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बुंदेलखंड को मिला बड़ा तोहफा, योगी बोले—माफिया राज खत्म कर बदला क्षेत्र का चेहरा

महोबा उत्तर प्रदेश के महोबा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 697 करोड़ रुपये से ज्यादा की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड के विकास, जल संरक्षण, कनेक्टिविटी और रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति का जिक्र किया. इसके साथ ही, विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग विकास और सकारात्मक बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया राज खत्म करके बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे, सिंचाई परियोजनाओं और इन्वेस्टमेंट से जोड़ने का काम किया है. 'माफिया को मिट्टी मे मिलाकर…' योगी आदित्यनाथ ने कहा, "गोरखगिरी एडवेंचर टूरीज्म बने, महोबा को पहचान दें, यहां निकलने वाले पत्थर को पहचान दें. यह सिर्फ नींव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है." उन्होंने आगे कहा कि जब पान की बात आती है, तो मुझे महोबा का देसवारी पान याद आता है, आल्हा ऊदल जैसे वीर पैदा हुआ गुरु गोरखनाथ ने लंबे वक्त तक पूजा की थी. इसलिए मैं यहां की परम्परा को नमन करता हूं. यहां के देशवारी पान को हमारी सरकार ने जियो टैग देकर वैश्विक मान्यता दिलाई है. सीएम योगी ने कहा, "बुन्देलखण्ड को बदनाम किया गया था. यहां पर भू और खनिज माफिया हावी थे. माफिया को मिट्टी मे मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है. मुझे महोबा ओर चरखारी में आकर खुशी होती है कि यहां जल संरक्षण का कार्य हो रहा है. माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था, आज एक्सप्रेसवे बन रहा है." उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण के लिए चंदेल कालीन राजाओं की तर्ज पर आगे बढ़ाएंगे. यहां की बनी ब्रह्मोस मिसाइल जब ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल दागी तो पाकिस्तान घबड़ाने लगा. कबरई के जिन किसानों ने अपनी भूमि डैम के लिए दी थी, उन्हें कई साल तक मुआवजा नहीं मिला लेकिन हमने उन किसानों को मुआवजा दिया. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की उलटी गिनती शुरू होना तय है. 'पानी की समस्या होगी खत्म. सीएम योगी ने कहा, "प्रदेश में उत्सव के पहले उपद्रव होता था. विकास की योजनाएं ठप्प पड़ी थीं. महोबा, बांदा, झांसी हमीरपुर की कनेक्टविटी नहीं थी. भारत का सबसे लंबा शहर बुन्देलखण्ड में केन बेतवा नहर की परियोजना पूरी होने को है. केन बेतवा लिंक परियोजना पूर्ण होने से पानी की समस्या का समाधान होगा." महोबा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, "जो लोग कब्जा करने की प्रवृत्ति रखते हैं और समाज में नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी सोच और मानसिकता दूषित होती है. ऐसे लोगों की आत्मा और बुद्धि मलिन हो चुकी है, इसलिए वे विकास और सकारात्मक परिवर्तन को स्वीकार नहीं कर पाते. इसी नकारात्मक और स्वार्थी सोच के कारण विपक्षी दलों ने पहले प्रदेश को विकास से दूर रखा और उत्तर प्रदेश को पीछे धकेला." मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार सकारात्मक सोच, सुशासन और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ भ्रम और नकारात्मकता फैलाने में लगा है.    

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में गड़बड़ी के आरोप, SIT जांच में कई खामियां उजागर

