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सुरक्षा एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता, मोहाली में विस्फोटक सामग्री समेत दो आरोपी पकड़े गए

चंडीगढ़. पंजाब में एक बड़े आतंकी षड्यंत्र को पुलिस ने नाकामयाब कर दिया। पुलिस ने मोहाली से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी विदेश में बैठे एक आतंकी संचालक के संपर्क में थे और सार्वजनिक महत्व के एक महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाने की साजिश पर काम कर रहे थे। डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (IED) बरामद किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस विस्फोटक का इस्तेमाल किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान या ढांचे को निशाना बनाने किया जा सकता था। बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं तथा पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को दबोचा। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को विस्फोटक सामग्री कहां से मिली, उन्हें निर्देश कौन दे रहा था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संचालकों और साजिश के पूरे तंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। विदेश से जुड़े तार पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के तार विदेश में सक्रिय एक आतंकी संचालक से जुड़े हुए हैं। जांच का फोकस अब उन सभी कड़ियों तक पहुंचने पर है जो इस षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती हैं। अधिकारियों को आशंका है कि नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया है। यदि साजिश सफल हो जाती तो जनहानि के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था।

छत्तीसगढ़ में बासमती धान मिशन को मिलेगा बढ़ावा, मंत्री नेताम ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

रायपुर. छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। सामान्य धान की खेती के फसल विविधिकरण तथा राज्य में बासमती का रकबा बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी। बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य में बासमती धान के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।

अमोनिया गैस लीक होने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन, पुलिस-NDRF की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

सीहोर  दोराहा थाना क्षेत्र के सोनाकच्छ टोल प्लाजा के पास आज यानि गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कोटा से नागपुर की ओर जा रहे अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया. गैस रिसाव की खबर मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आई और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।  पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत रुकवाया टैंकर जैसे ही अमोनिया गैस के रिसाव की सूचना मिली, दोराहा थाना पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए टोल टैक्स के पास ही टैंकर को रुकवाया और तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. जहरीली गैस के फैलाव को रोकने के लिए एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया।  नियंत्रण में स्थिति, नहीं कोई जनहानि मामले के बारे में एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि "गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाल लिया था. रिसाव को पूरी तरह से बंद करने और स्थिति को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीकी प्रयास किए जा रहे हैं. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।  बताते चलें ​अमोनिया गैस बेहद तीखी और दमघोंटू होती है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सजगता के कारण इसे आबादी क्षेत्र में फैलने से पहले ही रोक दिया गया. इस सूझबूझ भरे ऑपरेशन की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और हाइवे पर मौजूद राहगीरों व स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।  इससे पहले खंडवा में हुआ था LPG गैस का रिसाव मध्य प्रदेश में गैस रिसाव की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. इससे पहले खंडवा में 13 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर जा रहे एलपीजी वैगन में गैस रिसाव हुआ था. यहां खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर 36 एलपीजी वैगन खड़ी थी, जिसमें अचानक रिसाव होने लगा था. जानकारी मिलते ही रेलवे व डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर वैगन को आइसोलेट किया था. यहां भी वक्त रहते प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया तो बड़ी घटना हो सकती थी। 

बरसात की तैयारी तेज, पंजाब में 1400 जलभराव हॉटस्पॉट और हजारों किमी सीवर लाइन होगी दुरुस्त

