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करियर में सफलता के लिए जानें 7 दौड़ते घोड़ों की फोटो लगाने की सही दिशा और वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु और दीवार पर लगी हर तस्वीर हमारे जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रभावशाली प्रतीक है 7 दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर। अक्सर लोग इसे केवल सजावट की वस्तु समझते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार, यह तस्वीर सफलता, शक्ति, साहस और प्रगति का प्रतीक है। अगर आप भी अपने करियर या बिजनेस में दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की चाहते हैं, तो इस तस्वीर को लगाने की सही दिशा और नियम जरूर जान लें, जो इस प्रकार हैं – क्यों है 7 की संख्या और घोड़ों का महत्व? हिंदू धर्म और अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बहुत शुभ माना गया है। जैसे कि सप्तर्षि, इंद्रधनुष के सात रंग, सात फेरे आदि। वहीं, घोड़ा सौर ऊर्जा का प्रतीक है, जो सूर्य के रथ से भी जुड़ा है। दौड़ते हुए घोड़े जीवन में कभी न रुकने वाली सफलता को दिखाते हैं। किस दिशा में लगाएं यह तस्वीर? पूर्व दिशा (East) – अगर आप अपने करियर में उन्नति और सामाजिक सम्मान चाहते हैं, तो यह तस्वीर घर की पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं। इससे सरकारी कामों में सफलता और मान-सम्मान मिलता है। दक्षिण दिशा (South) – कारोबार में नाम कमाने के लिए यह तस्वीर दक्षिण दिशा की दीवार लगाएं। इससे आपके कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमती है।उत्तर दिशा (North) – अगर आप आर्थिक समृद्धि और आय के नए स्रोत चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। तस्वीर लगाते समय इन 5 नियमों का रखें ध्यान घोड़ों का मुख हमेशा घर के अंदर की ओर होना चाहिए। अगर मुख मुख्य द्वार की ओर होगा, तो धन और अवसर बाहर की ओर चले जाएंगे। तस्वीर में घोड़े आक्रामक या डरावने नहीं दिखने चाहिए। उनके चेहरे पर प्रसन्नता और ऊर्जा का भाव होना चाहिए। घोड़ों की छवि पूरी होनी चाहिए। पैर कटे हुए या आधी-अधूरी तस्वीर वास्तु दोष पैदा करती है।हमेशा बिना लगाम के स्वतंत्र दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर चुनें। लगाम बंधे हुए घोड़े रुकावट का प्रतीक होते हैं। तस्वीर में पीछे की ओर उगता हुआ सूर्य या खुले मैदान हों तो यह और भी अधिक शुभ फल देती है। घोड़ों को कभी भी पानी या कीचड़ में दौड़ते हुए नहीं दिखाना चाहिए।  

तुलसी के संग ये पौधे लगाते ही बदल जाएगा माहौल, नकारात्मक ऊर्जा होगी खत्म

माना जाता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से नकारात्मकता दूर होती है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं इसलिए यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। वास्तु के अनुसार घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए केवल तुलसी का पौधा ही काफी होता है लेकिन अगर आप इसके साथ कुछ और पौधे भी लगाते हैं तो इनसे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा है तो उसके साथ इन पौधों को भी जरूर लगाएं- शमी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इसका संबंध शनिदेव से है। शनिवार के दिन इसकी पूजा करने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अगर इस पौधे को तुलसी के साथ लगाया जाए तो इससे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। माना जाता है कि काले धतूरे के पौधे में शिव जी का वास होता है। ऐसे में इसे घर पर लगाना काफी शुभ माना जाता है। तुलसी के साथ काले धतूरे का पौधा लगाने से भगवान शिव की खास कृपा मिलती है। केले का पेड़ लगाना भी शुभ माना जाता है। इससे घर की नैगेटिव एनर्जी दूर होती है। घर की दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तुदोष दूर होता है। घर के सभी सदस्यों को नियमित रूप से सुबह के समय तुलसी को जल देना चाहिए और शाम को शुद्ध गाय के घी या तिल के तेल का दीप जलाना चाहिए।

