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ईंधन पर GST लाना अभी संभव नहीं, सरकार ने साफ किए संकेत

नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल इन्हें जीएसटी के अंतर्गत लाना संभव नहीं है। मिडिया की ओर से सवाल पूछे जाने पर कि क्या पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए, अग्रवाल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल केंद्रीय उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) लगता है और इन दोनों पेट्रोलियम पदार्थों से राज्यों को वैट के रूप में और केंद्र सरकार को केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता है। उन्होंने आगे कहा, "राजस्व संबंधी प्रभावों को देखते हुए, इन वस्तुओं को फिलहाल जीएसटी के दायरे में लाना संभव नहीं है।" सीबीआईसी चेयरमैन ने यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले हफ्ते कहा था कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी परिषद के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया है। उस दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि कानूनी तौर पर हम तैयार हैं, लेकिन यह फैसला राज्यों को लेना होगा। वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी लागू होने के समय ही शामिल किया जाना तय था, "मुझे याद है कि मेरे दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बारे में बात की थी।" वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "राज्यों की सहमति के बाद, उन्हें परिषद में कराधान की दर तय करनी होगी। एक बार यह फैसला हो जाने के बाद, इसे कानून में शामिल कर लिया जाएगा।" जुलाई 2017 में लागू हुए जीएसटी में पेट्रोल, डीजल और मादक पेय पदार्थों जैसे उत्पादों को तब से इसके दायरे से बाहर रखा गया था। ये वस्तुएं केंद्र और राज्य सरकारों, दोनों के लिए उत्पाद शुल्क और वैट के माध्यम से राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं। कई राज्यों के लिए, ये उनके कर राजस्व में 25-30 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं।

PM मोदी पर ट्रंप का बयान… शेयर बाजार चढ़ा, इन 10 स्टॉक्स में सबसे ज्यादा उछाल

मुंबई  भारत-US के बीच अटली ट्रेड डील पर बात बनती नजर आ रही है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से इसे लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छा दोस्त बताते हुए ट्रेड डील के सफल होने की बात कही है, तो उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पीएम मोदी ने भी इंडिया-यूएस डील पर जल्द बात पूरी होने की उम्मीद जताई है. तमाम मुद्दों को लेकर फंसी इस डील के पूरा होने की उम्मीद का सीधा असर बुधवार को शेयर बाजार पर देखने को मिला है और सेंसेक्स-निफ्टी खुलने के साथ ही रॉकेट की तरह उड़ान भरते नजर आए हैं.  सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 25000 के पार बीएसई के सेंसेक्स इंडेक्स ने शेयर मार्केट ओपन होने के साथ ही अपने पिछले बंद 81,101.32 की तुलना में करीब 400 अंकों की छलांग लगाते हुए 81,504.36 के स्तर पर ओपनिंग की और 81,587.91 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. वहीं दूसरी ओर एनएसई निफ्टी ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले बंद 24,868.60 के मुकाबले उछाल भरते हुए 25,017 पर कारोबार की शुरुआत की.  शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में मौजूद करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ग्रीन जोन में की थी, तो वहीं  595 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे. इसके अलावा 168 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई यानी इनकी स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. बाजार खुलने पर कोटक महिंद्रा बैंक, जियो फाइनेंशियल, एलटी, डॉ रेड्डीज लैब और टीसीएस के शेयर सबसे तेज भागे.  विदेशों से मिल रहे थे तेजी के संकेत शेयर बाजार में तेजी के संकेत इसके ओपन होने से पहले ही विदेशों से मिलने लगे थे. दरअसल, अमेरिका से जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर बयान आया था, तो वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजार में तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई थी. शुरुआती कारोबारी में गिफ्ट निफ्टी 107.50 अंक चढ़कर 25,027.50 पर कारोबार कर रहा था, तो जापान का निक्केई 174 अंक, हांगकांग के हैंगसेंग 198.86 अक और साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 46.13 अकं की बढ़त लिए हुए था.  ट्रंप ने PM मोदी को लेकर ऐसा क्या कहा? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल अकाउंट से शेयर की गई अपनी एक पोस्ट में लिखा कि मैं अपने बहुत अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से आने वाले हफ्तों में बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत चल रही है. मुझे पूरा यकीन है कि दोनों महान देशों के लिए इस वार्ता का सफल निष्कर्ष निकलेगा. वहीं ट्रंप की इस पोस्ट को लेकर पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा है कि समृद्ध भविष्य के लिए दोनों साथ काम करेंगे. खुलते ही रॉकेट बने ये 10 शेयर  शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के बीच तमाम शेयरों में उछाल देखने को मिला और इनमें 10 सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल एचसीएल टेक (2.28%), टेक महिंद्रा (2.10%), टीसीएस (1.95%) की तेजी लेकर भागा. तो वहीं मिडकैप में शामिल भारत फोर्ज (4.13%), एम्फेसिस (3.79%), थर्मेक्स (3.71%), टाटा एलेक्सी (3.30%) और कोफोर्ज शेयर (3.20%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में सस्ता सुदंर शेयर 20 फीसदी, वेलस्पन शेयर 10.50% और आईसीआईएल शेयर 8.20% चढ़ गया. 

