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कांकेर के कोरर नक्सली केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, खूंखार नक्सली प्रभाकर और राजे कांगे को 7-7 साल जेल

कांकेर  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले अंतर्गत आने वाले कोरर थाना क्षेत्र में साल 2015 में सुरक्षाबलों की संयुक्त पुलिस पार्टी पर घात लगाकर किए गए जानलेवा नक्सली हमले के मामले में 9 साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत का फैसला आ गया है. एनआईए एक्ट एवं अनुसूचित अपराध की विशेष न्यायाधीश विभा पाण्डेय की अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी के आधार पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के शीर्ष कैडर SZDCM प्रभाकर राव और उसकी पत्नी DVCM राजे कांगे सहित कुल 5 आरोपियों को दोषी पाया है. अदालत ने मुख्य आरोपी प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को बलवे की धारा 147 के तहत 2-2 साल की कैद तथा विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम (UAPA) की धारा 38(2) व 39(2) के तहत 7-7 साल के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है।  सजा पाने वाले दोनों नक्सली दंपत्ति बस्तर के जंगलों में पिछले चार दशकों से लाल आतंक का खौफनाक नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 40 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय प्रभाकर राव के खिलाफ अकेले कांकेर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बारूदी सुरंग विस्फोट और लूट जैसे गंभीर अपराधों के कुल 64 मामले दर्ज हैं. शासन की ओर से उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वहीं, उसकी पत्नी राजे कांगे पर 36 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  2015 के हमले के दौरान आखिर हुआ क्या था? साल 2015 में कांकेर जिले का कोरर थाना क्षेत्र घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच नक्सली गतिविधियों का बड़ा केंद्र माना जाता था. उस दौरान जिला पुलिस और सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टुकड़ी पेट्रोलिंग के उद्देश्य से कोरर के जंगलों की तरफ रवाना हुई थी. नक्सलियों के शीर्ष लीडर प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को पहले से ही सुरक्षाबलों की मूवमेंटकी भनक लग चुकी थी. उन्होंने अपनी पूरी सशस्त्र नक्सली टुकड़ी के साथ पहाड़ी और घने पेड़ों के पीछे घात लगा रखा था. जैसे ही पुलिस पार्टी नक्सलियों द्वारा तय किए गए डेंजर जोन में दाखिल हुई, नक्सलियों ने बिना संभलने का मौका दिए अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी और पुलिस जवानों को निशाना बनाकर आईईडी से हमला करने का प्रयास किया।  अचानक हुए इस भीषण हमले के बावजूद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. जवानों की ओर से मुंहतोड़ और कड़ा जवाब मिलता देख, भारी पड़ता पलड़ा महसूस कर प्रभाकर राव, उसकी पत्नी राजे कांगे और उनके साथी घने जंगलों, पहाड़ियों और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे. इस घटना के बाद कोरर थाने में नक्सलियों के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा, विस्फोटक कानून और यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी व विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।   

हरियाणा रोडवेज में बंपर भर्ती का ऐलान, 2072 कंडक्टर होंगे नियमित; भत्ते भी बढ़े

चंडीगढ़. हरियाणा रोडवेज के चालकों और परिचालकों को अब आठ घंटे की ड्यूटी के बाद ओवरटाइम का लाभ मिलेगा। गर्मी की वर्दी के लिए भत्ता 1350 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और सर्दी की वर्दी के लिए 1450 रुपये से बढ़ाकर 1780 रुपये करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने स्वीकृत किया है। जूता भत्ता भी 1000 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये किया जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ मंगलवार को हुई बैठक में रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनी। जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे और 2072 नियमित परिचालकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ड्यूटी के दौरान चालक-परिचालकों के साथ होने वाली झगड़ों और मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। परिचालकों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी के लिए पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और स्टैंड इंचार्ज के पद सृजन पर पुनः विचार किया जाएगा। कर्मचारियों को अर्जित अवकाश देने, ग्रुप-डी कर्मचारियों की तकनीकी पदों पर पदोन्नति, और कैलेंडर अवकाश देने के मामलों पर भी चर्चा हुई। विज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरियाणा रोडवेज की बसों की समय-सारिणी में जल्द बदलाव किया जाए। एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।

