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देश ने कहा NO टू इच्छामृत्यु: जनमत संग्रह में 53% मतदाताओं ने किया विरोध

स्लोवेनिया स्लोवेनिया के नागरिकों ने रविवार को एक जनमत संग्रह में उस कानून को खारिज कर दिया, जो लाइलाज बीमारी से पीड़ित लोगों को अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति देता था। चुनाव प्राधिकारियों द्वारा जारी प्रारंभिक परिणामों में यह जानकारी सामने आई। लगभग पूरी हो चुकी मतगणना के अनुसार, करीब 53 प्रतिशत मतदाताओं ने इस कानून के खिलाफ मतदान किया जबकि लगभग 46 प्रतिशत ने इसके पक्ष में वोट दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान लगभग 50 प्रतिशत रहा। इच्छामृत्यु के खिलाफ अभियान का नेतृत्व करने वाले रूढ़िवादी कार्यकर्ता एलेस प्रिम्क ने कहा, ‘‘करुणा की जीत हुई है। स्लोवेनिया ने जहर देकर मौत की नीति पर आधारित सरकार के स्वास्थ्य, पेंशन और सामाजिक सुधारों को अस्वीकार कर दिया है।'' यूरोपीय संघ के इस छोटे से देश की संसद ने यह कानून जुलाई में पारित किया था। पिछले वर्ष हुए एक गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह में लोगों ने इसका समर्थन किया था। हालांकि, प्रिम्क और अन्य विरोधियों ने 40,000 से अधिक हस्ताक्षर जमा कर फिर से मतदान कराने के लिए दबाव डाला। कानून के अनुसार, मानसिक रूप से सक्षम ऐसे लोग जिनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं है या असहनीय दर्द झेल रहे हैं, उन्हें इच्छामृत्यु का अधिकार दिया जाना था। इसका मतलब था कि मरीज दो चिकित्सकों की मंजूरी के बाद स्वयं घातक दवा लेते। यह कानून मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों पर लागू नहीं होता। इस कानून का समर्थन प्रधानमंत्री रॉबर्ट गोलोब की उदारवादी सरकार समेत कई पक्षों ने किया। समर्थकों ने तर्क दिया कि यह कानून लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन और अपनी पीड़ा समाप्त करने का समय और तरीका स्वयं तय करने का अधिकार देता है। विरोध करने वालों में रूढ़िवादी समूह, कुछ चिकित्सक संघ और कैथोलिक चर्च शामिल थे। उनका कहना था कि यह कानून स्लोवेनिया के संविधान के खिलाफ है और सरकार को इसके बजाय बेहतर दर्दनाशक चिकित्सा सुविधाओं पर काम करना चाहिए। यूरोपीय संघ के कई अन्य देशों में ऐसे कानून पहले से लागू हैं, जिनमें स्लोवेनिया का पड़ोसी देश ऑस्ट्रिया भी शामिल है।  

भारतीयों को राहत: कनाडा की नागरिकता नीति में ऐतिहासिक सुधार, C-3 बिल को हरी झंडी

कनाडा कनाडा ने वंश-आधारित नागरिकता कानून को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। इस अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक को शाही मंजूरी मिल गई है। इस कदम से का असर भारतीय मूल के हजारों परिवारों पर पड़ने की संभावना है। कनाडा सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नागरिकता अधिनियम (2025) में संशोधन करने वाले विधेयक सी-3 को शाही स्वीकृति मिल गई है। इसमें कहा गया कि यह नागरिकता अधिनियम को और अधिक समावेशी बनाने और कनाडाई नागरिकता के मूल्य को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।  समाचार विज्ञप्ति में कहा गया है, "नए कानून के लागू होते ही, उन सभी लोगों को कनाडाई नागरिकता प्रदान की जाएगी, जो विधेयक के प्रभाव में आने से पहले पैदा हुए हैं और जो प्रथम-पीढ़ी की सीमा या पिछले कानूनों के पुराने प्रावधानों के कारण नागरिक नहीं बन पाए थे।" कनाडाई वंशानुक्रम से नागरिकता पर पहली-पीढ़ी की सीमा वर्ष 2009 में लागू की गई थी। इसका अर्थ है कि यदि कोई बच्चा कनाडा के बाहर पैदा हुआ या गोद लिया गया है, तो वह वंशानुक्रम से कनाडाई नागरिक नहीं माना जाएगा, यदि उसके कनाडाई माता-पिता भी कनाडा के बाहर ही पैदा हुए हों या गोद लिए गए हों। मामले से परिचित लोगों का कहना है कि इस सीमा के कारण अनेक भारतीय मूल के कनाडाई लोगों के लिए समस्या उत्पन्न हो गई, जिनके बच्चे देश से बाहर पैदा हुए थे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि नया कानून विदेश में जन्मे या गोद लिए गए कनाडाई माता-पिता को इस विधेयक के लागू होने की तिथि या उसके बाद कनाडा के बाहर जन्मे या गोद लिए गए अपने बच्चे को नागरिकता देने की अनुमति देगा, बशर्ते कि उनका कनाडा से पर्याप्त संबंध हो।    

गाजा में हिंसा जारी, इजराइल ने युद्धविराम का उल्लंघन किया 500 बार, भारी हताहत

तेल अवीव: अल जजीरा ने गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस के बयान का हवाला देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से इजराइल ने सिर्फ 44 दिनों में लगभग 500 बार गाजा सीजफायर तोड़ा है. इसके कारण सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. ऑफिस के अनुसार इन उल्लंघनों के दौरान 342 आम लोग मारे गए हैं. इनमें ज्यादातर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. ऑफिस ने कहा, 'हम इजराइली कब्जा करने वाले अधिकारियों द्वारा सीजफायर समझौते के लगातार गंभीर और व्यवस्थित रूप से उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'ये उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और समझौते से जुड़े मानवीय प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है. इन उल्लंघनों में से 27 आज, शनिवार को हुए जिनमें 24 लोग मारे गए और 87 घायल हुए.' अल जजीरा के अनुसार ऑफिस ने यह भी कहा कि इजराइल अपने उल्लंघन से होने वाले मानवीय और सुरक्षा नतीजों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. जैसा कि संघर्ष विराम समझौते में जरूरी था, इजराइल तबाह हुए इलाके में बहुत जरूरी मदद और मेडिकल सप्लाई के पूरे और निर्बाध आवाजाही पर भारी रोक लगा रहा है. शनिवार (लोकल टाइम) को इजराइली सेना ने गाजा में ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. इसमें बच्चों समेत कम से कम 24 फिलिस्तीनी मारे गए. यह युद्ध से जूझ रहे इलाके में छह हफ़्ते पुराने संघर्ष विराम का नया उल्लंघन था. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि ये हमले तब किए गए जब हमास के एक लड़ाके ने गाजा की तथाकथित येलो लाइन के अंदर इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया. ये इजराइली नियंत्रण वाला क्षेत्र है. इजराइली बयान में कहा गया, 'जवाब में इजरायल ने हमास के पांच सीनियर लड़ाकों को मार गिराया.' हालांकि, हमास ने इजरायल के बयान को चुनौती दी और दावे का सबूत मांगा. अल जजीरा के मुताबिक हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी इज्जत अल-रिशेक ने गाजा डील के मीडिएटर्स और अमेरिका से अपील की कि वे इजराइल पर अपने दावे का समर्थन करने और गाजा समझौते को लागू करने के लिए दबाव डालें. स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी गाजा में दर्जनों फिलिस्तीनी परिवारों को घेर लिया गया है, क्योंकि इजराइली सेना ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए अपनी सेना को इलाके में और अंदर भेज दिया है.

दिल्ली ब्लास्ट पर ओवैसी का हमला तेज, बोली– जालिमों को नहीं छोड़ा जाएगा

हैदराबाद दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का एक और बयान सामने आया है। उन्होंने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के दुश्मन हमारे दुश्मन हैं। एक इदारा (संस्थान) बनाना कितना मुश्किल है। मुसलमानों ने जो इदारे कायम किए यदि कोई उस तालीम इदारे (शैक्षणिक संस्थान) में बैठक कर बन बनाने की साजिश करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं। जो एक मदरसे और स्कूल का कमरा नहीं बना सकते वे जालिम अमोनियम नाइट्रेट लेकर बैठते हैं। दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 14 लोग मारे गए। हिन्दू भी मारे गए और मुस्लिम भी मारे गए। हमको इस तरह की जहनियत (मानसिकता या सोच) रखने वाले लोगों की मजम्मत (निंदा) करनी चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है वो हमारा दुश्मन है। अगर इस तरह की हरकतें होंगी तो फिर हम खुली छूट देते हैं कि जो चाहे करना चाहो करो… असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग समझते हैं कि मुसलमानों को सेकेंड क्लास सिटिजन बनाया जाएगा तुम भूल जाओ तुम्हारी नस्लें खत्म हो जाएंगी… हम खत्म हो जाएंगे लेकिन जब तक दुनिया बाकी रहेगी हिन्दुस्तान में मुसलमान एक बाइज्जत हिन्दुस्तानी बन कर रहेगा। हम अपने हक के लिए जम्हूरियत (लोकतंत्र) के दायरे में लड़ते रहेंगे। हम अपनी मस्जिदों को बचाएंगे। तुम एक मस्जिद शहीद करोगे हम लाखों मस्जिदें बनाएंगे। असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग मुसलमानों को गाली देते हैं, जो लोग हमसे वफदारी का सर्टिफिकेट मांगते हैं, हमने बहुत कुछ सहा है, और कल भी सहेंगे, लेकिन हमने कभी अपने देश से नफरत नहीं की। हमने जुल्म करने वालों से कहा कि तुम जालिम हो हम तुमसे नफरत करते हैं। यदि तुम मुसलमानों को दबा रहे हैं तो भारत को कमजोर कर रहे हो। यदि आप मुसलमानों को नफरत से देखेंगे और उनके साथ नाइंसाफ़ी करेंगे तो भारत एक विकसित देश कैसे बनेगा? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यदि भारत दुनिया का शांतिप्रिय देश बनना चाहता है तो यह कैसे होगा जब आप 19 करोड़ मुस्लिमों को हिकारत की नजर से देखेंगे। संविधान में समानता का मूल अधिकार है। आप इसे भूल जाते हैं। मस्जिद के खिलाफ फैसला आया तो क्या किसी मुसलमान ने कोर्ट में जाकर किसी जज पर जूता फेंका? जूता फेंकने वाले के बारे में एक लफ्ज भी नहीं बोला जाता है क्योंकि उसका बहुसंख्य वर्ग से ताल्लुक था। हमारी वतन से मोहब्बत रहेगी इसलिए नहीं कि तुम हुक्मरान हो।  

IMD की चेतावनी: तूफान सेन्यार से अगले दो दिन मूसलाधार बारिश की संभावना

 नई दिल्ली मानसून के शानदार सीज़न के बाद अब मौसम ने फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बनने वाले चक्रवाती तूफान सेन्यार की सक्रियता से देश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके मद्देनजर अगले 48 घंटे के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। मूसलाधार बारिश के लिए अलर्ट IMD ने बताया कि तूफान सेन्यार के प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, गरजने और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी का भी खतरा है। साइक्लोनिक गतिविधियों का असर अंडमान-निकोबार, यनम, रायलसीमा, लक्षद्वीप और माहे पर भी देखने को मिलेगा। इन इलाकों में अगले 48 घंटों में बादलों की झमाझम बरसात होने के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर मानसून के जाने के बाद राजस्थान और दिल्ली में मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, दिन के समय धूप के बीच तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे गिर सकता है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा। सावधानियों की जरूरत IMD ने जनता से आग्रह किया है कि मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। सड़क पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और नदी-नाले या तटीय इलाकों में अनावश्यक प्रवेश न करें। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तूफान सेन्यार मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, और इसके असर से देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ठंड का असर देखने को मिलेगा।  