बिना टैरिफ के व्यापार, 2025 में भारत का 24 देशों के साथ आर्थिक दांव

नई दिल्‍ली.  अमेरिका की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने से हुए नुकसान की भरपाई एक झटके में करने की तैयारी है. भारत के हाथ ऐसा दांव लगने वाला है, जिससे टैरिफ से हुए नुकसान की सारी भरपाई हो जाएगी. यह काम पूरा होने पर भारत को 135 अरब डॉलर का व्‍यापार बिना किसी टैक्‍स के करने का मौका मिलेगा. इस पर बातचीत भी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और माना जा रहा है कि इसी साल करीब 2 दर्जन देशों के साथ बिना टैक्‍स के व्‍यापार का रास्‍ता खुल जाएगा. मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत और यूरोपीय संघ अपने महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अगले एक महीने में दो दौर की महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे. इस दौरान उत्पत्ति के नियमों, बाजार पहुंच और वाइन तथा डेयरी उत्पादों पर शुल्क के क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने की कोशिश की जाएगी. इन पर सहमति बनती है तो इसी साल यह डील पूरी होने की संभावना है. दिसंबर हो जाएगी एफटीए डील यूरोपीय आयोग के कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हैनसेन और व्यापार प्रमुख मारोस सेफ्कोविक इस सप्ताह अपने भारतीय वार्ताकारों के साथ बातचीत करने के लिए भारत का दौरा कर रहे हैं. दोनों पक्ष इस साल के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका वित्तवर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब डॉलर था. यह आंकड़ा चीन और अमेरिका से भी ज्‍यादा है. जाहिर है कि एफटीए डील पक्‍की होने पर भारत को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. 17 सितंबर को बड़ा दिन व्यापार समझौते के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ कई परिवर्तनकारी पहलों को भी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं, जिनमें एक नया राजनीतिक-रणनीतिक नजरिया और रक्षा संबंधों का विस्तार शामिल हैं. ये कदम बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनजर उठाए गए हैं. गौरतलब है कि यूरोपीय संघ 17 सितंबर को भारत के साथ संबंधों के लिए अपने नए रणनीतिक नजरिये को जारी करेगा. नए उपायों को भारत-यूरोपीय संघ वार्षिक शिखर सम्मेलन में जारी करने की उम्मीद है. 27 देशों से एकसाथ बातचीत भारत और ईयू दोनों पक्ष अगले तीन महीनों में कई उच्च-स्तरीय बैठकें और वार्ताएं भी करेंगे, जिनमें यूरोपीय संघ की राजनीतिक और सुरक्षा समिति का भारत दौरा भी शामिल है. इसमें यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के दूत शामिल होंगे. इसका मतलब है कि भारत एकसाथ 27 देशों से एफटीए पर बातचीत करेगा और यह पूरा होता है तो भारत को 27 देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता कराने का अवसर मिलेगा.

