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MP हाईकोर्ट की टिप्पणी: महिला बनी आदर्श पत्नी, लंबे अलगाव के बावजूद निभाया कर्तव्य

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ एक पति की अपील सुन रही थी, जिसमें उसने निचली अदालत के तलाक से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी थी. पति-पत्नी की शादी गांव पिपलाडा, इंदौर में हुई थी और 2002 में बेटे का जन्म हुआ था. पति का आरोप था कि पत्नी उसे पसंद नहीं करती, उस पर शराब पीने और अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाती, गर्भावस्था में खुश नहीं थी और बच्चे के जन्म के बाद मायके चली गई. पत्नी ने इन आरोपों को झूठा बताया और कहा कि पति का एक महिला सहकर्मी से प्रेम संबंध था, जबकि वह हमेशा वैवाहिक दायित्व निभाने के लिए तैयार रही. पति ने पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप कोर्ट ने पाया कि पति के दूर रहने के बाद भी पत्नी ससुराल में सास-ससुर और देवर-ननद के साथ संयुक्त परिवार में रही. उसने कभी घर नहीं छोड़ा, न ही पति या उसके परिवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज किया. उसने अपने विवाह के प्रतीक मंगलसूत्र और सिंदूर नहीं त्यागे और अपने कर्तव्यों को निभाती रही. पत्नी ने विपरीत परिस्थितियों में दिखाया धैर्य कोर्ट ने कहा कि यह पत्नी आदर्श भारतीय नारी के गुणों का प्रतीक है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, मर्यादा और संस्कार बनाए रखती है. कोर्ट ने तलाक की याचिका खारिज करते हुए पति को अपने उपेक्षित और अनादरपूर्ण व्यवहार से लाभ लेने से रोका.

