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पिछले पांच वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण, ग्रामीण प्रशासन हुआ और मजबूत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में ग्रामीण विकास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों की स्थापना कर ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कर पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ग्राम सचिवालयों की स्थापना से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं की जानकारी, मनरेगा संबंधी सेवाएं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब बार-बार तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।      पिछले 5 वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। ग्राम सचिवालयों में फर्नीचर, कम्प्यूटर, इंटरनेट, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है। कुल 1875 रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट और कन्सल्टिंग इंजीनियर(सिविल) का इम्पैनलमेंट किया गया है।  राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं आनलाइन अटेण्डेन्स सिस्टम किया गया लागू      विभाग द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायतों को भेजी जाने वाली समस्त धनराशि का भुगतान ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर से किये जाने के लिए जिओ फेन्स्ड एंड क्यू आर कोड तकनीक (Geo fenced and QR Code technique) लागू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से धनराशि के व्यय में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित किया गया है। एआई मॉडल का प्रयोग कर व्यय का अनुश्रवण किया जा रहा है। समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं संचार हेतु राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं आनलाइन अटेण्डेन्स सिस्टम लागू किया गया है।    प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इन भवनों में पंचायत बैठकों, जनसुनवाई, डिजिटल सेवाओं और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पंचायत भवनों के निर्माण से ग्राम पंचायतों को स्थायी कार्यालय मिले हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।     ग्राम सचिवालय और पंचायत भवनों का यह व्यापक नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को नई गति देने के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्रदेश के गांवों को सशक्त, डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष फोकस, जनजातीय बालिकाओं को दी जा रही जानकारी

जनजातीय छात्राओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक रक्षा सखी अभियान के तहत बड़वानी पुलिस दे रही महिला सुरक्षा, साइबर अपराध एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी भोपाल जनजातीय छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस द्वारा “रक्षा सखी” अभियान चला रही है। अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है। बड़वानी पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को अनुसूचित जनजाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना तथा महिला संबंधी अपराधों के बारे में विस्तार से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया है कि कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है। छात्राओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के उपायों की जानकारी देते हुए उन में आत्म विश्वास पैदा किया जा रहा है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 तथा अन्य पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके। कार्यक्रम में छात्राओं की महिला सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता दिखाई दे रही है तथा स्वयं को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने का संकल्प भी कराया जा रहा है। बड़वानी पुलिस का “रक्षा सखी” अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन रहा है।  

फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने का प्रस्ताव, अब यह भगवान महावीर जी के नाम पर जाना जाएगा: मुख्यमंत्री