चंडीगढ़  मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने राज्यभर में अब तक का सबसे बड़ा सीवरेज सफाई अभियान शुरू किया है।स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि वर्षा शुरू होने से पहले पंजाब के सभी शहरों और कस्बों में 2,200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सफाई तथा 1,400 पुराने सीवर ओवरफ्लो हाटस्पाट्स को दुरुस्त किया जाएगा। बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत 800 किलोमीटर मुख्य ट्रंक सीवर लाइनों और 1,400 किलोमीटर मोहल्लों की शाखा सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी। विभाग ने ऐसे 1,400 स्थानों की पहचान की है जहां हर वर्ष मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने इस बार स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है कि पंजाब के किसी भी शहर या कस्बे में सीवर ओवरफ्लो नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। पटियाला में 93 और नंगल में सात किमी सीवर लाइनों की होगी सफाई मंत्री अनुसार जालंधर में 108 किलोमीटर सीवर लाइन और 47 हाटस्पाट, पटियाला में 93 किलोमीटर, लुधियाना में 40 किलोमीटर और 42 हाटस्पाट, बठिंडा में 55 किलोमीटर और 39 हाटस्पाट, मोहाली में 36 किलोमीटर, जीरकपुर में 14 किलोमीटर और 15 हाटस्पाट, खरड़ में 11 किलोमीटर और 11 हाटस्पाट, धूरी में सात किलोमीटर और तीन हाटस्पाट, कोटकपूरा में 21 किलोमीटर तथा नंगल में सात किलोमीटर सीवर लाइनों की सफाई की जा रही है। जेई से एसई स्तर तक तय होगी जवाबदेही हरजोत बैंस ने कहा कि स्थानीय निकायों और सीवरेज बोर्ड के जेई तथा अन्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सुपर सक्शन मशीनों और हाई-कैपेसिटी जेटिंग उपकरणों की तैनाती की गई है। अभियान की प्रगति की निगरानी डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से रोजाना की जाएगी और जेई से लेकर एसई स्तर तक जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को मैदान में रहने के निर्देश दिए गए हैं और विधायकों व नगर परिषद प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा गया है ताकि इस बार लोगों को जलभराव, सीवर बैकफ्लो और गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों से राहत मिल सके।

दोस्ती से सियासी टकराव तक: भगवंत मान और रवनीत बिट्टू के बीच बढ़ी जुबानी जंग

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में कभी गहरी दोस्ती के लिए चर्चित रहे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच अब सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत में बिट्टू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह जल्द ही अपना मंत्री पद और राज्यसभा सीट दोनों गंवा सकते हैं। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने रवनीत बिट्टू को विधानसभा चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने के लिए कहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इसी वजह से वह कह रहे हैं कि बहुत हो गया राज्यसभा और लोकसभा।” राजनीतिक गलियारों में यह बयान इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि मान और बिट्टू कभी बेहद करीबी मित्र माने जाते थे। आम आदमी पार्टी के 2022 में सत्ता में आने और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच निजी और राजनीतिक मुद्दों पर नियमित बातचीत होती थी। हालांकि समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलती गईं और अब आम आदमी पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का असर उनके व्यक्तिगत संबंधों पर भी दिखाई देने लगा है। दोनों नेताओं के बीच तनाव उस समय खुलकर सामने आया जब हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान रवनीत बिट्टू संगरूर और धूरी पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेता प्रोफेसर ओंकार सिंह का समर्थन किया, जिन्हें चुनावी क्षेत्र में कथित रूप से नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रोफेसर ओंकार सिंह कभी भगवंत मान के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने उन्हें अपना ओएसडी नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद ओंकार सिंह भाजपा में शामिल हो गए और धूरी क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में रवनीत बिट्टू द्वारा ओंकार सिंह का समर्थन करना मान को पसंद नहीं आया, जिसके बाद दोनों नेताओं के संबंधों में खटास और बढ़ गई। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। कभी दोस्ती के लिए मिसाल माने जाने वाले भगवंत मान और रवनीत बिट्टू अब पंजाब की राजनीति में अलग-अलग मोर्चों पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

पंडोरी की तलाश में पहुंची पुलिस, देर रात छापेमारी के बाद खाली हाथ लौटी टीम

अमृतसर  शिरोमणि अकाली दल की बीसी विंग के प्रधान एवं पार्षद इंद्रजीत सिंह पंडोरी के निवास पर बीती रात करीब ढाई बजे पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। चार पुलिस वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने पंडोरी के घर पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि देर रात पुलिस कर्मियों ने घर पर पहुंचकर इंद्रजीत सिंह पंडोरी के बारे में पूछताछ की। जब परिवार के सदस्य बाहर आए तो उन्होंने पुलिस को बताया कि पंडोरी घर पर नहीं हैं। इसके बाद पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के वहां से लौट गई। सूत्रों के अनुसार पुलिस इंद्रजीत सिंह पंडोरी को हिरासत में लेने के उद्देश्य से पहुंची थी, लेकिन उनके घर पर नहीं मिलने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि पुलिस किस मामले में उन्हें हिरासत में लेने पहुंची थी, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह मजीठा में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के समर्थक जोबनजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में मजीठिया अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उसे पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया था।

