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देवास जॉब पोर्टल को मिला प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड, नवाचार की देशभर में सराहना

देवास जॉब पोर्टल को मिला प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड कलेक्टर सिंह के नेतृत्व में देवास के नवाचार की देश में सराहना देवास देवास में रोजगार के क्षेत्र में शुरू किए गए अभिनव नवाचार “देवास जॉब पोर्टल” ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में इस डिजिटल पहल को प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड – गोल्ड कैटेगरी’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार कलेक्टर ऋतु राज सिंह के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के सुगम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मिली बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को देवास जिले के बागली विकासखंड में “देवास जॉब पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ किया गया था। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और उद्योगों को एक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी डिजिटल मंच पर जोड़ते हुए रोजगार के अवसरों को सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। देवास जॉब पोर्टल युवाओं और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। सितंबर 2026 तक पोर्टल पर 12,600 से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है। पोर्टल पर 258 उद्योगों और संस्थानों ने भागीदारी करते हुए 4600 रोजगार के अवसर सृजित किए, इनमें से 1,000 से अधिक स्थानीय अभ्यर्थियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ। स्थानीय प्रशासन, उद्योग और युवाओं के बीच सशक्त डिजिटल संपर्क स्थापित करने वाला यह मॉडल रोजगार की खोज और उपलब्धता के बीच के अंतर को समाप्त करने में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल साबित हुआ है।  

राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत

राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर, छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के सिंचाई योजनाओं के विभिन्न कार्यों के लिए 17 करोड़ 42 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में राजनांदगांव जिले के पार्रीकला एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 06 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कोपेडीह जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य केलिए 2 करोड़ 55 लाख 31 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 71 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। अण्डी जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 35 लाख 01 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 81 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह से पिनकापार जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 20 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 145 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के बिरझूटोला जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 37 लाख 11 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

समग्र शिक्षा कर्मियों के मानदेय में 40% बढ़ोतरी का प्रस्ताव, कमेटी देगी रिपोर्ट

 रांची  समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर राज्य स्तर के कर्मियों के मानदेय में वृद्धि के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की हाल ही में संपन्न बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह कमेटी राजस्व पर्षद के सदस्य या स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मनोनीत किसी पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। निर्णय के अनुसार, यह कमेटी में राज्य के अन्य विभागों जैसे ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग एवं अन्य विभागों में समतुल्य पदों पर दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन करेगी। इससे पहले बैठक में राज्य कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें कहा गया कि इन परियोजना कर्मियों के मानदेय का निर्धारण पूर्व में चतुर्थ वेतनमान के आधार पर ही किया गया है तथा अबतक इसमें संशोधन नहीं किया जा सका है। इस कारण से इनके मासिक मानदेय तथा राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा समय-समय अंतरिम राहत के रूप में मानदेय वृद्धि के बाद भी लगभग 55 प्रतिशत का अंतर है। इस अंतर काे पाटने के लिए 40 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था, जो एक जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होता। बताते चलें कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक लगभग एक हजार कर्मी, पदाधिकारी कार्यरत हैं।

48 घंटे में 48 KM भी नहीं चल सका 308 पहियों वाला ट्रक, अब दलदल बना बड़ी बाधा

लखनऊ 308 पहियों वाला ट्रक बेल्जियम से ओडिशा और वहां से झारखंड, बिहार होते हुए यूपी तो पहुंच गया लेकिन कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। यूपी के ही लखीपुरखीर की बलरामपुर चीनी मिल तक इसे जाना है। चीनी मिल के लिए बॉयलर लेकर जा रहे इस ट्रक के लिए अलग रास्ते भी बनाए जा रहे हैं। इसके बाद भी दिक्कतें कम नहीं हो रही है। शुक्रवार को बिहार से चंदौली के रास्ते यूपी में आया यह ट्रक तीन दिनों बाद भी चंदौली में ही फंसा है। अब उसका रास्ता दलदल ने रोक दिया है। चंदौली में रेवसा के पास रिंग रोड पर पुल के कारण इसे पूर्वी सर्विस लेन से निकालने की कोशिश हुई लेकिन दलदल के कारण आगे नहीं जा सका। इसके बाद इसे पश्चिमी लेन पर लाया गया है। अगर किलोमीटर में बात करें तो 48 घंटे में 48 किलोमीटर भी ट्रक नहीं बढ़ सका है। चंदौली से इसे वाराणसी आना है। यहां भी इसे गुजारने के लिए तमामा तैयारियां की गई हैं। तीन फुट ओवरब्रिज को तोड़ा भी जाना है। चंदौली में रिंग रोड के पश्चिमी लेन पर आगे की राह आसान रही तो सोमवार की दोपहर तक इसके आगे रवाना होने की संभावना है। तीन से चार मंजिला ऊंचाई बन रही बाधा बेल्जियम से समुद्र के रास्ते करीब दो सौ टन वजनी बॉयलर ओडिशा लाने के बाद 308 पहियों वाले ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से ही लखीमपुरखीरी पहुंचाने की कवायद हो रही है। तीन से चार मंजिला मकान के बराबर वाली ऊंचाई के कारण इसे सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उमड़ रही भीड़ भी बन रही चनौती नौबतपुर चेस्क पोस्ट से यूपी के चंदौली पहुंचा ट्रक रविवार को जिले के ही रेवसा में पूर्वी सर्विस लेन पर खड़ा रहा। रास्ते की मरम्मत के लिए टीम पूरे दिन मशक्कत करती रही। इस दौरान मशीन को देखने के लिए लोगों की लग रही भीड़ को भी नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। अलीनगर थाने के अपराध निरीक्षक रमेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। नेशनल हाईवे पर दोबारा आज आने की संभावना शुक्रवार को नौबतपुर से आगे बढ़ने पर पहले कटसिला के पास हाइवे पर शाम होने की वजह से इसे रोक दिया गया था। शनिवार को पचफेड़वा के पास हाइवे पर रिंग रोड का पुल होने के कारण वैकल्पिक मार्ग के रूप में उसे पहले रिंग रोड पर ले जाया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार को मशीन रेवसा के पास रिंग रोड की पूर्वी सर्विस लेन पर पहुंची। लेकिन आगे जमीन दलदली होने से मशीन को सर्विस लेन पर ही रोक दिया गया। देर शाम इसे रिंग रोड पार करके पश्चिमी लेन पर पहुंचाया गया। इसके बाद फिर एनएच 19 पर लाया जाना है।

राजस्थान और डेनमार्क के बीच नए एक्शन प्लान पर काम, ग्रीन एनर्जी से जल प्रबंधन तक सहयोग

जयपुर  मुख्य सचिव वी.निवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में राजस्थान तथा डेनमार्क के द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबील्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने भाग लिया। बैठक में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा 'इंडिया-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के अंतर्गत विभिन्न सहयोगात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। नई कार्ययोजना पर होगा आगे काम मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2020 में स्थापित 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का प्रथम पाँच-वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उत्साहित होकर अब अगले पाँच वर्षों के लिए एक नए एवं उन्नत एक्शन प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिससे राजस्थान व डेनमार्क के बीच सहयोग के नए आयाम खुलेंगे। ऊर्जा व जल प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर जोर बैठक के दौरान बताया गया कि ऊर्जा संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पंपिंग स्टेशनों पर ऊर्जा बचत, तकनीकी नवाचार तथा ग्रिड फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। जल प्रबंधन व नदी पुनर्जीवन के संदर्भ में जल संरक्षण, वेस्ट वाटर प्रबंधन, जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग तथा नदियों के पुनर्जीवन के क्षेत्र में डेनमार्क के अनुभवों का लाभ उठाए जाने पर सहमति बनी। खाद्य प्रसंस्करण व आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा इसके साथ ही कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग एवं शहरी विकास के विभिन्न आयामों में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिए जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने डेनमार्क प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार साझा किए।

पंचायतों के उप निर्वाचन क्षेत्रों एवं नगर परिषद सुसनेर में मतदान दिवस पर रहेगा अवकाश

पंचायतों के उप निर्वाचन क्षेत्रों एवं नगर परिषद सुसनेर में मतदान दिवस पर रहेगा अवकाश मतदान 29 सितम्बर को होगा  भोपाल राज्य शासन द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन वर्ष 2026 पूर्वाध के घोषित कार्यक्रम अनुसार मतदान दिवस 29 सितम्बर, 2026 को सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। जिला आगर-मालवा की नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद का निर्वाचन होगा। पंचायतों में मतदान 29 सितम्बर को सुबह 7 से अपरान्ह 3.00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर ई.व्ही.एम. से की जाने वाली मतगणना 3 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 अक्टूबर 2026 को प्रात: 10.30 बजे से की जायेगी। जिला पंचायत के 7, जनपद पंचायत के 28 और सरपंच के 110 पदों के लिये होगा उप निर्वाचन पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 7, जनपद पंचायत सदस्य के 28, सरपंच के 110 और 4090 पंच पद के लिये उप निर्वाचन होगा।  

किसान चौपाल बनें किसानों से संवाद का माध्यम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान चौपाल बनें किसानों से संवाद का माध्यम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीअन्न और धान उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन करायें किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा-संकल्प अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर के किसानों से किया वर्चुअल संवाद मुख्यमंत्री निवास से किया बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। अनूपपुर जिला जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जारी सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारियां अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा की जायें। राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया। ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्ज्वल है, किसान अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। ग्रामीणों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और नि:शुल्क रजिस्ट्री के लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीणों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रगतिशील किसानों से संवाद बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर जिले के प्रगतिशील किसानों से वर्चुअल संवाद किया। किसानों ने कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा पशुपालन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की। पुष्पराजगढ़ के रमेश सिंह एवं अरुण कुमार चन्द्रवंशी ने आधुनिक कृषि यंत्रों एवं सिंचाई सुविधाओं से प्राप्त लाभ बताए। प्रेमलाल केवट ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जबकि रामभजन ने फसल प्रदर्शन एवं किसान खेत पाठशाला की जानकारी दी। पशुपालक माधव सिंह राठौर ने उन्नत पशुपालन एवं कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से बढ़े दुग्ध उत्पादन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को प्रोत्साहित किया। उन्नतशील किसान एवं मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन्नतशील किसानों एवं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मानित किया गया। उन्नतशील किसानों में रामप्रमोद साहू, ओम प्रकाश जोगी, फत्तेलाल जयसवाल, जीवनलाल एवं जगदीश सिंह को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर के मेधावी विद्यार्थियों दुर्गेश्वरी कोल, दुर्गा सिंह, धनश्वरी देवी, शुभा द्विवेदी एवं आकाश सिंह मरावी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की दी गई जानकारी बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, उद्यानिकी फसलों, उन्नत पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन तथा शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय में वृद्धि के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, कलेक्टर रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।  

Bihar MLC Election: BJP ने तय किए 4 नाम, केंद्रीय मुहर के बाद होगा ऐलान

पटना भारतीय जनता पार्टी इन दिनों विशेष चर्चा का केंद्र बन चुकी है। वजह है एमएलसी चुनाव। वो भी इसलिए कि उनके साथी दल ने बहुत पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर एक कदम इस लिहाजन बढ़ गई कि जदयू के भीतर उम्मीदवारों को लेकर कुछ भी अंतर्द्वंद नहीं है। मगर, भाजपा के भीतर नामो की घोषणा की प्रक्रिया काफी जटिल है। कई स्तरों पर स्क्रूटनी के बार पहला मुहर तो प्रदेश भाजपा कमिटी और फिर केंद्रीय कमिटी लगाती है। बांकीपुर से सबक लेते हुए बीजेपी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना चाहती है। तो क्या है देरी की वजह समझिये। उम्मीदवार तो तय है पर? भाजपा शीर्ष नेतृत्व के सूत्रों की माने तो बीजेपी के रणनीतिकारों ने सब कुछ तय कर लिया है। सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। सूत्रों की माने तो पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और मुजफ्फरपुर शिक्षक क्षेत्र से नरेंद्र सिंह के नाम बस घोषणा हेतु इंतजाररत है। हालांकि, बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से गत चुनाव में भाकपा (CPI) समर्थित उम्मीदवार डॉ संजय सिंह ने जीत हासिल की थी। भाजपा के उम्मीदवार डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एक चर्चा तो ये है कि बीजेपी ने डॉ नरेंद्र कुमार सिंह पर ही भरोसा किया है। लेकिन, इस क्षेत्र को लेकर बदलाव की भी उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी बदलाव के रथ पर सवार बीजेपी ने इस बार एक बदलाव किए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने दरभंगा स्नातक से जिसे उम्मीदवार बनाने जा रही है। वो गत चुनाव में निर्दलीय लड़े थे और जदयू के दिलीप चौधरी को परास्त किए थे। बीजेपी ने निर्दलीय उम्मीदवार सर्वेश कुमार को अपने दल में मिला लिया और सिटिंग सीट के नाम पर आपने खाते में डाल लिया। ये है दरभंगा स्नातक से एमएलसी रहे सर्वेश कुमार। आखिर देरी की वजह क्या है? भाजपा के भीतर चुनाव प्रक्रिया और उम्मीदवार की घोषणा कई स्टेज से गुजरती है। पहला जिला स्तर की कमिटी मुहर लगाती है। फिर प्रमण्डल स्तर पर चयन होता है। प्रदेश चुनाव समिति अपनी सहमति देती है। राज्य कोर कमेटी मुहर लगाती है। इसके बाद केंद्र की कमिटी उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाती है। लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड संभावित उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए बहुत पहले ही कह देती है। जदयू ने तो घोषणा कर दी जदयू ने एमएलसी उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है।     पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार     तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभिषेक कुमार झा     सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आनंद पुष्कर     दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय

संत नगर गोलीकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, पंजाब पुलिस ने की कार्रवाई

अबोहर. संत नगर में रविवार को दिनदहाड़े अजय कुमार पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने रातभर पीछा करने के बाद एक आरोपी को मुठभेड़ में काबू कर लिया। किल्लियांवाली चौक पर नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे फाजिल्का की ओर भाग निकले। पीछा करने पर बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गौतम धत्तरवाल पुत्र शंकर कुमार निवासी गणेशगढ़ के पैर में गोली लगी। उसे काबू कर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से फरीदकोट रेफर कर दिया गया। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने सोमवार को एसपी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपियों की तलाश में एसपी व डीएसपी के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ, सिटी-1 पुलिस समेत कई टीमों ने रातभर छापेमारी की। पुलिस ने गौतम के पास से एक पिस्टल बरामद किया है। हालांकि अजय पर चलाया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार यह हथियार फरार आरोपी सागर नेपाली के पास है। पुरानी रंजिश में अजय को बनाया निशाना एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गोलीकांड के पीछे आपसी रंजिश सामने आई है। अजय कुमार के भाई और विशाल पचार के बीच पुरानी दुश्मनी बताई गई है। इसी रंजिश के चलते अजय को निशाना बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है। सागर नेपाली समेत तीन नामजद, अज्ञात भी आरोपी पुलिस ने थाना नंबर-1 में सागर नेपाली पुत्र भारत बहादुर निवासी पटेल नगर अबोहर, विशाल पचार उर्फ बोकसर निवासी अबोहर, गौतम धत्तरवाल पुत्र शंकर कुमार निवासी गणेशगढ़ और कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 61(2) व आर्म्स एक्ट के तहत केस नंबर 307 दर्ज किया है। पुलिस पर फायरिंग के आरोप में केस नंबर 308 भी दर्ज किया गया है। तीनों पक्षों का आपराधिक रिकॉर्ड एसएसपी के मुताबिक सागर नेपाली पर अबोहर और श्री मुक्तसर साहिब में पहले से तीन मामले दर्ज हैं। गौतम धत्तरवाल पर राजस्थान के विभिन्न थानों में चार केस दर्ज बताए गए हैं। विशाल पचार पर राजस्थान, हरियाणा, कन्नौज, केरल और अबोहर सहित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वहीं घायल अजय कुमार पर भी करीब नौ मामले पहले से दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप मिशन का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने खींचा ध्यान

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में छाया योगी सरकार का यूपी स्टार्टअप मिशन – स्टार्टअप मिशन के बैनर तले 60 स्टार्टअप्स ने पेश किए अपने इनोवेशन, तीन दिनों में 2000 से अधिक विजिटर्स ने किया स्टार्टअप पवेलियन का दौरा – आईटी-आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के स्टार्टअप्स ने लिया हिस्सा – भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह और यूपी स्टार्टअप फंड से वित्त पोषित छह स्टार्टअप्स ने भी प्रदर्शित किए अपने नवाचार लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 (यूपीआईटीएस-26) में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में प्रदेश के उभरते स्टार्टअप्स के नवाचार आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्टार्टअप मिशन के बैनर तले विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 60 स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद, तकनीक और नवाचार प्रदर्शित किए हैं। पिछले तीन दिनों में 5000 से अधिक विजिटर्स स्टार्टअप पवेलियन का दौरा कर चुके हैं। पवेलियन में आईटी-आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स की भागीदारी देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर के 60 स्टार्टअप्स की भागीदारी यूपी स्टार्टअप मिशन सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि यूपीआईटीएस-26 के पवेलियन में 60 स्टार्टअप्स ने प्रतिभाग किया है। इनमें आईटी और आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र प्रमुख हैं। अलग-अलग सेक्टर से आए स्टार्टअप्स ने अपने उत्पादों और तकनीकी समाधानों को प्रदर्शित किया है। वहीं स्टार्टअप पवेलियन को देखने के लिए विजिटर्स की भी अच्छी संख्या पहुंच रही है। पिछले तीन दिनों में 5000 से अधिक लोग पवेलियन का दौरा कर चुके हैं। विजिटर्स ने स्टार्टअप्स के उत्पादों, तकनीकी समाधानों और नवाचारों को देखा तथा उनके बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि यूपी स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह स्टार्टअप्स ने भी भागीदारी की है। इन स्टार्टअप्स ने ट्रेड शो में अपने नवाचारों को प्रदर्शित किया। इसके अलावा यूपी स्टार्टअप फंड से वित्त पोषित छह स्टार्टअप्स ने भी पवेलियन में अपने उत्पाद और नवाचार पेश किए हैं। स्टार्टअप पवेलियन में एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ संदीप कुमार ने भी स्टार्टअप्स के फाउंडर्स से संवाद किया। उन्होंने स्टार्टअप्स के काम और उनके नवाचारों के बारे में जानकारी ली। संवाद सत्र के दौरान उन्होंने स्टार्टअप फाउंडर्स को प्रोत्साहित किया और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। सौर ऊर्जा से उड़ान भर रहा ‘तेजस्वान’ सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि ट्रेड शो में रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े नवाचार भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। इनमें आईआईटी कानपुर की डीपटेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा से संचालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी ‘तेजस्वान’ खास है। यह फिक्स्ड विंग विमान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है और लगातार 12 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम बताया गया है। तेजस्वान में जीपीएस स्पूफिंग-रोधी नेविगेशन, मल्टी-बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर हार्डनिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। इसकी रेंज करीब 150 किलोमीटर है, जिसे जरूरत के अनुसार 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसका टेक-ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम है और यह 5 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। इसकी अधिकतम गति 25 मीटर प्रति सेकंड बताई गई है और उड़ान भरने के लिए करीब 200 मीटर रनवे की आवश्यकता होती है। इस ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी और खोज एवं बचाव अभियानों में किया जा सकता है। लंबी दूरी तक जाने वाला ‘काल’ ड्रोन बना जिज्ञासा का केंद्र रक्षा तकनीक के क्षेत्र में ‘काल’ ड्रोन भी विजिटर्स की जिज्ञासा का केंद्र बना है। यह वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली है, जो करीब 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है और 7 से 8 घंटे तक उड़ान में रह सकती है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 200 किलोग्राम और यह 50 किलोग्राम तक का हाई-एक्सप्लोसिव वारहेड ले जाने में सक्षम बताया गया है। इसकी क्रूज गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा है। बेंगलुरु स्थित न्यूमेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने अपने टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी ‘निंबसस्कोप’ का प्रदर्शन किया। यह जमीन से जुड़े तार के माध्यम से बिजली प्राप्त करता है, जिससे लगातार आठ घंटे तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है। ड्रोन मोड में इसकी अधिकतम ऊंचाई 110 मीटर एजीएल और फील्ड एलीवेशन 5500 मीटर एएमएसएल तक बताई गई है। बिना टेदर के यह 45 मिनट तक 10 किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है। इसमें 256-बिट एईएस एन्क्रिप्शन, हाई-बैंडविड्थ वीडियो डाउनलिंक और सुरक्षित आरएफ लिंक की सुविधा है। इसे सर्विलांस, टोह लेने और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी बताया गया है। स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी प्रदर्शित किया गया आईडीआर के स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी ट्रेड शो में प्रदर्शित किए गए। इनमें अभ्यास एमके-1 एक लंबी अवधि का माइक्रो एफपीवी ड्रोन है, जिसकी करीब 40 मिनट तक उड़ान क्षमता है और इसे ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है। वहीं आईडीआर का टैक्टिकल नैनो ड्रोन सैनिकों से आगे बढ़कर वास्तविक समय की खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम बताया गया है।