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आसिम मुनीर बनने जा रहे हैं पाकिस्तान के ‘बादशाह’, जानें वह संशोधन जो बदल देगा सत्ता का समीकरण

इस्लामाबाद   पाकिस्तान में यूं तो बहुत सालों से सरकार और सेना में कोई खास फर्क नहीं रहा है लेकिन अब ये मामला कानूनी रूप लेने जा रहा है. वैसे तो आसिम मुनीर के आगे शहबाज शरीफ की चलती ही कहां थी, पर अब वे वाकई कठपुतली ही बनकर रह गए हैं. पाकिस्तान के अंदर भी इसका विरोध हो रहा है लेकिन आसिम मुनीर के आगे बेबस सरकार उन्हें कानून में संशोधन करके थाली में परोसकर पावर दे रही है. चलिए जानते हैं कि आखिर वो कौन सा 27वां संशोधन है, जो पाकिस्तान की राजनीति के साथ-साथ इतिहास भी बदलने वाला है. Article 243, जो सेना के नियंत्रण से जुड़ा है, उसमें संशोधन की तैयारी है। इस अनुच्छेद के अनुसार, अभी सेना की सर्वोच्च कमान राष्ट्रपति के पास है, पर सरकार इसे बदलना चाहती है.’डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के नए संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का नया पद बनाया गया है, जो तीनों सेनाओं – थलसेना, नौसेना और वायुसेना की कमान संभालेगा. पाकिस्तान में चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी (CJCSC) का पद खत्म कर दिया जाएगा. इस पद पर पाकिस्तान में इस वक्त जनरल साहिर शमशाद मिर्जा बैठे हैं, जिनका कार्यकाल 27 नवंबर को समाप्त हो रहा है. कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ ने संसद में बताया कि अब इस पद पर किसी नई नियुक्ति की जरूरत नहीं होगी क्योंकि आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर खुद इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे. सीधा-सीधा कहें तो अब जनरल मुनीर अब तीन प्रमुख पदों पर रहेंगे –     चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS)     चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF)     तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर     सारे संवैधानिक पद होंगे बेमाने संशोधन के तहत अब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर आर्मी, नेवी और एयर चीफ की नियुक्ति करेंगे, लेकिन इन तीनों सेनाओं का कुल नियंत्रण CDF यानी जनरल मुनीर के पास रहेगा. एक नया पद कमांडर ऑफ नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड बनाया जा रहा है, जो पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और रणनीतिक बलों की निगरानी करेगा. यह पद भी सेना के किसी अधिकारी को मिलेगा, जिसे CDF की सिफारिश पर प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे. इससे पाकिस्तान के परमाणु नियंत्रण पर भी आर्मी चीफ का सीधा असर बढ़ जाएगा. सैन्य अधिकारियों को विशेष सुविधा संशोधन के तहत ऐसे अधिकारी जो फाइव-स्टार रैंक तक पहुंचते हैं, उन्हें विशेष दर्जा मिलेगा. वे जीवनभर यूनिफॉर्म पहन सकेंगे और रैंक से जुड़े हुए सभी विशेषाधिकार मिलते रहेंगे. सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सरकार की ओर से तय नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी. इसके अलावा उन्हें संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी, यानि संसद की प्रक्रिया के अलावा उन्हें हटाया नहीं जा सकेगा. कानून मंत्री तारड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि इन उच्च सैन्य पदों को रद्द करने का अधिकार केवल संसद के पास होगा न कि प्रधानमंत्री के पास. सुप्रीम कोर्ट नहीं रह जाएगी ‘सुप्रीम’ सरकार एक संवैधानिक अदालत बनाने की योजना बना रही है, ताकि सुप्रीम कोर्ट की ज्यादा दखलअंदाजी को रोका जा सके. नए प्रावधानों के तहत सुप्रीम जुडिशियल काउंसिल को जजों के ट्रांसफर का अधिकार मिल जाएगा, बिना उनकी सहमति के. सरकार का दावा है कि इससे अदालतों का बोझ घटेगा, लेकिन विपक्ष इसे न्यायपालिका की आजादी पर हमला मान रहा है. संशोधन में यह भी प्रस्ताव है कि संघीय राजस्व में प्रांतों का हिस्सा घटाया जा सके, खासकर आर्थिक संकट के समय.साथ ही, शिक्षा और जनसंख्या नियोजन जैसे विषय दोबारा केंद्र के अधिकार में लाए जा सकते हैं.

सामूहिक नमाज को लेकर बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सियासी विवाद, बीजेपी का सिद्धारमैया पर हमला

बेंगलुरु बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सामूहिक नमाज को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल नंबर 2 पर कुछ लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की थी जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। बीजेपी का कहना है कि एक तरफ सिद्धारमैया की सरकार आरएसएस पर बैन लगाने की बात करती है तो दूसरी तरफ सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की धार्मिक गतिविधियों का समर्थन करती है। यह सिद्धारमैया का दोहरा रवैया दिखाता है। जानकारी के मुताबिक मक्का की यात्रा पर जाने वाले यात्री टर्मिनल नंबर 2 पर नमाज अदा कर रहे थे। हालांकि टर्मिनल के अंदर नमाज अदा करने के लिए अलग से हॉल भी बनाया गया है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि नमाज के वक्त वहां पर सुरक्षाकर्मी और एयरपोर्ट स्टाफ भी मौजूद था। हालांकि किसी ने उनसे अंदर जाकर नमाज अदा करने को नहीं कहा। वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बीजेपी नेता विजय प्रसाद ने कहा, आखिर बेंगलुरु एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर इसकी इजाजत किसने दी? आदरणीय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री प्रियंक खरगे क्या आपने इसी मंजूरी दी है? क्या इन लोगों ने हाई सिक्योरिटी एयरपोर्ट जोन में नमाज अदा करने की पहले से परमीशन ली थी? उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस के आरएसएस के कार्यक्रमों, पथ संचालान और शाखाओं से क्या दिक्कत है। कांग्रेस की सरकार इस तरह की चीजों पर आंख बंद कर लेती है जो कि एक गंभीर मसला है। कर्नाटक की सरकार ने एयरपोर्ट पर किसी भी तरह के धार्मिक या फिर राजनीतिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने का फैसाल किया है। इसमें आरएसएस की गतिविधियां भी शामिल हैं। बीते दिनों कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने सिद्धारमैया को पत्र लिखकर कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस के कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनकी मांग का समर्थन करते हुए कहा था कि देश में असली फसाद की जड़ आरएसएस और बीजेपी ही है।

स्कूल में बच्चों का RSS गीत समर्थन, प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया – गीत में है देशभक्ति का संदेश

बेंगलुरु एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के मौके पर स्कूल के छात्रों द्वारा आरएसएस गीत गाने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। केरल की पिनारायी विजयन की सरकार इस मामले को लेकर सख्त है आर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसी बीच स्कूल के प्रिंसिपल बच्चों के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण रेलवे या फिर किसी केंद्रीय मंत्री के इशारे पर यह 'देशभक्ति गीत' नहीं गाया गया था। सरस्वती विद्यानिकेतन पब्लिक स्कूल एलामक्कारा के प्रधानाचार्य डिंटो केपी ने कहा कि यह एक देशभक्ति गीत था। उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्रों ने खुद इस गीत का चयन किया था। उन्होंने यह बात भी मानी है कि दक्षिण रेलवे के एक्स हैंडल से गीत का वीडियो हटाए जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि आखिर राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश क्यों दिए हैं। हम इसका कानूनी उपचार सोचेंगे। प्रिंसिपल ने कहा कि जिन बच्चों ने गीत गाया उनपर साइबर अटैक हो रहे हैं और उन्हें 'संघी किड्स' कहकर परेशान किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। बता दें कि एर्नाकुलम से बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के बाद ट्रेन में स्कूली छात्रों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गीत गाया था। केंद्रीय मंत्रियों ने इस घटना को उचित ठहराते हुए कहा कि यह एक देशभक्ति गीत है। वहीं केरल सरकार ने जांच के आदेश दे दिए। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बच्चों को “सांप्रदायिक उद्देश्य” के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने बच्चों द्वारा इस विशेष गीत के गायन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि इसका संदेश “अनेकता में एकता” है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इसमें सांप्रदायिकता की क्या बात है। दक्षिण रेलवे ने छात्रों द्वारा गाए गए गीत का वीडियो और उसका अंग्रेजी अनुवाद रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर फिर से पोस्ट किया और लिखा, ‘‘सरस्वती विद्यालय के छात्रों ने एर्नाकुलम बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान अपने स्कूल गीत की शानदार प्रस्तुति दी।’’

आतंकवादी साजिश में लिप्त डॉक्टर? आदिल के पास मिले हथियार और 300 किलो RDX की खबर ने मचाया हलचल

 फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो दिनों पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद की निशानदेही पर हरियाणा के फरीदाबाद से 300 किलोग्राम आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है. कश्मीर टू फरीदाबाद साजिश का भंडाफोड़ दरअसल 8 नवंबर को श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग के पूर्व डॉक्टर आदिल अहमद के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद की थी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ शुरू की थी. जानकारी के अनुसार, आदिल अहमद अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था लेकिन उसके लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके आतंकी संगठन जैश से संबंध होने का शक और गहरा गया था. आतंकी संगठन से डॉक्टर का संबंध जैश से संबंधों को लेकर जब पूरे मामले की जांच की गई तो डॉक्टर के ठिकाने (फरीदाबाद) से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद की गई है. सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर आदिल अहमद ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे.  उसकी निशानदेही पर ही पुलिस की टीम ने फरीदाबाद में छापेमारी की, जहां से करीब 300 किलो आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल, और कई राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि यह विस्फोटक सामग्री किसी बड़े आतंकी हमले में इस्तेमाल की जा सकती थी. आतंकियों की मदद कर रहा था डॉक्टर आदिल जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टर का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से था और वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों के लिए मददगार के रूप में काम कर रहा था. पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स हरियाणा तक कैसे पहुंचा और इनका अंतिम टारगेट क्या था.

लो जी! अब ऑफलाइन UPI की एंट्री, मोबाइल में नेटवर्क न हो तब भी ट्रांजैक्शन पक्का

जम्मू-कश्मीर  जो लोग मोबाइल से पैसों का लेन-देन करते हैं उनके लिए यह खबर बेहर अहम है। अब मोबाइल से पैसों का लेन-देन और भी आसान हो गया है। इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने पर भी ट्रांजैक्शन हो सकता है। आज के समय में अब हर छोटी-बड़ी खरीददारी मोबाइल से करना चाहता है। भारत में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने पैसों के लेन-देन को बहुत आसान बना दिया है। लेकिन कभी-कभी इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। लेकिन अब आप बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकते हैं,बस आप को एक काम करना हो जो है *99# डायल करना होगा। इस सेवा के माध्यम से आप एक बार में 5,000 रुपए तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं वो भी सिर्फ  50 रुपए में। ऑफलाइन UPI पेमेंट कैसे करें इस तरीके से पैमेंट करने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके बाद अपने बैंक की ऐप या वेबसाइट से UPI PIN सेट करें। अपने मोबाइल से *99# डायल करें और कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर कई विकल्प आएंगे जैसे Send Money, Check Balance, Request Money आदि। पेमेंट करने के लिए बैंक अकाउंट चुनें। प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर, UPI ID या अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। पेमेंट की राशि दर्ज करें और अपना UPI PIN डालें। कुछ ही सेकंड में ट्रांजैक्शन सफल हो जाएगा — बिना इंटरनेट। 

बेंगलुरु आगमन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का राज्यपाल गहलोत ने किया अभिनंदन

