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सागर में नहाने गए चार युवक लापता, दो के शव मिले, दो की खोज में जुटी टीम

सागर  रिछावर गांव के पास बेबस नदी में नहाते वक्त डूबे चार युवकों में से पुलिस ने दो के शवों को बरामद कर लिया है। यह युवक रक्षाबंधन के एक दिन पहले बेबस नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाते वक्त एक दोस्त के डूबने पर एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में चार युवक बह गए थे। शुक्रवार शाम से ही इन युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू चलाया जा रहा था।  देर रात तक रेस्क्यू अभियान चला लेकिन ज्यादा अंधेरा होने पर यह काम बंद कर दिया गया। शनिवार को सुबह फिर रेस्क्यू चला तो दो युवकों के शव मिले। चार युवक सागर व एक रिछावर का रहने वाला पुलिस के मुताबिक सनी पिता रमेश अहिरवार, राज पिता साहब अहिरवार, सुमित पिता फूलचंद अहिरवार, अभिषेक पिता सुनील अहिरवार यह युवक सागर के खुशीपुरा निवासी थे। यह अपने रिछावर गांव निवासी निखिल पिता महेंद्र अहिरवार के यहां बेबस नदी के किनारे पिकनिक मनाने गए थे। जहां नहाते समय सनी अहिरवार, राज अहिरवार, सुमित अहिरवार और निखिल अहिरवार गहरे पानी में चले गए। तीन युवक खुशीपुरा और एक रिछावर गांव का सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने बताया कि नदी में डूबे चार युवकों में तीन युवक खुशीपुरा और एक रिछावर गांव का रहने वाला है। सभी की उम्र 22 से 25 साल की है। भरत सिंह ने बताया कि सुमित पिता फूलचंद अरिहवार निवासी खुशीपुरा सागर और राज अहिरवार पिता साहब अहिरवार का शव बरामद किया है। शेष की तलाश जारी है। वहीं प्रत्यक्षदर्शी और पांचवें युवक अभिषेक अहिरवार ने पुलिस को बताया कि वह अपने चार दोस्तों सनी, राज, सुमित और निखिल के साथ नदी में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा कूदा, फिर तीसरा और फिर चौथा भी, लेकिन किसी को तैरना नहीं आता था। देखते ही देखते चारों डूब गए। अभिषेक ने शोर मचाकर आसपास मौजूद ग्रामीणों को बुलाया, लेकिन जब तक लोग पहुंचे, तब तक चारों पानी में समा चुके थे।  

मध्य प्रदेश में डॉग बाइट्स रिपोर्ट: रतलाम टॉप पर, भोपाल सबसे नीचे

भोपाल  नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश के छह बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में डाग बाइट्स के मामलों का सर्वे किया गया। यह सर्वे वर्ष 2024 और जनवरी से जून 2025 की अवधि को लेकर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, छह शहरों में राजधानी भोपाल में डॉग बाइट्स के सबसे कम मामले दर्ज हुए, जबकि रतलाम इस मामले में पहले स्थान पर रहा। वहीं उज्जैन दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और ग्वालियर पांचवें स्थान पर रहा। वर्ष 2024 में भोपाल में 19 हजार 285 डॉग बाइट्स के मामले सामने आए, जो औसत 0.8 प्रतिशत रहा। वहीं 2025 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में यह औसत घटकर मात्र 0.07 प्रतिशत रह गया। आंकड़े बताते है शहर में डाग बाइट्स के मामलों में कमी आई है। हर साल 22 हजार आवारा श्वानों की कर रहे नसबंदी रैबीज मुक्त शहर-2030 कार्यक्रम के तहत भोपाल नगर निगम ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजी है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में यह योजना भेजने वाला भोपाल ही एकमात्र शहर है। योजना के क्रियान्वयन के तहत नगर निगम शहर में तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर संचालित कर रहा है, जहां हर साल लगभग 22 हजार आवारा डॉग्स की नसबंदी की जा रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक 10 वार्ड पर एक नसबंदी केंद्र होना चाहिए, लेकिन भोपाल में मानक से कम केंद्रों के बावजूद अधिक से अधिक आवारा डॉग की नसबंदी की जा रही है। उपलब्ध संसाधनों की तुलना में नसबंदी आपरेशन की संख्या काफी अधिक है, जिसके परिणामस्वरूप डॉग बाइट्स के मामलों में कमी दर्ज की गई है।  

