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सिर्फ ₹10 में मिलेगा हेलमेट! Bastar में शुरू हुआ ‘हेलमेट बैंक’, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा

बस्तर. लोहंडीगुड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर जनपद पंचायत ने एक नई पहल शुरू की है। अब हेलमेट नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को बिना सुरक्षा दोपहिया चलाने की मजबूरी नहीं होगी। जनपद पंचायत ने हेलमेट बैंक की शुरुआत कर जरूरतमंदों को कम शुल्क में हेलमेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। अस्पताल चौक स्थित सुरेंद्र पान भंडार को हेलमेट बैंक का पहला केंद्र बनाया गया है। दोपहिया चालक महज 10 रुपये प्रतिदिन के टोकन शुल्क या वैध पहचान पत्र के आधार पर हेलमेट ले सकेंगे। यात्रा पूरी होने के बाद हेलमेट वापस जमा करना होगा, जिसे सैनिटाइज कर दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में हेलमेट की अनुपलब्धता और आर्थिक परेशानी को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। जनपद पंचायत का कहना है कि इसका उद्देश्य चालान का डर पैदा करना नहीं, बल्कि स्वेच्छा से हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना है। हेलमेट बैंक की शुरुआत के दौरान जनपद पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. बसंत कश्यप और सरपंच भरत कश्यप मौजूद रहे। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने ग्रामीण इसे अपनाकर सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बनाते हैं। ग्रामीणों ने खुद उठाया सड़क बहाली का बीड़ा नारायणपुर। बारिश ने झारावाही, हतलानार और दुम्मा इलाके के ग्रामीणों के सामने सड़क संपर्क का संकट खड़ा कर दिया। मुख्य मार्ग की पुलिया बहने के बाद कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हालात बिगड़े तो ग्रामीण प्रशासन का इंतजार करने के बजाय खुद ही रास्ता बहाल करने मैदान में उतर गए। ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर क्षतिग्रस्त हिस्से में ह्यूम पाइप लगाने की कोशिश शुरू की। पानी और कीचड़ के बीच ग्रामीण भारी पाइप को कंधों पर उठाकर मौके तक ले जाते दिखाई दिए। यह तस्वीर ग्रामीणों की एकजुटता के साथ सरकारी व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की खराब स्थिति की जानकारी पहले भी संबंधित स्तर पर दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं होने से उन्हें खुद समस्या से निपटना पड़ा। सड़क संपर्क टूटने का असर स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने तत्काल रास्ता बनाने की पहल कर दी है, अब प्रशासन के सामने सुरक्षित और स्थायी बनाने की चुनौती है।

IHCL का 111 कमरों वाला Ginger Hotel नवा रायपुर में होगा विकसित

रायपुर   नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

रायबरेली में कांग्रेस नेता के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ने किया करारा पलटवार

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी पवित्र योजना पर राहुल गांधी का सवाल उठाना मातृशक्ति का अपमान : दिनेश प्रताप सिंह  रायबरेली में कांग्रेस नेता के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ने किया करारा पलटवार रायबरेली की जनता और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण राजनीति कर रहे राहुल गांधी : मंत्री योगी सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास है, विपक्ष को निभानी चाहिए रचनात्मक भूमिका लखनऊ प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने के बजाय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं में खामियां तलाश कर राजनीति करने पर अधिक रहा। मंत्री ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी के रवैये से निराशा हुई। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर सवाल उठाने का आरोप राज्यमंत्री ने कहा कि दिशा बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या होता है। यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को ही योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसका अनुश्रवण और समन्वय कैसे होगा। इसके बाद राहुल गांधी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च को जानने पर अधिक जोर दिया। इससे ऐसा लगा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के बजाय उसमें खामी तलाशना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।  ‘डरो मत’ कहने वाले राहुल गांधी जनता और मीडिया से क्यों बच रहे?   दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से कराए गए कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास अपने निजी आवास के भीतर से किया, जबकि बाहर के गेट पर ताला लगा रहा। मीडिया प्रतिनिधि सुबह से इंतजार करते रहे, लेकिन राहुल गांधी कैमरे के सामने आकर रायबरेली की जनता को शुभकामनाएं तक नहीं दे सके।  राहुल को तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे राज्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि रायबरेली की दिशा बैठक में भी राहुल गांधी सांसद और समिति अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आए। उनके साथ दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी राहुल गांधी दूसरे दलों के सहयोग पर निर्भर दिखाई देते हैं। योगी सरकार में सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जनता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना देश के साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा भी की गई है।  अखिलेश के बुलंदशहर दौरे पर बोले- सरकार ने किसी को नहीं रोका अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे में हेलीपैड की अनुमति से जुड़े सवाल पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलना किसी राजनीतिक भय का विषय नहीं है। योगी सरकार ने अखिलेश यादव को कभी कहीं जाने से नहीं रोका और न इसकी आवश्यकता है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की राष्ट्रीय लोकदल नेतृत्व से जुड़ी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

