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पंचायत से पहले किसान आंदोलन पर शिकंजा, डल्लेवाल हाउस अरेस्ट; कई नेताओं पर कार्रवाई

फरीदकोट. भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से बुधवार को फरीदकोट में होने वाली किसान पंचायत से पहले पुलिस ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके अलावा फरीदकोट समेत आसपास के जिलों में संगठन के कई पदाधिकारियों को भी उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसान मांगों को लेकर हर हाल में संघर्ष जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल से लेकर आमरण अनशन तक का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पांच माह से 12 जिलों में चल रहे धरने किसानों की ओर से पिछले करीब पांच माह से फरीदकोट समेत पंजाब के 12 जिलों में लैंड मोरगेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर लैंड मोरगेज बैंकों में भी ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू की जाए। इसके साथ ही किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करने और शंभू-कनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों के सामान की हुई चोरी की भरपाई करने की मांग की जा रही है। 29 अगस्त के प्रदर्शन से पहले भी हुई थी कार्रवाई इन मांगों को लेकर 29 अगस्त को फरीदकोट में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन से पहले भी पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इसके विरोध में संगठन ने जेल भरो आंदोलन शुरू किया गया था। इसी कड़ी में बुधवार, 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान पंचायत आयोजित की जानी थी। पंचायत में किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष की अगली रणनीति तैयार की जानी थी। पंचायत से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

सेवा संकल्प एवं समर्पण के तहत भाजपा मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला संपन्न

बिलासपुर। उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासपुर में सेवा संकल्प एवं समर्पण अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंडल प्रभारी प्रीति रामनारायण पयासी, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी, महामंत्री बिनायक तिवारी एवं सोहन कोल, मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी सहित विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंडल प्रभारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विभिन्न सेवा एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी कार्यकर्ताओं को दी गई। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया। बैठक में ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष अंजली राय, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिनेश झरिया, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महाजन सिंह टेकाम, महिला मोर्चा से निर्मला सिंह, सरोज सोनी सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

CGPSC इंटरव्यू की तैयारी का मौका, 12-13 सितंबर को फ्री मॉक इंटरव्यू का आयोजन

रायपुर. CGPSC राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। साक्षात्कार की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए जिला प्रशासन रायपुर की ओर से ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में होगा। मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार का अनुभव देना है, ताकि वे परीक्षा के अंतिम चरण के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ तैयार हो सकें। इस दौरान अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की प्रक्रिया, पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रभावी उत्तर देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, आत्मविश्वास और संवाद कौशल से जुड़े जरूरी मार्गदर्शन दिए जाएंगे। मॉक इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों को विशेषज्ञों के समक्ष साक्षात्कार का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। उनके प्रदर्शन का आकलन कर आवश्यक सुझाव और फीडबैक भी दिया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमियों को समझने और वास्तविक साक्षात्कार से पहले उनमें सुधार करने में मदद मिलेगी। 11 सितंबर तक कराना होगा पंजीयन इस अवसर का लाभ लेने के इच्छुक अभ्यर्थी 11 सितंबर 2026 तक निर्धारित Google Sheet में अपनी आवश्यक जानकारी भरकर पंजीयन करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल का लाभ उठाने की अपील की है। पंजीयन अथवा आयोजन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी रोजगार अधिकारी केदार पटेल (9425502970) और चंद्रेश (7389931878) से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए विभिन्न नवाचारी पहल की जा रही हैं। ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसके माध्यम से CGPSC अभ्यर्थियों को साक्षात्कार चरण की व्यावहारिक तैयारी का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सजेगा उद्योगों का महाकुंभ! 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर

छत्तीसगढ़ में सजेगा उद्योगों का महाकुंभ 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर MSME, स्टार्टअप, निवेश, रोजगार और नवाचार को मिलेगा साझा मंच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देश-प्रदेश के विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 18 से 20 सितंबर तक देशभर के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं की मेजबानी करेगी। साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेयर में प्रदेश के MSME, स्टार्टअप, निर्माताओं, उद्यमियों और युवाओं को देशभर के उद्योगपतियों, खरीदारों और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन केवल औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, रोजगार, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने वाला व्यापक औद्योगिक आयोजन होगा। फेयर में उत्पाद एवं तकनीक प्रदर्शनी, B2B मीटिंग, निवेशकों से संवाद, Job Placement Drive, विशेषज्ञों के प्रेरक सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की भी उपस्थिति रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख विचारक कृष्ण गोपाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और निवेशकों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कृषि एवं वन उत्पाद, ऊर्जा संसाधन और विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच, नए खरीदारों से संपर्क, तकनीकी सहयोग और निवेश हासिल करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का मंच प्रदान करेगा। प्रदेश के उद्यमियों को विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों, खरीदारों, वितरकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे नए बाजारों तक पहुंच और कारोबारी साझेदारियों की संभावनाएं मजबूत होंगी। B2B मीटिंग से बनेंगे नए कारोबारी संबंध फेयर में देशभर से आने वाले उद्यमी अपने उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ B2B मीटिंग के माध्यम से निर्माता, वितरक, डीलर, सप्लायर, खरीदार और निवेशक सीधे संवाद कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देना नहीं, बल्कि उन्हें नए खरीदार, कारोबारी साझेदार और बाजार विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। Job Placement Drive से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर इस बार फेयर का एक प्रमुख आकर्षण Job Placement Drive होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को उद्योगों और कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विद्यार्थियों को उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे संवाद, इंटरव्यू और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन फेयर में पारंपरिक उद्योगों के साथ स्टार्टअप और नई पीढ़ी के युवा उद्यमियों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। युवा उद्यमी अपने उत्पाद और नए व्यावसायिक विचार प्रदर्शित करने के साथ अनुभवी उद्योगपतियों, निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।बाजार, निवेश, तकनीक और मार्गदर्शन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह मंच नए उद्यमों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों के सत्र देंगे नई दिशा तीन दिवसीय आयोजन में Motivational Talks और विशेषज्ञ व्याख्यान भी होंगे। इनमें उद्यमिता, उद्योग संचालन, बाजार विस्तार, नई तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों के अनुभव युवाओं तथा नए उद्यमियों को व्यवसाय की नई संभावनाओं को समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। औद्योगिक क्षमता के साथ दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में औद्योगिक गतिविधियों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा। तीनों दिनों रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे देशभर से आने वाले उद्यमियों और अतिथियों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। MSME क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा MSME क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फेयर में ऐसे उद्यमियों को नए बाजार, खरीदार, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। विभिन्न राज्यों के उद्यमियों की एक मंच पर मौजूदगी से ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम, सप्लाई चेन साझेदारी और नए व्यापारिक संबंध विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। 'लोकल से नेशनल' की दिशा में महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों और जिलों में कार्यरत उद्यमियों को अपने उत्पाद देशभर के खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी। निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद फेयर के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और निवेश क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। खनिज, कृषि, वन उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, निर्माण, MSME और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से निवेशकों और उद्योगपतियों को परिचित कराया जाएगा। आयोजन से नए उद्योगों की स्थापना, निवेश, व्यापार विस्तार और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होने की उम्मीद है। तीन दिन में उद्योग, निवेश और रोजगार के अनेक अवसर 18, 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने वाला इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर उद्योग जगत के लिए व्यापारिक संपर्क, निवेश, रोजगार, तकनीक और नवाचार के अनेक अवसर लेकर आएगा। एक ओर जहां उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनी होगी, वहीं … Read more

बेटियों के सम्मान और सुरक्षा पर योगी सरकार का बड़ा फोकस, स्कूलों का माहौल बनाया जा रहा अधिक संवेदनशील