रक्षा बंधन से पहले हवाई सफर महंगा, भोपाल फ्लाइट का किराया दोगुना

भोपाल  भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घर आ रहे हैं। एयरलाइंस कंपनियां इस मौके का भरपूर लाभ उठा रही हैं। रक्षाबंधन पर विमान से भोपाल आना महंगा हो गया है। स्पाट फेयर दो गुना तक हो गया है। 12 एवं 13 अगस्त के बाद विभिन्न शहरों से भोपाल आने का किराया कम है। माना जा रहा है कि 10 अगस्त के बाद भोपाल से जाने वाली उड़ानों में भी स्पॉट फेयर बढ़ेगा। भोपाल से बड़ी संख्या में युवा बेंगलुरू, पुणे, हैदराबाद एवं दिल्ली के आसपास के इलाकों की विभिन्न कंपनियों में काम करते हैं। छात्र वर्ग भी इन शहरों तक आता-जाते हैं। इन्हीं शहरों से भोपाल लौटने का किराया सामान्य से अधिक लिया जा रहा है। स्पॉट फेयर अधिक होने के कारण अंतिम समय में अपने घर आने का निर्णय लेने वालों को महंगा किराया देना मजबूरी है। माना जा रहा है कि 10 अगस्त के बाद भोपाल से वापस जाने वाली उड़ानों में स्पाट फेयर बढ़ेगा। हालांकि अब भी 10 से 13 अगस्त के बीच भोपाल से वापस जाने वाली उड़ानों का किराया सामान्य से अधिक है। पुणे जैसी लेट नाइट उड़ान में भी किराया 12 हजार रुपये से अधिक लिया जा रहा है। पहली बार दिल्ली से आना महंगा दिल्ली जैसे रूट पर चार उड़ानें होने के बावजूद कम किराये में सीट बुक नहीं हो पा रही है। आमतौर पर दिल्ली आने-जाने वाली उड़ानों में किराया सबसे कम होता है। यह पहला मौका है जब दिल्ली रूट पर किराया अधिक है। दिल्ली रूट पर इंडिगो की एक उड़ान कम हो गई है। इसका असर भी किराये में नजर आ रहा है। विंटर शेड्यूल में भोपाल से दिल्ली, बेंगलुरू एवं पुणे तक अतिरिक्त उड़ानें प्रारंभ होंगी। ऐसे में किराया कम होने की संभावना है।  

13 अगस्त से नया मौसम तंत्र, इंदौर-उज्जैन में धूप और पूर्वी-उत्तरी जिलों में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के दिन मौसम के दो रंग देखने को मिलेंगे। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 में से 13 जिलों में तेज धूप खिलेगी। वहीं, पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 9 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर में भी हल्के बादल छाए रह सकते है।  मौसम विभाग ने शनिवार को श्योपुर, मुरैना, पन्ना, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, धार, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में मौसम साफ रहेगा। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। मंडला-सीधी में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली और हल्की बारिश का दौर रहा। मंडला और सीधी में सवा इंच बारिश हुई। छतरपुर के नौगांव में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में बादल छाए रहे। वहीं, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, मऊगंज में हल्की बारिश हुई। एमपी में अब तक 28.8 इंच बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 28.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल बारिश का 78 प्रतिशत है। जून-जुलाई में स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अब तक 34 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें भी पूर्वी हिस्सा जैसे- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग ठीक है। इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। इंदौर संभाग के 8 में से 5 जिले ऐसे हैं, जहां 13 इंच से कम पानी गिरा है। सिर्फ अलीराजपुर और झाबुआ में ही 20 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। दूसरी ओर, ग्वालियर में सबसे ज्यादा 35 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कुल बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। जबलपुर और भोपाल की तस्वीर भी बेहतर है। 13 अगस्त से नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, शुक्रवार को देश में दो टर्फ की एक्टिविटी रही, जो मध्यप्रदेश से काफी दूर है। शनिवार को कुछ जिलों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने का अनुमान है। इससे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। दो महीने में गिरा 28 इंच, अगस्त में न के बराबर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई, लेकिन 1 से 7 अगस्त के बीच सिर्फ 0.8 इंच पानी ही गिरा। दूसरे सप्ताह में ही तेज बारिश के आसार वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 38% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 39% बारिश अधिक हुई है। जुलाई में बने थे बाढ़ के हालात जुलाई में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। आखिरी दिनों में रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे।वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे।

