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यूपी में बड़े निवेश को लेकर उद्योग जगत उत्साहित, वस्त्रोद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा प्रदेश: रामी रेड्डी

यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 यूपी में बड़े निवेश के लिए उद्योग जगत उत्साहित: रामी रेड्डी रामकी समूह के चेयरमैन ने कहा- सीएम योगी के नेतृत्व में अनुशासन, सुरक्षा और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश बनेगा वस्त्रोद्योग का प्रमुख केंद्र लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वस्त्रोद्योग क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए उद्योग जगत बड़े निवेश को लेकर उत्साहित है। 'यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026' के उद्घाटन समारोह में पूर्व राज्यसभा सदस्य, उद्योगपति, समाजसेवी तथा रामकी समूह के फाउंडर एवं चेयरमैन अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण की जमकर सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हो रहे तेज विकास और बेहतर औद्योगिक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्योगों के लिए निवेश और विकास की संभावनाओं वाला महत्वपूर्ण गंतव्य बनकर उभरा है। रामी रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस गति से देश आगे बढ़ रहा है, उसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उत्तर प्रदेश को नई सोच, अनुशासन और नियंत्रण के साथ आगे ले जा रहे हैं। प्रदेश में अनुशासन, नियंत्रण और सुरक्षा का वातावरण उद्योगपतियों में निवेश का भरोसा पैदा करता है। उद्योगपति अपना पैसा वहीं लगाना चाहते हैं, जहां उन्हें सुरक्षा के साथ स्थिर और भरोसेमंद वातावरण मिले। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही संसाधनों से समृद्ध है। प्रदेश में मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और सक्षम प्रशासनिक नेतृत्व उद्योग जगत को यह विश्वास दे रहा है कि यहां आकर निवेश किया जा सकता है और कारोबार को आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। रेड्डी ने कहा कि वस्त्रोद्योग देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में से एक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस क्षेत्र का विकास हो रहा है, लेकिन तमिलनाडु ने वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए तमिलनाडु जैसे राज्यों के सफल अनुभवों से सीख लेते हुए अपनी परिस्थितियों के अनुरूप ठोस दृष्टि और कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार और उद्योग जगत को मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ के आसपास तथा पूरे प्रदेश में चार-पांच स्थानों पर बनाए जा रहे वस्त्रोद्योग केंद्र और पार्क इस दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार वस्त्रोद्योग को लेकर गंभीरता से काम कर रही है और इस क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक विकास की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से स्थिर वातावरण, बेहतर आधारभूत ढांचा और सस्ती उपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण है। 'वॉक टु वर्क' कॉसेप्ट के साथ निजी क्षेत्र की श्रेष्ठ औद्योगिक इकाइयों को इन केंद्रों में लाए जाने स उद्योग व श्रमिक, दोनों को लाभ होगा तथा वस्त्रोद्योग का समग्र विकास तेजी से हो सकेगा। रामी रेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वस्त्रोद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की आवश्यकता है और उद्योग जगत इसके लिए प्रतिबद्ध है। देशभर का उद्योग जगत उत्तर प्रदेश के वस्त्रोद्योग क्षेत्र में होने वाले विकास को लेकर आशान्वित है और इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश न केवल देश बल्कि वस्त्रोद्योग के वैश्विक मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग का बाजार 350 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य: अश्विन चंद्रन इस अवसर पर प्रीकॉट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) के उपाध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर में प्रवेश कर रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के बीच खरीदार अब लागत के साथ गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, स्थिरता, उत्पादकता और समय पर आपूर्ति को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक, पूरी वस्त्र मूल्य श्रृंखला और विशाल घरेलू बाजार मौजूद है। अगले पांच वर्षों में भारतीय वस्त्र एवं परिधान बाजार को मौजूदा करीब 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर लगभग 350 अरब डॉलर और निर्यात को करीब 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए बड़े पैमाने पर विस्तार, एकीकृत औद्योगिक तंत्र, तकनीकी उन्नयन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स का उपयोग बढ़ाना होगा। चंद्रन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास युवा कार्यबल, मजबूत एमएसएमई आधार, वस्त्र एवं परिधान समूह, हथकरघा-हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा और विशाल घरेलू बाजार है। प्रदेश तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ एवं रीसाइकिल्ड उत्पाद तथा उच्च मूल्य वाले घरेलू वस्त्रों के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उद्योग के विस्तार के लिए स्थिर नीतियां, तैयार आधारभूत ढांचा, प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली-पानी, बेहतर परिवहन, कुशल मानव संसाधन और त्वरित स्वीकृतियां आवश्यक हैं। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता, उत्पादकता, स्थिरता, आपूर्ति की निगरानी और अनुपालन पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीआईटीआई भारत सरकार के साथ समर्थ योजना के तहत वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास पर काम कर रहा है। इसी अनुभव के आधार पर संगठन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर मौजूदा औद्योगिक समूहों और नई निवेश परियोजनाओं के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग करने को तैयार है।

इंदौर से उज्जैन तक दौड़ेगी रैपिड मेट्रो, महाकाल से पीथमपुर-महू तक कनेक्टिविटी का मेगा प्लान

इंदौर मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, देवास जैसे शहरों को मेट्रो या रैपिड मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है. मध्य प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के साथ लगभग 84 से 95 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए DPR और सर्वे का काम तेज कर दिया है. वहीं इंदौर-उज्जैन रैपिड रेल कॉरिडोर को सिंहस्थ 2028 के पहले पूरा करने का लक्ष्य है. वहीं इंदौर-पीथमपुर मेट्रो, इंदौर-महू मेट्रो और देवास-मक्सी मेट्रो रूट भी प्लान में है।  इंदौर मेट्रो का रिंग कॉरिडोर इंदौर मेट्रो में येलो लाइन का 31.55 किमी लंबा रिंग कॉरिडोर है, जिसमें 29 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इसमें गांधी नगर और सुपर कॉरिडोर के प्रारंभिक चरण के बाद सुपर कॉरिडोर-3 में मालवीय नगर (रेडिसन चौराहा) तक लगभग 17 किमी लंबे और ₹2,850 करोड़ की लागत वाले नए खंड को मेट्रो नेटवर्क 5 सितंबर को जोड़ा गया है. जबकि लवकुश चौराहे से बड़ा गणपति, राजवाड़ा और रेलवे स्टेशन होते हुए राजेंद्र नगर तक का हिस्सा घनी आबादी में भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे।  1. इंदौर-उज्जैन रीजनल रैपिड मेट्रो कॉरिडोर मध्य प्रदेश सरकार इंदौर और मालवा क्षेत्र के चारों प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड मेट्रो नेटवर्क की तैयारी भी कर रही है. यह मध्य प्रदेश का सबसे हाई प्रायोरिटी रीजनल मेट्रो यानी नमो भारत रैपिड रेल प्रोजेक्ट है. 48 किलोमीटर के रूट पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च आ सकता है.महाकुंभ सिंहस्थ 2028 (मार्च–मई 2028) से पहले इसे शुरू करने का लक्ष्य है. इंदौर के लवकुश चौराहा, एयरपोर्ट से यह इंदौर-उज्जैन 4-लेन हाईवे के समानांतर उज्जैन महाकाल मंदिर तक जाएगा।  प्रस्तावित स्टेशन    1. लवकुश चौराहा (इंदौर इंटरचेंज)   2. भंवरसला, सांवेर रोड   3. बारोली   4. धरमपुरी, सांवेर   5. निनौरा   6. त्रिवेणी घाट   7. नानाखेड़ा ISBT बस स्टैंड   8. उज्जैन रेलवे स्टेशन   9. श्री महाकालेश्वर मंदिर स्टेशन (उज्जैन) एमपी के नगर विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि इंदौर मेट्रो परियोजना का विस्तार किया जाएगा. इसमें पीथमपुर, महू, देवास, मक्सी, उज्जैन शामिल होगा. इंदौर मेट्रो में अगले 10-15 साल में काफी विस्तार हो सकता है।  2. इंदौर-पीथमपुर मेट्रो  इंदौर-पीथमपुर मेट्रो मध्य प्रदेश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल, फार्मा और इंडस्ट्रियल हब को जोड़ने वाला रूट बनेगा. ये 30 से 35 किलोमीटर लंबा है. फिजिबिलिटी रिपोर्ट और सर्वे के बाद 2029-2030 तक ये तैयार हो सकता है. इंदौर मेट्रो की येलो लाइन (राजेंद्र नगर, एबी रोड) से होकर राऊ होते हुए पीथमपुर सेज (SEZ) तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने की योजना है।  प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन   1. राजेंद्र नगर स्टेशन (इंटरचेंज)   2. राऊ चौराहा   3. पिगडंबर   4. पीथमपुर एंट्री गेट, इंडस्ट्रियल एरिया-1   5. पीथमपुर सेज (SEZ)   6. स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क स्टेशन 3. इंदौर-महू मेट्रो विस्तार  इंदौर के मास्टर प्लान (फेज-2) के तहत सैन्य छावनी और डॉ. भीमराव अंबेडकर नगर (महू) को मेट्रो कॉरिडोर जोड़ेगा. 18 से 20 किलोमीटर ये रूट 2029-2031 तक पूरा किया जाना है. देवास नाका, जूनी इंदौर से आगे एबी रोड के साथ वाई शेप ट्रैक के जरिए महू छावनी तक पहुंचेगा।  प्रस्तावित स्टेशन    1. राजेंद्र नगर   2. रेती मंडी   3. आईपीएस एकेडमी    4. श्रमिक कॉलोनी   5. इंदौर बाईपास-2   6. पिगडंबर, उमरिया   7. मां वैष्णोदेवी हॉस्पिटल   8. हरण्याखेड़ी, IIT  इंदौर    9. चिनार रेजीडेंसी   10. महू (डॉ. अंबेडकर नगर स्टेशन) 4. देवास-मक्सी रैपिड मेट्रो विस्तार  औद्योगिक शहर देवास, विक्रम उद्योगपुरी और रेलवे जंक्शन मक्सी को इंदौर रीजनल मेट्रो ग्रिड से जोड़ने की योजना है. इसमें 50 से 55 किलोमीटर लंबा रूट होगा. ये 2031-2033 के रीजनल मेट्रोपॉलिटन मास्टर प्लान का आखिरी चरण का प्लान है. इंदौर के देवास नाका से मांगलिया, क्षिप्रा होते हुए देवास शहर, चामुंडा माता टेकरी की तलहटी, विक्रम उद्योगपुरी औद्योगिक क्षेत्र और मक्सी रेलवे जंक्शन तक ये कॉरिडोर बनेगा।  प्रमुख प्रस्तावित स्टेशन   1. देवास नाका (इंदौर)   2. मांगलिया गांव   3. क्षिप्रा   4. देवास इंडस्ट्रियल एरिया (टाटा एक्सपोर्ट, रसूलपुर)   5. देवास बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन   6. विक्रम उद्योगपुरी SEZ (उज्जैन-देवास बॉर्डर)   7. मक्सी जंक्शन 

UP के टेक्सटाइल सेक्टर को मिली नई रफ्तार, योगी सरकार की नीतियों से उद्योग ने छुई नई ऊंचाइयां: राकेश सचान

योगी सरकार की नीतियों से यूपी का वस्त्र उद्योग नई ऊंचाइयों पर: राकेश सचान यूपी में वस्त्र उद्योग को मिल रहा नया विस्तार, 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर लखनऊ-हरदोई के बीच 1,000 एकड़ में बन रहा पीएम मित्र पार्क, बुनकरों को डिजाइन से डिजिटल मार्केटिंग तक मदद  अमरोहा से बनारस तक पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन उपलब्ध, सस्ते दर पर निवेश का अवसर निवेशकों को कैपिटल सब्सिडी से स्टांप ड्यूटी तक राहत, यूपी को टेक्सटाइल हब बनाने की तैयारी लखनऊ  वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों और निवेश अनुकूल माहौल से प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उद्योगों को भी नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से करीब 35 हजार करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ है, जबकि 2 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और 110 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया जा रहा है। कहा कि यूपी के वस्त्र उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। 5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मंजूर राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार निवेशकों को प्रोत्साहन दे रही है। आज 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। वर्ष 2017 और 2022 की वस्त्र उद्योग नीतियों के तहत करीब 116 निवेशकों को 322 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया है। इसके अलावा करीब 96 करोड़ रुपये का इंसेंटिव भी दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को कैपिटल सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट और 60 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी समेत जमीन आवंटन और बिजली में भी छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग मंत्री ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद का गारमेंट क्षेत्र, कानपुर का होजरी उद्योग, वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही-मिर्जापुर की कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, पिलखुवा के घरेलू वस्त्र, मेरठ के खेल परिधान और फर्रुखाबाद की वस्त्र छपाई प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। योगी सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग में मदद दे रही है। वाराणसी में 443 विद्यार्थियों को 84 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देकर आगे बढ़ाने का काम किया गया है। इससे पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। 1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क राकेश सचान ने बताया कि लखनऊ-हरदोई के बीच 1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके लिए योगी सरकार 1,100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पार्क में सिक्स लेन सड़क, 125 केवी की विद्युत लाइन और पानी की सप्लाई पहुंच चुकी है। मास्टर डेवलपर भी तय हो गया है। पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली और बनारस में शिल्प पार्क के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है। करीब 400 एकड़ क्षेत्र में उद्यमियों को निवेश का अवसर मिलेगा और विभाग उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराएगा। कानपुर समेत अन्य स्थानों पर टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्क के लिए भी जमीन चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2022 की तरह ही 2027 में बनने वाली नई नीति में भी प्रदेश के उद्यमियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। पर्यटन के बढ़ते दायरे और 25 करोड़ की आबादी वाले घरेलू बाजार को देखते हुए वस्त्र एवं ओडीओपी उत्पादों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए उद्यमियों को यूपी में बड़े स्तर पर निवेश के लिए आमंत्रित किया।

लोकसुरों में गूंजा छत्तीसगढ़ का लोकमन, ‘लोरिक चंदा’ से ददरिया-चंदैनी तक बिखरी संस्कृति की रंगत

लोकसुरों में गूंजा छत्तीसगढ़ का लोकमन, ‘लोरिक चंदा’ से ददरिया-चंदैनी तक बिखरी संस्कृति की रंगत लोकरंग पर्व के दूसरे दिन मुक्ताकाशी मंच पर जीवंत हुईं लोकगाथाएं और लोकपरंपराएं  कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा रायपुर,  छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू, लोकजीवन की सहज संवेदनाएं और पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराओं के रंगों से ‘लोकरंग पर्व’ का दूसरा दिन सराबोर रहा। मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में ‘लोरिक चंदा’, ददरिया और चंदैनी जैसी पारंपरिक लोकविधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश की लोकप्रिय लोकगाथा ‘लोरिक चंदा’ के भावपूर्ण प्रसंग से हुई। व्यासनाथ योगी एवं साथियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से लोकगाथा की कथात्मकता, भाव और गायन परंपरा को मंच पर जीवंत कर दिया। प्रस्तुति के दौरान लोकसंगीत और पारंपरिक गायन शैली ने वातावरण को पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंग दिया। इसके बाद विजय साहू एवं साथियों ने ददरिया की प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ के लोकजीवन से गहरे जुड़ी ददरिया की मधुर धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। वहीं बरसन देशलहरे ने चंदैनी के माध्यम से प्रेम, लोकजीवन और मानवीय संवेदनाओं को सुरों में पिरोया। प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, लोकभावनाओं और सामाजिक सरोकारों की सहज झलक दिखाई दी। लोककलाओं के संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन पर जोर कार्यक्रम में संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि स्थानीय मंच छत्तीसगढ़ की लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और प्रोत्साहन पाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि लोरिक चंदा, चंदैनी गीत और ददरिया जैसी लोकविधाएं छत्तीसगढ़ के लोकजीवन की पहचान हैं। इनकी प्रस्तुति और संरक्षण से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है। ‘लोकरंग पर्व’ इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। सांस्कृतिक जगत की प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पूर्व संचालक अनिल कुमार साहू, उपसंचालक उमेश मिश्रा, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार विजय मिश्रा तथा समाजसेवी उदयभान चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। लोकविधाओं को एक मंच पर ला रहा लोकरंग पर्व ‘लोकरंग पर्व’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकगाथाओं, लोकगीतों, लोकसंगीत और पारंपरिक लोकनृत्यों को एक साझा मंच प्रदान किया जा रहा है। आयोजन के दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में अपनी लोकपरंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना उतना ही जरूरी है। मुक्ताकाशी मंच पर गूंजे लोकसुरों और कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया। लोरिक चंदा की कथा, ददरिया की मिठास और चंदैनी के भावपूर्ण सुरों ने लोकरंग पर्व के दूसरे दिन को यादगार बना दिया।

रांची में भी मंडरा रहा भवन हादसे का खतरा, गहरी खुदाई और बेसमेंट निर्माण पर उठे सवाल

रांची  दिल्ली में पांच मंजिला भवन के अचानक गिरने की घटना ने निर्माणाधीन और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली की घटना के बाद रांची में भी बड़े भवनों और निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी हो गई है। दिल्ली की घटना ने साफ कर दिया है कि निर्माण में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। ऐसे में रांची में पुराने भवनों, बेसमेंट और गहरी खुदाई वाले निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी है। समय रहते सचेत नहीं हुए तो शहर में भी बड़ी घटना घट सकती है। दो दिन पहले लालपुर इलाके में निर्माणाधीन मकान में पिलर गिरने से मजदूर की मौत हो चुकी है। शहर के अपर बाजार समेत कई घने इलाकों में पुराने भवनों में दोबारा निर्माण और बेसमेंट में काम चलने की स्थिति सामने आ रही है। कई जगहों पर बड़े भवनों के ठीक बगल में नई इमारतों का निर्माण हो रहा है। निर्माण के दौरान गहरी खुदाई होने से आसपास के पुराने भवनों की नींव और संरचना पर दबाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है। क्या हैं नियम? झारखंड बिल्डिंग बायलाज में भवन निर्माण के लिए संरचनात्मक सुरक्षा और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण जरूरी है। बेसमेंट को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान हैं। बायलाज के अनुसार बेसमेंट ऐसे स्थान पर नहीं बनाया जा सकता जहां जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो। बेसमेंट के निर्माण की अनुमति संबंधित विकास योजना और प्राधिकरण के नियमों के अनुसार ही दी जा सकती है। वहीं छोटे आवासीय भवनों के मामले में भी यदि बेसमेंट बनाया जा रहा है, तो सामान्य छूट के तहत निर्माण की अनुमति नहीं मिलती। नियमों में बिना पूर्व स्वीकृति वाले छोटे आवासीय भवन के लिए बेसमेंट पर रोक का स्पष्ट प्रावधान है निर्माणकर्ता दिखा रहे हैं लापरवाही रांची में निर्माणकर्ता लापरवाही दिखा रहे हैं। निर्माण के दौरान नियमों का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। बेसमेंट की खुदाई से पहले आसपास के भवनों की संरचनात्मक की जांच नहीं होती है। गहरी खुदाई के दौरान पड़ोसी भवनों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सपोर्ट और सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते हैं। पुराने भवनों में दोबारा निर्माण होने पर उनकी संरचनात्मक क्षमता की जांच नहीं होती है।

जाम के बीच मोबाइल चलाते मिले 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वेतन रोका; 2 महिला पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन

 पटना  मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतना एक महिला पुलिसकर्मी और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना गायब मिली महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर आफ काॅमर्स में कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी। बाटा मोड़ से गायब मिली थीं दोनों पुलिसकर्मी इसी दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जांच के क्रम निशा कुमारी और रूचि कुमारी अपने निर्धारित पोस्ट से अनुपस्थित पाई गई। बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अपने ड्यूटी स्थल से वापस चली गई थी। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से इस तरह गायब रहना गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों के उल्लंघन माना गया। मामले में निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। जाम के बीच केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मी, वेतन रोका शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। इसकी एक वजह ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में बाकरगंज पोस्ट पर इस तरह का मामला उजागर हुआ है। सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ा था, बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर मोबाइल चलाते मिले। तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोक इनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार केबिन में बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। निरीक्षण के समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। जबकि शाम पांच से रात आठ बजे तक पिक आवर में कर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है। इसके बावजूद तीनों ने निर्देश की अनदेखी की। रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से धारित कर दिया गया है। गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर दो महिला पुलिसकर्मियों को मोबाइल चलाते हुए मिली। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।  

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलेक्टर रत्नाकर झा सम्मानित

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलेक्टर रत्नाकर झा सम्मानित अनूपपुर  सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि वर्ष 2024-25 में जिले द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक धनराशि एकत्रित कर सराहनीय योगदान देने पर कलेक्टर रत्नाकर झा को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कर्नल अरुण शुक्ला, सैनिक कल्याण अधिकारी, शहडोल एवं विशाल आमने, कल्याण संयोजक द्वारा कलेक्टर रत्नाकर झा को प्रशंसा पत्र भेंट किया गया। उल्लेखनीय है कि अनूपपुर जिले ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य 3 लाख 63 हजार रुपये के विरुद्ध 4 लाख 23 हजार 550 रुपये की धनराशि एकत्रित कर लक्ष्य से अधिक योगदान दिया है। इस उपलब्धि के लिए जिले के प्रयासों की सराहना की गई है।

साइबर अपराध पर पुलिस की नई पहल, 14 थानों में खुलीं साइबर डेस्क; नजदीकी थाने में ही मिलेगी मदद

जिले के सभी 14 थानों में शुरू हुई साइबर डेस्क अब साइबर अपराध की शिकायत के लिए जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं, नजदीकी थाने में ही मिलेगी पुलिस सहायता शहडोल   जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी से पीड़ित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत की गई है। साइबर डेस्क के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी थाने में ही साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय अग्रवाल ने बुढार थाने में फीता काटकर साइबर डेस्क का शुभारंभ किया। इस पहल से साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिकों को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित थाना स्तर पर ही शिकायत प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साइबर डेस्क के माध्यम से ऑनलाइन ठगी, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध एवं अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों पर प्राथमिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे साइबर अपराधों की सूचना पुलिस तक शीघ्र पहुंचने के साथ ही पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पुलिस विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत से साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई को थाना स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

दंतेवाड़ा के शिक्षक कैलाश देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य, पा रहे स्वच्छ ऊर्जा का लाभ

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना दंतेवाड़ा के शिक्षक कैलाश देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य, पा रहे स्वच्छ ऊर्जा का लाभ रायपुर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से लोग न केवल स्वच्छ ऊर्जा अपना रहे हैं, बल्कि अपने बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के बड़े तुमनार निवासी और मोफलनार माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक श्री कैलाश कुमार देवांगन इसके प्रेरक उदाहरण बने हैं। गाँव के पहले हितग्राही बने कैलाश, मासिक खर्च में भारी बचत         कैलाश कुमार देवांगन अपने गाँव के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने मार्च 2026 में इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि पहले उनके 4 सदस्यीय परिवार का मासिक बिजली बिल करीब 1,000 से 1,200 (लगभग 200 यूनिट खपत) आता था। लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद से उनका बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। सरकारी सब्सिडी से आसान हुई राह        श्री देवांगन को मार्च माह में आयोजित शिक्षकों की एक बैठक के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है, जिससे आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना बेहद आसान हो गया है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल को कम करने की अपील की है। आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण संरक्षण भी        शिक्षक कैलाश देवांगन का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक बचत का ज़रिया नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देती है। भविष्य में बिजली की बढ़ती माँग और दरों को देखते हुए सौर ऊर्जा एक टिकाऊ विकल्प है। जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग ने भी जिले के नागरिकों से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से जुड़कर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।

LDA की दो नई आवासीय योजनाओं का होगा शुभारंभ, 72 से 450 वर्गमीटर तक मिलेंगे प्लॉट

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना प्लॉट लेने का एक बार फिर मौका आ गया है। अगले हफ्ते गणेश चतुर्थी के अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की दो नई नैमिष नगर और वरुण बिहार आवासीय योजनाओं का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी दिन योजनाओं में प्लॉटों की बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। एलडीए ने मुख्यमंत्री से योजनाओं के शुभारंभ के लिए समय मांगा था। जिस पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति मिली है। संभावना है कि 13 या 14 सितंबर को मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। दोनों योजनाओं में 72 से लेकर 450 वर्गमीटर के प्लाट होंगे। एक साथ छह हजार भूखंडों के लिए शुरू होगा पंजीकरण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में एक साथ करीब छह हजार भूखंडों की बुकिंग खोली जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन से ही ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा। शहर के विस्तार को नई दिशा देंगी दोनों योजनाएं वरुण विहार योजना आगरा एक्सप्रेसवे के निकट लगभग 6,580 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। वहीं नैमिष नगर योजना सीतापुर रोड पर करीब 3,600 एकड़ क्षेत्र में आकार ले रही है। दोनों परियोजनाएं शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। 72 से 450 वर्ग मीटर तक के प्लॉट दोनों योजनाओं में विभिन्न आय वर्गों के लिए 72 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। ये भूखंड 18 मीटर से लेकर 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित होंगे। इससे आवासीय सुविधाओं के साथ बेहतर यातायात और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। 21 से 22 लाख शुरुआती कीमत एलडीए ने दोनों योजनाओं के लिए भूखंडों की दरें भी तय कर दी हैं। वरुण विहार योजना में भूखंड लगभग 2,800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से उपलब्ध होंगे। नैमिष नगर योजना में दर लगभग 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट रहेगी। बेहतर लोकेशन और विकसित आधारभूत सुविधाओं को देखते हुए इन दरों को प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यानी सबसे छोटे प्लॉट की कीमत करीब 21 से 22 लाख के बीच होगी। सई नदी पर बनेगा दो लेन का पुल वहीं, राजधानी में जाम की समस्या को दूर करने और ट्रैफिक की रफ्तार को बढ़ाने के लिए हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच हुलासखेड़ा के सामने सई नदी पर दो लेन पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर पर सहमति मिली है। करीब 19.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की कुल लंबाई 1571.23 मीटर प्रस्तावित है, जिसमें सई नदी के ऊपर पुल का मुख्य हिस्सा 90 मीटर लंबा होगा। क्षेत्रीय विधायक राजेश्वर सिंह ने पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने निर्माण का खाका तैयार कर अनुमोदन के लिए शासन को भेजा था। 26 अगस्त को शासन ने इस पर सहमति जता दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक-दो महीने में वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।