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Holi 2026: ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी राहत, स्पेशल ट्रेनें चलेंगी इन रूट्स पर

जम्मू आगामी होली पर्व के अवसर पर जम्मू मंडल के यात्रियों और यहाँ आने व जाने वाले पर्यटकों की सुविधा हेतु, मंडल रेल प्रबंधक, श्री विवेक कुमार के निर्देशन में रेलवे और प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए, जम्मू मंडल ने विशेष  ट्रेनों के संचालन और स्टेशनों पर सुरक्षा व नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। जिससे कि यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।  होली के दौरान यात्रियों को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए, विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं, जिसमें नई Delhi-Varanasi के लिए विशेष तौर पर चलाई जा रही हैं।  ये ट्रेनें उन लोगों के लिए लाइफ़लाइन हैं, जिनकी रेगुलर बुकिंग हफ़्तों पहले ही खत्म हो जाती है, तथा ट्रेन संख्या 12426 में दिनांक 02 मार्च को 3rd AC का अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा, व ट्रेन संख्या 13152  में सामान्य श्रेणी का एक कोच जोड़ा गया हैं। जम्मू मंडल में होली के दौरान विशेष निगरानी हेतु, 24 घंटे 'वाॅर रूम' स्थापित किया गया है, जो आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने के लिए काम करता हैं। महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों वाई फाई की सुविधा 24 घंटे प्रदान की जा रही हैं, जिससे की यात्री डिजिटल भुगतान व ट्रेनों की सही जानकारी मिल सके।  होली के त्योहार पर यात्रियों के हित में रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री उचित सिंघल ने बताया, " कि जम्मू मंडल ने यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर व उनकी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए विभिन्न तरह के कदम योजनाबद्ध तरीके से उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में यात्रियों को विशेष ट्रेनों से लेकर मूलभुत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा हैं। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, कि होली के त्योहार से पहले जम्मू और कटरा का फूटफोल लगभग 50 हजार था, जो कि अभी तक बढ़ कर लगभग 58 हजार हो गया हैं। साथ ही वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को यात्रियों के साथ सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया हैं।" इसके अलावा जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के संबंध में विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जैसे जम्मू मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर त्योहारों की भारी भीड़ से निपटने के लिए एक मल्टी-टियर स्ट्रैटेजी अपनाई है। 1. सबसे पहले रेलवे स्टेशनों की उच्चस्तरीय लेबल पर निगरानी की जा रही हैं, साथ ही स्टेशनों पर यात्रियों के खानपान आपूर्ति हेतु संबंध में संबंधित खानपान स्टालों को निर्देश दिए गए हैं। 2. स्टेशनों पर लगातार पीने के पानी की सप्लाई और किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए मोबाइल मेडिकल बूथ व हेल्प डेस्क  लगाए गए हैं। 3. रेलवे काउंटरों पर लंबी लाइनों को कम करने के लिए डिजिटल-फर्स्ट तरीके पर ज़ोर दे रहा है। पैसेंजर्स को अनरिज़र्व्ड टिकट के लिए m-UTS व 'रेलवन' ऐप इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और  पब्लिक अनाउंसमेंट भी किया जा रहा हैं। 4. होली के दौरान सेफ्टी सबसे ज़रूरी है। रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया है। 5.  स्टेशनों के हर कोने पर हाई-डेफ़िनिशन CCTV नेटवर्क से नज़र रखी जा रही है। तथा CCTV व  कंट्रोल रूम में रेलवे सुरक्षा बल व वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 6.  बिना टिकट यात्रा व अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ स्पेशल टिकट-चेकिंग ड्राइव ज़ोरों पर हैं। रेलवे स्टेशनों के प्रवेश द्वार पर रेलवे सुरक्षा बल और टिकट चेकिंग स्टाफ को तैनात किया है।

ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ा हमला, भारतीय नाविक भी फंसे

ईरान मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान के बीच जारी जंग से तनाव चरम पर पहुंच गया है। अली खामेनेई की मौत से दुनियाभर के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, ओमान ने रविवार को कहा कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट में एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें उसमें सवार चार नाविक घायल हो गए। इसमें सवार क्रू के सदस्य भारतीय भी थे। सरकारी न्यूज एजेंसी ने कहा कि हमला पलाऊ के झंडे वाले स्काइलाइट नाम के जहाज को निशाना बनाकर किया गया। इसने क्रू के सदस्यों को भारतीय और ईरानी बताया। हालांकि, यह साफ नहीं है कि जहाज पर किसने हमला किया, लेकिन यह तब हुआ जब अधिकारियों ने कहा कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, ईरान रेडियो के जरिए स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकी दे रहा है। यह स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण है कि यहीं से दुनियाभर को लगभग 20 फीसदी तेल जाता है। समुद्री अधिकारियों और ईयू नेवल मिशन के एक अधिकारी के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को चेतावनी दी है कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत नहीं है। इस पतले पानी के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को, जो दुनिया के तेल एक्सपोर्ट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, रेडियो ट्रांसमिशन मिले हैं जिसमें उन्हें ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष के बीच ट्रांजिट से बचने के लिए कहा गया है। हालांकि तेहरान ने औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इंश्योरेंस कंपनियां युद्ध-जोखिम प्रीमियम बढ़ा रही हैं, और बड़ी शिपिंग कंपनियों ने शिपमेंट रोक दिए हैं। ग्लोबल एनर्जी मार्केट और समुद्री सुरक्षा अब काफी दबाव में हैं।