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी के लिए बनाई गई एसआईटी ने छह दिनों तक लगातार जांच के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। 15 जून को अयोध्या आई एसआईटी शनिवार की शाम लखनऊ लौट गई। सोमवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बताया जा रहा है कि छह दिनों की जांच और करीब डेढ़ सौ लोगों से पूछताछ के बाद एसआईटी को यहां कदम कदम पर गड़बड़ियां और खामियां मिली हैं। हालत यह रही कि व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने एसआईटी के सामने ही एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट मिले हैं। सोना-चांदी के ब्योरे में तो बड़ी गड़बड़ी मिली है। बताया जा रहा है कि इसका ब्योरा ही नहीं रखा जाता था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट से पहले ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी कई संगीन आरोप यहां की व्यवस्था पर लगा दिए हैं। उन्होंने तो चढ़ावे में हुई चोरी को डाका तक करार दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम योगी को रिपोर्ट मिलते ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।ट्रस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव या पूरी व्यवस्था ही बदलने की संभावना जताई जा रही है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद गरमाया मामला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाकर सनसनी फैलाई थी। सात जून को अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। उन्होंने कोर्ट से मामले के स्वतः संज्ञान लेने की मांग की। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को नकार तो दिया लेकिन कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर अखिलेश के हमले और तेज हो गए। अखिलेश के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस ने भी इसे लेकर हमले तेज कर दिए। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के आरोपों से बना दबाव अखिलेश यादव के आरोपों के बीच राम मंदिर में चढ़ावा की गिनती करने वाले पूर्व लेखा प्रभारी और विश्व हिंदू परिषद के नेता महिपाल सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए सीधे चंपत राय और गोपाल राव को निशाने पर ले लिया। महिपाल सिंह ने 2021 से ही चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने खुद पांच लाख की चोरी पकड़ी थी। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से नोटों की गड्डियों की गलत गिनती करके चोरी हो रही थी। महिपाल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने इस चोरी के बारे में गोपाल राव और चंपत राय को बताया। इसके बाद महिपाल को ही वहां से हटा दिया गया। सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट करा दिए गए। अचानक अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा अखिलेश यादव और महिपाल सिंह के आरोपों ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के साथ ही भाजपा पर भी दबाव बढ़ा दिया। चढ़ावा में गड़बड़ी को लेकर कई खबरें मीडिया में आने लगीं। महिपाल के वीडियो वायरल होने लगे तो चौतरफा दबाव बढ़ा। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने मामले को देखा, समझा। कहा गया कि दिल्ली से विशेष निर्देश पर नृपेंद्र मिश्रा यहां आए थे। उन्होंने इशारों में गड़बड़ी की बात भी मानी। बाद में खुलकर बोला तो खबली मच गई। विनय कटियार और संतों के हमले से बैकफुट पर आया ट्रस्ट इसी बीच राम मंदिर आंदोलन के हीरो रहे यहीं के पूर्व सांसद विनय कटियार और कई संतों ने भी ट्रस्ट पर हमला बोल दिया। जांच की मांग कर दी। इससे बैकफुट पर आए ट्रस्ट ने सेना के पूर्व अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी। विनय कटियार का सीधा हमला चंपत राय पर भी था। ऐसे में ट्रस्ट की भूमिका पर ही प्रश्नचिह्न लगने लगा। कई और संत भी मैदान में खुलकर सामने आ गए। संतों ने भी ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने वाले संतोष दुबे ने तो ऐसे आरोप लगाए जिसका जवाब किसी के पास नहीं था। एसआईटी जांच का ऐलान अयोध्या के संतों और राम भक्तों के साथ ही पूर्व सांसद विनय कटियार के भी इस मामले पर आक्रामक होते ही मामला और गंभीर हो गया। ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यी एसआईटी का गठन कर दिया। लखनऊ के मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत की अगुवाई में आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन को एसआईटी का सदस्य बनाते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसआईटी को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में फाइनल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। 15 जून को एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंची और जांच शुरू कर दी। सबसे पहले चंपत राय से जानकारी श्रीराम मंदिर पहुंचते ही एसआईटी की टीम ने सबसे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूरे मामले की जानकारी ली। गणना कक्ष में ही पूरी व्यवस्थाओं को परखा। वहां मौजूद कर्मचारियों की कार्य प्रणाली को देखा। कई अभिलेखों की जांच कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद एक-एक कर कर्मचारियों से पूछताछ के लिए लिस्ट बनी और अगले दिन से सभी तलब हुए। चंपत राय के सबसे करीबी टिल्लू यादव से लगातार दो दिनों तक पूछताछ हुई और उससे संपत्ति का ब्यूरो भी मांगा गया। कर्मचारियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ा जैसे-जैसे एसआईटी ने जांच को आगे बढ़ाया गड़बड़ियां उतनी ही ज्यादा मिलने लगीं। ऐसे में जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया। जांच की जद में सामानों की आपूर्ति और ट्रस्ट की धनराशि से अलग-अलग स्थानों पर कराए गए निर्माण के अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त को भी शामिल कर लिया गया। आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को भी तलब कर उनसे अभिलेख मांगे गए। छठे और अंतिम दिन शनिवार को राम मंदिर के तीनों महत्वपूर्ण पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। तीनों ने एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा। नृपेंद्र मिश्रा के आरोपों ने घेरा, मची खलबली एसआईटी जांच के बीच ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी को डाका करार दे दिया। … Read more

अवैध खनन और माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस: योगी आदित्यनाथ ने झांसी में दिए कड़े आदेश

झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आयुक्त सभागार में जनपद झांसी के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा करने से विकास को गति मिलती है। उन्होंने नए कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण जनप्रतिनिधियों से कराए जाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा "जनसंवाद" एक नई पहल को प्रदेश स्तर तक लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष वीसी के माध्यम से जनसंवाद की जानकारी दिए जाने का सुझाव दिया, ताकि अन्य जिलों में भी इस पहल को प्रारंभ कराया जा सके। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा "न्यायालय आपके द्वार" अंतर्गत वादों की सुनवाई भी जनसंवाद के माध्यम से किए जाने की जानकारी देनें पर प्रसन्नता व्यक्त की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनपद में अवैध खनन, गो तस्करी, भू माफिया, शराब माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां से अवैध खनन होता है, उसे वहीं रोका जाए। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाएं। इसके साथ ही उन्होंने ओवरलोडिंग पर भी कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है जहां खनन नीति बनाई गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां अवैध खनन किया गया, वहां समतलीकरण करते हुए व्यापक वृक्षारोपण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को पशुपालन विभाग की सहभागिता योजना का लाभ दिए जाने का सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि गो आश्रय स्थल से ऐसे परिवार को एक गाय दें, जिसका लालन-पालन करते हुए दूध का इस्तेमाल स्वयं करें, उन्हें सरकार 1500 रुपये का भुगतान भी करेगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने आयुष्मान योजना अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को किए जा भुगतान के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उद्यमी बनाकर आत्मनिर्भर बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने जनपद में एफपीओ द्वारा तैयार किए जा रहे मिलेट्स के उत्पादों को मार्केट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जो पट्टे दिए गए हैं, उनके परिजनों को मुआवजा दें या आवास। उन्होंने बीडा में स्किलिंग के लिए भी ट्रेनिंग कराए जाने का सुझाव दिया ताकि बेरोजगारों को यहीं पर रोजगार मिल सके। उन्होंने बीडा में इच्छुक निवेशकों को डेटा सेंटर की भूमि आवंटन पर सुझाव दिए की जरूरत के मुताबिक उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बीडा की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षेत्र के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें गांव में ही प्रशिक्षण दिया जाए ताकि क्षेत्र में जो औद्योगिक इकाई स्थापित हो वहां उन्हें नौकरी मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिलाओं और बालिकाओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए पेट्रोलिंग को और बेहतर बनाते हुए अधिक से अधिक किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पैदल पैट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए।      समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपद में जनसंवाद अभिनव पहल की जानकारी दी। जल संरक्षण के कार्यों से लगभग 03 मीटर भूजल बढ़ जाने की जानकारी दी। उन्होंने जनपद में आगामी 02 माह में विद्युत व्यवस्था में काफी कुछ सुधार लाए जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी गोशालाओं पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से लगातार विकास भवन कार्यालय से निगरानी की जा रही है। उन्होंने जनपद में तुलसी की खेती के विस्तार हेतु बुंदेलखंड औषधि फार्मर समिति के गठन की जानकारी दी और लगातार किसानों की संख्या में बढ़ोतरी। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति सहित राजस्व वादों के निस्तारण की संबंध में जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने कानून व्यवस्था की जानकारी देते हुए मिशन शक्ति के तहत की किए गए कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने जनपद में माफियाओं पर की गई कार्यवाही की जानकारी दी। बैठक में सीईओ संजय खत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भू अर्जन की जानकारी दी। उन्होंने आवश्यक तकनीकी कार्मिकों की आवश्यकता के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सुझाव रखे गए। सर्वप्रथम सांसद झांसी ललितपुर अनुराग शर्मा ने एम्स और आईआईटी के लिए जगह भूमि की उपलब्धता का सुझाव दिया। विधायक बबीना राजीव सिंह ने मुआवजे में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी। इसी क्रम में विधायक मऊरानीपुर डॉ रश्मि आर्य, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी डा बाबू लाल तिवारी से भी जानकारी ली। मेयर बिहारी लाल आर्य ने जनपद में डिफेंस कॉरिडोर और बीडा के दृष्टिगत एयरपोर्ट का अनुरोध किया।  

झांसी सर्किट हाउस को मिली नई सौगात, मुख्यमंत्री ने आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया

झांसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी प्रवास के दौरान शनिवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने यहां बटन दबाकर 5 सुइट व 10 बेड की डॉरमेट्री का शुभारंभ किया।  सर्किट हाउस में 5 सुइट की सुविधा वीवीआईपी/वीआईपी अतिथियों तथा 10 बेड की डॉरमेट्री की सुविधा कर्मचारियों के लिए की गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर प्रगति जानी। सर्किट हाउस पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक राजीव सिंह, रवि शर्मा, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