पंजाब में अस्थायी DGP पर उठे सवाल, नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के मुखिया के पद पर पिछले चार साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। अतिरिक्त प्रभार पर डीजीपी की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल अधिवक्ता निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पंजाब में पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल के प्रमुख) का सर्वोच्च पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रहा है। याचिका में इसे संस्थागत दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक केवल अतिरिक्त प्रभार देकर पुलिस बल का मुखिया बनाए रखना उसकी स्वतंत्रता और संस्थागत सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है। नियमित नियुक्ति के साथ मिलने वाला निश्चित कार्यकाल और संस्थागत स्थिरता पुलिस नेतृत्व के लिए आवश्यक है। इससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले के फैसले और 13 मार्च 2019 के बाद के आदेश का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के पैनल के आधार पर चयन की प्रक्रिया निर्धारित की थी। याचिका में विशेष रूप से दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पुलिस महानिदेशक के पद पर ‘कार्यवाहक’ या ‘अस्थायी’ डीजीपी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकती। ऐसे में पंजाब में लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रही व्यवस्था को लेकर कानूनी सवाल उठाया गया है। सरकार को पहले ही भेजा गया था कानूनी नोटिस याचिका के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार पैनल कथित तौर पर पंजाब सरकार को पहले ही प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों को विस्तृत कानूनी नोटिस भेजकर नियमित नियुक्ति करने की मांग की थी। एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने पंजाब सरकार को मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को करेगी।

CG निकाय चुनाव: भिलाई, रिसाली और चरोदा निगम के वार्डों का आज तय होगा आरक्षण

भिलाई. जिले के तीन निगमों के वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया 9 सितंबर को होगी। भिलाई नगर निगम के लिए, रिसाली निगम के लिए और भिलाई चरोदा निगम के वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया होगी। कलामंदिर में आयोजित आरक्षण प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण होगा। आरक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस वार्ड के लिए किस वर्ग का पार्षद प्रत्याशी होगा। आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही पार्षद पद के दावेदार सक्रिय हो जाएंगे। याद रहे कि महापौर पद का आरक्षण पूर्व में ही हो चुका है। इसके तहत भिलाई निगम और भिलाई चरोदा निगम ओबीसी और रिसाली निगम अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। इसके अलावा इस बार महापौर के लिए सीधे चुनाव होगा। इससे चुनाव और दिलचस्प हो जाएगा। पिछली बार ऐसा पहली बार हुआ कि पार्षदों ने बहुमत के आधार पर महापौर चुना। कांग्रेस ने पर्यवेक्षक घोषित किए इस बीच नगरीय निकाय चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पर्यवेक्षक व सहपर्यवेक्षक घोषित कर दिया है। भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के तहत भिलाई निगम के लिए पर्यवेक्षक धनेन्द्र साहू, सह पर्यवेक्षक दीपक दुबे, रिसाली निगम के लिए पर्यवेक्षक मोहन मरकाम, सह पर्यवेक्षक कन्हैया अग्रवाल, दुर्ग ग्रामीण के तहत भिलाई चरोदा निगम के लिए पर्यवेक्षक विकास उपाध्याय व सह पर्यवेक्षक राजेन्द्र साहू, जामुल नगर पालिका के लिए पर्यवेक्षक प्रमोद दुबे बनाए गए हैं।

तुष्टिकरण से लेकर कथनी-करनी तक, सपा की राजनीति पर उठे सवाल; जानें क्या है पूरा मामला

