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कांप उठी राजधानी! दिल्ली में 6 साल बाद सबसे ठंडा दिसंबर, पारा गिरने से बढ़ी ठिठुरन

नई दिल्ली  दिल्ली बुधवार को घने कोहरे की चादर में लिपटी रही जिससे दृश्यता का स्तर 50 मीटर से भी नीचे चला गया। दिल्ली हवाई अड्डे पर करीब 150 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। धूप नहीं निकलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में कई जगहों पर कोल्ड डे और कुछ जगहों पर सीवियर कोल्ड डे की स्थिति देखी गई। 6 साल में बुधवार का दिन दिसंबर का सबसे ठंडा दिन के रूप में दर्ज हुआ। यह मौसम का भी सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और गुरुवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है।   ठंड ने तोड़ा 6 साल का रिकॉर्ड मौसम विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़े के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार का दिन दिसंबर महीने के लिए 6 वर्षों में सबसे ठंडे दिन के रूप में रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम है। इससे पहले 2019 में 29 दिसंबर को अधिकतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। किन जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति? बुधवार का दिन दिल्ली में मौसम का सबसे ज्यादा ठंडा दिन रहा। बता दें कि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम होने और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री कम होने पर उसे कोल्ड डे की स्थिति मानी जाती है। अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस से कम हम होने पर सीवियर कोल्ड डे यानी गंभीर शीत दिवस की स्थिति मानी जाती है। बुधवार को सफदरजंग, रिज और आयानगर में शीत दिवस और पालम व लोधी रोड में गंभीर शीत दिवस की स्थिति रही। कल हल्की बारिश, 3 दिन येलो अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ से हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय मध्यम और कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है। दिन में कहीं-कहीं शीत दिवस की स्थिति भी बन सकती है। इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने एक से लेकर 3 तारीख तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों पर हिमपात के बाद गलन भरी सर्दी का पूर्वानुमान है। 150 उड़ानें रद्द, 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित दिल्ली में छाए घने कोहरे का खासा असर विमान सेवाओं पर देखने को मिला है। घने कोहरे के चलते दिल्ली हवाई अड्डे पर लगभग 150 उड़ानों को रद्द कर दिया। दो उड़ानों का मार्ग परिवर्तन भी किया गया। यात्रियों को विमान सेवाओं के संपर्क में रहने और उसी अनुसार यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है। रेल सेवा भी बुरी तरह प्रभावित रही। दिल्ली के अलग-अलग स्टेशनों पर लगभग 100 रेलगाड़ियां देरी से पहुंचीं।  

2026 में मोदी सरकार ने बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी, नासिक से सोलापुर तक अब होगा सुपरफास्ट सफर

