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लाल किला बम धमाके की पूरी साजिश बेनकाब, उमर उन नबी समेत 13 आरोपियों पर NIA की चार्जशीट में बड़े खुलासे

नई दिल्ली दिल्ली में लाल किला के पास पिछले साल 10 नवंबर को बम ब्लास्ट हुआ था. इस मामले में जांच कर रही NIA ने अब चार्जशीट दाखिल कर दी है. NDTV के पास इस चार्जशीट की कॉपी है. इसके मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी ही था. डॉ. उमर ही वह आतंकी था जो सुसाइड बॉम्बर था।  NIA ने अपनी चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपियों बनाया है. इस चार्जशीट में सभी 13 आतंकियों की तस्वीर भी सामने आ गई है. चार्जशीट में NIA ने दावा किया है कि जांच के दौरान जो सबूत हाथ लगे, उससे साबित होता है कि धमाके के वक्त उमर कार में ही मौजूद था। लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 को ब्लास्ट हुआ था. इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 29 लोग घायल हो गए थे।   राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए धमाके की जांच को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में अहम दावे सामने आए हैं। NIA की चार्जशीट RC-21/2025/NIA/DLI के मुताबिक, आरोपी उमर उन नबी ने कार के अंदर रहते हुए कथित तौर पर IED को सक्रिय किया था।एनआईए के मुताबिक, धमाके के समय आरोपी उमर उन नबी कार के अंदर मौजूद था और उसने कथित तौर पर एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए IED को सक्रिय किया। एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में इस पूरे घटनाक्रम को अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) मॉड्यूल से जोड़ते हुए जांच के निष्कर्ष पेश किए हैं।NIA ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि आरोपियों पर चरमपंथी सामग्री का प्रभाव था। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों के पास कथित तौर पर ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक/हत्यारा कैसे बनें’ मिली थी, जिसे एजेंसी ने AQAP से जुड़ा मैनुअल बताया है। NIA का कहना है कि इस सामग्री में विस्फोटक, हथियार, गुप्त अभियानों और IED से संबंधित जानकारी के अलावा ऑपरेशनल सुरक्षा, निगरानी, बच निकलने और गुप्त गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी शामिल थी। एजेंसी के मुताबिक, बरामद दस्तावेज केवल वैचारिक प्रचार तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनमें ऐसी जानकारियां भी थीं जिनका इस्तेमाल किसी आतंकी सेल की गतिविधियों में किया जा सकता था। कार के अंदर बैठकर खुद दबाया था बटन NIA की चार्जशीट में साफ लिखा है कि मुख्य आरोपी उमर उन नबी (A-1) धमाके के वक्त गाड़ी के अंदर ही मौजूद था. उसने कार के भीतर बैठकर कमांड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया और आईईडी (IED) को खुद एक्टिवेट कर दिया. यह हमला अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था. आतंकी किसी भी कीमत पर लाल किले जैसी ऐतिहासिक और संवेदनशील जगह पर बड़ा नुकसान पहुंचाना चाहते थे।  ‘How to Become an Assassin’ मैनुअल से ली गई ट्रेनिंग जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आतंकी रेडिकलाइजेशन के लिए ऑनलाइन डार्क कंटेंट का सहारा ले रहे थे. आरोपी अल-कायदा (AQAP) से जुड़े एक डिजिटल मैनुअल फॉलो कर रहे थे, जिसका टाइटल था— ‘Lone Mujahid Pocket Book/How to Become an Assassin’. इस किताब में सिर्फ नफरत भरे भाषण ही नहीं थे बल्कि हथियारों, एक्सप्लोसिव्स, TATP के इस्तेमाल और रिमोट-कंट्रोल डेटोनेटर बनाने की पूरी ट्रेनिंग दी गई थी. इसके अलावा, पुलिस से बचने के लिए फर्जी पहचान बनाने, चोरी-छिपे मूवमेंट करने और अकेले हमला करने की स्ट्रैटेजी भी सिखाई गई थी।  ‘पैनिक अटैक’ के चक्कर में जल्दी कर दिया ब्लास्ट NIA के खुलासे के मुताबिक, आतंकी लाल किले की रेकी पिछले लगभग दो सालों से कर रहे थे. दिसंबर 2023 से ही उमर उन नबी अपने साथियों के साथ कई बार लाल किले के चक्कर काट चुका था. हालांकि हमले की तारीख पहले से 10 नवंबर तय नहीं थी. दरअसल, श्रीनगर में जब उसके साथी आतंकियों की धरपकड़ शुरू हुई तो उमर बुरी तरह घबरा गया. उसे लगा कि पुलिस उस तक कभी भी पहुंच सकती है. इसी डर और पकड़े जाने के खौफ में उसने आनन-फानन में लाल किले के पास जाकर खुद को उड़ा लिया।  लोकतंत्र के खिलाफ नफरत और शरिया का एजेंडा अल-फलाह स्थित ठिकाने से NIA को हाथ से लिखे कई नोट्स मिले हैं. इन नोट्स में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को खारिज करते हुए शरिया कानून लागू करने की बातें लिखी थीं. चार्जशीट के अनुसार, लाल किले को निशाना बनाने की वजह यही थी कि यह ‘भारतीय राज्य और सत्ता का सबसे बड़ा प्रतीक’ है।    हिंसक विचारधारा का आरोप अपनी चार्जशीट में एनआईए ने कुछ प्रचार सामग्री का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, इन दस्तावेजों में मौजूदा राजनीतिक व्यवस्थाओं को कथित तौर पर ‘शैतानी और अत्याचारी व्यवस्था’ बताया गया था और उन्हें हिंसक तरीके से खत्म करने की विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था। चार्जशीट के मुताबिक, इस सामग्री में यह विचार भी सामने रखा गया कि मुसलमान जिहाद के बिना सम्मान हासिल नहीं कर सकते। NIA का दावा है कि दस्तावेजों में इस्लाम के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री, गजवा-ए-हिंद के संदर्भ और इराक, अफगानिस्तान तथा अमेरिका में हुए विभिन्न विद्रोहों का उल्लेख भी था। जांच एजेंसी ने इन दस्तावेजों को कथित AGuH मॉड्यूल की वैचारिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा है। फर्जी पहचान और गुप्त गतिविधियों की ट्रेनिंग का दावा चार्जशीट में NIA ने यह भी कहा है कि बरामद सामग्री में कथित आतंकी नेटवर्क के सदस्यों के लिए ऑपरेशनल निर्देश मौजूद थे। एजेंसी के मुताबिक, इनमें पहचान छिपाने, गुप्त तरीके से घुसपैठ करने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए अलग-अलग फर्जी पहचान तैयार करने जैसे तरीकों का उल्लेख था। NIA का दावा है कि दस्तावेजों में हमले की रणनीतियों, लक्षित हमलों, अकेले किए जाने वाले हमलों और आत्मघाती हमलों से जुड़ी सामग्री भी मौजूद थी।  

