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दिल्ली-उत्तर भारत में बदलेंगे मौसम के मिज़ाज, IMD ने ठंड और बारिश को लेकर जारी किया बड़ा अलर्ट

नई दिल्ली देश के उत्तरी इलाकों में हल्की सर्द हवा बहने लगी है और दिवाली की चमक के साथ ही ठंड की आहट भी साफ सुनाई देने लगी है। भारतीय मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के मुताबिक, इस बार दिवाली के तुरंत बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठिठुरन तेज़ी से बढ़ सकती है। अभी आसमान साफ़ है और बारिश का कोई संकेत नहीं है, लेकिन तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो चुकी है — और ये शुरुआत है एक लंबी सर्दी की। दिल्ली-NCR में तापमान गिरा, सुबह-शाम महसूस हो रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में दिन का तापमान अभी 30-31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि रात का पारा घटकर 18-19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ये आंकड़े मौसमी औसत से कुछ कम हैं और अगले कुछ दिनों में और भी नीचे जा सकते हैं। दिल्ली में सोमवार को न्यूनतम तापमान 19°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे है। लगातार चौथे दिन राजधानी का पारा 20°C से नीचे बना हुआ है — यानी सर्दी ने धीरे-धीरे शहर में अपने कदम जमा लिए हैं। त्योहारी सीज़न के बाद बढ़ेगा प्रदूषण का खतरा सर्दी की दस्तक के साथ दिल्ली की हवा में ज़हर घुलना भी शुरू हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सोमवार शाम तक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 189 दर्ज किया गया — जो कि ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। सर्दियों में तापमान घटने के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ना आम बात है, और विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्तों में हालात और बिगड़ सकते हैं। दक्षिण भारत में हो सकती है भारी बारिश जहां उत्तर भारत में सर्दी दस्तक दे रही है, वहीं देश के दक्षिणी हिस्सों में अभी भी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक: तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, और लक्षद्वीप में 15 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और गोवा में भी 15 अक्टूबर को गरज के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल में मानसून ने कह दिया अलविदा इस बीच, बंगाल से दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई हो चुकी है। अब राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। कोलकाता में सोमवार को अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 24°C दर्ज किया गया, जो इस समय के लिए सामान्य है। आईएमडी ने अगले कुछ दिनों तक यहां आंशिक बादल रहने की संभावना जताई है, लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। क्या कहना है मौसम विभाग का? अगले 7 दिनों तक उत्तर भारत में मौसम शांत और सूखा रहेगा। दिवाली के बाद तापमान में गिरावट और हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, दक्षिण भारत को भारी बारिश और तेज हवाओं के लिए तैयार रहना होगा।  अब वक़्त है रज़ाई निकालने का! त्योहारों की रौनक के बीच सर्दी ने चुपचाप दस्तक दे दी है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह-शाम की गुलाबी ठंड जल्द ही कंबल और स्वेटर निकालने पर मजबूर कर देगी। दूसरी तरफ, दक्षिण भारत में बारिश की बूंदें अब भी मौसम को भीगा रही हैं।  

NHAI की बड़ी योजना: नेशनल हाईवे की फोटो भेजो, पैसों की गारंटी ₹1,000!