ईरान की राजधानी दहली, कई विस्फोटों से हड़कंप; इजरायल ने ली जिम्मेदारी

तेहरान ईरान के सु्प्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल ने तेहरान में फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। रविवार को तेहरान में एक के बाद एक कई धमाके हुए। इजरायल ने इन हमलों को शहर के दिल पर किया गया हमला बताया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत के बाद इजरायल ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान में फिर से हमले तेज कर दिए। राजधानी में एक के बाद एक कई धमाके किए गए। इजरायल का कहना है कि वह शहर के दिल को टारगेट कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा, "IDF तेहरान के बीचों-बीच ईरानी आतंकी शासन से जुड़े ठिकानों पर हमला कर रही है।'' पिछले दिन, इजरायली एयर फोर्स ने हवाई बढ़त बनाने और तेहरान तक का रास्ता बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हमले किए। इससे पहले, ईरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बड़े पैमाने पर बदला लेने की कसम खाने के बाद इजरायल और खाड़ी के अरब देशों में टारगेट पर मिसाइलें दागीं। बहरीन, कतर, अबू धाबी, दुबई समेत कई जगहों पर मिसाइलों से हमले किए गए। सामने आए फुटेज से मिसाइलें गिरने के बाद आसमान में धुआं उठता दिखाई दिया। वहीं, तेहरान में हुए धमाके के बाद आसमान में धुएं का एक बड़ा गुबार उठा। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि टारगेट क्या था। धमाका उस इलाके में टारगेटेड लग रहा था, जो देश के पुलिस हेडक्वार्टर और ईरानी सरकारी टेलीविजन का घर है। इजरायली सेना ने कहा कि वह सेंट्रल तेहरान में टारगेट पर हमला कर रही है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि कोई भी जवाबी कार्रवाई और तनाव बढ़ेगा। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जवाब दिया, “बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जैसा पहले नहीं देखा गया होगा।” बता दें कि जब इजरायल और अमेरिका के इस हमले में खामेनेई के अलावा, डिफेंस काउंसिल की एक मीटिंग पर हुए एयरस्ट्राइक में ईरान के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और डिफेंस मिनिस्टर के साथ-साथ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के हेड और खामेनेई के एक टॉप सिक्योरिटी एडवाइजर भी मारे गए। ईरान के सीनियर अधिकारी अली लारीजानी ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरानी मीडिया ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 'शहादत' के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि लारीजानी ने कहा कि ईरानी देश ने एकता और मजबूती से अमेरिका और इजरायल की योजनाओं को नाकाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि लीडरशिप की गैर-मौजूदगी में संवैधानिक नियम देश को गाइड करेंगे। ईरान के संविधान के आर्टिकल 110 का ज़िक्र करते हुए, लारीजानी ने बताया कि अगर देश में कोई लीडर नहीं है, तो प्रेसिडेंट, ज्यूडिशियरी के हेड, और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल द्वारा चुने गए कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट सदस्य, उत्तराधिकारी चुने जाने तक कुछ समय के लिए लीडर की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल बनाने का प्रोसेस तुरंत शुरू किया जा रहा है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ तो भारत पर बड़ा असर

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है। इसी बीच खबरें हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है। यूरोपियन यूनियन के नेवल मिशन एस्पाइड्स के एक अधिकारी ने कहा कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से वीएचएफ संदेश मिल रहा है। इन संदेशों कहा गया है कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है। सवाल ये हैं कि इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर कितना होगा। साथ ही क्या ईरान का यह कदम भारत की चिंता बढ़ा सकता है। तेहरान लंबे समय से इस्लामी गणराज्य पर किसी भी हमले के जवाब में इस संकरे जलमार्ग को रोकने की धमकी देता रहा है। क्या है होर्मुज जलडमरू मध्य होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। इसे बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधित होगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। होर्मुज के लिए क्या है अंतर्राष्ट्रीय नियम संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, देश अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील (13।8 मील) तक के क्षेत्र पर नियंत्रण रख सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और इसके जहाजरानी मार्ग पूरी तरह से सिर्फ ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यदि यहां तनाव बढ़ने और जहाजों पर पाबंदी लगती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत उछाल आ जाएगा। इसका असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा। दुनिया के लिए बन सकता है सिरदर्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है। इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है। वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए मायने ऊर्जा सुरक्षा भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। मार्ग बाधित होने पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत असर पड़ेगा। महंगाई और चालू खाते पर दबाव तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ता है। प्रवासी भारतीय और व्यापार खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता का असर उनकी सुरक्षा और भारत में आने वाली रेमिटेंस पर पड़ेगा। रणनीतिक कूटनीति भारत के ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में संतुलित कूटनीति और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत के लिए अहम है।  

कौन चुनता है ईरान का सुप्रीम लीडर? पावर, प्रक्रिया और क्यों जरूरी है तुरंत फैसला

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे। मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के 'कमांडर-इन-चीफ' भी होता है। 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए।

ईरान का बड़ा एक्शन! ऑयल टैंकर निशाने पर, भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से बौखलाया ईरान बदला लेने के लिए पूरी ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया है। पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर पर ओमान के मुसंदम पेनिनसुला के पास हमला हुआ। यह हमला देश के दुकम पोर्ट पर ड्रोन हमलों के बाद हुआ। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) ने बताया कि हमले में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। 15 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल शिपिंग के लिए एक रणनीतिक रास्ता है, जिसे दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट बताया गया है। ओमान एमएससी के अनुसार, तेल टैंकर, स्काईलाइट और 20 लोगों के क्रू के साथ चल रहा था, जिसमें 15 भारतीय और पांच ईरानी नागरिक शामिल थे। मुसंदम में खासाब पोर्ट से पांच नॉटिकल मील दूर हुए हमले के बाद क्रू को निकाल लिया गया। एमएससी ने क्या कहा? एमएससी ने एक पोस्ट में कहा, "मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया है कि रिपब्लिक ऑफ (पलाऊ) के झंडे वाले तेल टैंकर (SKYLIGHT) को मुसंदम गवर्नरेट में खासाब पोर्ट से 5 नॉटिकल मील उत्तर में टारगेट किया गया था और टैंकर के सभी क्रू मेंबर्स, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक मिलाकर 20 लोग शामिल थे, उनको निकाल लिया गया है।" यह पहली बार है जब ओमान में या उसके आस-पास किसी टारगेट पर हमला हुआ है। यूएस-इजराइल के मिले-जुले हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद खाड़ी देश एक नए युद्ध में उलझ गए हैं।

सीमा पर तनाव: पुंछ में दिखा पाक ड्रोन, भारतीय सेना की ताबड़तोड़ फायरिंग

जम्मू रविवार तड़के जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराने के लिए फायरिंग की। हालांकि, ड्रोन कुछ देर तक दिगवार इलाके में मंडराने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की ओर लौट गया। जानकारी के मुताबिक, यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है जब सीमा पार से ड्रोन की गतिविधि का पता चलने पर सैनिकों ने फायरिंग की। सेना के जवानों ने सुबह करीब 6.10 बजे दुश्मन ड्रोन को देखा और उसे नीचे गिराने के लिए एक दर्जन से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इसके बावजूद, ड्रोन गोलियों से बच निकला और तुरंत पाकिस्तान की ओर लौट गया। इस घटना के बाद, सेना ने यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है कि ड्रोन द्वारा किसी भी प्रकार के हथियार या नशीले पदार्थों की एयरड्रॉपिंग न की गई हो। 27 फरवरी को भी सैनिकों ने इसी इलाके में एक पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की थी।

खामेनेई के निधन के बाद बवाल: दूतावास के बाहर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई, 8 मारे गए

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान का औद्योगिक शहर कराची रविवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हिंसा उस समय भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न शिया समूहों द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सुल्तानबाद से हुई थी। प्रदर्शनकारी 'माई कोलाची' मार्ग से होते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ वाशिंगटन और तेल अवीव के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी डिप्लोमैटिक जोन के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। फायरिंग और मौतों का मंजर तनाव चरम पर पहुंचने के बाद वाणिज्य दूतावास के अंदर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया था। पाकिस्तान के 'समा टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान हुई फायरिंग में 8 लोगों की जान चली गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों या अमेरिकी दूतावास ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अस्पतालों से मिल रही जानकारी के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। पूरे कराची में फैला तनाव खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही कराची के विभिन्न हिस्सों, जैसे नसीम चौरंगी और अन्य इमामबाड़ों में मातम छा गया, जो जल्द ही गुस्से में बदल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एम.टी. खान रोड और दूतावास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख चौराहों को पूरी तरह सील कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। क्षेत्रीय तनाव का असर कराची में भड़की यह हिंसा उस वैश्विक उबाल का हिस्सा है जो शनिवार को ईरान पर हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है। देर रात तक कराची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अतिरिक्त बल की तैनाती कर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि दूतावास के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है।  

विकास की बड़ी घोषणा: पुडुचेरी के लिए 2700 करोड़, मोदी ने विपक्ष को घेरा

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने 'BEST पुडुचेरी' का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।  

कराची में उग्र प्रदर्शन: खामेनेई की मौत पर अमेरिकी दूतावास के बाहर पुलिस से झड़प

इस्लामाबाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और प्रदर्शनकारियों की कानून-व्यवस्था बलों से झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में खामेनेई की मौत के बाद गुस्सा भड़का। 1989 में आयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशक से अधिक समय तक देश का नेतृत्व किया। पुलिस की कार्रवाई, कई लोग घायल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग घायल हुए। घायलों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल कराची पहुंचाया गया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।