बेटियों के आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बना रही योगी सरकार  रूप-रंग और शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाने की प्रवृत्ति को समझेंगे शिक्षक सोशल मीडिया के प्रभाव और बॉडी इमेज पर बच्चों से संवाद की होगी तैयारी – लैंगिक रूढ़ियों की पहचान और कक्षा में संवेदनशील व्यवहार का होगा अभ्यास पॉक्सो अधिनियम और मासिक धर्म स्वास्थ्य से बाल सुरक्षा व गरिमापूर्ण वातावरण पर जोर लखनऊ, योगी सरकार बालिकाओं की शिक्षा को उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ते हुए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बच्चों के आत्मसम्मान को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मुद्दों पर शिक्षकों की समझ विकसित की जा रही है। रूप-रंग अथवा शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाना, स्वयं और दूसरों को केवल शरीर या रूप-रंग के आधार पर देखना, अपने शरीर और उसकी क्षमताओं को पहचानना, सोशल मीडिया का प्रभाव तथा लैंगिक रूढ़ियां प्रशिक्षण के प्रमुख विषय हैं।  विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंच कार्यक्रम एवं सेल्फ-एस्टीम परियोजना के लिए आज से दो बैच में 100 प्रतिभागियों का दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। व्यापक प्रशिक्षण रूपरेखा में कुल 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य है।  इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के संवेदनशील अनुभवों को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद के लिए तैयार करना है, ताकि विद्यालयों में सुरक्षित, सहभागी और सम्मानजनक वातावरण मजबूत हो तथा हर बालिका आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा और भविष्य की ओर आगे बढ़ सके। आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर समझ प्रशिक्षण में नव-विकसित चार कॉमिक पुस्तकों को शिक्षण संसाधन के रूप में शामिल किया गया है। इनके माध्यम से रूप-रंग और शारीरिक बनावट के आधार पर चिढ़ाने एवं परेशान करने, शरीर को लेकर बच्चों की धारणाओं, अपने शरीर से जुड़ाव एवं उसकी क्षमताओं तथा सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे विषयों को समझाया जा रहा है। इन संसाधनों के उपयोग से बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के तरीकों का भी प्रदर्शन होगा।  लैंगिक रूढ़ियों पर संवेदनशील संवाद प्रशिक्षण में मीना मंच के गठन, ‘पॉवर एंजिल’ की भूमिका और सहभागितापूर्ण सहजीकरण की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। एसटीएआरएस सिद्धांत के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में बच्चों की बात सुनने, बिना पूर्वधारणा के संवाद करने, सभी आवाजों को महत्व देने और अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। लैंगिक रूढ़ियों की पहचान तथा कॉमिक्स और कक्षा गतिविधियों के माध्यम से इन विषयों पर संवाद का भी अभ्यास हो रहा है।  पॉक्सो अधिनियम से बाल सुरक्षा पर जोर प्रशिक्षण के पहले दिन लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) पर चर्चा के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रमुख संदेशों को स्पष्ट किया गया। मॉक प्रदर्शन और रचनात्मक प्रतिक्रिया के माध्यम से प्रतिभागियों के सहजीकरण कौशल को मजबूत करने का प्रयास हुआ। बच्चों और शिक्षकों की कहानियों को एकत्रित, दस्तावेजीकृत और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर भी काम होगा।  किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा दूसरे दिन संशोधित ‘प्रगति के पंख’ मॉड्यूल के चार नए अध्यायों, 13 सत्रों और शिक्षक मार्गदर्शिका की समझ विकसित की जाएगी। समूह अभ्यास और मॉक सत्रों के माध्यम से इसके सत्रों को पाठ्यक्रम तथा किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा। ‘अरमान’ मॉड्यूल और अभिभावक सत्रों की जानकारी भी दी जाएगी।  मासिक धर्म स्वास्थ्य और गरिमा पर चर्चा उच्चतम न्यायालय के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य (2026) निर्णय के प्रमुख निहितार्थों पर भी चर्चा होगी। मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और विद्यालय की जिम्मेदारियों के अंतर्गत सुरक्षित शौचालय, पानी, आवश्यक उत्पाद, निस्तारण, गोपनीयता और जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यालयी स्तर पर व्यावहारिक कदम तय करने का अभ्यास कराया जाएगा।  कोट: योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व का वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। रूप-रंग, शारीरिक बनावट, सोशल मीडिया और लैंगिक रूढ़ियों जैसे संवेदनशील विषयों को समझना शिक्षकों के लिए बेहद आवश्यक है। मीना मंच के माध्यम से शिक्षकों को तैयार करने से विद्यालयों में बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा कोट: बच्चों के आत्मसम्मान और सुरक्षित वातावरण के लिए शिक्षकों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में बॉडी इमेज, सोशल मीडिया के प्रभाव, लैंगिक रूढ़ियों, बाल सुरक्षा और मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर समझाया जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह समझ विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

जहरीली शराब के खिलाफ बड़ा एक्शन, प्रदेशभर में आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ जांच शुरू

