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घरेलू हिंसा पीड़ित और संकटग्रस्त महिलाओं को मिल रहा है संरक्षित आश्रय

लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाई जा रही शक्ति सदन योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है। मिशन शक्ति योजना की उप योजना सामर्थ्य के अंतर्गत शक्ति सदन की व्यवस्था को 11 जिलों में विस्तार दिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से घरेलू हिंसा, पारिवारिक संकट और अन्य विषम परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।  10 जनपदों में एक-एक, मथुरा में चार शक्ति सदन संकटग्रस्त महिलाओं के लिए प्रदेश में कुल 14 शक्ति सदन की व्यवस्था की गई  है। वर्तमान में मिर्जापुर, सहारनपुर, कानपुर देहात, चित्रकूट, गोंडा और बस्ती में संकटग्रस्ट महिलाएं आसरा पा रही हैं। योजना के अंतर्गत अलीगढ़, आजमगढ़, कानपुर नगर, चित्रकूट, झांसी, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, वाराणसी और सहारनपुर जनपदों में एक-एक शक्ति सदन जबकि मथुरा जनपद में चार शक्ति सदन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शक्ति सदन की क्षमता 50 महिलाओं की निर्धारित की गई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 1 करोड़ 75 लाख की पहली किश्त प्रशासनिक स्तर पर भवन, संचालन और संसाधनों से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए जारी हो गई है।   11 जिलों में सक्रिय व्यवस्था, पुनर्वास पर जोर शक्ति सदन योजना के सुचारु संचालन के लिए सरकार वित्तीय स्तर पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। यहां घरेलू हिंसा से पीड़ित, भूली-भटकी, जेल से मुक्त तथा पारिवारिक विवाद से ग्रस्त महिलाओं को अस्थायी संरक्षण दिया जा रहा है। उन्हें काउंसिलिंग के माध्यम से मानसिक, सामाजिक संबल प्रदान कर परिवार में पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।   महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता योगी आदित्यनाथ सरकार का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सामाजिक दायित्व है। शक्ति सदन जैसी व्यवस्थाएं यह दर्शाती हैं कि योगी सरकार महिला कल्याण को लेकर संवेदनशील और सक्रिय है। मिशन शक्ति के माध्यम से प्रदेश में महिला संरक्षण की नीतियों को व्यवहारिक स्वरूप दिया जा रहा है।

योगी सरकार की मंशा के अनुरूप जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धति को पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा कदम

स्वास्थ्य सेवाओं में आएगी पारदर्शिता, सीनियर सिटीजन को मिलेगी काफी राहत  लखनऊ योगी सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियां विश्व पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष विभाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। दरअसल, आयुष विभाग आईआईटी कानपुर के सहयोग से एक अत्याधुनिक आयुष एप विकसित करेगा। इससे मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा मिलेगी। साथ ही एप पर आयुष विभाग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। योगी सरकार के इस कदम से न केवल आयुष चिकित्सा पद्धतियां आम जनता तक आसानी से पहुंचेंगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता भी आएगी। एप से सीनियर सिटीजन, महिलाओं और दूर-दराज के लोगों को मिलेगी काफी राहत आयुष प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष एप बनाने के लिए आईआईटी कानपुर से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि एप लांच होने के बाद मरीजों को अस्पताल और आयुष केंद्रों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज अपने मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ही डॉक्टर से मिलने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी। इस सुविधा से विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। एप के जरिए मरीजों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलेगी। एप पर विभिन्न बीमारियों के लिए उपलब्ध उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पताल और डिस्पेंसरी की सूची, डॉक्टरों का विवरण और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी एप पर मिलेगी। भविष्य में टेली परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी एप को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकेगा। एप को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाया जाएगा, ताकि मरीजों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसमें भविष्य में और भी नई सुविधाएं जोड़ने की योजना है। वहीं, आने वाले समय में एप के माध्यम से टेली-परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे मरीजों को घर बैठे ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

गंगा, यमुना, गोमती, वरुणा और पांडु नदी का होगा कायाकल्प, डेढ़ सौ किलोमीटर सर्वे का काम पूरा

लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर में किया गया व्यापक सर्वे नदियों में जीरो डिस्चार्ज की बनाई जा रही कार्ययोजना लखनऊ उत्तर प्रदेश में नदियों के संरक्षण को लेकर चल रही योगी सरकार की पहल अब राष्ट्रीय मॉडल बन चुकी है। पहली बार किसी राज्य ने नदी संरक्षण में हाई-टेक रिवर ड्रोन सर्वे सिस्टम का इतना व्यापक उपयोग किया है। इसका असर इतना प्रभावी रहा कि केंद्र सरकार ने यूपी के मॉडल को पूरे देश में लागू करने का फैसला किया है। गंगा, यमुना, गोमती, वरुणा और पांडु नदी के लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा कर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने नदी पुनरुद्धार के प्रयासों में नई ऊर्जा भर दी है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में किए गए सर्वे ने नदियों की असल स्थिति, प्रदूषण स्रोतों और नालों के गिरने वाले बिंदुओं की स्पष्ट पहचान करना अब आसान कर दिया है। इन प्रयासों का पहला सबसे बड़ा लाभ कानपुर जिले को मिलने जा रहा है। ड्रोन सर्वे के बाद नदियों में जीरो डिस्चार्ज की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके क्रियान्वयन के बाद नदियों में जीरो डिस्चार्ज का दर्जा मिल जाएगा। गोमती नदी के कायाकल्प को मिलेगी नई दिशा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता हमेशा से यह रही है कि राज्य की नदियां पूरी तरह स्वच्छ बनें और स्थानीय लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिले। इसी सोच के अनुरूप अब नालों की पहचान और प्रदूषण नियंत्रण आसान हो गया है। लखनऊ नगर के लिए ड्रोन सर्वे आधारित संपूर्ण पुनरुद्धार कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिससे गोमती नदी के कायाकल्प को नई दिशा मिलेगी। नदियों के कायाकल्प के साथ गांव-गांव में स्वच्छता राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों के संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न केवल नदियों का कायाकल्प हो रहा है, बल्कि इन प्रयासों से गांव-गांव में स्वच्छता, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीति और तकनीक के सशक्त उपयोग का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज नदी संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। इसके साथ ही पूरा देश उत्तर प्रदेश के मॉडल को अपनाने जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी व महराजगंज के वर्तमान जिलाधिकारी समेत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण का चेक भी प्रदान किया।  मुख्यमंत्री के हाथों किए गए सम्मानित   सत्येंद्र कुमार (वर्तमान जिलाधिकारी, वाराणसी)- महराजगंज, बाराबंकी व वाराणसी में सहकारिता में सर्वांगीण विकास व मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए मिला सम्मान संतोष कुमार शर्मा (वर्तमान जिलाधिकारी महराजगंज)- एम पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में प्रदेश में सर्वाधिक 1.22 लाख सदस्य बनाने और सर्वाधिक 28 हजार ऑनलाइन सदस्य जोड़ने के लिए हुए सम्मानित  यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अजय प्रताप सिंह को दनिश्ता फातिमा को पांच-पांच लाख ऋण का चेक दिया गया   मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोनम वर्मा न मनीष कुमार भदौरिया को 25-25 लाख रुपये व आकांक्षा सिंह को 10 लाख रुपये के ऋण का चेक दिया गया  नमो ड्रोन दीदी के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंदना तिवारी व ललिता देवी को सम्मानित किया गया  एम पैक्स सदस्यता महाभियान के अंतर्गत सर्वाधिक सदस्य बनाने वाले तीन जनपद को सम्मानित किया गया महराजगंज- जितेंद्र बहादुर सिंह, यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड व सुनील कुमार गुप्ता एआर, को-ऑपरेटिव (1.22 लाख सदस्य बनाए)  शाहजहांपुरः जिला को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रताप सिंह राठौर व सहायक आयुक्त अखिलेश प्रताप सिंह (1.08 लाख सदस्य बनाए) उन्नाव- डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष अरुण सिंह व सहायक आयुक्त रविंद्र कुमार सिंह (1.02 लाख से अधिक सदस्य बनाए)  एम-पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले तीन जिला सहकारी बैंक  मेरठ (125 करोड़ रुपये से अधिक)- विमल कुमार शर्मा बैंक अध्यक्ष व विनय सिंह सचिव  गाजियाबाद (65.48 करोड़ से अधिक)- कृष्णवीर सिंह बैंक अध्यक्ष व संदीप सिंह बैंक सचिव  लखीमपुर खीरी- विनीत मनार पटेल बैंक अध्यक्ष व सचिव सुधांशु चौधरी

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ

एलडीबी से अब महज छह फीसदी की दर पर मिलेगा ऋण  अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक की दिशा में बढ़ रहा प्रदेशः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लघु व सीमांत किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक का रेट ऑफ इंटरेस्ट लगभग साढ़े 11 फीसदी है। किसानों को इसका काफी ब्याज देना होता है। सरकार इसे कम करने की दिशा में बढ़ रही है। लघु व सीमांत किसान को यह लोन अब महज 6 फीसदी पर मिले। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत छह प्रतिशत पर लोन एलडीबी के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। शेष योगदान राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा।  पीएम मोदी की प्रेरणा से सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बढ़ाए गए अनेक कदम  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता का नया मंत्रालय गठित किया। पहले यह कृषि मंत्रालय के अधीन छोटा आयाम हुआ करता था। पहले सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह जी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। पीएम मोदी की प्रेरणा से हम लोगों ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी भी है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं। इनमें 8.44 लाख से अधिक समितियां, 30 करोड़ से अधिक सदस्य पूरे अभियान में सामूहिक शक्ति के रूप में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।  11 वर्ष में तकनीक का उपयोग कर दी जा रही भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष में हमने बदलते भारत में देखा है कि तकनीक का उपयोग कर जीवन को सरल बनाते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जा रही है। डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र में भी सुशासन व जवाबदेही सुनिश्चित होने की कार्रवाई बढ़ी है। एम पैक्स के माध्यम से बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के सदस्यता का विस्तार, वित्तीय समावेशन को जोड़ते हुए इसे बढ़ाने, कृषि व ग्रामीण विकास को बढ़ाने व सहकारिता आंदोलन को मजबूती प्रदान किया गया है।  सीएम योगी ने यूपी में हुए कार्यों को गिनाया  सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 पर यूपी में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्य हुए। 26 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारंभ किया गया। रन फॉर कॉरपोरेशन में हजारों लोगों ने सहभागिता की। 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा एजीएम का आयोजन किया गया, इसमें स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाभांश वितरित किया गया। छह जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 12 सितंबर से 30 नवंबर तक एम पैक्स सदस्यता का महाभियान प्रारंभ हुआ। इसमें 24 लाख नए सदस्यों के माध्यम से 43 करोड़ का शेयर कैपिटल भी प्राप्त हुआ। प्रदेश में पहली बार सितंबर 2023 में एमपैक्स सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। 30 लाख नए सदस्य बने और 70 करोड़ का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक बैंक अकाउंट और 550 करोड़ का डिपॉजिट है।  अब बीमार नहीं, किसानों की समृद्धि मे योगदान दे रहे को-ऑपरेटिव बैंक  सीएम योगी ने 2017 से पहले डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक की दुर्दशा का जिक्र करते हुए बताया कि 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे, लेकिन अब यूपी के को-ऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर और बीमार नहीं हैं, बल्कि स्वयं स्वस्थ हैं और को-ऑपरेटिव से जुड़े सदस्यों के साथ ही किसान की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं। शासन की अनेक योजनाओं को बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने एम पैक्स को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सीमा दी है। इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, लेकिन उससे पहले मैनपॉवर की कमी पूरा करेंगे। सीएम ने बताया कि 6760 एमपैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे निरंतर उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना भी फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, केमिकल का वितरण होता है, उसका आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े एम पैक्स, साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो, लेकिन इसके लिए मैनपॉवर को पूरा करना पड़ेगा। प्रत्येक में यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो किसान जुड़ेगा और सदस्य संख्या बढ़ेगी। एम पैक्स द्वारा 6400 करोड़ का व्यवसाय किया गया और 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया। 161 एम पैक्स ने जनऔषधि केंद्र के रूप में जेनरिक दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से उन्होंने अब तक 1 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया है।  अब तक 70 करोड़ रुपये से 980 एम पैक्स के सुदृढ़ीकरण का कार्य हुआ है सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में भंडारण, ऊर्जा व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी को-ऑपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से कोठवा पांडेय एम पैक्स ने 1500 मीट्रिक टन क्षमता का सबसे बड़ा गोदाम बनाया है।  

किसानों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, अब कम ब्याज दर पर मिलेगा कृषि ऋण

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। रविवार को लखनऊ में युवा सहकार सम्मेलन और यूपी को ऑपरेटिव एक्सपो 2025 के उद्घाटन के मौके पर सीएम योगी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर सरकार किसानों के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के जरिए मिलने वाले लोन के ब्याज की दर को कम किया जाएगा। हम चाहते हैं कि यह लोन सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाए। राज्य सरकार इसमें सहयोग करेगी।   कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पी प्रभु बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सीएम योगी की इस घोषणा को अन्नदाता किसानों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया जा रहा है। इससे प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक LDB से लोन का रेट अभी करीब साढ़े 11 प्रतिशत है। किसान को बहुत ब्याज देना पड़ता है। हम लोग इसको कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार इसमें योगदान देगी। लघु और सीमांत किसानों को 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' के अंतर्गत हम 6% की ब्याज दर पर LDB के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में एक नए जिला कोआपरेटिव बैंक के गठन की कार्रवाई आगे बढ चुकी है। 2024-25 में 162 करोड़ 2 लाख रुपए का लाभ भी हमारे कोआपरेटिव बैंक ने कमाया है। अब हम इसमें तेजी के साथ काम कर रहे हैं। विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया पालती थीं। पिछली सरकारों के माफिया राज के कारण कोआपरेटिव क्षेत्र बर्बाद हो गया था। किसानों की हजारों करोड़ पूंजी फंस गई थी। हम लोगों धीरे-धीरे करके किसानों का पैसा वापस कराया। आज वो पैसा भी वापस है। बैंक भी आगे बढ़ रहा है। अब हम वन डिस्ट्रिक्ट वन कोआपरेटिव बैंक की दिशा में बैंक आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश के अंदर जितना भी फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड का वितरण होता है। इसमें से कम से कम आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े हुए एम-पैक्स के माध्यम से वितरित हो। सहकारिता की उपलब्धियों पर पुस्तक का विमोचन सीएम योगी ने इस मौके पर सहकारिता विभाग की उपलब्धियों एवं नवाचार पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके साथ ही सहकारिता के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ​विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।  

पैसों के सौदे से रिश्ते तक: युवती से जबरन विवाह, फिर दूल्हे के साथ सनसनीखेज घटना

देवरिया  यूपी के देवरिया से न्यूड वीडियो, जबरन शादी और फिर दूल्हे के साथ दुल्हन द्वारा बड़ा कांड कर दिए जाने का मामला सामने आया है। यहां की एक लड़की द्वारा आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक लड़के को एक्स पर मैसेज भेजा गया। संपर्क होने पर लड़की ने अपना मुंह छिपाकर एक हजार रुपए में 10 मिनट तक अपने प्राइवेट पार्ट्स (न्यूज वीडियो) दिखाने की पेशकश की। लड़का इस झांसे में आ गया। उसने लड़की का न्यूड वीडियो देखा। इस दौरान लड़की ने स्क्रीनशॉट लेकर लड़के को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लाखों रुपए वसूल लिए। लड़के का कहना है कि ब्लैकमेलिंग के तहत ही उसने शादी की शर्त रख दी। 2021 में गोरखपुर और लखनऊ में उसने मुलाकात की। 2023 में वह हैदराबाद पहुंच गई और आत्महत्या की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। मार्च 2025 में दोनों ने मंदिर में शादी की। कोर्ट में शादी को रजिस्टर भी कराया। आरोप है कि शादी के दो महीने बाद लड़की चार लाख रुपए नकद और जेवर लेकर फरार हो गई। लड़के का कहना है कि शादी के बाद भी वह किसी अन्य युवक से फोन पर बात करती रहती थी। उसने 40 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए। बाद में पता चला कि वह युवक उसका दूसरा पति था। यह जानकर युवक हैरान रह गया कि उसके साथ लड़की ने तीसरी शादी की है। लड़के के अनुसार लड़की देवरिया की ही रहने वाली है और वह फरार होकर यहीं आई है। आंध्र का ये युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता है। उसने देवरिया में एडिशनल एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। बाद में महिला थाना पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लड़के का कहना है कि उसके साथ धोखा करने वाली लड़की का यही धंधा है। वह सोशल मीडिया पर लोगों को फंसाती, उनसे शादी करती और फिर ब्लैकमेलिंग कर रुपए ऐंठती है। उसने देवरिया पुलिस से लड़की को ढूंढकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल लोकार्पण समारोह के कारण लखनऊ का सामान्य यातायात प्रभावित न हो, इसका रखें ध्यान: मुख्यमंत्री

राष्ट्र प्रेरणा स्थल लोकार्पण कार्यक्रम की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कहा सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम, ठंड के बीच न हो किसी को समस्या दो लाख लोगों की उपस्थिति में होगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण समारोह में आ रहे आम जन हेतु परिवहन, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन व चिकित्सा व्यवस्था को अंतिम रूप देने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में आगामी 25 दिसंबर को आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आगमन तथा नवनिर्मित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा लखनऊ को प्रदान किया जा रहा यह उपहार राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत एवं गौरव का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं अटल जी की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय एकता, एकात्म मानववाद तथा आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को समझने और आत्मसात करने की प्रेरणा देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, आतिथ्य एवं भीड़ प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्था उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।  मुख्यमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की फाइनल टचिंग, लैंडस्केपिंग, उद्यान, संग्रहालय परिसर, एम्फीथिएटर एवं मार्गों के सुंदरीकरण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश भर से आने वाले दो लाख से अधिक जनता के लिए तैयार की गई व्यवस्था; परिवहन, पार्किंग लेआउट, बस रूट प्लान, नियंत्रण कक्ष एवं चिकित्सा इकाइयों की समीक्षा की और कहा कि प्रत्येक बस, पार्किंग ब्लॉक और प्रवेश द्वार हेतु जिम्मेदार नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासन को वीवीआईपी रूट, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल एवं जनसभा क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा यातायात डायवर्जन, पार्किंग व पैदल मार्ग हेतु स्पष्ट साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया प्रबंधन, स्वागत व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुति और प्रोटोकॉल के सभी घटकों में समन्वय और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा। राष्ट्र प्रेरणा स्थल : प्रमुख विशेषताएं ● लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित भव्य परियोजना। ● डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं। ● राष्ट्रपुरुषों के जीवन, विचार एवं योगदान पर आधारित आधुनिक संग्रहालय। ● दो लाख की क्षमता वाला रैली स्थल एवं मंच। ● एम्फीथिएटर, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना–योग केंद्र, कैफेटेरिया एवं नागरिक उपयोगिता सुविधाएं। ● आकर्षक लैंडस्केपिंग, स्पष्ट ज़ोनिंग, पार्किंग एवं सुरक्षा प्रबंधन के साथ सुदृढ़ ले-आउट।

01 से 31 जनवरी, 2026 तक चलेगा प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान

वर्ष 2025 में 46 हजार से अधिक दुर्घटनाएं और 24 हजार से ज्यादा मौतें गंभीर चेतावनी, एक भी मृत्यु पूरे परिवार के लिए आजीवन पीड़ा है: मुख्यमंत्री जागरूकता अभियान का केंद्र व्यवहार परिवर्तन, तहसील से जिला मुख्यालय तक प्रचार सामग्री, वास्तविक दुर्घटनाओं के उदाहरण और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग के निर्देश एनएसएस, एनसीसी, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस की भागीदारी से युवाओं को जोड़कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर बल ब्लैक स्पॉट सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, ओवर स्पीडिंग और लेन ड्राइविंग पर नियंत्रण, एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग, क्रेन और एम्बुलेंस बढ़ाने के निर्देश गोल्डन ऑवर में उपचार सर्वोपरि, निजी ट्रॉमा सेंटरों को जोड़ने, 108 और एएलएस एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाने और स्कूल व भारी वाहनों की फिटनेस जांच के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी “सड़क सुरक्षा माह” आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि नए वर्ष की शुरुआत केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े सड़क सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर ठोस संकल्प, व्यापक जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के लक्ष्य के साथ होनी चाहिए। शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडलायुक्तों तथा जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा अभियान किसी भी स्थिति में औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा जन आंदोलन बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह को 4-ई मॉडल के आधार पर संचालित किया जाए, जिसमें शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी केयर चारों स्तंभों पर समान रूप से और समन्वित ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल नियमों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझाना आवश्यक है कि यातायात नियमों का पालन उनके स्वयं के जीवन, उनके परिवार और समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में सही सड़क व्यवहार विकसित किया जाए, प्रवर्तन के तहत नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो, इंजीनियरिंग के माध्यम से सड़कों के ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट सुधारे जाएं तथा इमरजेंसी केयर के अंतर्गत त्वरित एम्बुलेंस सेवा और बेहतर ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर संतुलित और एकसाथ काम किए बिना सड़क दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी संभव नहीं है। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2025 में नवंबर तक प्रदेश में कुल 46,223 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 24,776 लोगों की मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल प्रशासनिक या तकनीकी समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक भी दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे जाती है और इस पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। इसी दृष्टिकोण से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनवरी के पहले सप्ताह में विशेष रूप से जागरूकता पर फोकस किया जाए और सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां समय से पूरी करें। प्रदेश की प्रत्येक तहसील, ब्लॉक, जिला और सभी प्रमुख मुख्यालयों पर जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक वास्तविक सड़क दुर्घटना के उदाहरण को सामने रखकर आमजन को यह समझाया जाए कि एक छोटी सी लापरवाही किस प्रकार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे कि सड़क सुरक्षा किसी और की नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन और परिवार से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस जैसे संगठनों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से ही यह अभियान वास्तविक अर्थों में जन आंदोलन बन सकेगा। जब तक समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक केवल सरकारी प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चालान करना सड़क दुर्घटनाओं का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करने और वाहन सीज करने की स्पष्ट नियमावली तैयार कर उसका सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कठोरता अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट की पहचान कर उनके त्वरित और स्थायी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग की कमियां, खराब साइनज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को बढ़ाते हैं। लोक निर्माण विभाग तथा अन्य रोड ओनिंग एजेंसियां समयबद्ध ढंग से सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं और स्कूल वाहनों की फिटनेस की विशेष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट वाहन सड़क पर न चलें। इसके साथ ही 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले बड़े यात्री वाहनों में एकल चालक की व्यवस्था समाप्त कर अनिवार्य रूप से दो चालकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि चालक की थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ओवर स्पीडिंग रोकने के साथ-साथ लेन ड्राइविंग के प्रति भी आमजन को जागरूक करने पर बल दिया तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में जितनी जल्दी घायल को चिकित्सकीय सहायता मिलती है, क्षति की संभावना उतनी ही कम होती है। उन्होंने गोल्डन ऑवर की महत्ता को रेखांकित करते हुए निर्देश … Read more

सीएम योगी के नेतृत्व में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सीएम श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत हॉस्टल माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बनाया जा रहा है। जो नारी शक्ति और समाज कल्याण की प्रतीक मानी जाती हैं, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा और सुविधापूर्ण आश्रय मिल सके। केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन दोनों योजनाओं के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।  केंद्र सरकार की SASCI योजना पर ठोस प्रगति भारत सरकार द्वारा SASCI  योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लखनऊ में तीन, गौतमबुद्ध नगर में चार एवं गाजियाबाद में एक सहित कुल आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें प्रत्येक की आवासीय क्षमता 500 की होगी। इन छात्रावासों के लिए शहरी क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करते एक रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष की लीज दर पर भूमि को विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 381.56 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 11 मार्च 2025 को 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में 251.83 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। अप्रैल 2025 में सीएण्डडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून 2025 में परियोजना वार 35 प्रतिशत धनराशि (116.19 करोड़ रुपये) कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की गई। वर्तमान में लखनऊ के तीन और गौतमबुद्ध नगर के तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना पर भी तेजी इसके समानांतर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रदेश के 07 जनपदों वाराणसी,  मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर,  झांसी एवं आगरा में 500-500 की क्षमता वाले कुल सात छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत प्रति छात्रावास 47.75 करोड़ की लागत से कुल 334.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 170 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। अब तक मेरठ, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी एवं आगरा में भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। इन पांचों जनपदों के लिए व्यय वित्त समिति (EFC)  से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। वहीं वाराणसी एवं प्रयागराज में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी सातों जनपदों के लिए निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना वित्त विभाग को प्रेषित कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण के विज़न को जमीन पर उतार रही योगी सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीएण्डडीएस के समन्वय से संचालित ये दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को साकार कर रही हैं, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है। ये छात्रावास न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देंगे, बल्कि शहरी क्षेत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करेंगे।