राहुल गांधी पर सीएम यादव का हमला, कहा– बयानबाजी में दिखी अर्बन नक्सल मानसिकता

भोपाल  कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले बयान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की इस सार्वजनिक बयानबाजी से उनकी ‘अर्बन नक्सलाइट’ मानसिकता उजागर हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी के अशोभनीय बयानों से देश में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा धूमिल हो रही है। यह ठीक नहीं है और उन्हें इस मामले में तत्काल माफी मांगनी चाहिए।  डॉ. यादव ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग भारत की सबसे निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था है, जिसने लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में इस पर सवाल उठाना देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी प्रभाव पड़ता है।  सीएम यादव ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान पर माफी मांगने को कहा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह 2023 विधानसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। राहुल के बयान पर सीएम मोहन का पलटवार मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों की कड़ी निंदा की है। सीएम यादव ने कहा कि राहुल गांधी का इस तरह का बयान उनकी अर्बन नक्सल (‘Urban Naxalite’) मानसिकता को दर्शाता है। इस बयान में उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने अपनी बयानबाजी से खुद की गरिमा को धूमिल किया है और यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। राहुल का बयान लोकतांत्रित प्रक्रिया के खिलाफ राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में वोट चोरी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि 2023 में उन्हें सिर्फ 65 सीटें मिलना ‘इम्पॉसिबल’ था, क्योंकि उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान देखा था कि एंटी इन्कंबेंसी का असर बहुत ज्यादा था। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने 2018 में चुनाव जीते थे, लेकिन उनकी सरकार को ‘चोरी’ कर दिया गया। इस बयान के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान उनकी मानसिकता को उजागर करता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। भोपाल आए थे सिंधिया, चर्चा में कहा भोपाल प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत में सिंधिया ने कहा 'जिन लोगों ने भारत को मृत रूप में देखा है, चाहे वो भारत की अर्थव्यवस्था हो, न्यायपालिका हो, सेना का सम्मान हो या फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता वे बार-बार इन संस्थाओं को अपमानित करते आए हैं। चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो पारदर्शिता और निष्पक्षता के आधार पर कार्य करती है। यह संस्था हर राज्य और देशभर में फेयर और फ्री इलेक्शन सुनिश्चित करती है।' सेना और न्यायपालिका पर भी किया कटाक्ष सिंधिया ने कहा, 'कांग्रेस का रवैया हमेशा से ही संस्थाओं के प्रति अविश्वास का रहा है। अगर सेना कोई वीरता का कार्य करती है तो वे सबूत मांगते हैं। न्यायपालिका पर आरोप लगाते हैं, प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं। अब चुनाव आयोग को भी बदनाम करने में लगे हैं। यह जनता सब देख रही है और उचित समय पर जवाब देगी।' जीतू पटवारी बोले- बीजेपी नेताओं में बौखलाहट मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा फर्जी वोटिंग को लेकर किए गए सनसनीखेज खुलासे के बाद बीजेपी और उसके नेताओं की बौखलाहट अब उनके बयानों में साफ झलक रही है। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से बताया कि किस तरह चुनावी प्रक्रिया में सुनियोजित तरीके से धांधली कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने अलोकतांत्रिक और पक्षपातपूर्ण रवैये का गंभीर आरोप लगाया है। यह सिर्फ कांग्रेस या विपक्ष का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के हर उस नागरिक का मुद्दा है जो अपने वोट की ताकत और लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास रखता है। फर्जी वोटों से मिली बीजेपी को जीत पटवारी ने बताया कि राहुल गांधी के प्रस्तुत किए गए तथ्यों और सबूतों से यह स्पष्ट हुआ है कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर एक लाख से अधिक फर्जी मतदाता जोड़े गए, जिनकी वजह से बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूरे प्रदेश में कांग्रेस से केवल 22,000 वोट अधिक मिले, जबकि एक सीट पर ही 1 लाख फर्जी वोट जोड़े जाने का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र में केवल पांच महीनों के भीतर एक करोड़ से अधिक मतदाता बढ़ा दिए गए, जो राज्य की वयस्क आबादी से भी अधिक थे। मध्य प्रदेश में पोस्टल बैलेट में हार के बावजूद ईवीएम से बीजेपी की जीत दर्ज हुई। बीजेपी को जनता के सामने बेनकाब होने का डर पटवारी ने कहा कि इन खुलासों से यह साफ होता है कि संवैधानिक और चुनावी संस्थाओं में बीजेपी का गहरा हस्तक्षेप है। बीजेपी के नेता मुद्दे पर जवाब देने के बजाय बेतुके बयान देकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके हालिया बयान इस बात का प्रमाण हैं कि सच ने उन्हें असहज कर दिया है। कमलनाथ का वीडियो पोस्ट पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राहुल गांधी के बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में राहुल गांधी मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 में वोट चोरी के आरोप लगा रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार चोरी हुई थी। 2023 में चुनाव में हमे 65 सीटें मिलती हैं। यह असंभव था, यह हो ही नहीं सकता। कमलनाथ ने इस वीडियो के माध्यम से राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया और इस मुद्दे को और अधिक सार्वजनिक किया।

