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कछुआ अंगूठी पहनने से पहले सावधान! इन राशि वालों को हो सकता है नुकसान

कछुए वाली अंगूठी आजकल एक फैशन बन गई है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इसका संबंध सीधे आपकी किस्मत और आर्थिक स्थिति से होता है। कछुए को भगवान विष्णु के 'कूर्म अवतार' का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे धारण करने से पहले कुछ नियमों को जानना बहुत जरूरी है। कछुए वाली अंगूठी पहनने के बड़े फायदे आर्थिक समृद्धि: शास्त्रों के अनुसार, कछुआ धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है। इसे पहनने से घर में बरकत आती है और धन के नए स्रोत खुलते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कछुआ धैर्य और शांति का प्रतीक है। इसे धारण करने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक तनाव कम होता है। सकारात्मक ऊर्जा: यह अंगूठी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में सकारात्मकता और सुख-शांति लाती है। किस धातु में पहनें अंगूठी? धातु का चुनाव आपकी राशि और इसके प्रभाव को तय करता है: चांदी : वास्तु शास्त्र के अनुसार, कछुए की अंगूठी के लिए चांदी सबसे उत्तम धातु मानी जाती है। यह मन को शांत रखती है और शुभ फल देती है। सोना या तांबा: अगर आपकी कुंडली अनुमति देती है, तो आप इसे सोने या तांबे में भी बनवा सकते हैं, लेकिन चांदी को सबसे प्रभावशाली माना गया है। पहनने की सही दिशा और तरीका कछुए का मुख: अंगूठी पहनते समय ध्यान दें कि कछुए का मुख हमेशा पहनने वाले की तरफ (अंदर की ओर) होना चाहिए। इससे धन आपकी ओर आकर्षित होता है। मुख बाहर की ओर होने से धन व्यय होने की संभावना रहती है।  

25 जनवरी 2026 का राशिफल: ग्रहों की स्थिति बदलने से क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव

मेष आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि हाेगी, परंतु कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। वृषभ कल के दिन क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। कल के दिन अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। मिथुन परिस्थितियां अभी भी प्रतिकूल हैं। कोई रिस्क न लें। व्यापार भी अच्छा रहेगा। पूंजी का निवेश न करें। कुछ लोग घर की मरम्मत करा सकते हैं। किसी परीक्षा को हल्के में लेना आपके हित में नहीं होगा। एक नया शौक या एक्टिविटी कुछ लोगों को अपना समय क्रिएटिव रूप से मैनेज करने में मदद कर सकती है। कर्क आपके प्रयास किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने में सफल रहेंगे। कल के दिन आपका साथी अपने दिल की बात आपसे कर सकता है। मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। डॉक्टर, वकील व बिजनेस करने वालों को अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। सिंह बच्चों की सेहत पर थोड़ा ध्यान रखें। स्वास्थ्य अच्छा है लेकिन थोड़ी सी नरम गरम स्थिति रहेगी। संतान को लेकर मन में चिंता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। घूमने-फिरने के शौकीन लोग प्लान बना सकते हैं। स्टूडेंट्स को कल के दिन सावधानी बरतनी चाहिए। कन्या बेहतर होगा कि किसी भी वित्तीय विवाद में न पड़ें क्योंकि हो सकता है कि इसका निवारण आपके पक्ष में न हो। वेतन वृद्धि या प्रोमोशन के लिए पहल करने का यह सही समय है। अपने परिवार के संपर्क में रहने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। तुला रुका हुआ कार्य चल पड़ेगा। आनंददायक जीवन बना रहेगा बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। गुण-ज्ञान की प्राप्ति होगी। भाग्य साथ देगा। यात्रा में लाभ मिलेगा। आर्थिक मामले सुलझेंगे। अच्छे समाचार की प्राप्ति होगी। वृश्चिक कुछ लोगों के लिए लंबे समय से बिछड़े दोस्तों से मुलाकात होना संभव है। ट्रैवल करने वालों को दिन को रोमांचक बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जिस दोस्त पर आपने भरोसा जताया है, वह आपको निराश नहीं करेगा। धनु कल के दिन साथी के साथ गलतफहमी सुलझाने के लिए बात करें। सेहत के मामले में सावधानी बरतना फायदेमंद साबित हो सकता है। पिछले बकाया से कुछ लोगों को पैसों के मामले में राहत मिलने की संभावना है। कुछ जातक सैलरी बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं। मकर सिक्योर इन्वेस्टमेंट में पैसा लगाना सही दिशा में उठाया गया कदम साबित हो सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए कल अच्छा दिन है। विदेश या शहर से बाहर का कोई व्यक्ति शुभ समाचार लेकर आ सकता है। यात्रा की समस्या से परेशान लोग अब छुट्टियों की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं। कुंभ ट्रैवल करने वालों के लिए कल का दिन अच्छा रहेगा। कुछ लोगों को संपत्ति या धन विरासत में मिल सकता है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना अधिक नजर आ रही है। घरेलू हेल्थ टिप्स कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। मीन कल के दिन कम से कम विवाद होने की संभावना है। ऑफिस में किसी प्रोजेक्ट पर बारीकी से निगरानी करने की जरूरत पड़ सकती है। दिन आनंददायक बीतने वाला है, क्योंकि आप कल का दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बिता सकते हैं।