टाटा पंच की कीमत में बड़ी कटौती, देश की नंबर-1 SUV अब और भी किफायती

 नई दिल्ली भारत में GST 2.0 लागू होने के बाद से गाड़ियों के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। इसी कड़ी में टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपनी पॉपुलर माइक्रो-SUV टाटा पंच (Tata Punch) की कीमतें भी घटा दी हैं। अब 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाली नई GST दरों का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। नई GST दरों के मुताबिक टाटा पंच के लगभग सभी वैरिएंट्स पर 8.5% तक का प्राइस कट देखने को मिल रहा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। सबसे बड़ा फायदा क्रिएटिव प्लस S Camo (Creative Plus S Camo) पेट्रोल-ऑटोमैटिक वैरिएंट पर मिल रहा है, जिसकी कीमत में लगभग 88,000 तक की कमी आई है। बेस वैरिएंट से लेकर टॉप वैरिएंट तक सभी ग्राहकों को यह लाभ मिलेगा। हालांकि, कटौती की रकम वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। GST कटौती के बाद टाटा पंच की संभावित कीमतें पुरानी और नई कीमत की तुलना 1.2L पेट्रोल-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 6,19,990 -Rs. 71,190 Rs. 5,48,800 -11.48% Pure (O) Rs. 6,81,990 -Rs. 58,090 Rs. 6,23,900 -8.52% Adventure Rs. 7,16,990 -Rs. 61,090 Rs. 6,55,900 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 7,51,990 -Rs. 64,090 Rs. 6,87,900 -8.52% Adventure S Rs. 7,71,990 -Rs. 65,790 Rs. 7,06,200 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,21,990 -Rs. 70,090 Rs. 7,51,900 -8.53% Accomplished Plus Rs. 8,41,990 -Rs. 71,790 Rs. 7,70,200 -8.53% Accomplished Plus Camo Rs. 8,56,990 -Rs. 72,990 Rs. 7,84,000 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 8,89,990 -Rs. 75,890 Rs. 8,14,100 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,06,990 -Rs. 77,290 Rs. 8,29,700 -8.52% Creative Plus Rs. 9,11,990 -Rs. 77,690 Rs. 8,34,300 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,26,990 -Rs. 78,990 Rs. 8,48,000 -8.52% Creative Plus S Rs. 9,56,990 -Rs. 81,590 Rs. 8,75,400 -8.53% Creative Plus S Camo Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Sportz (O) Rs. 8,29,100 -Rs. 70,700 Rs. 7,58,400 -8.53% Asta Rs. 8,62,300 -Rs. 70,600 Rs. 7,91,700 -8.19% 1.2L पेट्रोल-ऑटो (AMT) वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Adventure Rs. 7,76,990 -Rs. 66,190 Rs. 7,10,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,31,990 -Rs. 70,890 Rs. 7,61,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,81,990 -Rs. 75,190 Rs. 8,06,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,01,990 -Rs. 76,890 Rs. 8,25,100 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus S Rs. 9,49,990 -Rs. 80,990 Rs. 8,69,000 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Creative Plus Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,86,990 -Rs. 84,090 Rs. 9,02,900 -8.52% Creative Plus S Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% Creative Plus S Camo Rs. 10,31,990 -Rs. 87,990 Rs. 9,44,000 -8.53% 1.2L CNG-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 7,29,990 -Rs. 62,190 Rs. 6,67,800 -8.52% Adventure Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,46,990 -Rs. 72,190 Rs. 7,74,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,66,990 -Rs. 73,890 Rs. 7,93,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,51,990 -Rs. 81,090 Rs. 8,70,900 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 9,99,990 -Rs. 85,190 Rs. 9,14,800 -8.52% Accomplished Plus S Camo Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% GST 2.0 में सरकार ने छोटी गाड़ियों (1,200cc तक इंजन और 4 मीटर से कम लंबाई) पर टैक्स स्लैब को घटाकर 28% से 18% कर दिया है। यही वजह है कि टाटा पंच जैसी कॉम्पैक्ट और माइक्रो SUVs की कीमतों में यह बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। ग्राहकों के लिए क्या मतलब? अब टाटा पंच (Tata Punch) खरीदना पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गया है। जो लोग फेस्टिव सीजन में नई SUV लेने का सोच रहे थे, उनके लिए यह बेस्ट टाइमिंग है। कंपनी उम्मीद कर रही है कि इन प्राइस कट्स से बुकिंग्स और सेल्स में बड़ा उछाल आएगा। ये दमदार SUV स्टाइलिश डिजाइन के साथ आती है। इसे सेफ्टी में Bharat NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल है। सेफ होने के साथ ही ये एसयूवी CNG और पेट्रोल दोनों ऑप्शन के साथ मौजूद है। इसमें बेहतरीन ग्राउंड क्लियरेंस और सिटी+हाईवे फ्रेंडली परफॉर्मेंस देखने को मिलता है। कुल मिलाकर नई GST दरों के साथ टाटा पंच (Tata Punch) अब और भी वैल्यू फॉर मनी SUV बन चुकी है।

