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स्थायी रोजगार की मांग को लेकर अड़े सफाई कर्मचारी, 31 मई तक जारी रहेगी हड़ताल; मंत्री के घर होगा प्रदर्शन

बाढड़ा/चंडीगढ़. ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन सीटू के आह्वान पर चल रही हड़ताल शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी रही। कर्मचारी धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं लेकिन सरकार अब तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही। ग्रामीण सफाई कर्मचारी पक्का कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने तथा 400 की आबादी पर स्थायी सफाई कर्मचारी भर्ती करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षो से गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें ना तो स्थायी रोजगार मिला है और ना ही सम्मान जनक वेतन। हड़ताल को 31 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। 31 मई तक प्रदेश के मंत्रियों के आवासों पर रोष प्रदर्शन होगा। भिवानी, चरखी दादरी और रोहतक जिलों के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 31 मई को सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के आवास पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। धरने की अध्यक्षता संजय जीतपुरा ने की तथा संचालन सुरेश कुमार ने किया। यूनियन नेता सुरेश कुमार जेवली ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 15 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पंचायत सचिवों और सरपंचों की ओर से कर्मचारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के लगभग 10500 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल झूठे आश्वासन देने में लगी है। सीटू जिला संयोजक राजकुमार घिकाड़ा और जिला सह संयोजक कमलेश भैरवी ने कहा कि आज प्रदेश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है।

तूफान और बारिश से प्रभावित इलाकों में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, हालात का लिया जायजा

आंधी-पानी से हुए नुकसान का जायजा लेने मैदान में उतरे ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से उप नगर ग्वालियर में कई क्षेत्रों में वृक्ष गिरने से विद्युत लाइनों तथा खंभों के क्षतिग्रस्त होने से बिजली संबंधी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। सूचना प्राप्त होते ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तत्काल ग्राउंड पर पहुँचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा राहत एवं मरम्मत संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देर रात 1 बजे 4 फीडरों पर विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री तोमर ने माँ वैष्णोंपुरम , चंदनपुरा, श्याम बाबा का मंदिर, राठौर चौक, गदाईपुरा पहुंचकर विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-पानी के कारण जिन इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्युत आपूर्ति बहाल करें। प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से संवाद करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली विभाग की टीमें पूरी तत्परता और तेजी से कार्य कर रही हैं। शीघ्र ही सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   

निकाय चुनाव में धांधली का आरोप, पंजाब चुनाव आयोग पहुंचा भाजपा का डेलिगेशन

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में वीरवार को पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर पंजाब में जारी निकाय चुनावों के दौरान कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन-सह-शिकायत पत्र सौंपा। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आए बूथ कैप्चरिंग, मतदाता सूचियों में हेरफेर, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग तथा अन्य चुनावी अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने राज्य चुनाव आयोग से इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ज्ञापन में उन प्रभावित क्षेत्रों में मतदान रद कर पुनर्मतदान करवाने की भी मांग की गई, जहां गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया को भय, दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से मुक्त बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ढिल्लों के साथ प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ संयोजक एनके वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता रणजीत गिल शामिल थे।

कोरबा में भ्रष्टाचार का VIDEO वायरल, रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी; SDM की बड़ी कार्रवाई

कोरबा. एक और पटवारी का किसान से रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है. मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के पसान तहसील के पिपरिया हल्के का मामला है. जानकारी के अनुसार, पिपरिया व सिर्री हल्के के पटवारी विनोद अग्रवाल ने जमीन का वन पट्टा ऑनलाइन करने के लिए 5 हजार और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार की रिश्वत मांगी थी. मजबूर किसान ने पटवारी को रिश्वत देने के साथ-साथ टेबल के नीचे नोट गिनते हुए उसका वीडियो भी बना लिया. वीडियो वायरल होने के बाद पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने पटवारील विनोद अग्रवाल को निलंबित कर दिया है. 

पंजाब में BJP को करारा झटका, दूसरे-तीसरे नंबर की बात दूर, ‘अन्य’ ने भी छोड़ा पीछे

