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दीपावली विशेष अभियान’ के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी

त्योहारों पर ‘मिलावटखोरों’ पर कड़ी कार्रवाई जारी, 3,394 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त दीपावली विशेष अभियान’ के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी अब तक प्रदेशभर में 5,464 निरीक्षण और 2,448 छापों के दौरान 3,369 नमूने संग्रहीत किए गए 4.76 करोड़ की मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 2.34 करोड़ की 1,463 क्विंटल सामग्री की गई नष्ट मथुरा में 4 डेयरी पर एफआईआर, लाइसेंस निलंबित, अलीगढ़ में ₹40.92 लाख की सामग्री जब्त बदायूं, गाज़ीपुर और बुलन्दशहर में भी हुई कार्रवाई, प्रयागराज, सम्भल, कानपुर, सहारनपुर में भी बड़ी जब्ती योगी सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग चला रहा अभियान लखनऊ त्योहारों पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी है। दीपावली के अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘दीपावली विशेष अभियान’ (8 से 17 अक्टूबर 2025) के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। अब तक प्रदेशभर में 5,464 निरीक्षण और 2,448 छापों के दौरान 3,369 नमूने संग्रहीत किए गए हैं। कुल 3,394 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री (₹476 लाख मूल्य) जब्त की गई है, जबकि 1,463 क्विंटल सामग्री (₹234 लाख मूल्य) नष्ट कराई गई।  जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश को मिलावट मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। 16 अक्टूबर को की गई कार्यवाही में प्रदेश के कई जनपदों में भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त और नष्ट किए गए। उन्होंने कहा कि दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के पावन अवसरों पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  कई जनपदों में प्रभावी एक्शन मथुरा में बाजना क्षेत्र की चार डेयरियों में अपमिश्रक का प्रयोग पाए जाने पर चार एफआईआर दर्ज की गईं और छह लाइसेंस निलंबित किए गए।अलीगढ़ में 19,500 किलोग्राम मिलावटी खाद्य पदार्थ (₹17.37 लाख) नष्ट कराए गए और 4,188 किलोग्राम सामग्री (₹23.55 लाख) जब्त की गई। वहीं बदायूं में 2,100 किलोग्राम छेना मिठाई और 960 किलोग्राम पनीर, गाजीपुर में 1,439 किलोग्राम मिलावटी देशी घी, बुलंदशहर में 1,325 किलोग्राम मिलावटी पनीर, प्रयागराज में 5,295 किलोग्राम मिलावटी खाद्य तेल, सम्भल में 2,500 लीटर दूध, सहारनपुर में 1,060 किलोग्राम मिठाइयां तथा कानपुर नगर में 550 किलोग्राम मिलावटी खोया नष्ट कराया गया। छोटी दुकानों, स्टाफ या मजदूरों पर किसी भी प्रकार की नहीं होगी कार्रवाई डॉ रोशन जैकब ने बताया कि आगरा के गबाना, खैर और मथुरा के बजना क्षेत्र ऐसे संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहाँ बड़ी डेयरियां और पनीर फैक्ट्रियां संचालित हैं, जो मुख्यतः दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में दूध और पनीर की आपूर्ति करती हैं। मुख्यमंत्री जी की इच्छा के अनुरूप इन क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों में मिलावट के गिरोहों और माफिया तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी कमर तोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। इसी प्रकार नकली दवाओं के गिरोहों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि छोटे कारोबारियों जैसे पनीर और मिठाई की छोटी दुकानों, स्टाफ या मजदूरों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। मिलावट या संदेहास्पद वस्तु की जानकारी हेल्पलाइन पर दें खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनमानस से अपील की है कि मिठाई या खाद्य पदार्थ खरीदते समय बिल अवश्य लें, खुली मिठाई या संदिग्ध रंग-गंध वाले उत्पादों से बचें, और किसी भी प्रकार की मिलावट या संदेहास्पद वस्तु की जानकारी हेल्पलाइन 1800-180-5533 या व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर दें।

त्योहारी तोहफा: यूपी सरकार ने दिया खुशखबरी भरा झटका, कर्मचारियों को मिला 3% डीए बढ़ोतरी का लाभ

लखनऊ दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करीब 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब यह दर 55% से बढ़कर 58% हो गई है। कब से लागू होगा नया DA-DR? – यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। – कर्मचारियों को इसका नकद भुगतान अक्टूबर 2025 से किया जाएगा। कितना खर्च आएगा सरकार पर? सरकार के इस फैसले से मार्च 2026 तक सरकार पर कुल ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा:- – नवंबर 2025 में ही नकद भुगतान का बोझ होगा ₹795 करोड़ – इसमें से ₹185 करोड़ ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) वाले कर्मचारियों के GPF में जमा होंगे – जुलाई से सितंबर 2025 तक के एरियर के तौर पर ₹550 करोड़ का खर्च – दिसंबर 2025 से हर महीने ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्यय कर्मचारियों में खुशी की लहर मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह प्रक्रिया समय से और सुचारू रूप से लागू की जाए। यह फैसला राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पहले ही दिवाली बोनस देने का ऐलान कर चुके हैं और यह भी कहा गया है कि बोनस का भुगतान समय पर हो ताकि लोग त्योहार खुशियों के साथ मना सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा? हमारी सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की भलाई के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह निर्णय लाखों परिवारों को राहत देगा और त्योहार से पहले उनकी मुस्कान लौटाएगा।  

सहारनपुर की सियासत में बदला माहौल, इकरा हसन को गुर्जर समाज ने पहनाई भगवा पगड़ी

सहारनपुर  सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद इकरा हसन को भगवा गुर्जर समाज ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया. यह सम्मान गुर्जर समाज द्वारा आयोजित 'PDA चौपाल' कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां इकरा हसन के साथ सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी मौजूद थे. इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  दरअसल, कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर में एक जनसभा में शामिल हुईं. यह जनसभा बुधवार, 15 अक्टूबर को देवबंद क्षेत्र के मीरपुर गांव में आयोजित हुई. यह कार्यक्रम गुर्जर समाज द्वारा सामाजिक जागरूकता और एकता के लिए 'PDA चौपाल' के तहत रखा गया था. इस कार्यक्रम में इकरा हसन और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी पहुंचे. गुर्जर समाज ने इकरा हसन को पगड़ी, माला और शॉल पहनाकर सम्मानित किय. पूरे कार्यक्रम के दौरान भीड़ उत्साह में झूमती रही और इकरा हसन ज़िंदाबाद के नारे लगे.  सहारनपुर के मीरपुर गांव में हुई 'PDA चौपाल' में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे. इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी मंच पर उपस्थित रहे. गुर्जर समाज ने मंच पर दोनों नेताओं का पगड़ी, माला और शॉल पहनाकर भव्य स्वागत किया. सम्मान के समय पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंज उठा, जिससे पता चलता है कि भीड़ में इकरा हसन के लिए जबरदस्त उत्साह था.  पगड़ी पहनकर दिया भाषण गुर्जर समाज से पगड़ी पहनकर इकरा हसन ने सभा को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया. उनके भाषण के दौरान मौजूद भीड़ लगातार तालियां बजाकर उनका समर्थन करती रही.   चुनावी समीकरणों से जुड़ाव वायरल हो रहे इस वीडियो के राजनीतिक गलियारों में भी खूब चर्चे हैं. राजनीतिक विश्लेषक इस कार्यक्रम और इकरा हसन को मिले सम्मान को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं. गुर्जर समाज के इस समर्थन को समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इकरा हसन के भाषण और सम्मान ने पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे को बल दिया है. 

OBC के 5 लाख विद्यार्थियों को राहत, योगी सरकार देने जा रही है खास तोहफा

लखनऊ  यूपी के लाखों ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) के छात्रों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे भेजेंगे.  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर पहली बार प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत कर दी है. पहले जहां यह प्रक्रिया दिसंबर-जनवरी तक खिंच जाया करती थी, वहीं अब इसे पहले ही चरण में पूरा कर युवाओं तक राहत पहुंचाई जा रही है. पहले चरण में सरकार ने ₹62.13 करोड़ की धनराशि खर्च कर कक्षा 9 से 12 तक के 2.5 लाख से अधिक OBC छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति भेजी थी. अब दूसरे चरण में शुक्रवार को ₹126.68 करोड़ की राशि से 4.83 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा. इस प्रकार कुल मिलाकर अब तक प्रदेश के करीब 7.33 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं.  पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली की मिसाल कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश का युवा शिक्षित और सशक्त होगा, तभी विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश के शताब्दी संकल्प-2047 को साकार किया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूरी तरह तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाया है. अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या देरी की गुंजाइश नहीं रह गई है. पहले जहां छात्रवृत्ति फाइलों में महीनों उलझी रहती थी, वहीं अब आधार-संलग्न खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि सीधे भेजी जा रही है. इससे न केवल छात्रों को समय पर सहायता मिल रही है, बल्कि योजना की विश्वसनीयता और प्रभाव भी बढ़ा है.  बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, दिखी सरकार की प्राथमिकता राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट वर्ष दर वर्ष लगातार बढ़ाया गया है. वर्ष 2016-17 में जहां यह 1295 करोड़ रुपये था, वहीं अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3124.45 करोड़ रुपये हो गया है. यानी, यह ढाई गुना से भी अधिक वृद्धि है. उन्होंने कहा कि इससे यह साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी की सरकार शिक्षा और सामाजिक न्याय को कितनी प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के लिए भी बजट में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है. वर्ष 2016-17 में ₹1092.36 करोड़ की राशि इस मद में आवंटित थी, जो अब 2825 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. इससे लाखों छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और ऊर्जा मिली है. शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संकल्प उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल छात्रवृत्ति देना नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि गरीबी या पिछड़ापन अब किसी के भविष्य की रुकावट नहीं बनेगा. इस दिशा में डिजिटल और पारदर्शी छात्रवृत्ति व्यवस्था एक बड़ा कदम है. प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रत्येक छात्र, चाहे वह किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग से हो, अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सके. इसी सोच के तहत OBC छात्रों के लिए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदार बन सकें.  डिजिटल ट्रांसफर से घटा भ्रष्टाचार, बढ़ा विश्वास डीबीटी के माध्यम से सीधा ट्रांसफर होने से व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है. अब किसी बिचौलिए या अधिकारी की मनमानी की गुंजाइश नहीं बची. छात्रों के खातों में सीधे धनराशि पहुंच रही है, जिससे प्रणाली में पारदर्शिता आई है. यही नहीं, विभाग की मॉनिटरिंग प्रणाली को भी डिजिटल किया गया है, जिससे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध रहती है. राज्य मंत्री ने बताया कि जल्द ही छात्रवृत्ति प्रक्रिया में AI आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि फर्जीवाड़े या डुप्लीकेट आवेदन को पूरी तरह समाप्त किया जा सके. इस पहल के साथ ही प्रदेश में शिक्षा का नया अध्याय शुरू हुआ है. सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में छात्रवृत्ति वितरण का दायरा दोगुना किया जाए और हर पात्र छात्र को समय पर आर्थिक सहयोग मिले. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उनका कहना है कि युवाओं में निवेश ही भविष्य में सबसे बड़ा लाभ देगा. योगी सरकार की इस पहल से न केवल OBC समाज के छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण इलाकों के स्कूलों और कॉलेजों में नामांकन भी बढ़ा है.

कुम्हारों के लिए खुशखबरी! योगी सरकार देगी दीपावली पर ज़मीन का तोहफा, नहीं करना होगा आवेदन

लखनऊ पारंपरिक माटी कला को आगे बढ़ाने वाले कुम्हारों को प्रदेश सरकार ने दीपावली का उपहार दिया है। जिस गांव में माटी कला को आगे बढ़ाने वाले एक भी कारीगर काम कर रहें होंगे, उन्हें बिना आवेदन ही मिट्टी की खोदाई के लिए तालाब या जमीन का पट्टा दिया जाएगा। माटी कला बोर्ड के प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया।  सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे आदेश में चकबंदी मैनुअल के पैरा 178 के प्रावधानाें के अनुसार जिस गांव में कुम्हारों की संख्या बहुत कम है या एक कुम्हार हो, जो मिट्टी कला को संजोए रखने का कार्य कर रहा हो और उसने आवेदन या प्रस्ताव भले न दिया हो, लेकिन उसे मिट्टी के लिए भूमि अवश्य सुरक्षित की जाए। शासनादेश के बाद अब कुम्हारों को मिट्टी की किल्लत नहीं होगी और माटी कला को बुलंदी मिलेगी। माटी कला बोर्ड के योजना अधिकारी एलके नाग ने बताया कि पिछले साल प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इस पर नौ अक्टूबर को मुहर लग गई। मुहर लगने के साथ ही प्रदेश के सभी 822 ब्लॉकों के 97,941 गांवों में यह व्यवस्था लागू हो गई है। सरकार की पहल सराहनीय राजधानी के चिनहट में माटी कला को आगे बढ़ाने वाले राजेश प्रजापति ने बताया कि के लौलाई गांव में मिट्टी की खुदाई को लेकर आए दिन बवाल होता है। इसकी वजह से इस कला को आगे बढ़ाने में दिक्कत होती है। सरकार के इस शासनादेश से कारीगरों को अधिकार मिलेगा और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह मिट्टी के लिए तालाब या जमीन का इंतजाम करे। सरकार की पहल सराहनीय है।  

छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि

पिछड़े वर्ग के 5 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे सीएम योगी  छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि पहले चरण में 2.5 लाख से अधिक ओबीसी छात्रों को लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि से किया जा चुका है लाभान्वित पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए ₹188 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति होगी वितरित, डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता योगी सरकार ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति बजट में रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए 2025-26 में ₹3124 करोड़ से अधिक की व्यवस्था की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं के खाते में सीधे छात्रवृत्ति ट्रांसफर करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति वितरण का प्रारंभ किया है। पहले चरण में लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि व्यय कर 2.5 लाख से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है। वहीं, द्वितीय चरण में शुक्रवार को ₹126.68 करोड़ की धनराशि व्यय कर 4.83 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा।  तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल हो रही व्यवस्था कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश का युवा शिक्षित होगा तभी विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के ‘शताब्दी संकल्प-2047’ को साकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वंचित एवं कमजोर आय वर्ग के छात्रों के शैक्षिक उन्नयन हेतु छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल बनाया है। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार सितंबर माह से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ किया गया है। 2016-17 से ढाई गुना अधिक हुआ बजट  उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट ₹1295 करोड़ था, जिसे बढ़ाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹3124.45 करोड़ कर दिया गया है। यानी यह 2.5 गुना से अधिक वृद्धि है। केवल छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की गई है। वर्ष 2016-17 में यह ₹1092.36 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2825 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति का वितरण अब पूरी तरह ऑनलाइन व डीबीटी के माध्यम से आधार-संलग्न बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरितता दोनों बढ़ी हैं। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य हर वर्ग के युवा को आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा के माध्यम से समाज में समान अवसर सुनिश्चित करना है।  विभागीय योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि योजना का नाम         बजट 2016-17              बजट 2025-26 पूर्वदशम छात्रवृत्ति      ₹107.33 करोड़               ₹325 करोड़ दशमोत्तर छात्रवृत्ति /शुल्क प्रतिपूर्ति              ₹984.62 करोड़       ₹2500 करोड़ शादी अनुदान              ₹141.55 करोड़               ₹200 करोड़ कंप्यूटर प्रशिक्षण              ₹11 करोड़                       ₹35 करोड़ छात्रावास अनुरक्षण       00                                        ₹5 करोड़ योजनाओं का प्रचार        00                                        ₹1 करोड़

राम की पैड़ी पर बनेगा नया ‘सेल्फी प्वाइंट’, जगमग अयोध्या में जीवंत होगी त्रेतायुग की महिमा

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -दीपों और लेज़र लाइट के संग पुष्पक विमान में अनुभव करें रामराज्य की दिव्यता -आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला का संगम,दीपोत्सव 2025 का यह दृश्य बना विश्वभर के लिए आकर्षण केंद्र अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस वर्ष का दीपोत्सव 2025 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि रामायण काल के जीवंत पुनर्प्रस्तुतीकरण का प्रतीक बनने जा रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में इस बार राम की पैड़ी पर बनाया जा रहा भव्य पुष्पक विमान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण और सेल्फी प्वाइंट बनने जा रहा है। रामायण काल की झलक, आधुनिक तकनीक का संगम त्रेतायुग की उस अलौकिक कथा को, जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे, इस दीपोत्सव में वास्तविक रूप में साकार किया जा रहा है। राम की पैड़ी के किनारे बन रहा यह राजशाही लुक वाला पुष्पक विमान अयोध्या की पहचान को नया आयाम देगा। इसकी लंबाई 32 फीट, ऊंचाई 25 से 30 फीट, और चौड़ाई 20 फीट होगी। मोर की आकृति पर आधारित इस डिजाइन को ईपीसी सीट पर तैयार किया जा रहा है, जिससे विमान हल्का, आकर्षक और लंबे समय तक संरक्षित रह सके। राम की पैड़ी बनेगी श्रद्धा और सौंदर्य का संगम स्थल पुष्पक विमान के सामने रामायण काल के दृश्यों को उकेरा जाएगा जिसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या आगमन की झांकी सजाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान सेल्फी प्वाइंट के रूप में खोला जाएगा, ताकि हर आगंतुक इस दिव्य दृश्य को अपनी यादों में सहेज सके। संध्या के समय लेज़र लाइट शो, दीपों की रेखा और पुष्पवर्षा के साथ यह स्थान अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा। योगी सरकार की परिकल्पना अयोध्या बने विश्व की सांस्कृतिक राजधानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दीपोत्सव का हर दृश्य रामायण की भावभूमि को सजीव करे। इसी क्रम में राम की पैड़ी, धर्मपथ और रामकथा पार्क को थीम आधारित सजावट से अलंकृत किया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य अयोध्या को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। कारीगरों का समर्पण, आस्था का सौंदर्यबोध अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी के कुशल शिल्पकार मिलकर इस पुष्पक विमान को आकार दे रहे हैं।पारंपरिक कला में आधुनिक तकनीक का संगम इस कृति को अनोखा बना रहा है। स्वर्णिम रंगों, मोरपंखी डिजाइन और राजशाही शैली का यह विमान दीपोत्सव की शोभा में चार चांद लगाएगा। आस्था और आकर्षण का संगम ,दीपोत्सव की नयी पहचान बनेगा पुष्पक विमान दीपोत्सव के दौरान जब लाखों दीपों से जगमग अयोध्या में पुष्पक विमान की झलक दिखाई देगी, तब ऐसा लगेगा जैसे त्रेतायुग की अयोध्या पुनः लौट आई हो।श्रद्धालु, पर्यटक और कलाकार सभी के लिए यह स्थान अयोध्या के आध्यात्मिक वैभव और रामराज्य की परंपरा को अनुभव करने का अवसर बनेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा चयनित कार्यदाई संस्था सार्क मीडिया के मालिक सौरभ कुमार सिंह का कहना है कि उनका लक्ष्य दीपोत्सव के दौरान ऐसा वातावरण तैयार करना है, जो न केवल दर्शनीय रूप से आकर्षक हो बल्कि अयोध्या के समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करे।

योगी आदित्यनाथ ने खोला राज का पर्दा: बिहार में बढ़ा भाई-भतीजावाद और अपराध, जिम्मेदार कौन?

पटना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आधिकारिक रूप से बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में उतर गए। दानापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और राजद पर जुबानी हमला किया। विशाल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का हवाला दिया। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर राज्य में जंगल राज और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार का न सिर्फ एक रिश्ता है, बल्कि एक साझा विरासत भी है। एक आत्मा, एक संस्कृति और एक संकल्प का बंधन। यह बंधन भगवान राम और माता जानकी के बंधन जितना ही अटूट है। योगी आदित्यनाथ ने लोगों को बिहार के राजनीतिक अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि 1990 से 2005 तक राज्य जंगल राज से ग्रस्त था, जहां ज्ञान और अध्यात्म की जगह भाई-भतीजावाद और अपराध ने ले ली थी। उन लोगों (कांग्रेस और राजद) ने बिहार की ज्ञान की आध्यात्मिक भूमि को भाई-भतीजावाद और अपराध की भूमि में बदल दिया, जिससे हमारे युवाओं के लिए पहचान का संकट पैदा हो गया। सीएम योगी ने कहा कि बिहार को उस कलंक से मुक्त करने के लिए एनडीए सरकार ने 20 साल तक काम किया है। आज डबल इंजन वाली सरकार प्रभावी विकास के लिए काम कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने उन पर चुनावों में धांधली करने और बिहार के विकास को बाधित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार पारदर्शी मतदान का समर्थन करती है, लेकिन कांग्रेस, आरजेडी और उनके सहयोगी कहते हैं कि धांधली होनी चाहिए। क्या उन्हें चुनावों में धांधली करने का अधिकार दिया जाना चाहिए? क्या विदेशी घुसपैठियों को यहां आकर दलितों, गरीबों और बिहार के नागरिकों के अधिकारों पर डाका डालने की इजाजत दी जानी चाहिए? उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने माफिया राज का सफाया कर दिया है और बिहार में भी ऐसा ही शासन जारी रहना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से बिहार में एनडीए की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया पहले ही नरक में जा चुके हैं। हमने उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली है और गरीबों के लिए घर बनाना शुरू कर दिया है। दानापुर रैली के बाद, योगी आदित्यनाथ ने सहरसा में एक और सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने विपक्ष पर हमला तेज किया। उन्होंने कहा कि गरीबों का कल्याण कांग्रेस या राजद के एजेंडे में कभी नहीं रहा। परिवार कल्याण ही उनका एकमात्र एजेंडा था। जब कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की, तो बिहार ही उठ खड़ा हुआ। आज राजद ने खुद को उसी कांग्रेस के हाथों गिरवी रख दिया है। वे जयप्रकाश नारायण के सपनों को चकनाचूर कर रहे हैं।