हाईराइज इमारतों की आग पर लगेगी लगाम, हरियाणा फायर विभाग को मिलेंगे 104 मीटर ऊंचे प्लेटफॉर्म

चंडीगढ़. हरियाणा में ऊंची इमारतों में आग लगने की दुर्घटनाओं से निपटने के लिए एरियल लेडर प्लेटफॉर्म खरीदे जाएंगे। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक तथा मजबूत बनाने के उद्देश्य से 90 मीटर के दो और 104 मीटर के दो एरियल लेडर प्लेटफॉर्म की खरीद करेगा। प्रस्तावित खरीद के संबंध में तकनीकी मापदंडों, पात्रता मानदंड, वारंटी, डिलीवरी शेड्यूल और व्यावसायिक प्रविधानों पर भारतीय व विदेशी निर्माताओं, अधिकृत प्रतिनिधियों एवं हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए निदेशालय एक प्री-एनआइटी और मार्केट कंसल्टेशन बैठक आयोजित करने जा रहा है। यह परामर्श बैठक शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें भाग लेने के लिए इच्छुक हितधारकों को वीरवार शाम 05:30 बजे तक अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण और अपने सुझाव प्रस्तुत करने के लिए आवेदक संस्था के नाम, प्रतिनिधि का नाम व पद, ईमेल आईडी और संपर्क नंबर के साथ तकनीकी ईमेल technical-dfs@hry.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक केवल आगामी टेंडर दस्तावेज को अंतिम रूप देने तथा उद्योग से सुझाव और जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से की जा रही है। यह स्वयं में कोई टेंडर, ईओआइ या चयन प्रक्रिया नहीं है और न ही इसमें भाग लेने वाले किसी भी हितधारक को भविष्य की खरीद प्रक्रिया में कोई विशेष अधिकार प्रदान किया जाएगा।