इंदौर में आयोजित पाठशाला में मोहन भागवत पढ़ाएंगे परिवर्तन के पांच चरण

 इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिनी प्रवास पर नौ अगस्त की शाम सात बजे इंदौर आएंगे। अगले दिन 10 अगस्त को दो कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अगले दिन 10 अगस्त को सुबह नौ बजे से प्रांत की सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद शाम पांच बजे कैंसर केयर सेंटर का शुभारंभ करेंगे। डॉ. भागवत स्व जागरण एवं राष्ट्र निर्माण के लिए पंच परिवर्तन की पाठशाला में पांच सोपान पढ़ाएंगे। इंदौर में पहली बार हो रही प्रांत स्तर की इस सद्भाव बैठक में तीन सत्र होंगे। इसमें इंदौर-उज्जैन के 15 जिलों के 180 जाति-समाज के 300 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें स्वदेशी जीवन शैली, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक अनुशासन एवं समरसता पर संवाद होगा। इस मौके पर इन विषयों पर किए गए कार्य और इनके परिणाम के साथ आगामी कार्ययोजना भी बनेगी। तहसील स्तर पर आयोजित होती हैं बैठकें पंच परिवर्तन की शुरुआत श्री गुरुजी जन्म शताब्दी वर्ष 2006 से संपूर्ण देश में स्वयंसेवक व जाति समाज प्रमुखों ने आरंभ की थी। जिला व तहसील स्तर पर इसके लिए सतत बैठकें आयोजित की जाती हैं। इसके माध्यम से देश व समाज परिवर्तन के विभिन्न विषयों पर सभी समाज एक जाजम पर बैठकर अपने अनुभव साझा करते हैं। सब साथ मिलकर राष्ट्रीय सामाजिक व स्थानीय विषयों में क्या कर सकते हैं तथा एक-दूसरे की किस तरह सहायता कर सकते हैं, इस पर चर्चा करते हैं। मालवा प्रांत के सामाजिक सद्भाव के संयोजक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि सद्भाव बैठक 10 अगस्त को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी। इसके लिए सामाजिक सद्भाव के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने जिला क्षेत्रों में प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर के समाज प्रमुखों से व्यक्तिगत संपर्क कर आमंत्रित किया गया है।  

सैफ अली खान पैतृक संपत्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई अस्थायी रोक

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के के पूर्वजों से जुड़े संपत्ति विवाद में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की शाही संपत्ति से जुड़े दशकों पुराने संपत्ति विवाद को नए सिरे से सुनवाई के लिए निचली अदालत को वापस भेज दिया था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया‌‌। बेंच ने नवाब हमीदुल्ला खान के बड़े भाई के वंशजों उमर फारुक अली और राशिद अली की याचिका पर नोटिस जारी किया, जो हाईकोर्ट के 30 जून के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें 14 फरवरी, 2000 के निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया गया था, जिसमें नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान, उनके बेटे मंसूर अली खान (पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान) और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों, अभिनेता सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा सुल्तान और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के संपत्ति पर विशेष अधिकार बरकरार रखे गए थे। हाईकोर्ट ने कहा था कि निचली अदालत का फैसला 1997 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर आधारित था, जिसे बाद में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। हालांकि, 2019 के उदाहरण को लागू करने और मामले का निर्णायक रूप से फैसला करने के बजाय, हाईकोर्ट ने मामले को पुनर्मूल्यांकन के लिए वापस भेज दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश दीवानी प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत उल्लिखित प्रक्रियात्मक मानदंडों के विपरीत है। यह मामला 1999 में नवाब के विस्तारित परिवार के सदस्यों द्वारा दायर दीवानी मुकदमों से जुड़ा है, जिनमें दिवंगत बेगम सुरैया राशिद और उनके बच्चे, महाबानो (अब दिवंगत), नीलोफर, नादिर और यावर के साथ ही नवाब की एक और बेटी नवाबजादी कमर ताज रबिया सुल्तान शामिल हैं। वादियों ने नवाब की निजी संपत्ति के बंटवारे, कब्जे और न्यायसंगत निपटान की मांग की थी। निचली अदालत ने साजिदा सुल्तान के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के अधीन नहीं है और संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें हस्तांतरित की गई थी। सन 1960 में नवाब की मृत्यु के बाद, भारत सरकार ने 1962 का एक प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 366(22) के तहत साजिदा सुल्तान को शासक और निजी संपत्ति की वास्तविक उत्तराधिकारी दोनों के रूप में मान्यता दी गई। हालांकि, वादी पक्ष ने तर्क दिया कि नवाब की निजी संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत सभी कानूनी उत्तराधिकारियों में बांटी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 1962 के प्रमाण पत्र पर औपचारिक रूप से कोई विवाद नहीं था, लेकिन दावा किया कि यह न्यायसंगत विभाजन को नहीं रोकता। अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार सहित प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि उत्तराधिकार में ज्येष्ठाधिकार के नियम का पालन किया गया और साजिदा सुल्तान को शाही गद्दी और निजी संपत्ति, दोनों का वंशानुगत उत्तराधिकार प्राप्त हुआ था। निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए, हाईकोर्ट ने मामले को वापस भेज दिया था। याचिकाकर्ताओं ने मामले को वापस भेजने के आदेश को पलटने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।

