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चतरा से पत्थलगड़ा तक नई रेललाइन की तैयारी तेज, ड्रोन सर्वे को मिली हरी झंडी

 चतरा  चतरा से पत्थलगड़ा तक प्रस्तावित नई ब्राडगेज रेललाइन परियोजना को लेकर रेलवे ने सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण, गया के उप मुख्य अभियंता ने उपायुक्त से प्रस्तावित रेललाइन के लिए ड्रोन वीडियोग्राफी कराने की अनुमति मांगी है। यह रेलखंड चतरा जिले में 25.234 किलोमीटर लंबा होगा। ईस्ट सेंट्रल रेलवे, गया के उप मुख्य अभियंता शशि कुमार ने उपायुक्त को पत्र भेजकर बताया है कि चतरा (किमी 75.100) से पत्थलगड़ा (किमी 100.334) तक प्रस्तावित नई ब्राडगेज रेललाइन को सक्षम प्राधिकार ने विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया है। परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। रेलवे की ओर से प्रस्तावित रेल लाइन के क्षेत्र की ड्रोन वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य परियोजना के दस्तावेजीकरण, सर्वेक्षण और योजना तैयार करने में सहायता लेना है। ड्रोन से लिए गए वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तावित रेललाइन के क्षेत्र का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि ड्रोन वीडियोग्राफी के दौरान निर्माण विभाग, गया के अभियंता अधिकृत रूप से टीम के साथ रहेंगे और सर्वे कार्य की निगरानी करेंगे। चतरा से पत्थलगड़ा तक नई रेललाइन का प्रस्ताव जिले के रेल संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है परियोजना के तहत प्रस्तावित रेलमार्ग के क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा होने के बाद योजना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड को विस्तृत प्राक्कलन पहले ही भेजे जाने के बाद अब ड्रोन वीडियोग्राफी की अनुमति मांगना परियोजना की अगली प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण, गया के उप मुख्य अभियंता के पत्र के आलोक में ड्रोन सर्वे के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। -रवि आनंद, डीसी, चतरा

CM योगी बोले- हर बच्चे को पढ़नी चाहिए ‘एग्जाम वॉरियर्स’, किताबों से दूर नहीं है आज का युवा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता। पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है। पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है। ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।  

लुधियाना में बम धमकी से हड़कंप, कोर्ट के साथ एयरपोर्ट और नेताओं को निशाना बनाने की चेतावनी

लुधियाना. लुधियाना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर शनिवार को कोर्ट परिसर में बम धमाके की धमकी मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी उस समय मिली, जब कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर 12 सितंबर को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया। ईमेल में दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद न्यायिक परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस टीमों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों, प्रवेश और निकास द्वारों तथा आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी।   एयरपोर्ट और नेताओं को भी धमकी धमकी भरे ईमेल में केवल लुधियाना जिला अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत को निशाना बनाने की बात नहीं कही गई, बल्कि मोहाली और हलवारा एयरपोर्ट पर भी हमले की चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की धमकी का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने में जुटी है।   जिला जज ने पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र धमकी की जानकारी मिलने के तुरंत बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में न्यायाधीशों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों और परिसर में मौजूद आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया। साथ ही न्यायालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की जांच कर रही हैं। फिलहाल परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

एक्सपायर्ड वीजा में रह रहीं थीं 7 थाई युवतियां, जयपुर रिसॉर्ट पार्टी में पुलिस का छापा

