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आँगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, शिक्षा और सम्मान के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर

भोपाल  सेवा-संकल्प अभियान के तहत झाबुआ जिले में आयोजित ‘आँगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम ने आँगनवाड़ी केंद्रों को केवल शासकीय सेवाओं के वितरण स्थल से आगे बढ़ाकर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और विभिन्न योजनाओं की हितग्राही महिलाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक जिले के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों पर चल रहे इस अभियान में महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखकर स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण, पोषण जागरूकता, मातृ संवाद, महिला हितग्राहियों की सफलता की कहानियां तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले ने 5 अक्टूबर तक एक लाख बच्चों को विभिन्न गतिविधियों और सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ‘सेवा’ को सरकारी दायित्व से आगे सामाजिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान मंत्री  भूरिया ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं को समाज की व्यापक भागीदारी से जोड़ना है। गांव, फलिये और मोहल्ले के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका है। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी भवन और उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी संस्थाएं केवल सरकारी परिसंपत्तियां नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने आँगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर देने के साथ कुपोषण से लड़ाई और विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सराहना की तथा महिला हितैषी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में आए बदलावों का उल्लेख किया।  

शिकायतों के समाधान में नहीं चलेगी खानापूर्ति, राजस्थान संपर्क पर ACS ने दिए सख्त निर्देश

जयपुर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित 181 हैल्पलाइन कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, सम्पर्क एआई, विभागवार प्राप्त परिवादों, उनके निस्तारण, परिवादियों की संतुष्टि एवं शिकायत समाधान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने 15 से अधिक परिवादियों से स्वयं विडियो कॉल पर  संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्यवाही करते हुए परिवादों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक में विभागवार शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान सम्पर्क पर प्राप्त परिवादों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवादी की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पंकज कुमार ओझा, को निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को संबंधित विभागों से 15 असंतुष्ट प्रकरण चयनित कर परिवादियों से स्वयं संवाद किया जाए। परिवादी के असंतुष्ट रहने के कारण की जानकारी लेकर संबंधित विभाग से समन्वय करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इन प्रकरणों की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर नियमित रूप से समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। परिवादियों से संवाद कर जानी समस्याएं निरीक्षण के दौरान एसीएस दिनेश कुमार ने विभिन्न जिलों के परिवादियों से बातचीत की। सवाई माधोपुर के रिंकू कुमार ने वर्ष 2025-26 की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन का बिल जनरेट नहीं होने की समस्या बताई। चित्तौड़गढ़ के सुरेंद्र ने छात्रवृत्ति आवेदन में बार-बार आ रहे आपत्ति संबंधी प्रकरण एवं जन आधार में जाति प्रमाण-पत्र व मूल निवास अपडेट होने के बावजूद पुनः आपत्ति आने की समस्या बताई। जोधपुर के कान सिंह ने पालनहार योजना की राशि पिछले दो वर्षों से खाते में लंबित होने की शिकायत रखी। बारां के महेश ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आवेदन पर बार-बार आपत्ति लगाए जाने के कारण स्वीकार नहीं किए जाने की समस्या बताई। वहीं सीकर के प्रभाकर ने अनुप्रति कोचिंग योजना के लिए आवेदन करते समय जन आधार से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण आवेदन सबमिट नहीं होने की जानकारी दी। भरतपुर के लक्समी कुमार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बच्चे की माता का जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने से उत्पन्न समस्या से अवगत कराया। इसी प्रकारगंगानगर के कमल सोनी ने रीना रानी के नाम से पेंशन बंद करवाने के लिए दिए गए आवेदन पर अभी तक कार्यवाही नहीं होने की शिकायत की। जयपुर के विकास मेवाड़ा ने विद्या संबल योजना के तहत देवनारायण राजकीय आवासीय विद्यालय, देवडूंगरी, पाली में अंग्रेजी व्याख्याता पद पर नियुक्ति संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश की पालना नहीं होने का प्रकरण रखा। बूंदी के एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के ऑनलाइन आवेदन में आ रही समस्या तथा पोर्टल के सुचारू संचालन की मांग रखी। बीकानेर की मंजू देवी ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आवेदन में ई-मित्र स्तर पर दर्ज गलत विवरण को सही करवाने एवं आवेदन पर लगी आपत्तियों का निस्तारण कर योजना का लाभ दिलाने का अनुरोध किया। वहीं जालोर के रवेंद्र ने छात्रावास वरीयता फॉर्म में संशोधन का विकल्प नहीं खुलने से संबंधित तकनीकी समस्या से अवगत कराया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने परिवादियों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण की नियमानुसार जांच कर समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 सम्पर्क कॉल सेंटर शासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण सेतु है। इसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करते हुए परिवादी को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।  

वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह में बड़ी सौगात, हरियाणा के चिड़ियाघरों में 7 दिन निशुल्क प्रवेश

 भिवानी वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रदेश के चिड़ियाघरों में वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दो से आठ अक्टूबर तक प्रदेश के चिड़ियाघरों में पर्यटकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी इस दौरान बच्चे और बड़े बिना टिकट चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। प्रदेश में भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र में चिड़ियाघर हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं। वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से हर वर्ष दो से आठ अक्टूबर तक वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी कड़ी में इस बार चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों को प्रवेश शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है। सामान्य दिनों में चिड़ियाघरों में बच्चों के लिए 20 रुपये और बड़ों के लिए 30 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित है। रोजाना दो से तीन हजार पर्यटक पहुंचते हैं: प्रदेश के इन चिड़ियाघरों में प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार लोग वन्यजीव देखने पहुंचते हैं। सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रवेश निशुल्क होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। खासकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और परिवारों के लिए यह वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अच्छा अवसर होगा। चिड़ियाघरों में पर्यटकों के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मेहनत को मिला सम्मान, ग्राम पंचायत अधिकारी पद के चयनित अभ्यर्थी बोले- चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी आशुतोष त्रिपाठी बोले- निष्पक्षता और पारदर्शिता सिर्फ जुमला नहीं, भर्ती प्रक्रिया में दिखी इसकी बानगी ओम बघेल बोले- चार साल की मेहनत रंग लाई, मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का यादगार पल रूपाली, नेहा और मिथिलेश ने जताई खुशी, कहा- पारदर्शी प्रक्रिया से युवाओं का मेहनत पर भरोसा हुआ मजबूत लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभ्यर्थियों ने कहा कि बिना किसी सिफारिश और हेरफेर के, सिर्फ मेहनत के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिला है। एक भी चयन पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है। योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा प्रयागराज निवासी आशुतोष त्रिपाठी का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा 2025 में हुई थी और साल के भीतर परिणाम आ गया है। प्रदेश में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है और मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। आशुतोष ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता केवल जुमला नहीं है। बिना किसी हेरफेर के नियुक्ति मिली है। योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा है। हमारा नेतृत्व ईमानदार है और इसकी बानगी भर्ती प्रक्रिया में भी देखने को मिली है।  नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित प्रतापगढ़ निवासी अमित कुमार सिंह को बरेली में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। कहीं भी सोर्स या सिफारिश नहीं चली है। जिसने मेहनत की, उसका चयन हुआ। अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में सरकारी नौकरी के साथ ही परीक्षा की भी तैयारी कर रहे थे। अब अपने ही प्रदेश में नौकरी मिलने से खुशी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना गर्व का विषय ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित रूपाली गुप्ता को फतेहपुर में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया बेहद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलेगा, ऐसा कभी नहीं सोचा था। यह उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। इसी पद पर चयनित नेहा देवी ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए उन्हें केवल फॉर्म भरने का खर्च आया और योग्यता व मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खुशी का क्षण है।  मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं  ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित ओम बघेल ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी ने उनसे एक रुपया भी नहीं मांगा और नियुक्ति पूरी तरह निष्पक्ष रही। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके जीवन का यादगार पल है। ओम ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से तैयारी कर रहे थे और अब उनकी मेहनत रंग लाई है। योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है और मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। आजमगढ़ निवासी मिथिलेश पाल ने भी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और योगी सरकार को दिया। उन्होंने बताया कि चार वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और पारदर्शी नीति के कारण आखिरकार मेहनत रंग लाई।

युवाओं के लिए बड़ा मौका, रायपुर में लगेगा रोजगार मेला; CM साय देंगे ऑफर लेटर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए राजधानी रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में चयनित युवाओं को ऑफर लेटर वितरित किए जाएंगे। रोजगार मेले के लिए अब तक 36 नियोजकों और प्लेसमेंट संस्थाओं से 8,720 पदों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है। इसमें अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी दक्षता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 10वीं-12वीं से पोस्ट ग्रेजुएट तक युवाओं के लिए मौका रोजगार मेले में 10वीं-12वीं पास से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में अलग-अलग पदों पर भर्ती के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन क्षेत्रों में मिलेंगी नौकरियां रोजगार मेले में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्निकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, ऑटोमोबाइल, सेल्स एवं मार्केटिंग, बैंकिंग एवं फाइनेंस, ऑफिस वर्क, मानव संसाधन, कस्टमर सर्विस, हेल्थ एंड केयर, सिक्योरिटी, लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। ई-रोजगार पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार मेले में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के आधिकारिक ई-रोजगार पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। अभ्यर्थी https://www.erojgar.cg.gov.in/ पर जाकर आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

संकट में हर प्रभावित परिवार के साथ सरकार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया भरोसा

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी बाढ़ के पानी के बीच नाव से बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचे वित्त मंत्री, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल जलमग्न गांवों में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, अधिकारियों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश रायपुर  चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के साथ नाव के जरिए जलमग्न ग्राम बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जमीनी जायजा लिया। चारों ओर पानी से घिरे गांवों में श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और तत्काल आवश्यकताओं के संबंध में सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। “आप चिंता न करें, सरकार और पूरा प्रशासन आपके साथ है” वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रभावित ग्रामीणों से कहा कि बाढ़ के कारण उत्पन्न इस कठिन परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन-प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता और उनका सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महानदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे गांव की ही क्षति होगी: मुख्यमंत्री

नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: सीएम योगी मिशन रोजगार: 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिली नियुक्ति, 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री ने मंच पर दिया नियुक्ति पत्र  छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे, अक्टूबर से फिर होगा नियुक्ति पत्र वितरण ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे गांव की ही क्षति होगी: मुख्यमंत्री उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी 28 सितंबर है भगत सिंह की जयंती, इसी दिन 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया थाः मुख्यमंत्री बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, लेकिन सपा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी हॉस्पिटल का दौरा नहीं कियाः सीएम लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।   मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा। यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है।  युवाओं के लिए यही होली-दीवाली मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है। योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी  सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उसकी ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है। शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया। बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं।  हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन  मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं … Read more

वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को सम्मान दे रही राज्य सरकार: मंत्री राजवाड़े

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी रायपुर से रवाना हुए श्रद्धालु, शिर्डी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के करेंगे दर्शन वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को सम्मान दे रही राज्य सरकार: मंत्री  राजवाड़े रायपुर, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तीर्थयात्रियों को लेकर रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने यात्रियों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। यह यात्रा 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित है। इस दौरान श्रद्धालु महाराष्ट्र के शिर्डी में साईं बाबा, शनि शिंगणापुर में शनिदेव तथा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। प्रस्थान से पहले रायपुर रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखाई दिया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष अवसर है, जो वर्षों से तीर्थयात्रा की इच्छा रखते हैं, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के कारण यात्रा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि तीर्थ दर्शन आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पात्र हितग्राही आवश्यक सुविधाओं के साथ सहज और सुरक्षित वातावरण में तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकें। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपना ध्यान रखने और इस अवसर का आनंद लेने का आग्रह किया। रवानगी के अवसर पर समाज कल्याण विभाग और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज; 3 फीट हिस्सा टूटने का दावा