इतिहास रचा सोने ने: भारत में 10 ग्राम का भाव 1,10,047 रुपये, लगातार बढ़ रही कीमतें

मुंबई  वैश्विक बाजारों में तेजी और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के बीच मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं. एमसीएक्स पर सोना वायदा दिसंबर डिलीवरी के लिए 458 रुपये की बढ़त के साथ 1,10,047 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर ट्रेड कर रहा था. इसी तरह, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोना वायदा 482 रुपये या 0.44 प्रतिशत बढ़कर 1,09,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदें और अमेरिका में हाल ही में जारी हुए कमजोर श्रम बाजार आंकड़े सोने की मांग को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण बने हैं. रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट में निराशाजनक परिणाम आने के बाद निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में और कटौती करेगा. इस कदम से डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की ओर रुख किया. विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा बढ़कर 3,694.75 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने सोने को निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका में रोजगार आंकड़ों में सुधार नहीं आता और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति ढीली रहती है, तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है. वहीं, भारत में भी निवेशक सोने में निवेश के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं. आर्थिक अनिश्चितताओं और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सोना सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में प्रमुख बना हुआ है. इस हफ्ते सोने के बढ़ते रुझान ने निवेशकों और व्यापारियों की नजरें इस कीमती धातु पर और मजबूत कर दी हैं. घरेलू बाजार में भी मांग बढ़ने के कारण वायदा बाजार में कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है. सोने की कीमतों में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल निवेशकों के लिए बल्कि ज्वेलरी और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक डेटा और फेडरल रिजर्व की नीतियों की दिशा इस कीमती धातु की कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी.