युवाओं के सपनों को लगेंगे पंख, बनेंगे 34 नए नालंदा परिसर

सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पर देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा।  इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे।  नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।  दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगी राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।   रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगे राजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद – श्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

प्यार के लिए उठाया बड़ा कदम, ममेरी-फुफेरी बहनों ने शादी कर पुलिस से मांगी मदद

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो बहनों के बीच शादी का एक अनोखा मामला सामने आया है। ममेरी और फुफेरी बहनों ने समाज के दायरे से बाहर जाकर एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया। दोनों युवतियों ने आपसी सहमति से शादी कर ली है। अब पति-पत्नी की तरह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। परिवार से जान का खतरा बताते हुए दोनों ने अब पुलिस से सुरक्षा की मांग कर दी है। यह मामला जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना तितावी थाना क्षेत्र की है। दोनों युवतियां पिछले करीब डेढ़ साल से एक साथ रह रही थीं। परिवार के लोगों ने उनके इस रिश्ते का विरोध किया। इस कारण कुछ महीने पहले दोनों घर छोड़कर गाजियाबाद चली गईं। वहां दोनों ने एक किराए के मकान में रहना शुरू किया। इसके बाद एक निजी फैक्ट्री में नौकरी करने लगीं। परिवार ने दर्ज कराई थी शिकायत दोनों लड़कियों के गायब होने के परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने दोनों को खोजने की भरसक कोशिश की। जब परिवार को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो एक युवती के पिता ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपहरण की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए युवतियों से संपर्क साधा। गुरुवार शाम दोनों युवतियां तितावी थाने पहुंचीं। इनमें से एक ने मांग में सिंदूर लगाया हुआ था, जबकि दूसरी पैंट-शर्ट में नजर आई। उनके इस रूप को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। साथ रहने का जताया इरादा तितावी पुलिस ने दोनों युवतियों के बयान दर्ज किए हैं। सिंदूर लगाए युवती ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले शादी कर ली है। अब वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं। दोनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने परिवारों से जान का खतरा है। इसलिए उन्होंने परिवार से सुरक्षा की भी मांग पुलिस के सामने रखी है। थाना प्रभारी मानवेंद्र भाटी ने बताया कि दोनों युवतियां ममेरी और फुफेरी बहन हैं। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। उन्होंने थाने में आकर एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जाहिर की है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजा है। उनके परिवारों को भी कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। सोशल मीडिया पर मामला वायरल मुजफ्फरनगर के इस अनोखे रिश्ते का मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस मामले पर समर्थन जता रहे हैं, वहीं कुछ लोगों की ओर से विरोध भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, दोनों युवतियों ने साफ कहा है कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रही हैं। वे अपने फैसले से खुश हैं। राहुल पराशर

हिड़मा की गार्ड रही महिला ने मनाया राखी पर्व, गृहमंत्री और IG को बांधा रक्षा सूत्र