18 महीने की जांच के बाद इंसाफ: बच्ची के हत्यारों को मिली फांसी की सजा

आगरा  यूपी के आगरा में मासूम बच्ची से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। 18 महीने बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। बतादें कि 2024 में दो लड़कों ने एक बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बच्ची के पिता को फोन करके छह लाख की फिरौती भी मांगी थी। पीड़ित ने बाह थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद से कोर्ट में केस विचाराधीन था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि के मुताबिक मामले में गुरुवार को कोर्ट में गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। मामला बाह थाना क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत फरेरा में 18 मार्च 2024 को हुकम सिंह के लड़के हरेंद्र की पुत्री (पल्लवी) को परिवार के ही अमित पुत्र रामसरन जो कि रिश्ते में चाचा लगता है। उसने अपने साथी निखिल निवासी होलीपुरा के साथ 18 मार्च को अगवा करके बलात्कार कर गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया था ‌और हत्या के बाद 6 लाख की फिरौती मांगी गई थी। ‌जिसको परिवार वाले देने को तैयार थे लेकिन हत्या पहले ही कर दी गई थी, जिस कारण आरोपी गुमराह करते रहे और पैसे के लिए बार-बार जगह व मोबाइल नंबर बदल कर गुमराह करते रहे थे। बाद में जिसको पुलिस व एसओजी एवं एसटीएफ ने 20 मार्च 2024 को आरोपियों को पकड़ा था और आरोपियों के निशानदेही पर शव को बरामद कर आरोपियों को जेल भेजा था, जिसमें पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।  

UP विधानसभा 2027: मायावती की रणनीति पर BSP कार्यकर्ताओं की बैठक में चर्चा

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। हालांकि, उनके भतीजे आकाश आनंद खराब स्वास्थ्य के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके। चुनावी रणनीति और पांचवीं बार सरकार बनाने की कोशिश के चलते मायावती ने ये बैठक बुलाई। बैठक के दौरान, मायावती ने पार्टी नेताओं का चुनावी तैयारियों पर मार्गदर्शन किया और उत्तर प्रदेश में बसपा को पांचवां कार्यकाल दिलाने की रणनीति की रूपरेखा पर चर्चा की। मुख्य चर्चा आगामी चुनावों के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर केंद्रित रही। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए की बूथ स्तर तक संगठन के गठन का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जाए। मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ के लिए बूथ स्तर तक पदाधिकारी जाएं और धन्यवाद ज्ञापित करें। सर्व समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ें। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटें। 15 जनवरी को मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में सभी जिलों में मनाया जाएगा। इसकी अभी से तैयारियां शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मायावती और आकाश आनंद के उत्तर प्रदेश भर में होने वाले दौरों के कार्यक्रमों को भी अंतिम रूप दिया गया। ये दौरे पार्टी का आधार मजबूत करने और चुनाव के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से किए जाएंगे। साथ ही बैठक में निर्देश दिए गए कि 10 प्रतिशत बचे बूथ हर हाल में नवंबर से जनवरी तक गठित किए जाएं। चार बार बसपा की सरकार रही है उस समय सरकार ने जो काम किए वह जन-जन तक पहुंचाए जाएं। अपनी जमीनी रणनीति के अलावा, बसपा अपनी भाईचारा समितियों के जरिए मुसलमानों, ओबीसी, दलितों और ब्राह्मणों सहित विभिन्न समुदायों का समर्थन मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह चुनावों से पहले एक व्यापक सामाजिक गठबंधन बनाए रखने के पार्टी के निरंतर प्रयास को दर्शाता है।