‘पाकिस्तान अपनी हद में रहे’ गंज शहीदां मस्जिद मुद्दे पर जरदारी को बनारस से कड़ा जवाब

वाराणसी वाराणसी में काशी स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदां मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कोशिश की है। जरदारी ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। जरदारी का पोस्ट सामने आते ही मुस्लिम समाज की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जरदारी पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं। उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी हद में रहे। यह भारत और बनारस का आंतरिक मामला है। कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। कोर्ट के फैसले को हम सभी मानेंगे। मस्जिद को लेकर जरदारी ने क्या लिखा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पोस्ट में कहा है कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों, जिनमें वाराणसी की 1,000 साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदां भी शामिल है, को गिराए जाने से अराजकता फैलेगी। उन्होंने ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रोकने को कहा है। यह भी कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-बनारस ने दी नसीहत इस पोस्ट के सामने आने के बाद काशी में मुस्लिम धर्मगुरु और समुदाय के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि पाकिस्तान अपने देश में झांके। वहां मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वह अपने मसले सुलझाए, हमारे आंतरिक मामले में दखलअंदाजी न करें। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। किसी दूसरे को इसमें हस्ताक्षेप करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान अपने देश को देखे। हमारे यहां क्या हो रहा है उसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। भारत की न्याय प्रणाली पर हमें भरोसा है। कोर्ट से हमें राहत मिलेगी। यासीन बोले- कोर्ट पर हमें भरोसे अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव डॉ. एसएम यासीन ने कहा कि पाकिस्तान की मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वे लोग पहले उसे रोकें। हमारे मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हम लोग कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमारी जीत जरूर होगी। मुस्लिम पक्ष का दावा – मस्जिद सन् 1034 में बनी, 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी दर्ज अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन का दावा है कि मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। नोटिस पर न ही किसी अधिकारी का दस्तखत है और न ही जारी करने की तारीख है। जिस मुकदमे के खारिज होने की बात इसमें लिखी है, वह मस्जिद के बाहर पूरब की जमीन से सम्बन्धित था। मस्जिद से इस मुकदमे का कोई सम्बन्ध नहीं था या है। यह नोटिस भ्रामक है। इसी मुकदमे में रेलवे प्रशासन ने अपने शपथ-पत्र मे मस्जिद का होना और मुसलमानों की मिल्कियत तस्लीम किया है। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद सन् 1034 में बनी है। 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे में भी उल्लेख है। उससे पहले के नक्शे में भी है। राजघाट में रेलवे 1887 में आई है। साबित है कि रेलवे से पहले की मस्जिद है। रेलवे का दावा : नोटिस की अवधि खत्म वहीं, गंज शहीदां मस्जिद को हटाने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस की अवधि शनिवार को खत्म हो गई। रेलवे के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार की तरफ (सर्कुलेटिंग एरिया के पास) रेलवे भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण हुआ हैं। यह काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य (मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट) में बाधक है। इस सम्बंध में मूलवाद संख्या-1174/1991 अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन आफ इंडिया न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिविजन) शहर वाराणसी के न्यायालय में चल रहा था। जिसे कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया था। रेल अधिकारियों के मुताबिक इसके बाद इंतेजामिया कमेटी को ऊपर की अदालत में जाने की सलाह भी दी गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच, यहां मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत लगभग 350 करोड़ से विकास कार्य शुरू हो गए। इसी परियोजना में गंगा कॉलोनी का ध्वस्तीकरण भी होना है, जहां यह मस्जिद है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने अपनी भूमि पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया। नोटिस में इंतेजामिया कमेटी से अनुरोध किया गया है कि वे 20 जून तक इसे अवश्य हटा लें अन्यथा रेलवे प्रशासन किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली कार्रवाई की जाएगी। क्या बोले पुलिस आयुक्त वहीं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का कहना है कि गंज शहीदां मस्जिद के मुद्दे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक्स पर पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है, यह देखा जा रहा है। देशद्रोही तत्व या माहौल बिगाड़ने वाले इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय युवाओं और एमएसएमई को जोड़ने के लिए ‘ब्लू डॉट्सएआई’ की शुरुआत, मुजफ्फरनगर में खुला पहला जेएफसी