सपा का तुष्टिकरण और कथनी-करनी का सच लखनऊ  चुनाव नजदीक देख समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगभग रोज ही जनता से नए-नए वादे करने में जुट गए हैं और इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा है कि जब वह सत्ता में आएंगे तो बौद्ध तीर्थस्थलों का विकास करेंगे। लेकिन उनके इस वादे को लेकर उत्तर प्रदेश की जनता और विशेषकर दलित-शोषित समाज को यह विचार अवश्य करना चाहिए कि सपा का अतीत क्या रहा है और बौद्ध तीर्थस्थलों के प्रति उनका रवैया पूर्व में क्या रहा है? सच्चाई यह है कि बौद्ध धर्मस्थलों व स्मारकों का विकास या संरक्षण कभी समाजवादी पार्टी के एजेंडे में नहीं रहा। उलटे उनके शासनकाल में बौद्ध अनुयायी किस तरह अपमानित किए गए, इसे एक घटना से समझा जा सकता है।  अखिलेश यादव मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 17 अगस्त 2012 को लखनऊ के टीले वाली मस्जिद में अलविदा की नमाज़ पढ़ी जाती है। नमाज़ के बाद सुनियोजित ढंग से मुसलमानों की भीड़ मस्जिद से रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए बुद्धा पार्क की तरफ़ बढ़ती है। मौके पर मौजूद पुलिस बल उन्हें नहीं रोकता, क्योंकि वह सपा की मुस्लिम तुष्टिकरण नीति से भलीभांति परिचित था। पूरी तरह अराजकता पर उतारू भीड़ ने बुद्धा पार्क पर हमला कर दिया और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर चढ़ कर उसे तोड़ डाला। अन्य बौद्ध-प्रतीकों और दुकानों को भी तहस-नहस कर दिया।   उग्र भीड़ यहीं नहीं रुकती,  उसने भंते श्रीअशोकानंद जी एवं उनके शिष्यों पर प्राणघातक हमला बोल दिया और उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा, उनके कपड़े फाड़ दिए, क्योंकि उन्हें बौद्ध भिक्षुओं के भगवा वस्त्रों से भी नफ़रत थी। उनकी तीन गाड़ियां तोड़ दी गईं। प्रश्न उठता है कि ऐसा क्यों किया गया?  क्योंकि, अलविदा की नमाज़ के बाद मुसलमानों के बीच म्यांमार (बर्मा) के बौद्धों के विरुद्ध ज़हर उगला गया था। उस समय म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों और म्यांमार के बौद्ध नागरिकों के बीच झगड़े चल रहे थे। रोहिंग्या मुसलमानों ने बौद्धों पर हमले किए, उनके मकान जलाए और कई नरसंहार किए। वे म्यांमार के ‘अराकान’ क्षेत्र को बौद्धों से मुक्त करके ‘मुस्लिम’ देश बनाना चाहते थे। इस पर बौद्धों ने अपना बचाव किया और अंततः वहां हुए सांप्रदायिक दंगों में रोहिंग्या मुसलमानों को भागना पड़ा।   इसके बाद रोहिंग्या मुसलमान भारी संख्या में बांग्लादेश होते हुए भारत में भी घुस आये और यहां भी उत्पात मचाने लगे, आतंकी घटनाएं भी कीं। यह बड़ा सवाल है कि भागे हुए रोहिंग्या ने आख़िर दुनिया के 56 मुस्लिम देशों में क्यों नहीं शरण ली, भारत ही क्यों? अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत, दुनिया भर के मुस्लिम आतंकी और उनका समाज भारत को ‘दारूल इस्लाम’ यानी ‘गजवा-ए-हिन्द’ बनाना चाहता है। झगड़ा म्यांमार में और बुद्ध प्रतिमा तोड़ी जाती है लखनऊ में,  बौद्ध संत और उनके शिष्यों पर हमला लखनऊ में। थाना हज़रतगंज में भंते अशोकानंद जी ने मुकदमा कायम कराया, किंतु तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली अखिलेश सरकार ने दंगाइयों व आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की… क्योंकि दंगाई मुसलमान थे। यह घटना सत्ता के संरक्षण में अराजकता का बड़ा उदाहरण है। दंगाई हज़रतगंज में