घर की सीढ़ियों का रंग तय करेगा भाग्य! वास्तु के अनुसार जानें शुभ 6 रंग

वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा और कोने का अपना महत्व होता है, लेकिन सीढ़ियों को ऊर्जा का मुख्य वाहक माना जाता है। गलत रंग का चुनाव न केवल घर की सुंदरता बिगाड़ता है, बल्कि मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है। अक्सर लोग घर की सजावट में सीढ़ियों के रंगों पर ध्यान नहीं देते, जबकि वास्तु के अनुसार सीढ़ियां प्रगति का प्रतीक होती हैं। यदि सीढ़ियों पर गलत रंग कर दिया जाए, तो यह घर की सकारात्मक ऊर्जा की गति को बाधित कर सकता है। तो आइए जानते हैं कि घर की सीढ़ियों पर कौन सा रंग करवाना चाहिए। गहरे रंगों से क्यों बचें ? वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों पर काला, गहरा नीला, गहरा लाल या भूरा रंग कभी नहीं करना चाहिए। गहरा रंग भारीपन और अंधकार का प्रतीक होता है, जो घर में नकारात्मकता और भारीपन की भावना पैदा कर सकता है। इससे परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और उन्नति पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। सीढ़ियों के लिए 6 शुभ और सकारात्मक शेड्स क्रीम या ऑफ-व्हाइट यह सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। यह संकीर्ण सीढ़ियों को भी बड़ा और हवादार दिखाता है। हल्का पीला पीला रंग गुरु का प्रतीक है और ज्ञान व समृद्धि लाता है। यह घर में उत्साह और खुशहाली का संचार करता है। हल्का हरा हरा रंग विकास और प्रकृति का प्रतीक है। यदि सीढ़ियां घर के पूर्व या दक्षिण-पूर्व में हैं, तो यह रंग बहुत शुभ फल देता है। हल्का नीला यह शांति और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करता है। यह तनाव कम करने और घर के माहौल को ठंडा रखने में मदद करता है। हल्का गुलाबी यह प्रेम और सद्भाव का रंग है। यह घर के सदस्यों के बीच मधुर संबंध बनाए रखने में सहायक होता है। बेज या सैंडी टोन यह पृथ्वी तत्व को संतुलित करता है और सीढ़ियों को एक आधुनिक व शांत लुक देता है।

राशिफल 24 जनवरी 2026: बदली ग्रहों की चाल, किस राशि का चमकेगा भाग्य, किसे रहना होगा सावधान

मेष आज का दिन सलाभकारी रहेगा। आप विश्वास और आत्मविश्वास के साथ कार्यों को पूरा करेंगे। काम व्यवस्थित और स्थिर रहेगा। अजनबियों पर जल्दी भरोसा करने से बचें। निर्णय आम तौर पर आपके पक्ष में होंगे।परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाकात हो सकती है और गलतफहमियां या तनाव दूर होंगे। वृषभ आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखेंगे व्यापार में आपको मनचाहे परिणाम प्राप्त होंगे और पेशेवर मामलों में आप स्पष्ट और निर्णायक बने रहेंगे। धैर्य और सत्यनिष्ठा आपके कार्यों का मार्गदर्शन करेंगे और बुद्धिमत्ता एवं पहल आपको अवसर सृजित करने में मदद करेंगे। अपनी सफलताओं से आपको प्रोत्साहन मिलेगा। उद्योग और व्यापार में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। मिथुन आज का दिन महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करेगा। करियर और व्यवसाय में तरक्की होगी और लाभ स्थिर रहेगा। आप उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाएंगे। व्यापारिक सौदों में स्पष्टता लाएंगे और लाभ एवं विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेंगे। व्यक्तिगत मामले अनुकूल बने रहेंगे। कर्क आज के दिन बिजनेस और ऑफिस में खास सावधानी बरतें। इस समय आपके विरोधी एक्टिव हो सकते हैं। आपके लिए जरूरी है कि आपको किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना है। कोशिश करें कि विवादों की स्थिति से बचें। किसी भी बहस से दूर रहें। हेल्थ के मामले में आपके लिए परेशानियां रहेंगी। सिंह ऑफिस में आपके लिए जरूरी है कि आपको वर्कप्लेस में किसी के साथ झगड़ा नहीं करना है। सभी के साथ मिलकर रहें और खुश रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। मन को केंद्रित रखकर कार्य करें। सिंगल लोगों के लिए शादी के प्रपोजल आ सकते हैं। पर्सनल लाइफ में अपने लाइफ पार्टनर का ध्यान रखें। तुला इस समय किसी भी तरह की भावनाओं में बहकर फैसले ना लें, तो आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको करियर में कॉम्पिटीशन की स्थिति से दूर रहना है। मेंटली आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए कोशिश करें कि आपको डीप ब्रीदिंग या मेडिटेशन करना चाहिए। धनु पूरी एनर्जी के साथ आपका बिजनेस और ऑफिस में काम करें। बिजनेस में आपके लिए नए मौके आसकते हैं, इसके लिए कोशिश करें कि अपनी आंखे खुली रखें और मौके को पहचानें। लाइफ में पॉजिटिविटी बनाए रखें। पर्सनल लाइफ लाइफ पार्टनर के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है। मकर धार्मिक कार्यों में आपकी आस्था और गहरी होगी। इस समय ऑफिस और बिजनेस में माहौल आपके लिए सेफ रहेगा। आज आपको ऑफिस में उन्नति के अवसर सामने आएंगे। नई योजनाओं पर आपको खास फोकस करना होगा। भविष्य को लेकर प्लानिंग बनाएंगे। बिजनेस में लाभ के अवसर मिलेंगे। कुम्भ नए विचार और नई एनर्जी से आपको लाइफ में देखने को मिलेगी। अधिकारियों का आपको साथ मिलेगा। पुराने समय से अटके हुए कार्य भी पूर्ण हो सकते हैं। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा की स्थिति से दूर रहें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।ऑफिस में नई जिम्मेदारियां आपको मिल सकती हैं। कन्या किसी भी कार्य में लापरवाही न करें, न ही किसी भी कार्य में जल्दबाजी करें। आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। व्यापार में लाभ के नए अवसर सामने आएंगे। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी। ऑफिस और बिजनेस में सावधानी बरतें। परिवार में किसी बात पर अनबन हो सकती है। मानसिक तनाव आपको परेशान कर सकता है। वृश्चिक ऑफिस में आपको अधिकारियों से आपको तारीफ मिलेगी। बिजनेस में भी लाभ के अवसर सामने आएंगे। हो सकता है कि आपको संतान पक्ष से परेशानी हो सकती है। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। पर्सनल लाइफ में आपके लिए थोड़ा टफ समय है। मीन आपके लिए समय उत्तम है।आंख बंद करके कहीं पैसा ना लगाएं। कोशिश करें कि आपने जहां पैसा लगाया है, उसका रिव्यू करते रहें।

अगर आप भी दरवाजे के पीछे टांगते हैं कपड़े, तो हो जाएं अलर्ट!