धमकी भरे पत्र से हड़कंप, नगर निगम कार्यालय समेत दो प्रमुख मंदिरों को उड़ाने की चेतावनी

चंडीगढ़. सेशन जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें अदालत परिसर को उड़ाने की धमकी दी गई थी। हरियाणा पुलिस ने बताया कि सोमवार को सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक ईमेल प्राप्त होने के बाद पंचकुला जिला अदालत में दहशत फैल गई, जिसमें अदालत परिसर को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके चलते अदालत को खाली कराया गया और तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि अलर्ट मिलने के बाद पंचकुला पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आए और संभावित खतरे को खत्म करने के लिए तुरंत मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए और अदालत परिसर को अस्थायी रूप से खाली करा दिया। पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और विशेष पुलिस टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया और उन्होंने मिलकर अदालत परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। पंचकुला के सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार ने कहा, “अदालत परिसर और आसपास के इलाके की गहन तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। यह एक अफवाह थी।” सुरक्षा जांच के बाद स्थिति को पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में घोषित कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया और सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार निगरानी बढ़ा दी, पुलिस सूत्रों ने बताया। पंचकुला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा, “धमकी मिलते ही स्थापित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार तत्काल कार्रवाई की गई। पूरे कोर्ट परिसर की गहन जांच की गई है और स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। साइबर सेल ईमेल का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। हम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह करते हैं।” साइबर सेल ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने और उसके तकनीकी पहलुओं की जांच करने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस और जिला अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, वहीं अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जिले में कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। हेडक्वार्टर में सुरक्षा जांच इस बीच, पंचकुला जिला अदालत को मिली बम की धमकी के मद्देनजर, सोमवार दोपहर को चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय परिसर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और चंडीगढ़ पुलिस की टीमों द्वारा गहन सुरक्षा जांच की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई "एहतियाती उपाय" के रूप में की गई थी, खासकर हाल ही में हुई कई घटनाओं को देखते हुए जिनमें चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में स्कूलों और अदालत परिसरों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। उच्च न्यायालय परिसर की गहन और व्यवस्थित तलाशी के लिए खोजी दल और बम निरोधक दल सहित विशेष टीमों को तैनात किया गया था। अभियान के दौरान सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। यह कहानी इस विज्ञापन के नीचे जारी है शुक्रवार को अंबाला कोर्ट परिसर में बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हाल के हफ्तों में, चंडीगढ़ के कई स्कूलों के अलावा पंजाब के अमृतसर, जालंधर और पटियाला और हरियाणा के अंबाला में भी इसी तरह की बम की धमकियां मिली हैं, जो बाद में झूठी साबित हुईं।

बारिश से पहले एक्शन मोड में सरकार, 1400 हॉटस्पॉट और 2200 किमी सीवर नेटवर्क होगा दुरुस्त