जयपुर जयपुर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रही हाई-प्रोफाइल पार्टी पर अचानक छापा मारा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस स्पेशल ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने मौके से थाईलैंड की 7 विदेशी युवतियों, 3 स्थानीय युवकों और रिसॉर्ट मालिक को डिटेन किया है। यही नहीं, पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ी गई थाईलैंड की सभी 7 युवतियों के पासपोर्ट और वीजा की वैधता अवधि काफी समय पहले खत्म हो चुकी थी। वे भारतीय आव्रजन और नागरिकता नियमों का उल्लंघन कर जयपुर में अवैध रूप से रह रही थीं और इस प्राइवेट पार्टी में शामिल थीं। इस अचानक हुई कार्रवाई में पुलिस को मौके से संदिग्ध सामग्री और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने की सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस अधिकारियों को शहर में सक्रिय एक बड़े विदेशी ड्रग्स और एस्कॉर्ट नेटवर्क का अंदेशा है। पुलिस की स्पेशल टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि एक्सपायर्ड वीजा के बावजूद ये विदेशी युवतियां जयपुर में इतने लंबे समय से किसके संरक्षण में ठहरी हुई थीं और रिसॉर्ट मालिक का इस अवैध गतिविधि से क्या सीधा कनेक्शन है। जयपुर पुलिस इस मामले में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताते हुए इनसे सघन पूछताछ कर रही है। गुप्त सूचना पर छापा, रिसॉर्ट में हड़कंप पुलिस सूत्रों के अनुसार, जयपुर के आउटर एरिया में स्थित एक नामी रिसॉर्ट में बिना किसी आधिकारिक अनुमति और कमर्शियल लाइसेंस के लेट नाइट पार्टी आयोजित किए जाने की गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर रिसॉर्ट को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस की टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां विदेशी युवतियों के साथ शराब और संदिग्ध नशे की चीजें परोसी जा रही थीं। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क जवानों ने सभी को हिरासत में ले लिया। एक्सपायर पासपोर्ट-वीजा, अवैध रूप से रह रही थीं युवतियां हिरासत में ली गई थाईलैंड की 7 युवतियों से जब पुलिस ने उनके यात्रा दस्तावेज और पासपोर्ट मांगे, तो बेहद गंभीर मामला सामने आया।जांच में पता चला कि सभी युवतियों के टूरिस्ट वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी और उनके पास भारत में रहने का कोई वैध कानूनी आधार नहीं था। पुलिस अब फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और विदेश मंत्रालय के समन्वय से यह पता लगा रही है कि ये युवतियां भारत कब आई थीं और जयपुर में किन-किन स्थानों पर ठहरी हुई थीं। पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रिसॉर्ट पार्टी के जरिए शहर में महंगे और प्रतिबंधित ड्रग्स खपाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार 3 युवकों और रिसॉर्ट मालिक के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और सोशल मीडिया चैट्स की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जयपुर में इन विदेशी नागरिकों को लॉजिस्टिकल और फाइनेंशियल सपोर्ट कौन दे रहा था। रिसॉर्ट मालिक भी गिरफ्तार, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में प्रशासन प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार गैर-कानूनी गतिविधियों, अवैध विदेशी नागरिकों को पनाह देने और बिना अनुमति के देर रात तक संदिग्ध गतिविधियों के संचालन के आरोप में रिसॉर्ट मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन अब संबंधित रिसॉर्ट का कमर्शियल और टूरिज्म लाइसेंस रद्द करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर के आसपास के अन्य फार्महाउसों और रिसॉर्ट्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।  

साइबर अपराध के खिलाफ खैरागढ़ में जागरूकता अभियान, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में 2 हजार लोगों ने लिया संकल्प

खैरागढ़. साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर खैरागढ़ में साइबर जागृति अभियान के तहत बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकुमारी इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के कैंपस-2 स्थित IKSV ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में करीब 2 हजार छात्र-छात्राओं, नागरिकों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव ने की। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बदल रहे हैं और थोड़ी सी लापरवाही लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। आईजी अजय कुमार यादव ने कहा कि समय के साथ अपराध का तरीका बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ अब साइबर अपराध भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर जागरूकता बेहद जरूरी है।कार्यक्रम में लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहने तथा OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। सेल्फी के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाने की अपील पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस की ओर से साइबर अपराधों से बचाव को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और आईजी अजय कुमार यादव ने सेल्फी लेकर साइबर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने मौजूद लोगों से भी सेल्फी के जरिए सोशल मीडिया पर साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाने की अपील की। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत कार्यक्रम में एडीजे खैरागढ़, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, एसडीएम खैरागढ़, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर, जनपद पंचायत खैरागढ़ की अध्यक्ष राजश्री त्रिपाठी समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जागरूक रहें, डिजिटल माध्यमों का सावधानी से इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

योगी सरकार का बड़ा कदम, परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ का बजट मंजूर

योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग को दी रफ्तार, 6.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत – एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालय स्तर पर खर्च होगी धनराशि – यू-डायस प्लस के आंकड़ों से बच्चों की शैक्षिक स्थिति और नामांकन की होगी बेहतर निगरानी – हर बच्चे की विशिष्ट अपार आईडी को चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने पर जोर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है। निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी।  हर बच्चे की जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके।  मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।   योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

बिहार में बदलेगी कॉलेज शिक्षा, छात्रों को डिग्री के साथ AI और कौशल प्रशिक्षण

पटना नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में कुलाधिपति सचिवालय द्वारा स्नातक संकाय में छात्र-छात्राओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स स्किल डेवलपमेंट सेल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्यपाल व कुलाधिपति के स्तर से जल्द ही कुलपतियों को निर्देश जारी होगा। चूंकि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) स्नातक पाठ्यक्रम लागू है। इसलिए अब राज्यपाल द्वारा स्नातक संकाय में एआई की पढ़ाई, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण की शुरुआत कराने को लेकर एक काॅमन प्रोग्राम तैयार कराया जा रहा है। गाइडलाइन क‍िया जा रहा तैयार राज्यपाल सचिवालय के मुताबिक स्नातक संकाय के छात्र-छात्राओं छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास प्रशिक्षण के लि‍ए गाइडलाइन भी तैयार किया जा रहा है। इसे सभी अंगीभूत महाविद्यालयों तथा संबद्धता प्राप्त कालेजों को जारी किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को अब डिग्री लेने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि एआई शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 268 कॉलेजों के छात्रों को इंडस्‍ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग इसके लिए सभी 268 अंगीभूत महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सीधे इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी और एआई कंपनियों में काम कर चुके एक्सपर्ट छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन कराएंगे। इससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई कराने के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार किया जा सकेगा। सभी महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) संचालित किया जाएगा।  

पूर्वी-पश्चिमी यूपी में बारिश का दौर, किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह

लखनऊ भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगामी सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 सितंबर तक और 18 सितंबर को राज्य के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, 15 से 17 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधि में थोड़ा इजाफा हो सकता है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसा रहेगा मौसम का हाल 12 से 14 सितंबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल कुछ स्थानों पर ही बारिश पड़ने की संभावना है। इसके बाद 15 और 16 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा और कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। 17 सितंबर को फिर से कहीं-कहीं बारिश और 18 सितंबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। किसानों के लिए एडवाइजरी मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों को सलाह दी है कि वे बिजली चमकने या गरज-चमक के समय सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें। फसलों को जलभराव से सुरक्षित रखें।

चयन आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने कहा, इसमें अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के सचिव हरिकेश चौरसिया ने लेखपाल परीक्षा परिणाम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि आयोग द्वारा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ रिजल्ट जारी किया गया है। परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग लगातार निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं। परीक्षाओं के परिणाम भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सही तरीके से घोषित किए जा रहे हैं। आयोग की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में रिजल्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है। सचिव ने कहा कि परीक्षा परिणामों को लेकर आरोप लगाने वालों के पास यदि कोई तथ्य हैं, तो उन्हें सामने रखना चाहिए। बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना उचित नहीं है। कुछ लोग या तो अपने माता-पिता को गुमराह कर रहे हैं या फिर किसी बाहरी उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की प्राथमिकता अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ आयोग लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी परीक्षाओं तथा परिणामों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

लखनऊ में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

लखनऊ  लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित यह महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा। नौ दिवसीय महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल गतिविधियां, कार्यशालाएं और तकनीक से जुड़े आयोजन होंगे। योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में पुस्तक संस्कृति, शिक्षा, साहित्य और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच यह महत्वपूर्ण आयोजन है। 250 पुस्तक स्टॉल, 121 प्रकाशकों की भागीदारी महोत्सव में लगभग 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 121 प्रकाशक शामिल हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। साहित्य, इतिहास, संस्कृति, जीवनी, कला, शिक्षा, आध्यात्मिकता और समकालीन विषयों से जुड़ी पुस्तकों का व्यापक संग्रह यहां देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के प्रोग्राम ऑफिसर नरेंद्र सिंह ने बताया कि एनबीटी करीब 70 भाषाओं में किताबें प्रकाशित कर रहा है और इसके संग्रह में लगभग 10 हजार पुस्तकें हैं। दिव्यांश पब्लिकेशन के प्रबंध निदेशक नीरज अरोड़ा ने बताया कि उनके स्टॉल पर कई विषयों पर पुस्तकें मौजूद हैं। यहां हिंद युग का भी स्टॉल लगाया गया है। राज कमल प्रकाशन के सीनियर सेल्स मैनेजर विनोद तिवारी ने बताया कि उनके पास हिंदी की करीब 5,000 पुस्तकें हैं। साहित्य से विज्ञान तक होंगे संवाद गोमती पुस्तक महोत्सव में प्रतिष्ठित लेखकों, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकार, लेखक और विशेषज्ञ भाग लेंगे। बच्चों के लिए विशेष बाल मंडल नन्हे पुस्तक प्रेमियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रन्स लिटरेचर की ओर से पूरे नौ दिनों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली नाटक, स्टोरीटेलिंग, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस वर्कशॉप, क्ले आर्ट, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर स्टूडियो, कविता पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बच्चों के लिए विशेष संवाद सत्र भी प्रस्तावित है। हर शाम दिखेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत महोत्सव में प्रत्येक शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। इनमें पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक कार्यक्रम, बिरजू महाराज कथक संस्थान की कथक नृत्य-नाटिका रघुवंशम, सुगम संगीत की शाम, मुशायरा, लोक प्रस्तुतियां और भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति शामिल हैं। बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष प्रदर्शनी एनबीटी के चेयरमैन मिलिंद मराठे ने बताया कि वंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से विशेष प्रदर्शनी तैयार की गई है, जिसे देशभर में एनबीटी के पुस्तक आयोजनों में प्रदर्शित किया जा रहा है।   7 हजार से अधिक ई-पुस्तकों का डिजिटल संसार महोत्सव में बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय से परिचित कराने की व्यवस्था भी की गई है। राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की क्षेत्रीय जुड़ाव विशेषज्ञ मुस्कान कोहली ने बताया कि यह एक डिजिटल लाइब्रेरी है, इसमें 22 से अधिक भाषाओं की 7,000 से ज्यादा ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं। राष्ट्र निर्माण में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुस्तकालयों और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की मुहिम का हिस्सा है। बच्चों और जेनजी के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी तथा महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।