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा सकारात्मक ऊर्जा (प्राणिक ऊर्जा) के प्रवेश का प्रमुख स्थान होता है। इसके पीछे कपड़े टांगना या कोई बाधा रखना शुभ नहीं माना जाता। मुख्य दरवाजे के पीछे कपड़े टांगना सही नहीं है क्योंकि यह ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है। अन्य दरवाजों पर कपड़े टांगने में कोई बड़ी समस्या नहीं है, बशर्ते इसे सुव्यवस्थित और स्वच्छ रखा जाए। यदि यह आपकी आदत है और इसे बदलना संभव नहीं है, तो सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सफाई और दरवाजे की देखभाल करें। आइए जानें, इससे जुड़े विभिन्न पहलु- दरवाजे के पीछे कपड़े टांगने के प्रभाव ऊर्जा का अवरोध: दरवाजे के पीछे कपड़े टांगने से दरवाजे का खुलना सीमित हो सकता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे घर में तनाव या नकारात्मकता बढ़ सकती है। अव्यवस्था और मानसिक प्रभाव: दरवाजे के पीछे टंगे कपड़े अव्यवस्थित ऊर्जा (क्लटर एनर्जी) का निर्माण करते हैं। इससे घर के सदस्यों की मानसिक शांति और ध्यान भंग हो सकता है। मुख्य द्वार के पीछे टंगे कपड़े: यदि मुख्य द्वार के पीछे कपड़े टांगे जाते हैं तो यह विशेष रूप से अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, यह धन और अवसरों के प्रवाह को रोक सकता है। बैडरूम और अन्य दरवाजों पर कपड़े: बैडरूम या अन्य दरवाजों के पीछे कपड़े टांगना उतना हानिकारक नहीं होता, लेकिन इसे नियमित रूप से व्यवस्थित करना चाहिए। वास्तु-अनुकूल उपाय दरवाजे पर बाधा न बनाएं: मुख्य दरवाजे के पीछे या किसी अन्य दरवाजे के पीछे ऐसी चीजें न रखें जो उसे पूरी तरह खुलने से रोकें। हुक या हैंगर का उपयोग: यदि कपड़े टांगना आवश्यक है, तो दरवाजे के ऊपरी हिस्से में हल्के और व्यवस्थित हुक का उपयोग करें। दरवाजे के पास स्वच्छता रखें: नियमित रूप से दरवाजे के पास साफ-सफाई और सुव्यवस्था बनाए रखें। दरवाजे के पास ऊर्जा बढ़ाने वाले उपाय: सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए मुख्य दरवाजे के पास तुलसी का पौधा, स्वस्तिक चिन्ह या तोरण लगाएं। 

बसंत पंचमी विशेष: शाम को तुलसी पूजन के लिए कितने बजे जलाएं दीपक?

आज माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का दिन है. आज पूरा देश बंसत पंचमी का त्योहार मना रहा है. ये पर्व ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित किया गया है. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना विशेष फलदायी मानी गई है. मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का पूजन करने से ज्ञान, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है. बंसत पंचमी के दिन स्नान-दान भी किया जाता है. इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ तुलसी के पौधे के पास दीपक भी जलाया जाता है. मान्याता है कि इससे घर में खुशहाली आती है. हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा हाता है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत विशेष माना जाता है. तुलसी को माता मानकर उनको जल अर्पित किया जाता है. तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी वास करती हैं. तुलसी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है, इसलिए तुलसी को हरि प्रिया भी कहा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं आज शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने का शुभ समय क्या है? बंसत पंचमी पर तुलसी के पास दीपक जलाने का समय बसंत पंचमी के दिन शाम के समय, विशेष रूप से सूर्यास्त के ठीक पहले या गोधूलि बेला में दीपक जलाना शुभ होता है. आज गोधूलि बेला 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगी. इस समय तुलसी के पास दीपक प्रज्वलित करें. तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है. साथ ही घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है. तुलसी पूजन है बहुत लाभदायक माना जाता है कि जिस घर में पूरे विधि-विधान से तुलसी माता की पूजा की जाती है, उस घर में सुख-संपन्नता और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है. वहीं अगर तुलसी पूजा के नियमों की अनदेखी की जाती है, तो घर में बीमारी और दरिद्रता का वास हो जाता है. लिहाजा आपके घर में तुलसी का पौधा है और उसकी पूजा की जाती है, तो शास्त्रों में बताए सभी नियमों का पालन अवश्य करें.