INS Mahe वॉरशिप ने नेवी में बनाई एंट्री, समंदर में दुश्मनों के लिए होगा खतरा

मुंबई   इंडियन नेवी ने सोमवार को अपने पहले माहे-क्लास एंटी-सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) जहाज INS Mahe को आधिकारिक तौर पर बेड़े में शामिल कर लिया गया है. यह कार्यक्रम मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में आयोजित हुआ, जहां इसकी कमीशनिंग ने भारत की समुद्र तट की सुरक्षा में एक नया अध्याय जोड़ने का काम किया है. मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में हुए समारोह में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे नेवी को समर्पित करने का काम किया है.    INS Mahe की खासियत    80% से अधिक स्वदेशी निर्माण जनरल द्विवेदी ने कहा, "INS Mahe के अधिकारियों और जवानों को ब्रावो सलाम. देश में बनी इस युद्धपोत की कमीशनिंग हम सबके लिए गर्व का क्षण है." INS Mahe की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका 80% से अधिक स्वदेशी निर्माण है. साथ ही इसमें नौसेना के डिजाइनरों, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और देश की कई रक्षा कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान है. जिन्होंने साथ मिलकर इस जहाज में लगे कई अहम सिस्टम भारत में ही बनाए गए हैं, जिनमें पावर मैनेजमेंट और प्रोपल्शन सिस्टम, एडवांस कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, मिडियम रेंज वाला हल-माउंटेड सोनार, मल्टी-फंक्शन सर्विलांस रडार, टॉरपीडो और ASW रॉकेट सिस्टम आते हैं.  खतरनाक समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों का बड़ा दुश्मन INS Mahe को ऐसे इलाकों के लिए बनाया गया है जहां बड़े युद्धपोत आसानी से संचालन नहीं कर सकते हैं.  इस जहाज की खासियत की बात करें तो इससे तटीय सुरक्षा, तेज लहर वाले पानी में पनडुब्बी की खोज, समुद्री निगरानी, माइन्स बिछाने और लो इंटेंसिटी समुद्री ऑपरेशनों जैसे मिशनों को आसानी से अंजाम देने का काम कर सकता है.  INS Mahe की खासियत INS Mahe 78 मीटर लंबा और लगभग 1,100 टन वजनी है साथ ही यह जहाज बेहद फुर्तीला माना जाता है. इसकी टॉप स्पीड 25 नॉट्स है, रेंज 1,800 नौटिकल माइल और यह 14 दिन तक लगातार मिशन पर रह सकता है. इसका ड्राफ्ट सिर्फ 3 मीटर से भी कम है, जिससे यह तट के बिलकुल पास जाकर भी ऑपरेशन कर सकता है.  INS Mahe का नाम मालाबार तट के प्राचीन शहर 'माहे' पर रखा गया है. इसके चिन्ह में कलारीपयट्टु की प्रसिद्ध तलवार उरुमी दिखाई देती है, जो फुर्ती और सटीकता का प्रतीक है. माही-क्लास के कुल 8 जहाज बनाए जा रहे हैं. बाकी सात 2027 तक नौसेना को सौंप दिए जाएंगे. इनके आने से पुरानी अभय-क्लास की जगह नई और एडवांस तटीय सुरक्षा क्षमता तैयार हो जाएगी, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में पनडुब्बियों की निगरानी और भी मजबूत होगी.  

मंत्री सहयोगी की पत्नी का सुसाइड, पति ने थाने में सरेंडर किया—8 माह का वैवाहिक संबंध

मुंबई  महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के सहयोगी अनंत गर्जे के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी पत्नी मुंबई के वर्ली इलाके में मृत पाई गईं। पशुपालन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री और बीजेपी की नेता पंकजा मुंडे के सहयोगी अनंत गर्जे की पत्नी, डेंटिस्ट गौरी पाल्वे-गार्जे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता अशोक मारुति पावले ने अनंत गर्जे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी को उसके पति द्वारा प्रताड़ित और परेशान किया जाता था।  शिकायत दर्ज होने के बाद गर्जे ने वर्ली पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, गौरी ने शनिवार को अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी, जिसके बाद रविवार को अशोक मारुति पावले ने अनंत गर्जे और उनके भाई अजय गर्जे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस जोड़े ने कुछ महीने पहले फरवरी में ही शादी की थी। वर्ली पुलिस स्टेशन ने एक एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। मामले में और जानकारी का इंतजार है।

अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई: अहमदाबाद में 15 JCB लगीं, 918 मकान तोड़े जा रहे

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में प्रशासन ने झीलों से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम तेज कर दी है। चंडोला झील पर कार्रवाई के बाद अब इसनपुर झील पर बने सैकड़ों पक्के मकानों को तोड़ने का अभियान शुरू किया गया है। सोमवार सुबह से ही इसनपुर झील क्षेत्र में 15 से अधिक जेसीबी मशीनें पहुंचीं और 918 अवैध मकानों को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, इसनपुर झील पर अवैध कब्जा पिछले 50 साल से अधिक समय से बना हुआ था। मकानों में कई परिवार पीढ़ियों से रह रहे थे। प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद झील क्षेत्र को खाली कराने का निर्णय लिया है। कार्रवाई को देखते हुए किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था की आशंका को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार स्थल पर मौजूद रहकर बुलडोज़र कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। अहमदाबाद नगर निगम द्वारा पिछले कुछ वर्षों से शहर की झीलों और जल निकायों को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। अवैध निर्माणों के कारण जलभराव, बाढ़ और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याओं को देखते हुए इस तरह की कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। इस बड़े पैमाने की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि इसनपुर झील को उसके मूल स्वरूप में लाया जा सकेगा और क्षेत्र में जल संरक्षण की स्थिति भी बेहतर होगी।

फ्लाईओवर से कार नीचे गिरी, सबरीमाला जा रहे 6 श्रद्धालुओं ने गंवाई जान

 कोलार कर्नाटक के कोलार जिले में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में सबरीमाला जा रहे 6 तीर्थयात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि 32 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार कार की तेज रफ्तार इस दुर्घटना का मुख्य कारण बनी।  यह दुखद घटना मालुर तालुका के अब्बेनहल्ली गांव के पास देर रात लगभग सवा दो से ढाई बजे के बीच हुई। पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार वाहन चालक कथित रूप से अत्यधिक तेज गति से कार चला रहा था। तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई और एक फ्लाईओवर के साइड बैरियर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बैरियर तोड़कर लगभग 100 मीटर नीचे एक अंडरपास में जा गिरी। कार में सवार 6 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि चारों मृतक आपस में दोस्त थे और दुर्घटना के समय केरल के सबरीमाला मंदिर की तीर्थयात्रा पर जा रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार ड्राइविंग से होने वाले खतरों को उजागर किया है।  