बेंगलुरु, कर्नाटक दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का बेंगलुरु में गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने के लिए पहली बार कर्नाटक दौरे पर पहुंचे हैं। रविवार सुबह बेंगलुरु के येलहंका में स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उनका विमान उतरा, जहां राज्य के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उपराष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी, शहरी विकास मंत्री सुरेश बीएस, सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक एमए सलीम ने भी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचकर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया। उपराष्ट्रपति को उनके आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बेंगलुरु के येलहंका एयरफोर्स स्टेशन से हेलीकॉप्टर के जरिए हासन जिले के श्रवणबेलगोला पहुंचेंगे। यहां उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज की स्मृति में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह आयोजन चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज की 1925 में श्रवणबेलगोला की प्रथम यात्रा के शताब्दी वर्ष का प्रतीक है। इस स्मरणोत्सव के दौरान उपराष्ट्रपति आचार्य श्री शांति सागर महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह और चौथी पहाड़ी के नामकरण समारोह में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, सीपी राधाकृष्णन मैसूर स्थित जेएसएस अकादमी के 16वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे, जो जगद्गुरु श्री वीरसिंहासन महासंस्थान मठ से जुड़ी हुई है। यहां उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन छात्रों को भी संबोधित करेंगे। उपराष्ट्रपति कर्नाटक के सबसे प्रमुख मठ केंद्रों में से एक, सुत्तूर मठ के पुराने परिसर का भी दौरा करेंगे। वे मैसूर के निकट श्री चामुंडेश्वरी देवी मंदिर और मांड्या के मेलकोट स्थित चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।  

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ से ‘एकता मार्च’ की दी शुरुआत

जूनागढ़,  गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में ‘एकता मार्च’ को हरी झंडी दिखाई। जूनागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरदार चौक स्थित सरदार साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री को सरदार पटेल की प्रतिमा भेंट की गई। इसके बाद सभी ने आत्मनिर्भर भारत की शपथ ली। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र सरदार पटेल की विरासत का जश्न मना रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को जूनागढ़ मुक्ति दिवस की भी बधाई दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस मार्च में समाज के सभी वर्ग, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवक, सहकारी संस्थाएं, विभिन्न राजनीतिक दल, धार्मिक संस्थाएं, स्थानीय संत, पूर्व सैनिक और उनके परिवार, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन से जुड़े नागरिकों ने हिस्सा लिया और वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘सरदार@150’ एकता मार्च के अंतर्गत आयोजित राज्यव्यापी पदयात्रा का शुभारंभ जूनागढ़ से पूज्य संतों और साथी मंत्रियों की उपस्थिति में हुआ।” उन्होंने लिखा, “9 नवंबर 1947 को जूनागढ़ नवाबी शासन से स्वतंत्र होकर भारत में विलीन हो गया, जिसे जूनागढ़ मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह विशेष प्रसन्नता की बात है कि सरदार वल्लभभाई पटेल और आरजी सरकार के सैनिकों के महत्वपूर्ण योगदान के कारण जूनागढ़ के भारत में विलय के इस यादगार दिन पर यह पदयात्रा आयोजित की गई।” एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “सरदार साहब के अखंड भारत के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह अमित शाह ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र के साथ और भी सुदृढ़ किया है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा ‘एकता मार्च’ देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोकर सभी की भागीदारी से विकास के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।” उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी इस ऐतिहासिक मार्च में शामिल हों और लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करें।  

धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाओं के लिए मोदी का आभार जताया

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के मेरे सभी भाई-बहनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। प्रकृति की गोद में बसी हमारी यह देवभूमि आज पर्यटन के साथ-साथ हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रही है। प्रदेश के इस विशेष अवसर पर मैं यहां के विनम्र, कर्मठ और देवतुल्य लोगों की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।” इसके प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी, उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आपकी स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं एवं आशीर्वाद के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। आपके दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में उत्तराखंड अपनी विकास यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहा है। आपकी प्रेरणा से उत्तराखंड ने अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होकर सुशासन, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “आपका सान्निध्य हमें सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रेरित करता है।” उल्लेखनीय है कि आज उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती महोत्सव मना रहा है। जिसमें स्थानीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) परिसर में एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में लगभग पचहत्तर हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर, 8140 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएँ मुख्यतः पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री दो प्रमुख जलविद्युत क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। श्री मोदी “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के तहत 28,000 से अधिक किसानों के खातों में 62 करोड़ रुपये की राशि भी सीधे जारी करेंगे। प्रधानमंत्री उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती समारोह में दोपहर लगभग 12:30 बजे पहुंचेंगे। इस अवसर पर वे एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।  

