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जावेद अख्तर भड़के: भारत में तालिबानी मंत्री के स्वागत और दारुल उलूम देवबंद पर की तीखी टिप्पणी

मुंबई गीतकार जावेद अख्तर ने तालिबानी नेता आमिर खान मुत्ताकी का गर्मजोशी से स्वागत किए जाने पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने भारत सरकार की ओर से अफगान तालिबान के विदेश मंत्री को मिले रिसेप्शन पर ऐतराज जताते हुए कहा कि यह देखते हुए मेरा तो सिर शर्म से झुक गया। उन्होंने कहा कि यह स्वागत उन लोगों ने किया है, जो हर तरह के आतंकवाद की आलोचना करने की बात करते हैं। आमिर खान मुत्ताकी फिलहाल 6 दिनों के भारत दौरे पर हैं। 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी और तब से यह पहला मौका है, जब किसी अफगान सरकार के किसी प्रतिनिधि ने भारत का दौरा किया है। जावेद अख्तर ने एक्स पर लिखा, 'दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी समूह तालिबान के प्रतिनिधि को हर तरह के आतंकवादियों के ख़िलाफ़ मंच पर बोलने वालों द्वारा दिए गए सम्मान और स्वागत को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया। देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए कि उसने अपने 'इस्लामिक हीरो' इस तरह से स्वागत किया। यह ध्यान रखना चाहिए कि तालिबान उन लोगों में से एक है, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मेरे भारतीय भाइयों और बहनों! हमारे साथ क्या हो रहा है?' एक यूजर ने उलटे पूछ लिया- आप पाकिस्तान क्यों गए थे? उनकी इस बात का कई लोगों ने स्वागत किया है तो कुछ ने सवाल भी उठाए हैं। एक्स पर एक यूजर ने लिखा है कि आप तो पाकिस्तान जाकर सेलिब्रेशन तक करते हैं, जिसने भारत में आतंकवाद फैलाया था। उमर अब्बास हयात नाम के यूजर ने लिखा, 'आप पाकिस्तान में क्या कर रहे थे, जबकि पाकिस्तान ने हमारे ऊपर 26/11 हमला किया और पुलवामा अटैक कराया? सेलिब्रेशन कर रहे थे ना? अब जब भारत अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रहा है तो आपको क्या परेशानी है।'वहीं कुछ लोगों ने तालिबानी नेता के स्वागत पर सवाल उठाए हैं और जावेद अख्तर की बात की प्रशंसा की है। बता दें कि तालिबान के नेता ने देवबंद का भी दौरा किया था और वहां उनका काफी गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ था।  

इंडियन एयरफोर्स को मिलने वाले हैं 114 बवंडर’ फाइटर जेट, राफेल F-4 पर फ्रांस से डील फाइनल!

नई दिल्ली इंडियन एयरफोर्स को जिस लड़ाकू विमान का इंतजार था. वो घड़ी बेहद करीब आ चुकी है. वर्तमान में भारत अपनी स्क्वाड्रन संख्या बढ़ाना चाहता है. इसी कड़ी में 114 लड़ाकू विमानों की खरीद का महत्वाकांक्षी MRFA प्रोजेक्ट अब एक अहम चरण में पहुंच चुका है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत इस टेंडर में फ्रांस के दसॉल्ट राफेल के सबसे एडवांस वर्जन F4 स्टैंडर्ड पर अपनी रुचि और सहमति लगभग पक्की कर चुका है. आपको बता दें, राफेल F4 मौजूदा राफेल विमानों का एडवांस और डिजिटल रूप है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित कई नई और अत्याधुनिक फीचर्स हैं. IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में इस सौदे पर हस्ताक्षर होने की संभावना है . ऐसे में स्पष्ट है कि भारत अपनी वायुसेना की स्क्वाड्रन ताकत की कमी को जल्द से जल्द दूर करना चाहता है. क्या है राफेल F4 वेरिएंट की खासियत? राफेल F4, मौजूदा राफेल लड़ाकू विमानों से कई मायनों में आगे है. यह भारतीय वायुसेना को तकनीकी ताकत प्रदान करेगा. F4 में AI-आधारित उन्नत संचार प्रणालियाँ हैं जो विमानों को आपस में और ज़मीनी कमांड सेंटरों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने में मदद करती हैं. यह वेरिएंट नई पीढ़ी के हथियार और सेंसर ले जाने में सक्षम होगा, जिससे उसकी मारक क्षमता और सटीक वार करने की क्षमता बढ़ेगी. इतना ही नहीं, F4 को रखरखाव के मामले में भी कम समय लेने वाला और अधिक कुशल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे विमान ज्यादा समय तक ऑपरेशनल रह सकेगा. क्यों पड़ी MRFA टेंडर की जरूरत? IAF को अपनी स्क्वाड्रन ताकत को बनाए रखने के लिए इन 114 मल्टी-रोल विमानों की तत्काल जरूरत है. IAF की स्वीकृत स्क्वाड्रन ताकत 42 है, लेकिन वर्तमान में यह संख्या उससे काफी कम है. जिसे करीब 29 बताया जा रहा है. MRFA इस अंतर को भरने के लिए बेहद जरूरी है. IAF के पास पहले से ही राफेल का अनुभव है. राफेल F4 को चुनना पायलटों की ट्रेनिंग और रखरखाव के बुनियादी ढांचे के लिए एक आसान विकल्प होगा, क्योंकि मौजूदा ज्ञान का इस्तेमाल किया जा सकेगा. मेक इन इंडिया के तहत होगी खरीदारी यह डील केवल विमानों की खरीद नहीं है, बल्कि भारत के रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा फैसला है. MRFA सौदे में यह शर्त है कि अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. राफेल F4 को चुनने पर फ्रांस से बड़े पैमाने पर तकनीकी हस्तांतरण (ToT) की उम्मीद है. साथ ही, यह सौदा भारत और फ्रांस के बीच पहले से मजबूत रणनीतिक भागीदारी को और गहरा करेगा, जो कि भारत के लिए एक विश्वसनीय रक्षा भागीदार है. 2026 तक कॉन्ट्रैक्ट साइन करने की संभावना का मतलब है कि भारत ने अब अपनी हवाई ताकत बढ़ाने के लिए समय-सीमा तय कर ली है और वह राफेल F4 को एक सबसे मजबूत विकल्प के रूप में देख रहा है.

रेलवे का फेस्टिव सरप्राइज! दिवाली पर चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें, अपनों से मिलने का सफर होगा आसान

मुंबई  दीपावली का त्यौहार नजदीक है, और हर कोई अपने परिवार के पास जाकर इस पावन पर्व को मनाने की इच्छा रखता है. मगर दूर मेट्रो सिटी या अन्य राज्यों में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए घर पहुंचना हमेशा एक बड़ी चुनौती भरा रहा है. त्योहारों के मौसम में कंफर्म ट्रेन टिकट मिलना किसी लॉटरी से कम नहीं होता, जिसके चलते कई लोग चाहकर भी अपने अपनों से नहीं मिल पाते. लेकिन इस बार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा और भावनात्मक तोहफा दिया है. त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने भगत की कोठी–हुबली फेस्टिवल वीकली एसी स्पेशल ट्रेन (07360/07359) के संचालन की घोषणा की है. यह ट्रेन विशेष रूप से दीपावली सीजन में उन यात्रियों को बड़ी सुविधा देगी जो पाली, मारवाड़ जंक्शन, फालना समेत आस-पास के इलाकों से पुणे, मुंबई या दक्षिण भारत की ओर यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन जिन्हें सामान्य ट्रेनों में टिकट नहीं मिल पा रहा है. संचालन की तारीख और समय रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन अपने दूसरे ट्रिप के लिए मंगलवार, 14 अक्टूबर को भगत की कोठी से सुबह 7:50 बजे रवाना होगी. ट्रेन संख्या 07360 भगत की कोठी से हुबली तक साप्ताहिक रूप से चलेगी. यह ट्रेन हर मंगलवार को 28 अक्टूबर तक यात्रियों को सुविधा देगी. इसी प्रकार, वापसी में ट्रेन संख्या 07359 हुबली से हर सोमवार को 27 अक्टूबर तक चलेगी. इस एसी स्पेशल सेवा से यात्रियों को आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा. इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव यह फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन राजस्थान के प्रमुख स्टेशनों जैसे लूनी, पाली, मारवाड़ जंक्शन, फालना, पिंडवाड़ा, आबूरोड पर रुकेगी. इसके बाद यह गुजरात के पालनपुर, महेसाना, वडोदरा होते हुए मुंबई मार्ग पर सूरत, वापी, वसई रोड, कल्याण जैसे व्यस्त स्टेशनों पर रुकेगी. दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन पुणे, सतारा, कराड, सांगली, मिरज, घटप्रभा, बेलगांव और धारवाड़ स्टेशनों पर रुकेगी. बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे यह ट्रेन अपने गंतव्य हुबली पहुंचेगी, जिससे यह यात्रा करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन जाएगा. रेलवे अधिकारी का आश्वासन सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने बताया कि मुंबई रूट पर पहले से 2 दैनिक और 8 साप्ताहिक ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन त्योहारों के दौरान यात्रियों का अतिरिक्त दबाव होता है. इसी को देखते हुए इस एसी स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की गई है ताकि कोई भी यात्री दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर अपने परिवार से दूर न रह जाए. यह पहल सिर्फ एक ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि रिश्तों की डोर को मजबूत करने का रेलवे का एक प्रयास है.  

EPFO पेंशन में इज़ाफे की तैयारी, दिवाली से पहले प्राइवेट कर्मचारियों को मिल सकती है सौगात

नई दिल्ली इस दिवाली प्राइवेट कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिलने की उम्मीद है. अनुमान है कि EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारियों की बेहतरी के लिए चलाए जाने वाली एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम के तहत मिनिमम पेंशन राशि को बढ़ा सकता है. दरअसल, 10 और 11 अक्टूबर को EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक बेंगलुरु में होनी थी. इस मीटिंग में कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर गुड न्यूज मिलने की संभावनाएं लग रही है. कर्मचारी अब भी ईपीएफओ की तरफ से जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. कितनी है मौजूदा पेंशन राशि? कर्मचारियों के मुताबिक, एम्पलॉयी पेंशन स्कीम में मिनिमम पेंशन राशि काफी कम है. साल 2014 में तय की गई एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) की मिनिमम पेंशन राशि 1000 रूपये पर मंथ है, जिसे एम्प्लॉयी लगातार बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीते दिनों हुई बैठक में इसे 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने के अनुमान है. ऐसे में इस पेंशन राशि के बढ़ने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी और उनकी कई साल की मांग पूरी हो जाएगी.   क्यों हो रही पेंशन बढ़ाने की मांग? एम्पलॉयीज का कहना है कि बदलते समय के साथ अब बाजार में हो रही महंगाई के हिसाब से पेंशन स्कीम से मिलने वाले 1000 रुपये काफी कम हैं. ऐसे में ट्रेड यूनियन और पेंशन का लाभ लेने वाले लोगों के यूनियंस काफी लंबे समय से इस राशि को बढ़ाकर 7500 रुपये करने की डिमांड कर रहे हैं. हालांकि, रिपोर्टस के अनुसार CBT ने पेंशन में सीधे 7.5 गुना की बढ़ोतरी से साफ इनकार कर दिया है.   कैसे डिसाइड होती है EPFO पेंशन? EPS स्कीम के तहत पेंशन को कैलकुलेट करने का भी अपना एक तरीका है. इसका फॉर्मूला (पेंशन = पेंशनेबल सैलरी × पेंशनेबल सर्विस)÷ 70 होता है. इसमें पेंशनेबल सैलरी यानी आपके आखिरी 60 महीनों का सैलरी एवरेज और पेंशनेबल सर्विस यानी सर्विस के कितने साल EPS में कॉन्ट्रीब्यूट किया. पेंशन पाने के लिए मैक्सिमम सैलरी लिमिट 15000 रुपये पर मंथ होती है. साथ ही, इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए कम से कम 10 साल की नौकरी जरूरी होती है. 

शांति की ओर बड़ा कदम: हमास ने किया बंधकों को रिहा, ट्रंप बोले– अब बदलेगा मिडिल ईस्ट

यरुशलम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इजराय के यरुशलम में नेसेट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अंधकार और कैद में दो कष्टदायक वर्षों के बाद 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं।" बता दें, करीब दो सालों तक इजरायल और हमास के बीच चले युद्ध के बीच सीजफायर का एलान किया गया है। इसी कड़ी में इजरायल ने ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को इजरायली संसद में भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ से की। उन्होंने कहा, "थैंक्यू वेरी मच, बीबी। ग्रेट जॉब।" यह भाषण उस ऐतिहासिक मौके पर हुआ जब हमास ने 20 बचे हुए बंधकों को रिहा कर दिया। यह रिहाई संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कराई गए सीजफायर और बंधक सौदे का हिस्सा थी।   ट्रंप का बड़ा ऐलान इस दौरान ट्रंप ने कहा कि यह समझौता युद्ध के अंत और स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे मिडिल ईस्ट का नया ऐतिहासिक सवेरा बताया। ट्रंप ने कहा, "यह एक सुनहरा दौर होगा इजरायल के लिए, ठीक वैसे ही जैसे अभी अमेरिका के लिए हैं।" दो साल बाद रुका युद्ध हमास द्वारा सभी 20 बंधकों कि रिहाई के साथ ही दो साल से चल रही जंग पर रोक लग गई। इस युद्ध ने गाजा के बड़े हिस्से को खंडहर में बदल दिया था और कई हजार फलिस्तीनियों की जान चली गई थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि युद्धविराम मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में नया अध्याय खोलेगा।  

शेख हसीना समेत 11 पर बड़ी कार्रवाई, एसीसी ने 300 करोड़ के घोटाले में की FIR

ढाका  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत 11 लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, एंटी करप्शन कमीशन (एसीसी) ने हसीना समेत 17 लोगों के खिलाफ 300 करोड़ के मंघना-गोमती पुल घोटाला मामले में शिकायत दर्ज की है। एसीसी के जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ने शेख हसीना समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एसीसी ने पुल के हसीना की सरकार पर टोल संग्रह के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने में अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। एसीसी के अनुसार इससे सरकार को 300 करोड़ टका से अधिक का नुकसान हुआ। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार इस मामले में एसीसी ने पूर्व मंत्री अमीर हुसैन अमू, तोफैल अहमद, खांडकर मुशर्रफ हुसैन, ओबैदुल कादर, अनीसुल हक और एम ए मन्नान, पूर्व सचिव एमएएन सिद्दीक, पूर्व अतिरिक्त सचिव मोहम्मद फारुक जलील, पूर्व उप सचिव मोहम्मद शफीकुल करीम, सड़क एवं राजमार्ग प्रभाग और पुल प्रभाग के पूर्व इंजीनियर मोहम्मद फिरोज इकबाल, इब्न आलम हसन, मोहम्मद आफताब हुसैन खान, मोहम्मद अब्दुस सलाम और सीएनएस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मुनीर उज्जमान चौधरी, इसकी निदेशक सेलिना चौधरी और इकराम इकबाल को आरोपी बनाया है। एसीसी की तरफ से इस मामले में की गई जांच के अनुसार, पुल के टोल वसूलने की जिम्मेदारी 2016 में एकल कोटेशन के माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम्स (सीएनएस) लिमिटेड को दी गई थी। हालांकि, उस समय संबंधित मंत्रालय ने पिछली कंपनी की वैध निविदा रद्द कर दी और अन्य फर्मों से परामर्श किए बिना ही एक नई डील कर ली। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, नए समझौते के तहत शेख हसीना की सरकार में संबंधित मंत्रालय ने सीएनएस लिमिटेड को कुल एकत्रित टोल से वैट और आयकर को छोड़कर 17.75 प्रतिशत सेवा शुल्क प्राप्त करने की अनुमति दी। इसकी वजह से सीएनएस लिमिटेड को पुल से 489 करोड़ टका के बिल प्राप्त हुए, जबकि 2010 से 2015 के बीच टोल संग्रह के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी को 15 करोड़ टका का भुगतान किया गया। एसीसी ने यह भी खुलासा किया कि सीएनएस लिमिटेड के साथ निविदा के एकल स्रोत समझौते के कारण सरकार को 2016 से 2022 की अवधि के दौरान 309 करोड़ टका का नुकसान हुआ। स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि आरोपी व्यक्ति अपने या दूसरों के लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ मिलीभगत करके धोखाधड़ी कर रहे थे और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके भ्रष्टाचार में लिप्त हुए।

UCC में बड़ा बदलाव: उत्तराखंड सरकार की मंजूरी से विदेशियों से शादी आसान, जानें कौन से दस्तावेज जरूरी

