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वन माफिया के हमले के अगले दिन बड़ा एक्शन, खंडवा में 600 अधिकारियों ने 200 एकड़ वनभूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

खंडवा  खंडवा में सोमवार को आमाखुजरी जंगल की करीब 200 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमणकारियों ने यहां पेड़-झाड़ियां काटकर मक्के की फसल बोई थी। वन, राजस्व और पुलिस विभाग के 600 अधिकारी-कर्मचारी 30 जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई में जुटे, जो करीब 6 घंटे तक कार्रवाई चली। गुड़ी वन परिक्षेत्र के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमणकारियों ने झोपड़ियों तान दी है, बारिश के समय यहां बोवनी की तैयारी की जा रही थी।गश्त कर रही फ्लायंग स्क्वाड की टीम पर महिलाओं को आगे कर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था।जिसमें आठ वनकर्मी बुरी तरह घायल हो गए थे। अतिक्रमणकारियों के इस हमले के बाद पुलिस-प्रशासन सोमवार को हरकत में आया और बड़ी संख्या में फोर्स लेकर कलेक्टर-एसपी आमाखुजरी जंगल में पहुंचे है। 30 जेसीबी के माध्यम से सुबह से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 70 प्रतिशत से ज्यादा अतिक्रमण हटाकर यहां से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा गया है। जंगल में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई जारी है।  किसी भी तरह के विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहीं। टीम अपने साथ आंसू गैस लेकर पहुंची थी। जंगल में गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर झटका लगने से गैस का गोला फट गया। इसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी को खोलकर पूरी गैस बाहर की गई। इस दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर भी आमाखुजरी में रहे। इससे पहले रविवार को जंगल में बुआई रोकने गए 40 वनरक्षकों की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया था। इसमें 8 कर्मचारी घायल हो गए थे। 600 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी रहे तैनात पुलिस-प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों द्वारा पेड़-झाड़ियां काटकर बोई गई मक्के की फसल को 30 जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। करीब छह घंटे तक चले अभियान में 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। अभियान के दौरान किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। आंसू गैस के गोले भी साथ लाए थे सुरक्षा के मद्देनजर आंसू गैस के गोले भी साथ लाए गए थे, हालांकि जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते में झटका लगने से एक गैस गोला अनजाने में फट गया, जिसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी खोलकर शेष गैस बाहर निकाली गई। कार्रवाई के दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर लगातार मौके पर मौजूद है। प्रशासन के अनुसार आमाखुजरी में दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही और अब तक लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। जंगल में अभी भी बड़ी संख्या में पुलिस और वन अमला तैनात है। महिलाओं को आगे कर वन अमले पर बरसाए थे पत्थर रविवार को आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर करीब 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर गोफन से पत्थर फेंके। लाठियों से भी हमला किया। किसी वनकर्मी का सिर फूट गया तो किसी का कान कट गया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, CM साय ने बकाया बिल पर 3 महीने का समय और सरचार्ज माफी का ऐलान

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं, उन्हें भुगतान के लिए तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी। इस विशेष अवधि के दौरान बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का सरचार्ज नहीं वसूला जाएगा, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई उपभोक्ता हैं, जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। ऐसे सभी उपभोक्ता अब अगले तीन महीने के भीतर अपना बकाया बिल जमा कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें राहत प्रदान करना है। 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल सरचार्ज माफ ही नहीं किया जाएगा, बल्कि निर्धारित अवधि के भीतर बकाया बिजली बिल का भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा और वे कम राशि में अपना लंबित बिल जमा कर सकेंगे। उपभोक्ताओं से समय पर योजना का लाभ लेने की अपील राज्य सरकार ने पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस विशेष राहत योजना का लाभ उठाते हुए अगले तीन महीने के भीतर अपना बकाया बिजली बिल जमा करें। सरकार का मानना है कि इस फैसले से जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं बिजली वितरण कंपनियों को भी बकाया राशि की वसूली में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले को बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से बकाया बिल के कारण सरचार्ज का बोझ झेल रहे हजारों उपभोक्ता अब बिना अतिरिक्त शुल्क के भुगतान कर सकेंगे और 10 प्रतिशत की छूट का लाभ भी उठा पाएंगे।