अवैध एवं जहरीली शराब पर नियंत्रण हेतु आबकारी विभाग का प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान प्रारंभ मध्य प्रदेश के सागर की दुखद घटना के मद्देनजर छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग हुआ पूरी तरह अलर्ट रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चेकपोस्ट और संदिग्ध ठिकानों पर 24 घंटे सघन गश्त व जांच के कड़े निर्देश आबकारी आयुक्त ने जिला अधिकारियों एवं उड़नदस्ता टीमों को दिए सख्त कार्रवाई के आदेश, राज्य उड़नदस्ता प्रभारी बने नोडल अधिकारी रायपुर,   पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब के सेवन से हुई दुखद मौतों एवं गंभीर घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग ने राज्यभर में अवैध मदिरा के विनिर्माण, तस्करी, भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु व्यापक स्तर पर विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया है। शासन की मंशा के अनुरूप  छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा द्वारा समस्त मैदानी अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 09 सितंबर 2026 को सचिव  वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठक के उपरांत विभाग द्वारा यह आदेश प्रसारित किया गया। अभियान के अंतर्गत प्रमुख दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजनाः सार्वजनिक स्थलों एवं चेकपोस्टों पर सख्त नाकाबंदीः प्रदेश के समस्त रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों तथा अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों पर वाहनों की 24 घंटे सघन जांच की जा रही है, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके। विशेष जांच दल (Special Task Team) का गठनः प्रत्येक जिले में उड़नदस्ते के अतिरिक्त विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अवैध व जहरीली शराब के कारोबार पर पैनी नजर रखेंगी। मदिरा दुकानों एवं ढाबों की सघन जांचः देशी व विदेशी मदिरा दुकानों में नॉन-ड्यूटी पेड (NDP), लीकेज व मिलावटी मदिरा की औचक जांच की जा रही है। साथ ही होटल, ढाबों एवं अवैध अहातों पर दबिश देकर जब्ती की कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध आसवन एवं स्पिरिट सिंडिकेट पर प्रहारः वनांचलों, नदी नालों व संदिग्ध क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अवैध स्पिरिट के कारोबारियों और उनके आपूर्ति स्रोतों (Source of Origin) का पता लगाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई: आबकारी विभाग के टोल-फ्री नंबर, 'मनपसंद ऐप', समाचार पत्रों एवं आम नागरिकों से प्राप्त होने वाली हर सूचना पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। नोडल अधिकारी नियुक्त, प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग समस्त जिलों एवं संभागों में चल रही कार्रवाइयों की दैनिक निगरानी के लिए प्रभारी अधिकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे तक पूरे प्रदेश की समेकित रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे। आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की सूचना तत्काल विभागीय टोल-फ्री नंबर 14405 या मनपसंद ऐप पर साझा करें एवं मदिरा के उपभोग हेतु केवल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित मदिरा दुकानों से ही मदिरा क्रय किए जाने की अपील की है।

जेल में नशा और मोबाइल पहुंचाने का मामला, पंजाब में 10 हवालातियों पर FIR

फिरोजपुर. केंद्रीय जेल फिरोजपुर में जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 9 मोबाइल फोन , नशीले कैप्सूल और डाटा केबल बरामद हुए हैं। यह जानकारी देते हुए थाना सिटी फिरोजपुर के सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि इस बरामदगी को लेकर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा जेल अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिखित जानकारी के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा 10 हवालातियों के खिलाफ पंजाब प्रिजन करेक्शनल सर्विस एक्ट 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल फिरोजपुर के सुपरीटेंडेंट ने थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस को भेजे लिखती पत्र में बताया है कि हवालाती संदीप सिंह, हवालाती आकाश उर्फ छोटू, हवालाती गुरदीप सिंह, हवालाती करण कुमार, हवालाती सुमित, हवालाती अरुण उर्फ सरबजीत सिंह, हवालाती दीपक उर्फ दीपा, भवनेश पुत्र हरमेश वासी जम्मू, हवालाती दीपक वासी गुरदासपुर और हवालाती राजीव कुमार 6 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन तथा 7 लाल रंग के नशीले कैप्सूल और एक सफेद रंग की डाटा केबल बरामद हुई है। सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा नामजद हवालातियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, जनभागीदारी से सफल बनाने पर जोर

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिले की वर्चुअल बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल एवं प्रभावी बनाने के दिए निर्देश आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ सहित होंगी विविध गतिविधियां रायपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की प्रशासनिक बैठक ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों की विस्तार समीक्षा करते हुए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना, विभागीय दायित्वों एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा केवल वर्षों का हिसाब नहीं है, बल्कि यह 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इस यात्रा के प्रति जन-आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का बेहतर विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करना सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ा जाए। 17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ से सामने आएगी नई पीढ़ी की कल्पना 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। ‘नमो सेवा गाथा’ से गांव-गांव पहुंचेगी सेवा और बदलाव की कहानी ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सरल, भावनात्मक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा। ‘आंगन का उत्सव’ में माताओं से संवाद और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगी। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां भी साझा करेंगी। ‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में हितग्राही का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ से जन-जन जुड़ेगा विकसित भारत के संकल्प से 25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए गांव, जिला एवं राज्य स्तर पर जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे नागरिक 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नदी-घाट स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा कार्यों को अभियान में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा। विविध गतिविधियों से अभियान को मिलेगा व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज‘ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 नवचयनित सहायक संचालकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 नवचयनित सहायक संचालकों को सौंपे नियुक्ति पत्र पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय सुनियोजित शहरीकरण से मजबूत होगी विकसित छत्तीसगढ़ की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय निष्पक्ष भर्ती, प्रोफेशनल कार्य संस्कृति और आधुनिक टाउन प्लानिंग के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा प्रदेश रायपुर  शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं। राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी *मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया। विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार … Read more