कामदा एकादशी 2026: इन वस्तुओं का दान दिलाएगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व है. हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन व्रत किया जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. हर एकादशी व्रत का अपना एक अलग महत्व है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ विष्णु जी का विशेष पूजन किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी के दिन व्रत और श्रीहरि विष्णु का पूजा-पाठ करने से जाने अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कामदा एकादशी के दिन व्रत और पूजा-पाठ के साथ दान भी किया जाता है. मान्यता है कि अगर कोई सच्चे मन से इस दिन व्रत रखे या दान-पुण्य करे, तो उसकी हर अधूरी इच्छा पूर्ण होती है. घर में धन धान्य बढ़ता है. कामदा एकादशी 2026 कब है? एकादशी तिथि का समापन: 29 मार्च रविवार को सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, 29 मार्च के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इसका पारण 30 मार्च को सोमवार सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट के बीच किया जाएगा. कामदा एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान     कामदा एकादशी के दिन मिट्टी के घड़े या मटके में पानी भरकर दान करना सबसे उत्तम होता है.     इस दिन गेहूं, चावल या मौसमी फल जैसे खरबूजा और आम का दान करना बहुत शुभ रहता है.     इस दिन जरूरतमंदों को छतरी (छाता) या जूते-चप्पल देना बहुत पुण्य काम माना जाता है.     इस दिन शाम के समय मंदिर में या फिर तुलसी के पौधे के पास दीपदान करने से जीवन का अंधकार दूर होता है.     इस दिन धार्मिक पुस्तकों का दान भी बेहद फलदायी होता है.  

Navratri 2026: कलश विसर्जन का सही समय क्या है? पढ़ें आसान विधि और नियम

आज महानवमी तिथि के समाप्ति के साथ ही चैत्र नवरात्रि का समापन हो गया. चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को ही महानवमी कहा जाता है. हालांकि, उदया तिथि के अनुसार, आज राम नवमी नवमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. वहीं महानवमी पर आज मां सिद्धरात्रि की पूजा की गई. लोगों ने कन्या पूजन किया. नवरात्रि का हवन किया. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है. ऐसे में अब लोगों के मन ये सवाल आ रहा है कि नवरात्रि के कलश का विसर्जन कब किया जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि का कलश विसर्जन किस दिन किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि कलश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि क्या है? नवरात्रि कलश विसर्जन शुभ मुहूर्त नवरात्रि का कलश विसर्जन नवमी तिथि के समापन के बाद शुभ रहता है.नवमी तिथि की पूजा आज की जा चुकी है. ऐसे में कलश विसर्जन के लिए आज यानी 27 मार्च का दिन भी शुभ है. क्योंकि सुबह 10 बजकर 06 मिनट के बाद दशमी तिथि लग चुकी है. ऐसे में आज भक्त दोपहर 1 बजे से कलश का विसर्जन कर सकते हैं. वहीं जिन लोगों ने माता रानी का नौ दिनों का व्रत रखा है वो 28 तारीख को यानी कल कलश विसर्जन करें. 28 मार्च को दशमी तिथि सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. इसलिए इस समय तक आप नवरात्रि के कलश का विसर्जन कर लें. क्योंकि इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी. कलश विसर्जन की विधि कलश विसर्जन करने से पहले कलश के ऊपर से नारियल को उठाएं. इसके बाद बोए गए जौ को काट लें. फिर कलश में रखे पवित्र जल में आम के पत्तों को डुबाएं और पूरे घर में इस पानी को छिड़कें. ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है. जिन लोगों ने मिट्टी का कलश स्थापित किया है वो माता दुर्गा का ध्यान करते हुए इसे विसर्जत कर दें. धातु का कलश स्थापित करने वाले उसमें रखी सामग्री विसर्जित करें. कलश विसर्जन के दौरान गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च’ मंत्र का जाप करें. कलश विसर्जन करने के बाद माता का ध्यान करें.