तोड़फोड़ करते हुए विधानसभा मार्ग तक आ गए, लेकिन पुलिस ने आंसू-गैस और लाठीचार्ज तक नहीं किया। यह पहली बार हुआ कि दंगाइयों की भीड़ चौक से तोड़फोड़ करती हुई संवेदनशील हज़रतगंज होते हुए विधानसभा के सामने पहुंच गई। पुलिस अधिकारी भीड़ के आगे-आगे हज़रतगंज की दुकानें बंद करवाते हुए आगे बढ़ रहे थे। दंगाइयों पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम’ (एनएसए) का मामला बनता था, किंतु अखिलेश जी ने आईपीसी की धाराओं में भी कोई कार्रवाई नहीं कराई। मैं अखिलेश यादव जी को बताना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है। इसीलिए “विरासत से विकास” की योजना बनाई गई, अयोध्या में भव्य राममंदिर, काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंधवासिनी कॉरिडोर, कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रदेश में ‘बुद्धिस्ट सर्किट’ योजना के तहत बौद्धस्थलों का विकास हो रहा है। मेरे गृह जनपद सिद्धार्थनगर में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली ‘कपिलवस्तु’ से 1898 में अंग्रेज़ ज़मींदार विलियम स्तूप से भगवान बुद्ध की रेलिक्स (अवशेष) निकाल कर लंदन ले गया था। उन अवशेषों की 7 मई 2025 को हांगकांग में नीलामी होनी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में न केवल नीलामी रोकी गई अपितु उन पवित्र अवशेषों को भारत लाकर दिल्ली के राय पिथौरा फोर्ट में एक नवनिर्मित स्मारक में स्थापित कराया गया। मैंने भी प्रधानमंत्री जी को नीलामी रोकने के लिए 5 मई 2025 को पत्र लिखा था। अखिलेश जी को वहां जाना चाहिए, लेकिन वह नहीं जाएंगे, वह अयोध्या भी नहीं जाएंगे, क्योंकि वोट-बैंक का सवाल है। अखिलेश राज में बौद्धों का अपमान हुआ और भाजपा राज में उनका सम्मान। बाबा साहेब ने नागपुर में बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की थी। प्रधानमंत्री जी ने नागपुर दीक्षास्थल सहित बाबा साहेब के सम्मान में ‘पंच तीर्थ’ बनवाए। अखिलेश राज में उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब को अपमानित किया गया। उनके नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से उनका नाम हटा दिया गया। बाबा साहेब आंबेडकर ग्रीन गार्डेन का नाम बदल कर ‘जनेश्वर मिश्रा पार्क’ कर दिया गया। 5 सितंबर 2016 को गाजियाबाद हज हाउस के लोकार्पण पर अखिलेश यादव के प्रिय मंत्री आज़म ख़ान ने बाबा साहेब को भू-माफिया कहा था, अखिलेश जी ने उन्हें रोका तक नहीं और तालियां बजाते रहे। यह बाबा साहेब से उनकी नफ़रत का खुला उदाहरण था।  मुझे यह कहने में संकोच नहीं कि अखिलेश यादव जी का एजेंडा ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ है। वह स्वयं भी बौद्ध विरोधी, दलित विरोधी, दलित महापुरुष विरोधी व संत विरोधी हैं। 2013 में एक लाख से अधिक दलित अधिकारियों/ कर्मियों को पदावनत करने वाले, लोकसभा में समाजवादी पार्टी के दलित सांसद यशवीर (नगीना बिजनौर) से दलितों के प्रमोशन में आरक्षण का बिल फड़वाने वाले अखिलेश जी के मुंह से बौद्ध तीर्थस्थलों के विकास की बात शोभा नहीं देती। सपा को दलित कभी माफ नहीं करेंगे। जब तक अतीत के इन ऐतिहासिक अपराधों और तुष्टिकरण की नीति का उत्तर नहीं दिया जाता, तब तक बौद्ध स्थलों के संरक्षण के दावे केवल एक राजनीतिक भ्रमजाल से अधिक कुछ नहीं हैं। वंदे मातरम् नमो बुद्धाय ! –    बृजलाल, पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश … Read more