60 Cr फ्रॉड केस: राज कुंद्रा पर शिकंजा, EOW ने तलब किया

 मुंबई    शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को 60.48 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. अब इस मामले में मुंबई पुलिस ने एक्शन लेते हुए शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को समन जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, यह मामला 13 अगस्त को दर्ज हुआ था. राज कुंद्रा अब 15 सितंबर (सोमवार) को EOW दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराएंगे. EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘बुधवार (10 सितंबर) को राज कुंद्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधि के जरिए निवेदन किया कि वे सोमवार (15 सितंबर) को शामिल होंगे.’ क्यों जारी हुआ था लुक आउट सर्कुलर पिछले हफ्ते, EOW ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, क्योंकि यह कपल अक्सर विदेश यात्रा करता है. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि जांच के दौरान दोनों मुंबई में उपलब्ध रहें. दीपक कोठारी की शिकायत यह धोखाधड़ी का मामला मुंबई के बिजनेसमैन और लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक दीपक कोठारी की शिकायत पर आधारित है. बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने आरोप लगाया है कि 2015 से 2023 के बीच शिल्पा और राज ने उनके साथ 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. दीपक का दावा है कि यह राशि कंपनी के विस्तार के लिए ली गई थी, लेकिन इसका इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया गया. कोठारी का आरोप है कि शिल्पा और राज ने शुरू में 75 करोड़ रुपये का ऋण 12% वार्षिक ब्याज पर मांगा था, लेकिन बाद में टैक्स बचाने के लिए इसे निवेश के रूप में दिखाने की सलाह दी. कोठारी ने अप्रैल 2015 में 31.95 करोड़ रुपये और सितंबर 2015 में 28.53 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो बेस्ट डील टीवी के बैंक खातों में जमा हुए. लिखित गारंटी और कंपनी से इस्तीफा दीपक कोठारी का कहना है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा शेट्टी ने लिखित रूप से व्यक्तिगत गारंटी दी थी कि राशि एक निश्चित समय में 12% ब्याज के साथ लौटाई जाएगी. लेकिन कुछ ही महीनों बाद, सितंबर 2016 में शिल्पा ने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्हें बाद में पता चला कि 2017 में कंपनी के खिलाफ 1.28 करोड़ रुपये का एक दिवालियापन मामला भी चल रहा था, जिसके बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया. ईओडब्ल्यू की जांच मामला 10 करोड़ रुपये से अधिक का होने के कारण जुहू पुलिस स्टेशन से ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस ने शिल्पा, राज और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 403 (बेईमानी से संपत्ति का दुरुपयोग), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है.

Maruti Hybrid Cars 2026: दमदार इंजन और शानदार माइलेज के साथ लॉन्च होने वाली 4 नई कारें

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने जा रही है। कंपनी 2026 तक चार नई हाइब्रिड कारें लॉन्च करेगी। Victoris, Fronx Hybrid, नई Baleno और Suzuki Spacia बेस्ड MPV इसमें शामिल हैं। आइए जानते हैं इन कारों के माइलेज, फीचर्स और लॉन्च डिटेल्स। मारुति का बड़ा दांव– हाइब्रिड कारों की एंट्री भारत में तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल बाजार में अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए मारुति सुजुकी आने वाले वर्षों में ग्रीन मोबिलिटी पर जोर दे रही है। कंपनी 2026 तक चार नई हाइब्रिड कारें लॉन्च करने वाली है। इनमें Victoris, Fronx Hybrid, नई Baleno और Suzuki Spacia प्लेटफॉर्म पर आधारित एक मिनी MPV शामिल है। Victoris 1.5 लीटर माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन (103bhp) 1.5 लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन (116bhp) 1.5 लीटर पेट्रोल + CNG इंजन (89bhp) कंपनी का दावा है कि Victoris का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट 28.65 kmpl तक का माइलेज देगा। अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह SUV भारत की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कार बन जाएगी। Fronx Hybrid मारुति अपनी इन-हाउस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी HEV (Hybrid Electric Vehicle) पर काम कर रही है। यह एक सीरीज हाइब्रिड सिस्टम होगा, जिसमें पेट्रोल इंजन, इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी का उपयोग होगा। इसकी खासियत होगी कि यह बेहद किफायती होगा और 35 kmpl से ज्यादा का माइलेज देगा। इस सिस्टम को सबसे पहले 2026 में आने वाली Fronx Hybrid में इस्तेमाल किया जाएगा। बाहर की ओर ‘Hybrid’ बैज और अंदर खास सॉफ्टवेयर देखने को मिलेंगे। हालांकि डिजाइन और इंटीरियर में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन माइलेज और ड्राइविंग अनुभव में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। Baleno Hybrid  मारुति की नेक्स्ट-जेन Baleno भी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ आएगी। इसमें नया स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, बेहतर स्टाइलिंग और फीचर-लोडेड इंटीरियर दिया जाएगा। इसका डिजाइन मौजूदा Baleno से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न होगा। हाइब्रिड इंजन की वजह से ग्राहकों को बेहतर परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों मिलेंगे। Suzuki Spacia मारुति अपनी नई सब-4 मीटर MPV को जापान-स्पेक Suzuki Spacia के प्लेटफॉर्म पर तैयार करेगी। यह कार सीधे तौर पर Renault Triber और Nissan की आने वाली सब-कॉम्पैक्ट MPV से टक्कर लेगी। इसमें हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ ज्यादा स्पेस और प्रैक्टिकल फीचर्स मिलेंगे, जिससे यह फैमिली कार सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनेगी। मारुति का भविष्य का हाइब्रिड रोडमैप 2027 में आने वाली नई Swift में यह हाइब्रिड सिस्टम मिलेगा। 2029 में लॉन्च होने वाली नई Brezza में भी यही टेक्नोलॉजी दी जाएगी। क्यों खास है मारुति की नई हाइब्रिड टेक्नोलॉजी? पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन, जिससे फ्यूल की बचत होगी। 35 kmpl से ज्यादा माइलेज देने की क्षमता। कम उत्सर्जन, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान। किफायती और मिडिल क्लास ग्राहकों के लिए उपयुक्त विकल्प।

