samacharsecretary.com

साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।          शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।           ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।           इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।            सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।

सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

रायपुर सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियांमहादेव कावरे ने आज धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया।कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए। समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में जल्द निकलेगी 10 हजार पुलिस भर्ती, लेकिन एग्जाम कराने वाली संस्था तय नहीं

भोपाल भोपाल में 11 मई को केएफ रुस्तम जी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस आरक्षकों सहित पुलिस में 10 हजार पदों पर शीघ्र भर्ती किए जाने की घोषणा की। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) से होगी या पुलिस भर्ती बोर्ड से। पुलिस मुख्यालय भी भ्रम की स्थिति में है। मुख्यालय ने भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 1,041 पद उप निरीक्षक और सूबेदारों के भी हैं। भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव अब भी लंबित भर्ती प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद चयन की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी चाहते हैं कि इसके पहले भर्ती बोर्ड गठित हो जाए जिससे तेज गति से इन पदों पर भर्ती की जा सके। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अप्रैल में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने के लिए कहा था, जिससे भर्तियों में देरी नहीं हो। घोषणा के एक माह बाद पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया था, पर तब से परीक्षण ही चल रहा है। गृह विभाग करेगा व्यवहार्यता का अध्ययन अब गृह विभाग के नए एसीएस संजय शुक्ला प्रस्ताव का परीक्षण करेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और विधि विभाग के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बनाने के संबंध में व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही गठन को लेकर निर्णय हो जाएगा। अन्य राज्यों की तर्ज पर तैयारी बता दें, मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष 7500 पदों के मान से तीन वर्ष में 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। ईएसबी में अन्य परीक्षाओं का दबाव होने के कारण कई बार लिखित परीक्षा आयोजित कराने में देरी होती है। इसी कारण पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश सहित 15 से अधिक राज्यों में पुलिस की भर्ती के लिए अलग भर्ती बोर्ड बने हुए हैं।  

गंगा एक्सप्रेसवे पर मुफ्त यात्रा खत्म, बाइक सवारों को देना होगा इतना टोल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को सफर के लिए टोल टैक्स देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर शुरुआती दिनों में लोगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब यह छूट खत्म हो गई है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और प्रदेश के कई बड़े जिलों को जोड़ता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद 15 मई तक वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया गया, लेकिन अब यूपीडा (UPEDA) की ओर से टोल दरें लागू कर दी गई हैं। जारी दरों के मुताबिक, दोपहिया वाहन, तीन पहिया और ट्रैक्टर चालकों को प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये टोल देना होगा। वहीं कार, जीप, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों के लिए यह शुल्क 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। सरकार का दावा है कि गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और व्यापार, पर्यटन व परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि टोल लागू होने के बाद अब यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा। गौरतलब है कि मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की टोल छूट दी गई थी। अब इस जाने वाले को टोल देना होगा।

बस्तर के पहले आवासीय खेल अकादमी की तैयारी तेज, खेल संचालक ने तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर  बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा।  खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।  खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज, 32 हजार करोड़ की रैपिड रेल परियोजना को मिली रफ्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश कैपिटल रीजन (यूपीएससीआर) का प्रस्ताव अब आकार लेने लगा है। लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, सीतापुर हरदोई तथा रायबरेली को जोड़कर बनाए जा रहे एससीआर में परिवहन की अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके लिए कानपुर, उन्नाव लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने के लिए एससीआर में हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का प्रस्ताव दिया गया है। 14 मई को यूपी एससीआर का प्रस्ताव तैयार करने वाली संस्था ने एलडीए में इसका प्रजेंटेशन किया। उसने शहरों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हाई स्पीड रैपिड रेल का प्रस्ताव किया गया है। 187 किमी लम्बा होगा कॉरिडोर, कानपुर से अयोध्या 90 मिनट में पहुंचाएगी चारों शहरों के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल कानपुर के नया गंज से शुरू होगी। जो उन्नाव लखनऊ, रायबरेली होते हुए अयोध्या तक जाएगी। कॉरिडोर की कुल लम्बाई 187 किलोमीटर है। यह मात्र 90 मिनट में ही कानपुर से अध्योध्या पहुंचा देगी। कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा करीब 187 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक लगभग 67 किमी का नमो भारत सेक्शन विकसित होगा। दूसरे चरण में इसे अमौसी से अयोध्या तक जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य केवल तेज यात्रा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति देना भी है। इससे राजधानी क्षेत्र में रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना पर खर्च होंगे 32 हजार करोड़ रुपये इस परियोजना के विकास पर कुल 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा। परियोजना को एनसीआरटीसी और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर विकसित करेंगे। प्रस्ताव यूपी एससीआर के तहत तैयार किया गया है। 14 मई को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई एससीआर की बैठक में प्रस्ताव तैयार करने वाली कंपनी एईकॉम ने इसका विस्तृत प्रेजेंटेशन किया। इन स्थानों पर बनाए जाएंगे 12 स्टेशन परियोजना के नक्शे के अनुसार कॉरिडोर के स्टेशन नयागंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटारिया और अयोध्या में बनेंगे। जुग्गौर को इंस्टीट्यूशनल डिस्ट्रिक्ट, गोल्फ सिटी को प्रीमियम नेबरहुड, नयागंज व बंथरा को लॉजिस्टिक डिस्ट्रिक्ट, अमौसी को एयरो-हब डिस्ट्रिक्ट, नवाबगंज व अयोध्या को पर्यटन हब, सफदरगंज को कृषि आधारित इंडस्ट्रियल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने की तैयारी है। लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज इस परियोजना में लखनऊ को सबसे महत्वपूर्ण रीजनल इंटरचेंज के रूप में विकसित करने की तैयारी है। राजधानी से कानपुर, बाराबंकी और अयोध्या की कनेक्टिविटी अत्यधिक तेज हो जाएगी। इससे नौकरी, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के लिए यात्रा करने वालों को बड़ा लाभ मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है। बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बेहतर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्टेशन क्षेत्रों के सुव्यवस्थित विकास को लेकर अतिरिक्त सुझाव भी दिए।

वाहनों का काफिला निकालना नेताओं को पड़ा भारी, दिल्ली तक पहुंची रिपोर्ट; सत्ता-संगठन करेगा पूछताछ

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कह दिया था कि नेता सादगी से काम करें और बड़े-बड़े काफिले न निकालें। वहीं, मध्यप्रदेश में कई भाजपा नेताओं ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया। सैकड़ों गाड़ियों के साथ दौरे किए, जेसीबी से फूल बरसवाए और पूरे इलाके में जाम जैसे हालात बना दिए थे। इन सबके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं। अब पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। मध्यप्रदेश भाजपा सरकार और संगठन ने ऐसे सात नेताओं को दिल्ली से फटकार लगाने के बाद भोपाल तलब किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 17 मई को इन नेताओं को बुलाया है। वन टू वन बात होगी और संतोषजनक जवाब न मिला तो कार्रवाई होगी। दिल्ली स्थित भाजपा हाईकमान ने भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। 15 मई को पीएम की अपील के बावजूद नेताओं द्वारा वाहन रैलियां निकालने और कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश भाजपा से जवाब मांगा। 8-9 जगह निकलीं वाहन रैलियां, आलाकमान नाराज सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की 10 मई की अपील के बाद भी मध्य प्रदेश में 8-9 स्थानों पर बड़े वाहन काफिलों के साथ स्वागत रैलियां निकाली गईं। इसे सीधे पीएम की अपील की अवहेलना माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित नेताओं को 17 मई को भोपाल बुलाया है। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और अन्य जिम्मेदार नेता मौजूद रहेंगे। नेताओं से पूछा जाएगा कि पीएम की अपील के बावजूद रैलियां क्यों निकाली गईं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे कार्रवाई भी हो सकती है। इन पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई     सज्जन सिंह यादव (भिंड जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) – सौ वाहनों के काफिले के साथ बग्घी पर सवार होकर रैली निकाली। नियुक्ति रद्द कर दी गई।     सौभाग्य सिंह ठाकुर (मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष) – 700 गाड़ियों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल आए। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुछ अधिकार छीन लिए गए। इन नेताओं की रैलियों पर सवाल उठे, भोपाल तलब किया     टिकेंद्र प्रताप सिंह (देवास जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) – 200 गाड़ियों (कुछ वापस लौटीं) के साथ जिला कार्यालय पहुंचे।     पवन पाटीदार (ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष) – 24 गाड़ियों का काफिला लेकर चंबल दौरे पर गए।     वीरेंद्र गोयल (सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष) – 30 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला, खुद ई-रिक्शा में बैठे।     रेखा यादव (महिला आयोग की अध्यक्ष) – छतरपुर में सैकड़ों लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकाला, ट्रैफिक जाम हुआ।     सत्येंद्र भूषण सिंह (लघु उद्योग निगम अध्यक्ष) – खुद ई-रिक्शा से आए, पर समर्थकों का बड़ा कार-बाइक काफिला साथ चला।     राकेश सिंह जादौन (खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड उपाध्यक्ष) – ई-रिक्शा से पहुंचे, लेकिन पीछे काफिला होने की खबर है।. मुख्यमंत्री ने काफिले से कम कर दिए 5 वाहन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले से 5 वाहन कम कर दिए हैं। डिप्टी सीएम व अन्य मंत्रियों ने भी काफिले में गाड़ियां कम की है। पार्टी अब इस बात पर जोर दे रही है कि प्रधानमंत्री की अपील सभी स्तरों पर लागू होनी चाहिए। 17 मई को भोपाल में होने वाली पूछताछ के बाद अनुशासनहीनता पाए जाने पर और कार्रवाई हो सकती है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए किसी भी नेता को छूट नहीं देगी।

भोजशाला मुद्दे पर आमने-सामने आए दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर, बयानबाजी का वीडियो चर्चा में

 इंदौर "मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं।" पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न सिर्फ यह कहा बल्कि भाजपा विधायक उषा ठाकुर को यह भी कह दिया कि मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया, पहले आप हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा विधायक उषा ठाकुर शनिवार को इंदौर में एक-दूसरे से मिले। इस बीच धर्म पर चर्चा छिड़ी और उनके संवाद का वीडियो शनिवार को वायरल हो गया। दिग्विजय-उषा ठाकुर की मुलाकात शुक्रवार देर रात कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इंदौर पहुंचे थे। रेसीडेंसी कोठी में ठहरे सिंह शनिवार सुबह जब निकल रहे थे तो परिसर में उनकी मुलाकात भाजपा विधायक उषा ठाकुर से हुई। औपचारिक मुलाकात के दौरान उषा ठाकुर ने दिग्विजय सिंह का स्वागत करते हुए उन्हें “बड़े भाई” कहकर पुकारा। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं घोर सनातन को मानने वाला हूं, मेरे कहने के बाद आपने सनातन कहना शुरू किया।" इस पर उषा ठाकुर ने जवाब दिया, “हम अनादि काल से सनातनी हैं।” दिग्विजय सिंह ने कहा, “अनादि काल से सनातनी तो तुम हो, हम क्या दुश्मन हैं उसके।” नर्मदा परिक्रमा, एकादशी व्रत और भोजशाला फैसले पर चर्चा बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने उषा ठाकुर से पूछा, “तुमने नर्मदा परिक्रमा की है क्या?” इस पर उषा ठाकुर ने कहा, “नहीं करी।” फिर दिग्विजय ने पूछा, “एकादशी का व्रत करती हो क्या?” उषा ठाकुर ने जवाब में कहा, “आप व्यक्तिगत रूप से तो पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते।” इस पर दिग्विजय सिंह ने तुरंत कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं, अब और कैसे सार्वजनिक करूं? मैं सही सनातनी हूं।” बातचीत के दौरान उषा ठाकुर ने हाई कोर्ट के भोजशाला फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि सिंह को फैसले का सम्मान करना चाहिए। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, “तूने कैसे मान लिया कि मैंने विरोध किया?” उषा ठाकुर ने कहा, “अब ये किसी ने बोला…” तो दिग्विजय सिंह मुस्कुराते हुए बोले, “किसी ने बोला…!” दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक व्यक्ति एक पद की पैरवी शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के पास संगठन का पद है और निगम में नेता प्रतिपक्ष का भी। दिग्विजय सिंह ने एक व्यक्ति एक पद की बात छेड़ते हुए किसी एक पद को त्यागने की सलाह कांग्रेसियों के बीच दे दी। दरअसल दोपहर में भोजन के लिए सिंह पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्डा के घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी व संगठन के अन्य जिम्मेदारों को भी एक व्यक्ति एक पद की नीति लागू करने का सुझाव दिया है, क्योंकि दो पदों की जिम्मेदारी पर कोई भी व्यक्ति एक साथ न्याय नहीं कर सकता। दिग्विजय सिंह ने जब यह बात कही उस दौरान शहर के तमाम कांग्रेसी भी उनके साथ मौजूद थे।  

MP सरकार का बड़ा फैसला, शहीदों के परिजनों की पढ़ाई के लिए हर पाठ्यक्रम में मिलेगा आरक्षण

भोपाल प्रदेश में अब पुलिस और होमगार्ड की सेवा दे रहे कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान शहादत पर उनके परिजनों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए सरकार हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सीट रिजर्व करेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था में तय किया गया है कि अगर किसी शहीद की पत्नी या उसके पुत्र या पुत्री को ग्रेजुएशन की पढ़ाई करनी है तो ऐसे लोगों के लिए हर पाठ्यक्रम में कम से कम एक सीट रिजर्व रखी जाएगी और उन्हें एडमिशन दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 में एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण करना अनिवार्य है। यह अतिरिक्त सीट प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में आरक्षित रखी जाएगी। इसमें पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के शहीदों की विधवा और उनके आश्रित बच्चों के लिए रिजर्वेशन दिया जाएगा। आयुक्त उच्च शिक्षा ने कहा है कि हर स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीट के अलावा एक सीट सुपर न्यूमेरेरी सीट बनाई गई है। यह सीट नियमित सीट्स की संख्या को प्रभावित नहीं करेगी यानी प्रवेश के लिए जितनी सीट्स पहले से तय हैं उनकी संख्या में कोई कमी नहीं होगी। ये होंगे इस अतिरिक्त सीट के लिए पात्र     उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि जो अतिरिक्त सीट तय की गई है उसमें केवल ऐसे उम्मीदवार पात्र होंगे जो पुलिस, होमगार्ड या नागरिक सुरक्षा के शहीद की विधवा या उनके आश्रित पुत्र या पुत्री होंगे।     इसके लिए सक्षम प्राधिकारी घोषित किए गए गृह विभाग या अन्य संबंधित विभाग द्वारा जारी आश्रित होने का प्रमाण पत्र और अन्य सामान्य प्रवेश संबंधी दस्तावेज लिए जाएंगे।     ऐसे उम्मीदवार को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर अलग कैटेगरी या विकल्प के माध्यम से आवेदन करना होगा।     हर पाठ्यक्रम में अधिकतम एक अतिरिक्त सीट ही इसके लिए दी जा सकेगी।     यदि एक से अधिक पात्र अभ्यर्थी हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।     यदि किसी पाठ्यक्रम में पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होता है तो सीट रिक्त रखी जाएगी। यह सीट किसी अन्य श्रेणी या अभ्यर्थी को आवंटित नहीं की जाएगी।

अंशकालिक अनुदेशकों के लिए खुशखबरी, सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री करेंगे मानदेय बढ़ोतरी का ऐलान

अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान समारोह आज , मुख्यमंत्री करेंगे बढ़े मानदेय वितरण का शुभारंभ लोकभवन से सीएम योगी करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता, सभी जिलों में होगा लाइव प्रसारण प्रत्येक जनपद में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वितरित होंगे चेक राज्यस्तरीय समारोह के साथ ही जिलाधिकारियों को भव्य आयोजन और प्रचार-प्रसार करने के निर्देश लखनऊ  प्रदेश सरकार अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान और उनके बढ़े हुए मानदेय वितरण को लेकर रविवार 17 मई को पूरे उत्तर प्रदेश में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम सायं 4 बजे से आयोजित होगा। सरकार द्वारा पूर्व में जारी शासनादेश के तहत अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया था। बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी किया गया है। इसी के तहत अब प्रदेशभर में प्रतीकात्मक चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रम के समानांतर सभी जिलों में भी भव्य आयोजन सुनिश्चित किए जाएं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शिक्षकों, अंशकालिक अनुदेशकों और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनप्रतिनिधियों के संबोधन भी आयोजित होंगे।