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मस्जिद विवाद के बाद 100 Instagram ID पर कार्रवाई, संपर्कों की भी जांच शुरू

उज्जैन उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीडीआर की जांच कर यह पता लगा रही है कि उपद्रव से पहले और बाद में किन लोगों के बीच संपर्क हुआ था। सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम भी बुधवार को तेज किया गया। मंगलवार को मीनार पर मचान बांधने के बाद बुधवार को मीनार के गुम्बद वाले हिस्से को हटाया गया। इसके बाद मीनार समेत अन्य प्रभावित हिस्से को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। 8 FIR में 34 आरोपी, 24 गिरफ्तार 28 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस अब तक 8 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इनमें 34 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 24 की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार सर्चिंग कर रही है। जांच के दौरान और आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, पथराव, भड़काऊ संदेश प्रसारित करने और उपद्रव में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक वायरल कंटेंट को ब्लॉक करवाया है। दूसरे जिलों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है। यदि किसी आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मामलों में उसकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपी किन संगठनों से जुड़े, मोबाइल की CDR भी खंगाल रही पुलिस पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड के साथ यह भी पता लगा रही है कि वे किन-किन संगठनों से जुड़े हैं। उनके मोबाइल की सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उपद्रव के पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था। 500 मीटर क्षेत्र में 8 ड्रोन, 100 से ज्यादा CCTV शाही मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। यहां 8 ड्रोन और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस लगातार फुटेज खंगाल रही है, ताकि उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। 2500 जवान तैनात, 5 ASP और 21 DSP संभाल रहे सुरक्षा उज्जैन में करीब 2500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान, सत्ती गेट से लेकर कंठाल तक बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में उज्जैन के अलावा रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास, शाजापुर समेत अन्य जिलों से आए 5 एएसपी, 21 डीएसपी और 32 टीआई तैनात हैं। RAF और STF की तीन कंपनियां भी सुरक्षा में लगी हैं। करीब 850 महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर हैं। 40 श्रमिक कर रहे प्रभावित हिस्सा हटाने का काम मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए मुस्लिम समाज के करीब 40 श्रमिक दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं। अभी तक करीब 35 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है। काम की गति को देखते हुए पूरा प्रभावित हिस्सा हटाने में कम से कम चार दिन और लग सकते हैं। पुलिसकर्मियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था बाहर से आए पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए शहर की अलग-अलग धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के लिए चाय, नाश्ता, लंच और डिनर के साथ भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दो शिफ्टों में अधिकारी और जवान ड्यूटी कर रहे हैं।