उज्जैन   प्रदेश की पावन नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मार्ग चौड़ीकरण की मुहिम के तहत शहर के कंठाल मार्ग पर स्थित शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने को लेकर जहां सोमवार को बवाल हो गया, वहीं इस बीच इस संदर्भ में हाई कोर्ट का अहम फैसला भी आया है। उज्जैन की शाही मस्जिद पर नगर निगम की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लैई की युगलपीठ ने भोजनावकाश के बाद मामले में सुनवाई करते हुए मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। विस्तृत आदेश देर शाम तक जारी होगा।  शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले को डिस्पोज ऑफ कर दिया। याचिकाकर्ता शाही मस्जिद कमेटी के एडवोकेट कुलदीप पाठक ने कहा- कमेटी और प्रशासन के बीच समझौते के तहत सड़क के लिए 3 फीट जगह के साथ कुछ दुकानें हटाने पर सहमति बनी है। बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट किया जाएगा। दुकानों के लिए दूसरी जगह दी जाएगी। इससे पहले सोमवार सुबह मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पर पथराव किया गया। जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी गई। भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी घायल हो गईं। विवाद के बाद फोर्स तैनात कर दी गई, लेकिन दोपहर होते-होते फिर पथराव होने लगा। पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी। हंगामे के बीच कार्रवाई जारी रही। हालांकि, नमाज के समय इसे रोक दिया गया। इसके बाद मामला शांत हो गया। पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है। 7 लोगों के खिलाफ FIR की गई है, इनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। सड़क के दायरे में आए 15 धर्मस्थल, 12 हटाए सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर एरिया की सड़क 15 मीटर चौड़ी की जाएगी। इसके लिए 323 मकान तोड़े जाएंगे। इनमें 15 धर्मस्थल हैं। अब तक 12 धर्मस्थल हटाए जा चुके हैं। सड़क के दायरे में शाही मस्जिद का भी करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा आ रहा है। दस्तावेज में इस मस्जिद के 100 साल से ज्यादा पुरानी होने की पुष्टि होती है। हालांकि, इमाम का दावा है कि यह 600 साल से ज्यादा पुरानी है। गौरतलब है कि शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में मस्जिद कमेटी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मस्जिद पक्ष का दावा है कि यह 100 साल से अधिक पुरानी ऐतिहासिक इमारत है और इसके समर्थन में दस्तावेज भी मौजूद हैं। करीब 15 दिन पहले एकलपीठ में याचिका खारिज होने के बाद मस्जिद कमेटी ने युगलपीठ के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया। मस्जिद पक्ष का तर्क था कि वर्ष 1975 में यातायात के लिए मस्जिद की ओर से जमीन दी गई थी और उसी जमीन पर 40 फीट चौड़ी सड़क बनी हुई है। अब हाई कोर्ट की युगलपीठ के फैसले से उज्जैन नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर मुहर लग गई है। भोपाल में भी पुलिस अलर्ट, सोशल मीडिया पर निगरानी उज्जैन में पथराव-हंगामे के चलते भोपाल में भी पुलिस अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात की गई है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा- सभी थानों को अलर्ट रखा गया है। पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी निगरानी है। आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट करने वालों पर नजर रखी जा रही है। मस्जिद कमेटी के वकील ने क्या कहा? मस्जिद कमेटी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अज़हर वारसी ने बताया कि इससे पहले 9 सितंबर को सिंगल बेंच ने याचिका पर आदेश जारी किया था।  उन्होंने बताया, "उस आदेश में मास्टर प्लान के अनुरूप कार्रवाई और उसके पालन की बात कही गई थी. इसके बाद कमेटी की ओर से डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की गई।  सुनवाई के दौरान वैकल्पिक मार्ग तलाशने का सुझाव भी अदालत के सामने रखा गया।  वारसी के अनुसार, "प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुई चर्चा में मस्जिद के करीब तीन फीट हिस्से को यथावत रखने का मुद्दा भी उठाया गया था. वहीं नगर निगम ने अपने शपथ पत्र में कहा था कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान लिए जाने वाले हिस्से के बदले नियमानुसार एफ़एआर और टीडीआर का लाभ दिया जाएगा।  डिवीजन बेंच ने निगम को उसके शपथ पत्र में दी गई शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।  कोर्ट के आदेश के बाद उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे जारी रहेगी. मस्जिद कमेटी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था और प्रभावित हिस्से से जुड़े मुद्दे सुनवाई के दौरान प्रमुखता से रखे गए।  सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद उज्जैन नगर निगम के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का काम उज्जैन विकास योजना 2035 के तहत किया जा रहा है। शाही मस्जिद भी सड़क के उसी हिस्से में मौजूद है, जिसे 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है. मस्जिद का एक हिस्सा इस प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा है। क़ाज़ी खलीक उर रहमान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सिंहस्थ का विरोध नहीं करता।  उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सिंहस्थ पहले भी हुआ था आगे भी होगा. मुस्लिम समुदाय हमेशा उसका पक्षधर रहा है. हम बस ये कह रहे हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था तलाशी जाए और किसी भी धार्मिक स्थल को न तोड़ा जाए. क्योंकि इनमें से कई तो हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स हैं. अब शाही मस्जिद को ही ले लीजिए, यह लगभग 650 साल पुरानी है।   

महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन मुस्तैद, CM साय ने दिए राहत-बचाव के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महानदी के तटीय क्षेत्रों में राहत-बचाव के लिए प्रशासन मुस्तैद कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, राहत शिविर में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित पुल पर बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए आवागमन बंद, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और महानदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर एवं बहाव की स्थिति के साथ सुरक्षा, राहत और बचाव की तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण बैराज और पुल के साथ तटीय क्षेत्रों तथा महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। राहत शिविर में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। महानदी पुल पर आवागमन बंद, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई महानदी के पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद कर दिया गया है। कलेक्टर-एसपी ने पुल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर एवं बहाव को देखते हुए अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, नियमित स्वास्थ्य जांच प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं और नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जलभराव के कारण होने वाली संभावित बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। तटीय एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों को तैयार रखा गया है। तटीय क्षेत्रों में मुनादी, लोगों को सतर्क रहने की समझाइश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तटीय और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से नागरिकों को संभावित जलभराव तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नदी के जलस्तर, पुल-पुलियों और आवागमन वाले मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें। कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए मार्गों और स्थानों पर जाने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा महानदी के तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत शिविर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वास्थ्य जांच में जुटी हैं, वहीं पुलिस, राजस्व, नगर सेना और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम शिवरीनारायण सुभावना साहू, कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।