MP में निवेश के लिए UAE के दिग्गजों को न्योता, दुबई में CM मोहन यादव ने रखा विकास का विजन

 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, देश के मध्य में स्थित है और यहां का सड़क सम्पर्क, रेल तथा एयर कनेक्टिविटी देश के सभी स्थानों से सुगम है। देश के किसी भी कोने में मध्यप्रदेश से अपने उत्पाद पहुंचाना सरल और त्वरित है। प्रदेश में उपलब्ध बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा तथा स्किल्ड मैनपॉवर के कारण मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दृष्टि से हर तरह की संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग) के तीसरे दिन 8 सितंबर को यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग की। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के बिजनेस-फिलैंथ्रॉपी के लिए स्पेशल एनवॉय और क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर, डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार, राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा, जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर श्री सनी वर्की, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन, शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर, वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर तथा सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी से विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को अगले वर्ष होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 का निमंत्रण भी दिया। तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप को राज्य सरकार कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर को प्रदेश के प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स के लिए वेयर हाऊसिंग, लॉजिस्टिक्स आदि के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप के क्षेत्र में निवेश को राज्य सरकार निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। जाफर ने शहरी अधोसंरचना विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में दीर्घ अवधि निवेश के संबंध में रूचि प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा जाफर के बीच मध्यप्रदेश में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाफर ने बताया कि क्रेसेंट ग्रुप ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और दीर्घकालिक निवेश में रुचि रखने वाला बहुआयामी व्यापारिक समूह है। पेट्रोलियम और उद्यमिता क्रेसेंट के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। कंपनी का मुख्यालय शारजाह में है। पोवारखेड़ा अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में होगा विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ चर्चा में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सहित कई विषयों पर बातचीत की। उल्लेखनीय है कि डीपी वर्ल्ड की इकाईयां मध्यप्रदेश में पहले से ही संचालित है तथा वह प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूमार ने बताया कि डीपी वर्ल्ड कंपनी एंड-टू-एंड सप्लाई चेन और व्यापार समाधानों की एकीकृत वैश्विक प्रदाता है। यह दुबई सरकार की 100% स्वामित्व वाली कंपनी है। कंपनी भारत सहित 80 देशों में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना है। प्रमुख औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को सेवा देने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं से व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कुशल रेल-आधारित माल ढुलाई के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत और ट्रांसपोर्ट का समय कम करते हुए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के लिए कार्गो समेकन, मूल्य संवर्धन और निर्यात सहायता प्रदान करने से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में निवेश पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी पर फोकस किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जेम्स एजुकेशन कंपनी स्कूल शिक्षा, एजुकेशनल मैनेजमेंट और एज्युकेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती है। जेम्स एजुकेशन कंपनी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों और विकासशील शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। इन स्कूलों में विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य की लर्निंग आवश्यकताओं के अनुसार नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम को लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सनी वर्की ने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। कंपनी मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में काम कर रही है। कंपनी का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर है। इसका मुख्यालय दुबई में है। ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन प्रदेश में निवेश का इच्छुक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन से वन-टू-वन मीटिंग की। बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी सहित कई सेक्टर में निवेश की इच्छा प्रकट की। शराफ ग्रुप मध्यप्रदेश में संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए इच्छुक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर से मुलाकात की। दोनों के बीच शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। इस परियोजना से लगभग 300 से 600 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश के लिए इच्छुक है। बैठक में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का विकास किए जाने पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रेसिडेंट कपूर ने बैठक में बताया कि कंपनी भारत में अपनी भारतीय सहायक कंपनी हिंद टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड (HTPL) के माध्यम से मौजूद है जो … Read more