नई दिल्ली क्या कभी आपने किसी टोल प्लाजा पर गंदे टॉयलेट देखकर नाराज़गी महसूस की है? अगर हां, तो अब यही नाराज़गी आपके लिए इनाम का जरिया बन सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए एक अनोखी योजना की शुरुआत की है, जिसमें यात्रियों को गंदे टॉयलेट की रिपोर्टिंग करने पर ₹1,000 का FASTag रिचार्ज इनाम के तौर पर दिया जाएगा। 31 अक्टूबर 2025 तक चलेगा ये खास ऑफर NHAI की यह पहल देशभर के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू होगी और इसकी अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है। इस मुहिम का मकसद है-हाईवे यात्रियों को साफ-सुथरे वॉशरूम उपलब्ध कराना और जिम्मेदार नागरिकों को इसमें भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना। कैसे मिलेगा इनाम? जानिए प्रक्रिया इस स्कीम के तहत कोई भी यात्री यदि किसी गंदे टॉयलेट को देखता है तो वह ‘मार्ग यात्री’ मोबाइल ऐप के जरिए उस टॉयलेट की जियो-टैग की गई, टाइम-स्टैम्प्ड असली तस्वीर अपलोड कर सकता है। इसके साथ यात्रियों को अपने नाम, मोबाइल नंबर, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और लोकेशन की जानकारी भी देनी होगी। रिपोर्ट की गई शिकायत की AI और मैन्युअल जांच की जाएगी। अगर रिपोर्ट सही पाई जाती है तो संबंधित वाहन नंबर पर ₹1,000 का FASTag रिचार्ज क्रेडिट कर दिया जाएगा। इन नियमों का रखें ध्यान वरना इनाम नहीं मिलेगा इस योजना को लेकर कुछ सख्त नियम भी तय किए गए हैं: एक वाहन को केवल एक बार इनाम मिलेगा। यानी योजना की पूरी अवधि में कोई भी गाड़ी सिर्फ एक बार रिवॉर्ड के लिए पात्र होगी। एक टॉयलेट पर एक दिन में केवल एक इनाम मिलेगा – अगर कई लोग उसी टॉयलेट की शिकायत करते हैं, तो सबसे पहले सही रिपोर्ट भेजने वाले को ही इनाम मिलेगा। केवल एनएचएआई द्वारा संचालित टॉयलेट्स पर यह स्कीम लागू होगी। ढाबों, पेट्रोल पंपों या अन्य निजी जगहों पर बने टॉयलेट्स इस योजना के दायरे में नहीं आते। एडिट की गई, पुरानी या दोहराई गई फोटो अमान्य होंगी। सिर्फ ऐप से खींची गई असली, स्पष्ट और जियो-टैग्ड तस्वीरें ही स्वीकार की जाएंगी। शिकायत नहीं, अब जिम्मेदारी बनाएं इनाम का जरिया इस स्कीम के जरिए NHAI हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को स्वच्छ और उपयोगी बनाना चाहता है। अब यात्रियों को न केवल सफाई के लिए आवाज उठाने का मौका मिल रहा है, बल्कि उन्हें इसके लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। तो अगली बार जब आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करें और किसी टोल प्लाजा पर गंदा वॉशरूम देखें, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। ‘मार्ग यात्री’ ऐप खोलिए, रिपोर्ट कीजिए और कमाइए ₹1,000 का रिचार्ज!  

पाकिस्तान पर जीत का एलान? तालिबान के दावों और अफगानों के प्रचंड नारे से बढ़ी कड़वाहट

काबुल  पाकिस्तान के साथ खूनी जंग में तालिबानी लड़ाकों ने खुद को विजेता घोषित कर दिया है. अफगानिस्तान के कई शहरों में जनता तालिबानी लड़ाकों के साथ सड़क पर जश्न मना रही है. अफगानिस्तान के आम शहरियों ने कहा है कि अफगानिस्तान की सरजमीं पर पाकिस्तानियों की बुरी नजर बर्दाश्त नहीं है. अफगानिस्तान के खोस्त, नंगरहार, पकीता, पंजशीर और काबुल में इस लड़ाई को पाकिस्तानियों को अफगानियों का जवाब बताया जा रहा है.  अफगानिस्तान की अंग्रेजी वेबसाइट टोलो न्यूज के अनुसार अफगानिस्तान की अवाम का कहना है कि पाकिस्तान के साथ टकराव में उनकी सेना की बहादुरी सराहनीय है और अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली पाकिस्तान की कार्रवाई उनके लिए असहनीय है. अफगानी सेना और तालिबानी लड़ाकों का समर्थन करने के लिए कई शहरों में युवा और कबीलाई नेता जमा हुए. कुनार निवासी दाऊद खान हमदर्द ने कहा, "अगर पाकिस्तान ने हमारे क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया होता, तो अफगानिस्तान को उनके खिलाफ इस तरह के हमले करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता." नंगरहार निवासी मोहम्मद नादेर ने कहा, "हमारी सीमाएं अन्य पड़ोसियों के साथ भी लगती हैं, फिर भी उनके साथ हमारे संबंध खराब नहीं हुए हैं. इससे पता चलता है कि समस्या हमारे साथ नहीं, बल्कि पाकिस्तान के साथ है, क्योंकि वह हमेशा से समस्याओं का स्रोत रहा है." कबायली बुज़ुर्गों,मजहबी विद्वानों ने घोषणा की कि मुल्क के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन उन्हें बर्दाश्त और वे इसके विरुद्ध कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं. कुनार के एक कबायली बुज़ुर्ग तवोस खान अखुंदज़ादा ने कहा, "अफगानिस्तान साम्राज्यों का कब्रिस्तान है. पाकिस्तान को अफगानिस्तान के इतिहास से सीख लेनी चाहिए और अफगानों को परेशान करना बंद करना चाहिए."पक्तिया निवासी मुस्लिम हैदरी ने कहा, "इस्लामिक अमीरात और अफगानिस्तान के लोगों का अपनी जमीन और क्षेत्र के एक-एक इंच की रक्षा करना वैध अधिकार है." अफगान की सुरक्षा पर कमेंट करने वाले एक हैंडल ने लिखा, "डूरंड रेखा पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हालिया "बदला" अभियान में तालिबान बलों की जीत का जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं. तालिबान लड़ाके झड़पों के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से कथित तौर पर ज़ब्त किए गए हथियार भी दिखाते नजर आ रहे हैं.  अफगान डिफेंस के एक हैंडल ने लिखा, "अफगान फोर्सेज द्वारा पाकिस्तान को करारी शिकस्त दिए जाने के बाद अफगानी लोग अपने सैनिकों के सम्मान में एकत्रित होकर खुशी का जश्न मना रहे हैं." तालिबान के हमले में 58 सैनिक हुए ढेर, बौखलाए मुनीर ने बुलाई इमर्जेंसी मीटिंग अफगान तालिबान के एक के बाद एक हमलों ने पाकिस्तान की सेना को हिला दिया है. इन हमलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में सोमवार देर रात आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई. सीएनएन-न्यूज18 को शीर्ष खुफिया सूत्रों ने बताया कि यह बैठक डूरंड लाइन (Durand Line) के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हुए तालिबान के हमलों के बाद बुलाई गई थी. इन हमलों ने पाक सेना की खुफिया और सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. बैठक में कॉर्प्स कमांडर पेशावर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, दक्षिणी कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम अहमद खान, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद अवाइस, DG ISI आसिम मलिक, DGMI मेजर जनरल वाजिद अजीज और DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक आसिम मुनीर बेहद नाराज नजर आए और उन्होंने अपने कमांडरों से सख्त लहजे में पूछा, ‘पहले से खुफिया जानकारी क्यों नहीं थी? यह इंटेलिजेंस फेल्योर कैसे हुआ? कंटिजेंसी प्लान कहां था?’ मुनीर ने दिया बड़ा आदेश सूत्रों के मुताबिक, मुनीर ने इसे बड़ी रणनीतिक विफलता बताते हुए हर अधिकारी से जवाब मांगा कि तालिबान की इस व्यापक कार्रवाई का कोई पूर्व संकेत क्यों नहीं मिला और फौरन जवाबी कार्रवाई की तैयारी क्यों नहीं थी? उन्होंने सभी वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें, जिसमें सभी कमियां, कारण और सुधारात्मक कदम स्पष्ट रूप से बताए जाएं. साथ ही, उन्होंने आदेश दिया कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और ‘किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए हर मोर्चे पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय’ किए जाएं. तालिबान के हमले से थर्राया पाकिस्तान मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अब ‘युद्ध की स्थिति में है. अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर.’ उन्होंने सवाल किया- ‘हम कब तक एक ‘सॉफ्ट स्टेट’ बने रहेंगे जबकि हमारे जवान और नागरिक लगातार कुर्बान हो रहे हैं? अब वक्त है सख्त कदम उठाने का.’ खुफिया सूत्रों के अनुसार, तालिबान ने सात अलग-अलग मोर्चों अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दिर, चितराल, वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा) और बहराम चाह व चमन (बलूचिस्तान) से भारी आर्टिलरी से हमला किया. इन हमलों ने पाकिस्तानी चौकियों को अचानक निशाना बनाया और सेना को चौंका दिया. क्यों भिड़े 'बिरादर' अफगानिस्तान और पाकिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल की भिड़ंत डुरंज लाइन पर 11-12 अक्टूबर 2025 की रात हुई. इसका मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा 9-10 अक्टूबर को काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले थे. अफगानिस्तान पर राज कर रहे तालिबान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया. पाकिस्तान ने इन हमलों को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर कार्रवाई कहा. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इन्हें अफगानिस्तान में पनाह मिलता है.  पाकिस्तानी हमले के जवाब में तालिबान ने जवाबी कार्रवाई में 25 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला किया. पाकिस्तान ने कहा कि इस हमले में उन्होंने 200 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और उसके 23 सैनिक मारे गए. जबकि तालिबान का दावा है कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. अभी दोनों देशों के बीच व्यापार बंद है और टेंशन चरम पर है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई कभी भी शुरू हो सकती है. 

अफगानिस्तान पर बयानबाज़ी में भारत का पलटवार, पाकिस्तान को UN में लगाई फटकार

नई दिल्ली भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में बाल अधिकारों के गंभीर उल्लंघन और सीमापार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जमकर धोया. 80वें UNGA सत्र में बोलते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए वैध और आवश्यक बताया. सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र गए संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल दुबे ने कहा कि पाकिस्तान बाल एवं सशस्त्र संघर्ष (सीएएसी) एजेंडे का सबसे गंभीर उल्लंघनकर्ता बना हुआ है. उन्होंने सीएएसी में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीमापार आतंकवाद, गोलाबारी और हवाई हमलों में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया, जिसके कारण अफगान बच्चों की हत्या और अपंगता हुई है. 'अफगान बच्चों की हत्या और अपंगता के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार' बीजेपी सांसद ने कहा, "अपनी सीमाओं से परे इसी रिपोर्ट में पाकिस्तान द्वारा स्कूलों, खासकर लड़कियों के स्कूलों में स्वास्थ्य कर्मियों पर किए गए हमलों और अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर हुई घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है, जहां पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी और हवाई हमले सीधे तौर पर अफ़ग़ान बच्चों की हत्या और अपंगता के लिए जिम्मेदार थे."

इकलौते हिंदू बंधक बिपिन जोशी की हमास की कैद में मौत, लौटाया गया पार्थिव शरीर

तेल अवीव हमास की ओर से बंधक बनाए गए नेपाली हिंदू छात्र बिपिन जोशी का शव इजरायल को लौटा दिया गया है। 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर किए गए हमले के दौरान उसका अपहरण कर लिया गया था। अटैक के वक्त जोशी ने अपनी बहादुरी से कई सहपाठियों की जान बचाई थी। सोमवार को गाजा में संघर्ष विराम समझौते के बाद उसकी मृत्यु की पुष्टि ऐसे समय हुई, जब 20 जीवित बंधकों की रिहाई पर उत्सव का माहौल था। बंधक बनाए जाने के कुछ दिनों बाद इजरायली सेना की ओर से वीडियो फुटेज जारी किया गया, जिसमें जोशी को गाजा के शिफा अस्पताल में घसीटते हुए दिखाया गया था। यह उनकी आखिरी ज्ञात जीवित झलक थी। हमास के लड़ाकों ने जब हमला किया, तब 22 वर्षीय बिपिन जोशी नेपाल से गाजा सीमा के पास किबुत्ज अलुमिम गए थे। यहां वह खेती-किसानी को लेकर ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए आए थे। जोशी गाजा में जीवित माने जाने वाले एकमात्र गैर-इजरायली और हिंदू बंधक थे। नेपाल के इजरायल में राजदूत धन प्रसाद पंडित ने रिपब्लिका को उनकी मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात हमास ने जोशी के शव को इजरयइली अधिकारियों को सौंप दिया। पंडित ने कहा, 'बिपिन जोशी का शव हमास ने इजरायली अधिकारियों को सौंपा है और इसे तेल अवीव ले जाया जा रहा है।' जिंदा ग्रेनेड को पकड़कर फेंका था बाहर इजरायली सैन्य प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि हमास ने बिपिन जोशी सहित 4 बंधकों के शव लौटाए हैं। उनके शव को नेपाल भेजने से पहले डीएनए टेस्ट किया जाएगा। उम्मीद है कि उनका अंतिम संस्कार नेपाली दूतावास के सहयोग से इजरायल में किया जाएगा। जोशी की इजरायल यात्रा सितंबर 2023 में शुरू हुई, जब वह 16 अन्य छात्रों के साथ किबुत्ज अलुमिम गए थे। यह पहल नेपाली छात्रों को इजरायली कृषि तरीकों के बारे ट्रेनिंग देने के लिए की गई थी। 7 अक्टूबर की सुबह हमास आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया। छात्रों ने बम बंकर में शरण ली। जब बंकर के अंदर ग्रेनेड फेंके गए तो जोशी ने एक जिंदा ग्रेनेड को पकड़कर बाहर फेंक दिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। हालांकि, हमले में वह घायल हो गए और बाद में हमास के बंदूकधारियों ने उन्हें पकड़ लिया।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शुभमन को सलाह: ‘मैनेज मत करना, बस खेल पर ध्यान दो’

