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गोवा हादसे के बाद बड़ा एक्शन: नाइटक्लब संचालकों के खिलाफ हत्या का केस, पुलिस जांच में जुटी

पणजी गोवा में अरपोरा में हुए हादसे के बाद पुलिस ने नाइट क्लब के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया है। गोवा के पुलिस महानिदेशक ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि क्लब के दो मालिकों, मैनेजर, निवेशक, और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। साथ ही क्लब के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि क्लब मालिक फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं जिनकी तलाश की जा रही है। दरअसल, पूरा हादसा शनिवार-रविवार दरमियानी रात का है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की जांच चल रही है। गोवा पुलिस के अनुसार मरने वालों में से 4 टूरिस्ट होने की पुष्टि हुई है और 14 स्टाफ मेंबर थे, जबकि 7 लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई केंद्रीय मंत्रियों ने दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "गोवा के अरपोरा में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की जान जाने से बहुत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं। मैं घायल हुए सभी लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना करता हूं।" गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता और समर्थन देने का आग्रह किया है।

समुद्री सीमा पर चीन की हरकत से टकराया जापान, दोनों देशों में बढ़ी तल्खी

बीजिंग लड़ाकू विमानों पर मिसाइल लॉक लगाने को लेकर जापान और चीन आमने-सामने आ गए हैं। चीनी विमानवाहक पोत लियाओनिंग से उड़ान भरने वाले एक सैन्य विमान ने जापान के ओकिनावा के पास जापानी लड़ाकू विमानों पर अपना ‘रडार लॉक’ कर दिया जिसे लेकर जापान ने चीन से विरोध दर्ज कराया है। ‘रडार लॉक’ का मतलब होता है- किसी सैन्य विमान का अपने रडार को दूसरे विमान या लक्ष्य पर इस तरह केंद्रित करना कि वह उसकी सटीक स्थिति, गति और दिशा पर लगातार नजर रख सके।   जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैन्य विमान जे-15 ने शनिवार को दो बार अलग-अलग समय में जापानी एफ-15 लड़ाकू विमानों पर अपना रडार लॉक किया। मंत्रालय ने कहा कि एक बार दोपहर में लगभग तीन मिनट के लिए और फिर शाम को लगभग 30 मिनट के लिए ऐसा किया गया। मंत्रालय के अनुसार, चीनी विमान से उन जापानी लड़ाकू विमानों पर ‘रडार लॉक’ किया जिन्होंने चीन की ओर से हवाई क्षेत्र के संभावित उल्लंघन के खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा कि जापानी हवाई क्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ और इस घटना से कोई नुकसान होने की भी सूचना नहीं मिली। यह स्पष्ट नहीं है कि ‘रडार लॉक’ करने की घटना में दोनों बार वही चीनी जे-15 विमान शामिल था या नहीं। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने रविवार की सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान ने चीन के समक्ष विरोध जताया और इसे ‘एक खतरनाक कृत्य’ करार देते हुए कहा कि यह सुरक्षित विमान संचालन के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "ऐसी घटना का होना अत्यंत निंदनीय है। हमने चीनी पक्ष के समक्ष सख्त विरोध जताया है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने मांग की है।" चीन ने दी सफाई बता दें कि चीन ने पिछले महीने ही फूजियान एयरक्राफ्ट कैरियर को कमीशन किया है। चीन ने जापान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह केवल आमतौर पर चलने वाला युद्धाभ्यास कर रहा था। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने नेवी चीफ के हवाले से कहा कि चीन ने पहले ही युद्धाभ्यास के बारे में बता दिया था इसके बाद भी जापान ने इसमें दखल दिया। चीन ने कहा कि जापान तत्काल फ्रंट लाइन पर गतिविधियां बंद करें नहीं तो अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक ऐक्शन लिया जाएगा। जून में भी इस तरह का मामला सामने आया था जब चीन का विमान जापान के लड़ाकू विमान के बेहद करीब पहुंच गया था।  