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2025 के लिए आवेदन शुरू, इस बार 2.5 लाख छात्राओं को मिलेगा लाभ

वर्ष 2024-25 कुल 25000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी जिसमे मध्यप्रदेश की 18,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है भोपाल  अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295 छात्राएं लाभान्वित हुई | अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े | अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जा रहा है   इस वर्ष छात्रवृत्ति हेतु आवेदन 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है | प्रथम चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है ।  अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। o किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है  आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   • छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

आईटीआर फाइलिंग की घड़ी: फॉर्म में दिक्कतों के बीच अब मांग हुई जल्द समाधान की

नई दिल्ली  आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025, अब केवल एक हफ्ते दूर है। इस बीच कई संगठनों ने वित्त मंत्रालय से आईटीआर रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाने की अपील की है। कारण है देरी से फॉर्म जारी किया जाना और फिर इसके बाद रिटर्न फाइल होने होने में बार-बार आ रही परेशानी। 2 सितंबर, 2025 को भीलवाड़ा स्थित टैक्स बार एसोसिएशन ने भी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को पत्र लिखकर समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। टैक्स बार एसोसिएशन में कर विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव, अधिवक्ता और सलाहकार शामिल हैं। संगठन ने अपने पत्र में बताया कि कैसे करदाता और पेशेवर इस वर्ष यूटीलिटीज के देरी से जारी होने, आईटीआर पोर्टल पर चल रही तकनीकी समस्याओं और अतिरिक्त अनुपालन चरणों के कारण रिटर्न दाखिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। टैक्स बार एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी जाए क्योंकि अब रिटर्न सही ढंग से तैयार करने और दाखिल करने के लिए कम समय बचा है। दूसरी ओर, तकनीकी दिक्कतों के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है।  आटीआर दाखिल करने में यूजर्स को किस-किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं, विस्तार से। 1. यूटिलिटी फॉर्म्स जारी होने में देरी चंडीगढ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स टैक्सेशन एसोसिएशन (सीसीएटीएक्स) और गुजरात चैंबर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) ने भी ऐसी ही चिंता जताई है और समय सीमा को आगे बढ़ाने की मांग की है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दिया गया। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का मानना है कि आम तौर पर करदाताओं के पास अपना रिटर्न तैयार करने और दाखिल करने के लिए लगभग 122 दिन (1 अप्रैल से 31 जुलाई) का समय होता है। लेकिन इस साल, यूटीलिटी फॉर्म्स काफी देर से जारी किए गए, इससे रिटर्न दाखिल करने के समय में कमी आ गई है। दूसरी ओर, आईटीआर दाखिल करने में भी यूजर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसे देखते हुए इसकी समयसीमा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।  2. आयकर रिटर्न दाखिल करने में आ रही तकनीकी दिक्कत  बार एसोसिएशन ने आईटीआर पोर्टल पर आ रही तकनीकी समस्याओं की भी शिकायत की है। उनके अनुसार रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करते समय सिस्टम में बार-बार त्रुटियां आ रही हैं।  