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह है। यह सीरीज खास इसलिए भी है क्योंकि टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा लंबे अंतराल के बाद मैदान पर उतरेंगे। एशिया कप 2025 (टी20 फॉर्मेट) जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर है, लेकिन अब ध्यान इस हाई-वोल्टेज सीरीज पर है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस बार टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी। बीसीसीआई चयन समिति ने अनुभव के बावजूद रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाकर गिल को नया कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। अब रोहित और कोहली को लेकर पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने नए कप्तान गिल को खास सलाह दी है। पार्थिव पटेल ने दी शुभमन गिल को सलाह पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल को सलाह दी है कि उन्हें विराट कोहली और रोहित शर्मा को मैनेज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पार्थिव का मानना है कि दोनों खिलाड़ी इतने अनुभवी और परिपक्व हैं कि उन्हें किसी तरह की विशेष गाइडेंस या नियंत्रण की जरूरत नहीं है। पार्थिव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई समस्या होगी क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को अपनी भूमिका अच्छी तरह पता है।' पार्थिव पटेल ने कही यह बात उन्होंने कहा, 'आप विराट को देखिए, वह तब कप्तान बने जब एमएस धोनी अभी भी खेल रहे थे। उन्हें पता है कि एक सीनियर खिलाड़ी नए कप्तान को कैसे समर्थन देता है। रोहित के साथ भी यही बात रही। जब वह कप्तान बने तो विराट भले उनके सीनियर नहीं थे, लेकिन एक पूर्व कप्तान के तौर पर उन्होंने सहयोग दिया।' पार्थिव ने यह भी जोड़ा कि गिल को अपने ऊर्जा स्तर को ऐसे सीनियर खिलाड़ियों को संभालने में नहीं लगाना चाहिए। पार्थिव ने कहा, 'दोनों बहुत परिपक्व हैं और भारतीय क्रिकेट की भलाई के लिए फैसलों को समझते हैं। शुभमन को उन्हें मैनेज करने में अपनी ऊर्जा नहीं लगानी चाहिए।' गिल की कप्तानी में नया अध्याय यह पहली बार होगा जब विराट कोहली और रोहित शर्मा किसी युवा खिलाड़ी शुभमन गिल की कप्तानी में खेलेंगे। इससे पहले, कोहली ने रोहित शर्मा के नेतृत्व में खेला था जब उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ी थी, लेकिन अब परिदृश्य अलग है। गिल न सिर्फ टीम के भविष्य का प्रतीक हैं बल्कि एक नई सोच के साथ टीम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उन पर है। टीम इंडिया के लिए नया संतुलन आने वाली सीरीज यह तय करेगी कि यह नई कप्तानी जोड़ी कितनी सहजता से काम कर पाती है। भारतीय टीम के लिए यह सीरीज न सिर्फ तैयारी का मौका है, बल्कि यह भी देखने का कि युवा कप्तान शुभमन गिल किस तरह सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठाते हैं, बिना मैनेज किए और साथ लेकर।  

शहबाज शरीफ के सामने ट्रंप ने की पीएम मोदी की खुलकर तारीफ

मिस्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है और मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त वहीं शीर्ष पर हैं। उन्होंने शानदार काम किया है। ट्रंप ने यह बयान मिस्र के शहर शर्म अल-शेख में हुए विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान दिया, जो गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद आयोजित किया गया था। गाजा समझौते के बीच ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ  गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद मिस्त्र में आयोजित  वैश्विक नेताओं के शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना बहुत अच्छा मित्र करार दिया और भारत की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि भारत एक महान देश है और उसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा मित्र है, जिसने शानदार काम किया है। मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान अब बहुत अच्छे से साथ रहेंगे। बता दें कि इस दौरान खास बात यह रही कि जब ट्रंप पीएम मोदी की तारीफ कर रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पीछे ही खड़े थे। मोदी की तारीफ करते समय ट्रंप ने शहबाज की ओर भी देखा। इस पर शरीफ ने मुस्कुराते हुए ट्रंप की बात का स्वागत किया।  बंधकों का पुनर्मिलन हो रहा है… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वर्षों की पीड़ा और रक्तपात के बाद, गाजा में युद्ध समाप्त हो गया है। अब मानवीय सहायता पहुंच रही है, जिसमें सैकड़ों ट्रक भरकर भोजन, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामग्री शामिल है, जिसका अधिकांश भुगतान इस कमरे में बैठे लोगों द्वारा किया जा रहा है। नागरिक अपने घरों को लौट रहे हैं। बंधकों का पुनर्मिलन हो रहा है… एक नए और खूबसूरत दिन को उगते देखना बहुत ही सुंदर है और अब पुनर्निर्माण शुरू हो रहा है। मध्य पूर्व से परे दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण इस दौरान ट्रंप ने गाजा शांति शिखर सम्मेलन में कहा कि यह मध्य पूर्व से परे दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि गाजा का समर्थन लोगों के उत्थान के लिए ही किया जाना चाहिए। लेकिन हम अतीत में हुए रक्तपात, घृणा या आतंक से जुड़ी किसी भी चीज को वित्तपोषित नहीं करना चाहते। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि इसे विसैन्यीकृत किया जाए और गाजा में लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए एक नए ईमानदार नागरिक पुलिस बल की स्थापना की जाए। मैं एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में भागीदार बनने का इरादा रखता हूं। उम्मीद है कि तीसरा विश्व युद्ध नहीं होगा, लेकिन यह मध्य पूर्व में शुरू नहीं होने वाला है। हम तीसरा विश्व युद्ध नहीं लड़ेंगे। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने की ट्रंप से मुलाकात इससे पहले विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मध्य पूर्व शांति समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प से मुलाकात की। इस शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने की और इसमें कई विश्व नेताओं ने भाग लिया।  भारत ने गाजा शांति समझौते का स्वागत किया, स्थायी शांति की उम्मीद जताई  भारत ने इस्राइल और हमास के बीच युद्ध विराम और गाजा में शांति के लिए समझौते का स्वागत किया है। भारत ने उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी।   विदेश मंत्रालय ने देर रात जारी बयान में बातचीत द्वारा दो राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के दीर्घकालिक समर्थन को दोहराया तथा कहा कि वह क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत करता है और आशा करता है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी। मंत्रालय ने कहा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा शांति योजना का समर्थन करते हैं और इसे प्राप्त करने और शांति के मार्ग को आगे बढ़ाने में मिस्र और कतर की बहुमूल्य भूमिका की सराहना करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि शांति शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों को मजबूत करना था, जो क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह बातचीत के जरिये द्विराष्ट्र समाधान के लिए भारत के दीर्घकालिक समर्थन के अनुरूप भी है। भारत क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। शहबाज शरीफ ने ट्रंप को बताया ‘शांति दूत’ शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित होने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले भी ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था और अब वे उन्हें दोबारा नामित करना चाहते हैं।  

तालिबान ने कहा — इस्लामिक स्टेट को NATO-अमेरिका ने पनपाया, हमने जड़ से मिटाया

तालिबान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने दावा किया कि आतंकी संगठन ISIS को अफगान जमीन से पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद इस्लामिक अमीरात ने पूरे देश में सुरक्षा और नियंत्रण स्थापित कर लिया है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को मुत्तकी ने कहा, 'जब अमेरिका और नाटो की मौजूदगी थी, तब विभिन्न प्रांतों में आईएसआईएस के बड़े केंद्र थे। उस समय भी हमें संघर्षों का सामना करना पड़ा। लेकिन इस्लामिक अमीरात ने पूरे देश पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद मजबूत अभियान चलाया। शुक्र है कि अब अफगानिस्तान की एक इंच जमीन पर भी ISIS या कोई अन्य समूह सक्रिय नहीं है।' आमिर खान मुत्तकी ने भारतीय उद्योग जगत को आश्वासन दिया कि तालिबान शासित देश में शांति स्थापित हो गई है। भारत के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। भारतीय उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि वीजा एक गंभीर समस्या बनी हुई है और दोनों पक्षों के व्यापारियों की सुगम आवाजाही के लिए इस मुद्दे का तुरंत समाधान करने जरूरत है। फिक्की ने अफगान मंत्री के हवाले से बयान में कहा, ‘अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भारतीय उद्योग जगत को आश्वासन दिया कि आवश्यक शांति स्थापित हो गई है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की गई हैं।’ उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार पहले ही एक अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। अमृतसर और काबुल-कंधार के बीच जल्द सीधी उड़ानें अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने कहा कि अमृतसर और काबुल व कंधार के बीच जल्द ही सीधी उड़ानें शुरू होंगी। उन्होंने इसे व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक कदम बताया। राज्यसभा सांसद और वाणिज्य पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने इस कदम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि नई उड़ानें भारत और अफगानिस्तान के बीच तेज और सुरक्षित हवाई पुल बनाएंगी। वहीं, आमिर खान मुत्तकी ने कहा कि भारत को चाबहार बंदरगाह पर प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत करनी चाहिए। वह रणनीतिक रूप से स्थित चाबहार बंदरगाह के अधिकतम इस्तेमाल के पक्ष में हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ अपनी बैठकों में प्रतिबंध हटाने का मुद्दा भी उठाया है।