दंतेवाड़ा  बस्तर के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में रक्षाबंधन डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरेंडर महिला नक्सलियों और दंतेश्वरी फाइटर्स की कमांडो से राखी बंधवाई और उनकी रक्षा का वचन दिया.दंतेवाड़ा में डिप्टी सीएम: डिप्टी सीएम विजय शर्मा शुक्रवार को दंतेवाड़ा पहुंचे. दौरे के दूसरे दिन शनिवार को रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले वह दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे. वहां दंतेश्वरी माई के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की. उसके बाद गृह मंत्री राखी का त्योहार मनाने सर्किट हाउस के लिए रवाना हुए.जगदलपुर में नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर और हार्डकोर इनामी नक्सली हिड़मा की सुरक्षा गार्ड समेत अन्य सरेंडर्ड नक्सलियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को राखी बांधी है।  दंतेश्वरी मंदिर में डिप्टी सीएम विजय शर्मा  दंतेश्वरी फाइटर्स के साथ राखी का त्योहार: सर्किट हाउस में डिप्टी सीएम के साथ मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. जहां पहले से ही दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडो मौजूद थी. प्रदेश के गृह मंत्री को राखी बांधने को लेकर महिला कमांडो काफी उत्साहित दिखी. दंतेश्वरी फाइटर्स की जवान सुंदरी कोर्राम ने बताया कि डिप्टी सीएम को राखी बांधने को लेकर बहुत अच्छा लग रहा है. सुंदरी कोर्राम ने आग्रह किया कि नक्सल मोर्च पर तैनात डीआरजी जवानों की महिला बहनों को भी गृह मंत्री को राखी बांधने का मौका मिलना चाहिए. इससे उनका भी उत्साह वर्धन होगा. दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवानों ने गृह मंत्री को बांधी राखी  सरेंडर नक्सली महिलाओं और दंतेश्वरी फाइटर्स के साथ राखी का त्योहार: सर्किट हाइस में डिप्टी सीएम शर्मा ने सरेंडर नक्सली महिलाओं से बात की. उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया. साथ ही ये भी कहा कि नक्सलवाद खत्म करने उनका और उनके क्षेत्र का विकास होगा. इसके बाद उन्होंने सरेंडर महिला नक्सलियों से राखी बंधवाई. इसके बाद विजय शर्मा दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवानों से राखी बंधवाने पहुंचे. उन्होंने महिला जवानों का हौसला बढ़ाया और जंगल में विपरीत परिस्थतियों में भी नक्सलियों से लोहा लेने के लिए उनका आभार जताया. दंतेवाड़ा में डिप्टी सीएम ने मनाया रक्षाबंधन  उपमुख्यमंत्री ने महिला कमांडो का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ की महिला जवान कंधे से कंधा मिलाकर सुरक्षा में योगदान दे रही हैं, जो अपने आप में इतिहास है. राज्य सरकार विकास, विश्वास और सुरक्षा की तर्ज पर कार्य कर रही है और 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है." सरेंडर महिला नक्सलियों और दंतेश्वरी फाइटर्स जवानों से राखी बंधवाने के बाद विजय शर्मा ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा "नक्सलवाद के मार्ग को छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों से राखी बंधवाई. मेरे साथ केदार कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर दंतेवाड़ा ने राखी बंधवाई. इसका सिर्फ एक ही संदेश है कि चाहे सरेंडर महिला नक्सली हो या नक्सलियों से लड़ने वाली महिला जवान, सरकार हर कदम पर उनके साथ है." शर्मा ने आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा. विजय शर्मा के अलावा दंतेवाड़ा में मंत्री केदार कश्यप, बस्तर IG सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी आत्म समर्पित बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाया है। उनकी रक्षा का वचन दिया। इस दौरान सभी नेता और अधिकारियों ने बहनों को तोहफा दिया है। हिंसा का रास्ता छोड़ा दरअसल, महिला नक्सली सुंदरी, तुलसी समेत अन्य कई सालों से नक्सल संगठन में थीं। नक्सली कमांडर हिड़मा के सुरक्षा टीम में सक्रिय थीं। तुलसी PLGA बटालियन 1 में सक्रिय थी। तुलसी मेडिकल टीम प्रभारी थी। इन दोनों पर 8-8 रुपए का इनाम घोषित था। लेकिन कुछ साल पहले ही इन्होंने आत्म समर्पण कर दिया। अब दंतेश्वरी फाइटर्स में शामिल होकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। ऑपरेशन पर भी निकलती हैं। कई नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। दंतेवाड़ा पहुंचने पर विजय शर्मा का स्वागत      जो भी बहनें भटककर नक्सल दिशा में है और वापस आती है तो पूरा समाज उन्हें बहन मानेगा और उनकी सुरक्षा करेगा- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ इससे पहले शुक्रवार को विजय शर्मा गीदम विकासखंड अन्तर्गत ग्राम हिरानार में स्थित वंनाचल शिक्षा सेवा प्रकल्प संस्था पहुंचे. वहां शालेय परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों और प्राचार्य से चर्चा कर शैक्षणिक दृष्टि और अन्य सुविधायों की जानकारी ली. 23 एकड़ में विस्तारित इस संस्था में अंत्योदय वनवासी परिवारों के बच्चों को आवासीय शिक्षा और संस्कार की मुलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. वर्तमान में एलकेजी से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई की सुविधा यहां दी जा रही है. संस्था की प्राचार्य अनिता सोरी ने बताया कि इस शिक्षा सत्र में तीन नक्सल प्रभावित छात्रों ने यहां प्रवेश लिया है. वर्तमान में 102 छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.