नई दिल्ली  देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार को और तेज करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने साल के अंत में महाराष्ट्र और ओडिशा को बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दो बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई. इन फैसलों के तहत 20,668 करोड़ रुपये की लागत से दो अहम हाईवे प्रोजेक्‍ट को मंजूरी मिली है. सरकार के इस फैसले से जहां महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी को नए पंख लगेंगे, वहीं ओडिशा के पिछड़े और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी. 1. महाराष्ट्र: 6 लेन का ग्रीनफील्ड नासिक-सोलापुर कॉरिडोर कैबिनेट के फैसले में सबसे बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के नाम रहा है. सरकार ने नासिक और सोलापुर के बीच एक बिल्कुल नए (ग्रीनफील्ड) 6-लेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है. कुल लागत: 19,142 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 374 किलोमीटर रूट: नासिक फाटा से खेड़ तक (पुणे और अहमदनगर होते हुए) क्यों खास है यह प्रोजेक्ट? अभी नासिक से सोलापुर जाने में लोगों को भारी ट्रैफिक और संकरे रास्तों का सामना करना पड़ता है. यह नया कॉरिडोर एक ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट’ है, जिसका मतलब है कि इसके लिए नई जमीन का अधिग्रहण कर बिल्कुल नया रास्ता बनाया जाएगा. यह मौजूदा सड़कों पर दबाव कम करेगा और शहरों के बीच से गुजरने के बजाय बाईपास के जरिए कनेक्टिविटी देगा. आर्थिक और धार्मिक महत्व यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के दो प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ेगा. नासिक, जो कि अंगूर की खेती और धार्मिक पर्यटन (त्र्यंबकेश्वर, शिरडी के पास) के लिए प्रसिद्ध है, अब सोलापुर जैसे टेक्सटाइल हब से सीधे जुड़ जाएगा. इससे अहमदनगर और बीड जैसे जिलों को भी बड़ा फायदा होगा. माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) की लागत कम होगी और सब्जियों व फलों को मंडियों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी एक अहम हिस्सा बनेगा. 2. ओडिशा: NH-326 का चौड़ीकरण और मजबूती सरकार ने पूर्वी भारत पर भी विशेष ध्यान दिया है. ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण को मंजूरी दी गई है. कुल लागत: 1,526 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 206 किलोमीटर इलाका: मलकानगिरी से कोरापुट तक कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क बनाना नहीं है, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. यह हाईवे ओडिशा के मलकानगिरी और कोरापुट जिलों से गुजरता है, जो वामपंथी उग्रवाद (LWE) या नक्सलवाद से प्रभावित माने जाते रहे हैं. अच्छी सड़कें यहां सुरक्षा बलों की पहुंच आसान बनाएंगी और स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेंगी. यह हाईवे ओडिशा को दो पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इसके चौड़ीकरण से इन तीनों राज्यों के बीच व्यापारिक और सामाजिक आवाजाही सुगम होगी.

एक ओर भारत में विदा हुआ 2025, दूसरी ओर दुनिया में नए साल 2026 का आगाज़

नई दिल्ली  भारत के कई राज्यों में 2025 का आखिरी सूर्यास्त हो चुका है। भगवान जगन्नाथ के शहर पुरी और पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में 2025 में लोगों ने आखिरी बार आज सूर्यास्त देखा। अब नए साल 2026 के दस्तक की तैयारी है। इस बीच न्यूजीलैंड में रात्रि 12 बजे का वक्त हो गया है और नए साल की शुरुआत हो चुकी है। न्यूजीलैंड दुनिया का वह देश है, जहां टाइमजोन के हिसाब से सबसे पहले किसी दिन की शुरुआत होती है। वहीं अमेरिका के हाउलैंड आइलैंड और बेकर आइलैंड में सबसे आखिर में दिन शुरू होता है। ऑकलैंड ने 2026 का स्वागत न्यूजीलैंड की सबसे ऊंची इमारत, स्काई टॉवर से लॉन्च की गई आतिशबाजी के साथ किया। ऑकलैंड में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में मशहूर बॉल ड्रॉप होने से 18 घंटे पहले आधी रात होती है। पांच मिनट के इस शो में 787 फुट ऊंचे स्काई टॉवर की अलग-अलग मंजिलों से 3,500 आतिशबाजी की गई। इससे पहले पैसिफिक आइलैंड देश किरिबाती दुनिया का पहला देश बन गया जिसने 2026 का स्वागत किया। लाइन आइलैंड्स द्वीप में 12 बजते ही दुनिया भर में नए साल के जश्न की आधिकारिक शुरुआत हुई थी। वहीं अगले कुछ घंटों में कई देश नए साल का स्वागत करेंगे। इसकी शुरुआत ओशिनिया के कुछ हिस्सों से होगी। उसके बाद पूर्वी एशिया, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में नए साल का जश्न मनाया जाएगा। जश्न के अलग-अलग रूप भारत समेत कई देशों में जश्न की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अलग-अलग देशों में नए साल को मनाने का अलग-अलग तरीका भी है। जहां स्पेन के लोग अच्छी किस्मत के लिए आधी रात को 12 अंगूर खाकर नए साल का स्वागत करते हैं, वहीं जापान में नए साल के स्वागत में मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं। इसी तरह ब्राजील के लोग नए साल पर सफेद कपड़े पहनते हैं वहीं समुद्र को फूल अर्पित करते हैं। वहीं स्कॉटलैंड में नए साल का जश्न ‘हॉगमने’ के नाम से मनाया जाता है, जिसमें सड़कों पर दावत उड़ाई जाती हैं।  