ग्वालियर स्टेशन पर पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण; लावारिस खानपान सामग्री जब्त, तीन ट्रेनों की पैंट्री की हुई सघन जांच

ग्वालियर/झाँसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा के निर्देशन में यात्रियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खानपान सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.09.2026 को सहायक वाणिज्य प्रबंधक/ ग्वालियर आर के वर्मा के नेतृत्व में ग्वालियर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच अभियान के दौरान ट्रेन संख्या 18237 (संचालक: मेसर्स आर के एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड), ट्रेन संख्या 16787 (संचालक: मेसर्स चंद्र मौली मिश्रा) तथा ट्रेन संख्या 11077 (संचालक: मेसर्स आर के एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड) की पैंट्री कारों की गहनता से पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर कुछ खानपान सामग्री (कैटरिंग मटेरियल) लावारिस हालत में रखी पाई गई। उपस्थित अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए लावारिस सामग्री को तुरंत जब्त किया और उसे एलपीओ संख्या 88 (दिनांक 09/09/2026) के तहत विधिवत जमा करवा दिया।  

अमेठी की अर्चना त्रिपाठी ने 2.12 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया ब्यूटी पार्लर, आज 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहीं

लखनऊ/अमेठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो युवाओं और महिलाओं को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या-08, पूरे भवानी बक्स की निवासी अर्चना त्रिपाठी इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। कभी गृहिणी रहीं अर्चना ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से ‘अर्चना ब्यूटी पार्लर’ की स्थापना की और आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। बैंक से मिली योजना की जानकारी अर्चना बताती हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी बैंक के माध्यम से मिली। उस समय वह गृहिणी थीं और अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। परिवार की सीमित आय के कारण व्यवसाय के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना आसान नहीं था। ऐसे में उन्होंने योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की और आवेदन करने का निर्णय लिया। 2.12 लाख रुपये के ऋण से शुरू हुआ व्यवसाय अर्चना को जनवरी 2025 में बैंक के माध्यम से 2.12 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने ‘अर्चना ब्यूटी पार्लर’ की शुरुआत की। वह बताती हैं कि योजना से मिली सहायता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया। पहले जो सपना केवल एक इच्छा था, वह आज एक सफल व्यवसाय के रूप में सामने है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम आज अर्चना का ब्यूटी पार्लर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। अर्चना बताती हैं कि उनके परिवार में 6 सदस्य हैं और व्यवसाय शुरू होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। अब वह परिवार की जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। भविष्य में और आगे बढ़ने का लक्ष्य अर्चना का कहना है कि वह भविष्य में अपने व्यवसाय का और विस्तार करना चाहती हैं, ताकि अधिक लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकें। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिले तो वे भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। वह अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। अर्चना त्रिपाठी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहा है। आज अर्चना की सफलता क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत – संजय श्रीवास्तव

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे संकल्प सेवा अभियान के अंतर्गत आज जवाहर नगर मंडल की कार्यसमिति की कार्यशाला बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान संजय श्रीवास्तव ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए संगठन की मजबूती, जनसेवा तथा राष्ट्रहित के विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘संकल्प सेवा अभियान’ के अंतर्गत 13 प्रकार के विविध आयोजन किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से ‘आशीर्वाद का दीया’, ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता, संगीतमय नाट्य प्रस्तुति, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘संकल्प सेवा अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की 25 वर्षों की जनसेवा की प्रेरणादायी यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रहित की भावना को और मजबूत करना है। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ’’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा भारतीय राजनीति में सेवा, संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रेरणादायी उदाहरण है।’’ उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव देश और समाज को सर्वाेपरि रखते हुए जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य किया है। उनके नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास और विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। हमें सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभानी है। श्रीवास्तव ने कहा कि आइए, प्रधानमंत्री जी की 25 वर्षों की जनसेवा से प्रेरणा लेकर सेवा और समर्पण के इस संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएं तथा समाज एवं राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करते हुए संगठन को और मजबूत बनाएं। बैठक में विधायक पुरंदर मिश्रा, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता, अमित मेसरी, गुंजन प्रजापति, तुषार चोपड़ा, अकबर अली, अनूप खेलकर, संदीप जंघेल, रमेश विश्वकर्मा, अवतार बादल, गीता रेड्डी, श्वेता विश्वकर्मा मंडल के पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने ‘संकल्प सेवा अभियान’ को सफल बनाने तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