मुजफ्फरनगर/लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ मुजफ्फरनगर से किया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र (ज्वाइंट फैसिलिटेशन सेंटर- जेएफसी) का उद्घाटन किया। गाजियाबाद में सफल पायलट परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और उद्योगों को भी अपने आसपास के योग्य एवं प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल माध्यम है, वास्तविक सफलता विभागीय टीमों, उद्योगों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी। इस अभिनव पहल को सफल बनाने में गाजियाबाद की जिला टीम, विभागीय अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस पहल में ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन (EkStep Foundation) तथा हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नियोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित पायलट परियोजना ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण किया गया। यह उपलब्धि उद्योगों के सीमित दायरे को जोड़ने के बावजूद प्राप्त हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में इस पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी चुनौती यह है कि एक ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में दोनों एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिलता और युवाओं को रोजगार के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है।  'ब्लू डॉट्सएआई'* इसी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। स्थानीय भाषा आधारित वॉयस सुविधा और लोकेशन आधारित मैपिंग के जरिए यह प्लेटफॉर्म युवाओं एवं उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संघ, एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा अन्य स्थानीय साझेदार संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।

‘रोग और बुढ़ापे से बचना है तो योग अपनाइए’ योग दिवस पर सीएम योगी का संदेश

लखनऊ 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरा उत्तर प्रदेश योगमय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जगह-जगह योग के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुबह-सुबह लोग घरों से निकले और पार्कों, खेल मैदानों, शिक्षण संस्थाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर योग करते नज़र आए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योग किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को प्रदेश भर में मंत्रियों, नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में आमजन ने भी योगाभ्यास किया। रानी लक्ष्मीबाई के शहर झांसी केू लिए यह दिन बेहद खास रहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ थीम के तहत किले की प्राचीर पर सजे योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगासन किया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित अन्य योग क्रियाएं कर झांसीवासियों को नियमित योग के माध्यम से निरोग रहने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिसका शरीर योग से तपकर सशक्त हुआ है, वहां न रोग है और न ही बुढ़ापा। यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री के साथ योग कर बुंदेलखंड के लोग भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 5:45 बजे सर्किट हाउस से रवाना हुए और 5:55 बजे किले की तलहटी स्थित परिसर में पहुंचे। सुबह 6 बजे योगाभ्यास शुरू हुआ। उनके साथ लखनऊ से आए प्रशिक्षक अभिषेक मिश्रा, सुधीर प्रजापति, अनुसया नरवरे सहित अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को योगाभ्यास कराया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक नगरी झांसी की धरती पर इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। योगाभ्यास से पहले उन्होंने कहा कि भगवान शिव से शुरू हुई इस परंपरा को विभिन्न कालखंडों में योगियों ने पूरी दुिया तक पहुंचाया। हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब लोग इसे लगभग विस्मृत कर चुके थे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की इस महान विरासत और परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। इससे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण आज देशवासी अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपनी जीवनशैली और कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा।

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में बोले सीएम- ‘राष्ट्र प्रथम’ भाजपा की पहचान

झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास का नया मॉडल बन रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, फार्मा पार्क और रोजगार के नए अवसरों ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अब बुंदेलखंड का युवा पलायन नहीं कर रहा, बल्कि सरकारी नौकरियों और उद्योगों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। सरकार का लक्ष्य हर नौजवान को रोजगार, हर किसान के खेत तक पानी और हर गांव को आत्मनिर्भर बनाना है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश का हर जिला, हर गांव और हर नगर आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र दिया, जिसके कारण भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतवासियों का सामूहिक प्रयास ही विकसित भारत की नींव है। जब पूरा देश एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो गुलामी के प्रतीकों को हटाने और भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्यों में देर नहीं लगती। राम मंदिर केवल प्रभु रामलला का मंदिर नहीं, बल्कि नए भारत के राष्ट्र मंदिर के निर्माण की शुरुआत है। कांग्रेस-यूपीए ने खराब की देश की व्यवस्था सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय देश की स्थिति बदहाल हो चुकी थी। भ्रष्टाचार चरम पर था, अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही थी और दुनिया में भारत का सम्मान कम हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और बड़े निवेश इसकी मिसाल हैं। सपा सरकार के रहते उत्तर प्रदेश में आतंक व असुरक्षा का वातावरण बनाने वाले माफिया की कमर टूट चुकी है या मिट्टी में मिल गया है। जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांट रहा विपक्ष मुख्यमंत्री ने सपा व कांग्रेस पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब इन दलों के पास सत्ता थी तब ये केवल अपने परिवार के लिए काम करते थे। जनता ने जब इन्हें सत्ता से बाहर कर दिया तो अब ये जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने में जुटे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने भी भारत को इसी तरह विभाजित कर कमजोर किया था। इसलिए सामाजिक एकता व राष्ट्रवाद ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी राजनीति में लगा हुआ है। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार, सपा के लिए सैफई परिवार ही महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस से पूछिए कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है, तो वह गांधी परिवार का नाम लेगी। समाजवादी पार्टी से पूछिए तो वह सैफई परिवार को सबसे ऊपर बताएगी। भाजपा कार्यकर्ता सबसे पहले राष्ट्र को महत्व देता है। भाजपा की राजनीति ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता देश की सुरक्षा, समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से काम करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। कोविड काल में पीएम मोदी ने दिया ‘विकसित भारत’ का विजन सीएम योगी ने कहा कि 2022 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी और कई देश हिम्मत हार चुके थे, उस समय प्रधानमंत्री मोदी जी देशवासियों को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जोड़ रहे थे। मोदी जी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण का मंत्र दिया। इसमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, सेना व सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्य को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। कोई भी देश तब तक आत्मनिर्भर नहीं बन सकता, जब तक वह गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकलता। भारत के पास ज्ञान, संस्कृति, परंपरा व आर्थिक समृद्धि सब कुछ था, लेकिन पहले मुगलों और बाद में अंग्रेजों ने भारतीय व्यवस्था को कमजोर कर दिया था। भगवान राम राजा की परंपरा का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने ओरछा में भगवान राम राजा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यकाल में जब देश गुलामी के दौर से गुजर रहा था, तब संत तुलसीदास जी ने भारतीय संस्कृति और आस्था को मजबूत करने का आह्वान किया था। तुलसीदास जी को कई बार अकबर के दरबार में जाने और नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने रामलीलाओं की शुरुआत करवाई और ‘राजा रामचंद्र की जय’ का उद्घोष कराया। ओरछा में आज भी भगवान राम राजा के रूप में विराजमान हैं। इस अवसर पर विधानपरिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, सांसद अनुराग शर्मा, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह, जवाहर लाल राजपूत, रश्मि आर्य, एमएलसी रमा निरंजन आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए, उनके खाते में 4352.40 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ आई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार में इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।  झांसी में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भेजी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी से ऑनलाइन जुड़े। यहां सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक जवाहर लाल राजपूत, उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जुड़े रहे।  अन्नदाता की समृद्धि और खुशहाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के सभी किसान साथियों की ओर से इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसानों की समृद्धि और खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प की सिद्धि हेतु आज प्रधानमंत्री जी द्वारा पश्चिम बंगाल से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 23वीं किस्त के रूप में ₹18,880 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को हस्तांतरित की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जिनके खातों में ₹4,352.40 करोड़ की राशि सीधे पहुंची है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।  दो-दो हजार रुपये आए बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपये प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।  बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक आ चुके 103,391.24 करोड़ रुपये  शनिवार को 4352.40 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 103,391.24 करोड़ रुपये की सम्मान निधि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26   13,727.85 करोड़ 2026-27  (अप्रैल-जुलाई) 4352.40 करोड़  कुल-  1,03,391.24 करोड़ रुपये

नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं और सीखने के बेहतर परिणामों पर होगा मंथन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से प्रदेश के करोड़ों बच्चों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। बालवाटिका से लेकर कक्षा-8 तक के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं के विकास के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण जागरूकता और समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। अब ग्रीष्मावकाश के बाद शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा शिक्षकों के साथ अधिकारियों का सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 23 जून को प्रदेशव्यापी ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। योगी सरकार द्वारा सभी जनपदों में इस गोष्ठी की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  अब योगी सरकार केवल विद्यालय खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित, परिणामोन्मुख और जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर रही है। यही प्रयास उत्तर प्रदेश को देश में बुनियादी शिक्षा सुधार का अग्रणी मॉडल बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा व गणितीय दक्षताओं के विकास पर चर्चा अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 23 जून को पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित होने वाली इस ऑनलाइन गोष्ठी में प्रदेश के सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स तथा विभागीय अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। गोष्ठी के माध्यम से नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा और गणितीय दक्षताओं के विकास तथा बेहतर अधिगम परिणामों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर फोकस शिक्षा सुधारों की सफलता का सबसे मजबूत आधार शिक्षक हैं। यही कारण है कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस गोष्ठी में डिजिटल शिक्षण संसाधनों के उपयोग, छात्र केंद्रित शिक्षण, अधिगम स्तर में सुधार और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।