अंधेरे में उम्मीद का दीया: पीएम मोदी के इस यादगार कथन ने देश को दिया नया संदेश

नई दिल्ली साल 2025 के समापन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के 'मोदी आर्काइव' अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन प्रेरक भाषणों को शेयर किया है, जिनमें उन्होंने देश के भविष्य, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण को लेकर कहा है। 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के कुछ बयानों का ऑडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जैसे ही 2025 खत्म हो रहा है, हम नरेंद्र मोदी के दशकों पहले कहे गए उम्मीद और दृढ़ संकल्प पर उनके यादगार शब्दों को फिर से याद करते हैं।" 'मोदी आर्काइव' की ओर से जारी 2.15 मिनट की वीडियो क्लिप में पीएम मोदी ने शुरुआत में कहा, "मित्रों, जीवन में आशावादी होना चाहिए, निराशा कभी जीवन में आनी नहीं चाहिए और यह तब होता है जब जीवन में सकारात्मक सोच हो।  सकारात्मक सोच की शक्ति पूरे संसार को बदल सकती है। हम सारी दुनिया को नहीं बदल सकते हैं। अगर तूफान आ जाए तो हम समुद्र की लहरों को नहीं मोड़ सकते हैं, लेकिन जिस नाव में बैठे हैं, उस नाव की दिशा को हम बदल सकते हैं और इसे बदलना हम जानते हैं।" एक अन्य भाषण में पीएम मोदी ने कहा, "अगर आपका दिल साफ है, अगर आपके विचारों में स्पष्टता है, अगर आपको कुछ करने का पक्का इरादा है और आपमें सामना करने की हिम्मत है तो मुझे यकीन है कि कुछ भी हासिल कर सकते हैं।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के उस भाषण को भी क्लिप में शामिल किया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था, "जैसे मौसम बदलता रहता है, वैसे ही जिंदगी के उतार-चढ़ाव आते-जाते हैं। बादल कभी आते हैं, कभी चले जाते हैं। कभी-कभी चांद साफ चमकता है तो कभी सूरज साफ नजर आता है। जिंदगी में यह सब कुछ आता है, लेकिन तुम अपने लक्ष्य को पार करते हुए चले चलो, कभी न कभी यश प्राप्त होगा।" इसके अलावा, पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा था, "तमन्ना अच्छे काम करने की होनी चाहिए। पाने की तमन्ना से कुछ करने की तमन्ना शायद अच्छा परिणाम देती है।" देशवासियों के लिए एक नई राह दिखाते हुए पीएम मोदी ने एक भाषण में कहा, "कल कैसी थी, उसके आधार पर आने वाली कल तय नहीं होती है। आने वाली कल के लिए हमारी सोच क्या है, उसके आधार पर आने वाली कल का निर्माण होता है। जो बीती हुई कल पर रोते रहते हैं, वह आने वाली कल को कभी सजा नहीं सकते हैं। हमें तो सकारात्मक रुख लेकर आगे चलना है, कोशिश करनी है, कभी न कभी सफलता मिलेगी और यह मेरा विश्वास है।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के एक शायराना अंदाज को भी उनके बयानों की सीरीज का हिस्सा बनाया है। इसमें पीएम मोदी कहते हैं, "दोस्तों, माना रात अंधेरी है, अंधेरा घना है, लेकिन यारो दीया जलाना कहां मना है। आओ दोस्तो दिया जलाएं, जिस घर में रोशनी नहीं है, वहां घर में रोशनी पहुंचाएं।

SIR मीटिंग में अभिषेक बनर्जी का हंगामा, CEC से हुई तीखी बहस

नई दिल्ली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक के बाद केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश में अब EVM के बजाय 'सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम' के जरिए वोटर लिस्ट (Electoral Rolls) में हेरफेर कर वोट चोरी की जा रही है.  अभिषेक बनर्जी ने कहा कि TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से करीब ढाई घंटे तक मुलाकात की, लेकिन आयोग उनके उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे सका. उन्होंने आरोप लगाया कि 28 नवंबर को भी आयोग से सवाल पूछे गए थे, लेकिन न तब जवाब मिला और न अब. उल्टा, चयनित लीक मीडिया को दिए गए. 'हम निर्वाचित हैं, आप मनोनीत' बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की. लेकिन मैंने उनसे साफ कहा कि उंगली नीचे करके बात करो. आप मनोनीत (Nominated) हैं, जबकि हम निर्वाचित (Elected) प्रतिनिधि हैं. हम किसी के दास या गुलाम नहीं हैं. उन्होंने CEC को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे बैठक की CCTV फुटेज सार्वजनिक करें और मीडिया के सवालों का सामना करें. वोटर लिस्ट में ‘सॉफ्टवेयर खेल’ TMC नेता का दावा है कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ बताई जा रही है, लेकिन आयोग ने अब तक इसकी सूची सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ऐप में गड़बड़ी है, जहां दस्तावेज जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और नाम सॉफ्टवेयर के ज़रिए हटाए जा रहे हैं, वह भी AERO की जानकारी के बिना. उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को घंटों फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बैठाया जा रहा है, जो अमानवीय है. बंगाल को बदनाम करने की कोशिश? अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर बंगाल को बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “अगर 58 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, तो साफ बताया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं. अगर कोई अवैध है तो हम भी उन्हें बाहर करने के पक्ष में हैं, लेकिन झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य 11 राज्यों में SIR चल रहा है, लेकिन बंगाल में सबसे कम डिलीशन होने के बावजूद यहां सबसे ज्यादा सख्ती की जा रही है. विपक्ष को दिया संदेश अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस, AAP और RJD सहित विपक्षी दलों से अपील की कि वे समझें कि वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में इसी तरीके से जीत हासिल कर रही है. अंत में उन्होंने कहा, “पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, अब सरकार तय कर रही है कि वोट डालने कौन जाएगा. लेकिन याद रखिए बीजेपी हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी, संविधान रहेगा. 2026 में बंगाल की जनता फिर बीजेपी को हराएगी.”    

‘हिंदुओं की भावनाओं से बार-बार मत खेलो’ — कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का KKR और IPL पर बड़ा बयान

मुंबई कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने को लेकर शाहरुख खान की टीम केकेआर (KKR) को चेतावनी दी है। IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सीधे तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम लेते हुए कहा कि IPL से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर करो। हिंदुओं की भावनाओं से बार-बार मत खेलो। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हमने कहा था बांग्लादेश का कोई क्रिकेटर नहीं आना चाहिए। मने सर्च करवाया कि किस किस आईपीएल की टीम में बांग्लादेशी है। हमने यहां से जाकर सर्च करवाया कि किस किस टीम में बांग्लादेशी है। एक बांग्लादेशी क्रिकेटर है, मात्र एक, जो आईपीएल में खरीदा गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह खिलाड़ी मुंबई से जुड़ी एक टीम द्वारा खरीदा गया है और इसी बात को लेकर वे नाराजगी जता रहे हैं। देवकीनंदन ने आगे कहा कि आज इस कथा में बैठकर हम उससे यह कह देना चाहते हैं, अगर तुम्हें हिंदुओं से प्रेम है, अगर तुम्हें भारत से प्रेम है और अगर हिंदुओं के मरने का दुख तुमको भी है… तो मिस्टर केकेआर उस खिलाड़ी को बांग्लादेश के खिलाड़ी को अपनी टीम से निकाल कर बाहर करो। तुरंत बाहर करो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे KKR के बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। हीरो बनाने वाले जीरो भी बना सकते हैं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मिस्टर केकेआर भूलना मत, तुमको हिंदुस्तानियों ने हीरो बनाया है। जो हीरो बना सकता है वो जीरो भी बना सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी समय है संभलने और सुधरने का, वरना समय उल्टी दिशा में बहने लगेगा और तब कोई नहीं बचा पाएगा। 9 करोड़ 20 लाख में खरीदा गया है खिलाड़ी अपने बयान में उन्होंने खिलाड़ी की कीमत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को 9 करोड़ 20 लाख में खरीदा गया है। वो पैसा कहां जाएगा? उसका प्रयोग क्या होगा? तमाम हिंदू मारे जाएंगे। उन्होंने दर्शकों से सवाल करते हुए कहा कि अगर KKR ने उस खिलाड़ी की कैंसलेशन नहीं की तो यह बहुत बड़ा खेला होगा।

जश्न में सुरक्षा का भरोसा: न्यू ईयर पर नशे में लोगों को घर छोड़ेगी पुलिस

बेंगलुरु  नववर्ष की पूर्व संध्या (न्यू ईयर ईव) पर होने वाले जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक सरकार ने कड़े और संवेदनशील कदम उठाने का ऐलान किया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अत्यधिक नशे में धुत, चलने-फिरने या होश में न रहने की हालत में पाए जाने वाले लोगों को पुलिस उनके घर तक छोड़ने की व्यवस्था करेगी।   15 जगहों पर बनाए गए ‘रेस्टिंग प्वाइंट’ गृह मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सरकार ने ऐसे लोगों के लिए राज्य में 15 स्थानों पर अस्थायी विश्राम केंद्र (रेस्टिंग प्वाइंट) बनाए हैं। यहां नशे की हालत सामान्य होने तक उन्हें रखा जाएगा, जिसके बाद सुरक्षित रूप से घर भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होगी, बल्कि केवल उन्हीं लोगों के लिए है जो अत्यधिक नशे में हैं, चल नहीं पा रहे हैं या बेहोशी की हालत में पहुंच गए हैं। इन शहरों में ज्यादा सतर्कता जी परमेश्वर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं मुख्य रूप से बेंगलुरु, मैसूरु, हुबली, बेलगावी और मंगलुरु में सामने आती हैं। खासकर बेंगलुरु में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए लोग नववर्ष का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की आशंका बढ़ जाती है। महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जश्न के दौरान किसी महिला की हालत क्या हो सकती है, यह कहना मुश्किल होता है। कोई बेहोशी की स्थिति में हो सकती है और ऐसे समय में किसी भी तरह का दुरुपयोग हो सकता है। इसी कारण राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बार और पब को सख्त निर्देश सरकार ने बार और पब संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति न बने, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। खासतौर पर अधिक भीड़ वाले इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 160 चेकिंग पॉइंट ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों को लेकर जी परमेश्वर ने कहा कि पुलिस ने 160 स्थानों की पहचान की है, जहां सघन जांच होगी। तय सीमा से अधिक शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उसी तरह मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक नशे की हालत में वाहन चलाने से न केवल चालक की जान को खतरा होता है, बल्कि दूसरों की जान भी जा सकती है। यदि दो दिनों तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। बॉडी कैमरा और कमांड सेंटर से सीधा कनेक्शन भीड़भाड़ और संभावित असामाजिक या आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस को बॉडी कैमरा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। ये कैमरे सीधे कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया जा सके। बेंगलुरु में 20,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में की गई सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि नववर्ष 2026 के स्वागत के लिए शहर में 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और ट्रैफिक व भीड़ पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही असुरक्षित ड्राइविंग और अन्य जोखिमों को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार का यह कदम नववर्ष के जश्न को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटनारहित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

सीएम का एलान: हैदराबाद में प्लास्टिक इस्तेमाल पर रोक, ORR क्षेत्र का विकास होगा योजनाबद्ध

हैदराबाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि हैदराबाद शहर को प्रदूषण-मुक्त बनाया जा रहा है… इसके तहत प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने आउटर रिंग रोड (ORR) के तहत 'कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी' (CURE) एरिया को प्लान के हिसाब से डेवलप करने का फैसला लिया है. मंगलवार को CM ने हैदराबाद के कमांड कंट्रोल सेंटर में म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट का रिव्यू किया. इस मौके पर उन्होंने जोनल कमिश्नरों को 'CURE' एरिया की सफाई के निर्देश दिए. CM ने कहा कि शहर में कचरा मैनेजमेंट बहुत मुश्किल हो गया है और वह इसे सुधारने को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने नए जोनल कमिश्नरों को हर दिन फील्ड लेवल पर जाकर समस्याओं को हल करने, तालाबों, नालों और कचरा डंपिंग यार्ड में CCTV कैमरे लगाने… और लगातार स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया. उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई को बेहतर बनाने के लिए महीने में तीन दिन एक खास ड्राइव चलाई जाए और टैंकों और नहरों में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसके लिए, CM ने कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटियों और अपार्टमेंट सोसाइटियों के साथ अच्छे संबंध बनाने की सलाह दी. सरकार ने ‘CURE’ स्कीम के तहत डीजल बसों और ऑटो की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां लाने का फैसला लिया है. टैंकों और नहरों को अतिक्रमण से बचाया जाना चाहिए. जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट, बिजनेस लाइसेंस और दूसरे सर्टिफिकेट ऑनलाइन दिए जाने चाहिए और ट्रांसपेरेंट तरीके से काम किया जाना चाहिए. गुड गवर्नेंस को स्मार्ट गवर्नेंस में बदला जाना चाहिए. हाइड्रा, GHMC और जल मंडली डिपार्टमेंट जनवरी से नहरों से गाद निकालना शुरू कर दें. यह पक्का किया जाना चाहिए कि शहर में काफी स्ट्रीट लाइटें हों. सभी जोन के कमिश्नर मच्छरों को रोकने और फैलने वाली बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाएं. जहां भी कोई समस्या आए, उसे हल करने के लिए एक टोल-फ्री नंबर दिया जाए और शिकायतों पर तुरंत जवाब दिया जाए. अगले पांच साल के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाए. स्पेशल चीफ सेक्रेटरी जयेश रंजन ‘क्योर’ एरिया में अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के बीच कोऑर्डिनेशन के लिए जिम्मेदार होंगे. मीटिंग में लिए गए दूसरे फैसले         ‘क्योर’ एरिया के होटलों में फूड सेफ़्टी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए         सरकारी ऑफिस के लिए जगह दी जानी चाहिए और बिल्डिंग बनाई जानी चाहिए         ऑफिस किराए की बिल्डिंग से सरकारी बिल्डिंग में शिफ़्ट किए जाने चाहिए         ‘क्योर’ एरिया के तालाबों, पोखरों और नहरों की पूरी मैपिंग की जानी चाहिए         बारिश के मौसम में बाढ़ से होने वाली दिक्कतों को रोकने और कब्ज़े हटाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए         बड़े तालाबों को ठीक करके उन्हें सुंदर एरिया में डेवलप किया जाना चाहिए         अगले पाँच सालों में डेवलपमेंट का काम करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाना चाहिए CM रेवंत रेड्डी ने कहा कि शहर का भविष्य तभी बदलेगा जब सब मिलकर काम करेंगे और वह हर महीने एक बार जोनल कमिश्नरों के साथ खुद रिव्यू करेंगे. इस मीटिंग में चीफ सेक्रेटरी (CS) रामकृष्ण राव, चीफ मिनिस्टर के एडवाइजर वेम नरेंद्र रेड्डी, GHMC कमिश्नर आरवी कर्णन, हाइड्रा कमिश्नर एवी रंगनाथ, जोनल कमिश्नर और दूसरे अधिकारी शामिल हुए.

ट्रंप का भरोसेमंद बना पाक सेना प्रमुख! आसिम मुनीर की ‘तरक्की’ से भारत क्यों सतर्क