जब कबूतर बने वजह: कैसे बनी जैनों की पहली राजनीतिक पार्टी और कितना है असर

मुंबई जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने बीएमसी के दादर उपनगर में कबूतरखाना और मुंबई के अन्य कबूतर-खिलाने की जगहों को बंद करने के खिलाफ हथियार उठाने की धमकी दी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि उनका इरादा शांतिपूर्ण तरीके को लेकर था। अब जैन समुदाय ने अपने राजनीतिक दल ‘शांतिदूत जनकल्याण पार्टी’ की घोषणा की है, जिसका चिह्न कबूतर रखा गया है। यह कदम लंबे समय से टल रहे बीएमसी चुनावों से पहले उठाया गया है। ऐसे में मुंबई के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। बीएमसी भारत की सबसे धनी नागरिक संस्था है। यहां 2017 के बाद से चुनाव नहीं कराए गए हैं। मुंबई में जैन समुदाय की अच्छी-खासी संख्या है। यह नई पार्टी कई वार्डों में मतों को प्रभावित कर सकती है या कम से कम वोटों का बंटवारा कर सकती है। BMC फिलहाल किसी भी निर्वाचित राजनीतिक दल के नियंत्रण में नहीं है। इसे राज्य की ओर से नियुक्त प्रशासक ऑपरेट कर रहे हैं। मालूम हो कि जैन भारत की आबादी का केवल 0.4% हैं। वे अपनी अहिंसा और सभी जीवों के प्रति करुणा के लिए जाने जाते हैं। कबूतरों को खाना खिलाने पर पाबंदी से भड़के जुलाई में जब बीएमसी ने कबूतरों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध की घोषणा की, तो समुदाय ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। दादर के कबूतरखाने में जैन समुदाय की ओर से हजारों कबूतरों को रोजाना खाना खिलाया जाता था, उसे पक्षियों को बैठने से रोकने के लिए ग्रे तिरपाल से ढक दिया गया। इसके बाद भी, समुदाय के सदस्यों ने उस स्थान के आसपास कबूतरों को खाना खिलाना जारी रखा। कबूतर स्वभाव से मजबूत पक्षी माने जाते हैं। ये आसपास की छतों पर चले जाते हैं। उनके मल से त्वचा रोग फैलने का खतरा रहता है। इनसे घरों, कारों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी की शिकायत की जाने लगी। BMC चुनाव में बदलेंगे समीकरण इस बीच, जैन समुदाय ने कबूतरखाना के आसपास की सड़कों पर कबूतरों को खाना खिलाना जारी रखा। यह मुद्दा जल्द ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। मुंबई में श्वेतांबर और दिगंबर जैन दोनों रहते हैं। कबूतरों के मुद्दे पर दोनों संप्रदायों में एकता देखी गई। इस तरह शांतिदूत जनकल्याण पार्टी अस्तित्व में आई। यह न केवल भारत की पहला जैन राजनीतिक दल है, बल्कि संभवतः पहली ऐसी पार्टी है जिसका गठन पशु-पक्षी के अधिकारों के मुद्दे पर हुआ है। दक्षिण मुंबई से लेकर उत्तरी उपनगरों तक फैले बड़े जैन समुदाय को देखते हुए BMC इलेक्शन में समीकरण बदल सकता है। घाटकोपर, कांदिवली, बोरीवली और मुलुंड जैसे मुंबई के कुछ इलाकों में जैन आबादी काफी है।  

