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अपहृत बेटे की सकुशल बरामदगी पर पिता ने सीएम योगी का जताया आभार

बस्ती में अपहरण के कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर पुलिस ने दोनों युवकों को सुरक्षित बरामद किया, तीन आरोपी गिरफ्तार पिता बोले- पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर बेटे की जान बचाई बस्ती जनपद बस्ती में अपहृत युवक की सकुशल बरामदगी के बाद पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस महानिदेशक और बस्ती पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। पीड़ित अनय उपाध्याय के पिता मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि उनके बेटे का कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इसकी सूचना मिलते ही उन्होंने थाना लालगंज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की और उनके बेटे के साथ उसके साथी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बस्ती पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने समय पर कार्रवाई कर बेटे की जान बचाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को अनय उपाध्याय अपने मित्र के साथ वाराणसी गया था, जहां 9 अप्रैल को कुछ अज्ञात लोगों ने दोनों को बंधक बनाकर उनके परिजनों से फिरौती मांगनी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना लालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू की। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों युवकों को गोइठहां चौराहा स्थित एक रेस्टोरेंट से सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद युवकों में अनय उपाध्याय (19 वर्ष) और उसका साथी दिव्यांशु उर्फ राहुल उपाध्याय (17 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की तत्परता की सराहना की है।

सुल्तानपुर-उरेठिया रेलखंड पर आरओबी निर्माण शुरू, 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुल्तानपुर-उरेठिया रेल खंड पर अनूपगंज के पास रेलवे क्रासिंग नंबर 193 पर ओवरब्रिज का निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य के लिए शासन ने पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह ब्रिज दो लेन का और 998.40 मीटर लंबा होगा। इसमें निर्माण से तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग बंद रहने से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। रेलवे क्रासिंग नंबर 193 जलसा रिसार्ट-पहाड़पुर मार्ग पर स्थित है, जो कि अति व्यस्त मार्ग है। उतरेठिया-सुल्तानपुर रेल खंड होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही भी काफी है। दिन भर में कई बार क्रासिंग बंद रहने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पीक ऑवर के समय जाम खत्म होने में कई बार तो आधा से एक घंटा तक लग जाता है। क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए मोहनलालंगज के सांसद आरके चौधरी और विधायक अमरेश कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने इसे अपनी कार्य योजना 2025-26 में शामिल करते हुए अनुमानित लागत 200.46 करोड़ के साथ स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। सेतु निगम के अनुसार शासन ने वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। तीन लाख से अधिक लोगों को होगा लाभ- सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार अनूपगंज क्रासिंग पर आरओबी बनने से तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। लखनऊ, सुल्तानपुर,पहाड़नगर टिकरिया, बक्कास, ढकवा, सोनी कजहरा, बरौना, जगनखेरा, सिकंदरपुर, अमौलिया, मऊ खुर्द, निजामपुर, कबीरपुर, इंद्रजीत खेड़ा, चांद सराय, अर्जुनगंज और आसपास के क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे। इन क्षेत्रों की तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग पर अक्सर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। इस रूट से काफी संख्या में छात्र और छात्राओं की भी आवाजाही होती है, उन्हें स्कूल और कॉलेज जाने में देर नहीं होगी। नई जेल से कैदियों को अदालत लाने और ले जाने के लिए नया रास्ता भी मिल जाएगा। जाम न लगने से सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण होगा। 18 महीने में पूरा करना होगा निर्माण कार्य- आरओबी निर्माण के लिए 41.03 करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत करते हुए शासन ने निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। यह अवधि जबसे निर्माण कार्य शुरू होगा, तबसे लागू होगा।

‘Innovate in UP, Scale for the World’ विजन पर आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश, IIT Kanpur के साथ मिलकर बनेगा Deep Tech Capital

ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन व मेड-टेक में तेज़ी से आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश आयुर्वेद के क्षेत्र में क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहले संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर विचार नोएडा में ‘यूपी डीप-टेक हब’ बनेगा नवाचार और उद्योग का केंद्र उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के हों प्रयास: मुख्यमंत्री आयुर्वेद से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, अत्याधुनिक तकनीकों में यूपी की बड़ी पहल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा, 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन के साथ प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की दिशा में ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने पर बल देते हुए शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि नवाचारों का बड़े स्तर पर व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो और रोजगार सृजन को गति मिले। बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बताया गया कि मेड-टेक के क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभिनव तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं तथा इस संबंध में प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रेषित किया जा चुका है। यह संस्थान नवंबर में प्रारम्भ होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, सुरक्षा मानकों एवं औद्योगिक उपयोग के सभी आयामों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर भी विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, शोध आधार निर्माण, प्रयोगशाला विकास तथा हर्बल संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विशेष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। उन्होंने रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ड्रोन तकनीक में व्यापक स्वदेशीकरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देने पर बल दिया। क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य स्तर पर आवश्यक संसाधन जुटाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल समस्याओं के समाधान हेतु उन्नत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिल सके। स्टार्टअप इकोसिस्टम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवाचार की संस्कृति को और सशक्त बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि आईआईटी कानपुर में विकसित स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंतर्गत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स इनक्यूबेट किए गए हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। साथ ही स्टार्टअप्स को पेटेंट सहायता प्रदान कर नवाचारों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नोएडा में प्रस्तावित 'यूपी डीप-टेक हब' को प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बताते हुए निर्देश दिए कि यहां डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने आईआईटी कानपुर में अनुसंधान, नोएडा से विस्तार और तैनाती” के मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क के माध्यम से प्रदेश में उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे राज्य की डिजिटल अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर विभागीय समन्वय के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार और डीप-टेक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।

एसआईआर के बाद गाजियाबाद में मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट

गाजियाबाद गाजियाबाद में प्रशासन ने शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया। एसआईआर से पहले गाजियाबाद जनपद की पांचों विधानसभा में 28,37,991 मतदाता थे। अंतिम प्रकाशन के बाद अब यहां कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जनपद में 5,74,478 मतदाता कम हो गए। इसमें धौलना आंशिक शामिल नहीं है। जनपद में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र हैं। एसआईआर से पहले लोनी विधानसभा में 5,32,755 मतदाता, मुरादनगर में 4,59,698, साहिबाबाद में 10,42,469, गाजियाबाद में 4,68,304 और मोदीनगर में 3,34,765 मतदाता थे। इस तरह पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता थे। एसआईआर शुरू होने के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराए। बूथ पर रहकर भी मतदाताओं से फार्म जमा कराए गए। एसआईआर के प्रत्र जमा होने के बाद प्रशासन ने एक सूची जारी की। प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगीं यह सूची जारी होने के बाद जनपद की पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता में से 20,19,852 मतदाता रह गए। इस तरह करीब 8 लाख से ज्यादा मतदाता पांचों विधानसभा में कम हो गए। इसके बाद प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगी। प्रशासन ने अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले उन लोगों से आपत्ति मांगी थी, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं थे। प्रशासन ने आपत्तियों का निस्तारण कर शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया। धौलाना आंशिक सीट को छोड़कर जनपद की पांचों विधानसभा में अब कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मतदाता सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। voters.eci.gov.in पर वोटर अपना नाम देख सकते हैं। अब भी अवसर मतदाता सूची में अगर आपका नाम नहीं है तो घबराइए नहीं। आप फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। राज्य में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव नामांकन के एक हफ्ते पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 भी भर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची पर 15 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी और 30 दिन के भीतर सीईओ कार्यालय में आपत्ति कर सकते हैं। धौलाना आंशिक सीट पर ये हैं मतदाता धौलाना सीट जनपद हापुड़ में आती है। इसका कुछ हिस्सा गाजियाबाद जनपद में आता है। आंशिक सीट पर कुल 98,189 मतदाता हैं। गाजियाबाद की पांचों विधानसभा और धौलाना आंशिक सीट के मतदाता को जोड़कर कुल 23,61,702 मतदाता हो गए हैं। इस तरह कुल 13,19,238 पुरुष मतदाता और 10,42,330 महिला मतदाता हैं।

यूपी में मौसम बदला, गर्मी के साथ धूल भरी हवाओं का दौर

लखनऊ यूपी में आंधी, बारिश, ओलों का दौर खत्म हुआ। अब धूल भरी सतही हवाओं का जोर है। यह हवाएं आंखों की किरकिरी बन रही हैं। सावधानी नहीं बरती गई तो आंखों की पुतलियों को नुकसान हो सकता है। शहरों में फिलहाल चल रहीं सतही हवाओं की तासीर दरअसल ठंडी है। इसलिए यह तापमान को अधिक बढ़ने से रोक रही है। लेकिन निर्माण कार्यों के चलते शहरों में खुदी सड़कें, निर्माण से उड़ रही धूल, वाहनों के जाम से बढ़ा उत्सर्जन हवा में अति सूक्ष्म धूल और रसायनों के कणों को बढ़ा रहा है। यही हवाएं आंखों में चुभ रही हैं। विशेषकर खुले में पैदल निकलने वाले और दोपहिया वाहन चलाने वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हाल यह कि वाहन चालकों की आंखों में कीचड़ बन रहा है। 33.2 डिग्री रहा दिन का तापमान शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री कम होकर 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 62 दर्ज किया गया। रात का तापमान कम होने के कारण अभी शाम और रात को मौसम नम है। आने वाले दिनों में ऐसा नहीं रहेगा। 12 तक चलेगा हवाओं का सितम मौसम विभाग के मुताबिक 12 अप्रैल तक सतही हवाओं का दौर रहेगा। इसके बाद आसमान साफ होगा और तेज गर्मी की शुरूआत होगी। 16 अप्रैल तक दिन का तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जबकि रात का पारा 20 से लेकर 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बरतें सावधानी आखों को पूरी तरह से ढंकने वाला चश्मा लगाना चाहिए खुले में निकलने, दोपहिया चलाने पर लगाना बहुत जरूरी  दोपहिया चालक हेलमेट के ग्लास को बंद करके ड्राइव करें  आखों में कुछ भी गिरने, जलन होने पर मलना नहीं चाहिए  तत्काल साफ या चलते पानी से आखों को धोना चाहिए  लाल होने, खुजली पर डाक्टर से पूछकर ही आईड्राप डालें पांच दिनों में पांच डिग्री तक बढ़ेगा पारा लगातार चार दिनों से दिन में धूप और फिर शाम को हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम पूरी तरह बदल गया। दिन में तेज धूप रही। अन्य दिनों की तरह बादल नहीं होने के कारण धूप का असर भी ज्यादा रहा। जानकारी के अनुसार, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। यानी एक बार फिर 40 के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल अगले 5 दिनों में किसी तरह के बारिश होने की उम्मीद नहीं है।

देवरिया सड़क विवाद मामला: एसडीएम विपिन द्विवेदी पर बड़ी कार्रवाई

 देवरिया यूपी में राज्य सरकार ने बरहज देवरिया के उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। तहसील बरहज के ग्राम लक्ष्मीपुर में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाली व नलकूप की जमीन पर पक्की सड़क का निर्माण कराने और धक्का-मुक्की के कारण मृत्यु की घटना की प्रारंभिक जांच कराई गई थी। यह जांच अपर आयुक्त प्रशासन गोरखपुर पुलिस अधीक्षक नगर गोरखपुर और अपर जिलाधिकारी नगर गोरखपुर की तीन सदस्यीय कमेटी ने की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में लापरवाही के लिए प्रथमदृष्टया विपिन कुमार द्विवेदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। उनके खिलाफ नियम-7 के तहत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। प्रयागराज के कमिश्नर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। विपिन कुमार द्विवेदी को राजस्व परिषद से संबंध कर दिया गया है। तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष को धमकाने का आरोप देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में रविवार को चकनाली पर सड़क निर्माण के विवाद के दौरान दिल का दौरा पड़ने से अधिवक्ता संघ बरहज के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई थी। परिजनों के आरोप थे कि एसडीएम बरहज ने विवाद के दौरान अधिवक्ता को धमकाया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बरहज तहसील में दर्जनों अधिवक्ता एकत्र हो गए और शव रख कर हंगामा किया था। कुछ लोगों ने एसडीएम को बंधक बनाकर नारेबाजी भी की थी। इस संबंध में एसडीएम विपिन द्विवेदी का कहना है कि वह विवाद सुलझा कर लौट आए थे उसके बाद अधिवक्ता का निधन हुआ। धमकाने का आरोप गलत है। जानकारी के अनुसार बरहज क्षेत्र की ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर में पंचायत द्वारा चकनाली पर सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। रोड व चकनाली अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह के दरवाजे से होकर जाती है। चकनाली पर सड़क निर्माण का वह विरोध कर रहे थे। यह विवाद तीन माह से चल रहा है। उसी विवाद के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी विपिन द्विवेदी राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे। वहां पर विवाद होने लगा। उसी दौरान बृजेन्द्र कुमार सिंह को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 20 साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी थी। एसडीएम की बात सुनते ही बृजेन्द्र सिंह नीचे गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बता दें कि उनके परिवार और अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। अधिवक्ता मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने के साथ ही एसडीएम, लेखपाल और ग्राम प्रधान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उसी दौरान हिंदूवादी नेता प्रमोद सिंह के नेतृत्व में भीड़ ने एसडीएम रुद्रपुर को बंधक बनाया था। 15 मिनट की मशक्कत के बाद सीओ रुद्रपुर ने भीड़ से एसडीएम को छुड़ाया था।

वृंदावन में यमुना नाव हादसा, 5 लोग अब भी लापता

वृंदावन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से हुए हादसे में हुए 10 लोगों की मौत के बाद गहरे पानी में फंसी बोट को 5 घंटे के अथक प्रयासों के बाद निकाला जा सका है। हादसे के बाद चारों ओर कोहराम मचा हुआ है तस्वीरों में आप स्वयं देख सकते हैं कि किस प्रकार मध्यरात्रि के बाद तक चले सर्च ऑपरेशन अभियान के दौरान गहरे पानी में फंसी मोटर वोट को बाहर निकाला गया है. वहीं लापता हुए पांच अन्य लोगों की लिए रेस्क्यू अभी भी जारी है .सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर उनके गतंव्य स्थान पर भेज दिया गया है. 10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है. दलदल में फंसी मिली बोट आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि यमुना में बोट पलटने से हुए हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी दलदल में फंसी वोट को बाहर बाहर निकाल किया गया है उनका कहना है पांच मिसिंग लोगों की अभी भी तलाश की जा रही है उनका कहना है कि आज से सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. 5 लोग नदी में अब भी लापता बता दें कि शुक्रवार दोपहर 2:45 बजे के करीब श्री बांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर स्थित केशी घाट के पास पर्यटकों से भरी मोटर बोट पोंटून पुल (पीपा पुल) से टकराने के बाद यमुना नदी में पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे, जो नदी में गिर गए. इनमें से 10 लोगों की डूबकर मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया. अब भी 5 लोग नदी में लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.  मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नाव में सवार लोग पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. कैसे डूबी बोट? स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए.'

जामा मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर कोर्ट का स्टे खत्म, कार्रवाई जल्द

संभल यूपी के संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से बनी दुकानों और मकानों को हटाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. प्रशासन की टीम ने बीते दिनों पैमाइश की थी. इसके बाद संभल सिविल कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था. उसे अब सिविल कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इसी के साथ अब तहसीलदार कोर्ट से अवैध निर्माण को हटाने का अंतिम आदेश जारी होगा, जिसके बाद प्रशासन जल्द कब्जा हटाने की कार्रवाई कर सकता है. दरअसल, संभल की जामा मस्जिद के बराबर में स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत एडवोकेट सुभाष चंद्र त्यागी ने डीएम को पत्र देकर की थी. इसके बाद प्रशासन ने दो दर्जन से अधिक राजस्व कर्मियों की टीम बनाकर 30 दिसंबर 2025 को उस जमीन पर बने मकानों और दुकानों की पैमाइश की थी. इस दौरान कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा होने की बात सामने आई थी. इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने कब्जा करने वालों को नोटिस कर जवाब मांगा था, लेकिन कब्जेदारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मगर हाई कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली. हाई कोर्ट ने कब्जा करने वालों को तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखने को कहा था. इसके बाद जनवरी में 18 में से 15 लोगों ने संभल सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें प्रदेश सरकार की तरफ से डीएम व तहसीलदार, नगर पालिका के अधिकारी, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बैंक बोर्ड के सीओ को प्रतिवादी बनाया गया था. सिविल कोर्ट में याचिका दायर करने वालों में शामिल 15 लोगों में से चार लोगों ने याचिका वापस ले ली थी. इसके बाद सिविल जज ललित कुमार ने फरवरी में मामले में सुनवाई पूरी होने तक प्रशासनिक कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था. मार्च में अलग-अलग तारीख पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 27 मार्च को आदेश रिजर्व कर लिया था. वहीं अब 10 अप्रैल को सिविल कोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई पर लगाए गए स्टे को हटा लिया है. इसी के साथ अब जामा मस्जिद के बराबर में स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर बनीं 18 दुकानें और मकानों के अवैध निर्माण को हटाने का रास्ता साफ हो चुका है. एडवोकेट नलिन जैन का कहना है कि सिविल जज ललित कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश रिजर्व कर लिया था . कब्जा करने वालों ने संभल कोर्ट को भ्रमित करते हुए जो स्टे ले लिया था, उसको निरस्त कर दिया गया है. कब्रिस्तान पर अब कोई स्टे नहीं है.

