसआई और आरक्षक को खोजने के लिए अभियान शुरू हुआ। जिसमें NDRF के 30 और होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 लोग जुटेंगे। उज्जैन में शनिवार को शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए 3 पुलिसकर्मियों में से 2 की तलाश अब भी जारी है। आज सुबह तक रेस्क्यू टीमें एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का पता नहीं लगा सकी हैं। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटना स्थल से 4 किलोमीटर दूर मिला था। इसके बाद रेस्क्यू अभियान तेज किया गया। लेकिन रविवार देर रात तक चली सर्चिंग के बावजूद न तो कार मिल पाई और न ही दोनों पुलिसकर्मियों का कोई सुराग मिला। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर से एसआई और आरक्षक की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ है, जिसमें NDRF के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 सदस्य जुटे हैं। कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना इलाके से दो दिन पहले 14 वर्षीय लड़की गुमशुदा हो गई थी। इसी मामले में तीनों पुलिसकर्मी चिंतामन की ओर जा रहे थे। सफेद रंग की कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। यह कार उन्हीं की थी। सर्चिंग बनी बड़ी चुनौती पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी बाधा बन रही है। आशंका है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं। इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। सर्चिंग में ड्रोन की मदद शनिवार देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुल पर रैलिंग नहीं होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ. आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी चुनौती बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं. इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा. घटना को लेकर उज्जैन के एसपी ने क्या कहा? एसपी उज्जैन प्रदीप शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है. हमारे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, उनके साथ निमामा साहब और एक महिला आरक्षक आरती सिंह गए थे. दो दिन पूर्व एक 14 साल की बच्ची मिसिंग हुई थी, उसी की तलाश में रात में ये लोग रवाना हुए थे. इसी दौरान इनकी गाड़ी डिस लेंस होकर बड़े पुल से नीचे गिरी. अभी करीब दो ढाई किलोमीटर आगे अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे से बरामद किया है. एनडीआरएफ की टीम लगी है, बाकी दोनों के लिए सर्च जारी है. टीआई 37 साल से सेवा में थे टीआई अशोक शर्मा (58) मूलत: बुलंदशहर, यूपी के निवासी थे। 27 मई 1988 को कांस्टेबल भर्ती हुए और एसआई रहते हुए उन्हेल थाने का प्रभार संभाल रहे थे। परिवार में पत्नी शशि व दो बेटे हैं। एक डॉक्टर है और दूसरा गुड़गांव में … Read more

रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े संबलपुर में करमा तिहार उत्सव में हुईं शामिल

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और जनभावनाओं से जुड़े करमा तिहार पर्व का आयोजन सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत संबलपुर में हर्षाेल्लास और पारंपरिक रंग-रस के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। श्रीमती राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों संग करमा पर्व के पारंपरिक गीतों और नृत्यों की छटा का आनंद लिया और ग्रामीणों को करमा तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि करमा तिहार भाईचारे, सामूहिकता और श्रम संस्कृति का पर्व है, जो हमारी ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान संबलपुर और आसपास के गांवों के कलाकारों द्वारा करमा नृत्य, पारंपरिक गीत और लोककला की प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे वातावरण उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर हो गया। ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत किया और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।