एंटी-एयरक्राफ्ट गन एक्टिव BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली छावनी में तब्दील, इमारतों पर स्नाइपर और आसमान में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

नई दिल्ली ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली और मेहमानों की सुरक्षा में एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें लगाई गई हैं. अगले तीन से चार दिनों तक नई दिल्ली में ऊंची ऊंची बिल्डिगों पर अगर बंदूकधारी कमांडो दिख जाएं तो चौकिए नहीं. यही नहीं आपको एंटी ड्रोन सिस्टम, एंटी एयरक्राफ्ट गन भी दिख सकता है।  दिल्ली में 11 से लेकर 13 दिसंबर तक 35 रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे. भारत मंडपम और प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लगाया गया है।  ब्रिक्स समिट का मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम में होगा. डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा बताया कि दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सिक्योरिटी में लगाए गए हैं. 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं।  दिल्ली में एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें एक्टिवेट कर दी गई हैं। करीब 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें DCP स्तर के अधिकारी शामिल हैं, सुरक्षा की निगरानी करेंगे।  1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो भी तैनात किए गए हैं. शनिवार से कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, 22 रूट पर पुलिस की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।  एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा. भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट की जांच, निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है।  दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।  ड्रोन उड़ाने पर रोक समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी. पुलिस ऐसे इलाकों में आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।  कंट्रोल रूम से होगी निगरानी  वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी. कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी. किसी जगह इमरजेंसी, एंबुलेंस की जरूरत या अचानक ट्रैफिक समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।  पुलिस ने साफ किया है कि सभी रास्ते लगातार बंद नहीं रहेंगे. प्रतिबंध वीवीआईपी मूवमेंट के समय और जरूरत के मुताबिक ही लगाए जाएंगे. आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रभावित रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।  VVIP काफिलों की आवाजाही के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है।  भारत मंडपम के 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रहेगी.  * दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती * NSG कमांडो और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट * IB, SPG, NSG और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात * करीब 7 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती BRICS सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होगी VVIP काफिलों की आवाजाही और आम ट्रैफिक के बीच तालमेल. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख सड़कों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक रोकने और डायवर्जन का प्लान तैयार किया है।  इन रास्तों पर दिखेगा ट्रैफिक का असर सरदार पटेल मार्ग मदर टेरेसा क्रिसेंट तीन मूर्ति मार्ग अकबर रोड तेज जनवरी मार्ग राजेश पायलट मार्ग सुब्रमण्यम भारती मार्ग मथुरा रोड मोतीलाल नेहरू मार्ग डॉ. जाकिर हुसैन रोड जनपथ अशोका रोड बाराखंभा रोड टॉल्स्टॉय मार्ग नीति मार्ग एपीजे अब्दुल कलाम रोड प्रेस एन्क्लेव रोड लाल बहादुर शास्त्री मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें.  VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा. इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटेल चौक, RML अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।  मथुरा रोड और भारत मंडपम की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग की तरफ VVIP मूवमेंट के दौरान रिंग रोड, वंदे मातरम मार्ग और NH-48 जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेग।  BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 5000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन नहीं संभालेंगे. बल्कि VVIP काफिलों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए इन चीजों की तैनाती की गई है।  * GPS आधारित ट्रैकिंग * CCTV सर्विलांस * टेक्निकल मॉनिटरिंग * रियल टाइम कम्युनिकेशन * क्विक रिस्पॉन्स टीम * मेडिकल और फायर रिस्पॉन्स VVIP काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा अलर्ट की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी. इसके साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।  मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर रोक नहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. प्रभावित न होने वाले रास्तों पर सामान्य ट्रैफिक चलता रहेगा. मेट्रो सेवा पर भी सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, हालांकि यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। 

सेवा संकल्प अभियान में जगमगाएंगे घरों के दीप, जन सेवक महाकुंभ समेत होंगे कई कार्यक्रम

प्रदेशभर में 17 सितम्बर से एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान घर दीप प्रज्ज्वलन से लेकर जन सेवक महाकुंभ जैसे होंगे आयोजन सभी 55 जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नोडल ऑफिसर नियुक्त भोपाल  मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत सभी 55 जिलों में नागरिकों की सेवा से जुड़े प्रकल्वों का आयोजन क्रमबद्ध रूप से किया जाएगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को अभियान के लिए जिलों का नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये हैं। सेवा संकल्प अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2026 को हुई बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे। सेवा संकल्प अभियान 2026 में अनेक गतिविधियां होंगी जिसमें आर्शीवाद का दीया जलाना, यानि हितग्राही परिवारों के घर पर दीप प्रज्ज्‍वलन, सेवा चित्र राष्ट्रव्यापी ड्राईंग और भाषण प्रतियोगिता, सेवा स्मरण संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन का मिलन यानि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं बच्चों तथा माताओं की सक्रिय भागीदारी, कहानी बदलाव के तहत सरकार की योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सक्सेस स्टोरी, सेवा ज्योति यात्रा में गांव , जिला स्तर की जनभागीदारी यात्रा, विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ, वड़नगर (गुजरात) से वाराणसी यात्रा जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा-मेरा योगदान के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी होगी। इसी तरह सेवा सेतु अभियान में सेवा सेतु केन्द्र स्थापित कर आम नागरिकों को एक ही स्थान पर जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना, सेवा के रंगके अंतर्गत घर-घर से राष्ट्र तक आभार और संकल्प की रंगोली का निर्माण, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्ट-अप्स, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इनोवेटर और जमीनी स्तर पर नए समाधान विकसित करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए होगा। जन सेवक महाकुंभ के तहत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर से सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन और 25 साल 25 कहानियाँ नेशनल अनबॉक्सिंग गतिविधियां आयोजित होगी। वरिष्ठ भाप्रसे अधिकारियों को सौंपा जिलों का दायित्व सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिलों में अभियान के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय एवं मॉनिटरिंग की दृष्टि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिले के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। नोडल अधिकारीगण अभियान की संपूर्ण अवधि के लिए प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की माईक्रो प्लानिंग में जिला कलेक्टर को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाना, ताकि सभी आयोजन शासन की अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी रूप से संचालित हो सकें। जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक जन भागीदारी एवं जन सहयोग प्राप्त हो सके, इस दृष्टि से आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने में जिला प्रशासन का सहयोग करना और जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ सेवा संकल्प अभियान के स्वरूप एवं रणनीति पर संवाद एवं समन्वय का दायित्व होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है कि सेवा संकल्प अभियान 2026 के क्रियान्वयन की जिले की संपूर्ण एक माह की योजना आज-कल में अनिवार्य रूप से तैयार करवा ली जाए।समस्त नामांकित नोडल अधिकारीगण 17 सितंबर 2026 को संपूर्ण दिवस अपने प्रभार के जिले में रहेंगे और उस दिन आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रमों आर्शीवाद का दीया एवं अन्य कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेंगें।

जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी का जायजा, आयुक्त संदीप जी.आर. ने बच्चों से की बातचीत और जाना हाल

आंगनवाड़ी सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे आयुक्त संदीप जी.आर. बच्चों से संवाद कर लिया फीडबैक भोपाल  नवागत आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने मैदानी स्तर पर विभागीय सेवाओं की स्थिति जानने सीहोर जिले के आंगनवाड़ी केंद्र डोडी क्रमांक-58 का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया और सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के लिए उपलब्ध नाश्ता एवं गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे स्थानीय टेक होम राशन, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा केंद्र पर प्रदाय की जा रही अन्य पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली। आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक बाल हितैषी बनाने पर जोर आयुक्त संदीप जी.आर. ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और मातृ एवं शिशु कल्याण का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बच्चों और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सक्रिय, जीवंत और बाल हितैषी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बच्चों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी स्थिति आयुक्त संदीप जी.आर. ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों और महिला हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से केंद्र पर मिलने वाले नाश्ते और गर्म पके भोजन के स्वाद एवं गुणवत्ता के बारे में सहज बातचीत की तथा पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में हितग्राहियों से फीडबैक लिया। पोषण ट्रैकर के उपयोग और कुपोषित बच्चों के प्रबंधन की ली जानकारी आयुक्त संदीप ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों के आयोजन, पोषण ट्रैकर के उपयोग तथा केंद्र में कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी ली। कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रैकर में उपलब्ध शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि के वीडियो के माध्यम से बच्चों के साथ कराई जा रही गतिविधि का भी उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। संदीप ने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ बच्चों के लिए गतिविधि आधारित और रुचिकर प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी की समीक्षा निरीक्षण के दौरान आयुक्त सेदीप जी. आर. ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं में नवीन हितग्राहियों के पंजीयन तथा उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त होने की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने योजनाओं का पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।  

गोशालाओं को अब संरक्षण के साथ बनाया जाएगा आत्मनिर्भरता का मॉडल

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में गोशालाओं को प्राकृतिक कृषि, जैविक उर्वरक, बायोगैस, पंचगव्य आधारित उत्पादों और ग्रामीण रोजगार से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (UPCAR) के संयुक्त सहयोग से कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में 25 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पिकअप भवन में आयोजित बैठक में गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गोवंश संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में वर्तमान में एक से चार गोवंश सुपुर्द किए जाने की सीमा बढ़ाकर अधिकतम 10 गोवंश किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में इच्छुक कृषक और पशुपालक गोवंश संरक्षण से जुड़ सकेंगे तथा योजना की पहुंच और प्रभाव बढ़ेगा। आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने विभिन्न मंडलों और जनपदों में गोवंशों की देखभाल और गोशाला प्रबंधन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपेक्षा की। आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य कारणों से घायल गोवंशों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 समर्पित एंबुलेंस सेवा शुरू करने का सुझाव दिया। इसके जरिए घायल गोवंशों को तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या उपयुक्त चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया जा सकेगा। सदस्य दीपक गोयल ने गोशालाओं में मृत होने वाले गोवंशों के सम्मानजनक और व्यवस्थित निस्तारण के लिए स्थानीय परिस्थितियों व निर्धारित मानकों के अनुरूप समर्पित स्थल विकसित करने का सुझाव दिया। सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने गोशालाओं  के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की अपेक्षा की। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता गोशालाओं को अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाना है।  किसानों के यहां वीबीजी-रामजी योजना के तहत पक्के कैटल शेड, यूरिन टैंक और नाद के निर्माण, बड़े गो संरक्षण केंद्रों और अस्थायी गो आश्रय स्थलों में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना तथा गोबर-गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत, बीजामृत और अन्य कृषि उपयोगी उत्पाद तैयार कर उनके विपणन की व्यवस्था पर विचार हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने संबंधित विभागों को आयोग द्वारा प्रस्तुत विषयों पर आवश्यक समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के डीजी डॉ. संजय सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

6 बेटियों का राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए चयन, प्रदेश और शहडोल का बढ़ाया मान

भोपाल  सीमित संसाधनों के बीच फुटबॉल के सपने देखने वाले शहडोल के छोटे से गांव विचारपुर की बेटियों की प्रतिभा ने प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। फुटबॉल के इस ‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर के ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 6 प्रतिभाशाली बेटियों का चयन राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिये हुआ है। यह उपलब्धि 6 बेटियों की सफलता से अधिक उस बदलाव की कहानी है, जहां गांव की बेटियां अब अपने बड़े सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान एक कर रही हैं। छोटे गांव से राष्ट्रीय टीम तक का सफर महू में 31 अगस्त से 4 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएफएफ इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट में शहडोल की अंडर-16 बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों में शहडोल ने ग्वालियर को 10-0 और महू को भी 10-0 से हराया। फाइनल में इंदौर के खिलाफ टीम को 1-0 से हार मिली और शहडोल को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। लेकिन, इस हार के बीच शहडोल की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि टीम की आठ खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए हो गया। चयनित खिलाड़ियों में विचारपुर के ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ की राधिनी सिंह, संध्या सहीस, मोनिका सिंह, चांदनी यादव, राधा सिंह और वाशु शामिल हैं। साथ ही दिव्या संत और दिव्या बैगा ने भी राष्ट्रीय कैंप में जगह बनाई है। राधिनी ने आठ गोल कर मचाई धूम इस टूर्नामेंट में विचारपुर की राधिनी सिंह ने अपने खेल से खास पहचान बनाई। राधिनी दो मुकाबलों में कुल आठ गोल दागकर प्रतियोगिता में सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बन गई। पहले मुकाबले में उसने पांच और दूसरे मुकाबले में तीन गोल किए। राधिनी की नियमित पोजीशन सेंटर है, लेकिन टीम के गेम प्लान के अनुसार उन्हें फारवर्ड लाइन में उतारा गया। इस नई भूमिका में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित करते हुए 8 गोल दाग दिए। दसवीं में अध्ययनरत राधिनी विचारपुर स्थित ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ में प्रशिक्षण ले रही हैं। सेंटर की कोच लक्ष्मी सहीस के अनुसार, राधिनी कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। वह अब तक तीन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। अब पहनना है राष्ट्रीय टीम की जर्सी राष्ट्रीय कैंप इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय अंडर-16 बालिका फुटबॉल टीम का चयन किया जाएगा। चयनित टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जाएगी। विचारपुर की इन 6 बेटियों के सामने अपने खेल से राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का बड़ा अवसर है। देश के खेल मैदानों का सपना — गांव की बेटियां विचारपुर से एक साथ 6 खिलाड़ियों के राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए चयन से शहडोल जिले के विचारपुर को मिनी ब्राजील कहा जाना सार्थक हो गया है। इन बेटियों ने सिद्ध कर दिया है कि गांवों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है, बशर्ते उसे सही मंच, प्रशिक्षण और अवसर दिये जाएं। विचारपुर की बेटियां अपनी फुटबॉल प्रतिभा से गांव के फुटबॉल मैदान से राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बनाने की ओर अग्रसर हैं। देश के खेल मैदानों को भी गांव की दमदार बेटियों का इंतजार है। इन बेटियों की कहानी उन हजारों बेटियों के लिए उम्मीद है, जो छोटे शहरों और गांवों में बड़े सपने देखती हैं।  

महिला उद्यमियों के लिए योगी सरकार की बड़ी तैयारी, ₹20 हजार से शुरू होगा क्रेडिट लाभ

 लखनऊ  विधान सभा चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं एक करोड़ दीदियों को एक लाख रुपये तक का क्रेडिट (ऋण) लाभ दिया जाएगा। हालांकि योजना के पहले चरण में 20,000 रुपये की पहली किश्त मिलेगी। इसके समय से भुगतान पर दो चरणों में 80 हजार रुपये का और क्रेडिट दिया जाएगा। सरकार, योजना को विधान सभा चुनाव से पहले जोर-शोर से लांच करने की तैयारी कर रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पिछले माह राजनीतिक गलियारों में योगी सरकार द्वारा महिलाओं को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की चर्चाएं चली थीं। अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि भाजपा ने मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में विधान सभा चुनावों से पहले ऐसा ही दांव चला था। अब यूपी में भी ऐसे ही दांव की तैयारी है। उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यमी क्रेडिट योजना को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं को दिया जाएगा विशेष क्रेडिट कार्ड प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। बुधवार को योजना भवन में हुई ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री ने इस उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की तैयारी की समीक्षा की। योजना के तहत महिला को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए महिलाओं को विशेष क्रेडिट कार्ड बनाकर दिया जाएगा। इस धनराशि का उपयोग महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय को शुरू करने या पहले से संचालित उद्यम को विस्तार देने में कर सकेंगी। पहले चरण में दिए जाने वाले 20 हजार रुपये का समय से भुगतान करने पर महिलाओं को दूसरे चरण में 30 हजार रुपये ऋण के रूप में दिए जाएंगे। यदि महिलाएं दूसरी किस्त भी चुका देती हैं तो उनको तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का क्रेडिट लाभ दिया जाएगा। इसके लिए बैंकों ने एक प्रारूप तैयार किया है, जिसके विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समूह की दीदियों को पहचान व सुविधाओं से जोड़ने के लिए आइकार्ड उपलब्ध कराया जाए। ये कार्ड क्यूआर कोड जैसी डिजिटल सुविधाओं से युक्त हों दीदियों को डिजिटल भुगतान, डिजिटल मार्केटिंग, आनलाइन बिक्री, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक उद्यम प्रबंधन से जोड़ा जाए। उन्होंने ई-रिक्शा योजना के तहत दो लाख रुपये तक के वाहनों की ही खरीद पर विचार करने, 100 महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में एचसीएल फाउंडेशन के साथ ‘समुदाय साझेदारी’ को वर्ष 2031 तक बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस दाैरान ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय, मिशन निदेशक अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।  

सुरक्षा, विश्वास और सशक्तिकरण को बनाया जाए आधार

भोपाल राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं को हिंसा एवं अन्य संकट की परिस्थितियों में प्रभावी, संवेदनशील एवं समन्वित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर्स एवं केस वर्कर्स के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  रेखा यादव ने कहा कि जब कोई महिला अथवा बालिका अपनी समस्या लेकर वन स्टॉप सेंटर पहुंचती है, तो काउंसलर का पहला दायित्व उसकी बात को बिना किसी पूर्वाग्रह, निर्णय या निष्कर्ष के ध्यानपूर्वक सुनना है। महिला की परिस्थितियों को समझे बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उसके लिए और अधिक कठिनाई पैदा कर सकता है। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS), दंड संबंधी कानूनों, पॉक्सो अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, नागरिक सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों सहित अन्य कानूनों की बारीकियों एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए बालकों एवं युवाओं में भी लैंगिक समानता, सम्मान और संवेदनशीलता की समझ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सर्वाइवर केंद्रित रणनीति पर जोर आयोग के सदस्य श्री सुरेश तोमर ने सर्वाइवर केंद्रित रणनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला की सुरक्षा, सम्मान, गोपनीयता, आवश्यकताओं और निर्णय लेने की क्षमता को केंद्र में रखकर सहायता एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला को केवल एक ‘प्रकरण’ के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष से गुजर रही एक व्यक्ति के रूप में समझना आवश्यक है। केस डॉक्यूमेंटेशन एवं SOP की जानकारी प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में सुश्री प्राची चंदेल ने केस डॉक्यूमेंटेशन, रिकॉर्ड संधारण एवं डेटा के व्यवस्थित प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब कोई महिला या बालिका वन स्टॉप सेंटर आती है, तो उसकी परिस्थिति, आवश्यक सेवाओं और प्रकरण से संबंधित जानकारी का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। केस वर्कर्स एवं काउंसलर्स को भारत सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप प्रकरणों पर कार्य करने की प्रक्रिया समझाई गई। महिला की व्यक्तिगत जानकारी एवं प्रकरण से संबंधित सूचनाओं को पूर्ण रूप से गोपनीय रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आवश्यक सहमति (Consent) प्रपत्रों को नियमानुसार भरवाने और महिला को उपलब्ध सभी आवश्यक सेवाएं एवं सहायता प्रदान करने की बात कही गई। विशेषज्ञों ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर की जिम्मेदारी केवल महिला की प्रारंभिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकरणों में नियमित फॉलोअप लेना भी आवश्यक है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला को आवश्यक सहायता वास्तव में प्राप्त हो रही है और वह सुरक्षित स्थिति में है। सुरक्षा, विश्वास और सशक्तिकरण को बनाया जाए आधार प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि संकट की स्थिति में वन स्टॉप सेंटर पहुंचने वाली अधिकांश महिलाएं किसी न किसी प्रकार के मानसिक एवं भावनात्मक आघात (Trauma) से गुजर रही होती हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्हें सुरक्षा, विश्वास, विकल्प, सहभागिता और सशक्तिकरण का भरोसा दिलाना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिला को शारीरिक और भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करना सबसे पहला कदम होना चाहिए। उसकी इच्छा, आवश्यकता और निर्णय को सम्मान देते हुए उसे उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे वह अपने भविष्य से जुड़े निर्णयों में स्वयं सहभागी बन सके।