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तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

पक्षियों से गुलजार हुई सुखना सेंचुरी, तेंदुओं की मौजूदगी ने बढ़ाई वन्यजीव समृद्धि

चंडीगढ़. सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी पक्षी और जानवरों को पसंद आ रही है। यहां वन्यजीवों का कुनबा बढ़ा है। पक्षियों की संख्या दोगुनी हो गई है और तेंदुओं ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया है। प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग ने वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और आसपास के वन क्षेत्रों में कराए गए व्यापक वन्यजीव सर्वेक्षण में जैव विविधता की समृद्ध तस्वीर सामने आई है। नवंबर 2025 में किए गए इस सर्वे में पक्षियों, तितलियों, स्तनधारियों, वनस्पतियों और सरीसृपों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। 2021 के सर्वे की तुलना में इस बार जैव विविधता के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्तनधारी प्रजातियां 14 से बढ़कर 16 और पक्षी प्रजातियां 67 से बढ़कर 132 हो गईं। पहली बार तितलियों और सरीसृपों को भी सर्वे में शामिल किया गया। वन एवं वन्यजीव विभाग ने कहा कि इस सर्वे के निष्कर्ष चंडीगढ़ के वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, आवास प्रबंधन और वन्यजीव निगरानी को और मजबूत करने में मददगार साबित होंगे। रात में कैद हुई तेंदुए की गतिविधियां कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान 18 कैमरा ट्रैप स्टेशनों से 466 स्वतंत्र वन्यजीव रिकार्डिंग मिलीं। खास बात यह रही कि सर्वे में दो वयस्क नर तेंदुओं की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिनकी पहचान उनके शरीर पर अलग-अलग रोसेट पैटर्न के आधार पर की गई। तेंदुओं की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय दर्ज की गईं। 43 पेड़ के साथ 22 जड़ी बूटी प्रजाति मिली सर्वेक्षण में 79 पौधों की प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें 43 पेड़, 14 झाड़ियां और 22 जड़ी-बूटी प्रजातियां की शामिल हैं। वहीं सरीसृप और उभयचर वर्ग में 13 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें मेंढक, कछुए, सांप और छिपकलियां शामिल हैं। 73 प्रजातियों की तितलियां मिलीं तितली सर्वेक्षण में पांच परिवारों की 73 प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें येलो आरेंज टिप सबसे अधिक संख्या में पाई गई, जबकि पी ब्लू, कामन ओनिक्स और इंडिगो फ्लैश जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां भी दर्ज की गईं। 132 प्रजाजितयों के पक्षी पक्षी सर्वे में 132 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें 13 शेड्यूल-1 और 117 शेड्यूल-2 की प्रजातियां शामिल हैं। आइयूसीएन संरक्षण स्थिति के अनुसार इनमें दो संकटग्रस्त, एक संवेदनशील और तीन निकट संकटग्रस्त प्रजातियां भी दर्ज की गईं। ह्यूम्स वार्बलर सबसे अधिक संख्या में पाया गया पक्षी रहा। 16 तरह के स्तनधारी स्तनधारी सर्वे में 16 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर प्रमुख रहे। सर्वे के अनुसार सांभर हिरण की घनत्व 22.34 ± 8.07 प्रति वर्ग किलोमीटर आंकी गई। सर्वे में यह एरिया रहे शामिल यह सर्वे 20 से 27 नवंबर 2025 के दौरान सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी, लेक बीट, पटियाला की राव, सुखना चौ फाॅरेस्ट, बाॅटेनिकल गार्डन, बटरफ्लाई पार्क और सिटी बर्ड सेंचुरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवकों, एनजीओ और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

रेवाडीह जंगल में पेड़ों का कत्लेआम! 116 एकड़ में रातभर गूंजती रहीं कुल्हाड़ियां

छुईखदान/ राजनांदगांव. छुईखदान के रेवाडीह जंगल मे इन दिनो हरियाली नही बल्कि कुल्हाड़ियो और कटर मशीनो की आवाज गूंज रही है क्षेत्र के फेफड़े कहे जाने वाले इस घने जंगल के बीचो बीच बड़े पैमाने पर पेड़ो की कटाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय सूत्रो की माने तो लगभग 116 एकड़ निजी भूमि की आड़ लेकर सैकड़ो हरे भरे और उखाड़ा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर इतनी बड़ी संख्या मे पेड़ो की कटाई की जा रही है वहा अब तक किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति या ट्रांजिट परमिट टीपी जारी होने की पुष्टि नही हुई है यही वजह है कि अब यह मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नही रहा बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। सीमांकन के तुरंत बाद शुरू हुआ जंगल सफाया जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ही राजस्व विभाग द्वारा इस इलाके मे सीमांकन की कार्रवाई पूरी की गई थी सीमांकन खत्म होते ही जंगल के भीतर अचानक भारी मशीने और मजदूर सक्रिय इसके बाद साजा बीजा तीनसा बांस हो गए और भीरा जैसे कीमती एवं संरक्षित पेड़ो की अंधाधुंध कटाई शुरू हो गई ग्रामीणो का कहना है कि जिस तेजी से जंगल उजाड़ा जा रहा है उससे पूरा क्षेत्र धूल और वीरानी मे बदलता जा रहा है। वन अमले को जानकारी फिर भी कार्रवाई नही सूत्र बताते है कि स्थानीय वन अमले को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है मैदानी कर्मचारियो यानी बीट गार्डो ने भी इस मामले की सूचना अपने उच्च अधिकारियो तक पहुंचाने की बात कही है बावजूद इसके अब तक मौके पर न तो कोई बड़ी जांच टीम पहुंची और न ही कटाई रोकने की ठोस कार्रवाई दिखाई दी वही जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और सीमांकन प्रक्रिया के अहम किरदार हल्का पटवारी भी पूरे मामले पर खुलकर कुछ बोलने से बचते नजर आए ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी कटाई किसके संरक्षण मे चल रही है प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा संदेह । ग्रामीणो और पर्यावरण प्रेमियो का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नही हुई तो आने वाले दिनो मे पूरा इलाका बंजर होने की कगार पर पहुंच जाएगा जंगल खत्म होने से वन्यजीवो के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। नहीं ली गई कोई अनुमति इस परे मामले में एसडीएम अविनाश ठाकुर ने कहा कि खमारडीही जंगल में हो रही पेड़ कटाई की जानकारी मिलते ही जांच के लिए आरआई पटवारी और वन विभाग की टीम भेजी गई है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है वहा किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति नही ली गई। है । अब सबसे बड़ा सवाल यही है। यदि अनुमति नही ली गई तो आखिर जंगल में यह हरा कत्लेआम किसके इशारे पर चल रहा है।

सत्ता के सेमीफाइनल में पंजाब की सियासत गरमाई, निकाय चुनाव में सभी दलों की साख दांव पर

चंडीगढ़  सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29 मई को परिणाम आएगा जो करीब आठ महीने बाद सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक आधार तय करेगा। चूंकि यह पूरा चुनाव शहरी वोटर पर आधारित है इसलिए राजनीतिक पार्टियां ज्यादा सतर्क हैं। वे जानती हैं कि ये चुनाव पंचायती चुनाव की तरह जातियों व समुदायों की सियासत के घेरे से बाहर रहेंगे। दलों ने उतारी दिग्गजों की फाैज राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह भी कहते हैं कि शहरी वोटर पढ़ा-लिखा व विकास का पक्षधर होता है। शहर की बुनियादी सुविधाएं उनकी बड़ी अपेक्षाओं में शामिल होती हैं और वे जाति-लिंग की सीमाओं को पार करते हुए मतदान करता है इसीलिए सभी दलों ने शहरी वोटरों को रिझाने के लिए अपने दिग्गजों की फौज उतारी है। भाजपा की रणनीतिक बैठकें, सुखबीर ने खुद संभाला मोर्चा भाजपा ने अपने प्रदेश स्तरीय सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों के निकायों की जिम्मेदारियां सौंपी रखी हैं। इनके अलावा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू भी बतौर स्टार प्रचारक विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकें कर प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत में बदलने की कोशिशों में लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कई जिलों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है। सुखबीर तो प्रत्याशियों के बुलावे पर जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक परगट सिंह समेत अन्य विधायक और सांसद भी अपने प्रत्याशियों को जितवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। आप के मंत्रियों, विधायक की परफॉर्मेंस होगी तय निकाय चुनाव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों की परफाॅर्मेंस तय करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों और मंत्रियों को उनके हलकों में स्थित निकायों को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जीत या हार से पार्टी यह मालूम करना चाहती है कि उनके विधायकों व मंत्रियों की साढ़े चार साल में अपने-अपने क्षेत्रों के मतदाताओं पर कितनी पकड़ है। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणामों को आधार बनाकर ही आप आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का बंटवारा करेगी। खराब प्रदर्शन वाले वाले विधायकों का टिकट भी कट सकता है।  

बिहार में शराबबंदी पर सख्ती, जहरीली शराब मामले में बड़ी कार्रवाई

चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में अप्रैल में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू मद्य निषेध कानून लागू रहेगा। जो भी लोग, जनता या अधिकारी शराबबंदी कानून का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार करेगी। निलंबित होने वाले मद्यनिषेध पदाधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज, सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार के साथ मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक (मद्यनिषेध) अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि शामिल हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है। तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में दो एएसआई निलंबित पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में पिछले माह जहरीली शराब से हुई 10 मौत के मामले में दो एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में घटनास्थल से जब्त अवैध स्प्रिट में मेथेनॉल की भारी मात्रा पाई गई, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग ने मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रंजीत कुमार व रौशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल में रधुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना, गदरिया व बालगंगा गांव में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर कराया गया। मद्य निषेध विभाग ने इस घटना के बाद मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रौशनी कुमारी व रंजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा को मामले की जांच सौंपी थी। दरभंगा उपायुक्त ने घटनास्थल की जांच करते हुए अवैध स्प्रिट के नमूने जब्त किये थे। जांच में मद्यनिषेध थाने की लापरवाही साबित जांच में पता चला कि पिछले कई माह से मोतिहारी मद्यनिषेध थाना शराब और स्प्रिट के धंधे की जांच ही नहीं कर रहा था। इस मामले में थाने को न कोई गुप्त सूचना मिल पायी और न ही उसने कोई एहतियाती या निरोधात्मक कदम उठाये। इतना ही नहीं घटनास्थल से जब्त स्प्रिट में मेथेनॉल की अधिक मिलावट पाई गई, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मामले में दोनों एएसआई के स्प्ष्टीकरण को विभाग ने अमान्य करार दिया है। अंतत: मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को दोनों एएसआई को निलंबित कर दिया।

बिना लाइसेंस स्मार्ट मीटर जांच? हाईटेक लैब पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ  स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती। स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, पंजाब में तीसरी बार बढ़े दाम

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। तेल कंपनियों की ओर से नौ दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का असर अब सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है। निजी वाहन चलाने वालों से लेकर ऑटो, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों तक सभी पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शुक्रवार को जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 102.16 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 103.01 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल का रेट 91.93 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 92.83 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को 86 पैसे प्रति लीटर और अब 23 मई को फिर करीब 85 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। घरेलू बजट प्रभावित होने लगा लगातार बढ़ रही कीमतों से लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होने लगा है। रोजाना निजी वाहन से काम पर जाने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। वहीं ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। कई चालकों का कहना है कि किराया बढ़ाए बिना खर्च निकालना मुश्किल होता जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार में बिकने वाली रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई दे सकता है। उद्योगों को कच्चा माल और तैयार सामान पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। ग्राहकों की बढ़ी चिंता कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार हुई बढ़ोतरी से ग्राहकों में चिंता बढ़ी है। पेट्रोल पंपों पर आने वाले लोग लगातार दाम बढ़ने को लेकर सवाल कर रहे हैं और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो महंगाई और बढ़ सकती है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

सेना में भर्ती का इंतजार खत्म, परीक्षा तिथि जारी; पांच शहरों में होगी परीक्षा

मोहला/रायपुर. भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। भर्ती वर्ष 2027 के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह परीक्षा 1 जून से 12 जून 2026 के बीच दो चरणों में आयोजित होगी। छत्तीसगढ़ में इसके लिए 5 शहरों में 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। भारतीय सेना की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 जून से 5 जून तक और दूसरा चरण 8 जून से 12 जून तक चलेगा। परीक्षा प्रतिदिन 3 से 4 शिफ्टों में आयोजित होगी, ताकि सभी अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। छत्तीसगढ़ के 5 शहरों में बनाए गए 10 परीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य के पांच प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर शामिल हैं। इन शहरों में कुल 10 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू पंजीकृत अभ्यर्थी 'भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (https://joinindianarmy.nic.in/)' पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे प्रवेश पत्र पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी: भारतीय सेना भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। किसी भी प्रकार की सिफारिश या बिचौलियों की मदद से नौकरी दिलाने का दावा करने वालों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। सहायता के लिए सेना भर्ती कार्यालय से करें संपर्क यदि किसी अभ्यर्थी को परीक्षा, एडमिट कार्ड या भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कोई समस्या होती है, तो वे नया रायपुर स्थित सेना भर्ती कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यालय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास स्थित है। सहायता के लिए कार्यदिवस में दूरभाष नंबर 0771-2965212 और 0771-2965214 उपलब्ध हैं। युवाओं में उत्साह, तैयारियां तेज परीक्षा तिथियों की घोषणा के बाद राज्यभर के युवाओं में उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

प्रचंड धूप और लू से तप रहा उत्तर प्रदेश, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

लखनऊ यूपी में प्रचंड धूप, गर्म हवाओं ने शुक्रवार को भी 25 शहरों को झुलसाया। बांदा 46.4 और प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए रेड, 18 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है। क्या है वजह मध्य भारत में प्रति चक्रवात, शुष्क पछुआ से समूचा प्रदेश तप रहा है। कहां असर चार जिलों के लिए लू का रेड, 18 में ऑरेन्ज अलर्ट। तापमान अधिकतम 42.4 डिग्री, न्यूनतम सामान्य से 3.3 डिग्री 28.8 डिग्री यहां रेड अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रयागराज। आगे क्या: दो दिन बाद पछुआ और बढ़ाएगी तपिश मौसम विभाग के अनुसार हवा के ऊपरी क्षोभमंडल में पुरवा ने जोर पकड़ लिया है। इससे हवा में नमी बढ़ गई, जिसके कारण ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आई है। मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत 48 घंटे की है, इसके बाद फिर गर्म पछुआ जोर पकड़ेगी और तपिश चढ़ेगी। आसमान से बरसती आग को कम नहीं कर सका एक डिग्री गिरा पारा भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को पश्चिम यूपी में दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी राहत नहीं दे सकी। दिनभर चिलचिलाती धूप और लू के बीच वेस्ट यूपी में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहा। अब तक दिन में जारी भीषण गर्मी का असर अब रात को भी होने लगा है। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम मापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन का सर्वाधिक है। गुरुवार की रात मेरठ में सीजन की सबसे गर्म रही। आने वाले 24-48 घंटे में दिन-रात के तामपान में और बढ़ोतरी के आसार हैं। रात में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। मेरठ में अभी नियंत्रण में वेट 24 मई को राहत की आस निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार 24 मई के आसपास दिल्ली और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी एवं हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कम है। वेट बल्ब तापमान सामान्य भीषण गर्मी के बीच मेरठ में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यहां अभी वेट बल्ब तापमान सामान्य सीमा में है। वेट बल्ब तापमान हवा के तापमान और उसकी आर्द्रता यानी नमी का संयुक्त माप है जो बताता है कि पसीना आने पर शरीर स्वयं को कितना ठंडा रख सकता है। थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। जब गर्म हवा में नमी अधिक होती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें सामान्य से कहीं अधिक भीषण गर्मी का अहसास होता है। वैज्ञानिक स्थिति में 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान मानव शरीर के लिए अधिकतम सीमा है। वेट बल्ब तापमान ऊपर चला जाता है तो पसीना वाष्पीकृत होना पूरी तरह बंद हो जाता है और मौत तक हो सकती है। शुक्रवार को मेरठ में वेट बल्ब तापमान 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो अभी सहनीय श्रेणी में है। 25-30 डिग्री का वेट बल्ब तापमान असहज की स्थिति पैदा करता है 30-31 डिग्री सेल्सियस उच्च जोखिम स्तर लाता है। 31-35 डिग्री सेल्सियस अत्यधिक जोखिम श्रेणी है।