देश की राजधानी में बारिश का कहर: कई इलाके डूबे, उड़ानों में देरी, सांसदों के फ्लैट्स के पास भी भरा पानी

नईदिल्ली  आज रक्षाबंधन है और दिल्ली-एनसीआर में सुबह हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया. सड़कों पर घुटनों तक पानी आ गया. जगह-जगह ट्रैफिक जाम के हालात बन गए. उड़ान संचालन पर भी असर पड़ा है. बड़ी संख्या में उड़ानें लेट भी लेट हुई हैं. दिल्ली में जलभराव से हालात खराब हैं. बीडी मार्ग पर सांसदों के फ्लैट हैं. यहां नर्मदा अपार्टमेंट के ठीक सामने जलभराव देखा जा रहा है. दिल्ली में तेज बारिश होने पर इस हिस्से में जलभराव आम बात बन गई है. जब पानी का स्तर बढ़ता है तो निकासी के लिए नालियां खोली जाती हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट जारी किया है. दिनभर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. खासकर पूर्वी और सेंट्रल दिल्ली में तेज बारिश होने की संभावना है. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों को उड़ानों की जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी. एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि मौसम प्रतिकूल है. हालांकि परिचालन इस समय सामान्य है. इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों को शहर में ट्रैफिक जाम को लेकर अलर्ट रहने के लिए कहा. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने स्पष्ट किया है कि बारिश के कारण IGI एयरपोर्ट पर कोई फ्लाइट डायवर्जन नहीं हुआ है. एयरपोर्ट और यात्रियों के लिए एडवाइजरी एक यात्री ने आजतक को बताया, मेरी फ्लाइट त्रिवेंद्रम से रात 11:45 बजे लैंड हुई, लेकिन घर (मयूर विहार) पहुंचने में तीन घंटे से ज्यादा लग गए. जबकि दूरी सिर्फ 25 किमी है. सराय काले खा के पास एक घंटे का जाम था और कम से कम चार जगह पानी भरा था. सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच कितनी बारिश हुई? – सफदरजंग: 49.6 मिमी – पूसा: 47.0 मिमी – मयूर विहार: 42.0 मिमी – प्रगति मैदान: 40.6 मिमी कई इलाकों में पानी भरने से मुश्किलें आईटीओ, मुनीरका मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1, मोती बाग, एपीएस कॉलोनी, अकबर रोड, साउथ एवेन्यू, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, मंडी हाउस, मिंटो रोड, संगम विहार, वसंत कुंज, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, पंचकुइयां मार्ग समेत कई जगहों पर जलभराव की स्थिति है. यमुना का जलस्तर सुबह 8 बजे 204.4 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 204.5 मीटर से 10 सेमी कम है. खतरे का स्तर 205.33 मीटर है. यानी नदी फिलहाल बाढ़ स्तर से करीब 93 सेमी नीचे बह रही है. गाजियाबाद में भी बारिश का असर सुबह से हो रही बारिश के कारण एनएच-9 विजय नगर अंडरपास और रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी भर गया. वाहन पानी में से गुजरते नजर आए. नोएडा में घुटनों तक पानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई सड़कें जलभराव की चपेट में हैं. सूरजपुर कस्बे में घुटनों तक पानी भर गया. जलभराव से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और प्राधिकरण के दावों की पोल खुल गई. मौसम का पूर्वानुमान IMD ने बताया कि अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. दिल्ली में 12 अगस्त तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. हिमाचल में भी बारिश का अलर्ट पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. 3 जिलों के लिए 11 और 12 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट और बाकी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 20 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 202 मौतें हो चुकी हैं. अगस्त में यहां सामान्य से 35% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि शिमला और मंडी जिलों में यह औसत से 65% तक ज्यादा है.    