पंधी में महरा वस्त्रकार समाज की अहम बैठक, आसपास के कई गांवों से पहुंचे समाजजन; संगठन को मजबूत करने पर मंथन

पंधी महरा वस्त्रकार समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक बैठक  पंधी (देवरी) मे रखा गया बैठक मे कोर कमेटी के सदस्य और विभिन्न जिलों के  पदाधिकारियों की उपस्थित रही जिसमे आसपास के बहुत सारे गांव के लोग उपस्थित थे देवरी, कौडिया,रांक, नवागांव,  समाज के सभी सदस्यों से आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ संगठन को मजबूत करने का आव्हान किया बैठक में समाज के वरिष्ठजनो ने भी अपने विचार रखते हुए कहा की बदलते समय के साथ  समाज को संगठित होकर और आगे बढ़ाने की जरुरत है गांव स्तर पर संपर्क बढ़ाने समाज के लोगों के बीच संवाद स्थापित करने और सामाजिक गतिविधियों मे अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोड़ दिया गया बैठक की अंत मे समाज की एकता और संगठनात्म मजबूती को प्राथमिकता देते हुए आगामी समाजिक  चुनाव  और गांव गांव   जागरूता अभियान को सफल बनाने में की सहमति बनी।   पदाधिकारियों ने समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन जोडते हुए सामाजिक हित मे कार्यों को आगे बढ़ने का संकल्प लिया बैठक मे श्री डहकराम वस्त्रकार, रामाधार वस्त्रकार, सुधीर वस्त्रकार, राजु वस्त्रकार,शिव वस्त्रकार, सत्या वस्त्रकार,सहित समाज के अनेक पदाअधिकारी उपस्थित रहे, कोर कमेटी सदस्य और समाजिक बंधु उपस्थित रहे।   

गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप ड्रिप लगने के बाद बिगड़ी 78 वर्षीय महिला की तबीयत, इलाज के दौरान मौत; पुलिस पहुंची, जांच शुरू मुरैना  शहर की एमएस रोड स्थित गणेशी हॉस्पिटल में सोमवार को 78 वर्षीय महिला मरीज महारानी जाटव की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक महारानी जाटव ग्राम गोरमी वर का पुरा निवासी थीं और अपने बेटे विनोद कुमार सरल, जो मुरैना की पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते हैं, से मिलने आई थीं। करीब दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में दिखाया गया था। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें वापस घर ले गए थे। सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें गणेशी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर अंकुर गुप्ता ने जांच के बाद उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्रिप लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत और बिगड़ गई। कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बाक्स  – पहले भी उठ चुके हैं इलाज में लापरवाही के सवाल गणेशी हॉस्पिटल में मरीज की मौत का यह मामला नया नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पूर्व में भी मरीजों की मौत के बाद लापरवाही के आरोप लगे हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों की जांच क्यों नहीं कराई? क्या अस्पताल में इलाज की व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय प्रक्रिया की नियमित जांच की जा रही है? परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। बाक्स  – स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल मामले को लेकर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद्मेश उपाध्याय से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज के दौरान कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप कितने सही हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

झांसी के अपहरण से हापुड़ की गोकशी तक… राजभर का अखिलेश पर वार, बोले- ‘अपने अहीर-जहीर को कंट्रोल करो’