60 डिब्बे घी और 40 क्विंटल बेसन से बने सवा लाख लड्डू, महाकाल को बंधी पहली राखी

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को राखी बंधने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हो गई। अमर पुजारी के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई खास राखी उन्हें अर्पित की गई है। महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं। शनिवार को सबसे पहले तड़के 3 बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान ही उन्हें विशेष श्रृंगार के साथ राखी अर्पित की गई। दरअसल, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी बांधकर उन्हें सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। प्रतिवर्ष बाबा महाकाल को पुजारी परिवार द्वारा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है जिसे एक सप्ताह में मंदिर परिसर में ही तैयार किया जाता है। भक्तों ने समाप्त किया उपवास महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पुजारी परिवार द्वारा आज बाबा महाकाल को लगाई गई सवा लाख लड्डूओ की भोग प्रसादी का वितरण भक्तों को प्रसाद स्वरूप मे किया गया। बाबा महाकाल की इस प्रसादी को पाकर भक्त तो खुश हो ही गए, लेकिन यह वही प्रसादी है जिसे खाने के बाद ही महाकाल के भक्त श्रावण मास में रखे गए उपवास को खोलते हैं। सुबह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्रसादी को ग्रहण करने के साथ ही एक माह के अपने उपवास को समाप्त किया। 4 दिन में तैयार किए सवा लाख लड्‌डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मारती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था। लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। महाकाल के दरबार से होती है त्योहार की शुरुआत पंडित अमर पुजारी ने बताया कि हर त्योहार की शुरुआत भगवान महाकाल के दरबार से होती है। इसी क्रम में सबसे पहले राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर को राखी बांधी गई। वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को राखी बांधकर किया जाता है। नंदी हॉल और गर्भगृह में फूलों से आकर्षक सजावट की जाती है। इसके बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग बाबा को अर्पित किया जाता है। रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को लड्डू प्रसाद वितरित किया जाता है। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार इस साल 9 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन खास संयोग के साथ मनेगा। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक का ये पर्व इस बार श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, करण, मकर राशि में चंद्रमा और पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ऐसा योग 297 साल बाद बना है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं, जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। चार दिन में तैयार किए लड्डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मआरती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था।  लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। इस लड्डू के निर्माण में 60 डिब्बे देसी घी, 40 क्विंटल बेसन, 40 क्विंटल शकर बुरा और 25 किलो ड्राई फ्रूट शामिल किए गए। श्री खजराना गणेश को बांधी 196 वर्गफीट की राखी -इंदौर-कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में बनाई इधर, जनता के सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और देश के वीर सैनिकों की रक्षा की मनोकामना के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को इंदौर में विश्व प्रसिद्ध भगवान खजराना गणेश को 196 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गई। राखी बांधते समय पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। खास बात यह कि यह राखी अलग-अलग शहरों से लाए गए फूलों से इंदौर और कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में तैयार की गई है, जिसमें पांच दिन तक ताजगी रहेगी। राखी श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति ने बनाई है। समिति के संस्थापक राजेश बिड़कर और राहुल शर्मा ने बताया कि यह लगातार नौवां वर्ष है जब विशाल राखी श्री गणेश को अर्पित की गई। राखी अर्पित करने की शुरूआत आठ साल पहले की गई थी, तब 66 (36 वर्ग फीट) की राखी बनाई गई थी। उनका कहना है कि जब खजराना गणेश की स्थापना हुई तो उनका स्वरूप काफी छोटा था। फिर धीरे-धीरे बढ़ते गया। इसी तरह हर साल राखी का साइज भी बढ़ाया गया। इस बार 1414 (196) वर्ग फीट की राखी बनाई गई। इसकी डोर मंदिर के चारों ओर घुमाकर बांधी गई। उनका दावा है कि यह राखी दुनिया की सबसे बड़ी राखी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई

वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा का कर रहा हूं निर्वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों के आर्शीवाद से ही मैं बना मुख्यमंत्री: CM यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को क्षिप्रा विहार के समीप नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया और राखी बंधवाई। उन्होंने कहा कि लगभग 20 वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा लगातार जारी है। बहनों के आशीर्वाद से आज मैं इस मुकाम पर हूं। बहनों के सशक्तिकरण और सम्मान से एक अलग नई पहचान बनाई है। महाकाल की कृपा है कि लाखों बहनों का आशीर्वाद मुझे मिल रहा है, जिससे सारी परेशानियां बहनों के आशीर्वाद से खत्म हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जिस घर में माता-बहनें होती हैं, उस घर में ईश्वर का आशीर्वाद भी होता है। वह घर आनंदमय रहता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। उन्होंने प्राचीन काल का उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बहन द्रौपदी की रक्षा की थी। प्राचीन काल से हर घर में त्यौहार बड़े उल्लास के साथ मनाए जाते हैं और घरों में माता-बहनों के आनंद में कोई कमी नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के साथ उज्जैन में भी निरंतर विकास के कार्य हो रहे हैं। देवास रोड स्थित नागझिरी एवं इंदौर रोड स्थित कपड़ा उद्योग खुलने से बहनों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं मंत्री रहते हुए ग्रामों में एवं शहर के विभिन्न वार्डों में राखी बंधवाने का कार्य किया है और उनके आशीर्वाद से आज मैं मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश के कई जिलों में इस परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा रक्षाबंधन के पर्व पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1250 रुपए के अतिरिक्त रक्षाबंधन पर नेग स्वरूप 250 रुपए हाल ही में बहनों के खातों में राशि उपलब्ध करवाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पार्षद श्रीमती निर्मला परमार एवं श्रीमती सुगनबाई बाघेला सहित अन्य बहनों ने प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्रह्मकुमारी आश्रम की मंजू दीदी और उषा दीदी ने भी राखी बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए और कन्या-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों के द्वारा दोनों हाथों में राखी बाँधी गई साथ ही मंच पर बहनों के द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के सबसे पवित्र रिश्तों का त्यौहार है। बहनों के आशीर्वाद से पूरे प्रदेश में विकास के कार्य चल रहे हैं। अब उज्जैन विज्ञान, अध्यात्म और धर्म की नगरी बन रहा है। उज्जैन के कारखानों में वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं, आने वाले समय में 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बहनों के जीवन में कभी कोई कष्ट न आए भगवान श्रीमहाकालेश्वर से यही प्रार्थना है। बहनों का और हमारा रिश्ता कई वर्षों पुराना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाड़ली बहनों के सिंदूर की रक्षा करने के लिए हम दुश्मनों को उनके घर में जाकर खत्म करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। हम सब पूरी आत्मीयता और आतिथ्य भाव के साथ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं का अभिनंदन करेंगे। करीब 29 कि.मी. के नए घाटों का निर्माण सिंहस्थ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में बहुत सारे लोग स्नान कर सकेंगे। उज्जैन पर सभी देवी देवताओं का विशेष आर्शीवाद है। औद्योगिक क्षेत्र का भी निरंतर विकास हो रहा है। नए कारखाने खुल रहे हैं, जिनके माध्यम से कई लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडीमेड कपड़ों का निर्माण कर हम विदेशों में निर्यात करेंगे। रोजगार के लिए बहनों का प्रशिक्षण भी समय-समय पर आयोजित किया जाएगा। हर जरूरतमंद नागरिक का पक्का मकान बनेगा, इसी दिशा में हमारी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बहनों से अपील की है कि 15 अगस्त को अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अमन-शांति के साथ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बहनों को झूला-झुलाया और कन्या-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राखी बंधवाते समय उन्होंने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से निरंतर विकास की नई गाथा लिख रहा है प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिये किया जा रहा है तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रक्षाबंधन सभी पर्वों का राजा है। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। इस पर्व का पूरे वर्ष सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से ही हम प्रदेश में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए आने वाले समय में उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की अनगिनत सौगातें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में 109 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सीमा के जवान और खेत के किसान दोनों का विशेष ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा निरंतर हमारी सेना और किसानों के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों से कहा कि हमारी बहनें परिवारों का विेशेष ध्यान रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कन्या-पूजन किया और बहनों से राखी बंधवाई गई। सभी बहनों की ओर से मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीकात्मक वृहद राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आनंद नगर के पूजा स्व-सहायता समूह के द्वारा हाथ से बनाई गई राखियों के स्टॉल का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी महिलाओं को अपनी ओर से रक्षाबंधन पर साड़ी और मिठाई उपहार स्वरुप दी। साथ ही परंपरा अनुसार लाड़ली बहनों को सावन का झूला भी झुलाया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 100 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में शुक्रवार को 9 करोड़ 99 लाख रुपए लागत के नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण किया। साथ ही परिसर का अवलोकन भी किया। नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई का निर्माण 12 माह में किया गया है। इकाई का कुल निर्मित क्षेत्रफल 3126.02 वर्ग मीटर (33636.00 वर्ग फीट) है। भवन की निर्माण एजेंसी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास है। नवनिर्मित भवन में प्रशासनिक भवन, 1 पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 2 उप पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 8 एन.जी.ओ. आवासगृह, 12 काँस्टेबल आवासगृहों का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक भवन का निर्माण 1327.76 वर्ग मीटर (14287 वर्ग फीट) में किया गया है। भवन में पार्किंग, ड्राईवर रूम एवं गार्ड रूम का प्रावधान भी किया गया है। नवनिर्मित भवन में 2 तल हैं। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री ओम जैन, श्री राजेंद्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