राजधानी में फर्जी पुलिस भर्ती का खुलासा, सस्ते में मिल रही नकली वर्दी

 नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस से महज आधा किलोमीटर दूर, जीटीबी नगर के पास न्यू किशोर मार्केट की गलियों में एक अलग ही दुनिया बसती है। यहां की सादगी भरी दुकानें कमला नगर मार्केट की चमक-दमक से कोसों दूर हैं, लेकिन इनका धंधा कुछ खास है। यहां दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के लिए खाकी वर्दियां सिलती हैं। हैरानी की बात यह है कि कोई भी आकर इन्हें बनवा सकता है। बिना किसी जांच और सवाल-जवाब के। बस पैसे दो और पुलिस वाले बन जाओ। इस साल दिल्ली में कम से कम छह मामले सामने आए, जिनमें 17 लोग नकली पुलिसवाले बनकर अपराध करते पकड़े गए। अपहरण, उगाही, हनी-ट्रैपिंग से लेकर महिलाओं का पीछा करने तक ये नकली खाकीधारी हर तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। आसानी से मिल जाती है वर्दी एक टीम ने न्यू किशोर मार्केट का दौरा किया और सच का पर्दाफाश किया। दो बार, अलग-अलग बहाने बनाकर, उन्होंने पुलिस की वर्दियां सिलवाईं। एक बार नाटक के लिए, तो दूसरी बार सब-इंस्पेक्टर बनकर। हैरानी की बात यह है कि दोनों बार वर्दी आसानी से मिल गई। दुकान नंबर 1: सवाल तो बनता है, पर… किंग्सवे कैंप मेट्रो स्टेशन के पास एक छोटी-सी दुकान। तीन दर्जी खाकी कपड़ों के बीच फर्श पर बैठे, सिलाई मशीनों की खटपट के बीच काम में डूबे हुए। दुकानदार काले खान ने बताया, “हां, हम दिल्ली पुलिस की वर्दियां सिलते हैं।” जब हेड कांस्टेबल की वर्दी मांगी गई, तो उन्होंने आईडी कार्ड मांगा। नाटक का बहाना सुनकर बोले, 'थाने से लिखित पत्र लाओ।' सख्ती दिखी, लेकिन अगली दुकान ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। दुकान नंबर 2: पैसा बोलता है सड़क के उस पार एक और दुकान। यहां जवान दर्जी ने 'नाटक के लिए' कांस्टेबल की वर्दी मांगने पर पलक भी नहीं झपकी। उसका सहायक बोला, 'पुलिस से पत्र मांगना चाहिए,' लेकिन मालिक ने उसे चुप करा दिया। नाप लिया गया, 2,800 रुपये का बिल थमा दिया गया और डिलीवरी की तारीख दे दी गई। दुकान नंबर 3: सब-इंस्पेक्टर का रौब तीसरी दुकान में तो कमाल ही हो गया। एक पत्रकार ने सब-इंस्पेक्टर बनकर दस्तक दी। दुकानदार ने झट से कपड़े के सैंपल पेश किए। बोला- 2,000 रुपये में पूरी वर्दी मिल जाएगी अगर प्रीमियम कपड़ा चाहिए तो 3,500 रुपये लगेंगे। जब नाप लिया जा रहा था, तब दर्जी ने PSI नंबर पूछा। पत्रकार ने अनजान बनते हुए पूछा, 'PSI नंबर क्या होता है?' दर्जी को शक हुआ, लेकिन पत्रकार ने रौब झाड़ते हुए कहा, 'अब आईडी भी चाहिए तुमको?' इतना कहते ही बात बन गई। दुकानदार बोला, 'नहीं साहब, जरूरत नहीं।' इंडिया गेट का प्रतीक या कोई और डिजाइन का बैज चुनने को कहा गया। इसके बाद एक हफ्ते में वर्दी तैयार हो गई। अपराध की खाकी कहानियां नकली वर्दी का यह खेल कोई मजाक नहीं। इस महीने की शुरुआत में, दो लोग दिल्ली पुलिस और ईडी के अधिकारी बनकर सम्राट होटल के बेंटले शोरूम के मैनेजर से 30 लाख रुपये लूट ले गए। जून में, लक्ष्मी नगर में आठ नकली पुलिसवालों ने एक इंश्योरेंस ऑफिस पर रेड मारी और कीमती सामान लूट लिया। जुलाई में, IGI हवाई अड्डे पर एक 23 साल का लड़का नकली नियुक्ति पत्र और जाली आईडी के साथ सब-इंस्पेक्टर बनकर पकड़ा गया। उसने किंग्सवे कैंप से वर्दी खरीदी थी। मई में, भजनपुरा में एक नकली ट्रैफिक पुलिसवाला उगाही करते पकड़ा गया। फरवरी में, रोहिणी में हनीट्रैप रैकेट ने पुलिस वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को डराया और ब्लैकमेल किया। उसी महीने, तीन कॉलेज छात्र नकली पुलिसवाले बनकर एक सिक्योरिटी गार्ड को लूटते पकड़े गए। जून में, मुनीरका में पांच लोगों ने पुलिसवाले बनकर बंदूक की नोक पर एक व्यक्ति को किडनैप कर लिया। पुलिस की मुश्किल, दर्जी का पेंच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने माना, 'यह एक बड़ी समस्या है। हम इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमल में दिक्कत है।' पुलिस ने दर्जियों को मौखिक रूप से आईडी, बेल्ट नंबर, या थाने से संपर्क करने की हिदायत दी है, लेकिन लिखित नियमों के अभाव में यह सख्ती ढीली पड़ जाती है। दर्जी भी अपनी मजबूरी बताते हैं। 18 साल से दुकान चलाने वाले काले खान कहते हैं, “मैं हमेशा आईडी मांगता हूं। बड़े अधिकारियों से सीधे बात करता हूं। लेकिन कोई झूठ बोले तो हम क्या करें? कोई रूलबुक तो है नहीं।' 30 साल से पुलिसवालों की वर्दी सिलने वाले 59 साल के राजिंदर कुमार कहते हैं, 'मैं बातचीत से समझ जाता हूं कि सामने वाला असली है या नकली। नाटक के लिए वर्दी सिलने से पहले लिखित अनुमति जरूरी है।' असली-नकली का फर्क पुलिस के मुताबिक, असली और नकली वर्दियों में फर्क दिखता है, लेकिन सिर्फ वही समझ सकता है जो जानता हो। कांस्टेबल की वर्दी में सिर्फ बाएं कंधे पर निशान होता है। हेड कांस्टेबल की वर्दी में लाल-नीली तीर की पट्टी भी होती है। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के दोनों कंधों पर एक-एक तारा, नीचे नीली-लाल पट्टी और 'DP' लिखा होता है। सब-इंस्पेक्टर के दो तारे, इंस्पेक्टर के तीन, लेकिन लाल-नीली पट्टी नहीं। नेमप्लेट, बैज की जगह, और कंधों की पाइपिंग में भी अंतर होता है। IPS अधिकारियों की वर्दी में राज्य का बैज नहीं होता, बल्कि अशोक प्रतीक, तलवार और तारे होते हैं। लेकिन आम जनता को ये बारीकियां कहां पता? नकली पुलिसवाले इन्हीं कमियों का फायदा उठाते हैं। कोई कांस्टेबल की कमीज पहनकर ASI बन जाता है, तो कोई रैंक मार्किंग्स ही भूल जाता है। एक चुराया हुआ बेल्ट, बैज, या टोपी भी रौब को पूरा कर देता है।

सरिता विहार में STF का ऑपरेशन सफल, बरामद हुए भारी मात्रा में हथियार

नई दिल्ली स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में बड़ी अनहोनी टल गई है. यहां स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साउथ ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, बरामद हथियारों में 10 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल शामिल हैं. सभी हथियार अत्याधुनिक (सॉफ्टिकेटेड) श्रेणी के हैं और इनके साथ अतिरिक्त मैगजीन भी मिली है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अमित नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है. उससे पूछताछ चल रही है. उसने बताया कि हथियारों की यह खेप मध्य प्रदेश से दिल्ली लाई गई थी. STF अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल बड़े आपराधिक या आतंकी घटनाओं में किया जा सकता था. मामले में जांच जारी है और हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है.