सेमीकंडक्टर विवाद: इस देश ने लिया चीन की बड़ी चिप कंपनी का नियंत्रण

एम्स्टर्डम वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच नीदरलैंड्स सरकार ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए चीन की विंगटेक टेक्नोलॉजी के स्वामित्व वाली डच चिपमेकर कंपनी नेक्स्पेरिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। यह कदम डच आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा “गुड्स अवेलेबिलिटी एक्ट के तहत उठाया गया है, ताकि देश में आवश्यक चिप्स की सप्लाई और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नेक्स्पेरिया में “गंभीर प्रशासनिक खामियों के हालिया और तात्कालिक संकेत” मिले हैं, जो नीदरलैंड्स और यूरोप की तकनीकी क्षमताओं के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। बयान में कहा गया कि “इन क्षमताओं का नुकसान डच और यूरोपीय आर्थिक सुरक्षा के लिए जोखिम साबित हो सकता है,” विशेष रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए, जो चिप्स पर भारी निर्भर करता है। चिप उद्योग में रणनीतिक हस्तक्षेप नीजमेगन में मुख्यालय वाली नेक्स्पेरिया दुनिया की प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों में से एक है, जो मुख्यतः सरल कंप्यूटर चिप्स (जैसे डायोड और ट्रांजिस्टर) बनाती है। साथ ही यह कंपनी “वाइड गैप” सेमीकंडक्टर तकनीक पर भी काम करती है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग सिस्टम्स और एआई डेटा सेंटर्स में होता है। नीदरलैंड्स सरकार का कहना है कि यह हस्तक्षेप “अत्यंत असाधारण” स्थिति में किया गया है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में चिप आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए। यह निर्णय सितंबर में लागू किया गया था, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा अब की गई है। अमेरिका-चीन तनाव की पृष्ठभूमि में निर्णय यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के निर्यात पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि डच आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने अमेरिकी दबाव से इनकार करते हुए इसे “सिर्फ एक संयोग” बताया, लेकिन यह निर्णय उस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है जिसमें अमेरिका और नीदरलैंड्स दोनों चिप उद्योग पर निर्यात नियंत्रण को लेकर करीबी सहयोग कर रहे हैं। उधर, बीजिंग ने हाल ही में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मैग्नेट्स के निर्यात पर नियंत्रण लगाया है, जो यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए बेहद अहम हैं। इससे यूरोप-चीन व्यापारिक रिश्तों में और तनाव आ सकता है। विंगटेक पहले से अमेरिकी निगरानी सूची में गौरतलब है कि विंगटेक टेक्नोलॉजी को दिसंबर 2024 में अमेरिका ने अपनी “एंटिटी लिस्ट” में शामिल किया था। आरोप था कि कंपनी “संवेदनशील सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमताओं वाली संस्थाओं को हासिल करने के चीन सरकार के प्रयासों में सहायता” कर रही है। विंगटेक की तीखी प्रतिक्रिया इस फैसले पर विंगटेक ने नाराजगी जताई है। कंपनी ने अपने अब हटाए गए वीचैट पोस्ट में डच सरकार के कदम को “भू-राजनीतिक पक्षपात से प्रेरित अत्यधिक हस्तक्षेप” बताया। विंगटेक ने कहा कि उसने 2019 में नेक्स्पेरिया के अधिग्रहण के बाद से सभी स्थानीय कानूनों का पालन किया है और उसके यूरोप में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं- जिनमें नीदरलैंड्स, जर्मनी और ब्रिटेन शामिल हैं। नेक्स्पेरिया की प्रतिक्रिया और प्रभाव नेक्स्पेरिया के प्रवक्ता ने CNBC से कहा कि कंपनी सभी नियमों का पालन कर रही है और नियमित रूप से अधिकारियों के संपर्क में है, लेकिन उन्होंने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। इस घोषणा के बाद शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में विंगटेक के शेयर 10% की गिरावट के साथ अपने दैनिक सीमा तक लुढ़क गए। कंपनी की एक कॉर्पोरेट फाइलिंग (13 अक्टूबर) के अनुसार, अब नेक्स्पेरिया अस्थायी बाहरी प्रबंधन के अधीन है, जिसमें एक वर्ष तक कंपनी की परिसंपत्तियों, व्यवसाय या कर्मचारियों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विंगटेक के चेयरमैन झांग शुएझेंग को नेक्स्पेरिया में उनकी सभी भूमिकाओं से निलंबित कर दिया गया है, हालांकि कंपनी के दैनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहेंगे। बढ़ते यूरोप-चीन व्यापार तनाव इससे पहले 2023 में नीदरलैंड्स सरकार ने नेक्स्पेरिया द्वारा चिप स्टार्टअप “Nowi” के अधिग्रहण की जांच की थी, जिसे बाद में मंजूरी दे दी गई थी। लेकिन अब यह नया कदम चीन-नीदरलैंड्स व्यापारिक रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है, खासकर उस पृष्ठभूमि में जब डच कंपनी ASML को चीन को उन्नत चिप-मेकिंग उपकरणों के निर्यात पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। जैसे-जैसे वैश्विक व्यापार युद्ध और तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, नीदरलैंड्स सरकार का यह अभूतपूर्व कदम इस बात को रेखांकित करता है कि सेमीकंडक्टर अब केवल एक औद्योगिक उत्पाद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा का मूल स्तंभ बन चुके हैं।