नर्मदा गंज में शुरू हुआ नाली निर्माण, जलभराव की समस्या होगी दूर

वार्ड नंबर 9 में जनसमस्या पर हुई पहल, नाली निर्माण कार्य शुरू नर्मदा गंज में जलभराव और गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत,  वाड़ी मोहल्ले में भी शुरू हुआ नाली निर्माण डिंडौरी नगर के वार्ड नंबर 9 नर्मदा गंज में लंबे समय से बनी जलभराव और नाली के दूषित पानी की समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद स्मिता अजय बर्मन की पहल पर नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। वार्डवासियों की समस्या को लेकर पार्षद द्वारा नगर परिषद को पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया था, जिसके बाद नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। वार्ड में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश एवं अन्य समय में जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही थी। वहीं नालियों का दूषित पानी नर्मदा नदी में समाहित होने की समस्या भी सामने आ रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इसी तरह वार्ड के वाड़ी मोहल्ले में भी नाली के पानी के ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई थी। यहां भी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नाली निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। वार्ड पार्षद की पहल से लोगों को राहत की उम्मीद नाली निर्माण कार्य शुरू होने से वार्डवासियों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भी नाली निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक और निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल! समनापुर में सरेराह हो रहा था शराब का परिवहन, युवाओं ने दिखाई हिम्मत तो तस्कर ने दी धमकी शराब तो पकड़ी गई पर वाहन गायब! पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने दी गलत जानकारी, थाना प्रभारी ने ही कहा – गलत बोल रहा है डिंडौरी समनापुर विकासखंड मुख्यालय में सोमवार को युवाओं ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए सरेराह अवैध शराब परिवहन का भंडाफोड़ किया। लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे आशीष सोनवानी और राजेश कुमार यादव बाजार में थे। इसी दौरान ओमप्रकाश गुप्ता नामक व्यक्ति तीन पेटी शराब लेकर बिछिया गांव की तरफ जाता नजर आया। शक होने पर दोनों युवकों ने उसे रोका और तलाशी ली तो तीन कार्टून में अंग्रेजी और देसी शराब भरी हुई मिली। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।आरोप है कि पकड़े जाने पर तस्कर ओमप्रकाश ने दोनों युवकों को जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन युवक अपनी कार्रवाई पर अड़े रहे। कितनी शराब पकड़ी गई? युवकों द्वारा पुलिस को सौंपी गई शराब में,50 पाव प्लेन शराब – कीमत करीब 3,500 रुपये,48 पाव MD रम – कीमत करीब 9,120 रुपये,कुल कीमत – करीब 12,620 रुपये युवकों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, इसलिए उन्हें खुद ही शराब पकड़कर पुलिस के हवाले करना पड़ रहा है। अब उन्हें ठेकेदार से जुड़े लोगों से धमकियां मिल रही हैं। पुलिस की भूमिका संदिग्ध! वाहन क्यों नहीं जब्त? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर है। वाहन गायब:- जब शराब पकड़ी गई तो उसे ले जा रहा वाहन जब्त क्यों नहीं हुआ? पुलिसकर्मी ने दी गलत जानकारी-: जब इस संबंध में लिखापढ़ी कर रहे पुलिसकर्मी अनिल उसराठे से पूछा गया कि पकड़ी गई शराब कहां है, तो उन्होंने कहा कि शराब डिंडौरी भिजवा दी गई है। थाना प्रभारी ने ही झूठ पकड़ा-: जब थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और शराब को डिंडौरी क्यों भेजेंगे? इस तरह थाना प्रभारी ने ही अपने ही स्टाफ की बात को गलत ठहरा दिया। अब सवाल उठता है कि पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने गलत जानकारी क्यों दी? इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? क्या शराब तस्करों को बचाने की कोशिश की जा रही है? ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महाकाल मंदिर मार्ग होगा चौड़ा, 39 परिवारों के मकान-दुकानों पर लगाए लाल निशान

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा तक के 200 मीटर लंबे 15 मीटर चौड़े मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने का रास्ता अब कानूनी और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह साफ हो गया। 28 सितम्बर को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्थगन आदेश (स्टे) खारिज होते ही नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। इसके बाद गुरुवार सुबह बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित 39 परिवारों के मकानों, दुकानों और होटलों के अधिग्रहण वाले हिस्से पर लाल निशान अंकित किए थे। इसके बाद बुधवार को सभी प्रभावितों को 24 घंटे में जगह खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया गया था। असर ये हुआ कि शाम तक ज्यादातर दुकानें खाली कर दी गई और कईयों ने अपना कीमती सामान बाहर कर सुरक्षित कर लिया। गुरुवार सुबह से प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत कायाकल्प स्मार्ट सिटी कंपनी और नगर निगम द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत महाकाल क्षेत्र में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह चौड़ीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में यह 200 मीटर लंबा मार्ग केवल 15 मीटर चौड़ा है, जिसे बढ़ाकर 24 मीटर किया जाना है। मालूम हो कि जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 8 गुना तक बढ़ाने और आसपास के संपर्क मार्गों को चौड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत अन्य मार्गों पर अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा मार्ग पर प्रभावित परिवारों के विरोध और कोर्ट से मिले अंतरिम स्थगन के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। अब हाईकोर्ट से रोक हटते ही निगम ने अधिग्रहण की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। प्रभावितों का दर्द : 'रोजी-रोटी छिन जाएगी, सड़क 18 मीटर ही चौड़ी करें' दूसरी ओर, वर्षों से इस मार्ग पर निवास कर रहे भू-स्वामियों, व्यापारियों और किरायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे शहर और मंदिर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ीकरण से उनकी दुकानें और आशियाने पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। व्यापारियों की मांग है कि यदि मार्ग को 24 मीटर के बजाय 18 मीटर चौड़ा किया जाए, तो भवनों का नुकसान कम होगा और उनका रोजगार भी बच जाएगा। प्रभावितों का कहना है कि वे इस मानवीय पहलू को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाने और उच्च स्तर पर कानूनी अपील दायर करने के प्रयास में लगे हैं। हालांकि, लाल निशान और अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में तनाव और बेदखली का डर साफ देखा जा सकता है। बुलडोजर और पोकलेन की मदद से हटाएंगेनगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रभावितों को 2 जून 2023 को ही नोटिस जारी कर अधिग्रहित होने वाले हिस्से की जानकारी दे दी गई थी। नोटिस में स्पष्ट था कि निर्धारित अवधि में कब्जा न सौंपने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। स्टे हटने के बाद अब गुरुवार को भारी पुलिस बल और पोकलेन/बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण व चिह्नित निर्माण हटाने की बड़ी कार्रवाई हो रही है।  

पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर

पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर मुरैना  पितृ पक्ष के अवसर पर पूर्वजों की स्मृति में सेवा और स्वास्थ्य का संकल्प लेकर संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड द्वारा 1 से 10 अक्टूबर तक विशेष निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जाएगा। शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू मिश्रा, बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल तोमर तथा हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. तनुज डंडोतिया मरीजों का निःशुल्क परामर्श करेंगे। महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था, बांझपन, गर्भाशय एवं अंडाशय से संबंधित समस्याओं के संबंध में सलाह दी जाएगी। वहीं बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, सांस संबंधी परेशानी, कमजोरी, पोषण एवं विकास संबंधी समस्याओं का परामर्श मिलेगा। हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं में घुटने, कमर और गर्दन के दर्द, गठिया, चोट, फ्रैक्चर तथा हड्डियों की कमजोरी सहित अन्य समस्याओं पर चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, रक्त एवं पेशाब की जांच भी निःशुल्क की जाएगी। हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाना है। प्रबंधन ने आमजन से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। स्थान: संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड, मुरैना। समय: प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक। संपर्क: 9755625501

धान खरीद का आगाज, पंजाब में 1887 मंडियां तैयार; किसानों के लिए 5 लाख बारदाना उपलब्ध

अमृतसर पंजाब में धान की सरकारी खरीद आज से शुरू होगी। खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही कई मंडियों में फसल की आवक शुरू हो गई है। इस बार फसल समय से पहले तैयार होने के कारण किसान धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। सरकार ने खरीद के लिए जरूरी इंतजाम पूरे करने का दावा किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। राज्य को अक्तूबर की खरीद के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) मिल चुकी है। इससे किसानों को भुगतान में सुविधा होगी। 180 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य इस सीजन में केंद्र के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये और सामान्य धान का एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल है। ये दरें खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने तय की हैं। 1887 मंडियां अधिसूचित धान खरीद के लिए प्रदेश में 1887 मंडियां अधिसूचित की गई हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र भी सक्रिय किए जा सकते हैं। मंडियों में पैकिंग के लिए करीब पांच लाख बारदाना उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों को पेयजल, चिकित्सा, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में न पहुंचे, इसके लिए भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खरीद व्यवस्था में पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और एफसीआई समेत सरकारी एजेंसियां शामिल होंगी। भंडारण और उठान की चुनौती खरीद सीजन के साथ भंडारण और उठान की चुनौती भी सामने है। राज्य में करीब 275-280 लाख टन पुराना खाद्यान्न गोदामों, राइस मिलों और मंडी परिसरों में मौजूद होने की रिपोर्ट है, जबकि उपलब्ध भंडारण क्षमता करीब 180 लाख टन बताई गई है। नई फसल के लिए जगह बनाने के लिए सरकार ने मिलिंग व्यवस्था में भी राहत दी है। सितंबर में कस्टम मिलिंग नीति में बदलाव कर उन राइस मिलों को नई फसल का धान लेने की अनुमति दी गई, जिन्होंने पिछली फसल का कम से कम 90 प्रतिशत चावल सरकारी एजेंसियों को दे दिया है। अमृतसर : सफाई और सुविधाओं पर जोर भगतांवाला दाना मंडी में किसानों और मजदूरों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। उपायुक्त ने पेयजल, बिजली, शौचालय और सफाई की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। बारिश की स्थिति में धान को सुरक्षित रखने और आढ़ती एसोसिएशन के साथ समन्वय कर जल्द उठान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। लुधियाना : 109 मंडियां तैयार लुधियाना में धान खरीद के लिए 109 मंडियां तैयार की गई हैं। इस सीजन में करीब 17.25 लाख टन धान की आवक का अनुमान है। एडीसी शिखा भगत ने अधिकारियों के साथ बैठक कर खरीद व्यवस्था की समीक्षा की और किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी नहीं आने देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल

रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय 27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने। मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।

मंदिर में दो साधुओं की दर्दनाक मौत, तख्त से बांधकर जलाने का आरोप

 शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर से रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने वाले दो वृद्धों की तख्त से बांधकर जिंदा जला देने से मौत हो गई। वारदात रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है। बड़े दास दिव्यांग बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में सुमित सिंह नाम के युवक पर दोनों वृद्धों के साथ मारपीट करने, उन्हें अलग-अलग तख्त से बांधने और मंदिर परिसर और आसपास से लकड़ियां जुटाकर आग लगाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है और वह उस पर कब्जा करना चाहता था। दोनों वृद्ध मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने के साथ उसकी देखभाल भी करते थे। इसी बात को लेकर पहले से विवाद होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बुधवार रात सुमित गांव में घूमते हुए पहले काल सिंह स्थान पर पहुंचा और वहां लाइट तोड़ने के बाद हनुमान मंदिर गया। यहां दोनों वृद्धों से उसका विवाद हुआ। इसके बाद उसने कथित तौर पर दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें तख्त से बांधकर आग लगा दी। आग में झुलसने से दोनों की मौत हो गई। दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था आरोपी ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और कार जलाने समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। उस पर पूर्व में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसके पिता का नाम भी हिस्ट्रीशीटर के रूप में सामने आता रहा है। हालांकि, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। दो वृद्धों को मंदिर परिसर में बांधकर जिंदा जलाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके, जमीन के विवाद की पृष्ठभूमि और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मंदिर की जमीन को लेकर पुराना विवाद गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में दोनों वृद्ध लंबे समय से रहकर पूजा-पाठ और देखभाल करते थे। बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है। इसी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद की तत्काल वजह क्या थी और वारदात से पहले आरोपियों व मृतकों के बीच क्या हुआ। दो महीने पहले जेल से छूटने की जानकारी ग्रामीणों के अनुसार, सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ कार जलाने और एससी-एसटी एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उस पर पहले भी आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप हैं।

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजा वड़िंग का इस्तीफा; नए अध्यक्ष की रेस में सिंगला

लुधियाना पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की।. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है, सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब, कहां पर नियुक्त करना है, हाईकमान तय करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान….     सेंट्रल पावर सिस्टम: पंजाब कांग्रेस में अब तक नेता दो प्रमुख धड़ों चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बंटे हुए थे। पायलट ने सबसे पहले इस भ्रम को दूर किया कि पंजाब में फैसला लेने का अधिकार किसी गुट के पास है। उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और यूथ विंग के प्रभारियों को साफ संदेश दिया कि पंजाब कांग्रेस की पूरी पावर और निर्णय क्षमता अब सीधे केंद्रीय प्रभारी यानी सचिन पायलट के पास है।     चन्नी-वड़िंग से पावर छीनकर सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़ाव: पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चन्नी या वड़िंग को रिपोर्ट करने के बजाय सीधे उनके संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इसके नतीजे तुरंत दिखने लगे; पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने आकाओं के चक्कर काटने छोड़कर सीधे पायलट की कोर टीम और दिल्ली दरबार में अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर दी है। इससे स्थानीय क्षत्रपों का एकाधिकार और दबाव बनाने की राजनीति पूरी तरह धराशायी हो गई।     ‘सिफारिश कल्चर’ खत्म और 'मेरिट बेस्ड' टिकट: गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण चुनाव के समय अपने चहेतों को टिकट दिलाना होता था। सचिन पायलट ने चन्नी और वड़िंग दोनों गुटों से जुड़े नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि आने वाले चुनावों में किसी भी बड़े नेता की 'सिफारिश' पर टिकट नहीं बांटी जाएगी। टिकट आवंटन का एकमात्र पैमाना 'मेरिट', सर्वे रिपोर्ट और धरातल पर नेता की छवि होगी। इस घोषणा ने गुटबाजी के सरगनाओं के पर काट दिए हैं।     प्रधान और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब: संगठनात्मक रीस्ट्रक्चरिंग के तहत सचिन पायलट ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नेताओं, जिला प्रधानों और यूथ कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को दिल्ली तलब किया। बंद कमरे में हुई बैठकों में पायलट ने पंजाब के हालात पर सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाने का बेस बनाया: सचिन पायलट का मानना है कि किसी भी एक गुट का व्यक्ति यदि संगठन के शीर्ष पद पर रहेगा, तो दूसरा धड़ा हमेशा खुद को उपेक्षित महसूस करेगा। यही कारण है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाकर एक निष्पक्ष, सर्वस्वीकार्य और नए चेहरे को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस संबंध में पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है।

किसानों के लिए बड़ा फैसला, रबी फसलों की MSP बढ़ी; ओपी चौधरी ने जताई खुशी

रायपुर : रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी विपणन वर्ष 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी किसान हितैषी निर्णय के लिए वित्त मंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विपणन वर्ष 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सभी अनिवार्य रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलने के साथ फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निर्णय ले रही है। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।