वाराणसी के लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत, पेट के कीड़े निकालने की एल्बेंडाजोल दवा का वितरण

वाराणसी जनपद में 11 अगस्त को एक से 19 वर्ष के 18 लाख से अधिक बालक-बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत 18.60 लाख बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक से पांच साल तक के सभी आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं को शामिल किया गया है। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। दवा खिलाने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है। कृमि मुक्ति से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में एनीमिया पर नियंत्रण रहता है। कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. संजय राय ने बताया कि लगभग 7.50 लाख शहरी क्षेत्र व लगभग 11.0 लाख बच्चे ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जिन्हें एल्बेन्डाजोल की दवा खिलायी जाएगी। इस कार्य में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2853 सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में आरबीएसके टीम के चिकित्सक व शहरी क्षेत्र में समस्त अर्बन पीएचसी के चिकित्सक के साथ ही पूरे जिले की समस्त एएनएम तथा आशा कार्यकर्ती सहयोग करेंगी। अभियान में उन बच्चों को भी दवा खिलाई जाएगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। इसके साथ ही ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली तथा दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली दवा खिलाई। इस दिवस पर छूट गए बच्चों के लिए 14 अगस्त को माप अप राउंड आयोजित किया गया है। इसमें छूटे हुए बच्चों को भी दवा देने के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।  

10 अगस्त को रक्षा मंत्री करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का शिलान्यास, एमपी को मिलेगा नया औद्योगिक केंद्र

 भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वदेशी की भावना को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर न केवल उत्पाद तैयार किए जाएंगे, बल्कि निर्यात भी होगा। इसी स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए रायसेन के उमरिया ग्राम में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1,800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन एवं शिलान्यास 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान पर होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यहां रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। इसी क्रम में 25 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन करेंगे। पार्क में आने वाले उद्योगों से एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 1500 से अधिक लोगों को रोजगार यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल में पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि उमरिया ग्राम आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल शामिल होंगे। इस परियोजना से 1,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि धार के पास वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन 25 अगस्त को करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे। यहां रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार, झाबुआ, रतलाम और निमाड क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को काटन का उचित दाम भी मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखी मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केंद्रित कार्यक्रम होंगे। 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। अभियान में एक करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के भोपाल में होने वाले मुख्य कार्यक्रम को प्रत्येक जिले में स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। मंत्री प्रभार के जिलों में शामिल होंगे।

दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 का ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार’ में ‘स्वर्ण’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार "Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation" श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।” भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के-वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।