चंडीगढ़. मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने राज्यभर में अब तक का सबसे बड़ा सीवरेज सफाई अभियान शुरू किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि वर्षा शुरू होने से पहले पंजाब के सभी शहरों और कस्बों में 2,200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सफाई तथा 1,400 पुराने सीवर ओवरफ्लो हाटस्पाट्स को दुरुस्त किया जाएगा। बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत 800 किलोमीटर मुख्य ट्रंक सीवर लाइनों और 1,400 किलोमीटर मोहल्लों की शाखा सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी। विभाग ने ऐसे 1,400 स्थानों की पहचान की है जहां हर वर्ष मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने इस बार स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है कि पंजाब के किसी भी शहर या कस्बे में सीवर ओवरफ्लो नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। पटियाला में नंगल में होगी सफाई मंत्री अनुसार जालंधर में 108 किलोमीटर सीवर लाइन और 47 हाटस्पाट, पटियाला में 93 किलोमीटर, लुधियाना में 40 किलोमीटर और 42 हाटस्पाट, बठिंडा में 55 किलोमीटर और 39 हाटस्पाट, मोहाली में 36 किलोमीटर, जीरकपुर में 14 किलोमीटर और 15 हाटस्पाट, खरड़ में 11 किलोमीटर और 11 हाटस्पाट, धूरी में सात किलोमीटर और तीन हाटस्पाट, कोटकपूरा में 21 किलोमीटर तथा नंगल में सात किलोमीटर सीवर लाइनों की सफाई की जा रही है। जेई से एसई स्तर तक जवाबदेही हरजोत बैंस ने कहा कि स्थानीय निकायों और सीवरेज बोर्ड के जेई तथा अन्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सुपर सक्शन मशीनों और हाई-कैपेसिटी जेटिंग उपकरणों की तैनाती की गई है। अभियान की प्रगति की निगरानी डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से रोजाना की जाएगी और जेई से लेकर एसई स्तर तक जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को मैदान में रहने के निर्देश दिए गए हैं और विधायकों व नगर परिषद प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा गया है ताकि इस बार लोगों को जलभराव, सीवर बैकफ्लो और गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों से राहत मिल सके।

जैविक खेती और ड्रोन तकनीक से कृषि को नई उड़ान, मुख्यमंत्री साय ने गिनाए फायदे

रायपुर. आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं। कृषि योजनाओं से किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है। ड्रोन तकनीक से खेती होगी और आधुनिक कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। जैविक खेती और नैनो उर्वरकों पर जोर मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया। किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है। नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें – मुख्यमंत्री कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।

मध्यप्रदेश का मौसम बदला, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश; 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी

भोपाल  पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते देश में मौसम तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. लोगों के चिलचिलाती जलन देने वाली गर्मी से राहत मिल सकेगी. मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल और इंदौर सहित मध्य प्रदेश के 39 जिलों में तेज आंधी, बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि "वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं. प्रदेश के 39 जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर और दक्षिण भारत से आ रही नमी मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के हालात बना रही है. ऐसे में लोगों को अगले 48 घंटों तक सावधान रहने की सलाह दी गई है. जिला प्रशासन को सतर्क रहने के साथ लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे नहीं ठहरने की एडवाइजरी जारी की गई है।  अचानक मौसम बदल रहा है मौसम विभाग के हिसाब से इस वक्त एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसके चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. ऐसे में दोनों सिस्टम जब आपस में मिलते हैं तो हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है. कई क्षेत्रों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ ओले गिरने की आशंका है।  मौसम विभाग ने नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि के साथ 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। भोपाल में सुबह से बादल छाए हैं। कई इलाकों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा रायसेन, सीहोर और नर्मदापुरम में भी बारिश हुई। उज्जैन, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के 33 जिलों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर बना हुआ है। इसी कारण इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि 15 जून की बजाय 20 से 22 जून के बीच होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी गई तेजी से मौसम में आ रहे बदलाव के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बहुत परेशानियां ला सकते हैं. ऐसे में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है. खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका के चलते मध्य प्रदेश के किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है. अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम के सबसे ज्यादा आक्रामक रुख रखने की आशंका है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों में तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं।  40 डिग्री से ऊपर पारा…रतलाम सबसे गर्म मध्य प्रदेश में बुधवार को आंधी-बारिश के दौर के बीच कुछ शहरों में तेज धूप भी खिली। इससे तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया। सबसे ज्यादा रतलाम में 42 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 41.8 डिग्री, राजगढ़ में 40.6 डिग्री, मलाजखंड-खंडवा में 40.5 डिग्री, खजुराहो-सागर में 40.3 डिग्री, नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री, नौगांव, दमोह, उमरिया-मंडला में 40 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.4 डिग्री, इंदौर में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 38.9 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया।