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AI से स्वास्थ्य और सुरक्षा तक छात्रों के नए आइडिया, UP RISE ने युवाओं को दिया नवाचार का मंच

युवाओं के नवाचार को योगी सरकार का प्रोत्साहन, यूपी राइज से हुनर को मिल रहा मंच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से स्वास्थ्य और सुरक्षा तक छात्रों ने प्रस्तुत किए नए विचार लखनऊ स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में दिखी युवाओं की प्रतिभा  इनोवेट8एक्स को पहला, स्कैनविडेंस को दूसरा व मेरिडियन टीम ने हासिल किया तीसरा स्थान लखनऊ विश्वविद्यालय में भी आयोजित होगा कार्यक्रम लखनऊ  उत्तर प्रदेश में युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की पहल यूपी राइज छात्रों को अपने नए विचारों को मंच देने का अवसर प्रदान कर रही है। इसी क्रम में लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित यूपी राइज कार्यक्रम में छात्रों ने तकनीक आधारित कई नए कारोबारी मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में शॉर्टलिस्ट किए गए आइडिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, सुरक्षा, कृषि, जल गुणवत्ता, रियल एस्टेट और पारंपरिक शिल्प जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कई नए विचार कार्यक्रम में ध्रुव एक्स स्काईशील्ड का पोर्टेबल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ड्रोन रोधी रक्षा तंत्र, निदानवाणी का स्वास्थ्य सेवा मंच, मेरिडियन का स्मार्ट पहनने योग्य मुद्रा निगरानी तंत्र और संवेदना का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मानसिक स्वास्थ्य मंच प्रस्तुत किया गया। स्कैनविडेंस ने चिकित्सकों के लिए रोगी आंकड़ों के विश्लेषण और निदान में सहायक चिकित्सकीय मंच तैयार किया। वहीं जियोक्वेरी लैब ने संपत्ति संबंधी जानकारी, इनोवेट8एक्स ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी एवं सुरक्षा तंत्र, शिल्पसेतु ने कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने वाला डिजिटल बाजार और एग्रीक्यू ने सटीक कृषि के लिए स्वचालित तंत्र प्रस्तुत किया। इनोवेट8एक्स को पहला, स्कैनविडेंस को दूसरा स्थान प्रतियोगिता में इनोवेट8एक्स ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम में रमिश अदील, मुस्कान, फराज नदीम, लैबा रहमान, रेहान शेख और फैजान-ए-रजा शामिल रहे। दूसरे स्थान पर स्कैनविडेंस की टीम रही, जिसमें अनस खालिद, अब्दुल मलिक, अली हसन, अलीना फारूकी, अब्दुल रहमान और साहेर जहरा शामिल हैं। तीसरा स्थान मेरिडियन की टीम ने हासिल किया। इसमें इमामा बिन्त अनवर, अरिशा खानम, अब्दुल्ला अशरफ अली,  मोहम्मद सायम अशरफ, एमडी मामूनुर रशीद और हसन अब्बास नियाजी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने परखी छात्रों की प्रतिभा छात्रों के विचारों और प्रस्तुतियों का मूल्यांकन हर्षित देसाई, सिमरन साहनी, पूनम खंडेलवाल और हर्षवर्धन जवेरी ने किया। यूपी राइज के माध्यम से छात्रों को अपने नवाचारों को कारोबारी मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस पहल के माध्यम से छात्रों को बुकमायशो में प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय में भी यूपी राइज कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर गाली-गलौज का मामला, PM मोदी-CM भजनलाल के खिलाफ अपशब्दों पर केस

  बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने युवक के खिलाफ राजतालाब थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बता दें कि राजतालाब थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अंबिका कॉलोनी निवासी प्रतीक नाम के युवक ने 7 सितंबर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के 181 नंबर पर दो बार शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बिजली कटौती को लेकर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। नगर परिषद आयुक्त ने ली शिकायत की जानकारी मामला सामने आने के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने शिकायत की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि युवक प्रतीक बिजली की समस्या से आहत था। हालांकि, शिकायत में अपनी समस्या रखने के दौरान उसने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अमर्यादित शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज इसके बाद बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त ने मामले को लेकर राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है। गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इस मामले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

हिन्दू महासभा ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला जलाया ,

 ग्वालियर                                                                              कमर तोड़ महंगाई कम करने, विदेशी दो सौ पांच लाख करोड़ का कर्ज से मुक्ति दिलाने, डॉक्टरों पर लाठीचार्ज के विरोध में तथा मुख्य मंत्री के इशारे पर सनातनियों के प्रथम आराध्या श्री गणेश जी की प्रतिमा को की ऊंचाई कम करने की तानाशाही फरमान के विरोध में,गेंडे वाली सड़क पर एक हिन्दू परिवार को घर में मुस्लिम परिवार के लोगों को लहुलुहान हालत करने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था सुधारने, धार्मिक स्थलों का अधिग्रहण नहीं करने   को लेकर हिंदू महासभा ग्वालियर ने हिन्दू महासभा भवन, दौलतगंज में  10 सितंबर को सुबह ठीक 9-30 बजे काले झंडों को लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रामा मार्केट, नुक्कड़ चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया ।              हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा , युवक हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष आनंद माहौर, युवा महामंत्री धर्मेंद्र बरेलिया ने कहां की मुख्यमंत्री के इशारे पर ग्वालियर में हिंदुओं के प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करने वाले एवं मूर्ति कलाकारों को जिला एवं पुलिस प्रसारण द्वारा जबरदस्ती प्रतिमाओं की ऊंचाई कम करने का फरमान तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है जो हिंदुओं की भावनाओं के साथ कुठाराघात है जिसे हिंदू महासभा सहन नहीं करेगी।  मंहगाई से आम नागरिक त्राहि त्राहि कर रहा है और केंद्र सरकार डबल इंजन सरकार अनदेखी कर प्रदेश,देश पर लाखों  का कर्ज कर रही है। अपने हक की मांग करने पर खुलेआम डाक्टरों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। यदि तीन दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तों हिन्दू महासभा लश्कर को आधे दिन के बन्द का आयोजन किया जाएगा। लश्कर बंद को लेकर दिनांक 11 सितंबर को सायं काल ठीक 6-00 बजे हिन्दू महासभा भवन दौलतगंज में बैठक अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई है।उपरोक्त मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।              संचालन रोहित जाटव, राहुल गुप्ता ने किया।   10 सितंबर को डबल इंजन सरकार का उज्जेन में 170 बर्ष प्राचीन मंदिर खड़े हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिर हटाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सद्बुद्धि के लिए चामुंडा धाम कोटेश्वर मंदिर पर हिन्दू महासभा चामुंडा मंदिर समिति की महिलाओं ने श्री हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध किया ।      जिला अध्यक्ष    लोकेश शर्मा ,                                                     

102-108 एंबुलेंस होंगी एकीकृत, मरीज की लोकेशन और हालत अस्पताल को मिलेगी तुरंत

पटना रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर आधारित बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक निगरानी हो सके। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा। इमरजेंसी रेफरल के मामलों में एंबुलेंस में ही मरीज की स्थिति का आकलन कर डैशबोर्ड के माध्यम से कंट्रोल सेंटर को सूचित किया जाएगा। इमरजेंसी नेटवर्क के माध्यम से 102 एवं 108 सेवाओं को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी तथा मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एम्स, आइजीएआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच को पायलट प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया जाएगा। ये सभी निर्देश स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दिए, जो गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट बैठक में रेफरल व्यवस्था, स्मार्ट एंबुलेंस, टेली-मेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने, क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट एवं बेड की रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित की जाए मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी एएनएम, आशा एवं जीविका दीदी से मिलेगी। आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रभावी दवाओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी। टेली-मेडिसिन सेवा को सुदृढ़ करने के लिए 104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावना देखी जाएगी। मंत्री ने एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों के डेटा के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआइसीएल के एमडी सुब्रत सेन आदि उपस्थित रहे।

10 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हक में हाई कोर्ट का फैसला, आउटसोर्सिंग से मिली राहत

रांची  सदर अस्पताल, लोहरदगा में पिछले करीब दस वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश संबंधित प्राधिकार को दिया है। न्यायालय ने इसके लिए 12 सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की है। याचिकाकर्ता रफीक अंसारी एवं अन्य की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्र गुरु एवं अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने पक्ष रखा। यह मामला सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन की सेवा से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे अस्पताल में करीब एक दशक से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें उनके वर्तमान कार्य से हटाकर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सेवा लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा था। इस कार्रवाई के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में मुख्य रूप से यह आग्रह किया गया था कि लंबे समय से अस्पताल में निरंतर सेवा दे रहे याचिकाकर्ताओं की सेवा अवधि एवं उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनके नियमितीकरण पर विचार किया जाए तथा उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए संबंधित विभाग/प्राधिकार को याचिकाकर्ताओं को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्य करने के लिए बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई पूरी होने के पश्चात पीठ ने रिट याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आदेश पारित किया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकार को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश से सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत इन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। करीब दस वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर पारित यह आदेश उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, पंजाब-हरियाणा पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

चंडीगढ़. चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने से वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ ऑपरेशन सेल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया। टीमों ने विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया। धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल अलर्ट किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। आसपास के एरिया में हाईअलर्ट जारी किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत और उसे भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के अलावा ऑपरेशन सेल की टीम मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तुओं की जांच की, जबकि डॉग स्क्वायड की मदद से परिसर में तलाशी ली गई। पुलिस साइबर स्तर पर भी ई-मेल की जांच कर रही है। धमकी भेजने वाले की पहचान और ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

रायपुर वालों के लिए बड़ी खबर, नुआखाई से गोवर्धन पूजा तक 3 दिन रहेगा स्थानीय अवकाश

रायपुर. रायपुर जिले में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर की ओर से जारी आदेश के तहत इन अवकाशों की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर रायपुर जिले के संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के मुताबिक 15 सितंबर 2026, मंगलवार को नुआखाई पर्व के अवसर पर स्थानीय अवकाश रहेगा। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को महाअष्टमी के लिए छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, 9 नवंबर 2026, सोमवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर भी स्थानीय अवकाश रहेगा। आदेश में गोवर्धन पूजा को दीपावली के दूसरे दिन होने वाले पर्व के रूप में उल्लेखित किया गया है। इन कार्यालयों में लागू होंगे अवकाश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार ये तीनों स्थानीय अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे। इसके साथ ही रायपुर शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं भी इन स्थानीय अवकाशों के दायरे में रहेंगी। इस तरह सितंबर से नवंबर के बीच रायपुर जिले में नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालयों एवं संबंधित संस्थाओं में तीन स्थानीय अवकाश रहेंगे।

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि, CM डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव को किया संबोधित

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि होती है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी समृद्धि बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखंड अंचल की समृद्धि के लिए केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना की स्वीकृति प्रदान की है। उनका संकल्प है कि पर्याप्त सिंचाई से उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान किए जाएं। आने वाले समय में बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को टीकमगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में पीतल की मूर्तियां बनाने वाले शिल्पी इस क्षेत्र की पहचान है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में टीकमगढ़ जिले में हो रहा कार्य अन्य जिलों के लिए उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में पधारे जनप्रतिनिधियों, किसानों और बहनों को श्रेष्ठ आयोजन के लिए तथा आने वाले पर्व-त्यौहारों की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत कृषि कार्य में लगे कृषकों को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में आये किसानों से चर्चा की, जो उन्नत कृषि के कार्य में संलग्न है। उन्होंने किसानों द्वारा किए जा रहे परिश्रम और नवाचारों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विष्णु शर्मा अनंतपुरा को सब्जी उत्पादन और पॉली हाऊस निर्माण के साथ ही गौशाला के संचालन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालचंद अहिरवार ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 250 किसान बंधु जुड़े हैं। मनोहर लोधी और श्रीमती शशि लोधी ने प्राकृतिक खेती के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जगदीश अहिरवार ने लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में की जा रही फूलों की खेती विशेष रूप से स्ट्रोबेरी, तरबूज, नीबू, अमरूद आदि के उत्पादन की जानकारी दी। अहिरवार ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर यह कार्य कर रहे हैं और दो दर्जन व्यक्तियों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसके साथ ही 15 गायों को पालते हुए दुग्ध उत्पादन से भी लाभ कमा रहे हैं। रमेश यादव ने बताया कि वे वर्ष 2005 से बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। लगभग 3 लाख क्विंटल बीज उत्पादन में सक्षम बने हैं। रानी मक्खी तो नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन को महारानी बनते देख रहा हूं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रीमती सुनीता बुंदेला ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 5 केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह कार्य परिश्रम आधारित है जिसके आर्थिक लाभ काफी हैं। मधुमक्खी पालन कार्य की विस्तृत जानकारी भी श्रीमती सुनीता बुंदेला द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मधुमक्खी पालन कार्य में रानी मक्खी की भूमिका का उल्लेख आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने तो रानी मक्खी नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन सुनीता को मधुमक्खी पालन के कार्य से आर्थिक रूप से सक्षम होने और महारानी बनते हुए देखने का अवसर जरूर प्राप्त हो रहा है। जनप्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव, कप्तान सिंह से भी चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव प्रांरभ किए गए हैं, जिनकी किसान कल्याण की दृष्टि से बहुत उपयोगिता है। प्रारंभ में श्रीमती सरोज राजपूत ने स्वागत भाषण में कहा कि केन-बेतवा परियोजना की मंजूरी और बुंदेलखंड में इन्वेस्टर्स समिट होने से किसानों सहित सभी वर्गों के हित में कार्य हुआ है।  

संत रविदास के संदेश को CM डॉ. यादव ने किया याद, बोले- धर्म के साथ कर्म भी जरूरी

संत रविदास ने दिया धर्म के साथ कर्म को महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायसेन में हुई संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति स्थापना समारोह में वर्चुअली शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म के साथ कर्म को भी प्रधानता दी। उनके उपदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। मध्यप्रदेश सरकार समाज की पथ-प्रदर्शक विभूतियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्दी ही रायसेन पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा रायसेन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विकास शिविर, यात्राएं गत जुलाई से आयोजित की जा रही हैं, जो आगामी फरवरी माह तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवा, महिला, गरीब, किसान वर्ग के कल्याण के साथ ही सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है। संत रविदास जी के शब्द थे – 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।' इसके साथ ही 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकि अंग अंग बास सामानी' के माध्यम से भक्त और भगवान के घनिष्ठ संबंध की ओर इंगित किया है। संत रविदास का मानना था कि प्रभु आप चंदन हैं और मैं पानी हूं। जिस प्रकार पानी में चंदन मिलने से पानी के प्रत्येक अंग में चंदन की महक शामिल हो जाती है। उसी तरह आपकी भक्ति से मेरा अंग-अंग पावन और आनंदित हो गया है। यह ईश्वर की प्रति अगाध प्रेम और आत्मीयता का प्रमाण है। इसी तरह 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' की कहावत भी संत रविदास ने दी। इसका आशय यह है कि यदि व्यक्ति का मन कार्य में शद्ध भावना से पूरी तरह लगा है तो चमड़ा भिगोने के बर्तन (कठौती) में भी गंगा प्रकट हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन में समरसता यात्रा, समरसता भोज से सभी वर्गों का जुड़ना प्रशंसनीय है। इसी सामाजिक समरसता के लिए हमारे संतों ने अपना पूरा जीवन अर्पित किया। प्रारंभ में पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी कि संत रविदास की प्रतिमा की स्थापना का कार्य पूर्ण होने के साथ ही निकट ही डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना के लिए राज्य शासन से 25 लाख रूपए की प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। रायसेन नगर के सभी समाजों द्वारा परस्पर भाईचारे के साथ पर्व-त्यौहार मनाने का कार्य होता है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा, रामपाल सिंह के अलावा संत धनीराम, संत मनीराम, राकेश शर्मा, समाजसेवी जमना सिंह उपस्थित थे।  

इंदौर में 11 सितंबर से जुटेगा यात्री परिवहन का बड़ा मंच, CM यादव करेंगे विजन समिट का उद्घाटन

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का 11 सितंबर को करेंगे शुभारंभ इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी समिट परिवहन मंत्री सिंह भी होंगे समिट में शामिल MPYPIL लोगो एवं विशेष पुस्तिका का होगा विमोचन इंडस्ट्री एक्सपो तथा हैकेथॉन का होगा उद्घाटन इंदौर मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करेंगे। इस समिट में निजी बस ऑपरेटरों, नीति-निर्माताओं, परिवहन विशेषज्ञों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे और मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रणनीति और सुझाव साझा करेंगे। समिट का प्रमुख केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ होगी। ‘नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश’ विजन के साथ आयोजित इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देना है। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी समिट में शामिल होंगे। इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। एक्सपो में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों द्वारा अपनी गतिविधियों, तकनीकी समाधानों और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे परिवहन क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नई साझेदारियों की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। समिट में ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संकलित समिट की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही MPYPIL द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की संरचना और योजना के अंतर्गत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर केन्द्रित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन भी होगा। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी होगा। समिट में होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना को आकार दिया जाएगा। देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर बनाएंगे रणनीति समिट में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर, पूरे देश के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सरल, सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की रणनीति बनाएंगे। साथ ही अपने सुझाव भी देंगे। परिवहन समिट में 8 सत्र होंगे। इन सत्रों के माध्यम से यात्री परिवहन को सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और प्रदूषणमुक्त बनाने, एमपी मोबिलिटी विजन-2030 के तहत PPP मॉडल से निवेश, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बस संचालन, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन, एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली विषयों पर चर्चा होगी। देश के ये प्रमुख संस्थान समिट में होंगे शामिल समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर प्राइवेट लिमिटेड, स्विच मोबिलिटी (हिंदुजा ग्रुप), एयरो ईगल ऑटोमोबाइल, यश टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एसबीआई, थिंक गैस जैसी प्रमुख कंपनियां सहभागिता करेंगी। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, थिंक टैंक एवं कंसल्टेंसी एजेंसियों के परिवहन विशेषज्ञ भी समिट में अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। इनमें WRI इंडिया, BITS पिलानी, CEPT अहमदाबाद, KPMG और DIMTS प्रमुख हैं। इन 8 सत्रों में होगा मंथन 1. "मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा": इस सत्र में मध्य प्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार और तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों के अनुरूप बस संचालन व ITMS में PPP मॉडल लागू करके सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन किया जाएगा। 2. "भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना: सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन": यह सत्र बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन संपत्तियों में पीपीपी के माध्यम से निवेश आकर्षित करने, अभिनव वित्तपोषण मॉडल, नीतिगत सहयोग और जोखिम-साझाकरण व्यवस्था पर केंद्रित होगा। 3. "वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियाँ": इस सत्र में केवल किराए पर निर्भरता घटाने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, गैर-किराया राजस्व (विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स व नामकरण अधिकार) तथा प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों पर विचार किया जाएगा। 4. "यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता सृजन हेतु केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग": इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी। 5. "सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा": इसमें सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे उपभोक्ता-केंद्रित मुद्दों पर विमर्श होगा। 6. "डेटा-आधारित निर्णय: इंट्रा-सिटी एवं इंटर-सिटी बस मार्गों एवं संचालन की योजना (AI आधारित विश्लेषण सहित)": इस सत्र में राज्यव्यापी आईटीएमएस, रीयल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मार्गों के युक्तिकरण एवं शेड्यूलिंग पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। 7. "हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार बस बेड़ा": इसमें इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग व रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) से जुड़े तकनीकी व ढांचागत पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। 8. "एक राज्य, एक यात्रा: एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली के माध्यम से निर्बाध यात्रा अनुभव": सत्र में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस (MaaS) प्लेटफॉर्म पर बात होगी।