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जीएसटी सुधार को बताया क्रांतिकारी कदम, मुख्यमंत्री साय ने उज्जवल भविष्य की दी उम्मीद

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णणुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जीएसटी में जो सुधार किए गए हैं, वह देश के डेढ़ सौ करोड़ लोगों के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आया है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। मां शक्ति की अराधना के पावन पर्व 'नवरात्रि' से लागू होने वाले यह नए प्रावधान देश को आर्थिक रूप से और शक्तिशाली बनाएंगे। कांग्रेस के समय 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने  यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में कहा कि 101 वें संविधान संशोधन द्वारा 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुँच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री किया गया। अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।  90 प्रतिशत सामान सस्ते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएँ जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर व उसके कलपुर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा। प्रत्येक परिवार को कम से कम 50 हजार की बचत होगी एक परिवार जो अपने जीवन यापन के लिए 3 से 3.5 लाख प्रत्येक वर्ष खर्च करता है, उन्हें काम से कम इतना लाभ मिलेगा। इसी तरह यह सुधार कृषि क्षेत्र के लिए वरदान जैसा है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर में अलग-अलग तरह के जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। यह किसान के लिए लागत सक्षम कृषि में सहायक होगी। जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर घटाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां की 80 फीसदी आबादी कृषि करती है। जीएसटी की छूट से 25 हजार से 63 हजार तक की बचत केवल एक ट्रैक्टर की खरीदी पर होगी। 9 लाख रु के ट्रैक्टर पर 65 हजार की बचत 35 HP के ट्रैक्टर जिसकी कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार होती थी इस पर 41 हजार रु कम देने होंगे। एक किसान के लिए ये रकम बचना बहुत ज्यादा मायने रखती है। देश भर में एक वर्ष में लगभग 9 लाख ट्रैक्टर बिकते हैं, जिसमें किसानों को सीधे 6 हजार करोड़ की बचत होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 30 से 35 हजार ट्रैक्टर प्रतिवर्ष बिकने का अनुमान है, जिससे यहां के किसानों को लगभग 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत केवल ट्रैक्टर में जीएसटी रेट कम होने से होगी। ट्रैक्टर के टायर में ही 7 हजार रुपये की बचत होगी। कृषि उपकरणों जैसे हार्वेस्टर, ट्रैक्टर टायर, बागवानी मशीन, खाद बनाने की मशीन, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, सिंचाई मशीनों, कृषि मशीनरी, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर एवं अन्य पर अब केवल 5 प्रतिशत टैक्स होने से भी उत्पादन की लागत में कमी आएगी एवं मुनाफा बढ़ेगा। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पूरी तरह टैक्स फ्री मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कर छूट में एक सबसे उल्लेखनीय बिन्दु जो हमारे लिए निजी तौर पर भी संतोष देने वाला है, वह है स्वास्थ्य बीमा में जीएसटी को शून्य कर देना।  स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा उत्पादों पर कर समाप्त करने का लाभ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। यह कर छूट सभी के लिए बीमा का लक्ष्य पाने में मददगार होगा। सस्ते इलाज के संदर्भ में यह कदम ऐतिहासिक है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसके अलावा तेंदू पत्ता और लघु वनोपजों की प्रोसेसिंग मशीन में जीएसटी दर कम करने से हमारे बस्तर-सरगुजा अञ्चल के संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा। जनजातीय क्षेत्र में तेंदू पत्ता जैसे लघु वन्य उत्पार्दों की मांग अधिक बढ़ेगी, इससे प्रदेश को भी काफी लाभ होगा। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष कर महत्वपूर्ण है। इसी तरह कोयले पर सेस हटाना भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और शानदार प्रबंधन के लिए केवल प्रोत्साहन राशि के मद में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। जीएसटी अब गुड एंड सिंपल टैक्स हो गया है मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में बनी यह कौंसिल लोकतंत्रिक संघवाद का एक बेहतरीन मॉडल है। छत्तीसगढ़ से पदेन सदस्य के रूप में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने भी इस सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नया जीएसटी सुधार वास्तव में एक नए क्रांतिकारी आर्थिक युग का सूत्रपात है। इस सुधार से सबसे अधिक लाभान्वित हमारे देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग होंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक नए सुनहरे युग में प्रवेश करने जैसा है। किसानों को अधिक सक्षम और देश में रोजी-रोजगार के आधिकाधिक अवसर उपलब्ध होने से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी का पूरा प्रदेश अभिनंदन कर रहा है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ.नवीन मार्कण्डेय, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: अवैध लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई और मांस बिक्री पर कड़े नियम लागू