देहरादून  देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गृह सचिव शैलेश बगोली ने बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। गृह सचिव शैलेश बगोली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आने वाले मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बैठक में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत छोटे घरों और दुकानों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार ने फ्रीज जोन में राहत देने का भी फैसला किया है। इसके लिए नए मानक जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को सेवा अवधि में एक बार जनपद परिवर्तन की अनुमति दी है। इससे लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिलेगी। गृह सचिव शैलेश बगोली के अनुसार, कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत विवाह पंजीकरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संशोधन मंजूर किया। पहले नेपाली, तिब्बती और भूटानी मूल के लोगों को आधार कार्ड के आधार पर विवाह की अनुमति थी, लेकिन अब अन्य वैध दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाएगी। नेपाली और भूटानी नागरिक अपने देश का नागरिकता प्रमाण पत्र या भारत में 182 दिन तक रहने वाले नेपाली मिशन और रॉयल भूटानी मिशन की ओर से जारी सीमित वैध पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। तिब्बती नागरिकों के लिए विदेशी पंजीकरण अधिकारी की ओर से जारी वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र को मान्य माना जाएगा। कैबिनेट ने कार्मिक विभाग में स्थायीकरण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा विधायी विभाग के विशेष सत्र आयोजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देहरादून में विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस विशेष सत्र की तारीख घोषित करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह सत्र राज्य की 'सिल्वर जुबली' के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उत्तराखंड की 'सिल्वर जुबली' के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने पर इस अवधि में उत्तराखंड की ओर से देखे गए अलग-अलग उतार-चढ़ावों पर चर्चा की जाएगी।"

टेक और सुरक्षा पर जोर: भारत-कनाडा ने किए अहम समझौते

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। भारत-कनाडा की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों नेताओं ने आवश्यक तंत्रों को 'पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित' करने पर चर्चा की। इसके साथ ही एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति जताई। भारत-कनाडा की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान में, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अनीता आनंद ने सहयोग करने, सूचना और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी-अपनी जलवायु महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने पर सहमति जताई। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, भारी उद्योगों का कार्बन-मुक्तिकरण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, रसायनों के सुदृढ़ प्रबंधन का समर्थन और सतत उपभोग सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने एआई और डिजिटल अवसंरचना सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नए आयाम खोलने के लिए सहयोग बढ़ाने पर हामी भरी है। संयुक्त बयान में कहा गया है, "लोगों के बीच संबंध, आपसी समझ को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सहयोग के निर्माण के लिए, दोनों पक्ष शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यावसायिक गतिशीलता में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। उभरती प्रौद्योगिकियों (जैसे एआई, साइबर सुरक्षा और फिनटेक) में अनुसंधान साझेदारी पर जोर दिया जाएगा और विदेशी परिसरों के माध्यम से भारत में कनाडाई शैक्षणिक उपस्थिति का विस्तार किया जाएगा। इसमें कनाडा-भारत शैक्षणिक नेटवर्क और संस्थागत संबंधों को विस्तारित करने के लिए उच्च शिक्षा पर संयुक्त कार्य समूह को पुनर्जीवित करना भी शामिल है।" दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिसके तहत अधिक प्रभावी और समावेशी बहुपक्षीय संस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए काम किया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद, जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और अनीता आनंद ने वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हुई। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तंत्रों को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने हेतु रचनात्मक चर्चा हुई। वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति हमारी प्रतिक्रियाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हम एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर भी सहमत हुए और अपने सहयोग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का नेतृत्व करने पर सहमत हुए ताकि यह हमारे नेताओं की अपेक्षाओं और हमारे लोगों के हितों को पूरा कर सके।"

बडगाम-नगरोटा: J&K की इन दो सीटों पर उपचुनाव, जानें प्रक्रिया और तारीखें

जम्मू-कश्मीर  भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को बडगाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन दोनों सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर तय की गई है। इन दोनों सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। 

इजरायल में बंधक संकट खत्म, पीएम मोदी बोले – ट्रंप के प्रयासों से मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली इजरायल और हमास के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद सोमवार को हमास ने सभी 20 बंधकों को रिहा कर दिया। इसके एलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद कहा और इसे मिडिल ईस्ट के लिए एक नया सवेरा बताया। इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता और फिर बंधकों की रिहाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि करीब दो साल बाद बंधकों को रिहा करने का कदम स्वागत योग्य है। पीएम मोदी ने ट्रंप का इस मामले पर समर्थन भी जताया है।