दोस्त बनकर डसते हैं! इन 5 आदतों वाले लोगों से रहें सावधान, वरना पछतानी पड़ेगी पूरी जिंदगी

जीवन में एक अच्छा दोस्त मिल जाए तो काफी चीजें आसान हो जाती हैं। कभी खुशी हो तो दोस्त उसे दोगुना कर देते हैं तो वहीं कभी कोई दुख हो, तो अपने कंधे का सहारा दे देते हैं। एक अच्छा और सच्चा दोस्त मिलना वाकई नसीब की बात है क्योंकि ऐसे लोगों की कमी नहीं जो मुंह पर तो आपके दोस्त, आपके शुभचिंतक बनते हैं लेकिन उनसे बुरा शायद ही कोई आपके बारे में सोचता हो। ऐसे दोगले लोगों से दोस्ती करने से लाख गुना बेहतर है कि आप जीवनभर बिना दोस्त के ही गुजार दें। आचार्य चाणक्य ने जीवन के हर महत्वपूर्ण पहलू पर विस्तार से लिखा, जिसमें से एक दोस्ती भी है। उन्होंने अपनी नीति में ऐसे लोगों का जिक्र किया है, जिनसे दोस्ती करना खुद को विष देने के समान है। आचार्य ने इन लोगों की कुछ आदतों के बारे बताया है और इनसे कोसों दूर रहने की भी सलाह दी है। आइए जानते हैं इन लोगों की पहचान कैसे करें। हमेशा मन में जलन और ईर्ष्या की भावना रखने वाले कुछ लोगों का स्वभाव ऐसा होता है कि वो आपके सामने तो आपकी खूब तारीफ करते हैं और ऐसा दिखाते हैं जैसे मानों उनसे बेहतर आपके लिए कोई सोचता ही ना हो। लेकिन पीठ पीछे ये आपके बारे में जहर उगलते हैं। इनके मन में आपको ले कर हमेशा एक जलन और ईर्ष्या की भावना बनी रहती है। जीवन में आपको आगे बढ़ते देखना इन्हें भीतर से जलाकर राख कर देता है तो वहीं आपके दुख में ये मन ही मन बहुत खुश होते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग कभी भी आपके दोस्त नहीं बन सकते। अगर आपको कभी भी लगे कि सामने वाला आपसे ईर्ष्या करता है तो उससे दोस्ती करना अवॉइड करें। हमेशा नेगेटिव सोचने वाले लोग कहते हैं कि आप जैसे लोगों के बीच रहते हैं, खुद भी वैसे ही बन जाते हैं। खासतौर से आपके दोस्तों का नजरिया, जीवन को लेकर उनके विचार, उनके लक्ष्य; ये सभी चीजें कहीं ना कहीं आप पर भी बहुत असर डालती हैं। ऐसे में दोस्तों का चुनाव बहुत ही सोच समझकर करना चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों की संगत में भूलकर भी ना रहें जो हमेशा हर चीज को ले कर नकारात्मक सोच रखते हों। ये लोग ना तो खुद जीवन में कुछ कर पाते हैं और ना ही आपको आगे बढ़ने देते हैं। जो बन जाते हों हर किसी के दोस्त एक कहावत तो आपने भी कभी ना कभी सुनी ही होगी कि जो सभी के दोस्त होते हैं, असल में वो किसी के भी दोस्त नहीं होते। ये बात बिल्कुल सच है और आपको अपने जीवन में लागू भी जरूर करनी चाहिए। खासतौर से कभी ऐसे व्यक्ति को तो अपना करीबी मित्र बिल्कुल नहीं बनाना चाहिए जो हर किसी के साथ वैसा ही व्यवहार करता हो, जैसा आपके साथ करता है। असल में ये लोग किसी के सगे नहीं होते। अपनी सहूलियत के हिसाब से इनकी दोस्ती गहरी और हल्की होती रहती है। समय आने पर हो सकता है ये आपकी चुगली करने और आपके राज खोलने में भी परहेज ना करें। ऐसे में बेहतर है कि आप इनसे दोस्ती करें ही ना। मुसीबत में ना दे साथ कहते हैं कि अच्छे दोस्त की पहचान मुसीबत में ही होती है। जो सिर्फ आपके अच्छे पलों में आपका साथ दे और मुसीबत आते ही सबसे दूर खड़ा नजर आए, ऐसे लोगों को दोस्त तो क्या अपने आसपास भी नहीं रखना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीतियों में ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखने को कहा है। अगर आपको कभी भी लगे कि आपका कोई दोस्त कभी आपकी मदद करने को तैयार नहीं होता, मदद मांगने पर हमेशा आनाकानी करता है और दूर हो जाता है; तो इसे नजरअंदाज ना करें। कल को जब आपको इनकी वाकई सबसे ज्यादा जरूरत होगी ये उस समय भी हाथ खड़े करते हुए ही नजर आएंगे। दुष्ट स्वभाव के व्यक्ति से ना करें दोस्ती आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर कभी सांप और दुष्ट व्यक्ति में से किसी एक को चुनना हो तो सांप ही बेहतर है। क्योंकि सांप एक बार ही डसता है, वहीं दुष्ट व्यक्ति बार-बार डसता है। आचार्य कहते हैं कि दुष्ट स्वभाव वाले व्यक्ति से भूलकर भी दोस्ती ना करें। इनके साथ रहने पर आपका पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है। अगर आपको लगता है कि भविष्य में ये सुधार जाएंगे या इनके व्यवहार में बदलाव आ जाएगा, तो यह सोचना व्यर्थ है क्योंकि एक दुष्ट मनुष्य कभी भी अपने स्वाभाव को नहीं बदलता है।  