एलओसी पर अचानक हलचल, सेना सतर्क—पाकिस्तान सीमा पर हाई अलर्ट जारी

नई दिल्ली रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ओर कहा, ‘सिंध भले ही आज भौगोलिक रूप से भारत का हिस्सा नहीं, लेकिन सभ्यता के नजर‍िये से सिंध हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेगा. जहां तक जमीन की बात है, सीमाएं बदल सकती हैं. कौन जानता है क‍ि कल सिंध फ‍िर भारत में वापस आ जाए.’ उनके बयान से पाक‍िस्‍तान में हलचल मची हुई है. दूसरी ओर खबर आ रही क‍ि पाक‍िस्‍तान से लगते इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर हलचल तेज हो गई है. कहा तो यहां तक जा रहा क‍ि भारत ने इस इलाके में फौज की संख्‍या दोगुनी कर दी है. हालांकि, इसके पीछे वजह कुछ और बताई जा रही है. दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. ब्लास्ट के तुरंत बाद से ही केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट साझा कर रही हैं, जिन्हें देखते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) दोनों ही सेक्टरों में फोर्सेज की तैनाती को कई स्तर पर बढ़ा दिया गया है. सीमा पर हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जवानों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और गश्त का दायरा भी रात-दिन लगातार बढ़ाया गया है.     दिल्ली ब्लास्ट के बाद आतंकियों की हलचल तेज     इनपुट्स के अनुसार फिलहाल जम्मू-कश्मीर में करीब 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 117 पाकिस्तानी आतंकी बताए जा रहे हैं. इनके साथ 14 स्थानीय मददगार भी शामिल हैं, जो इन आतंकियों को हाइडआउट बदलने, मूवमेंट छिपाने और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करते हैं. वहीं, सीमा पार भी बड़ी संख्या में आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हुए हैं.     सर्दियों का मौसम जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए एक अलग चुनौती लेकर आता है. पुंछ-राजौरी सेक्टर में बर्फबारी और गहरी धुंध के कारण एलओसी के रास्ते से घुसपैठ लगभग नामुमकिन हो जाती है. ऐसे में खुफिया एजेंसियों को यह इनपुट मिल रहा है कि आतंकी अब इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) को घुसपैठ का नया रास्ता बनाने की तैयारी में हैं. इंटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ी हलचल यही वजह है कि सेना और बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुरक्षा तैनाती को दोगुना कर दिया है. पेट्रोलिंग के दौरान महिला और पुरुष जवान दोनों शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि पेट्रोलिंग टीम में वही महिला अधिकारी भी तैनात हैं, जिन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई पोस्ट को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई थी.  उस इंटरनेशनल बॉर्डर तक पहुंची, जहां से पाकिस्तानी पोस्ट महज कुछ मीटर की दूरी पर साफ दिखाई देती हैं. यह वही जोन है जहां दुश्मन हर समय नजर बनाए रखता है. हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं. सामने पाकिस्तान का पोस्ट, हर क्षण खतरा, और पहरेदारी में जरा भी ढिलाई की गुंजाइश नहीं. हथियार हर पल तैयार बीएसएफ और सेना के जवानों ने बताया कि उनके हथियार हर समय लोडेड और तैयार रहते हैं. पेट्रोलिंग के दौरान उनकी निगाहें लगातार पाकिस्तान की दिशा में रहती हैं. एक जवान ने कहा, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वे कभी भी किसी भी हरकत की कोशिश कर सकते हैं. इसी लिए हर सेकेंड अलर्ट रहना पड़ता है. एक महिला अधिकारी ने कहा, खतरे कई हैं, लेकिन हमारे अंदर कोई डर नहीं है. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. बॉर्डर पर हम हैं, तो देश सुरक्षित है. ड्रोन खतरा बड़ा, अब स्पेशल ट्रेनिंग दे रही सेना जवानों ने यह भी खुलासा किया कि पहले सीमा पर मुकाबला केवल ‘रेंज फाइट’ तक सीमित था. यानी दूर से फायरिंग. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल बेहद नजदीक से किया गया. इसके बाद से जवानों को ड्रोन डिटेक्शन और ड्रोन-न्यूट्रलाइजेशन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. फोर्सेज के अनुसार पाकिस्तान सीमा पर तैनात पोस्टों से ड्रोन भेजने की कई असफल कोशिशें पहले भी हुई हैं. यही वजह है कि अब हर पेट्रोलिंग टीम में ‘एंटी-ड्रोन गियर’ और प्रशिक्षित जवान शामिल किए गए हैं.  जवानों का स्पष्ट संदेश जवानों ने कैमरे पर सीधे पाकिस्तान को संदेश भेजते हुए कहा, सीमा पर कोई भी नापाक हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पाकिस्तान की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे घुसपैठ की कोशिश हो, ड्रोन से हथियार भेजने की साजिश, या पाक रेंज से फायरिंग, हर तरह की प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने के लिए वे पूर्ण रूप से तैयार हैं.