सपनों से सफलता तक: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरक सीख

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक और विचारक थे, जिन्होंने अपने शब्दों और कार्यों से लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि हर व्यक्ति के जीवन में सपनों का बहुत बड़ा महत्व होता है। उनके अनुसार, सपने ही हमें आगे बढ़ने की दिशा देते हैं और जीवन को एक उद्देश्य प्रदान करते हैं। डॉ कलाम हमेशा कहते थे कि बड़ा सोचो और अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत करो। उनके विचार ना सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि हर उम्र के लोगों को मोटिवेट करते हैं। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो हम अपने जीवन में सफलता और संतुष्टि दोनों पा सकते हैं। “Dream, dream, dream…” डॉ कलाम कहते थे कि सपने देखने से ही विचार बनते हैं और विचार ही हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जब हम बार-बार अपने सपनों के बारे में सोचते हैं, तो वह हमारे एक्शन में बदल जाते हैं। “You have to dream before your dreams can come true” इसका मतलब है कि बिना सपना देखे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। हर बड़ी सफलता की शुरुआत एक छोटे से सपने से होती है। “If you want to shine like a sun…” डॉ कलाम हमें बताते हैं कि अगर हमें चमकना है, तो मेहनत और संघर्ष से गुजरना होगा। सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कड़ी मेहनत जरूरी है।  “Dreams are not what you see in sleep…” सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। यानी हमारे लक्ष्य इतने मजबूत होने चाहिए कि हम उन्हें पाने के लिए लगातार मेहनत करें। “Single-minded devotion…” अगर आपको अपने लक्ष्य में सफलता चाहिए, तो आपको पूरी लगन और फोकस के साथ काम करना होगा। बीच में ध्यान भटकने से सफलता दूर हो सकती है। “Great dreams of great dreamers…” डॉ कलाम का कहना था कि बड़े सपने देखने वाले लोग ही बड़े काम करते हैं। उनके सपने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। “Dreams are the seeds of change…” हर बदलाव की शुरुआत एक सपने से होती है। जैसे बीज से पेड़ उगता है, वैसे ही सपनों से नई सोच और नए अवसर पैदा होते हैं। “Dream big and dare to fail” बड़ा सपना देखने के साथ-साथ असफलता से डरना नहीं चाहिए। अगर आप फेल भी होते हैं, तो वही अनुभव आपको आगे सफल बनने में मदद करता है। “Your dream is your identity…” डॉ कलाम के अनुसार, आपका सपना ही आपकी पहचान बनाता है। जब आपके पास एक लक्ष्य होता है, तो जीवन को एक दिशा मिलती है।

सीढ़ियों का रंग तय करता है परिवार की प्रगति, जानें कैसे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों का रंग न केवल घर की ऊर्जा पर प्रभाव डालता है, बल्कि घर के सदस्यों की तरक्की और मानसिक शांति से भी जुड़ा होता है। वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के लिए शुभ रंग: हल्का भूरा : पृथ्वी तत्व से जुड़ा होता है, स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है। मानसिक संतुलन और आर्थिक स्थायित्व में सहायक होता है। क्रीम या ऑफ-व्हाइट : प्रकाश और शांति का प्रतीक है। तनाव कम करता है, घर में मानसिक सुख और सहयोग को बढ़ाता है। हल्का ग्रे : यह न्यूट्रल और संतुलित रंग माना जाता है। स्पष्टता और फोकस को बढ़ाता है, घर के सदस्यों में एकाग्रता लाता है। हल्का हरा : प्रकृति का प्रतीक है, जीवन ऊर्जा को दर्शाता है। घर में तरक्की, शांति और स्वास्थ्य बनाए रखता है। हल्का पीला : यह सूर्य और सकारात्मकता का प्रतीक है। घर में ऊर्जा और प्रेरणा लाता है, विशेषकर बच्चों और विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है। सीढ़ियों के लिए अवॉयड करें ये रंग, वास्तु दोष पैदा करते हैं: गहरा लाल या काला: ये रंग तनाव, क्रोध और नकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं। डार्क ब्लू या गहरा ग्रे: अवसाद और ठहराव की भावना को बढ़ा सकते हैं। बहुत चमकदार रंग (फ्लोरोसेंट शेड्स): मन को विचलित कर सकते हैं, स्थायित्व में कमी लाते हैं। विशेष सुझाव: सीढ़ियों की पेंटिंग करते समय साइड वॉल्स और स्टेप्स (पायदान) में हल्के और साफ रंगों का ही चयन करें। अगर आपके घर में सीढ़ियां दक्षिण या पश्चिम दिशा में हैं, तो हल्के अर्थी टोन्स (जैसे बेज या सेंड स्टोन) सबसे शुभ माने जाते हैं। ऊर्जा के प्रवाह के लिए सीढ़ियों पर किसी एक रंग का अधिक उपयोग न करें, हल्के शेड्स में संयोजन करना बेहतर होता है।

27 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक, जानें किस राशि का होगा भाग्य साथ और कैसा रहेगा दिन

मेष 27 मार्च के दिन आज लव लाइफ में उथल-पुथल रहेगी। सिचुएशन कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही मामला सुलझाएं। प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक रुख अपनाएं। बिना किसी हिचकिचाहट के पैसों से जुड़ी जरूरतों को पूरा करें। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। वृषभ 27 मार्च के दिन लव लाइफ में चल रही प्रॉब्लम्स का सोल्यूशन निकालें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। पैसों के मामले में आपको सावधान रहना होगा। सेहत के मामले में आपका दिन अच्छा रहेगा। मिथुन 27 मार्च के दिन आज रिश्तों में उथल-पुथल की उम्मीद करें। ऑफिस में आपका रवैया कारगर साबित होगा और आप उम्मीदों पर खरे उतरने में सफल हो सकते हैं। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा है। कर्क 27 मार्च के दिन लाइफ में खुश रहने के लिए रिलेशनशिप से जुड़ी समस्याओं को सॉल्व करें। प्रोफेशनल चैलेंज से कोई परेशानी नहीं होगी। आर्थिक रूप से आप मजबूत हैं। आपकी सेहत भी नॉर्मल रहेगी। सिंह 27 मार्च के दिन प्रेम का जश्न मनाएं और प्रेम संबंधों में अहंकार को दूर रखें। नए काम हाथ में लें, जिससे आपको अपनी पेशेवर क्षमता साबित करने में मदद मिलेगी। आज के दिन धन का भी योग है। तुला 27 मार्च के दिन अपने साथी के साथ ज़्यादा समय बिताने पर विचार करें। काम पर आपके रवैये का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जीवन में समृद्धि बनी रहेगी। खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर लें। धनु 27 मार्च के दिन लव लाइफ आज खुशनुमा रहेगी। ऑफिस में आपको आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आज धन को सावधानी से मैनेज करें। पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। मकर 27 मार्च के दिन प्रेम जीवन में ईमानदारी अच्छे परिणाम लाएगी। पेशेवर जीवन में सिद्धांतों से समझौता न करें। सामान्य स्वास्थ्य के साथ-साथ वित्तीय स्थिति भी अच्छी रहेगी। कुम्भ 27 मार्च के दिन प्रॉब्लम को डिप्लोमेटिक तरीके से संभालना महत्वपूर्ण है। फाइनेंशियल लाइफ स्टेबल रहेगी। आपकी पर्सनल लाइफ में आपका डिसिप्लिन झलकेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल के माध्यम से अपनी सेहत को बरकरार रखें। कन्या 27 मार्च के दिन कोई बड़ी फाइनेंशियल प्रॉब्लम आपको परेशान नहीं करेगी, साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। ऑफिस में काम का दबाव हो सकता है, लेकिन आप इस सिचुएशन से पार पा लेंगे। वृश्चिक 27 मार्च के दिन रिलेशनशिप को मजबूत बनाने के लिए लव लाइफ से जुड़ी समस्याओं को सॉल्व करें। आपके करियर में परेशानियां आएंगी, लेकिन उनसे पार पाने के लिए कॉन्फिडेंस बनाए रखें। मीन 27 मार्च के दिन महिला जातकों का आज प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखें, जिससे बेहतर प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त होगा। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ समृद्धि भी मिलेगी।

इस राम नवमी अपनाएं ये 5 शुभ उपाय, सफलता और समृद्धि मिलेगी अपार

राम नवमी का पावन पर्व इस वर्ष 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना के साथ कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। आइए जानते हैं राम नवमी के दिन किन 5 चीजों को घर लाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। तुलसी का पौधा लाएं घर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और भगवान श्रीराम को उनका अवतार माना जाता है। ऐसे में राम नवमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शंख घर में लाना शुभ राम नवमी के दिन शंख घर लाना और पूजा के समय शंखनाद करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में पवित्रता का वातावरण बनता है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। राम दरबार की तस्वीर या मूर्ति राम नवमी के अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की संयुक्त तस्वीर या प्रतिमा यानी राम दरबार घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे परिवार में प्रेम, एकता और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। श्रीराम यंत्र की स्थापना राम नवमी के दिन श्रीराम यंत्र घर में स्थापित करना भी विशेष लाभकारी माना गया है। यह यंत्र घर को बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल और शांति बनाए रखने में मदद करता है। जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक माना जाता है। चांदी का सिक्का राम नवमी के दिन चांदी का सिक्का खरीदकर उसे पूजा में अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंडली में मौजूद चंद्र दोष को दूर करने में मदद मिलती है। आर्थिक समृद्धि और स्थिरता आती है। धार्मिक महत्व और निष्कर्ष राम नवमी का पर्व केवल भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन धर्म, मर्यादा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और शुभ वस्तुओं को घर लाने से वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में सुख-समृद्धि आती है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ती है इसलिए इस राम नवमी पर इन 5 चीजों को घर लाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