हैदराबाद में बनेगा बाबरी मस्जिद मेमोरियल! सामने आया ऐलान करने वाला नाम

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद में भारी विवाद के बीच बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद अब ग्रेटर हैदराबाद में भी बाबरी मस्जिद मेमोरियल बनाने का ऐलान हो गया है। अयोध्या में मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर तहरीक मुस्लिम शब्बन संगठन ने यह ऐलान किया है। संगठन के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने कहा कि मस्जिद का मेमोरियल कब बनाया जाएगा इसका ऐलान जल्द होगा। उन्होंने कहा कि किसी को बाबर के नाम से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक हथकंडा है। बता दें कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक हुमायूं कबीर ने कहा था कि उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस देश में मंदिर और चर्चा बनवाने की छूट है तो मस्जिद भी बनवाने की आजादी है। राम मंदिर को लेकर क्या बोले मलिक मलिक ने दावा किया है कि तुलसीदास की रामचरित मानस में भी राम मंदिर का कोई जिक्र नहीं किया गया है जबकि यह बाबरी मस्जिद बनने के 60 साल बाद बनी थी। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस में मंदिर को तोड़ने का जिक्र भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अकबर के हमल में हवन पूजा भी होती थी। तुलसीदार और अकबर के बीच भी संवाद था। मान सिंह अकबर के सेना प्रमुख थे। मलिक ने कहा कि इस मुद्दे से देश में विभिन्न धर्मों में भाईचारा खत्म हो गया। बंगाल में मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक टीएमसी से हो गए थे निलंबित बता दें कि मुर्शिदाबादा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर को टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था। हुमायूं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि हिंदुओं ने मस्जिद गिराई थी लेकिन हिंदू भावना को ध्यान में रखकर वहां मंदिर बनाने की परमीशन दी गई। हमने देखा कि सागरदिघी में भी राम मंदिर की नींव रखी गई। इसी तरह संविधान हमें मस्जिद बनाने का भीअधिकार देता है। कबीर ने इस मस्जिद का बजट 300 करोड़ रुपये रखा है। बीजेपी का विरोध बीजेपी ने हूमायूं के इस कदम के कड़ा विरोध किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए इस तरह का प्रोपेगैंडा कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबर बारत की संस्कृति पर हमला करने आया था। उसने गुरु नानक देव को भी बुरा-भला कहा था।  

फ्लाइट संकट खत्म: स्पाइसजेट ने इंडिगो यात्रियों के लिए 22 सेवाओं का ऐलान

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट्स रद्द होने के कारण देश में उपजे गंभीर संकट और यात्रियों की भारी परेशानी के बीच, केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। वहीं, अन्य एयरलाइंस स्पाइसजेट और एअर इंडिया ने यात्रियों को राहत देने के लिए बड़े ऐलान किए हैं। बीते 5 दिनों में 2000 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद आज रविवार (7 दिसंबर) को स्थिति में कुछ सुधार होता दिखाई दिया है। स्पाइसजेट ने चलाई 22 अतिरिक्त उड़ानें यात्रियों की मांग को देखते हुए स्पाइसजेट एयरलाइन ने आज 22 अतिरिक्त फ्लाइट्स (Extra Flights) चलाने का फैसला किया है। ये एक्स्ट्रा उड़ानें दिल्ली, मुंबई, पटना, बेंगलुरू, कोलकाता, आदमपुर एयरपोर्ट से भरेंगी। इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से परेशान लोग अब स्पाइसजेट में बुकिंग करा सकते हैं। एअर इंडिया ने टिकट किराये की सीमा तय की नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आदेश के बाद एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट के मनमाने तरीके से बढ़ाए गए किराये पर रोक लगा दी है।     किराया सीमा (Fare Cap): एयरलाइंस ने अपनी सभी नॉन-स्टॉप डोमेस्टिक फ्लाइट्स में इकोनॉमी टिकट के किराये की सीमा (Fare Limit) निर्धारित कर दी है। अब एयरलाइंस तय सीमा से ज़्यादा दाम नहीं वसूलेंगी।              500 किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया: ₹7,500।         1000 किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया: ₹12,000।         अधिकतम किराया सीमा: ₹18,000। टिकट कैंसिल और बदलाव पर कोई शुल्क नहीं एअर इंडिया ने 4 दिसंबर से लागू टिकटों के लिए बड़ी राहत दी है जिनकी फ़्लाइट 15 दिसंबर तक के लिए शेड्यूल है:     पूर्ण रिफंड: यात्री 8 दिसंबर तक फ्लाइट कैंसिल करा सकते हैं और उन्हें पूरा रिफंड (Full Refund) मिलेगा।     कोई शुल्क नहीं: टिकट कैंसिल होने या बदलने पर कोई शुल्क (No Cancellation/Change Fee) नहीं लिया जाएगा।     बदलाव का तरीका: यात्री 24×7 कॉल सेंटर, ट्रैवल एजेंट, व्हाट्सऐप चैटबोट, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए टिकट में बदलाव या कैंसिल करा सकते हैं। इंडिगो के CEO को DGCA का नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने कड़ा रुख अपनाया है।     कारण बताओ नोटिस: DGCA ने इंडिगो एयरलाइन के CEO को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है और 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।     चेतावनी: नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो एयरलाइन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार के दो अहम आदेश नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन पर FDTL नियमों का सही तरीके से पालन न करने का आरोप लगाते हुए दो अहम आदेश दिए हैं:     यात्री राहत: एयरलाइन यात्रियों को रिफंड दे और मिसिंग लगेज को तलाशकर यात्रियों के घर तक पहुंचाए।     समीक्षा: सरकार अब हर 15 दिन में इंडिगो एयरलाइन के कामकाज, स्टाफ और नई भर्ती की समीक्षा  करेगी। कमियां पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

IndiGo Crisis: उड़ानों में अव्यवस्था पर सख्त सरकार, आज फिर कई फ्लाइट्स रद्द

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन की ओर से बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लगातार परिचालन असफलता के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले रहा है। परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने इंडिगो, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करने का फैसला किया है। वहीं, आज भी इंडिगो की रिकॉर्ड स्तर पर फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं। इंडिगो की लगातार उड़ानों के रद्द होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसी कारण संसदीय समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति जल्द ही इंडिगो के अधिकारियों, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करेगी। समिति की अध्यक्षता जेडीयू सांसद संजय कुमार झा करेंगे। इस बैठक में पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा होगी और सभी पक्षों से जवाब मांगे जाएंगे। समिति यह भी जांच करेगी कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बड़ी संख्या में सांसदों को भी परेशानी हुई, जिनमें इस संसदीय समिति के सदस्य भी शामिल हैं। कई यात्रियों ने अपनी समस्याओं की जानकारी सीधे सांसदों को दी, जिसके बाद इसे गंभीरता से लिया गया। बैठक में यह भी सवाल उठाया जाएगा कि जब बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हो रही थीं, तो एयरलाइन ने अचानक किराए क्यों बढ़ा दिए और इससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों पड़ा। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) या न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है। DGCA का सख्त रुख, इंडिगो CEO को नोटिस उड्डयन नियामक DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्केरस को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। DGCA ने कहा कि बड़े पैमाने पर परिचालन असफलता यह दर्शाती है कि प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है। नोटिस में कहा गया कि फ्लाइट डिसरप्शन का मुख्य कारण संशोधित FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों को लागू करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गईं। DGCA ने इसे Aircraft Rules, 1937 और संबंधित CAR नियमों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया है। साथ ही, यात्रियों की सुविधाओं में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई मामलों में यात्रियों को अनिवार्य जानकारी, भोजन, ठहरने और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं, जो नियमों के खिलाफ हैं। मंत्रालय को इंडिगो के स्पष्टीकरण से संतोष नहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो संकट की जांच के लिए 4 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित की है। अब तक इंडिगो द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। हाई लेवल कमेटी इस पूरे मामले के मूल कारण और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगी। मंत्रालय ने वित्तीय और दंडात्मक कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडिगो CEO की बैठक की, जिसमें DGCA प्रमुख फैज़ अहमद किदवई और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा भी शामिल थे। बैठक में इंडिगो को FDTL नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इंडिगो का बयान: नेटवर्क रीबूट कर रहे हैं इंडिगो ने कहा कि उसने नेटवर्क को रीबूट करने के लिए बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द कीं। एक दिन में 700 से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया और 113 डेस्टिनेशन को जोड़ा गया। एयरलाइन ने कहा कि दिन के अंत तक 1,500 से अधिक फ्लाइट्स ऑपरेट करने की योजना है और 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि सेवाओं का भरोसा फिर से बहाल किया जाएगा। रेलवे ने चलाईं 89 स्पेशल ट्रेनें इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद रेलवे ने 89 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो अगले तीन दिनों में 100 से अधिक ट्रिप्स करेंगी। ये ट्रेनें नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना और हावड़ा जैसे बड़े शहरों को कनेक्ट करेंगी। एयरपोर्ट पर यात्रियों को इन ट्रेनों की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई संभव वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इंडिगो और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है। मंत्रालय ने कहा कि तत्काल प्राथमिकता फ्लाइट ऑपरेशन को सामान्य करना है। इंडिगो को निर्देश दिया गया कि रद्द और देरी हुई फ्लाइट्स का रिफंड समय पर पूरा करें और अलग हुआ सामान 48 घंटे के भीतर पहुंचाएं। बिजनेस क्लास को छोड़कर अन्य टिकटों के किराए 7,500 से 18,000 रुपये के दायरे में अस्थायी रूप से कैप कर दिए गए हैं। इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 5 दिसंबर को केवल 3.7% रहा, जो देश की किसी भी बड़ी एयरलाइन के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। एयरपोर्ट्स पर भारी फ्लाइट कैंसिलेशन 7 दिसंबर को चेन्नई एयरपोर्ट पर 38, दिल्ली एयरपोर्ट पर 86 और कोलकाता एयरपोर्ट पर 41 फ्लाइट्स रद्द हुईं। बेंगलुरु में 150 और हैदराबाद में 115 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टर्मिनल में बड़ी भीड़ नहीं रही, लेकिन बाहर अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई। पी. चिदंबरम ने सरकार और DGCA पर हमला बोला वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इकॉनमी क्लास के किराए को कैप करना सही कदम है। उन्होंने कहा कि इंडिगो संकट एयरलाइन मैनेजमेंट, DGCA और केंद्र सरकार की सामूहिक विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार, जनवरी 2024 में FDTL नियम लागू हुए, लेकिन 23 महीने तक सरकार एयरलाइन को सही तरीके से गाइड नहीं कर पाई।  

चीन की आक्रामक गश्त: ताइवान के नजदीक दिखे सैन्य विमान और नौसैनिक जहाज

 ताइपे ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने रविवार को बताया कि उसके क्षेत्र के आस-पास चीनी सेना (पीएलए) के दो विमान उड़ान भरते हुए और सात नौसैनिक (पीएलएएन) जहाज गतिविधि करते हुए दिखाई दिए। इसी समय एक चीनी गुब्बारा भी देखा गया। मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, आज सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) तक ताइवान के आसपास पीएलए के दो विमानों और पीएलएएन के सात जहाजों की गतिविधि दर्ज की गई। इसी समय एक चीनी गुब्बारा भी पाया गया। ताइवान के रक्ष बलों ने स्थिति की निगरानी और प्रतिक्रिया दी। शनिवार को ताइवान के आसपास चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ गईं। उस दिन चीन के 29 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और छह नौसैनिक जहाजों की गतिविधि देखी गई। इस बीच, जो बाइडन प्रशासन के पूर्व रक्षा अधिकारी एलि रैटनर ने जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बयान को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि ताइवान की रक्षा में जापान के शामिल होने की संभावना पर चीन की प्रतिक्रिया अनुचित है। ताइपे टाइम्स के मुताबिक, एलि रैटनर 2021 से इस वर्ष तक हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के लिए सहायक रक्षा सचिव थे। उन्होंने कहा कि ताइवान पर टिप्पणी कर ताकाइची ने केवल जापान की आधिकारिक नीति दोहराई है। सात नवंबर को जापानी प्रधानमंत्री ने संसद में कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो इसे 'जापान के अस्तित्व के लिए खतरा' माना जा सकता है और जापान को कदम उठाना पड़ सकता है। ताकाइची दशकों में पहली जापानी नेता हैं, जिन्होंने खुलकर कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य में संकट के समय जापान की सेना शामिल हो सकती है। उनके बयान से चीन नाराज हुआ और उसने जापान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए, जिनमें जापान की यात्रा और शिक्षा पर चेतावनी और जापानी समुद्री भोजन के आयात को रोकना शामिल है।