फॉर्म 26AS, AIS और TIS में देरी से अपडेट होने के कारण विसंगतियां दिख रही है, जिससे मिलान में अत्यधिक समय लगता है। फाइलिंग के व्यस्त समय के दौरान टाइमआउट होने के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। चार्टर्ड अकाउंटेंट शुभम सिंघल के अनुसार, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54 (Section 54) करदाताओं को बड़ी राहत प्रदान करती है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF) अपना आवासीय मकान बेचता है और उससे प्राप्त दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (Long Term Capital Gain) को नए आवासीय मकान में निवेश करता है, तो उसे कर से छूट मिल सकती है। यह छूट तभी मिलेगी जब पुराना मकान कम से कम 24 महीने तक स्वामित्व में रहा हो और नया मकान भारत में ही खरीदा या बनाया जाए। कुछ करदाताओं ने आईटीआर (ITR) भरते समय इसके तहत छूट क्लेम करने के दौरान त्रुटि की शिकायत की है। आम तौर पर यह समझा जाता है कि समस्या CGAS की डिटेल न भरने से आ रही है, जबकि सच यह है कि यह त्रुटि अधिकतर CGAS से जुड़ी नहीं होती। समस्या प्रायः फॉर्म के अंतिम टैब में आती है, जहां करदाता को पुनः यह बताना होता है कि उसने धारा 54 या धारा 54F के अंतर्गत कितनी छूट का दावा किया है। कई लोग केवल शेड्यूल CG (Capital Gains Schedule) में छूट की राशि भरते हैं, लेकिन अंतिम टैब में इसे दोबारा दर्ज करना भूल जाते हैं। परिणामस्वरूप सिस्टम एरर दिखता है। इसका समाधान भी उतना ही आसान है। करदाता को अंतिम टैब में जाकर वही छूट की राशि फिर से भरनी चाहिए, जो उसने शेड्यूल CG में दिखाई है। जैसे ही यह आंकड़ा दोबारा डाला जाता है, त्रुटि दूर हो जाती है और रिटर्न बिना किसी समस्या के सबमिट हो जाता है। 3. आईसीएआई के प्रारुप में बदलाव के कारण अधिक समय की जरूरत वित्त वर्ष 2024-25 से गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए संशोधित आईसीएआई प्रारूप भीलवाड़ा टैक्स बार एसोसिएशन ने लिखा है कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाते के लिए एक नया वर्टिकल फॉर्मेट अनिवार्य कर दिया है। तुलनात्मक आंकड़े, संबंधित पक्ष के लेन-देन, आकस्मिक देनदारियों आदि का विस्तृत खुलासा अब अनिवार्य है। इसमें आगे कहा गया है कि संस्थाओं और पेशेवरों को सही तरीके से अपनाने और मिलान के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। ऐसे में आईटीआर दाखिल करने की तिथि बढ़ाने की जरूरत है। 4. त्योहारी सीजन से जुड़ी दिक्कतें आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा के बीच ही देश में त्योहारी सीजन भी शुरू हो चुका है। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली सहित कई प्रमुख भारतीय त्योहारों भी आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा के बच ही पड़े हैं या पड़ने वाले हैं। इस अवधि के दौरान छुट्टियों और यात्राओं के कारण कार्यालय और फर्म न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करते हैं, और ग्राहक समन्वय और लेखा परीक्षक समीक्षा बैठकों में देरी होती है। इससे अनुपालन समय-सीमा और भी कम हो जाती है। इससे पेशेवरों पर भारी दबाव पड़ता है। इस लिए भी विभिन्न टैक्स बार एसोसिएशन और चार्टर्ड अकाउंटेंट आईटीआर की समय अवधिक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, समय विस्तार पर अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। भीलवाड़ा टैक्स बार एसोसिएशन ने तथ्यों और कठिनाइयों देखते हुए आयकर विभाग से आईटीआर की समयसीमा बढ़ाने की अपील की है। आईटीआर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग तेज वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट हरिदास भट ने बताया कि पहले जुलाई से सितंबर तक रिटर्न दाखिल करने तक का समय मिलता था, लेकिन अब इसको घटाकर 15 सितंबर तक कर दिया गया है। जिसकी वजह से रिटर्न दाखिल करने का समय काफी कम हो गया है। वहीं इस साल, यूटीलिटी फॉर्म्स काफी … Read more