चारधाम यात्रा 2026: रजिस्ट्रेशन से प्लानिंग तक, यहां पढ़ें पूरी गाइड

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. अगर आप भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार भी यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने ऑनलाइन, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन चारों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन और ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में. चारधाम यात्रा 2026 का शेड्यूल इस साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व से चारधाम यात्रा का श्रीगणेश होने जा रहा है, 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम तो वहीं 22 अप्रैल केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 6 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है. आप नीचे दिए गए तरीकों से अपना पंजीकरण कर सकते हैं     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर Register/Sign In बटन पर क्लिक करें.     अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरकर अपनी आईडी बनाएं.     लॉग इन करने के बाद Create/Manage Tour के विकल्प को चुनें.     अपनी यात्रा की तारीख और जिस धाम के दर्शन करने हैं, उसका चयन करें.     Add Pilgrim पर क्लिक कर सभी यात्रियों की जानकारी भरें और आधार कार्ड या वोटर आईडी अपलोड करें.     प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) मिलेगा.     आखिर में, अपना रजिस्ट्रेशन लेटर डाउनलोड कर लें, जिसमें QR कोड होगा. WhatsApp के जरिए कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? अगर आप वेबसाइट का उपयोग नहीं करना चाहते, तो अपने फोन से एक मैसेज भेजकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:     अपने मोबाइल में 8394833833 नंबर सेव करें.     इस नंबर पर WhatsApp पर YATRA लिखकर भेजें.     वहां से पूछे गए सवालों के जवाब दें और अपनी डिटेल्स भेजकर पंजीकरण पूरा करें. मोबाइल ऐप से कैसे करें रजिस्ट्रेशन?     गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करें.     ऐप में मांगी गई जानकारी भरकर अपना टूर प्लान सबमिट करें. हेल्पलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: ऑफलाइन काउंटर 17 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे. ये काउंटर हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर उपलब्ध रहेंगे. टोल-फ्री नंबर: यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए आप सरकार के टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी? चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती. यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैकिंग और बेहतर सुविधाओं के लिए लागू की गई है. इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में इस कदर उत्साह है कि 6 मार्च को पोर्टल खुलते ही पहले 24 घंटों में 1 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था. अब श्रद्धालुओं की निगाहें 19 अप्रैल पर टिकी हैं, जब एक बार फिर आस्था की पवित्र राहें खुलेंगी और वे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ चारधाम यात्रा का पुण्य अवसर प्राप्त कर सकेंगे.

लाइफ में आगे बढ़ना है तो ऐसे लोगों से दूर रहना जरूरी

सफल होने के लिए महान लोगों की बातों को जरूर मानना चाहिए। ये ना केवल आपको सफलता दिलाती है बल्कि लाइफ में मिलने वाले बड़े धोखे से भी बचाने में मदद करती है। चाणक्य एक महान कूटनीतिज्ञ थे और उन्होंने अपने राजा को शत्रुओं और छल करने वाले लोगों से बचाने के लिए कई तरह की नीति की बातें बताई थी। उनमे से कुछ बाते हर इंसान के जीवन में लागू होती है। 1) चाणक्य ने कहा कि भाग्य भी उन्हीं लोगों का साथ देता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं। 2) ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए जो आपसे बात करते हुए इधर-उधर देखता हो। इसका मतलब है कि वो किसी से छुपकर आपसे मिल रहा है। 3) शरीर में आए रोग, शत्रु और किसी ऋण को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। जितना जल्दी हो सके इसको खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। 4) मूर्ख लोगों से कभी भी वाद-विवाद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ये आपके समय और दिमाग को नष्ट करते हैं। 5) किसी इंसान के ऊंचा और महान बनने के लिए केवल उसके कर्म और गुण ही जिम्मेदार हो सकते हैं। 6) अगर आप किसी दूसरे शहर गए हैं और वहां आपकी जीविका का साधन नहीं है तो ऐसे जगह पर एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 7) जिस जगह पर आपकी इज्जत ना होती हो वहां एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 8) यहीं नहीं जगह कोई भी हो कुछ मित्र जरूर पास होने चाहिए। अगर ऐसी जगह जहां आपके मित्र ना हो वहां भी नहीं ठहरना चाहिए। 9)जिन जगहों पर ज्ञान की बातें ना होती हों, ऐसी जगह पर बिना समय गंवाएं हट जाना चाहिए।