आतंकी खतरे की आशंका से जाफर एक्सप्रेस की सेवा स्थगित, बलूचिस्तान में बढ़ी सुरक्षा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान रेलवे ने बलूचिस्तान में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर क्वेटा और पेशावर के बीच जाफर एक्सप्रेस की सेवाओं को रविवार से चार दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कुछ महीने पहले इस ट्रेन पर हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 9 से 12 नवंबर तक इस रेलगाड़ी की सेवा निलंबत करने का अस्थायी फैसला सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की सलाह पर एहतियातन लिया गया, ताकि यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, नागरिकों और महत्वपूर्ण रेल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कदम से हजारों यात्री प्रभावित होंगे, जो दोनों शहरों के बीच परिवहन के सबसे किफायती साधन के रूप में जाफर एक्सप्रेस पर निर्भर हैं। हाल के महीनों में जाफर एक्सप्रेस को विद्रोहियों और उग्रवादियों द्वारा बार-बार निशाना बनाया गया है, जिसमें मार्च में हुआ सबसे भीषण हमला शामिल है। मार्च में, प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 380 यात्रियों से भरी जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। यह गतिरोध दो दिनों तक बना रहा और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 26 यात्रियों की जान चली गई थी और 33 अन्य विद्रोही मारे गए थे।   

सीमा से आगे बढ़कर राष्ट्र की शान बना पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री का संबोधन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि अब यह देश का अग्रिम चेहरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "इस आर्टिकल में केंद्रीय मंत्री जेएम सिंधिया ने उत्तर पूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव शेयर किया और वहां की सुंदरता और लोगों की अटूट भावना के बारे में बताया है।" पीएम मोदी ने आगे लिखा, "केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्व को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि कैसे यह दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का प्राकृतिक गेटवे बन रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि देश का अग्रिम चेहरा है।" आर्टिकल में सिंधिया ने कहा, "पूर्वोत्तर की मनमोहक सुंदरता की बराबरी केवल यहां के लोगों की गर्मजोशी, सादगी और अदम्य साहस से ही हो सकती है, जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी है। मैं इस यात्रा से इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए और भी अधिक परिश्रम और लगन से काम करने के नए संकल्प के साथ घर लौट रहा हूं।" केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, संस्कृति और वाणिज्य के एक जीवंत केंद्र में बदल रही है। अगर उनकी दूरदर्शी सोच और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता न होती, तो आशा और संभावनाओं का यह पुनरुत्थान शायद अभी भी एक दूर का सपना ही बना रहता।" उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र 'लैंडलॉक' से 'लैंडलिंक्ड' होता जा रहा है, परिवर्तन की रफ्तार को महसूस किया जा सकता है, जहां विकास समावेशिता और गरिमा के साथ-साथ चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपर शिलांग स्थित मशरूम विकास केंद्र के अपने दौरे का जिक्र किया, जिसे ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाने के लिए बनाया गया है। उत्तर पूर्वी परिषद के तहत 1982 में स्थापित, इस केंद्र में अब नव स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र है, जो हर साल लगभग 1.5 लाख लकड़ी के बुरादा के ब्लॉक का उत्पादन करता है, जिनमें से प्रत्येक से एक किलोग्राम शिटाके मशरूम प्राप्त होता है जिसकी बाजार में कीमत 1,000 रुपए तक होती है। सिंधिया ने कहा, "आंकड़ों से परे, जो बात मेरे दिमाग में रही, वह थी उन किसानों के चेहरे और कहानियां जिनसे मैं मिला, उनकी आंखें गर्व से चमक रही थीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे यह पहल सम्मानजनक आजीविका बनाने, हरित उद्यमिता को पोषित करने और प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित एक सच्चे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर को विकसित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।"