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ऐसे करें अपने स्लो स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट: मिनटों में मिलेगा नया जैसा परफॉर्मेंस

आजकल स्मार्टफोन हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन समय के साथ फोन स्लो होने लगता है-ऐप्स हैंग करते हैं, स्टोरेज भर जाता है और बैटरी भी जल्दी खत्म होने लगती है। ऐसे में फैक्ट्री रीसेट एक बेहतरीन तरीका है जिससे आपका फोन फिर से नए जैसा तेज चलने लगता है। आइए जानते हैं फैक्ट्री रीसेट क्या है और इसे करने का सही तरीका क्या है। फैक्ट्री रीसेट क्या होता है? फैक्ट्री रीसेट करने से आपका स्मार्टफोन पूरी तरह से क्लीन हो जाता है। इस प्रक्रिया में- सभी ऐप्स और डेटा डिलीट हो जाते हैं फोन की सेटिंग्स डिफॉल्ट हो जाती हैं वायरस या बग्स हट जाते हैं यानि फोन उसी स्थिति में आ जाता है जैसा आपने खरीदते समय पाया था। फैक्ट्री रीसेट करने से पहले क्या करें? फैक्ट्री रीसेट से आपका पूरा डेटा डिलीट हो जाता है, इसलिए ये जरूरी काम पहले कर लें: -अपने फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट का बैकअप लें -कॉन्टैक्ट्स को Google अकाउंट में सिंक करें -WhatsApp चैट का बैकअप लें -फोन को कम से कम 60% चार्ज रखें -Google अकाउंट का पासवर्ड याद रखें एंड्रॉयड फोन को फैक्ट्री रीसेट करने का तरीका तरीका 1: फोन की सेटिंग्स से फोन की Settings में जाएं नीचे स्क्रॉल करके System / General Management पर टैप करें Reset ऑप्शन चुनें Factory Data Reset पर क्लिक करें Erase all data पर टैप करें PIN / पासवर्ड डालकर कन्फर्म करें फोन कुछ मिनट में रीस्टार्ट होकर रीसेट हो जाएगा। तरीका 2: रिकवरी मोड से (अगर फोन हैंग हो रहा हो) फोन को स्विच ऑफ करें Power + Volume Up बटन साथ में दबाएं रिकवरी मोड खुलने पर Wipe data / Factory reset चुनें Yes पर क्लिक करें प्रोसेस पूरा होने पर Reboot system now दबाएं फैक्ट्री रीसेट के फायदे -फोन की स्पीड बढ़ जाती है -हैंग होने की समस्या खत्म हो जाती है -स्टोरेज खाली हो जाता है -बैटरी परफॉर्मेंस बेहतर होती है -सॉफ्टवेयर से जुड़े कई बग ठीक हो जाते हैं कब करना चाहिए फैक्ट्री रीसेट? फोन बहुत ज्यादा स्लो हो गया हो बार-बार ऐप्स क्रैश हो रहे हों स्टोरेज हमेशा फुल रहता हो फोन बेचने या किसी को देने से पहले ध्यान रखने वाली बातें -फैक्ट्री रीसेट बार-बार न करें -जरूरी डेटा का बैकअप जरूर लें -रीसेट के बाद सिर्फ जरूरी ऐप्स ही इंस्टॉल करें निष्कर्ष अगर आपका स्मार्टफोन बेहद स्लो हो गया है और सामान्य तरीकों से ठीक नहीं हो रहा, तो फैक्ट्री रीसेट सबसे आसान और असरदार उपाय है। सही तरीके से बैकअप लेकर रीसेट करने पर आपका फोन फिर से स्मूथ और फास्ट चलने लगेगा।  

बच्चों का बढ़ता वजन क्यों है खतरनाक? स्टडी में दिल की बीमारी और डायबिटीज का अलार्म

हर माता-पिता की नजर अपने बच्चे की लंबाई, वजन और अच्छी सेहत पर रहती है। लगभग हर घर में ये सवाल तो जरूर होता है कि इतना दुबला क्यों है? या इतनी जल्दी मोटा कैसे हो गया? अगर आपका बच्चा अपनी उम्र के मुताबिक असामान्य तरीके से बढ़ रहा है, तो जरूरी नहीं कि यह सिर्फ खानपान या लाइफस्टाइल की वजह से हो। जर्नल नेचर कॉम्युनिकेशन में प्रकाशित एक शोध में सामने आया है कि बच्चों के वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) में होने वाले बदलावों का बड़ा हिस्सा उनके जीन से जुड़ा हो सकता है। यानी बढ़ता वजन सिर्फ चॉकलेट या फास्ट फूड का नतीजा नहीं होता। बच्चे की ग्रोथ जीन पर आधारित ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड ने एक स्टडी में बताया है कि बच्चे की 10 साल की उम्र का वजन और एक से 18 साल तक उनके बढ़ने की रफ्तार भविष्य की बीमारियों का संकेत दे सकती है। अगर बचपन की ग्रोथ असामान्य है, तो आगे चलकर डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर बच्चे की ग्रोथ उसके जेनेटिक फैक्ट्स पर निर्भर करती है, इसलिए सिर्फ बाहरी दिखावट के आधार पर सेहत का अंदाजा लगाना गलत हो सकता है। इस रिसर्च में लगभग 6,300 बच्चों और एडल्ट्स के करीब 66,000 BMI मेजरमेंट की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बच्चों की ग्रोथ को सिर्फ एक उम्र में नहीं, बल्कि समय के साथ लगातार ट्रैक किया। इससे उनको समझने में मदद मिली कि बच्चे के जेनेटिक्स कैसे उनकी ग्रोथ पर असर डालते हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि छोटे बच्चे के शरीर के आकार को प्रभावित करने वाले जेनेटिक फैक्टर, टीनएजर में असर डालने वाले फैक्टर से अलग हो सकते हैं। यानी छोटे बच्चों में शरीर के आकार का अंतर जरूरी नहीं कि आगे चलकर मोटापे का जोखिम बन जाए। वैज्ञानिकों ने बताई असली चुनौती वैज्ञानिकों का कहना है कि अब असली चुनौती यह पता लगाना है कि किस उम्र में बच्चों की सेहत पर ध्यान देकर उन्हें भविष्य में मोटापे और गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। यह डेटा यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की स्टडी चिल्ड्रन्स ऑफ द 90s पर आधारित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डेटा एक खजाने जैसा है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पर्यावरण और हमारे जीन्स मिलकर इंसान के विकास और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं।  

Nano Banana 2 लॉन्च: Google AI से मिनटों में तैयार करें 4K फोटो, जानें कैसे और कहां होगा इस्तेमाल

गूगल के नैनो बनाना टूल का इस्‍तेमाल करके तस्‍वीरें बनवाने वाले तमाम लोगों के लिए बड़ी खबर है। गूगल ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) नाम से अपना नया इमेज मॉडल लॉन्‍च कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल अगस्‍त में नैनो बनाना को पेश किया था। उसका इस्‍तेमाल करके लोगों ने खूब फोटो बनवाईं। साड़ी ट्रेंड भी काफी सुर्खियों में रहा। अब Nano Banana 2 आ गया है। गूगल ने बताया है कि इसकी मदद से लोग 4K फोटो एआई से बनवा पाएंगे। टूल को रोलआउट किया जा रहा है, आइए जानते हैं इसे कहां इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। Nano Banana 2 क्‍या है? गूगल ने पिछले साल अगस्‍त में Nano Banana को पेश किया था। फिर नवंबर में Nano Banana Pro को रिलीज किया। अब कंपनी ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) को उतारा है। कहा है कि यह उसका सबसे नया इमेज मॉडल है। दावा है कि इसकी मदद से ज्‍यादा बेहतर क्‍वॉलिटी वाली फोटोज को तेजी से बनवाया जा सकता है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि यह गूगल का अबतक का सबसे बेस्‍ट इमेज जेनरेशन मॉडल है। Nano Banana 2 के प्रमुख फीचर्स तस्‍वीरें ज्‍यादा रियल: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 मॉडल, Gemini के रियल-वर्ल्ड नॉलेज का इस्‍तेमाल करके किसी इमेज को ज्‍यादा रियल बनाता है। अब लोग इन्‍फ्रोग्राफ‍िक्‍स तैयार करवा सकते हैं। नोट्स को डायग्राम में बदल सकते हैं। डेटा विजुअलाइजेशन भी इससे कर सकते हैं। टेक्‍स्‍ट को इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 किसी टेक्‍स्‍ट को सही तरीके से इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र हो गया है। दावा है कि किसी तस्‍वीर में टेक्‍स्‍ट लगवाना अब इसके बायें हाथ का खेल है। दावा है कि यह हाई-क्‍वॉलिटी और सच लगने वाली तस्‍वीरें बनाता है। जैसा कहा, वैसा बनाएगा: Nano Banana 2 अपने यूजर के प्रॉम्‍प्‍ट्स को बारीकी से समझकर इमेज बनाता है। दावा है कि यह वैसी ही तस्‍वीर बनाने में सक्षम है जैसा किसी यूजर ने सोचा था। हाई-क्‍वॉलिटी इमेज: नैनो बनाना2 की मदद से लोग 4K तक अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो और रेजॉलूशन में फोटोज बनवा सकेंगे। दावा है कि यूजर्स को वाइब्रेंट लाइटिंग, बेहतर टेक्सचर और शार्प डिटेल मिलेंगी। Nano Banana 2 कौन कर पाएगा इस्‍तेमाल? Nano Banana 2 को गूगल के सभी प्रमुख प्रोडक्‍ट्स से जोड़ा जा रहा है। Gemini ऐप: जेमिनी ऐप में यह नैनो बनाना के अबतक आए मॉडलों की जगह लेगा। कंपनी ने कहा है कि Google AI Pro और Ultra सब्सक्राइबर इसे इस्‍तेमाल कर पाएंगे।

हफ्ते में कितनी बार बाल धोना चाहिए? जानिए ऑयली, ड्राई और नॉर्मल हेयर के सही नियम

अच्छे और चमकदार बाल न केवल आपकी सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी पर्सनल हाइजीन का भी हिस्सा हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बालों को कितनी बार धोना चाहिए? सच तो यह है कि इसका कोई एक तय नियम नहीं है। यह पूरी तरह से आपके बालों के प्रकार, आपकी लाइफस्टाइल और आपके वातावरण पर निर्भर करता है। आइए जानें इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए आपको हफ्ते में कितनी बार बाल धोने चाहिए? बालों को धोने की फ्रीक्वेंसी आपकी स्कैल्प की कंडीशन पर निर्भर करती है-     ऑयली स्कैल्प- अगर आपकी जड़ें जल्दी चिपचिपी हो जाती हैं, तो आपको हफ्ते में 3 से 4 बार बाल धोने की जरूरत पड़ सकती है। बहुत ज्यादा तेल जमने से डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।     ड्राई या कर्ली बाल- सूखे और घुंघराले बालों को कम धोने की सलाह दी जाती है. क्योंकि नेचुरल ऑयल इन बालों के लिए जरूरी होता है। ऐसे लोगों के लिए हफ्ते में 1 या 2 बार बाल धोना काफी है।     नॉर्मल बाल- अगर आपके बाल न ज्यादा ऑयली हैं और न ही ड्राई, तो हफ्ते में 2 से 3 बार धोना सबसे अच्छा बैलेंस है।     एक्सरसाइज और पसीना- अगर आप जिम जाते हैं या धूल-मिट्टी वाले वातावरण में काम करते हैं, तो आपको बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत हो सकती है, ताकि पसीना और गंदगी साफ हो सके। इसके लिए हफ्ते में 4-5 बार बाल धोने पड़ सकते हैं। बाल धोते समय ध्यान रखने वाली बातें सिर्फ बाल धोना काफी नहीं है, उन्हें सही तरीके से धोना भी जरूरी है। पानी का तापमान- बालों के लिए कभी भी बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। गर्म पानी बालों की नमी छीन लेता है और उन्हें बेजान बना देता है। हमेशा गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें।     सही शैम्पू चुनें- हमेशा अपने बालों के टाइप के अनुसार सल्फेट-फ्री शैम्पू चुनें। शैम्पू को सीधे बालों पर लगाने के बजाय, उसे थोड़े पानी में घोलकर इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प की सफाई करना है, इसलिए इसे जड़ों पर ज्यादा फोकस करें।     कंडीशनर है जरूरी- शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाना कभी न भूलें। कंडीशनर बालों को हाइड्रेटेड रखता है और उन्हें टूटने से बचाता है। याद रखें, कंडीशनर को सिर्फ बालों के सीरों पर लगाएं, जड़ों में नहीं।     सुखाने का सही तरीका- गीले बाल सबसे कमजोर होते हैं। उन्हें तौलिये से जोर-जोर से न रगड़ें। इसके बजाय, माइक्रोफाइबर तौलिये या पुरानी सूती टी-शर्ट से हल्के हाथों से पानी थपथपाकर सुखाएं। हेयर ड्रायर का इस्तेमाल कम से कम करें।     कंघी कैसे करें- गीले बालों में कंघी न करें। बाल सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करें।  

कैमरा फिल्टर की जरूरत नहीं! इन 5 मेकअप ट्रिक्स से आंखें लगेंगी बड़ी और अट्रैक्टिव

बड़ी और चमकदार आंखें हर चेहरे की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती हैं। ऐसी आंखें न सिर्फ अट्रैक्टिव दिखती हैं, बल्कि पर्सनेलिटी में एक अलग ही निखार लाती हैं। हर किसी की आंखें नेचुरली बड़ी नहीं होतीं। अगर आपकी आंखें छोटी हैं या थकी हुई दिखती हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान और स्मार्ट मेकअप ट्रिक्स अपनाकर आप अपनी आंखों को बड़ा, ब्राइट और अधिक डिफाइन्ड लुक दे सकती हैं। यहां कुछ असरदार मेकअप हैक्स, की जानकारी दी गई है जो आपकी आंखों को देंगे इंस्टेंट बिग-आई इफेक्ट।  आइए जानते हैं इनके बारे में वॉटरलाइन पर न्यूड या व्हाइट काजल लगाएं काले काजल की जगह वॉटरलाइन पर न्यूड या सफेद काजल पेंसिल का इस्तेमाल करें। इससे आंखें खुली-खुली और ज्यादा बड़ी लगती हैं। यह ट्रिक खासकर तब बहुत असरदार होती है जब आपकी आंखें थकी हुई या छोटी दिख रही हों। इनर कॉर्नर को हाइलाइट करें आंखों के अंदरूनी कोने यानी इनर कॉर्नर पर शिमर या हाइलाइटर लगाने से आंखों को ब्राइटनेस मिलती है और वे ज्यादा ओपन दिखाई देती हैं। यह मेकअप ट्रिक आंखों को तुरंत जगमगाहट देती है। आईलैश कर्ल करें और मस्कारा लगाएं आईलैश कर्लर का इस्तेमाल करें और फिर अच्छी क्वालिटी का मस्कारा लगाएं। यह न केवल पलकों को लंबा और घना दिखाता है, बल्कि आंखों को भी बड़ा लुक देता है। स्मार्ट आईलाइनर का इस्तेमाल करें आईलाइनर को पूरा आंखों के चारों ओर लगाने से आंखें छोटी लग सकती हैं। बेहतर होगा कि आप विंग्ड लाइनर या स्मज्ड लाइन का इस्तेमाल करें। इससे आंखें लंबी और खुली नजर आती हैं। क्रीज एरिया पर मीडियम टोन आईशैडो लगाएं क्रीज एरिया पर मीडियम टोन आईशैडो लगाने के लिए, पहले एक साफ और तैयार पलक पर आईशैडो प्राइमर लगाएं। इसके बाद ब्राउन, टॉपी या मीडियम टोन शेड्स का इस्तेमाल क्रीज लाइन पर करें और अच्छी तरह ब्लेंड करें। यह आंखों को डेप्थ देता है, जिससे वे ज्यादा बड़ी और डीप लगती हैं। आईब्रो को सही शेप दें आईब्रो का अच्छा आर्च शेप आंखों को उठे हुए लुक में मदद करता है। साफ-सुथरी, घनी और संतुलित आईब्रो आंखों की फ्रेमिंग को बेहतर बनाती हैं। कंसीलर से डार्क सर्कल छुपाएं डार्क सर्कल्स आंखों को छोटा और थका हुआ दिखाते हैं। अच्छे कंसीलर से अंडरआई एरिया को ब्राइट करें, जिससे आंखें फ्रेश और बड़ी लगें। फॉल्स लैशेज का सहारा लें (ऑप्शनल) अगर किसी खास मौके पर ड्रमैटिक लुक चाहिए, तो नेचुरल लुक वाली फाल्स आईलैशेज लगाएं। इससे आपकी आंखें इंस्टेंटली बड़ी और ग्लैमरस दिखेंगी।

Galaxy S26, S26+ और S26 Ultra: भारत में कीमतें और Snapdragon vs Exynos चिपसेट का मुकाबला

मुंबई  स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung ने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में भारत और ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है. इस लाइनअप में Galaxy S26, Galaxy S26+ और Galaxy S26 Ultra मॉडल शामिल हैं. टॉप-स्पेक Galaxy S26 Ultra, Galaxy के लिए कस्टमाइज़्ड Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आता है. इसके अलावा, इसमें अपग्रेडेड 200MP क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसके साथ ही, स्टैंडर्ड और Plus वेरिएंट 2nm Exynos 2600 चिपसेट से लैस हैं और इनमें 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. नया लाइनअप Samsung के वन UI 8.5 इंटरफ़ेस के साथ एंड्रॉयड 16 पर चलता है. साउथ कोरियन कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप के साथ नई Galaxy Buds4 सीरीज़ को भी बाजार में उतारा है. दोनों TWS में ट्रांसपेरेंट क्लैमशेल-टाइप क्रैडल चार्जिंग केस और इयरपीस पर पिच कंट्रोल एरिया दिया है. जहां Buds4 Pro में Enhanced ANC के साथ Adaptive ANC मिलता है, वहीं Buds4 में सिर्फ Enhanced ANC दिया गया है. Pro मॉडल हैंड्स-फ्री जेस्चर कंट्रोल और नए चौड़े वूफर के साथ भी आता है. Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत नए Samsung Galaxy S26 Ultra तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट में आता है. इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये है, जबकि 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,59,999 है. इसके अलावा, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये रखी गई है. वहीं, Samsung Galaxy S26 और Galaxy S26+ की बात करें तो ये 12GB RAM के साथ आते हैं. स्टैंडर्ड मॉडल के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 87,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,07,999 रुपये रखी गई है, जबकि Plus वेरिएंट के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,19,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है. पूरी Galaxy S26 सीरीज़ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसमें कोबाल्ट वायलेट, व्हाइट, ब्लैक और स्काई ब्लू जैसे शेयर किए गए कलर ऑप्शन हैं. यह डिवाइस पिंक गोल्ड और सिल्वर शैडो कलर में भी खास तौर पर Samsung.com पर उपलब्ध होगा. यह लाइनअप Samsung.com, Amazon, Vijay Sales और Croma जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है. शुरुआती डिलीवरी 6 मार्च, 2026 से शुरू होगी. जो लोग नई स्मार्टफोन सीरीज़ को प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें फ्री स्टोरेज अपग्रेड मिलेगा, जिसमें 256GB वेरिएंट के बजाय 512GB स्टोरेज मॉडल मिलेगा और 20,000 रुपये की बचत होगी. Samsung खरीद पर 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI और Ultra वेरिएंट की खरीद पर 9,000 रुपये तक का कैशबैक भी दे रहा है. Samsung Galaxy S26 सीरीज में क्या है नया Galaxy S26 सीरीज़ में हल्का और स्लीक डिज़ाइन मिलता है, जिसमें गोल कर्वेचर और पूरे लाइनअप में एक जैसी डिज़ाइन पहचान है. Galaxy S26 Ultra अपने पिछले मॉडल से 0.3 mm पतला है और इसका वज़न 214 ग्राम है. Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ अपना नया प्राइवेसी डिस्प्ले भी पेश किया है, जो अलग स्क्रीन प्रोटेक्टर की ज़रूरत के बिना साइड-एंगल व्यूइंग को लिमिट करता है. डिस्प्ले सामने से क्लियर रहता है, जबकि साइड से विज़िबिलिटी को कम कर देता है, ताकि आस-पास देखने वालों से ऑन-स्क्रीन कंटेंट को बचाने में मदद मिल सके. Samsung का कहना है कि, "यूज़र्स ज़्यादा आसानी के लिए प्राइवेसी डिस्प्ले को साइड बटन के डबल-प्रेस फ़ंक्शन पर भी असाइन कर सकते हैं." "साइड से देखने पर भी, कंटेंट छिपा रहता है — जिससे यह भीड़-भाड़ वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लिफ्ट में खास तौर पर काम आता है." Galaxy S26 सीरीज़ पर Galaxy AI में बेहतर कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस है और इसमें Now Nudge नाम का एक नया फ़ीचर भी है, जिसका मकसद कॉन्टेक्स्ट में ज़रूरी जानकारी दिखाकर ऐप स्विचिंग को कम करना है. उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त मैसेजिंग ऐप पर शाम के प्लान के बारे में पूछता है, तो Galaxy AI कैलेंडर चेक करता है, कॉन्फ्लिक्ट का पता लगाता है, और एक खास 'Nudge' पॉप-अप दिखाता है. Galaxy S26 सीरीज़ Bixby, Gemini और Perplexity के साथ अपने AI इकोसिस्टम को भी बढ़ाती है, जिससे इसे खास सेटिंग्स को एडजस्ट करने के लिए नेचुरल लैंग्वेज कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है, बिना उनका सही नाम जाने भी. उदाहरण के लिए, 'मेरी आंखें थकी हुई लग रही हैं' कहने पर Bixby आई कम्फर्ट शील्ड को एक्टिवेट करने का सुझाव देगा. Galaxy S26 Ultra vs Galaxy S26+ vs Galaxy S26: स्पेसिफिकेशन कैटेगरी Galaxy S26 Ultra Galaxy S26+ Galaxy S26 डिस्प्ले 6.9-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.7-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.3-इंच FHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz विशेष डिस्प्ले फीचर 10-bit कलर, प्राइवेसी डिस्प्ले (30° रेस्ट्रिक्शन) — — प्रोटेक्शन कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2 प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 (Galaxy कस्टम) Exynos 2600 Exynos 2600 RAM 16GB तक 12GB 12GB स्टोरेज विकल्प 1TB तक 256GB / 512GB 256GB / 512GB सॉफ्टवेयर One UI 8.5 (Android 16) रियर कैमरा 200MP + 50MP (5x) + 50MP (UW) + 10MP (3x) 50MP + 10MP (3x) + 12MP (UW) फ्रंट कैमरा 12MP बैटरी 5,000mAh 4,900mAh 4,300mAh वायर्ड चार्जिंग 60W 45W 25W वायरलेस चार्जिंग सुपर फास्ट वायरलेस चार्जिंग फास्ट वायरलेस चार्जिंग 2.0 Samsung Galaxy Buds4 सीरीज के स्पेसिफिकेश और फीचर्स भारत में Samsung Galaxy Buds4 की कीमत 16,999 रुपये रखी गई है, जबकि बेहतर Galaxy Buds4 Pro की कीमत 22,999 रुपये है. दोनों TWS 11 मार्च, 2026 से Amazon और Samsung India ऑनलाइन स्टोर से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे. Galaxy Buds4 ब्लैक और व्हाइट कलर में पेश किया गया है, जबकि Galaxy Buds4 Pro एक एक्स्ट्रा पिंक गोल्ड कलर ऑप्शन में मिलेगा. Galaxy Buds4 Pro में कैनाल-फिट आर्किटेक्चर, एक नया इंजीनियर्ड चौड़ा वूफर है, जो स्पीकर एरिया को लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा करता है, और रिच बेस और डिटेल्ड ट्रेबल के लिए टू-वे स्पीकर सिस्टम है, जिसमें 24-bit/96kHz हाई-फाई ऑडियो का सपोर्ट है. इसमें बेहतर Adaptive EQ और Adaptive ANC भी मिलता है, जो कान के आकार और पहनने की कंडीशन के आधार पर समझदारी से एडजस्ट होते हैं, साथ ही हेड जेस्चर कंट्रोल और Bixby, Google Gemini, और Perplexity जैसे AI असिस्टेंट के लिए हैंड्स-फ्री एक्सेस भी है. Galaxy Buds4 में ओपन-फिट डिज़ाइन … Read more

ऑनलाइन स्कैम से डर खत्म! ChatGPT को बनाएं पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड, जानें पूरा सेटअप तरीका

नई दिल्ली तमाम उपलब्ध AI चैटबॉट्स में ChatGPT का इस्तेमाल भारतीय सबसे ज्यादा करते हैं। हालांकि कम ही जानते हैं कि वे ChatGPT का इस्तेमाल अपने और फोन के सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भी कर सकते हैं। बशर्ते इसके लिए जरूरी सेटअप करना आता हो। दरअसल आप ChatGPT में ही Malwarebytes के फीचर्स का फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में यह बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप के आपके फोन में मौजूद फर्जी लिंक और स्कैम मैसेज को खुद पहचानकर निकाल सकता है। दरअसल कुछ समय पहले ही ChatGPT ने कुछ ऐप्स का खुद में इंटीग्रेशन किया था। ऐसे में उन ऐप्स के फीचर्स का लाभ आप ChatGPT से ही उठा सकते थे। इसी की वजह से अब आप ChatGPT के जरिए किसी भी संदिग्ध मैसेज या स्पैम गतिविधि का पता लगा सकते हैं। क्या है Malwarebytes? Malwarebytes एक डिवाइस प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर है, जो कि 20 साल से पुराना ऐप है और इंफेक्टेड डिवाइसेज को क्लीन करने और यूजर्स को संभावित स्पैम से अलर्ट करने के मामले में सबसे भरोसेमंद समझा जाता है। इसका इस्तेमाल अब आप अलग से इसके ऐप या सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल किए बिना ही, सीधा ChatGPT के जरिए कर सकते हैं। ChatGPT में Malwarebytes को कैसे सेटअप करें? ChatGPT में इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको:     पहले ChatGPT अकाउंट में लॉग इन करें।     अब सेटिंग्स में ऐप्स पर टैप करें।     यहां ऐप स्टोर पर Malwarebytes को सर्च करें।     ऐप मिल जाए, तो Connect पर क्लिक करें।     इंटीग्रेट होने पर आप स्कैम और लिंक चेक रन कर सकते हैं। ChatGPT से कैसे स्कैन करवाएं फोन? ChatGPT से अपना फोन या कोई और डिवाइस स्कैन करवाने के लिए तीन तरीके अपना सकते हैं।     पहला तरीका: @malwarebytes लिखें और उसे निर्देश दें, जैसे कि @malwarebytes, is this email a scam?     दूसरा तरीका: ChatGPT में लिखें कि Malwarebytes, is this a scam? और इसके बाद उस टेक्स्ट, लिंक या फोन नंबर को पेस्ट कर दें, जिस पर आपको शक हो।     तीसरा तरीका: आप + बटन पर क्लिक करके ड्रॉप-डाउन मेन्यू से Malwarebytes को चुनकर स्कैन रन करें।

स्मार्टफोन यूज़र्स को झटका: Samsung A–F सीरीज महंगी, OnePlus 15R के दाम बढ़ने के संकेत

नई दिल्ली स्‍मार्टफोन ब्रैंड सैमसंग ने अपनी A और F सीरीज की डिवाइसेज को महंगा कर दिया है। टिप्‍सटर अभिषेक यादव ने यह जानकारी शेयर की है। बताया है कि आने वाले दिनों में OnePlus 15R के दाम भी करीब 4 हजार रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि वनप्‍लस की तरफ से आध‍िकारिक जानकारी इस बारे में नहीं आई है। बताया जा रहा है कि Samsung Galaxy A56, A36 और Galaxy F17 5G के मॉडलों की कीमत बढ़ाई गई है। बढ़े हुए दाम 25 फरवरी से लागू हो गए हैं। आइए जानते हैं कौन सा मॉडल कितना महंगा हुआ है। Smartphones A और F सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी टिप्‍सटर पर भरोसा किया जाए तो Galaxy A56 (8/256) की कीमत अब 44,999 रुपये हो गई है। इसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। Galaxy A56 (12/256) के दाम अब 48,999 रुपये हो गए हैं। इसमें 2 हजार रुपये की बढ़ाेतरी हुई है। Galaxy A36 (8/256) मॉडल की कीमत 36,499 रुपये हो गई है जो पहले से 1 हजार रुपये अधिक है। Galaxy A36 (12/256) के दाम अब 40,499 रुपये हो गए हैं जो 2 हजार रुपये पहले से ज्‍यादा हैं। वहीं, Galaxy F17 5G (4/128) मॉडल के दाम अब 16,499 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (6/128) के दाम अब 17,999 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (8/128) के दाम अब 19,999 रुपये हो गए हैं। इन्‍हें 1,500 रुपये बढ़ाया गया है। OnePlus 15R भी होगा महंगा? टिप्‍सटर के दावों पर भरोसा किया जाए तो OnePlus 15R को भी महंगा किया जा सकता है। यह स्‍मार्टफोन वनप्‍लस की सबसे लेटेस्‍ट लॉन्‍च ड‍िवाइस है। भारत में इसे 47,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब कहा जा रहा है कि कंपनी 1 मार्च के इसके दाम बढ़ा सकती है। अभिषेक यादव ने अपडेटेड MOPs शेयर किए हैं। दावा है कि वनप्‍लस 15R को 4 हजार रुपये महंगा किया जा सकता है, जिसके बाद फाेन के दाम 51999 रुपये हो जाएंगे। यह 256 जीबी मॉडल की कीमत होगी। वहीं, 512 जीबी मॉडल के दाम बढ़ाकर 56999 रुपये किए जा सकते हैं। क्‍यों बढ़ रहे स्‍मार्टफोन्‍स के दाम? स्‍मार्टफोन्‍स की कीमतें बढ़ने की प्रमुख वजह रैम और स्‍टोरेज है। इनके दाम में बढ़ोतरी हो रही है। एआई के कारण दुन‍ियाभर की कंपनियां धड़ाधड़ रैम और स्‍टोरेज के लिए ऑर्डर दे रही हैं। हाल ही में WD यानी वेस्‍टर्न डिजिटल ने बताया था कि उसके पास स्‍टोरेज के अगले 1 साल के ऑर्डर आ गए हैं। इसका असर स्‍मार्टफोन की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।

WhatsApp का नया अपडेट: सिम कार्ड हटाते ही होगा ऐप बंद, जानें नया नियम

 नई दिल्ली WhatsApp प्लेटफॉर्म ने सिम बाइडिंग सर्विस को शामिल किया है और लेटेस्ट बीटा अपडेट में इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. ये जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. दरअसल, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार के रसंचार विभाग ज्यादातर OTT ऐप्स के लिए SIM-Binding नियम का ऐलान किया है.  Wabetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि मैसेजिंग ऐप ने न्यू रेगुलेशन के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम सिम बाइंडिंग है. इसकी मदद से WhatsApp अकाउंट सेफ रहेगा और एक्टिव सिम कार्ड पर ही काम करेगा.  WhatsApp beta के Android 2.26.8.6 अपडेट में पता चलता है कि वह भारत के मेंडेटरी सिम लिंक रूल्स पर काम कर रहा है.  सिम बाइडिंग नियम क्या है? SIM-Binding, असल में एक ऐसी सर्विस है कि कोई भी मैसेजिंग या कम्युनिकेशन ऐप उसी SIM कार्ड के साथ काम करेगा, जिस नंबर से वह रजिस्टर है. स्मार्टफोन से जैसे ही सिम निकाली या बदली जाती है तो WhatsApp भी काम करना बंद कर देगा. UPI ऐप्स में सिम बाइडिंग की सुविधा पहले से है.  WhatsApp चलाने के लिए चाहिए होगी एक्टिव सिम कार्ड. (Unsplash) Wabetainfo का पोस्ट  Wabetainfo ने एक स्क्रीनशॉट्स जारी किया है, जो पोस्ट में देखा जा सकेगा. इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप भारत में नए नियमों को फॉलो करने के लिए तकनीकी उपाय लागू करेगा. WhatsApp पर मौजूदा समय सिस्टम   मौजूदा समय में यूजर्स समय-समय पर 6 डिजिट के वेरिफिकेशन कोड को एंटर करके WhatsAppको यूज कर सकते हैं. एक बार लॉगइन करने के बाद सिस्टम यह चेक नहीं करता है कि सिम एक्टिव है या नहीं. सिम बाइडिंग के साथ ऐसा नहीं होगा.  भारत सरकार का मकसद  भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, सिम बाइडिंग सिस्टम डिसकनेक्टेड हो चुके हैं नंबर या फिर दोबारा सेल किए गए फोन के नंबर के मिसयूज को रोकना है. साइबर स्कैमर्स पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी. 

चार्ज खत्म ही नहीं होता? 10001mAh बैटरी वाले Realme P4 Power ने टेस्टिंग में किया हैरान

नई दिल्ली कोई फोन कितना पावरफुल हो सकता है, यह मुझे Realme P4 Power ने बता द‍िया। जब डिवाइस लॉन्‍च हुई थी तो सबसे ज्‍यादा चर्चा इसकी बैटरी की रही। 10001mAh के साथ यह भारत का सबसे बड़ी बैटरी वाला फोन है। मैंने भी इसकी बैटरी को जमकर टेस्‍ट किया। मेरी टेस्टिंग में यह लगातार 49 घंटे और 44 मिनटों तक टिका रहा। यह मेरे ल‍िए चौंकाने वाला था। आजतक किसी भी स्‍मार्टफोन की बैटरी मेरे र‍िव्‍यू में इतनी देर नहीं चली है। लेकिन फोन खरीदते वक्‍त क्‍या सिर्फ बैटरी ही देखी जाए? बाकी मामलों में कैसा है Realme P4 Power, आइए जानते हैं।  कैसे किया बैटरी टेस्‍ट Realme P4 Power की बैटरी को टेस्‍ट करने से पहले मैंने फोन को फुल चार्ज कर लिया था। चार्जिंग में रहते हुए ही मैंने फोन की ब्राइटनैस को 50% पर सेट कर दिया। वॉल्‍यूम जीरो कर दिया और बैटरी पावर सेविंग मोड को बंद कर दिया। मैंने Youtube पर एक ऑनलाइन वीड‍ियो न‍िकाला जो 100 घंटों का था। उसे मैंने अधि‍कतम रेजॉलूशन पर सेट किया और ऑनलाइन वीडियो प्‍ले कर दिया। अब मैं फोन को चार्जिंग से हटा चुका था। मेरे तय किए गए सभी पैरामीटर्स के साथ यूट्यूब वीड‍ियो पूरे दो दिनों तक नॉनस्‍टॉप चलता रहा। पहले 24 घंटों में बैटरी 47% बच गई थी। कुल मिलाकर फोन 49 घंटे और 44 मिनटों बाद स्‍व‍िच्‍ड ऑफ हुआ। बैटरी कितनी दमदार? Realme P4 Power की बैटरी पर मुझे जरा भी शक नहीं है। अगर ऑनलाइन स्‍ट्रीमिंग में यह फोन दो दिनों से ज्‍यादा चल सकता है तो निश्‍चित रूप से डाउनलोडेड वीड‍ियाे के साथ इसकी बैटरी और भी लंबी चलेगी। इसके अलावा मैंने इस बैटरी को रोजाना इस्‍तेमाल में भी परखा। मैं एक एवरेज यूजर हूं जो दिन में 5 से 6 घंटे मोबाइल पर व्‍यस्‍त रहता है। एक बार फुल होने के बाद इसने मुझे ढाई दिन का बैकअप दिया। अगर आप हैवी यूजर हैं यानी गेमिंग वगैरह अध‍िक करते हैं, तब भी फोन की बैटरी आराम से दो दिन चल जाएगी। कितनी देर में चार्ज होता है फोन? यह फोन 80W की अल्‍ट्रा चार्जिंग को सपोर्ट करता है। मेरी टेस्टिंग के दौरान यह लगभग दो घंटे में फुल चार्ज हुआ। मुझे पर्सनली ऐसा लगता है कि अगर कंपनी सबसे बड़ी बैटरी दे रही है तो उसे चार्जिंग भी सबसे ज्‍यादा देनी चाहिए थी। तब यह फोन अपनी बैटरी और चार्जिंग पावर से ‘सोने पे सुहागा’ हो जाता। ड‍िजाइन और डिस्‍प्‍ले यह फोन तीन कलर्स- ट्रांस सिल्‍वर, ट्रांस ऑरेंज और ट्रांस ब्‍लू में आता है। फोन का डिजाइन नीचे से क्‍लीन और डिसेंट और टॉप में जालीदार पैटर्न लिए हुए है। कंपनी ने इसे गेमिंग टच देने की कोशिश की है। 219 ग्राम वजन के साथ मैं इसे बहुत भारी नहीं कहूंगा, क्‍योंकि इसमें बहुत बड़ी बैटरी है। वजन कंट्रोल करने के लिए कंपनी ने बैक और साइड फ्रेम में प्‍लास्टिक इस्‍तेमाल किया है। हालांकि यह सस्‍ता या चीप टाइप नहीं दिखता है। फोन में 6.7 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले है। यह फुल एचडी प्‍लस रेजॉलूशन ऑफर करता है। 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट के साथ यह गेमर्स के ल‍िए भी आइडल चॉइस लगता है। मुझे फोन के डिस्‍प्‍ले कलर्स, कॉन्‍ट्रास्‍ट और शार्पनेस डिसेंट लगी। फोन में कंटेंट स्‍ट्रीम करने का अनुभव भी शानदार रहा। मेरी आंखें इसके कलर्स के साथ जल्‍दी एडजस्‍ट हो गई थीं। परफॉर्मेंस मीडि‍याटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्‍ट्रा 5G चिपसेट से पावर्ड मेरी यूनिट में 12GB रैम थी। टेस्टिंग के दौरान इसने मुझे स्‍मूथ परफॉर्मेंस दी। ऐप्‍स तेजी से ओपन और बंद हो रहे थे। मल्‍टीटास्‍क‍िंग में भी लैग या हैंग जैसी रुकावट नहीं आई। हालांकि बहुत अधिक हैवी गेमिंग पर कुछेक फ्रेम जरूर ड्रॉप हुए, लेकिन इतना तो चलता है। ओवरऑल परफॉर्मेंस में यह फोन न‍िराश नहीं करेगा। डेली काम आप बिना अटके कर पाएंगे। UFS 3.1 के साथ फाइल ट्रांसफर भी स्‍मूथ होता है। कैमरा कैमरा वह पॉइंट है जहां में रियलमी पी4 पावर को ओके-ओके कहूंगा। इसका 50MP का मेन बैक कैमरा डेली यूज में ठीक फोटो लेता है। 8MP का अल्‍ट्रावाइड कैमरा भी र‍िजल्‍ट दे जाता है। 16MP के सेल्‍फी कैमरे से पसंद आने वाली फोटो क्‍ल‍िक होती हैं लेकिन कोई वाव फैक्‍टर इसके कैमरों में नहीं है। टेलीफोटो लेंस या पेरिस्‍कोप कैमरा जैसी चीजें नहीं हैं। फ्रंट कैमरा में 4K वीड‍ियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलती, जो मुझे इस फोन की बड़ी कमी लगी। अगर आप कैमरा लवर हैं और अच्‍छे कैमरा वाला फोन तलाश रहे हैं तो आपको Realme P4 पावर की जगह कुछ और ढूंढना चाहिए।