रोजगारोन्मुखी कोर्स डिज़ाइन करें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अहम निर्देश

रोजगारोन्मुखी नवीन कोर्स करें डिजाइन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की 47 आईटीटाई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सबसे अधिक नामांकन मध्यप्रदेश में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश की उपलब्धि अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने योजना से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ऐसे नए उपयोगी कोर्स भी डिजाइन किए जाएं, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तत्काल रोजगार दिलवाने में सहायक हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उपस्थित रहे। बैठक में जाकनारी दी गई कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आईटीआई की ग्रेडिंग जारी की है, इसमें मध्यप्रदेश 5वें स्थान पर है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में अनेक प्रयत्न किए हैं। देश में युवाओं की जनसंख्या के दृष्टिगत उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और डेयरी विकास कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए कौशल विकास और रोजगार विभाग से समन्वय कर समुचित कदम उठाए। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में लगभग 20 हजार से व्यक्तियों के प्रशिक्षण की उपलब्धि को दोगुना किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष-2026 में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए समुचित प्रयास करने को कहा। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास में मध्यप्रदेश की उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सर्वाधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ। साथ ही युवा संगम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को लाभान्वित किया गया। मध्यप्रदेश के एक लाख 32 हजार युवाओं को स्व-रोजगार का लाभ मिला है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल द्वारा इस वर्ष 3 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 1500 प्रशिक्षणार्थी लाँग टर्म और इतने ही शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करेंगे। युवाओं को पूर्व में जिन उद्योगों में प्रशिक्षण दिलवाया गया है, उनमें रिलायंस, ट्राइडेंट, जिंदल समूह के जेबीएम आदि शामिल हैं। प्रदेश में 290 शासकीय और 644 प्रायवेट आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई, जिसके फलस्वरूप कुल सीट 52 हजार 248 हो गई हैं। प्रायवेट आईटीआई में कुल 61 हजार 32 सीट हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि परम फाउंडेशन द्वारा धार जिले में सरदारपुर आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। पीएम सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई उन्नयन का कार्य हुआ है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा।  

सीएम योगी लखीमपुर में 331 परिवारों को देंगे जमीन का मालिकाना हक

लखीमपुर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आज यानी कि शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण करेंगे. साथ ही 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री के एक्स पर पोस्ट करके दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी की पावन धरती पर आज अधिकार, विकास और अपने पक्के आवास का स्वप्न एक साथ साकार होंगे. बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण एवं 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा. साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां भी प्रदान की जाएंगी. ये सभी कार्य डबल इंजन सरकार के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक हैं. आजादी के बाद से इन परिवारों को नहीं मिली थी जमीन आजादी के बाद से अब तक बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था. लखीमपुर खीरी, धौरहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ की 213 पर 8 योजनाओं का सीएम लोकार्पण, शिलान्यास करेंगे. चंदन चौकी पलिया में सीएम थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भौमिक अधिकार पत्तों का आवंटन करेंगे. साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे. पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को भी मिलेगी जमीन आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी. जिसके तहत विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित होकर राज्य के चार ज़िलों में बसे 12000 से ज़्यादा परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक दिया जाएगा. योग्य परिवारों को एक एकड़ तक की ज़मीन पर मालिकाना हक मिलेगा, बशर्ते कि वह ज़मीन सीलिंग सीमा के अंदर न हो और खलिहान, चरागाह या तालाब जैसी श्रेणियों में न आती हो. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) 2026' के तहत 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006' में संशोधनों को मंज़ूरी दे दी है. खन्ना ने बताया कि इस संशोधन के तहत इन परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक देने के लिए धारा 76(1) में नए प्रावधान जोड़े गए हैं. मंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पलायन करके पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर ज़िलों में बसे 12,380 परिवारों को इस कदम से फ़ायदा होगा. खन्ना के अनुसार लाभार्थियों में वे लोग शामिल हैं जो 'नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019' के तहत भारतीय नागरिकता के योग्य हैं, साथ ही अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े परिवार या विभिन्न योजनाओं के तहत पुनर्वासित किए गए परिवार भी इसमें शामिल हैं. इस प्रकार है पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों की आबादी ज़िलावार ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि लखीमपुर खीरी में ऐसे 2,350 परिवार हैं, पीलीभीत में 4,000, बिजनौर में 3,856 और रामपुर में 2,174 परिवार हैं. उन्होंने कहा कि ये परिवार, जो लगभग 70 वर्षों से राज्य में रह रहे हैं, ज़मीन का मालिकाना हक न होने के कारण काफ़ी मुश्किलों का सामना कर रहे थे; इनमें खेती के लिए बैंक से कर्ज़ लेने और सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में आने वाली दिक्कतें भी शामिल थीं.