कुशीनगर   कुशीनगर की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास बनाम अराजकता के मुद्दे पर कहा कि पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश कट्टा-बम बनाने वालों की पहचान से जुड़ा था, जबकि आज वही उत्तर प्रदेश देश की सुरक्षा के लिए ब्रह्मोस मिसाइल बना रहा है। पिछली सरकारें निर्दोष लोगों, व्यापारियों को लूटने के लिए कट्टा-बम बनाती थीं। बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाती थीं, लेकिन हमने इन शोहदों को ठीक किया है। जो ठीक नहीं हुआ, बोली से नहीं माना वो गोली से जरूर मान गया है। मंगलवार को कुशीनगर में ₹424+ करोड़ की 278 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की विकृत मानसिकता ने कुशीनगर को बीमारी, भुखमरी और बेरोजगारी दी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने इंसेफेलाइटिस और माफिया, दोनों पर प्रभावी प्रहार करते हुए विकास, सुरक्षा और रोजगार का नया वातावरण तैयार किया है। कुशीनगर अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि बुलेट स्पीड से आगे बढ़ते नए उत्तर प्रदेश का प्रतीक बन रहा है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से कुशीनगर की तस्वीर बदल गई मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के पुत्र कुश, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि कुशीनगर आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जबकि 9-10 वर्ष पहले यह जनपद पहचान के संकट, इंसेफेलाइटिस, माफिया राज, भूख, बेरोजगारी और अव्यवस्था से जूझ रहा था। खनन माफिया का आतंक था, किसान शोषण का शिकार था, उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बदहाल थीं तथा फाजिलनगर व कसया क्षेत्र में मुसहर समुदाय के लोगों की भूख से मौत की खबरें आती थीं। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने नया रास्ता चुना और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से कुशीनगर की तस्वीर बदल गई। आज जिले में लगभग 90 हजार गरीबों को आवास, 3.14 लाख से अधिक परिवारों को शौचालय, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा सहित अनेक जनकल्याणकारी सुविधाएं मिल रही हैं। पहले दंगे, अपराध और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे, जबकि आज सुरक्षा, विकास और गरीब कल्याण नई पहचान है। बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। मच्छर व माफिया, दोनों समस्याओं का किया समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कुशीनगर में कभी मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और एयरपोर्ट की कल्पना तक नहीं की जा सकती थी, आज वहां अपना मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसी सुविधाएं साकार रूप ले चुकी हैं। इसी सत्र से कृषि विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होगा और बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा। किसानों को गन्ने का मूल्य 315 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है तथा भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस की बीमारी लगभग समाप्त हो चुकी है, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर प्रदेश से माफिया राज समाप्त हुआ है। मच्छर बीमारी लाता था और माफिया बेरोजगारी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने दोनों समस्याओं का समाधान किया है। आज कुशीनगर की बेटियां व युवा पुलिस समेत विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयनित हो रहे हैं तथा निवेश से पैदा हो रहे नए रोजगारों का लाभ भी उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसका श्रेय जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को देते हुए कहा कि पहले तमकुही राज और फाजिलनगर विकास नहीं, उपेक्षा और मजाक का विषय बने हुए थे, जबकि आज विधायक और सांसद के प्रयासों से विकास परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे यह क्षेत्र भगवान महावीर की विरासत से जुड़कर वैश्विक पहचान प्राप्त करेगा। अच्छे जनप्रतिनिधि विकास, सुरक्षा, रोजगार और खुशहाली लेकर आते हैं तथा डबल इंजन सरकार हर किसान को उचित मूल्य, हर युवा को अवसर, हर बेटी को सुरक्षा और हर परिवार को बेहतर जीवन देने के संकल्प के साथ सतत कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी घोषित रूप से रामद्रोही मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण सदियों के संघर्ष, आस्था और संकल्प की विजय का प्रतीक है। 498 वर्ष पूर्व भगवान राम की जन्मभूमि पर विदेशी आक्रांता द्वारा मंदिर ध्वस्त किए जाने के बाद अनेक पीढ़ियां इसके पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष करती रहीं, लेकिन राम मंदिर निर्माण को वास्तविक गति डबल इंजन की भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली। कांग्रेस आजादी के बाद चाहती तो राम मंदिर बना सकती थी, लेकिन उसने नहीं बनने दिया। समाजवादी पार्टी तो घोषित रूप से रामद्रोही रही है। ये लोग लगातार बाधाएं खड़ी करते रहे, लेकिन हमारा संकल्प अटूट था। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है और आधुनिक अयोध्या अपने वैभव, विकास और आध्यात्मिक भव्यता से त्रेता युग की अनुभूति कराती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा था और उस अवसर पर लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे। एक वोट की ताकत से बना अयोध्या में भव्य राममंदिर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के एक वोट की ताकत का परिणाम अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली तक दिखाई देता है। इसी जनादेश की ताकत से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त हुई और उत्तर प्रदेश ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण केंद्र बन रहा है। जब भारत का बहादुर जवान दुश्मन की छाती पर ब्रह्मोस दागता है, तो पाकिस्तान “बचाओ-बचाओ” चिल्लाने लगता है। कुशीनगर के लोगों को अब विकास की राह पर पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डबल इंजन सरकार विकास के लिए धन की कमी नहीं आने देगी और एक-एक पैसे का हिसाब रखते हुए हर क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। कुशीनगर कभी पिछड़ा नहीं था, बल्कि पिछली सरकारों की विकृत नीतियों ने इसे बीमारी, भुखमरी और बेरोजगारी के संकट में धकेल दिया था। अब यह जनपद विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के बल पर बुलेट स्पीड से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर कुशीनगर के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सांसद देवरिया शशांक मणि, गोरखपुर के सांसद रविकिशन, विधायक तमकुही राज डॉ. असीम कुमार, विधायक फाजिलनगर सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा, जिला पंचायत … Read more

जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले सीएम योगी

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई व विवाह से लेकर निराश्रितों व बुजुर्गों की पेंशन तक, समाज के हर जरूरतमंद के लिए सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। सीएम योगी मंगलवार को जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। सोमवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन जरूर करें। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि हर पात्र व्यक्ति का संबंधित योजना में आवेदन कराकर लाभ दिलाया जाए।  सीएम योगी ने जनता दर्शन में आए लोगों के प्रार्थना पत्रों को निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। जनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जनता दर्शन में जौनपुर जिले से आई एक महिला ने एक एनजीओ पर फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ जांच की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले में जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाए। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दीं। मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।