'अहीर-जहीर आपको 2027 में 27 सीट भी नहीं जीतने देंगे'… राजभर का अखिलेश पर सीधा हमला झांसी के अपहरण से हापुड़ की गोकशी तक… राजभर का अखिलेश पर वार, बोले- ‘अपने अहीर-जहीर को कंट्रोल करो’ ‘एसी में बैठकर पीसी करते हैं, अपने लोगों को अपराध न करने की कसम खिलाइए’… राजभर का अखिलेश पर हमला ‘नीली ड्रेस पहनाई तो सुहेलदेव सेना जैसा अनुशासन भी सिखाइए’… राजभर का अखिलेश पर वार झांसी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘अहीर’ और ‘जहीर’ को कंट्रोल करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग न सिर्फ समाज का अहित कर रहे हैं, बल्कि अखिलेश यादव का भी राजनीतिक नुकसान कर देंगे। राजभर ने लिखा, 'अखिलेश भाई! अपने 'अहीर’ और ‘जहीर' को कंट्रोल कीजिए महाराज। ये बहुत अति मचाये हुए हैं। समाज का तो अहित कर ही रहे हैं, आपको भी ये निपटा देंगे।' झांसी की घटना का जिक्र कर सपा पर निशाना राजभर ने अपने पोस्ट में झांसी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 'अभी कल की ही घटना देख लीजिए। झांसी में आपका 'अहीर', जो कि सरकारी मास्टर है, उसने एक व्यापारी, जो कि बनिया समाज से आते हैं, उनका अपहरण कर लिया। हालांकि बाबा की पुलिस ने उसको पकड़ लिया है।' हापुड़ में गोकशी के आरोपी का भी जिक्र ओम प्रकाश राजभर ने हापुड़ की घटना को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हापुड़ में आपका 'जहीर' गोकशी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार हुआ।' ‘नीली ड्रेस पहनाने वालों को अनुशासन भी सिखाइए’ राजभर ने अपने पोस्ट में सपा से जुड़े अपराधियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना की यूनिफॉर्म की कॉपी करके नीली ड्रेस पहनाई गई है, उन्हें उसी संगठन की तरह अनुशासन भी सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, 'जिन अपराधियों को आपने राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना की यूनिफार्म की कॉपी करके नीली ड्रेस पहनाई है, उन्हें उसी सुहेलदेव सेना की तरह का अनुशासन भी सिखाइए।' राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम एसी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय अपने लोगों को अपराध न करने की कसम तो खिला सकते हैं। ‘2027 में 27 सीट भी नहीं जीतने देंगे’ राजभर ने अपने पोस्ट के आखिर में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर ‘अहीर और जहीर’ पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ये लोग अखिलेश यादव को 2027 में 27 सीट भी नहीं जीतने देंगे। दरअसल, जिन घटनाओं को लेकर राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है उसमें एक घटना झांसी की है। जहां सरकारी शिक्षक रवि यादव और उसके साथी ने एक व्यापारी विकास गुप्ता का अपहरण कर लिया था और बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी। लेकिन पुलिस ने करीब सात घंटे में व्यापारी को बचा लिया था। वहीं, दूसरी घटना हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की है जहां पुलिस ने गौ तस्करी कर रहे बिलाल और जहीर को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। दोनों पर गौकशी, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं।

सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता ग्वालियर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5, ग्वालियर में एक दिवसीय विद्यालय भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु माननीय सहायक आयुक्त महोदय श्री दीपक डबराल (ACAD) KVS HQ DELHI एवं श्री विजय वीर सिंह सहायक आयुक्त KVS RO BHOAL के आगमन पर श्री  मनीष तिलक प्राचार्य पीएम श्री केवी 5, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए कक्षा प्रथम से षष्ठम तक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अभिनंदन से हुई। छात्रा समृद्धि शुक्ला की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के बैंड वादन एवं स्वागत गीत ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। स्काउट एवं गाइड की ओर से अनुष्का तिलक एवम् अन्य छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं दिव्यांशी पाल एवं कीर्ति ने हरित स्वागत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान की गतिविधियों और कार्यशील मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेसलेशन, वीविंग पैटर्न, सौरमंडल, जल चक्र एवं फाउंटेन जैसी गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। माननीय सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता की सराहना की तथा उन्हें अधिकाधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया। माननीय अधिकारी ने पीएम श्री योजना के सभी छह स्तंभों का अवलोकन कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। कक्षा X एवं XII के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात बोर्ड कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम एवं प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राचार्य महोदय ने समस्त शिक्षकों की ओर से उत्कृष्ट परिणाम के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। अंत में श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा माननीय सहायक आयुक्त महोदय सहित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई।