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Udaipur में अचानक तापमान उछाल, मौसम विभाग ने दी हीटवेव की चेतावनी

  जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात और भी मुश्किल कर दिए. सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.   आने वाले समय में और बढ़ेगा तापमान शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए प्याऊ और मटकी का ठंडा पानी राहगीरों के लिए राहत का जरिया बन रहा है. लोग रुककर पानी पीते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है. उदयपुर के तापमान में अचानक उछाल उदयपुर में पिछले तीन दिनों में तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला हैं. सोमवार को तापमान 39.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा. यहीं नहीं, मौसम विभाग ने इस सप्ताह आसमान साफ रहने और तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई हैं. वहीं मंगलवार दोपहर को अचानक गर्म हवाएं चलने लगी और हीटवेव का अहसास दिलाने लगी.    इस बार सामान्य रहेगी बारिश   इस साल मानसून को लेकर तस्वीर थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही है.  मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि देश में इस बार सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी लगभग 8 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है.  यह प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने की स्थिति होती है जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है.  इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है जिससे मानसून की शुरुआत और उसकी रफ्तार दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

ED ने AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर मारा छापा, राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बने थे मित्तल

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल के गुरुग्राम, जालंधर और पंजाब स्थित 8 से 9 ठिकानों पर छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी के फंड से संबंधित संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की जा रही है. आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।  जानकारी के अनुसार, ईडी ने बुधवार सुबह जांच एजेंसी ने सांसद के बेटे के भी कई ठिकानों पर छापेमारी की है, क्योंकि वो भी कई व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हैं. जहां एजेंसी की टीम महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूतों को खंगला रही है।  बताया जा रहा है कि ED की ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी में फंड संबंधी कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फंड के दुरुपयोग की शिकायतों पर ED जांच कर रही है. ईडी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी निवेश या दान में विदेशी मुद्रा कानूनों का उल्लंघन हुआ है।  ईडी की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टा का कहना है कि अशोक मित्तल को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपना नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली थी. 'AAP' ने छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. हालांकि, ईडी सूत्रों का कहना है कि ये कार्रवाई पुख्ता इनपुट और वित्तीय अनियमितताओं के सबूतों के आधार पर की गई है। 

MP Board Result 2026: लड़कियों ने मारी ‘हैट्रिक’, लड़कों को पछाड़कर मेरिट लिस्ट में किया दबदबा

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आज, 15 अप्रैल को जारी कर दिया है. बता दें कि इस साल एमपी बोर्ड में 10वीं के लिए 9 लाख से ज्यादा और 12वीं के लिए 7 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था. छात्र अपना परीक्षा परिणाम ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं।  माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश ने वर्ष 2026 की 10वीं (हाईस्कूल) परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस बार कुल 73.42% नियमित छात्र पास हुए हैं।पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। हाई स्कूल परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच हुई थी। इसमें कुल 8,97,061 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 7,87,733 नियमित और 1,09,328 प्राइवेट परीक्षार्थी थे। छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। छात्राओं का पास प्रतिशत 77.52% रहा, जबकि छात्रों का 69.31% दर्ज किया गया। सरकारी स्कूल आगे, परिणाम 76.80% शासकीय स्कूलों का परिणाम 76.80% रहा, जो निजी स्कूलों के 68.64% से अधिक है। इससे सरकारी स्कूलों के बेहतर प्रदर्शन का संकेत मिलता है। टॉपर्स में छात्राओं का दबदबा मेरिट लिस्ट में 378 विद्यार्थियों ने जगह बनाई, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। जिलावार प्रदर्शन: अनूपपुर 93.85% के साथ पहले स्थान पर जिलावार परिणाम में अनूपपुर 93.85% के साथ पहले और आलीराजपुर 92.14% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। पूरक की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा इस वर्ष पूरक परीक्षा की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा का प्रावधान किया गया है। मुख्य परीक्षा में फेल, अनुपस्थित या अंक सुधारने वाले छात्र 7 मई 2026 से होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। 2.89 लाख छात्र फेल कुल 2,89,693 छात्र फेल घोषित किए गए हैं, जबकि परीक्षा के दौरान 47 नकल के मामले सामने आए। इतने छात्र हुए पास मध्य प्रदेश बोर्ड ने इस साल का पास प्रतिशत भी जारी कर दिया है. पिछले साल के मुकाबले इस बार नतीजों में सुधार देखने को मिला है: 10वीं बोर्ड: 78.14% छात्र पास हुए. 12वीं बोर्ड: 76.22% छात्र सफल रहे।  यहां पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट mpbse.nic.in mpbse.mponline.gov.in mpresults.nic.in डिजिलॉकर (DigiLocker) और MPBSE मोबाइल ऐप पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड (12वीं बोर्ड) इस साल (2026) का कुल पास प्रतिशत 76.22% रहा है. पिछले सालों का रिकॉर्ड इस प्रकार है: 2026: 76.22%  2025: 74.48% 2024: 64.48% 2023: 55.28% 2022: 72.72% 2021: (कोविड-19 की वजह से प्रमोटेड) 2020: 68.81% मंत्री बोले- रिजल्ट 'फुलप्रूफ' रखा गया स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार, रिजल्ट से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट 'फुलप्रूफ' रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो। 16 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। MP Board 10th Result 2026: स्टूडेंट्स का पास प्रतिशत विद्यार्थी एमपी बोर्ड पास प्रतिशत रेगुलर स्टूडेंट्स कितने पास हुए 76.01% रेगुलर छात्रों का पास प्रतिशत 72.39% रेगुलर छात्राओं का पास प्रतिशत 79.41% कुल पास प्राइवेट स्टूडेंट्स 30.60% प्राइवेट छात्रों का पास परसेंट 31.27% प्राइवेट छात्राओं का पास परसेंट 30% कितने बच्चों ने दिया था पेपर एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा इस साल कुल 897061 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इसमें से रेगुलर बच्चे 787733 और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 109328 थी। रिट लिस्ट में कितने स्टूडेंट्स मध्य प्रदेश हाई स्कूल रिजल्ट 2026 की मेरिट लिस्ट में इस बार 235 छात्राओं और 143 छात्रों ने जगह बनाई है। कुल मिलाकर 378 स्टूडेंट्स टॉप पर रहे हैं। जिनमें लड़कियां लड़कों से ज्यादा हैं।  हाई स्कूल टॉपर प्रतिभा के मार्क्स कितने? एमपी बोर्ड 10वीं कक्षा में इस साल सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल गुनौर पन्ना की कुमारी प्रतिभा सिंह सोलंकी ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। ऐसे चेक करें रिजल्ट  सबसे पहले बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in पर जाएं. होमपेज पर 'HSC (Class 10th)' या 'HSSC (Class 12th)' रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें. अपना 9 अंकों का रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें. कैप्चा कोड भरने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर होगा, इसे डाउनलोड करें.फेल होने पर निराश न हों, आ गई 'सेकंड मुख्य परीक्षा' बता दें कि मध्य प्रदेश बोर्ड के नियमों के अनुसार हर सब्जेक्ट में पास होने के लिए 33 प्रतिशत मार्क्स (पहले 35% का चर्चा थी, लेकिन बोर्ड नियम 33% है) लाने होंगे. जो छात्र एक या दो विषयों में असफल रहे हैं, उनके लिए 7 मई 2026 से 'सेकंड मुख्य परीक्षा' (पूरक परीक्षा का नया रूप) आयोजित की जाएगी. इसके लिए छात्र आज से ही आवेदन कर सकते हैं।  एक्सपर्ट की सलाह- तनाव से बचें छात्र परीक्षा के दौरान छात्रों की सेहत को लेकर भी विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से बेहतर प्रदर्शन संभव है।  

श्रद्धालुओं से भरी बस श्री आनंदपुर साहिब से लौटते समय पलटी, 6 की मौत, कई घायल

श्री आनंदपुर साहिब  बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब के दर्शन करके लौट रही संगत की बस फतेहगढ़ साहिब में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत उक्त हादसा बस्सी पठाना में देर रात हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, चुन्नी-मोरिंडा रोड पर गांव मैन माजरी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के समय बस में 35 से 40 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पलटने से हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं को बस से बाहर निकाला। बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई बस, करंट से झुलसे ये हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड पर हिम्मतपुरा गांव के पास हुआ। बस में सवार श्रद्धालु मेन माजरी के रहने वाले थे। वह बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई। बस पलटने के बाद बस के पलटने के बाद उसमें अचानक करंट आ गया। मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसा रात 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। शुरुआती जांच में बस के किसी हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे लगे खंभे से जा सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों को मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंजिल के करीब ही हुआ हादसा बैसाखी के दिन बस्सी पठाना इलाके से श्रद्धालुओं का एक जत्था आनंदपुर साहिब दर्शन करने गया था। मैन माजरा में जहां श्रद्धालुओं ने उतरना था वो सिर्फ 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था। इस से पहले ही भीषण हादसा हो गया। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और कई लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल इसके बाद लोगों ने निजी वाहनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायलों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब, बसी पठाना और मोरिंडा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वजह पता लगाने की कोशिश जारी है। वैसाखी जैसे खुशी के पर्व पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

सीएम योगी टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को दिखाएंगे हरी झंडी

टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे सीएम योगी जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस के साथ ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा   लखनऊ  उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में बुधवार को एक ऐतिहासिक पड़ाव जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे। इस ऐतिहासिक क्षण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतिरिक्त टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए गर्व का विषय होगी।  यह माइलस्टोन वाहन एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो राज्य और कंपनी की ग्रीन मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की नेट-जीरो 2070 की परिकल्पना और कंपनी के 2045 के लक्ष्य के अनुरूप है। यह प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का है, जिसमें औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी तथा निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश देगी। करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट आज प्रदेश में 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है और कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। साथ ही, यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

हर पीड़ित को मिलेगा न्याय: उत्तर प्रदेश में 14566 हेल्पलाइन बनी सहारा

हर पीड़ित तक न्याय: उत्तर प्रदेश में 14566 नंबर हेल्पलाइन बनी सहारा समाज कल्याण विभाग की सख्ती से एक साल में 100% शिकायतों का हुआ निस्तारण शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही योगी सरकार   लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 14566 नंबर अत्याचार एवं उत्पीड़न हेल्पलाइन प्रदेश के पीड़ितों के लिए मजबूत सहारा बनकर उभरी है। योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी पीड़ित को न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से कुल 553 शिकायतें दर्ज की गईं। उल्लेखनीय बात यह है कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया।  सभी शिकायतों का हुआ निस्तारण विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कुल 628 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें अप्रैल में 45, मई में 37, जून और जुलाई में 65-65, अगस्त में 57, सितंबर में 80, अक्टूबर में 79, नवंबर में 40, दिसंबर में 35, जनवरी में 37, फरवरी में 48 और मार्च में 40 शिकायतें शामिल हैं। जांच के दौरान 75 शिकायतें दो बार दर्ज पाई गईं, जिन्हें अलग कर दिया गया। इसके बाद शेष सभी मामलों में संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर कार्रवाई सुनिश्चित कराई गई। संबंधित जिले को किया जाता है प्रेषित, कार्रवाई के बाद लिया जाता है फीडबैक समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का विशेष ध्यान रखा गया है। हेल्पलाइन पर कॉल आते ही शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है और संबंधित जिले को तत्काल प्रेषित किया जाता है। इसके साथ ही उसकी एक प्रति समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी भेजी जाती है, जिससे हर स्तर पर निगरानी बनी रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद पीड़ित- पीड़िताओं से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उसे वास्तविक न्याय मिला है या नहीं। बेझिझक 14566 पर दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत  विभाग के अधिकारी ने अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश के किसी भी जिले में यदि किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वह बिना किसी झिझक के 14566  नंबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है। सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और जवाबदेह बनाया है, जिससे शिकायतों का निस्तारण तेजी से और प्रभावी ढंग से हो सके। योगी सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सुशासन केवल दावों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।

यूपी में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिल रहा न्याय, वन स्टॉप सेंटर बना सहारा

हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिल रहा न्याय, यूपी में वन स्टॉप सेंटर बना सहारा 24×7 मदद का भरोसा: हर जिले में महिलाओं के लिए सक्रिय वन स्टॉप सेंटर योगी सरकार में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर योजना को प्रदेश में महिला कल्याण निदेशालय के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस योजना के जरिए हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर लगभग सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें भटकना न पड़े और समय पर न्याय मिल सके। एक छत के नीचे पीड़िताओं को मिल रही 5 तरह की सहायता दरअसल यह योजना साल 2017 से प्रदेश में संचालित है। इसके अंतर्गत इस समय 75 जिलों में 122 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। इनमें महिलाओं को लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। इन केंद्रों पर आने वाली हिंसा से पीड़ित महिलाओं को पांच प्रकार की सेवाएं जैसे चिकित्सीय सहायता, कानूनी मदद, पुलिस सहयोग, अस्थाई आवास और परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं।  खास बात यह है कि पुलिस सहायता के तहत एसओ स्तर के अधिकारियों से सीधा समन्वय स्थापित किया जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के इम्पैनल्ड अधिवक्ताओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। 181 हेल्पलाइन से जुड़ा सिस्टम, शिकायत पर तुरंत कार्रवाई महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 181 महिला हेल्पलाइन भी अहम भूमिका निभा रही है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को तुरंत संबंधित वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिया जाता है। हर सेंटर के डैशबोर्ड पर तैनात महिला कर्मचारी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या सुनती है और आवश्यक मदद सुनिश्चित करती है।  सभी वन स्टॉप सेंटर प्रतिदिन 24 घंटे हो रहे संचालित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 4, लखीमपुर खीरी में 3, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य बड़े जिलों में एक से अधिक वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाई जा सकें। सभी सेंटर 24 घंटे सक्रिय रहते हैं और तीन शिफ्ट में महिला कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी समय सहायता उपलब्ध हो सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत मदद की जरूरत होती है। महिलाओं को मिल रहा त्वरित न्याय शुरुआती दौर में यह योजना केवल कुछ जिलों तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार के प्रयासों से इसका तेजी से विस्तार किया गया। 2020 तक प्रदेश के लगभग सभी 75 जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित कर दिए गए। इसके बाद महिला कल्याण निदेशालय द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इन सेवाओं की जानकारी मिल सकी। परिणामस्वरूप अब अधिक महिलाएं आगे आकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहीं हैं और उन्हें समय पर सहायता मिल रही है। जागरूकता बढ़ने से मदद का सिलसिला तेज हुआ महिला कल्याण निदेशालय के प्रयासों से वन स्टॉप सेंटर आज प्रदेश की महिलाओं के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका हैं। महिला कल्याण निदेशालय की डायरेक्टर डॉ. वंदना वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। वन स्टॉप सेंटर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समग्र सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि हर महिला को न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। लगातार बढ़ती जागरूकता और मजबूत व्यवस्था के कारण अब अधिक महिलाएं आगे आकर मदद ले रहीं हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

मशरूम उत्पादन से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही 10 लाख तक कमाई, योगी सरकार की पहल

योगी सरकार संवार रही ग्रामीण महिलाओं का जीवन, मशरूम उत्पादन से 10 लाख तक कमाई महिलाओं के लिए संजीवनी बन रही ग्रामीण आजीविका मिशन भदोही की महिला का मॉडल स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के लिए बना प्रेरणास्रोत पारंपरिक खेती से अलग राह चुनकर स्थानीय महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार लखनऊ खेती का मतलब अब सिर्फ गेहूं-धान की फसल तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली पप्पू देवी ने इस बात को जमीन पर सच साबित कर दिखाया है। पारंपरिक खेती से इतर योगी सरकार के उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की मदद से उन्होंने मशरूम उत्पादन शुरू किया और आज उनकी सालाना कमाई 8 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। यह मिशन अब प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आजादी और स्वावलंबन के लिहाज से 'संजीवनी' साबित हो रहा है। भदोही जैसे जिले में जहां ज्यादातर परिवार पुश्तैनी खेती पर निर्भर हैं वहीं, पप्पू देवी ने लीक से हटकर कुछ नया करने की ठानी। यूपीएसआरएलएम और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के सही मार्गदर्शन ने उनके इस सपने को पंख दिए। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से करीब ढाई लाख रुपए लगाए और 50 हजार रुपए का ऋण लेकर मशरूम उगाने का काम शुरू किया। थोड़ी सी जगह और सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह उद्यम आज एक बेहतरीन मुनाफे वाले व्यवसाय में बदल चुका है। ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा खास बात यह है कि पप्पू देवी की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने तक सीमित नहीं है। वे अब अपने गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है। महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती पप्पू देवी का मानना है कि अगर महिलाओं को सही ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकतीं हैं। योगी सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिल रही है।

प्रदेश में 8 वन स्टॉप सेंटर, UCC के लिए बनेगी विशेष कमेटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और कानूनी सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। महिला सुरक्षा हेतु 8 नए वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार के मनावर व पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया व सांवेर और झाबुआ के पेटलावद में स्थापित किए जाएंगे। यहां पीड़ितों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के लिए वर्ष 2031 तक ₹240 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। कैबिनेट ने इसके लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति 60 दिनों के भीतर उत्तराखंड और गुजरात के मॉडलों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बुनियादी ढांचे और सिंचाई के लिए भारी निवेश राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों हेतु ₹19,810 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा, लगभग ₹10,801 करोड़, सड़क और पुल निर्माण के लिए रखा गया है। इसमें एन्यूटी भुगतान और 'बनाओ, चलाओ और सौंपो' (BOT) मॉडल के तहत सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को ₹286.26 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्रीय किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी

दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का राष्ट्र को समर्पण पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में होगी पूरी इकोनॉमिक कॉरिडोर देने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया सीएम ने, कॉरिडोर के दायरे में आने वाले जनपदों के लोगों को दी बधाई इकोनॉमिक कॉरिडोर से वुडवर्क, स्पोर्ट्स गुड्स और कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, उद्योग व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, ‘डबल इंजन’ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का दिख रहा असर, क्षेत्रीय विकास को मिली नई रफ्तार जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, उनसे विकास और रोजगार की उम्मीद करना एक दिवास्वप्न: सीएम सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की दूरी काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। सीएम ने कॉरिडोर के लोकार्पण को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से होते हुए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास दृष्टि को साकार करती है। कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून कॉरिडोर का लोकार्पण होना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआई के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून तक का सफर तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक होगी पहुंच मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से सहारनपुर के वुडवर्क समेत शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में बनने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का केंद्र है, यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी व विभिन्न खाद्यान्न उत्पादन को आगे बढ़ा रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन और सेवा का जो मॉडल स्थापित कर रहा है, उसे हम इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी देख सकते हैं। महापुरुषों के सम्मान में होंगे विशेष कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर हम सबके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की आज 135वीं पावन जयंती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को चाहे वह किसी जाति का हो, किसी संप्रदाय का हो, किसी क्षेत्र का रहने वाला हो, महिला हो, पुरुष हो, बुजुर्ग हो या नौजवान, सभी को समान अधिकार देकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए प्रधानमंत्री जी ने देश में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कराया। उनकी प्रेरणा से हमारी सरकार ने भी तय किया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि समेत सामाजिक न्याय के प्रणेता महापुरुषों की जहां-जहां मूर्तियां स्थापित हैं, वहां यदि बाउंड्री वॉल या मूर्ति के ऊपर छत नहीं है तो सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराकर इन कार्यों को पूर्ण कराएगी। इस कार्य की शुरुआत होने जा रही है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ते हुए प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाता है। बड़े से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत क्या होती है, यह आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। आज सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल समेत एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई नौजवान यदि फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह क्षेत्र भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज को बांटने वाले विकास के बारे में नहीं सोच सकते मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है, तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। नवरात्रि से ठीक पहले मैं उसका निरीक्षण करने के लिए आया था। यह तभी संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, जाति के नाम पर, परिवारवाद के नाम पर, जो वैमनस्यता फैलाते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते। जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, जो अराजकता में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया, माफियाओं को प्रश्रय दिया और दंगों-कर्फ्यू को बढ़ावा दिया, उनसे यह उम्मीद करना कि वे विकास करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे या किसानों के लिए काम करेंगे, अपने आप में एक दिवास्वप्न है। क्लस्टर विकसित करने पर जोर सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में सुदृढ़ इंडस्ट्रियल व हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के … Read more