पंचायत से पहले किसान आंदोलन पर शिकंजा, डल्लेवाल हाउस अरेस्ट; कई नेताओं पर कार्रवाई

फरीदकोट. भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से बुधवार को फरीदकोट में होने वाली किसान पंचायत से पहले पुलिस ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके अलावा फरीदकोट समेत आसपास के जिलों में संगठन के कई पदाधिकारियों को भी उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसान मांगों को लेकर हर हाल में संघर्ष जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल से लेकर आमरण अनशन तक का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पांच माह से 12 जिलों में चल रहे धरने किसानों की ओर से पिछले करीब पांच माह से फरीदकोट समेत पंजाब के 12 जिलों में लैंड मोरगेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर लैंड मोरगेज बैंकों में भी ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू की जाए। इसके साथ ही किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करने और शंभू-कनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों के सामान की हुई चोरी की भरपाई करने की मांग की जा रही है। 29 अगस्त के प्रदर्शन से पहले भी हुई थी कार्रवाई इन मांगों को लेकर 29 अगस्त को फरीदकोट में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन से पहले भी पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इसके विरोध में संगठन ने जेल भरो आंदोलन शुरू किया गया था। इसी कड़ी में बुधवार, 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान पंचायत आयोजित की जानी थी। पंचायत में किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष की अगली रणनीति तैयार की जानी थी। पंचायत से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

सेवा संकल्प एवं समर्पण के तहत भाजपा मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला संपन्न

बिलासपुर। उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासपुर में सेवा संकल्प एवं समर्पण अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंडल प्रभारी प्रीति रामनारायण पयासी, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी, महामंत्री बिनायक तिवारी एवं सोहन कोल, मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी सहित विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंडल प्रभारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विभिन्न सेवा एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी कार्यकर्ताओं को दी गई। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया। बैठक में ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष अंजली राय, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिनेश झरिया, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महाजन सिंह टेकाम, महिला मोर्चा से निर्मला सिंह, सरोज सोनी सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

CGPSC इंटरव्यू की तैयारी का मौका, 12-13 सितंबर को फ्री मॉक इंटरव्यू का आयोजन

रायपुर. CGPSC राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। साक्षात्कार की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए जिला प्रशासन रायपुर की ओर से ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में होगा। मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार का अनुभव देना है, ताकि वे परीक्षा के अंतिम चरण के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ तैयार हो सकें। इस दौरान अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की प्रक्रिया, पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रभावी उत्तर देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, आत्मविश्वास और संवाद कौशल से जुड़े जरूरी मार्गदर्शन दिए जाएंगे। मॉक इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों को विशेषज्ञों के समक्ष साक्षात्कार का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। उनके प्रदर्शन का आकलन कर आवश्यक सुझाव और फीडबैक भी दिया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमियों को समझने और वास्तविक साक्षात्कार से पहले उनमें सुधार करने में मदद मिलेगी। 11 सितंबर तक कराना होगा पंजीयन इस अवसर का लाभ लेने के इच्छुक अभ्यर्थी 11 सितंबर 2026 तक निर्धारित Google Sheet में अपनी आवश्यक जानकारी भरकर पंजीयन करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल का लाभ उठाने की अपील की है। पंजीयन अथवा आयोजन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी रोजगार अधिकारी केदार पटेल (9425502970) और चंद्रेश (7389931878) से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए विभिन्न नवाचारी पहल की जा रही हैं। ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसके माध्यम से CGPSC अभ्यर्थियों को साक्षात्कार चरण की व्यावहारिक तैयारी का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सजेगा उद्योगों का महाकुंभ! 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर

छत्तीसगढ़ में सजेगा उद्योगों का महाकुंभ 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर MSME, स्टार्टअप, निवेश, रोजगार और नवाचार को मिलेगा साझा मंच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देश-प्रदेश के विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 18 से 20 सितंबर तक देशभर के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं की मेजबानी करेगी। साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेयर में प्रदेश के MSME, स्टार्टअप, निर्माताओं, उद्यमियों और युवाओं को देशभर के उद्योगपतियों, खरीदारों और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन केवल औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, रोजगार, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने वाला व्यापक औद्योगिक आयोजन होगा। फेयर में उत्पाद एवं तकनीक प्रदर्शनी, B2B मीटिंग, निवेशकों से संवाद, Job Placement Drive, विशेषज्ञों के प्रेरक सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की भी उपस्थिति रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख विचारक कृष्ण गोपाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और निवेशकों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कृषि एवं वन उत्पाद, ऊर्जा संसाधन और विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच, नए खरीदारों से संपर्क, तकनीकी सहयोग और निवेश हासिल करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का मंच प्रदान करेगा। प्रदेश के उद्यमियों को विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों, खरीदारों, वितरकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे नए बाजारों तक पहुंच और कारोबारी साझेदारियों की संभावनाएं मजबूत होंगी। B2B मीटिंग से बनेंगे नए कारोबारी संबंध फेयर में देशभर से आने वाले उद्यमी अपने उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ B2B मीटिंग के माध्यम से निर्माता, वितरक, डीलर, सप्लायर, खरीदार और निवेशक सीधे संवाद कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देना नहीं, बल्कि उन्हें नए खरीदार, कारोबारी साझेदार और बाजार विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। Job Placement Drive से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर इस बार फेयर का एक प्रमुख आकर्षण Job Placement Drive होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को उद्योगों और कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विद्यार्थियों को उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे संवाद, इंटरव्यू और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन फेयर में पारंपरिक उद्योगों के साथ स्टार्टअप और नई पीढ़ी के युवा उद्यमियों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। युवा उद्यमी अपने उत्पाद और नए व्यावसायिक विचार प्रदर्शित करने के साथ अनुभवी उद्योगपतियों, निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।बाजार, निवेश, तकनीक और मार्गदर्शन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह मंच नए उद्यमों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों के सत्र देंगे नई दिशा तीन दिवसीय आयोजन में Motivational Talks और विशेषज्ञ व्याख्यान भी होंगे। इनमें उद्यमिता, उद्योग संचालन, बाजार विस्तार, नई तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों के अनुभव युवाओं तथा नए उद्यमियों को व्यवसाय की नई संभावनाओं को समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। औद्योगिक क्षमता के साथ दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में औद्योगिक गतिविधियों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा। तीनों दिनों रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे देशभर से आने वाले उद्यमियों और अतिथियों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। MSME क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा MSME क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फेयर में ऐसे उद्यमियों को नए बाजार, खरीदार, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। विभिन्न राज्यों के उद्यमियों की एक मंच पर मौजूदगी से ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम, सप्लाई चेन साझेदारी और नए व्यापारिक संबंध विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। 'लोकल से नेशनल' की दिशा में महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों और जिलों में कार्यरत उद्यमियों को अपने उत्पाद देशभर के खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी। निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद फेयर के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और निवेश क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। खनिज, कृषि, वन उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, निर्माण, MSME और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से निवेशकों और उद्योगपतियों को परिचित कराया जाएगा। आयोजन से नए उद्योगों की स्थापना, निवेश, व्यापार विस्तार और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होने की उम्मीद है। तीन दिन में उद्योग, निवेश और रोजगार के अनेक अवसर 18, 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने वाला इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर उद्योग जगत के लिए व्यापारिक संपर्क, निवेश, रोजगार, तकनीक और नवाचार के अनेक अवसर लेकर आएगा। एक ओर जहां उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनी होगी, वहीं … Read more

बेटियों के सम्मान और सुरक्षा पर योगी सरकार का बड़ा फोकस, स्कूलों का माहौल बनाया जा रहा अधिक संवेदनशील