सुख-शांति में डाल सकती है खलल बाथरूम की खाली बाल्टी, वास्तु शास्त्र से जानें सही उपाय

अक्सर हम घर की सजावट और मुख्य कमरों के वास्तु पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी महत्वपूर्ण जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सीधा संबंध हमारी आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से होता है। कई बार हम अनजाने में बाथरूम में खाली बाल्टी छोड़ देते हैं, जिसे वास्तु में एक बड़ा दोष माना गया है। यह छोटी सी लापरवाही घर में कंगाली और नकारात्मकता का कारण बन सकती है। खाली बाल्टी क्यों है अशुभ? वास्तु विज्ञान में पानी को 'सम्पन्नता' और 'प्रवाह' का प्रतीक माना गया है। प्राचीन वास्तु शास्त्रों के अनुसार, बाथरूम में खाली बाल्टी रखना खालीपन और अभाव को दर्शाता है। जब बाल्टी खाली होती है, तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है और आर्थिक तंगी का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप रात के समय बाल्टी को खाली छोड़ देते हैं, तो इससे घर में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी जल का संबंध चंद्रमा से है, और खाली बर्तन मानसिक अशांति का कारण बन सकते हैं। बाल्टी का रंग और दिशा भी है महत्वपूर्ण बाल्टी के इस्तेमाल में केवल उसका भरा होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका रंग भी मायने रखता है: नीले रंग का महत्व: वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सबसे शुभ माना गया है। नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बाथरूम में रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। सफाई का ध्यान: बाल्टी कभी भी टूटी हुई या बहुत पुरानी नहीं होनी चाहिए। गंदी बाल्टी घर में दरिद्रता लाती है।

2026 में शादियों का रुका सिलसिला, 25 जुलाई से 20 नवंबर तक नहीं होंगे विवाह, फरवरी में सबसे ज्यादा मुहूर्त

भगवान भास्कर के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर गया है। लेकिन इस साल शादी की शहनाइयां तो पांच फरवरी से बजनी शुरू होगी। फरवरी से शुरू हो रहे विवाह का पूरे वर्ष में लगभग 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 12 मुहूर्त फरवरी महीने में ही पड़ रहा है। इसके बाद मार्च, अप्रैल, मई और जून माह में शादियों का आठ-आठ मुहूर्त बन रहे हैं। जुलाई में चार, नवंबर में चार और दिसंबर 2026 में सात मुहूर्त बन रहे हैं। फरवरी में उदित हो रहा शुक्र ग्रह : खरमास समाप्त होने के बावजूद शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण अभी शादियां नहीं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि एक फरवरी को शुक्र ग्रह का उदय हो रहा है। इस बाबत जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य पीके युग ने बताया कि कि शादी- विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदित होना और अच्छे योग में होना बेहद जरूरी होता है। इन दोनों में से एक भी ग्रह के नहीं रहने पर शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनता है। वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि हालांकि शादी का मुहूर्त 5 फरवरी से बन रहा है। लेकिन वसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन शादी-विवाह सहित अन्य शुभ कार्य किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अबूझ मुहूर्त में किसी भी शुभ काम के लिए शुभ योग और ग्रह विचार आदि शिथिल हो जाते हैं। इस वर्ष पांच महीने शहनाइयां नहीं बजेंगी वर्ष का दूसरा खरमास महीना 14 मार्च से 13 अप्रैल के बीच होगा। इस दौरान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ लगेगा। खरमास के दौरान शादी-विवाह का आयोजन नहीं होता है। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि जिस वर्ष दो ज्येष्ठ माह हो उस वर्ष पहले ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होती है। 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। इस वर्ष 17 मई से 15 जून और 16 जून से 14 जुलाई के बीच ज्येष्ठ माह रहेगा। इसलिए 17 मई से 15 जून के बीच ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होंगी। इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार माह के योग निद्रा में चले जाएंगे। भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है।

होली और वसंत पंचमी के त्योहार का रंगों से है गहरा नाता

नई दिल्ली. भारत त्योहारों का देश है और यहां हर मौसम का अपना एक उत्सव है। साल 2026 में 23 जनवरी को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन न केवल विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए खास है, बल्कि यह उस उमंग की भी शुरुआत है, जिसका इंतजार हर सनातनी को होता है- यानी 'होली'। ब्रज में होली की दस्तक आमतौर पर लोग समझते हैं कि होली फाल्गुन मास में खेली जाती है, लेकिन मथुरा और वृंदावन में इसकी तैयारी बहुत पहले शुरू हो जाती है। ब्रज की प्राचीन स्थानीय परंपराओं के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन ही मंदिरों में 'होली का डांढा' गाड़ा जाता है। यह एक धार्मिक संकेत है कि अब अगले 40 दिनों तक ब्रज की गलियों में गुलाल उड़ेगा। बांके बिहारी मंदिर में इस दिन ठाकुर जी को विशेष रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है और वहीं से होली के उत्सव का आधिकारिक आगाज माना जाता है। मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस पौराणिक कथाओं और शास्त्रों में वर्णित है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ब्रह्मा जी ने अपनी मानस पुत्री सरस्वती को प्रकट किया था। जब सृष्टि की रचना हुई थी, तब चारों ओर मौन व्याप्त था। देवी के प्रकट होने और उनकी वीणा बजने के साथ ही संसार को वाणी, संगीत और बुद्धि प्राप्त हुई। यही कारण है कि विद्यारंभ संस्कार के लिए इस दिन को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के जानकार बताते हैं कि इस दिन छोटे बच्चों को पहला अक्षर सिखाना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभ होता है। पीले रंग का मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व वसंत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है। आयुर्वेद और रंग विज्ञान के अनुसार, पीला रंग स्फूर्ति, मानसिक शांति और एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है। वसंत ऋतु में प्रकृति भी सरसों के खेतों के माध्यम से पीले रंग की चादर ओढ़ लेती है। इस दिन मां सरस्वती को पीले पुष्प और पीले मीठे चावल अर्पित करने की परंपरा है, जो जीवन में सात्विकता और समृद्धि का संचार करती है।