शेयर बाजार में उथल-पुथल? ग्लोबल सेंटीमेंट और महंगाई के आंकड़ों से खुला भविष्य

मुंबई  स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह ग्लोबल सेंटीमेंट, विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों और महंगाई के आंकड़ों से तय होगी। एक्सपर्ट्स ने यह राय जताई है। एक एक्सपर्ट्स ने कहा कि मजबूत घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत सुधारों के समर्थन से पिछले सप्ताह बेंचमार्क सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। क्या है एक्सपर्ट्स की राय? रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट रिसर्च अजित मिश्रा ने कहा, “इस सप्ताह भी घरेलू और वैश्विक स्तर पर काफी आंकड़े आएंगे। घरेलू मोर्चे पर मुद्रास्फीति का आंकड़ा 12 सितंबर को जारी किया जाएगा।” मिश्रा ने कहा कि ग्लोबल लेवल पर अमेरिका के महत्वपूर्ण आंकड़ों पर नजर रहेगी। इनमें उपभोक्ता मुद्रास्फीति, बेरोजगारी के दावे और उपभोक्ता धारणा शामिल हैं, जो फेडरल रिजर्व की नीतिगत अपेक्षाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कोई भी नई सूचना बाजार की धारणा को और मजबूत कर सकती है। पिछले हफ्ते शेयर बाजार में दिखी थी तेजी पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 901.11 अंक या 1.12 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 314.15 अंक या 1.28 प्रतिशत के लाभ में रहा। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के वरिष्ठ तकनीकी एक्सपर्ट प्रवेश गौड़ ने कहा, “आगे की ओर देखते हुए, भारतीय शेयर बाजार इस सप्ताह सतर्क और आशावादी रुख के साथ शुरुआत कर सकता हैं। निवेशक विशेष रूप से उपभोग-आधारित और पूंजीगत व्यय-आधारित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।” इसी महीने होनी है फेड रिजर्व की मीटिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये-डॉलर का रुख भी इस सप्ताह बाजार का रुख तय करेगा। मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के निदेशक पुनीत सिंघानिया ने कहा, ‘‘यह सप्ताह भारतीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि हाल ही में जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा एक संभावित प्रोत्साहन के रूप में काम कर रही है जो बाजार की धारणा को बेहतर बना सकती है और क्षेत्रीय स्तर पर तेजी ला सकती है, जिससे निकट भविष्य में शुल्क की नकारात्मक धारणा का मुकाबला किया जा सकता है।’’ शेयर बाजार के लिए अगला बड़ा घटनाक्रम 16-17 सितंबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख-संपदा प्रबंधन सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘इस सप्ताह के प्रमुख वृहद आंकड़ों में भारत और अमेरिका की मुद्रास्फीति, ईसीबी (यूरोपीय केंद्रीय बैंक) का ब्याज दर पर निर्णय और जापान की दूसरी तिमाही की जीडीपी आंकड़े शामिल हैं।’’