चंडीगढ़  पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. पार्टी को उम्मीद थी कि नया चेहरा संगठन में नई ऊर्जा भरेगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा. लेकिन राजनीति में टाइमिंग कभी-कभी सबसे बड़ा संदेश बन जाती है. अध्यक्ष पद संभालने के महज 24 घंटे के भीतर नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने भाजपा की उम्मीदों पर ठंडा पानी डाल दिया. पार्टी सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई. हालत इतनी खराब रही कि भाजपा न सिर्फ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही, बल्कि ‘अन्य’ उम्मीदवारों से भी पिछड़ गई. यह नतीजा साफ संकेत देता है कि पंजाब में भाजपा अभी भी जमीन तलाश रही है. किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी, स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी और क्षेत्रीय राजनीति की समझ की कमी पार्टी को लगातार भारी पड़ रही है. केवल सिंह ढिल्लों के सामने अब सिर्फ संगठन चलाने की नहीं, बल्कि पार्टी को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की चुनौती भी है।  नगर निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सिर्फ हार नहीं, बल्कि चेतावनी की घंटी हैं. पंजाब जैसे राज्य में जहां क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श पर भारी पड़ते हैं, वहां भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार नहीं बना पाई है. आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसका संगठन गांव से शहर तक सक्रिय है. कांग्रेस अपनी पारंपरिक ताकत बचाने में सफल रही और अकाली दल भी भाजपा से आगे निकल गया. ऐसे में भाजपा के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ चेहरा बदलने से हालात बदल जाएंगे? केवल सिंह ढिल्लों को अब बूथ स्तर से लेकर किसान और सिख समुदाय तक भरोसा बहाल करना होगा. वरना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और मुश्किल में फंस सकती है।  नया अध्यक्ष और तुरंत झटका: 2027 चुनाव की चुनौती     पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति का मौजूदा मूड साफ कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने 630 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. कांग्रेस 215 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 175 सीटें मिलीं. भाजपा सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 214 सीटें जीत लीं. यह आंकड़ा भाजपा के लिए सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है. इसका मतलब है कि जनता स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी भाजपा से ज्यादा भरोसा कर रही है.     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अभी भी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को पूरी तरह समझ नहीं पाई है. राज्य में किसान आंदोलन का असर खत्म नहीं हुआ है. ग्रामीण इलाकों में भाजपा को लेकर नाराजगी अब भी दिखती है. इसके अलावा भाजपा के पास ऐसा बड़ा स्थानीय चेहरा भी नहीं है जो पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती दे सके. केवल सिंह ढिल्लों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी।  नया अध्यक्ष, लेकिन पुरानी मुश्किलें बरकरार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी अब पंजाब में नई शुरुआत चाहती है. लेकिन संगठनात्मक बदलाव का असर तुरंत चुनावी नतीजों में नहीं दिखा. ढिल्लों को ऐसे समय कमान मिली है जब पार्टी लगातार कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही है. उन्हें कार्यकर्ताओं में भरोसा लौटाने के साथ-साथ सिख समुदाय के बीच भी स्वीकार्यता बढ़ानी होगी।  AAP ने क्यों मारी बाजी? आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क और भगवंत मान सरकार की योजनाओं को बड़ा कारण माना जा रहा है. पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखी. मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों ने AAP को फायदा पहुंचाया. यही वजह है कि नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने एकतरफा बढ़त बना ली।  BJP की आगे की राह आसान नहीं भाजपा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को चौथे स्थान से ऊपर लाना है. पार्टी को सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति से आगे बढ़कर स्थानीय मुद्दों पर काम करना होगा. किसानों, बेरोजगारी, व्यापार और नशे जैसे मुद्दों पर ठोस रणनीति बनानी पड़ेगी. अगर भाजपा आने वाले समय में अकाली दल के साथ तालमेल बनाती है तो उसे कुछ फायदा मिल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति मुश्किल दिखाई दे रही है।  केवल सिंह ढिल्लों के अध्यक्ष बनने के बावजूद BJP को इतना बड़ा झटका क्यों लगा? संगठन में बदलाव चुनावी सफलता की गारंटी नहीं होता. पंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी समस्या कमजोर जनाधार और स्थानीय मुद्दों से दूरी है. किसान आंदोलन के बाद पार्टी की छवि प्रभावित हुई. केवल सिंह ढिल्लों को संगठन संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला. ऐसे में चुनावी नतीजों पर तत्काल असर दिखना मुश्किल था।  क्या ये नतीजे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत हैं? नगर निकाय चुनाव को पूरी तरह विधानसभा चुनाव का ट्रेलर नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह राजनीतिक माहौल जरूर दिखाता है. AAP की मजबूत स्थिति और भाजपा की कमजोरी साफ दिखाई दे रही है. अगर भाजपा अगले दो साल में संगठन और जनाधार मजबूत नहीं करती तो 2027 में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  पंजाब में BJP अपनी स्थिति कैसे सुधार सकती है? भाजपा को पंजाब में स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करना होगा. किसान, युवा और व्यापारियों से जुड़ाव बढ़ाना जरूरी है. पार्टी को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय राज्य के खास मुद्दों पर फोकस करना होगा. सिख समुदाय के साथ संवाद बढ़ाना और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना भी बेहद अहम होगा। 

JPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट, जून में आएगा प्रीलिम्स रिजल्ट और अगस्त में मेन्स एग्जाम