इंदौर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए कानूनों को लागू करने में तेजी से काम कर रही है और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। लाउडस्पीकर और मांस की बिक्री पर सख्त सरकार मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "सरकार बनते ही हमने लाउडस्पीकर के शोर को नियंत्रित किया। आप अपने धर्म का पालन करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन कानून का पालन तो सबको करना पड़ेगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने प्रदेश भर में 60,000 से अधिक अवैध लाउडस्पीकर हटाने का काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य में मांस बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा, "इस राज्य के अंदर मछली-मांस सबके ठिकाने लगाए गए हैं, अपनी सरकार के माध्यम से। कानून सबके लिए बराबर है।" विहिप की बैठक और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत यह बैठक शहर के एक निजी गार्डन में आयोजित की गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य नेता शामिल हुए। विहिप की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दलाल बाग पहुंचे और श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के 14वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल के लिए रवाना होंगे।  

कलेक्टर-कमिश्नर को मिले सख्त निर्देश, सीएम मोहन यादव ने जिलों में सफलता सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा

  मंदसौर प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े की जिलों में सफलता के लिए प्रभारी मंत्री, संभागायुक्त व कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। जिलों में कलेक्टरों को इसका नेतृत्व करना होगा, तो प्रभारी मंत्री समय-समय पर मार्गदर्शन करेंगे। जबकि संभागों में संभागायुक्त निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने मंदसौर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभागों के संभागायुक्तों व जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की और उन्हें जिम्मेदारी दी। यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार सेवा पखवाड़ा के दौरान जनसामान्य के बीच खादी की ब्रांडिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनकी खरीदी-बिक्री के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार कराना होगा। स्थानीय उत्पादों व स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की जाने वाली सामग्री के लिए प्रदर्शनी व मेले लगाने होंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर मंथन पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखने 17 सितंबर को धार के भैंसोला आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग हुई। गृह विभाग के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने गृह विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और डीजीपी कैलाश मकवाना को कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा और आमजन की आवाजाही को लेकर स्थिति साफ करने को कहा। बिंदुवार निगरानी के निर्देश दिए। सेवा पखवाड़े में यह होगा     रक्तदान शिविर लगेंगे, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा, जिसके लिए एलइडी लगाने होंगे, स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, नगरीय निकायों व पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलेगा। एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम के तहत वृक्षारोपण करना होगा।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, सागर में नमो मैराथन होगी।     27 व 28 सितंबर को कलेक्टर सामाजिक न्याय विभाग को कलेक्टर की निगरानी में दिव्यांगजनों के लिए जिले के स्तर पर शिविर लगाने होंगे।

सामाजिक चुनौतियों का डटकर सामना करने पर जोर: डॉ. ज़ोरा सिंह

समराला देश भगत विश्वविद्यालय गोबिंदगढ़ में कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से आए करीब 100 पीएचडी स्कॉलर्स का स्वागत किया। शुरुआती भाषण चांसलर प्रो. हर्ष सदावर्ती ने कहा कि यह यात्रा न सिर्फ डिग्री हासिल करने के लिए है बल्कि यह ज्ञान की सीमाओं से आगे जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए है। उद्घाटन समारोह में कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर उपस्थित थीं। डॉ. ज़ोरा सिंह ने अपने उद्बोधन में सभी विद्वानों का स्वागत करते हुए उनसे सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश भगत विश्वविद्यालय शैक्षणिक आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने का संस्थान है। डॉ. तजिंदर कौर ने अकादमिक उत्कृष्टता और विद्वत्तापूर्ण गतिविधियों के प्रति विश्वविद्यालय के समर्पण को दोहराया। इस अवसर पर प्रो-वाइस-चांसलर प्रो. अमरजीत सिंह और निदेशक अनुसंधान प्रो अजय गुप्ता ने भी संबोधित किया। शैक्षणिक चर्चाओं के अलावा, कार्यक्रम में आने वाले समूह की विविध प्रतिभाओं का भी जश्न मनाया गया। नव नामांकित पीएचडी स्कॉलर्स गुंजन चन्ना, मनीषा और रश्मि ने प्रभावशाली संगीत और नृत्य प्रदर्शनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे ओरिएंटेशन में एक जीवंत सांस्कृतिक स्पर्श जुड़ गया। डीन रिसर्च प्रो. हरप्रीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया।

लेबर रूम में तनावपूर्ण स्थिति, बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टरों में बहस हुई

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल में स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस लेबर रूम में प्रसव पीड़ा से कराहती महिलाएं सुरक्षित इलाज की उम्मीद से आती हैं, वहां इंटर्न लेडी डॉक्टरों ने जमकर उत्पात मचाया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के सामने डॉक्टरों के बीच हाथापाई और मारपीट हुई, जिसने भर्ती महिलाओं को दहशत में डाल दिया। इस मामले में शिवानी लाखिया नामक एक महिला डॉक्टर ने लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि, उसकी सहपाठी इंटर्न डॉक्टर ने बाल पकड़कर न सिर्फ जमीन पर पटककर उसके साथ मारपीट की है, बल्कि उसके कपड़े तक फाड़ दिए। यही नहीं, शिकायतकर्ता डॉक्टर ने पिटाई करने वाली इंटर्न डॉक्टर पर जान मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम को नर्सिंग स्टाफ, गार्ड और अन्य मेडिकल कर्मियों ने देखा, जिनके नाम गवाहों में दर्ज किए गए हैं। इस मामले का खुलासा लेबर रूम से सामने आई सीसीटीवी फुटेज से भी हुआ, जिसमें मारपीट और बदसलूकी का घटनाक्रम कैद है। यही नहीं, इस घटना का एक फोन से रिकॉर्ड किया वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने कॉलेज प्रबंधन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक में हड़कंप मचा दिया है। पहले भी आ चुका है विवादों में नाम सूत्रों की मानें तो मेडिकल अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर का ये कोई पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वह नफीस बस विवाद और महादेव प्रकरण जैसी कई घटनाओं में सुर्खियों में रह चुकी है। अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रसव कराते समय डॉक्टर पर हमला करते हुए कैमरा तक छीनने की बात सामने आ रही है। कार्रवाई की मांग पीड़िता और स्टाफ ने आरोपी इंटर्न डॉक्टर के निलंबन के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन और पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप भी लग रहे हैं। इस मारपीट कांड ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में इलाज कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि जिस जगह पर जीवन बचाने की जिम्मेदारी है, वहां खुद डॉक्टर ही हिंसक हो जाएं तो भरोसा कैसे कायम रहेगा। अब मामले की जांच और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है।

मकान में लगी आग ने ली जान: जींद जुलाना में रेस्क्यू के दौरान हादसा

जींद  जींद के जुलाना में एक मकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग बुझाने के दौरान मकान की छत गिर गई। इसके नीचे दबने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के दौरान भैंस भी आग में झुलसने से मारी गई। यह घटना शनिवार सुबह 6 बजे की है। के जुलाना वार्ड 13 निवासी दीपक के मकान में आग लग गई। तूड़ी और भैंसों वाले कमरे में आग लगने के बाद भैंस आग की चपेट में आने से झुलस गई। दीपक के पड़ोस में रहने वाले साहिल समेत कुछ युवक आग पर काबू पाने के लिए आ गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। युवाओं ने सोचा कि छत को उखाड़ देते हैं, जिससे आग पर काबू पाने में आसानी रहेगी। छत को उखाड़ते समय छत गिर गई, क्योंकि आग के कारण छत पर लगी फट्टियां व कड़ी जल चुकी थी। इसमें छत पर मौजूद साहिल नीचे गिर गया और आग की लपटों में आकर झुलस जाने के साथ-साथ मलबे के नीचे भी दब गया। करीब आधे घंटे बाद साहिल को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आग लगने की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। आग में झुलसने से भैंस की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि साहिल महम से लैब टैक्नीशियन का कोर्स कर रहा था और तीन महीने बाद उसका कोर्स पूरा होना था। साहिल का एक बड़ा भाई भी है।

बाढ़ प्रभावितों को बड़ी सौगात, दिवाली तक मिलेंगे मुआवजे के चेक – CM भगवंत मान

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल से छुट्टी मिलने के एक दिन बाद शुक्रवार को फिर सक्रिय हो गए। उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों का आकलन करने और राज्य के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की योजनाओं को लेकर बैठकें कीं। उन्होंने कहा, 'मैं पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं हूं, मैं दुख मंत्री हूं। मैं राज्य के लोगों के साथ खड़ा हूं, जो बाढ़ के कारण अब तक के सबसे बुरे संकट का सामना कर रहे हैं। दुख साझा करण नाल दुख अद्धा रह जांदा है। 'सीएम ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी सरकार 45 दिनों के भीतर पूरा मुआवजा जारी कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने सभी उपायुक्तों को फसल नुकसान की विशेष गिरदावरी पूरी करने, जान-माल के नुकसान, पशुओं की मौत और घरों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द देने और उनका सत्यापन करने का निर्देश दिया है, जिससे हम तुरंत मुआवजा देना शुरू कर सकें।' उन्होंने कहा कि चेक दिवाली तक दिए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुआवजा देने के काम की निगरानी कर रहा हूं, क्योंकि लोगों को तत्काल राहत की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब फसल नुकसान के लिए सबसे ज्यादा मुआवजा 20 हजार रुपये प्रति एकड़ देगा। उनके साथ राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा मौजूद रहे।

हरियाणा की सियासत गरमाई: INLD की मेगा रैली से अभय चौटाला दिखाएंगे दम

 रोहकत हरियाणा की राजनीति में जननायक जनता पार्टी (JJP) लगातार सिकुड़ती नजर आ रही है। इस बीच इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) प्रमुख अभय चौटाला अब अपने पैर जमाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए वह 25 सितंबर को रोहतक में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह तारीख चौटाला परिवार के बुजुर्ग नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती भी है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और अभय चौटाला कि पिता ओमप्रकाश चौटाला के दिसंबर 2024 में निधन के बाद यह चौटाला परिवार का पहला बड़ा आयोजन होगा। रैली का स्थल रोहतक चुना गया है, जो कांग्रेस के दिग्गज और जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। अभय चौटाला ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि हुड्डा का यहां कोई आधार नहीं है। वह खुद भाजपा के साथ मिले हुए हैं। अभय चौटाला ने इस मौके पर कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया है। शिरोमणि अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को बुलाया है। अभय का कहना है कि यह किसी तीसरे मोर्चे का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से अलग हैं। 2018 में परिवारिक विवाद के बाद अभय के भतीजे दुष्यंत चौटाला ने JJP बनाई थी, जिसने 2019 में 10 सीटें जीतकर भाजपा सरकार में साझेदारी की। लेकिन किसानों के आंदोलन (2020) के समय भाजपा के साथ बने रहने की वजह से JJP का ग्राफ गिरा और 2024 विधानसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 14.8% से गिरकर 0.90% तक पहुंच गया। इसके उलट INLD ने 2024 में दो सीटें (डबवाली और रानियां) जीतीं और 4.14% वोट शेयर हासिल किया। अभय का दावा है, “JJP खत्म हो चुकी है। उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब हमारे साथ हैं।” रोहतक क्षेत्र देवी लाल आंदोलन का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन 1990 के दशक से हुड्डा परिवार ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। अब अभय उसी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभय की रैली को महत्वहीन बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने कहा कि जनता ने INLD को नकार दिया है, जबकि कांग्रेस नेता चंदवीर हुड्डा ने दावा किया कि INLD का अब कोई जनाधार नहीं है।

भोपाल: लव जिहाद मामले में आरोपी साद और साहिल के खिलाफ कार्रवाई, अवैध मकान तोड़े गए

भोपाल  राजधानी के चर्चित लव जिहाद और दुष्कर्म प्रकरण में आरोपित फरहान, साद और साहिल के अवैध मकानों पर शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला अदालत से स्टे न मिलने के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आरोपी साद और साहित के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। एक आरोपी फरहान के घर को जमीदोंज करने की कार्रवाई पर निर्णय 11 बजे कोर्ट की सुनवाई के बाद लिया जाएगा। कोर्ट ने कलेक्टर और तहसीलदार को पेश होने को कहा है।  प्रशासन के अनुसार आरोपियों के मकान सरकारी जमीन पर बने थे। कार्रवाई शुरू होने से पहले पुलिस ने पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर लिया। भारी विरोध की आशंका को देखते हुए करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। प्रशासन की टीम ने एक दिन पहले ही बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली थी। शासकीय भूमि पर बने मकानों पर लाल निशान लगाने के साथ ही आरोपितों के स्वजनों को नोटिस तक दिए गए थे। इससे उन्होंने मकान खाली कर ताले लगा दिए थे। वहीं प्रशासन ने शुक्रवार को बेरिकेड्स लगा दिए गए थे। छात्राओं से दोस्ती, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव मामले में आरोप है कि फरहान, साद और साहिल ने  गिरोह बनाकर टीआईटी कॉलेज की हिंदू छात्राओं से पहले दोस्ती की, फिर उन्हें शारीरिक शोषण का शिकार बनाया। इसके बाद छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह के लिए दबाव डाला गया। इतना ही नहीं, पीड़िताओं को अन्य छात्राओं को भी इस जाल में फंसाने के लिए मजबूर किया गया। मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला यह मामला केवल पुलिस-प्रशासन तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम भी इसकी जांच के लिए भोपाल आई थी। इस प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति को भी झकझोर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ और मीडिया के कैमरे मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ किया कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही बुलडोज़र चलाया गया है। चारोखर की भूमि पर बने थे मकान  गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने बताया कि शासकीय चरोखर भूमि पर अवैध तरीके से मकान बने हुए थे। इस मामले में सुनवाई के बाद 19 अगस्त को जगह खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसमें 4 सितंबर तक कब्जा हटाने को कहा था। नोटिस के बाद भी उनके द्वारा कब्जा नहीं हटाने के बाद हमने आज कब्जा हटा दिया। आज दो आरोपियोंं पर कार्रवाई की है। एक आरोपी ने कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई के बाद उस पर कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।  लव जिहाद के आरोपियों के घरों पर चलेगा बुलडोजर दरअसल, टीआईटी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ दुष्कर्म और 'लव जिहाद' के आरोप में फरहान, साद और साहिल नाम के तीन युवकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है. जिला अदालत से इस कार्रवाई पर अभी कोई स्टे नहीं मिला है. पुलिस विभाग के 500 जवान रहेंगे मौजूद जानकारी के मुताबिक बुलडोजर की कार्रवाई के लिए आरोपियों के घर को चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर दिया गया है. इस दौरान 500 पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. प्रशासन का दावा है कि आरोपियों का घर सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है. तीनों आरोपियों पर छात्राओं से दुष्कर्म और लव जिहाद का आरोप लगाया गया है. खबर लिखे जाने तक पता चला है कि साद और साहिल के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई है. वहीं, लव जिहाद के मुख्य आरोपी फरहान के घर पर सुबह 11 बजे के बाद बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि जिला अदालत से स्टे न मिलने के बाद भारी पुलिस सुरक्षा में यह कार्रवाई की जा रही है. यह वही मामला है जिसने प्रदेश की सियासत गरमा दी थी.  प्यार के जाल में फंसा कर रेप, फिर बनाया अश्लील वीडियो मौके पर 500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं.  इस मामले में आरोपी बनाए गए युवकों ने गिरोह बनाकर टीआईटी कॉलेज की हिंदू छात्राओं से पहले दोस्ती की, फिर उनके साथ दुष्कर्म किया. छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और धर्म बदलकर निकाह करने के लिए दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं, इन लड़कियों से अन्य छात्राओं को भी गिरोह में फंसाने के लिए मजबूर किया जाता था. मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया था मामला इस मामले ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया था. मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा और आयोग की टीम को भोपाल आना पड़ा. अब जिला प्रशासन की यह कार्रवाई सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी का हिस्सा मानी जा रही है. स्थानीय लोगों की भीड़ प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल पर मौजूद है. मौके पर मीडिया और फोटोग्राफरों का जमावड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी.  

न्यूड पार्टी के नाम पर रायपुर में विवाद, वायरल पोस्टर में अश्लील निमंत्रण पर मचा हंगामा

रायपुर   छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पार्टी के नाम पर अश्लीलता परोसने का मामला सामने आया है. यहां @sinful_writer1 नाम के अकाउंट से सोशल मीडिया पर 'न्यूड पार्टी' का एक आपत्तिजनक पोस्टर जारी किया गया है. इस विज्ञापन में युवक-युवतियों को बिना कपड़ों के पार्टी में आने का इनविटेशन दिया गया है. इस तरह के विज्ञापन से पता चला है कि शहर में अश्लीलता परोसने की तैयारी की जा रही है, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है. पुलिस जांच में जुटी है. रायपुर में NUDE पार्टी का पोस्टर जारी दरअसल, रायपुर में सोशल मीडिया पर एक विवादित और आपत्तिजनक पोस्टर वायरल हुआ है, जिसमें न्यूड पार्टी का प्रचार किया गया है. यह पोस्टर @sinful_writer1 नाम के अकाउंट से जारी किया गया है, जिसमें युवक-युवतियों को बिना कपड़ों के पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया है. पोस्टर में पार्टी के बारे में तो जानकारी दी गई है, लेकिन पार्टी स्थल या आयोजकों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है. पोस्टर में युवक-युवतियों को न्यूड आने का इनविटेशन जानकारी के मुताबिक, न्यूड पार्टी का यह अश्लील और आपत्तिजनक विज्ञापन @sinful_writer1 नाम के अकाउंट से जारी किया गया है. हैरानी की बात यह है कि इस आयोजन में युवक-युवतियों को बिना कपड़ों में आने का इनविटेशम दिया गया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. इस पोस्टर में आज पार्टी के आयोजन का ज़िक्र है. हालांकि, पार्टी कहां है, इस बारे में पोस्ट पर कोई जानकारी नहीं लिखी गई है. इस पोस्टर के वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऐसी हरकत किसने की है. न्यूड पार्टी के वायरल पोस्टर पर सियासत  उधर, न्यूड पार्टी के वायरल पोस्टर पर राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं और भाजपा सरकार पर अश्लीलता बढ़ाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि सरकार को ऐसी पार्टियों का आयोजन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और इन्हें रोकना चाहिए.