अगले साल झारखंड में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज

धनबाद. झारखंड में अगले वर्ष यानी अप्रैल-मई 2027 के महीने में पंचायत चुनाव होगा। चुनाव सही ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र देकर तैयारियां करने का आदेश दिया है। साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर कई जानकारियों की मांग की है। इस आदेश के बाद धनबाद जिले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से जिलों को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि अप्रैल-मई 2027 में पंचायत चुनाव होना है। इस त्रिस्तरीय चुनाव के तहत जिला परिषद, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और पंचायत वार्ड सदस्य के पद पर चुनाव होगा। ऐसे में जिलों से वहां मौजूद छोटी और बड़ी मतपेटियों की संख्या, बूथों की जानकारी, पंचायतों की संख्या से संबंधित जानकारी की मांग की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, धनबाद जिले में 256 पंचायते हैं और जिला के पास करीब पांच हजार से अधिक मतपेटियां हैं। यह भी बताया गया है कि प्रत्येक बूथ के लिए दो बड़ी मतपेटी और एक छोटी मतपेटी का उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी धनबाद मुकेश कुमार बाउरी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग से आदेश पत्र प्राप्त हुआ है। उपरोक्त आदेशों पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त धनबाद से आदेश लेने के बाद कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मतपत्र से होगा चुनाव: नगर निकाय चुनाव की तरह ही पंचायत चुनाव भी मतपत्रों के माध्यम से ही होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतपेटियों के बावत जानकारी मांगी है। इससे यह साफ हो गया है कि मतपत्रों से ही चुनाव होगा। एक मतदाता को तीन वोट देने होंगे। इनमें जिला परिषद सदस्य, मुखिया और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए वोट दिया जाएगा। चार रंगों के रहेंगे मतपत्र: निर्वाचन आयोग के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत होने वाले चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए चार रंग के मतपत्रों को उपयोग किया जाएगा। इसमें सफेद रंग का मतपत्र पंचायत के वार्ड सदस्य के लिए होगा। इसी प्रकार से मुखिया के लिए गुलाबी, पंचायत समिति सदस्य के लिए हल्का हरा और जिला परिषद सदस्यों के लिए हल्के पीले रंग का मतपत्र होगा।

क्या कांग्रेस में लौटेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह? पंजाब की सियासत में नई चर्चा शुरू

चंडीगढ़. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम एक बार फिर पंजाब की राजनीति केंद्र में आ गया है। BJP में रहते हुए कांग्रेस लीडरशिप, खासकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को लेकर हाल ही में किए गए पॉजिटिव कमेंट्स के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस नहीं छोड़ी होती, तो 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सरकार फिर से बन सकती थी। वड़िंग के इस बयान ने न सिर्फ कैप्टन के पॉलिटिकल रोल को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि पंजाब कांग्रेस के अंदर पॉलिटिकल संकेतों को लेकर भी नए कयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस इतनी ही अच्छी पार्टी थी, तो कैप्टन ने इसे 2 बार क्यों छोड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कैप्टन को सब कुछ दिया। वह 2 बार मुख्यमंत्री बने, 2 बार पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट रहे और सेंटर में मिनिस्टर भी बने। अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह आज कांग्रेस की तारीफ कर रहे हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि पार्टी छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि किसी पद से हटाए जाने का मतलब पार्टी छोड़ना नहीं है। कांग्रेस में कई बड़े नेताओं ने अपने पद छोड़े हैं, लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी है। इसलिए कैप्टन को भी पार्टी में रहकर अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए थी। उनके जाने से कांग्रेस की एकता टूट गई। अगर कैप्टन पार्टी में रहते तो पार्टी की इमेज और वोट बैंक दोनों मजबूत होते और हो सकता था कि कांग्रेस सत्ता में वापस आ जाती। असल में, 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को कमान सौंपी गई थी। इसके कुछ महीने बाद 2022 के चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस सिर्फ 18 सीटों पर सिमट गई। तब से यह चर्चा है कि कैप्टन के जाने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले कुछ दिनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह की बातों ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की और कहा कि सोनिया गांधी के साथ काम करते हुए उन्हें कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। राहुल गांधी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजीं और परिवार के दुख के समय भी उनसे संपर्क किया। कैप्टन के ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पंजाब BJP में नई लीडरशिप को लेकर चर्चा हो रही है और केवल सिंह ढिल्लों को प्रेसिडेंट बनाया गया है। इस वजह से कैप्टन के कमेंट्स सिर्फ पर्सनल फीलिंग्स नहीं हैं, बल्कि एक बड़े पॉलिटिकल सिग्नल के तौर पर भी देखे जा रहे हैं।

जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से अभियान चला रहा है परिवहन विभाग

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार सड़क पर लोगों के जीवन और सम्पत्ति की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने और नागरिकों में जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया और महज 7 दिन में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने पर 20 से 26 मई तक 57,186 चालान किए गए। वहीं 2,669 वाहनों को सीज किया। सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट और सीट बेल्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण इन दोनों बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अभियान के दौरान 23,758 हेलमेट न लगाने वालों के चालान किए गए। इसी तरह 9,083 लोगों के सीट बेल्ट न लगाने पर चालान काटे गए। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग दुर्घटना की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। इसको देखते हुए जागरूकता और चेतावनी देने के लिए ड्राइविंग के दौरान मोबाइल उपयोग करने वाले 3,676 लोगों पर कार्रवाई की गई। अनाधिकृत बसों पर भी लगाम विभाग ने सड़क हादसों को रोकने के लिए अनाधिकृत बसों पर भी कार्रवाई की। प्रदेशभर में ऐसी 1,502 बसों का चालान काटा और 400 से अधिक को सीज किया गया। वहीं माल वाहनों में सवारी ढोने पर 1 हजार से अधिक चालन किए गए। साथ ही 91 वाहनों को सीज भी किया। अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरलोडिंग से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना भी है।

सूरजपुर का ’पिलखा जलाशय बना महिला सशक्तिकरण की मिसाल

सूरजपुर/रायपुर. छत्तीसगढ़ (या अन्य स्थानीय राज्यों) के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं ने जलाशयों/तालाबों के प्रबंधन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों का सफल संचालन कर महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं जल स्रोतों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम से निर्मित सुंदर जलाशय आज न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन चुका है। यहाँ मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बोटिंग गतिविधि की शुरुआत कर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। ’सामूहिक प्रयास से मिला रोजगार का नया अवसर’ समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह एवं सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में इस 10 सदस्यीय समूह ने स्थानीय पर्यटन से जुड़कर स्वरोजगार का एक शानदार अवसर तैयार किया है। जलाशय का लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ बोटिंग सुविधा शुरू की गई है, जिसकी टिकट दर 50 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है। ’चुनौतियों को बनाया सफलता का रास्ता’ शुरुआती दौर में इन ग्रामीण महिलाओं के सामने संसाधनों की कमी, तकनीकी ज्ञान का अभाव और संचालन संबंधी कई बड़ी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद, समूह की एकजुटता, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने इन बाधाओं को अवसरों में बदल दिया। महिलाओं ने किसी बाहरी मदद पर निर्भर रहने के बजाय, बोटिंग का संचालन, पर्यटकों की सुरक्षा और पूरे परिसर का प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं संभालते हुए अपने इस कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। ’आर्थिक मजबूती और बढ़ता आत्मविश्वास’ इस सराहनीय पहल के माध्यम से समूह अब तक 74 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर चुका है। इससे न केवल समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटा रही हैं, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। ’महिला उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण’ मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह गौरवशाली उपलब्धि स्पष्ट करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही अवसर, उचित सहयोग और एक मंच मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता का नया अध्याय लिख सकती हैं। पिलखा जलाशय में संचालित यह बोटिंग गतिविधि आज ग्रामीण महिला उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है, जो स्थानीय पर्यटन को भी एक नई पहचान दे रही है।

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहाँ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व.  बनसिंह, स्व.  अंतरसिंह एवं स्व.  लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री  मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुये हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई दी। समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे। प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 बच्चों को प्लेस किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेंहू का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया, जो कि गेहूं विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूं विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से दो लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों … Read more

बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: हर्षवर्धन दीक्षित की संपत्तियों पर चला राजस्व विभाग का डंडा, दुकानें कुर्क

भोपाल   राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट, शुभ बिजनेस जोन  के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट संचालक एवं बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित पर खरीदारों से दुकान एवं व्यावसायिक संपत्तियों के नाम पर करोड़ों  रुपये लेने के बावजूद समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोप हैं। मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रेरा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में राजस्व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16, 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 एवं 45 को कुर्क कर दिया। दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई। नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता, नगर पुलिस भोपाल से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद राजस्व अमले, पटवारी और पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कुर्की की कार्रवाई संपन्न हुई। पीड़ित महिला खरीदार ने आरोप लगाया कि उसने दुकान के लिए पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय से उसे पजेशन नहीं दिया गया। महिला का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद बिल्डर द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते रहे। अंततः न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे राहत मिली। स्थानीय खरीदारों का आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों राशि वसूली गई, लेकिन निर्धारित समयावधि में निर्माण एवं कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अनेक निवेशक आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कुर्की की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य निवेशकों और खरीदारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर भी उचित कार्रवाई हो सकेगी। मुख्य बिंदु रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट शुभ बिजनेस जोन पर कार्रवाई। नायब तहसीलदार गोविंदपुरा के आदेश पर दुकानों की कुर्की की कार्यवाही। ग्राउंड फ्लोर की 5 एवं प्रथम तल की 3 दुकानों को किया गया कुर्क। रेरा आदेश के अनुपालन में राजस्व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। पुलिस बल, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक अमले की मौजूदगी में हुई कार्रवाई। खरीदारों का आरोप, पूरी राशि लेने के बाद भी नहीं दिया गया पजेशन।