देश के रक्षकों के सम्मान में आगे आएं: पीएम मोदी ने झंडा दिवस फंड में सहयोग की अपील की

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, हम उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जो अटूट साहस के साथ हमारे देश की रक्षा करते हैं। उनका अनुशासन, दृढ़ संकल्प और भावना हमारे लोगों की रक्षा करती है और हमारे देश को मजबूत बनाती है। उनकी प्रतिबद्धता हमारे देश के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण का एक शक्तिशाली उदाहरण है। आइए हम भी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान दें।" वहीं, सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर रक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का लैपल पिन लगाया। जिसका नेतृत्व पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव सुकृति लिखी ने किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपनी पूरे एक महीने की सैलरी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दान की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लोगों से अपील करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वेच्छा से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देकर हमारे शहीदों, विकलांग सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपना आभार व्यक्त करें।" जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, मैं हमारे बहादुर सशस्त्र सेना के जवानों और शहीदों को देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान और सेवा के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। आइए, हम अपने बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दिल खोलकर दान करें।" चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) अनिल चौहान ने भी सभी भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को शुभकामनाएं दीं और भारत की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी दृढ़ सेवा, अदम्य भावना और स्थायी योगदान को स्वीकार किया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने देशवासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देने की भी अपील की।

दिल्ली तक पैदल चलेंगे मेवात के 1000 बच्चे, आखिर क्या है उनकी बड़ी मांग?