लंदन में भारतीय जुड़वां बहनों का कमाल, 3 साल की उम्र में बनीं दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर

भोपाल  जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे खिलौनों और रंग-बिरंगी किताबों में व्यस्त रहते हैं, उसी उम्र में भोपाल की सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने अपनी ड्रमिंग से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 3 साल 9 महीने की उम्र में दोनों बहनों ने ‘यंगेस्ट फीमेल ड्रमर’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी इस उपलब्धि के बाद ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। 21 मार्च 2026 को दोनों बच्चियों ने ड्रम सेट पर तय ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक बिना रुके सफलतापूर्वक बजाया। रिकॉर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संस्था ने उनके प्रदर्शन की जांच की और फिर उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी से सम्मानित किया। उनकी उपलब्धि को संस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी शामिल किया गया है। इतनी कम उम्र में संगीत के कठिन वाद्य यंत्र पर ऐसा नियंत्रण हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। छोटी उम्र में कैसे रचा इतिहास? ड्रमिंग को संगीत की सबसे चुनौतीपूर्ण विधाओं में गिना जाता है। इसमें दोनों हाथों और दोनों पैरों का एक साथ सही तालमेल होना जरूरी होता है। यही वजह है कि आमतौर पर बच्चों को पांच साल या उससे अधिक उम्र के बाद ही ड्रम सीखने की सलाह दी जाती है। लेकिन सान्वी और समन्वी ने इस सोच को बदल दिया। उनकी मां डॉ. निकिता नाहर के मुताबिक, दोनों ने करीब सवा तीन साल की उम्र में ड्रम सीखना शुरू किया था। शुरुआत आसान नहीं थी। परिवार कई संगीत शिक्षकों के पास पहुंचा, लेकिन लगभग सभी ने इतनी छोटी उम्र का हवाला देकर सिखाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भोपाल की योगी म्यूजिक वैली एकेडमी के प्रशिक्षक युग नामदेव ‘योगी’ ने यह चुनौती स्वीकार की। उन्होंने बच्चियों को बिल्कुल शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण दिया। लगातार अभ्यास, सही तकनीक और परिवार के सहयोग की बदौलत दोनों ने कुछ ही महीनों में ऐसी पकड़ बना ली कि उनका प्रदर्शन वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंच गया। मेहनत, परिवार का साथ और सही मार्गदर्शन रिकॉर्ड बनाने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी जरूरी था। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार, रिकॉर्ड की शर्त थी कि दोनों बच्चियों को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक एक तय ट्रैक बिना किसी गलती के पूरा करना होगा। इसके लिए उन्होंने लगभग एक महीने तक हर दिन उसी ट्रैक का नियमित अभ्यास किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और रिकॉर्ड के लिए भेजा गया वीडियो और जरूरी दस्तावेज मंजूर कर लिए गए। सान्वी और समन्वी एक डॉक्टर परिवार से हैं। उनके दादा डॉ. अक्षय नाहर, पिता डॉ. सक्षम नाहर और मां डॉ. निकिता नाहर सभी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बेटियों की रुचि को कभी नजरअंदाज नहीं किया और उन्हें सीखने का पूरा मौका दिया।  

हरियाणा की बेटी दीपाली ने बढ़ाया मान, भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट बनने पर जोरदार स्वागत

रेवाड़ी  भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त करने के बाद घर लौटी बेटी दीपाली सिकरवाल के सम्मान में बेस्टेक सोसायटी में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दीपाली सिकरवाल ने धारूहेड़ा की पहली महिला अधिकारी बनकर भारतीय नौसेना में कमीशन हासिल किया है। उन्होंने डिफेंस में पायलट बनने का अपना वर्षों पुराना सपना साकार कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कार्यक्रम का आयोजन बेस्टेक सोसायटी आरडब्ल्यूए द्वारा उनके माता-पिता बीएसएनएल के पूर्व एजीएम हरिराम सिकरवाल एवं नमिता सिकरवाल के सम्मान में भी किया गया। समारोह में पूर्व चेयरमैन राव इंद्रपाल, सोसायटी के प्रधान अमित कुमार यादव, पूर्व सरपंच राव शिवदीप सिंह, पूर्व पार्षद खड़क पटवारी, पार्षद अमन राव, सचिव देवेंद्र यादव, कोषाध्यक्ष अजय शर्मा, सरला यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने दीपाली की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता हरियाणा की बेटियों को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। सब- लेफ्टिनेंट दीपाली सिकरवाल ने बच्चों और युवाओं से कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा आप जिंदगी में जो भी बनना चाहते हैं बन सकते हैं। रास्ते में आने वाली कठिनाइयों से घबराकर कभी हार नहीं माननी चाहिए।

नारनौल के अस्पताल में बढ़ीं विशेषज्ञ सेवाएं, 5 डॉक्टर संभालेंगे हर्निया, हड्डी, महिला और बाल रोग का इलाज

कनीना/नारनौल. कनीना उप नागरिक अस्पताल अब मात्र एक रेफरल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से अस्पताल में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो चुकी है। जल्द ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद कनीना प्रदेश का पहला ऐसा उप नागरिक अस्पताल बन जाएगा, जहां नागरिक अस्पताल स्तर की अधिकांश स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस पहल से कनीना, अटेली तथा आसपास के दर्जनों गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को सामान्य ऑपरेशन, विशेषज्ञ उपचार और जांचों के लिए रेवाड़ी, नारनौल या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे मरीजों का समय और धन दोनों बचेगा। पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों से अस्पताल हुआ मजबूत अस्पताल में पहले से ही सर्जन डॉ. हेमंत नागर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत सेवाएं दे रहे थे। अब बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर और फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक ने भी कार्यभार संभाल लिया है। अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। सर्जन डॉ. हेमंत नागर: अपेंडिक्स, हर्निया, हाइड्रोसील, पित्त की थैली की पथरी, बवासीर, फिशर, फिस्टुला सहित विभिन्न सामान्य शल्य चिकित्सा के ऑपरेशन करेंगे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र: फ्रैक्चर, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल एवं अन्य आर्थोपेडिक समस्याओं का उपचार करेंगे। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत: महिलाओं के रोगों, सुरक्षित प्रसव, परिवार नियोजन और स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशनों की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर: नवजात एवं बच्चों की विभिन्न बीमारियों का इलाज करेंगे। फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक: मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड, अस्थमा, वायरल संक्रमण, डेंगू, टाइफाइड सहित सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों का उपचार करेंगी। जल्द शुरू होंगी आधुनिक जांच सुविधाएं "अस्पताल में शीघ्र ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा और समय पर सटीक जांच एवं उपचार संभव हो सकेगा।" -आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।

चंडीगढ़ को मिले नए सचिव, IAS हरप्रीत सिंह सूदन की 3 साल के लिए नियुक्ति

चंडीगढ़. केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सूदन (2013 बैच) की तीन वर्ष के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव (सुपर टाइम स्केल से नीचे) के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति इंटर-कैडर डेप्युटेशन के तहत पंजाब कैडर से एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर में की गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी प्रदान की है। आदेश के तहत हरप्रीत सिंह सूदन को तीन वर्ष की अवधि के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। हरप्रीत सिंह सूदन वर्तमान में पंजाब सरकार में खेल निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। अब वे पंजाब कैडर से डेप्युटेशन पर चंडीगढ़ प्रशासन में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव स्तर पर उनकी नियुक्ति से विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। डीओपीटी ने नियुक्ति संबंधी आदेश गृह मंत्रालय, पंजाब सरकार तथा संबंधित अधिकारियों को भी भेज दिए हैं।

कबीर जयंती महोत्सव में CM साय का संबोधन, कहा- कबीर साहब की वाणी ने मेरे जीवन को दिशा दी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सोनपैरी स्थित असंग देव कबीर आश्रम पहुंचे, जहां वे आयोजित कबीर जयंती महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उनके साथ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे। साथ ही राज्यपाल गहलोत और मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। CM साय ने कार्यक्रम को किया संबोधित CM साय ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर कबीर साहब का विशेष आशीर्वाद है और पूरे प्रदेश में कबीरपंथ के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं। उन्होंने कहा मेरा बचपन भी कबीरपंथ के करीब बीता है। मेरे जीवन और मेरी वाणी पर कबीर जी के विचारों का गहरा प्रभाव है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व की रमन सरकार के समय ही कवर्धा का नाम बदलकर कबीरधाम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कबीरदास जी की निडरता की भी सराहना की। 27 लाख लोगों को मिला पीएम आवास का लाभ CM साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार को अभी ढाई साल हुए हैं। पीएम मोदी का प्रदेश की जनता से वादा था मोदी की गारंटी, जिसे पूरा करने की कोशिश कर रहे है। पीएम आवास के तहत लोगों को आवास दिया गया है और 27 लाख लोगों को इसका फायदा मिला है। हमारी सरकार के समय 18 लाख स्वीकृति हुई और पीएम आवास का निर्माण सबसे अधिक छत्तीसगढ़ में हो रहा है। CM साय ने गिनाई उपलब्धी उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नक्सलवाद का खात्मा किया गया, 3 हजार से ज्यादा आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी पीएम आवास की सुविधा दी जाएगी। विशेष अनुसूचित जनजाति के लोगों को 32 हजार आवास मिला, गरीबों को मकान, महिलाओं को महतारी वंदन के तहत किश्त दी जा रही है। हम विकास और विरासत के स्लोगन के साथ काम कर रहे हैं। मठ मंदिरों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही राम लला अयोध्या दर्शन योजना भी चला रहे हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून का इंतजार, भोपाल-इंदौर समेत कई इलाकों में आज बारिश की संभावना

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, राजधानी भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के 6 जिले उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कहीं-न-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। 42 जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि इन जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है। एक जगह थम गया मानसून मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा की गई। हालांकि इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ पाया। इसकी वजह से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई इलाकों में दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर बना हुआ है और तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। रविवार को कई जिलों में हुई बारिश रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन और छतरपुर समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक महसूस की गई। इन जिलों पर मानसून मेहरबान 24 जून को बड़वानी जिले में मानसून की दस्तक हुई है और अब मानसून यहां मेहरबान हो गया है. जिले के कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और खेतों में बुवाई का काम तेज हो गया है. हालांकि तेज बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान भी हुआ है. पलसूद क्षेत्र के वेदपुरी गांव में एक किसान का मकान ढह गया, जिसमें दबकर एक गाय की मौत हो गई. हालांकि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वहीं पाटी के बोकराटा क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आने से पुलिस को सुरक्षा के लिए मोर्चा संभालना पड़ा।  नदी-नाले उफान पर इधर, पाटी के बोकराटा-चौकी मार्ग पर लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए. पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. बसें और दोपहिया वाहन किनारे खड़े रहे और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने पुल पर निगरानी करते हुए लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार नहीं करने की समझाइश दी।  चौकी प्रभारी आशीष शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दे।  2-3 दिनों में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को करेगा कवर छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन बारिश में वृद्धि का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के सभी संभाग के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. वहीं अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण पश्चिम मानसून के पूरे प्रदेश में बढ़ने का अनुमान है।  बीते दिन की बात करे तो छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान सबसे ज्यादा रहा. यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं राजधानी रायपुर में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा और आज भी 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।  24 जून को हुई थी मानसून की एंट्री मध्यप्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था। इसके बावजूद अब तक केवल 15 जिलों तक ही इसका विस्तार हो सका है, जबकि प्रदेश के 40 जिले अभी भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में अब तक राज्य में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसान और आम लोग दोनों ही मानसून के तेजी से सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।  

Ram Mandir Donation Theft Case: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इंकार

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्द सुनवाई की आवश्यकता क्या है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, इसलिए नियमित सुनवाई अवकाश समाप्त होने के बाद ही संभव होगी। ऐसे में मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है। यह याचिका अधिवक्ता अनूप अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन और मंदिर में आए चढ़ावे के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। याचिका में सीबीआई जांच की मांग याचिकाकर्ता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि मामले की जांच सीबीआई अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया है। अब अवकाश समाप्त होने के बाद नियमित पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई होगी। तब तक मामले में सीबीआई जांच या एफआईआर दर्ज करने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।याचिका कर्ता ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है. याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मामले में लगे आरोप काफी गंभीर हैं, ऐसे में जल्द सुनवाई होना जरूरी है. शख्स ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह भी कई तरह के सवाल खड़े करता है. याचिकाकर्ता ने कहा कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।  सात अभियुक्तों के ठिकानों पर रेड आपको बता दें इस मामले में पुलिस ने रविवार को आठ में से सात अभियुक्तों के ठिकानों पर सुबह से देर शाम तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त किया। पुलिस इनकी जांच कर संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी। साथ ही इनके घरों से कुछ सोने-चांदी के गहने, सिक्के और नकदी भी बरामद की है। लगातार कार्रवाई के बीच पुलिस ने घर और अन्य ठिकानों पर मिले परिजनों से कई-कई घंटे पूछताछ की। टीमें देर शाम खबर लिखे जाने तक विभिन्न ठिकानों पर जांच व तलाशी अभियान में जुटी रहीं। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में गठित छह टीमों ने सुबह करीब सात बजे अभियान शुरू किया। सभी टीमों के साथ एक-एक लेखपाल और महिला पुलिस कर्मी खासतौर पर रहे। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र, करुणेश पांडेय के परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई। संतों को नौकरशाही का दखल मंजूर नहीं राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग के बीच सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति की मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन और ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेन्द्र मिश्र ने हिमायत की है। उनके इस सुझाव को संत समाज ने अस्वीकार्य ही नहीं बल्कि ध्वनि मत से विरोध का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष और मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव समारोह के अंतिम दिन देश भर से आए संतों के बीच यह प्रस्ताव रामकथा के व्यास पीठ से मुख्य वक्ता और आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने रखा।

प्रदूषण बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, मॉनिटरिंग डिवाइस बंद होने पर जनस्वास्थ्य विभाग पर 25 लाख का जुर्माना

कैथल. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण फैलाने वालों को लेकर गंभीर है। बोर्ड की तरफ से समय-समय पर जिले भर में चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया जाता है। चीका स्थित 10 एमएलडी एसटीपी में आनलाइन मानिटरिंग डिवाइस काम नहीं कर रही थी। इससे आनलाइन एसटीपी की पूरी रिपोर्ट तैयार होती है। विभाग की टीम भी आनलाइन देखरेख करती है। यह डिवाइस अक्टूबर 2025 से 23 जून 2026 तक बंद पाई गई थी। अब प्रदूषण बोर्ड की तरफ से संबंधित जन स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। जुर्माना लगाने के बाद फाइल मुख्यालय के पास भेज दी गई है। एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है नियम के अनुसार एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है। जांच के दौरान कई बार सामने आया था कि गंदे पानी को ड्रेनों में छोड़ा जा रहा था। कई जगहों पर तो इसी गंदे पानी को किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। यही पानी जमीन के अंदर भी जा रहा है जो पीने के पानी के स्तर को भी दूषित कर रहा है। जांच के दौरान पानी में बीओडी (बायोलाजिकल आक्सीजन डिमांड) यानी पानी में बैक्टीरिया की मात्रा जांची जाती है, इसके बाद पानी के सेंपल फेल आने पर कार्रवाई की जाती है। कैथल में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीन कुमार ने कहा किप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने चीका स्थित एसटीपी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर फाइल को मुख्यालय भेज दिया है। किसी भी प्रकार से प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।