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11वीं के नतीजों में शानदार प्रदर्शन: झारखंड में 99.12% स्टूडेंट्स पास, गुमला-गिरिडीह अव्वल

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) ने 11वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र परिणाम आनलाइन माध्यम से चेक कर सकते हैं। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी किया गया रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड की मदद से आसानी से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि जैक बोर्ड ने कक्षा 11वीं में इस वर्ष कुल 3,58,533 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,55,399 छात्र पास हो गए। जैक बोर्ड 11वीं कक्षा का पासिंग प्रतिशत 99.12 प्रतिशत रहा। झारखंड बोर्ड के अनुसार, कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए। रिजल्ट जारी करते हुए जैक बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नटवा हंसदा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई दी। आनलाइन जारी मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक और पास फेल की स्थिति दी गई है। यह मार्कशीट अस्थायी होती है, जबकि मूल मार्कशीट बाद में स्कूल से प्राप्त होगी। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। रांची जिले से इस वर्ष 34,907 छात्र छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें 34,642 परीक्षा में शामिल हुए 34,286 छात्र छात्राएं पास हुए। रांची जिले का पासिंग प्रतिशत 98.97 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.68 प्रतिशत था। वहीं, पासिंग प्रतिशत में पहले पायदान पर गुमला 99.60 और गिरिडीह 99.60 प्रतिशत रहे। बता दें कि रांची जिले में 15,809 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 15,660 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,474 छात्रों ने सफलता पाई। छात्रों का पासिंग प्रतिशत 98.81 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.26 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। वहीं, 19,098 छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 18,982 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं और 18,812 छात्राएं पास हुईं, छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.10 रहा जबकि पिछले वर्ष 99.04 प्रतिशत था। वहीं, पूरे राज्य की बात करें तो छात्राें का पासिंग प्रतिशत 99.08 जो कि पिछले वर्ष 98.62 था जबकि छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.16 प्रतिशत रहा जबकि पिछले वर्ष छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.79 था। शत प्रतिशत रहा रिजल्ट योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय, जगन्नाथपुर, धुर्वा के विद्यार्थियों का पासिंग प्रतिशत शत प्रतिशत रहा। आर्ट्स में कुल 128 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिनमें सभी उत्तीर्ण रहे। कॉमर्स में कुल 123 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और सभी उत्तीर्ण हुए। साइंस स्ट्रीम में कुल 125 विद्यार्थी शामिल हुए और इनमें सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे। इंटरमीडिएट महाविद्यालय के सचिव अरविंद कटियार, सहायक सचिव रवि प्रताप सिंह तथा प्राचार्य राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बताते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, लाखों वाहन अभी भी बिना प्लेट

 लखनऊ बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) वाहनों की 15 अप्रैल से प्रदूषण जांच नहीं होगी। वाहनों में यह नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, फिर भी प्रदेशभर में दो करोड़ वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी है। प्रदूषण जांच न कराने पर वाहन मालिक का दस हजार रुपये और एचएसआरपी न होने पर पांच हजार रुपये यानी दोनों का कुल 15 हजार रुपये का चालान होगा। महानगरों में यह कार्रवाई यातायात विभाग, परिवहन व पुलिस तीनों करेंगे, जबकि अन्य जिलाें में परिवहन व पुलिस करेगी। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों में एचएसआरपी लग रही है। इसके पहले के पंजीकृत तीन करोड़ से अधिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था, कई बार अभियान चलाकर लोगों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए प्रेरित किया गया और बिना एचएसआरपी लगे वाहन मिलने पर चालान भी हुए उसके बाद भी करीब दो करोड़ वाहनों में अब तक विशेष नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दोपहिया वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगी है। अपर परिवहन आयुक्त राजस्व राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया, परिवहन विभाग ने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआइसी के माध्यम से पीयूसीसी यानी प्रदूषण जांच पोर्टल में ऐसी तकनीकी व्यवस्था की गई है ताकि 15 अप्रैल से पोर्टल इसका प्रमाणपत्र तभी जारी करेगा, जब वाहन में एचएसआरपी लगा होगा। क्या है एचएसआरपी यह प्लेट एल्युमीनियम से बनी होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र होलोग्राम और 10 अंकों का पिन (लेजर कोड) होता है। इसमें वाहन की पूरी जानकारी जैसे इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि दी गई है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ रहा जांच का ओटीपी फरवरी माह में ही वाहनों की प्रदूषण जांच में बदलाव हुआ। वाहन खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आ रहा है। वाहन स्वामी ने पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है या खो गया है तो नया नंबर अपडेट कराना होगा, उसके बाद ही प्रदूषण की जांच हो सकेगी। ऐसे लगवा सकते हैं एचएसआरपी वाहन में एचएसआरपी लगवाने के लिए सबसे पहले वेबसाइट bookmyhsrp.com पर जाएं और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट विद कलर स्टीकर का विकल्प चुनें। अपने राज्य का चयन करके वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर आदि दर्ज करें। प्लेट लगवाने के लिए नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का चयन करें। अपनी सुविधा के अनुसार, नंबर प्लेट लगवाने की तारीख व समय चुन सकते हैं। आवेदन फीस का आनलाइन भुगतान करना होगा। दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 400 रुपये से और चार पहिया वाहनों के लिए 1100 रुपये तक का भुगतान करना होगा। इसमें वाहन स्वामी को अपने वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र यानी आरसी दस्तावेज के रूप में अपलोड करना होगा।

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त लखीमपुर खीरी में अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी आंबेडकर जयंती पर झड़प के बाद कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में, डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे लखीमपुर/लखनऊ लखीमपुर खीरी में आंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच हुए विवाद और झड़प के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हैं। क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। हालात पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है। मूर्ति स्थापना के दौरान हुआ विवाद अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता एक स्थान पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे, जिसका उसी समाज के दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई, जिसमें प्रतिमा को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान कुछ लोगों ने अफवाहों से भ्रमित होकर पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। मौके पर डटे वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अशांति फैलाने वालों पर सख्त नजर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बताया कि एक ही समाज के लोगों के बीच हुई इस घटना को लेकरकुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस मौके पर मौजूद है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।

महाराष्ट्र में मदरसों पर कटनी पुलिस की कार्रवाई, बिहार से मांगी गई सामाजिक जांच रिपोर्ट

कटनी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए बिहार से बच्चों को ले जाने के मामले में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन में 163 बच्चों को ले जाते गिरफ्तार किए गए आठों आरोपितों के बारे में पड़ताल की जा रही है। उनके किसी कट्टर धार्मिक संगठन से जुड़े होने की आशंका है। ऐसे में, आईबी एवं जीआरपी के अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक आरोपितों और बिहार से बुलाए गए बच्चों के अभिभावकों से जानकारी जुटाई। वहीं, आठों आरोपितों बच्चों को लातूर और विदर्भ के जिन दो मदरसों में ले जा रहे थे, वहां की जानकारी जुटाने के लिए कटनी पुलिस की टीमें रवाना हो गई है। जांच में पता चलेगा किस तरह की शिक्षा दी जाती है पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लातूर के मदरसा जामिया अशरफिया अंजूमने इस्लामिया उद्गीर और विदर्भ के दारुल उलूम इमदादिया मदरसा के नाम बताए हैं। इनमें पड़ताल के बाद पता चलेगा कि वहां पर बच्चों को किस तरह की धार्मिक शिक्षा दी जाती है या कोई अन्य कारण से बच्चे भेजे जा रहे थे। वहीं, महिला बाल विकास विभाग ने बिहार के अररिया प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बच्चों को बिहार भेजा जाएगा। स्वयं को शिक्षक बता रहे हैं आरोपी बिहार के अररिया जिले से बच्चों को ले जाने वाले आठों लोग स्वयं को मदरसों में शिक्षक बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के बच्चों को वर्ष 2016 से मदरसों में धार्मिक शिक्षा देने के लिए ले जा रहे हैं। इनकी भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बिहार में भी मदरसे संचालित हैं। फंडिंग की भी जांच की जा रही निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए कौन सा संगठन फंडिंग कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं। इस संबंध में आरोपितों में शामिल सद्दाम का कहना था कि मदरसों को समाज की ओर से चंदे के रूप में धार्मिक शिक्षा देने के लिए फंड मिलता है और इससे ही बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आरोपियों को समाज को किया सुपुर्द जीआरपी ने आरोपित बनाए गए अररिया क्षेत्र निवासी सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को कटनी में मुस्लिम समुदाय के सुपुर्दगी कर दिया है। मामले की जांच तक आठों को पूछताछ के लिए जीआरपी में उपस्थित होना होगा। वहीं, मंगलवार को लगभग 54 बच्चों के अभिभावक कटनी पहुंचे और उनकी मुलाकात आश्रय गृह में बच्चों से कराई गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए।

बिहार में नई सियासी शुरुआत: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, कैबिनेट विस्तार चुनाव के बाद

पटना. बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सम्राट सरकार में विजय और बिजेंद्र डिप्टी सीएम होंगे इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।   नीतीश कुमार ने मुझे पहचान दी: जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने (नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो जीतन मांझी आज है, वो नीतीश कुमार के द्वारा ही पहचानित है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते।" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने(नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे…" नई सरकार पर लोगों का भरोसा: उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने पर कहा, "सरकार के ऊपर काफी लोगों का भरोसा भी है और लोगों की अपेक्षा भी है। मैं समझता हूं कि इन अपेक्षाओं पर सरकार निश्चित तौर…  नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाएंगे सम्राट: बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार भी एक विकसित राज्य बनेगा। नीतीश कुमार द्वारा बिहार में स्थापित कानून का राज और उनके द्वारा तय किए गए विकास के रास्ते को सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। बहुत-बहुत बधाई।” उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजेंद्र यादव का पहला बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में JDU नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति पर कहा, "…उनको खुद निर्णय लेना है कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं…"

फैक्ट्रियों में सुरक्षा पर सवाल: छत्तीसगढ़ में 3 साल में 296 मजदूरों की जान गई, बालको जैसे हादसे फिर चर्चा में

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है. विकास की रफ्तार में कई बड़े-बड़े पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं. लेकिन सवाल अब भी यहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर है. उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप जरूरी सेफ्टी उपकरण दिए जा रहे हैं. पिछले 3 सालों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 मजदूरों की मौत हुई है. मंगलवार को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुआ हादसा एक बार फिर 2009 के बालको के दर्दनाक हादसे की यादें ताजा कर गया, जिसमें 40 मजदूरों की मौत हुई थी. प्रदेश में हुए औद्योगिक हादसे  2009 – बालको प्लांट में 240 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से 40 श्रमिकों की मौत. 2006 – बलौदाबाजार के रियल इस्पात प्लांट के डस्ट सेटलिंग चेंबर में धमाके से 7 श्रमिकों की मौत. 2025 – रायपुर के सिलतरा में गोदावरी स्टील प्लांट में छत गिरने से 6 श्रमिकों की मौत. 2024 – सरगुजा एलुमिनियम प्लांट हादसे में कोयले से भरा बेल्ट गिरने से 4 श्रमिकों की मौत. लगातार हो गए छोटे हादसे फरवरी 2026 : रायगढ़ के मंगल कार्बन फैक्ट्री में विस्फोट के बाद दो श्रमिकों और एक बच्ची की मौत हुई. मार्च 2026 : बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में 30 फीट की ऊंचाई से गिरने से एक श्रमिक की मौत. जून 2025 : भिलाई स्टील प्लांट में 1000 किलो का जंबो बैग गिरने से एक महिला श्रमिक की मौत हो गई. मई 2024 : बेमेतरा में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक की मौत और 6 लोग घायल हुए. अप्रैल 2026 : बीएसपी में टर्बाइन में आग से सात कर्मचारी घायल हुए. कई श्रमिकों ने कूदकर जान बचाई. तीन वर्षों में 296 श्रमिकों ने गंवाई जान, 248 घायल मार्च में विधानसभा में राज्य सरकार ने जानकारी दी थी कि पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 248 घायल हुए. उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया था कि राज्य में 7,324 कारखाने संचालित हैं, जिनमें 948 ‘खतरनाक’ और 32 ‘अत्यंत खतरनाक’ श्रेणी में हैं. सरकार ने सुरक्षा मानकों, पीपीई किट और आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य बताई हैं. हर हादसे के बाद जांच, लेकिन सुरक्षा मानकों पर अब भी सवाल सक्ति जिले के वेदांता प्लांट हादसे ने फिर से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रमिक संगठनों ने मामले की जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो. फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है.

साय कैबिनेट ने किए 9 बड़े फैसले, UCC समिति का गठन, महिलाओं को 50% रजिस्ट्री छूट, खनन-उद्योग नियमों में बदलाव

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (15 अप्रैल) को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में चल रही है। इस बैठक में कई विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।   छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। 2.    मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।  3.    मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।  4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।  5.    छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।   6.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है। गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।  इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा। 7.    मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।  8.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर … Read more

कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस धारा 196 के तहत मामला दर्ज

इंदौर  इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच के बाद एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस ने यह कदम भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।एमजी रोड थाना पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। थाने में दोनों से घंटों तक सघन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत दोनों पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साढ़े चार घंटे चली पूछताछ दर्ज किए बयान एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पार्षद फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रूबिना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर सवाल-जवाब भी किए गए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा। मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी। एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, करीब साढ़े चार घंटे बयान चले, पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। रुबीना ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम विवाद को लेकर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी के बाप में दम हो तो वे हमने गवा कर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने खुद की पार्टी के पार्षदों द्वारा वंदे मातरम विवाद में कुछ न बोलने पर भाड़ में जाए कांग्रेस जैसी टिप्पणी भी की थी। इसे लेकर उनके निष्कासन का प्रस्ताव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।

घायलों के इलाज में कलेक्टर और एसपी ने बढ़ाई मुस्तैदी

घायलों के बेहतर उपचार हेतु कलेक्टर–एसपी मुस्तैद मृतकों के परिजनों से संपर्क एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी स्वास्थ्य मंत्री भी निरंतर जिला प्रशासन के संपर्क में रायपुर  सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कलेक्टर  टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है। पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।  कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मृतकों के नाम हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं– रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार), अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़), थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (पलामू, झारखंड), मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़), शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।

सरिता विहार में बड़ा एक्शन,मुठभेड़ के बाद 6 अपराधी दबोचे गए

दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।