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग जून माह के पहले या दूसरे सप्ताह में सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर सकता है। अगस्त माह में इसकी मुख्य परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी है। आयाेग ने 19 अप्रैल को संपन्न प्रारंभिक परीक्षा में दोनों पत्रों में पूछे गए प्रश्नों का अंतिम मॉडल उत्तर जारी कर दिया है। इसके आधार पर ही प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया जाएगा। आयोग ने सामान्य अध्ययन (प्रथम पत्र) एवं सामान्य अध्ययन (द्वितीय पत्र) दोनों का मॉडल उत्तर जारी किया है। पूर्व में जारी मॉडल उत्तर में अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद आयोग ने पहले प्रश्नपत्र में आयोग ने दो प्रश्नों को ड्राप किया है। वहीं, एक प्रश्न में दो विकल्प सही पाए गए हैं। इनमें सभी अभ्यर्थियों को समान अंक दिए जाएंगे। दूसरे प्रश्नपत्र में इस तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। इससे पहले आयोग ने दोनों प्रश्न पत्रों का मॉडल उत्तर जारी करते हुए उनपर अभ्यर्थियों से 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थीं। निर्धारित तिथि तक अभ्यर्थियों से प्राप्त आपत्तियों पर आयोग द्वारा विषय-विशेषज्ञों के समीक्षा के बाद अंतिम माडल उत्तर प्रकाशित किया गया। प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से कुल विज्ञापित पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन मेधा सूची के आधार पर मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए किया जाएगा। यह मेधा सूची दोनों पत्रों के प्राप्तांकों के योग के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आवश्यक अंक 32 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत निर्धारित है। अंतिम परिणाम मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों के आधार पर किया जाएगा।

बोधगया से दिल्ली तक हाई-लेवल मीटिंग्स, PM मोदी के आमंत्रण पर कल भारत आएंगे म्यांमार राष्ट्रपति

बोधगया. भारत और म्यांमार के संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए म्यांमार यूनियन रिपब्लिक के राष्ट्रपति मिन आंग हाइंग 30 मई से 3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहे इस दौरे को दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख व्यवसायी शामिल रहेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, अपनी वर्तमान भूमिका में यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा। दौरे के कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर बोधगया पहुंचेंगे। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रपति यहां विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इसके बाद 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेताओं के बीच भारत-म्यांमार संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। राष्ट्रपति एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योग और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 2 जून को मुंबई भी जाएंगे, जहां वे उद्योग एवं व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ विभिन्न संस्थानों का दौरा करेंगे। भारत सरकार के अनुसार म्यांमार, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और महासागर नीति का महत्वपूर्ण साझेदार देश है। ऐसे में इस उच्चस्तरीय दौरे से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। म्यांमार राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व काउंसलेट जेनरल ने किया एयरपोर्ट का निरीक्षण म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के प्रस्तावित बोधगया दौरे को लेकर गया जी एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। म्यांमार के काउंसलेट जेनरल तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को गया जी एयरपोर्ट पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी प्रोटोकॉल एवं विशेष विमान के लैंडिंग संबंधी अनुमति और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पहुंचे थे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। म्यांमार के राष्ट्रपति शनिवार को विशेष विमान से सुबह 9:10 बजे सीधे गया जी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत वे दोपहर 3: 45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गया जी एयरपोर्ट पर जिलाधिकारी व एसएसपी ने की बैठक म्यांमार के महामहिम राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के प्रस्तावित बोधगया दौरे को लेकर गया जी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गुरुवार को गया जी एयरपोर्ट परिसर में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर व एसएसपी सुशील कुमार की अध्यक्षता में एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (एएसएल) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक अवधेश कुमार, पुलिस प्रशासन, विशेष सुरक्षा एजेंसियों तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी मूवमेंट, रूट चार्ट, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, ट्रैफिक कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। डीएम शशांक शुभंकर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एयरपोर्ट परिसर से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और बोधगया तक विशेष निगरानी रखने, संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने तथा सभी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।

रोहतक में 11 केवी लाइन पर हाथ साफ, 3700 मीटर बिजली तार चोरी से निगम को भारी चपत

महम/रोहतक. जिले के महम क्षेत्र में बिजली निगम की 11 केवी लाइन से हजारों मीटर तार चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना से बिजली निगम को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली निगम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मई की रात को सब स्टेशन से सूचना मिली थी कि 11 केवी बैंसी एपी लाइन में ब्रेकडाउन हो गया है। सूचना मिलते ही लाइन स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाइन की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि बैंसी से खरैंटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन से एससीआर कंडक्टर चोरी कर लिया गया है। निगम के अनुसार मौके से करीब 3700 मीटर एससीआर कंडक्टर 50 एमएम2 गायब मिला। चोरी की घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बिजली निगम ने अपनी शिकायत में बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब 3 लाख 2 हजार 475 रुपये है। निगम ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ सामान बरामद करवाने की मांग की है। साथ ही निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाने की भी अपील की गई है। शिकायत के आधार पर थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है। मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नियद नेल्लानार 2.0 से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, सुदूर इलाकों को 45 योजनाओं का सीधा लाभ

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ मुख्य सचिव विकासशील ने की समीक्षा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।            आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नियद नेल्लानार 1.0 की सफलता के बाद अगला कदम             बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी। गांव-गांव पहुंचेंगी ये प्रमुख 31 व्यक्तिगत योजनाएं           इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे। 14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर          सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।          इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।