बेटियों के आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बना रही योगी सरकार  रूप-रंग और शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाने की प्रवृत्ति को समझेंगे शिक्षक सोशल मीडिया के प्रभाव और बॉडी इमेज पर बच्चों से संवाद की होगी तैयारी – लैंगिक रूढ़ियों की पहचान और कक्षा में संवेदनशील व्यवहार का होगा अभ्यास पॉक्सो अधिनियम और मासिक धर्म स्वास्थ्य से बाल सुरक्षा व गरिमापूर्ण वातावरण पर जोर लखनऊ, योगी सरकार बालिकाओं की शिक्षा को उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ते हुए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बच्चों के आत्मसम्मान को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मुद्दों पर शिक्षकों की समझ विकसित की जा रही है। रूप-रंग अथवा शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाना, स्वयं और दूसरों को केवल शरीर या रूप-रंग के आधार पर देखना, अपने शरीर और उसकी क्षमताओं को पहचानना, सोशल मीडिया का प्रभाव तथा लैंगिक रूढ़ियां प्रशिक्षण के प्रमुख विषय हैं।  विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंच कार्यक्रम एवं सेल्फ-एस्टीम परियोजना के लिए आज से दो बैच में 100 प्रतिभागियों का दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। व्यापक प्रशिक्षण रूपरेखा में कुल 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य है।  इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के संवेदनशील अनुभवों को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद के लिए तैयार करना है, ताकि विद्यालयों में सुरक्षित, सहभागी और सम्मानजनक वातावरण मजबूत हो तथा हर बालिका आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा और भविष्य की ओर आगे बढ़ सके। आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर समझ प्रशिक्षण में नव-विकसित चार कॉमिक पुस्तकों को शिक्षण संसाधन के रूप में शामिल किया गया है। इनके माध्यम से रूप-रंग और शारीरिक बनावट के आधार पर चिढ़ाने एवं परेशान करने, शरीर को लेकर बच्चों की धारणाओं, अपने शरीर से जुड़ाव एवं उसकी क्षमताओं तथा सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे विषयों को समझाया जा रहा है। इन संसाधनों के उपयोग से बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के तरीकों का भी प्रदर्शन होगा।  लैंगिक रूढ़ियों पर संवेदनशील संवाद प्रशिक्षण में मीना मंच के गठन, ‘पॉवर एंजिल’ की भूमिका और सहभागितापूर्ण सहजीकरण की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। एसटीएआरएस सिद्धांत के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में बच्चों की बात सुनने, बिना पूर्वधारणा के संवाद करने, सभी आवाजों को महत्व देने और अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। लैंगिक रूढ़ियों की पहचान तथा कॉमिक्स और कक्षा गतिविधियों के माध्यम से इन विषयों पर संवाद का भी अभ्यास हो रहा है।  पॉक्सो अधिनियम से बाल सुरक्षा पर जोर प्रशिक्षण के पहले दिन लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) पर चर्चा के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रमुख संदेशों को स्पष्ट किया गया। मॉक प्रदर्शन और रचनात्मक प्रतिक्रिया के माध्यम से प्रतिभागियों के सहजीकरण कौशल को मजबूत करने का प्रयास हुआ। बच्चों और शिक्षकों की कहानियों को एकत्रित, दस्तावेजीकृत और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर भी काम होगा।  किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा दूसरे दिन संशोधित ‘प्रगति के पंख’ मॉड्यूल के चार नए अध्यायों, 13 सत्रों और शिक्षक मार्गदर्शिका की समझ विकसित की जाएगी। समूह अभ्यास और मॉक सत्रों के माध्यम से इसके सत्रों को पाठ्यक्रम तथा किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा। ‘अरमान’ मॉड्यूल और अभिभावक सत्रों की जानकारी भी दी जाएगी।  मासिक धर्म स्वास्थ्य और गरिमा पर चर्चा उच्चतम न्यायालय के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य (2026) निर्णय के प्रमुख निहितार्थों पर भी चर्चा होगी। मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और विद्यालय की जिम्मेदारियों के अंतर्गत सुरक्षित शौचालय, पानी, आवश्यक उत्पाद, निस्तारण, गोपनीयता और जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यालयी स्तर पर व्यावहारिक कदम तय करने का अभ्यास कराया जाएगा।  कोट: योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व का वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। रूप-रंग, शारीरिक बनावट, सोशल मीडिया और लैंगिक रूढ़ियों जैसे संवेदनशील विषयों को समझना शिक्षकों के लिए बेहद आवश्यक है। मीना मंच के माध्यम से शिक्षकों को तैयार करने से विद्यालयों में बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा कोट: बच्चों के आत्मसम्मान और सुरक्षित वातावरण के लिए शिक्षकों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में बॉडी इमेज, सोशल मीडिया के प्रभाव, लैंगिक रूढ़ियों, बाल सुरक्षा और मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर समझाया जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह समझ विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा