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मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे:CM योगी

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को दी मंजूरी, विशेषज्ञ सेल और सैटेलाइट ऑफिस स्थापित होंगे मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में गठित होंगे विशेषज्ञ सेल इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है पुनर्गठन का उद्देश्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश: प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट, निवेशक केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाया जाए 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) की प्रतिनियुक्ति पर होगी तैनाती ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में और व्यवस्थित होगी इन्वेस्ट यूपी 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित, कुल संख्या 27,000 तक पहुंची मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रिया सरल और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए ‘सेफ सिटी’ की तर्ज पर ‘सेफ इंडस्ट्री’ की परिकल्पना: सीसीटीवी, सुरक्षा और निवेशक विश्वास बढ़ाने पर जोर फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से होगा जापान, कोरिया, जर्मनी और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्तर प्रदेश में निवेश, 219 कंपनियाँ सक्रिय चरण में मुख्यमंत्री का निर्देश, भूमि अधिग्रहण पर मिले उचित मुआवजा, सर्किल रेट असमानताओं का समापन करायें फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित, अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित,280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की पहली बैठक में प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्गठन का उद्देश्य इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है। बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (उपजिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ढांचा इन्वेस्ट यूपी को एक ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में सशक्त बनाएगा, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगी बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए और प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो, ताकि निवेश संवर्धन की दिशा में समन्वित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित हो सके। बैठक में बताया गया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुईं, जिससे कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुँच गई है। वर्ष 2022-23 तक प्रतिवर्ष औसतन 500 नई इकाइयाँ स्थापित हो रही थीं, जिनमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। बैठक में निवेश प्रोत्साहन और सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बताया गया कि फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं तथा 280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक इकाइयों को भूमि, सब्सिडी आदि के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी संवाद बढ़ाया जाए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश अब नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है, जिससे 30% तक प्रक्रिया समय और 50% तक दस्तावेजी औपचारिकताओं में कमी आएगी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं, जो निवेशकों के अनुभव को और अधिक सुगम बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि वे मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और स्वीकृत परियोजनाओं की ‘लेटर्स ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें। उन्होंने कहा कि नीति के अनुरूप देय इंसेंटिव बिना किसी बाधा के समय पर वितरित किए जाएँ तथा इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलॉज को और अधिक व्यावहारिक एवं निवेशक हितैषी बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वैश्विक मंचों पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को और सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक कंट्री डेस्क ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करे। मुख्यमंत्री ने यूपीडा, यूपीसीडा, बीडा और अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों को ऑटोमोबाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पसंदीदा निवेश केंद्र बन रहा है। वर्तमान में 219 कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं, जिनमें कई जापान, कोरिया और ताइवान की अग्रणी कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और सभी विभाग इन अवसरों को मूर्त रूप देने के लिए समन्वित ढंग से कार्य करें। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि तथा 6,300 एकड़ से अधिक रेडी-टू-मूव भूमि निवेश हेतु उपलब्ध है। … Read more

हाथ जोड़कर मदद मांगती रही मासूम, पर उसके साथ हुआ इंसानियत को शर्मसार करने वाला कांड

मिर्जापुर यूपी के मिर्जापुर से एक शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर एक नाबालिग के साथ उसके चचेरे भाई और दो अन्य रिश्तेदारों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया। इस घटना के बाद बच्ची काफी घायल हो गई। घायल हालत में वो घर पहुंची और परिवार वालों को सारी बात बताई। इसके बाद परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।  रेप के बाद भाग गए आरोपी  बता दें कि ये पूरा मामला जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर गांव की रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची रविवार की देर शाम को शौच के लिए घर के पास खेत की ओर जा रही थी। पीछे से 16 वर्षीय उसका चचेरा भाई और परिवार के दो अन्य किशोर पहुंचे। तीनों ने मिलकर बालिका के साथ दुष्कर्म किया। बालिका ने शोर मचाया। दुष्कर्म करने के बाद तीनों भाग गए। बच्ची ने घर पहुंचकर परिवार वालों को ये जानकारी दी।  अस्पताल में भर्ती है मासूम  परिवार वालों ने ये जानकारी पुलिस को दी और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसे भर्ती कर इलाज किया गया। पुलिस ने परिजनों से इस मामले की जानकारी ली। तहरीर के आधार पर जांच की और आरोपी किशोरों को पकड़ लिया है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

मायावती की रणनीति में 2007 की झलक, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं पर चुप क्यों हैं बीएसपी प्रमुख?

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने क़रीब 9 साल बाद गुरुवार को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन कर 2027 के लिए चुनावी हुंकार भर दी. बसपा के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर निशाना साधकर उत्तर प्रदेश की दो ध्रुवीय हो चुकी राजनीति को त्रिकोणीय बनाने की कवायद करती नज़र आईं. कांशीराम स्मारक स्थल से मायावती ने अपने खिसके सियासी जनाधार को वापस लाने की रणनीति का ख़ुद ख़ुलासा किया. 2027 की चुनावी जंग फ़तह करने के लिए 2007 जैसे सियासी समीकरण बनाने का ताना-बाना बुनती नज़र आईं. बसपा के दलित वोट बैंक को पहले से ज़्यादा मज़बूत करने के साथ ओबीसी, अति-पिछड़ों के साथ ब्राह्मण-ठाकुर वोटों की केमिस्ट्री बनाने का दाँव चला. मायावती ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा कि पिछड़े और अति-पिछड़ा तबक़े के साथ ही ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को बसपा से जोड़ने पर उनकी पार्टी काम करेगी. महारैली में मायावती ने ऐलान किया कि राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को ब्राह्मण, विधायक उमाशंकर सिंह को क्षत्रिय और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को अति-पिछड़ा और पिछड़ा समाज को जोड़ने का ज़िम्मा सौंपा. हालाँकि, मुस्लिम समाज को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले. 2007 के फ़ॉर्मूले से 2027 जीतने का प्लान बसपा की बहुजन पॉलिटिक्स के साथ मायावती ने 2007 में सर्वजन की सियासत पर क़दम बढ़ाया था, जिसके दम पर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. मायावती ने दलित वोटों के साथ अति-पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मण की सियासी केमिस्ट्री बनाई थी. उत्तर प्रदेश के 2027 चुनाव को देखते हुए बसपा ने इस साल फ़रवरी से ही सोशल इंजीनियरिंग पर काम शुरू कर दिया था. इसके तहत मार्च में हर ज़िले में भाईचारा कमेटी का गठन किया था, जिसके ज़रिए पिछड़ों को जोड़ने की योजना थी. इसके लिए उन्होंने विश्वनाथ पाल के नाम का ज़िक्र किया, जो बसपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. बसपा बना रही नई सोशल इंजीनियरिंग बसपा से पिछड़ा और अति-पिछड़ों को जोड़ने के लिए इन कमेटियों की हर दो महीने में बैठकें भी मायावती कर रही हैं. इस बीच अब ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को साथ लाने के लिए पार्टी मिशन मोड पर काम करेगी. मायावती ने ब्राह्मण समाज को जोड़ने का बीड़ा सतीश चंद्र मिश्र को दे रखा है तो ठाकुर वोट के लिए उमाशंकर सिंह को ज़िम्मा दिया है. मायावती ने इन दोनों नेताओं का नाम भी लिया. मायावती ने गुरुवार को भाषण में भी ग़रीब सवर्णों का कई बार ज़िक्र करते हुए कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस की सरकारों में इस तबक़े की हालत लगातार ख़राब हुई और बसपा की सरकार बनने के बाद सर्व समाज को रोज़ी-रोटी और रोज़गार का संकट नहीं होने दिया जाएगा. सतीश चंद्र मिश्र के बेटे कपिल मिश्र के काम को भी सराहा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से कपिल ने कार्यक्रम में फ़्री मेडिकल समेत दूसरी व्यवस्थाओं में मदद की है, वह पार्टी के प्रति उनके सेवा भाव को दिखाता है. मुस्लिमों पर क्यों मायावती रहीं ख़ामोश? मायावती ने मुस्लिम वोटों पर अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन रैली के मंच पर पूर्व सांसद मुनकाद अली, शमसुद्दीन राईन और पूर्व एमएलसी नौशाद अली को जगह देकर मुस्लिम समाज को साथ आने व सम्मान देने का संदेश दिया है. बसपा के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो मुस्लिम समाज के बीच अभी बसपा को लेकर उहापोह की स्थिति है, लेकिन उसे जोड़ने के लिए अलग से योजना पर काम चल रहा है, जिसका ख़ुलासा बाद में किया जाएगा. हालाँकि, मायावती ने ज़िला से लेकर मंडल और प्रदेश स्तर पर संगठन में मुस्लिम पदाधिकारी बनाकर बसपा यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मुस्लिम समाज के लिए पार्टी के दरवाज़े खुले हैं, लेकिन सपा के साथ जिस तरह एकमुश्त जुड़े हैं, उसके चलते फ़िलहाल मुख्य फ़ोकस नहीं है. मायावती समझ रही हैं कि मुस्लिम वोट तभी बसपा के साथ जुड़ेगा, जब उसका बहुजन वोट साथ आ जाएगा, इसीलिए पूरा फ़ोकस दलित और पिछड़े वोटबैंक पर है. रैली में मायावती ने अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुस्लिमों का विकास न होने व जान-माल का ख़तरा होने की बात कहकर उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया. 2027 जीतने की मायावती ने भरी हुंकार मायावती ने साफ़ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगी. बसपा प्रमुख ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को अपने से पहले बोलने का मौक़ा देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ़ कर दी. उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं. पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं, जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है. इस तरह आकाश को भविष्य का नेता बता दिया. मायावती ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनाकर अपना 15 साल का वनवास ख़त्म करने के लिए रैली के ज़रिए तगड़ा शक्ति प्रदर्शन किया. क़रीब तीन लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक स्थल ख़चाख़च भरा रहा तो बाहर भी भीड़ दिखाई दी, जो बसपा के लिए 2027 से पहले सियासी संजीवनी से कम नहीं है.

भाजपा नेता की पत्नी की किटी पार्टी में भिड़ंत, झगड़े के दौरान चले लात-घूंसे, पुलिस पहुंची मौके पर

मथुरा यूपी के मथुरा में कोतवाली क्षेत्र के डैम्पियर नगर स्थित एक होटल में एक भाजपा नेता की पत्नी का किटी की सदस्य दूसरी महिला से हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। दोनों में जमकर मारपीट हुई। इसके चलते महिलाओं ने एक-दूसरे पर चेन तोड़ लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया। एक भाजपा नेता की पत्नी 15 महिलाओं को साथ लेकर एक समूह की 75 हजार रुपये की किटी चलाती हैं। इसमें प्रत्येक सदस्य की ओर से पांच हजार रुपये की राशि जमा की जाती है। इसमें से हर बार किसी एक सदस्य को पूरी राशि मिलती है। इस दौरान एक पार्टी आयोजित की जाती है। इसी को लेकर रविवार शाम कोतवाली क्षेत्र के डैंपियर नगर स्थित एक होटल में किटी पार्टी चल रही थी। इसमें किटी उठाने को लेकर भाजपा नेता की पत्नी का एक सदस्य के साथ पूर्व से विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर पार्टी में कहा-सुनी हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ी कि दोनों में जमकर लात-घूंसे चलने लगे। इससे पार्टी में अफरा-तफरी मच गई। किसी की समझ में कुछ नहीं आया। महिलाएं दोनों को समझाने लगीं। सूचना पर दोनों के परिजन भी आ गये। बताते हैं उनमें भी मारपीट हो गयी। मारपीट में भाजपा नेता की पत्नी का मंगल-सूत्र और चेन गायब हो गयी। उन्होंने महिला पर चोरी का आरोप लगा दिया। होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाल विनोद बाबू मिश्र महिला पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे गये। महिला पुलिस कर्मियों ने पार्टी में मंगल-सूत्र और चेन को ढूंढ़ना शुरू किया। थोड़ी देर में पर्स के पास ही मंगल-सूत्र और चेन रखे मिल गए। पुलिस तक मामला पहुंचने पर दोनों महिलाओं ने आपस में राजीनामा कर लिया। कोतवाल विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि महिलाओं का आपस में राजीनामा होने के चलते किसी ने कोई प्रार्थना-पत्र नहीं दिया है। मारपीट और हंगामे के बाद सभी महिलाएं बिना पार्टी किये चली गयीं।

एक साथ 12 दुल्हनें हुईं फरार, अलीगढ़ में शादी के बाद सबके उड़ गए होश

अलीगढ़ करवाचौथ की रात जहां देशभर की सुहागिनें अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, वहीं अलीगढ़ में इसी रात एक ऐसी वारदात घटी जिसने भरोसे और रिश्तों की जड़ों को हिला दिया. यहां 12 घरों में एक साथ मातम पसर गया, क्योंकि इन परिवारों की नई-नई आई दुल्हनें करवाचौथ का व्रत रखकर, छलनी में चांद दिखाकर, पति की आरती उतारकर और घरवालों को नशीला खाना खिला कर लाखों की नकदी और जेवर लेकर फरार हो गईं. यह मामला सासनी गेट थाना क्षेत्र का है, जहां अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस ने इसे एक संगठित गिरोह की करतूत बताया है. बताया जा रहा है कि ये सभी 'दुल्हनें' बिहार और झारखंड से लाई गई थीं, जिन्हें दलालों ने लड़कियों की कमी झेल रहे घरों में ब्याह करवा दिया था. शादी के लिए इन दलालों को 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की रकम दी गई थी. करवाचौथ की रात भरोसे का कत्ल मामले की जांच में सामने आया कि सभी बारहों दुल्हनों ने शादी के बाद बड़े प्यार और सलीके से ससुराल वालों का दिल जीत लिया था. किसी ने सास के साथ मंदिर जाने की आदत डाल ली थी, तो कोई पति के साथ खेतों तक जा पहुंची थी. सबने करवाचौथ का व्रत भी रखा, घर में सजावट की, मेहंदी लगाई और रात को जब व्रत खोलने का वक्त आया, तब उन्होंने ऐसी चाल चली कि किसी को शक तक न हुआ. परिवार वालों के मुताबिक, रात के खाने में सभी दुल्हनों ने खुद हाथ लगाकर व्यंजन बनाए. उसी खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. जैसे ही परिवार वाले बेहोश हुए, वैसे ही सबने अपनी-अपनी गठरी बांधी और भाग निकलीं. सुबह जब लोग होश में आए, तो अलमारियां खुली थीं, लॉकर खाली थे और सुहागनें घर में नहीं थी. दलालों का कोई अता-पता नहीं इन शादी में दलालों ने अहम भूमिका निभाई थी. ज्यादातर शादियां तीन से चार दलालों के नेटवर्क के जरिए हुई थीं. ये लोग दावा करते थे कि बिहार या झारखंड की ‘गरीब लेकिन संस्कारी लड़कियों’ को अच्छे परिवारों में बसाना चाहते हैं. जब लड़कियां भागीं, तो सबसे पहले उन्हीं दलालों के नंबर पर फोन किए गए मगर सभी नंबर या तो बंद मिले या फिर इस नंबर पर अब कोई और बोल रहा है की आवाज आई. धीरे-धीरे सच सामने आया कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित जाल था. 12 परिवारों के साथ 30 लाख की ठगी पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन 12 लुटेरी दुल्हनों ने मिलकर करीब 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है. इसमें सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन शामिल हैं. कुछ घरों से दहेज में मिली रकम भी साफ हो गई. एक पीड़ित ने बताया, शादी को बस 10 दिन हुए थे, करवाचौथ पर उसने बड़े प्यार से पूजा की. हम सब भावुक हो गए. सोचा था नसीब खुल गए, पर सुबह देखा तो सब कुछ लुट गया. दूसरे परिवार ने बताया कि शादी से पहले लड़कियों ने साधारण परिवार का दिखावा किया था, ताकि शक न हो. कई घरों में तो पड़ोसी बाराती बनकर गए थे यानी सबकुछ पूरी तैयारी से हुआ. पुलिस की टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी सासनी गेट थाने में जैसे ही पहले परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई, वैसे ही बाकी पीड़ित भी पहुंच गए. धीरे-धीरे पता चला कि यह एक संगठित ठगी का रैकेट है. एएसपी मयंक पाठक ने बताया, यह एक सुनियोजित गिरोह है जो बिहार-झारखंड और पश्चिमी यूपी में सक्रिय है. चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं. जल्द ही सबकी गिरफ्तारी होगी. पुलिस ने अब बिहार और झारखंड के कई जिलों में संपर्क साधा है, ताकि इन महिलाओं की असली पहचान निकल सके. जिन एजेंटों ने यह रिश्ता कराया, उनके फोटो और दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं. ऐसे चलता है लुटेरी दुल्हन रैकेट जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई नया फार्मूला नहीं है. कई बार ऐसे गिरोह गरीब इलाकों से युवतियों को बहला-फुसलाकर शादियों में भेजते हैं. शादी के बाद वे कुछ दिन ससुराल में रहती हैं, भरोसा जीतती हैं और फिर एक दिन नकदी-जेवर लेकर फरार हो जाती हैं. इस रैकेट का फायदा उन इलाकों में उठाया जाता है जहां लिंगानुपात असंतुलित है और गरीब या उम्रदराज़ पुरुषों को शादी के लिए दुल्हन नहीं मिलती. अलीगढ़ पुलिस ने शक जताया है कि यह गिरोह पहले भी हाथरस, बुलंदशहर और बदायूं में ऐसी वारदातें कर चुका है. अब अलीगढ़ में यह अब तक की सबसे बड़ी ठगी साबित हो रही है. करवाचौथ की रात यादों में जहर बन गई जिस करवाचौथ को इन परिवारों ने खुशियों का त्योहार समझा था, वही रात अब उनके लिए जहर बन गई. गांव की गलियों में अब भी चर्चा है कि सब कुछ इतनी सफाई से हुआ कि किसी को भनक तक नहीं लगी. न कोई झगड़ा, न कोई इशारा बस अचानक सब हवा हो गईं.  

अख्तर बानो की गिरफ्तारी: नेपाल से भागकर भारत में पकड़ी गई संदिग्ध, संदिग्ध पाकिस्तानी संपर्कों का खुलासा

कोलकाता दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने कथित तौर पर नेपाल जेल से भागी हुई पाकिस्तानी मूल की 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि महिला नेपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी करती थी। उसे कोलकाता से कंचनजंगा एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध व्यवहार करने के बाद हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने अपनी पहचान दिल्ली के पुरानी बस्ती शाहिना परवीन बताई, लेकिन कोई वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी। बाद में पुलिस ने उसके पास मौजूद सामानों की तलाशी ली तो उन्हें पाकिस्तान के कई नंबर मिले। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह तीन साल पहले बंगलादेश पहुंची थी, वहां से फिर अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल होते हुए एक एजेंट की मदद से भारत आई। वह दिल्ली में घरेलू कामकाज करती है और अब बंगलादेश होते हुए पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रही थी। उसने अपनी असली पहचान लुईस निगहत अख्तर बानो बताई और कहा कि वह पाकिस्तान के शेखपुरा जिले के चक नंबर 371, गांव यंगनाबाद के मोहम्मद गोलाफ फराज की पत्नी है। बानो लगभग 12 वर्ष पूर्व पाकिस्तानी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके नेपाल चली गई थी और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो गई थी। वर्ष 2014 में उसे नेपाली अधिकारियों ने एक किलोग्राम ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने बताया कि महिला पिछले महीने तक काठमांडू में कैद थी, फिर वहां हुई हिंसा के बीच वह भाग निकली। दो सप्ताह पहले वह एजेंट के बताये गये अवैध तरीकों से भारत में दाखिल हुई और त्रिपुरा या पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगलादेश पहुंचकर अपने घर लौटना चाहती थी। पश्चिम बंगाल में घुसने में असफल रहने के बाद बानो ने त्रिपुरा जाने वाली ट्रेन पकड़ी और सबरूम पहुंची जहां से वह बंगलादेश जाना चाहती थी। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और अपने बयानों की पुष्टि करने तथा सीमा पार तस्करी से उसके संबंधों का पता लगाने के लिए उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।

प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री

जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय: मुख्यमंत्री प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे पीड़ित हर पीड़ित से मिले सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  बुलंदशहर से आये सीआरपीएफ जवान ने बताई पीड़ा, सीएम योगी ने समाधान का दिया निर्देश   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर सोमवार की भांति इस बार भी 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश के कई जनपदों से आये पीड़ितों की समस्या मुख्यमंत्री ने स्वयं सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में समाधान कराएं और पीड़ित से फीडबैक भी लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय है। सरकार पहले दिन से ही निरंतर इसी धारणा के साथ कार्य कर रही है।  आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए  सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' में प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी के पास गए, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद आदि की समस्या को लेकर पहुंचे। वहीं बुलंदशहर निवासी सीआरपीएफ जवान  जमीन विवाद से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए। जांच कराएंगे और प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई भी करेंगे।    मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।    

त्योहारों पर यात्रा मुश्किल! रेलवे ने कैंसिल की कई स्पेशल ट्रेनें

लखनऊ उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन पर इंजीनियरिंग कार्य के चलते 29 नवंबर से 4 जनवरी तक मेगा ब्लॉक लगाया जाएगा। इस अवधि में कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने छह स्पेशल ट्रेनों को रद्द करने और आठ ट्रेनों का रूट परिवर्तन करने की घोषणा की है। ये स्पेशल ट्रेनें रहेंगी रद्द 05559 रक्सौल–उधना स्पेशल – 29 नवंबर से 3 जनवरी तक 05560 उधना–रक्सौल स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक 09043 बांद्रा–बढ़नी स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक 09044 बढ़नी–बांद्रा स्पेशल – 1 दिसंबर से 5 जनवरी तक 07075 हैदराबाद–गोरखपुर स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक 07076 गोरखपुर–हैदराबाद स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक कानपुर–इटावा होकर चलेंगी ये ट्रेनें 09466 दरभंगा–अहमदाबाद स्पेशल – 1 दिसंबर से 5 जनवरी तक 09064 अहमदाबाद–दरभंगा स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक 11123 ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस – 25 नवंबर से 8 जनवरी तक 11124 बरौनी–ग्वालियर एक्सप्रेस – 24 नवंबर से 7 जनवरी तक 04137 ग्वालियर–बरौनी स्पेशल – 26 नवंबर से 7 जनवरी तक 04138 बरौनी–ग्वालियर स्पेशल – 24 नवंबर से 5 जनवरी तक गोंविंदपुरी–भीमसेन–ओहान–सतना होकर चलेंगी ये ट्रेनें 06529 सर एम. विश्वेश्वरैय्या टर्मिनल बेंगलुरु–गोमतीनगर स्पेशल – 24 नवंबर से 5 जनवरी तक 06530 गोमतीनगर–सर एम विश्वेश्वरैय्या टर्मिनल बेंगलुरु स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक।

विंध्य-बुंदेलखंड में 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा तक हर घर नल से जल का संकल्प: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने तय की फेजवार कार्यों की डेडलाइन, तय समयसीमा तक लगाना होगा नल कनेक्शन और कराना होगा थर्ड पार्टी ऑडिट फील्ड में कार्य कर रही एजेंसियों से मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद, समस्याएं-अपेक्षाएं सुनीं और कहा समयसीमा और गुणवत्ता का रखें पूरा ध्यान फेज-2 की 90% पूर्ण परियोजनाओं को फेज-1 के अनुरूप दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश 75% पूर्ण कार्य का समापन मार्च 2026 तक कराने का लक्ष्य; समयसीमा और गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं राज्य में 90,223 करोड़ रुपये लागत की 611 सतही और भूजल स्रोत आधारित योजनाएँ चल रही हैं 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिला नल कनेक्शन केंद्र सरकार के नोडल अधिकारियों ने 74 जनपदों में 147 योजनाओं का निरीक्षण किया शिकायत निवारण: Jalsamadhan पोर्टल और टोल फ्री नंबर से 62,688 शिकायतें, 46,354 का निस्तारण; मुख्यमंत्री ने संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के हर घर में नल से शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 15 दिसंबर 2025 तक की समय सीमा तय की है। उन्होंने कहा है कि इस अवधि तक न केवल नल कनेक्शन लगाया जाना है, बल्कि थर्ड पार्टी ऑडिट भी करा लिया जाए। इसी तरह, फेज-2 व 3 की जो परियोजनाएं वर्तमान में 90% तक पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें भी फेज-1 के अनुरूप 15 दिसंबर तक पूरा करा लिया जाए। जबकि वर्तमान में 75% तक पूर्ण हो चुके कार्य का समापन मार्च 2026 तक कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह योजना केवल पेयजल आपूर्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से सीधा जुड़ा मिशन है। योजनाओं की समयसीमा और गुणवत्ता, दोनों पर किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं होगा। कहीं भी किसी भी स्तर पर धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री रविवार को ‘जल जीवन मिशन-हर घर नल योजना’ की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जल जीवन मिशन का कार्य कर रहीं विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने एनसीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, मेघा इंजीनियरिंग, पीएनसी इन्फ्राटेक, आईसी इंफ्रा, पॉवर मैक, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स सहित अनेक एजेंसियों के प्रतिनिधियों से फील्ड में काम करने के दौरान आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। कार्य की गुणवत्ता, फेजवार अवशेष कार्य, बकाया और भुगतान सहित एजेंसियों से हर आवश्यक विषय पर चर्चा की और गुणवत्ता व समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्य में कुल 90,223 करोड़ रुपये लागत की योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनमें 63 सतही स्रोत आधारित और 548 भूजल स्रोत आधारित योजनाएँ शामिल हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्तमान में 34,274 गांवों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और परियोजना लागत में वृद्धि करने का प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्यों को निरंतर जारी रखेगी ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।  बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार के नामित नोडल अधिकारियों ने देश के 74 जनपदों में 147 योजनाओं का निरीक्षण किया, जिनमें से 132 योजनाएं संतोषजनक पाई गईं। शिकायत निवारण प्रणाली के तहत राज्य द्वारा विकसित पोर्टल https://jalsamadhan.in को 13.5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। पोर्टल पर 62,688 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 46,354 का निस्तारण हो चुका है। साथ ही टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं के समस्याओं का संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीट बंटवारे पर विवाद जारी, लालू-तेजस्वी ने दिल्ली की उड़ान भरी, राहुल गांधी से करेंगे बातचीत