 मेवात नूंह में दस दिनों तक चली वंदे सरदार एकता पदयात्रा का शनिवार को पिनगवां अनाज मंडी में समापन हो गया। यह यात्रा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, हसन खां मेवाती के 500वें बलिदान वर्ष पर निकाली गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेवात बुलाने के लिए एक हजार बच्चे न्योता देने के लिए अब पैदल दिल्ली जाएंगे। समापन समारोह में उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों से लोगों ने हिस्सा लिया। समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ, उद्योगपति सुनील सिंगला, अजय शर्मा, स्वराज भाटी और तरुण आचार्य आदि ने कहा कि शहीद हसन खां मेवाती का संदेश केवल मेवात के लिए नहीं, पूरे भारत के लिए है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का प्रयास है और इसे हर स्तर पर आगे बढ़ाना होगा। समारोह में लोगों ने यात्रा के उद्देश्य की खुलकर सराहना की और कहा कि मेवात की आवाज अब दबने वाली नहीं है। हजारों लोगों ने बलिदान दिया इतिहासकार, शिक्षाविदों के मुताबिक स्वतंत्रता संग्राम में मेवात के लोगों का काफी योगदान रहा। मुगलकाल से ही मेवाती देश के लिए जंग लड़ते रहे। शहीद हसन खां मेवाती के बलिदान के बाद भी देश पर मर मिटने वालों का सिलसिला जारी रहा। इतिहासकारों का कहना है कि वर्ष 1857 और 1858 गजट नोटिफिकेशन में शहीदों में हजारों मेवातियों के नाम दर्ज हैं। रूपडाका, पिंगवा, नगली,घासेड़ा, पुन्हाना रायसीना, हरिहेड़ा, निहारिका, चितोड़ा, हरचंदपुर, अलीपुर आदि गांवों में भी लोग शहीद हुए थे। शिक्षाविद सिद्दीक अहमद का कहना है कि मेवात के लोगों का स्वतंत्रता संग्राम में काफी योगदान रहा। हजारों लोगों ने वतन के लिए बलिदान दिया। इस तरह की यात्रा जारी रहें ताकि लोगों को गुमनाम शहीदों के बारे में जानकारी मिलती रही। पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों के साथ स्वागत समापन कार्यक्रम में मेवाती संस्कृति की झलक साफ नजर आई। लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों के साथ अतिथियों का स्वागत किया। प्रवक्ता नदीम खान ने बताया कि यह यात्रा नई सोच और नई दिशा का प्रतीक है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, जान मोहम्मद, सुरेंद्र पिंटू, वसीम अकरम, यादराम गर्ग, इमरान सरपंच, जसवंत गोयल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मेवात को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की जरूरत यात्रा के अध्यक्ष जफरुद्दीन ने कहा कि मेवात को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की विशेष जरूरत है। केंद्रीय यूनिवर्सिटी खुलने से शिक्षा का स्तर उठेगा। उद्योग आने से युवाओं को रोजगार मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि मेवात की मांगों को पूरा करवाने के लिए 2026 में 1000 युवाओं के साथ पैदल चलकर प्रधानमंत्री को मेवात आने का न्योता देंगे। उन्होंने कहा कि मेवात के हितों और विकास के लिए यह प्रयास लगातार जारी रहेगा। समाजसेवी फजरुद्दीन बेशर ने कहा कि मेवात के युवा आज एकजुट हैं और बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़े हैं। कार्यक्रम में आए लोगों ने यात्रा के उद्देश्य में अपना सहयोग देने का संकल्प भी लिया।  

भारत के गद्दार कौन? बाबर महिमामंडन पर रामदेव का बड़ा हमला

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर ने बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करके विवाद खड़ा कर दिया है। देश भर से इस मामले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रिया आ रही हैं। योग गुरु बाबा रामदेव ने भी इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बाबर इस देश का नहीं था, जो लोग भी उसका गुणगान करते हैं वह भारत के गद्दार हैं। गौरतलब है कि यह शिलान्यास ठीक 6 दिसंबर को किया गया, इसी तारीख को 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को कारसेवकों ने ढहा दिया था। बाबा रामदेव ने कहा कि 6 दिसंबर का दिन गुलामी के प्रतीकों को हटाने का दिन है। भारत की जनता जाग चुकी है, यह किसी भी विदेशी हमलावर का महिमामंडन नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, "भारत बाबर का देश नहीं है। यह महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, भगत सिंह, सनातन और भगवान शिव का देश है। बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था, जो भी लोग उसके नाम को महान बताना चाहते हैं, वह भारत के गद्दार हैं। ऐसे लोगों के मनसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।" बाबा रामदेव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "हम इस्लाम या मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। क्योंकि बाबर न तो इस्लाम का अनुयायी था और न ही मुसलमान था। वह सिर्फ एक क्रूर हमलावर था। उसका महिमामंडन नहीं होना चाहिए।" गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर की वजह से शुरु हुआ। कबीर ने शनिवार 6 दिसंबर के दिन मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया। इसके विरोध का जवाब देते हुए कबीर ने कहा कि देश में धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार संविधान देता है, ऐसे में वह कोई भी असंवैधानिक काम नहीं कर रहे हैं। शिलान्यास के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा, "मैं कुछ भी असंवैधानिक काम नहीं कर रहा हूँ। कोई मंदिर बना सकता है, कोई चर्च बना सकता है, तो मैं मस्जिद क्यों नहीं बना सकता? कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। यह कहीं लिखा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया कि हिंदुओं ने बाबरी मस्जिद को ढहाया था। हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वहाँ मंदिर बनाने का निर्णय हुआ। अब हम देखते हैं कि सागरदिघी में राम मंदिर का शिलान्यास हो रहा है। लेकिन संविधान हमें मस्जिद बनाने की अनुमति देता है। इस मुद्दे को लेकर उनके ऊपर हुई कानूनी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कबीर ने कहा कि ऐसी चुनौतियां मस्जिद निर्माण को रोक नहीं पाएंगी। उन्होंने कहा, "मेरे खिलाफ पांच मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन जिसे अल्लाह का साथ हो, उसे कोई रोक नहीं सकता। अदालत ने भी साफ कहा है कि भारत के संविधान में मस्जिद बनाने का अधिकार है। कबीर ने कहा कि इस मस्जिद के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह तय किया गया है कि इस मस्जिद में एक अस्पताल, अथिति गृह और एक सभा भवन का निर्माण किया जाएगा।  