वाशिंगटन  आज यानी 31 दिसंबर, साल 2025 का आखिरी दिन है। इस साल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने भारत के लिए गहरी चिंता खड़ी कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बार-बार सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की, उन्हें 'माई फेवरिट फील्ड मार्शल' कहा है, और कई मौकों पर ग्रेट फाइटर व हाइली रिस्पेक्टेड जनरल जैसी उपाधियां दी हैं। यह निकटता न केवल पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई दे रही है, बल्कि भारत-अमेरिका रिश्तों में दरार डालने की क्षमता रखती है। भारत के एंगल से देखें तो यह ट्रंप की ट्रांजेक्शनल डिप्लोमेसी का नतीजा है, जहां पाकिस्तान ने चापलूसी, झूठे नैरेटिव और आर्थिक लालच देकर अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने पक्ष में कर लिया है। लेकिन क्या इसके पीछे की हकीकत भारत के लिए खतरे की घंटी है? आइए समझते हैं कि आखिर कैसे पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर 2025 में ट्रंप के पसंदीदा फील्ड मार्शल बन गए।   सबसे पहले समझिए कि यह निकटता कैसे शुरू हुई। अप्रैल 2025 में पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए। भारत ने इसका जवाब 'ऑपरेशन सिंदूर' से दिया- पाकिस्तान के एयरबेस और आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया, लेकिन सैटेलाइट इमेजेस से साफ हुआ कि उसे ही भारी नुकसान हुआ। चार दिन के संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सेना अधिकारी के अनुरोध पर दोनों देशों के DGMO स्तर पर सीधे संपर्क से सीजफायर हुआ। ट्रंप ने इसमें अपना क्रेडिट लिया- दावा किया कि उन्होंने फोन कॉल्स और टैरिफ के जरिए परमाणु युद्ध टाला और एक करोड़ से ज्यादा जिंदगियां बचाईं। भारत ने इसे सिरे से खारिज किया, लेकिन पाकिस्तान ने मौके का फायदा उठाया। भारत लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद को केवल द्विपक्षीय रूप से हल किया जा सकता है। लेकिन मई से, ट्रंप ने बार-बार इस संघर्ष का जिक्र किया है, चार दर्जन से अधिक मौकों पर जोर देकर कहा है कि उन्होंने युद्धविराम में मध्यस्थता की। उन्होंने विभिन्न मौकों पर विमानों को मार गिराने के दावों को भी दोहराया है। पाक पीएम शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी के एक सदस्य ने अल-जजीरा को बताया- भारत के ट्रंप को सीजफायर का श्रेय देने से इनकार करने से एक ऐसा मौका मिला, जिसका आर्मी चीफ मुनीर और PM शरीफ ने तुरंत फायदा उठाया। पूर्व पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर ने भी मई के संघर्ष को निश्चित मोड़ बताया। अमेरिका के लिए कभी सहयोगी, तो कभी खतरनाक देश था पाक पाकिस्तान कभी अमेरिका का एक अहम सहयोगी था और 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में हुए हमलों के बाद उसे एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा दिया गया था। अगले कुछ सालों में रिश्ते खराब हो गए, क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने अमेरिका के तथाकथित आतंक पर युद्ध में इस्लामाबाद पर धोखे का आरोप लगाया। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं देने और हथियारबंद ग्रुप्स को पनाह देने का आरोप लगाया। उनके उत्तराधिकारी, जो बाइडेन ने बाद में पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया। इसी समय, अमेरिकी पॉलिसी तेजी से भारत की तरफ मुड़ गई, जिसे वॉशिंगटन में चीन के संभावित मुकाबले के तौर पर देखा गया, जो पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक पार्टनर है। फिर भी, अपने दूसरे कार्यकाल के सिर्फ दो महीने बाद ही ट्रंप का रुख बदल गया। मार्च में कांग्रेस के एक जॉइंट सेशन को संबोधित करते हुए, उन्होंने अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर एबे गेट बम धमाके के कथित दोषियों में से एक को गिरफ्तार करने के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया। इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक और दर्जनों अफगान नागरिक मारे गए थे, जब अमेरिका अफगानिस्तान से जल्दबाजी में निकल रहा था। फिर शुरू हुआ पाक का चापलूसी वाला दौर भारत के साथ मई में हुए संघर्ष के बाद, मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया, जो पाकिस्तान के इतिहास में यह रैंक पाने वाले दूसरे अधिकारी थे। उसी साल बाद में, एक संवैधानिक बदलाव से चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का पद बनाया गया, जिसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) एक साथ संभालेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में मार खाने के बावजूद मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को शांति का दूत बताया और नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया। यही वह मीठी गोली थी जिसने ट्रंप को प्रभावित किया। जून 2025 में मुनीर को वाइट हाउस में अकेले लंच के लिए बुलाया गया- पाकिस्तानी आर्मी चीफ के लिए ऐतिहासिक पल था। वहां मुनीर ने ट्रंप की चापलूसी की, रेयर अर्थ मिनरल्स, क्रिप्टो डील और ट्रेड ऑफर्स दिए। इसके बाद ट्रंप की प्रशंसा का सिलसिला चला: सितंबर में दूसरी मीटिंग (शरीफ के साथ), अक्टूबर में गाजा पीस समिट में ट्रंप ने मुनीर को फेवरिट फील्ड मार्शल कहा और दिसंबर तक 10 से ज्यादा बार तारीफ की। पाकिस्तान ने इसे अपनी डिप्लोमेटिक कमबैक बताया। पाकिस्तान की रणनीति: चापलूसी और ट्रांजेक्शनल डील्स     पाकिस्तान के लिए मुनीर सोल्जर-डिप्लोमैट बन गए। उन्होंने ट्रंप को:नोबेल का लालच दिया।     बलूचिस्तान के रेयर अर्थ मिनरल्स का ऑफर।     क्रिप्टो और ट्रेड डील्स का वादा।     आतंकवाद विरोध में सहयोग (ISIS-K गिरफ्तारियां)।     गाजा स्टेबलाइजेशन फोर्स में ट्रूप्स भेजने की संभावना (जो अब दबाव बन रहा है)। ट्रंप, जो डील्स के शौकीन हैं, इससे प्रभावित हुए। पाकिस्तान को बेहतर ट्रेड टैरिफ मिले, जबकि भारत पर 50% टैरिफ लगाए गए। क्षेत्रीय और मध्य-पूर्वी संतुलन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान ने 2025 में बांग्लादेश, मध्य एशिया और मध्य-पूर्व में कूटनीतिक सक्रियता बढ़ाई है। सऊदी अरब में मोहम्मद बिन सलमान के साथ हुई रक्षा संधि को वर्ष की सबसे अहम उपलब्धियों में माना जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने गाजा में युद्ध को लेकर ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में शामिल होने की इच्छा भी जताई है। घरेलू राजनीति और आलोचनाएं जहां विदेशी मोर्चे पर पाकिस्तान की सक्रियता बढ़ी, वहीं देश के भीतर आलोचनाएं भी तेज हुईं। मई संघर्ष के बाद मुनीर को फील्ड मार्शल का दर्जा मिला और संवैधानिक संशोधन … Read more

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में संवेदनशील क्षण, खालिदा जिया के जनाजे में शामिल हुए जयशंकर

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख बेगम खालिदा जिया का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके जनाजे में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होने के लिए राजधानी ढाका पहुंचे हैं। इस दौरान जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश पत्र सौंपा। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने जयशंकर और तारिक रहमान की मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा- 'माननीय भारतीय विदेश मंत्री ने ढाका में, भारत सरकार और लोगों की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं। बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक मना रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में उनके योगदान को स्वीकार किया और आगामी चुनाव (फरवरी 2026) के माध्यम से बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव के बाद बांग्लादेश-भारत संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।' तस्वीरों में जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं। खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हुआ था। वह 80 वर्ष की थीं। लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन पर बांग्लादेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है और बीएनपी ने सात दिन का शोक घोषित किया है। आज दोपहर जोहर की नमाज के बाद ढाका के मानिक मिया एवेन्यू और संसद परिसर के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। जनाजे में लाखों लोग उमड़े, जिसमें बीएनपी समर्थक, आम नागरिक और विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे। इसके बाद उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पति पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास जिया उद्यान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच मौजूदा तनाव के बावजूद विदेश मंत्री जयशंकर का ढाका दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि जयशंकर भारत सरकार और जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने तारिक रहमान से मुलाकात कर पीएम मोदी का व्यक्तिगत शोक पत्र सौंपा। पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था और 2015 में ढाका में हुई उनकी मुलाकात को याद किया था। मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। जनाजे में पाकिस्तान की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी शोक संदेश जारी किया। खालिदा जिया बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और देश की राजनीति में दशकों तक प्रभावशाली रहीं। उनके बेटे तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से वापस लौटे हैं और अब बीएनपी की कमान संभाल रहे हैं।