पटना बिहार में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) गठबंधन के दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर अनिश्चितता कुछ और समय जारी रहने की संभावना है तथा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद अपने पुत्र तेजस्वी यादव के साथ रविवार को दिल्ली रवाना हो गए। पार्टी ने हाल में प्रसाद को सीट वितरण और उम्मीदवार चयन पर अंतिम निर्णय लेने का ‘‘अधिकार'' दिया था। बिहार में ‘‘महागठबंधन'' के रूप में जाने जाने वाले गठबंधन में राजद का दबदबा है। इस ‘‘महागठबंधन'' में कांग्रेस और वाम दल भी शामिल हैं। बाद में यही गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया' नाम से जाना जाने लगा। रविवार सुबह जब पिता-पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने आवास से रवाना हुए तो वहां मौजूद पार्टी के टिकट दावेदारों में निराशा फैल गई जिन्हें उम्मीद थी कि नेता उनकी बात सुनेंगे। सुरक्षाकर्मियों को 10, सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास से उन्हें हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। यह आवास मुख्यमंत्री निवास के ठीक सामने स्थित है। हवाई अड्डे पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, जबकि तेजस्वी यादव ने बस इतना कहा कि "सब ठीक है"। अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजद नेता दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया के एक वर्ग में आई खबरों के अनुसार, कांग्रेस का मानना है कि वह ‘वोटर अधिकार यात्रा' की सफलता के बाद राज्य में कमजोर नहीं रह गई है और वह लगभग उतनी ही सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है, जितनी उसने पांच साल पहले लड़ी थी। उस समय उसने 70 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से केवल 19 ही जीत पाए थे। राजद प्रमुख के एक करीबी सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “लालू जी और तेजस्वी जी दिल्ली इसलिए गए हैं, क्योंकि कल ‘नौकरी के बदले जमीन' मामले में सुनवाई की तारीख है। हालांकि वहां वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” राजद सूत्र ने कहा, “हमारा मन बन चुका है। हम 243 सीट में से कम से कम आधी सीट अपने पास रखेंगे। हमने 2020 के चुनाव में 140 से अधिक सीट पर चुनाव लड़ा था, इसलिए इस बार नए सहयोगियों को समायोजित करने के लिए यह पहले से ही एक तरह का ‘त्याग' है।” उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ही नहीं, बल्कि छोटे दलों को भी अपनी महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। तभी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ एक विश्वसनीय चुनौती खड़ी की जा सकती है।” पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। इस चरण में 121 सीट पर छह नवंबर को मतदान होगा।