कौन हैं प्रदीप शर्मा? पूर्व IAS अधिकारी को ED केस में 5 साल की जेल

नई दिल्ली एक विशेष अदालत ने रिटायर आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा को मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक मामले में शनिवार को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर 50,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 2003 से 2006 के दौरान कच्छ के जिला कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान रियायती दरों पर सरकारी भूमि के आवंटन से जुड़ा है। विशेष PMLA जज केएम सोजित्रा ने प्रदीप शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच के दौरान जब्त की गई संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा जब्त रहेंगी। ईडी ने आरोप लगाया था कि प्रदीप शर्मा ने मानदंडों का उल्लंघन करते हुए वेल्सपन इंडिया लिमिटेड (Welspun India Limited) को रियायती दरों पर सरकारी भूमि का एक बड़ा हिस्सा स्वीकृत किया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि शर्मा को कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अवैध परितोषण मिला, जिसमें उनकी पत्नी के खाते में 29.5 लाख जमा किए गए थे, जो कि एक अमेरिकी नागरिक हैं। ईडी के आरोप के अनुसार, प्रदीप शर्मा ने वेल्सपन इंडिया और उसकी समूह कंपनियों से प्राप्त अपराध की आय को लॉन्डर करने के लिए अपनी पत्नी के बैंक खाते का इस्तेमाल किया। इन फंडों का उपयोग कथित तौर पर एक आवास ऋण चुकाने और कृषि भूमि खरीदने के लिए किया गया था। ईडी के अनुसार, रिश्वत की राशि को चैनल करने के लिए 2004 से 2007 के बीच शर्मा की पत्नी को वैल्यू पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड में 30% भागीदार बनाया गया था। प्रदीप शर्मा के खिलाफ बीते कुछ वर्षों में विभिन्न एजेंसियों द्वारा कई मामले दर्ज किए गए हैं। मार्च 2010 में सीआईडी राजकोट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की। उन पर सरकारी खजाने को 1.20 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा। सितंबर 2010 में सीआईडी ने IPC के तहत एक और मामला दर्ज किया। इसके बाद मार्च 2012 में ईडी के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने 2010 की FIR के आधार पर PMLA के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया। सितंबर 2014 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आरोप लगाया कि उन्होंने वेलस्पन समूह के लिए कृषि भूमि को गैर-कृषि दर्जा देने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया, यह जानते हुए कि उनकी पत्नी एक संबंधित कंपनी में भागीदार थीं। जुलाई 2016 में प्रदीप शर्मा को ED ने गिरफ्तार किया। मार्च 2018 में उन्हें जमानत मिल गई। प्रदीप शर्मा को अप्रैल 2025 में एक अन्य मामले में भी दोषी ठहराया गया था। भुज कोर्ट ने 2004 में एक निजी कंपनी (सॉ पाइप्स प्राइवेट लिमिटेड) को सरकारी भूमि के आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े 2011 के एक मामले में शर्मा को पांच साल के कठोर कारावास और 10,000 जुर्माने की सजा सुनाई थी। शर्मा वर्तमान में जेल में हैं।