samacharsecretary.com

यूपी में पानी की 513 सैंपल जांच में फेल, 152 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित; जानें नए नियम

लखनऊ  बोतलबंद पानी की गुणवत्ता में खामियों पर राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। अब मिनरल वाटर और बोतलबंद पेयजल की नई विनिर्माण इकाइयों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) का प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) मिलने के बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा। पहले से संचालित 968 इकाइयों को 31 मार्च 2027 तक प्रमाणन लेना होगा। तय समयसीमा में प्रमाणन नहीं लेने वाली इकाइयों का लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित कर उत्पादन बंद कराया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने पिछले एक वर्ष में 811 इकाइयों के निरीक्षण और 660 नमूनों की जांच के बाद यह कदम उठाया है। जांच में 513 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इनमें 176 नमूने स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए। इस आधार पर 152 इकाइयों के लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित किए गए हैं, जबकि केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त 55 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति केंद्र सरकार से की गई है। खनिजों की मात्रा सामान्य स्तर से मिली कम  एफएसडीए के संयुक्त आयुक्त हरिशंकर सिंह ने बताया कि असुरक्षित नमूनों में ई-कोलाई, कोलीफार्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड जैसे सूक्ष्मजीव पाए गए। वहीं, अधोमानक नमूनों में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की मात्रा सामान्य स्तर से कम मिली। निरीक्षण के दौरान कुछ इकाइयों में आवश्यक फिल्टर, पराबैंगनी किरणों से शोधन (यूवी) और ओजोनीकरण की सुविधाओं का भी अभाव मिला। इन खामियों के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में आइएसआइ प्रमाणन की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के बाद बीआइएस प्रमाणन की शर्त भी हटा दी गई थी। इसके बाद प्रदेश में बोतलबंद पानी की विनिर्माण इकाइयों की संख्या बढ़कर 968 हो गई। गुणवत्ता और शोधन व्यवस्था में कमियां सामने आने के बाद प्रमाणन को फिर अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डा. रोशन जैकब के अनुसार, बोतलबंद पेयजल की शुद्धता सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ी है। इसलिए सभी विनिर्माण इकाइयों में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।  

मुख्यमंत्री ने मां स्कंदमाता को बताया वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी

जब नारीशक्ति स्वस्थ-शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मां स्कंदमाता को बताया वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी  बेटियों की शिक्षा में निवेश उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का जरिया: सीएम 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं पूर्ववर्ती सरकारें: मुख्यमंत्री लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है। 2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार सीएम ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी।  डबल इंजन सरकार ने बनाया समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। बदले परिदृश्य पर कराया ध्यानाकर्षण मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।

भाजपा नेता के फार्म हाउस में लूट से हड़कंप, CM योगी ने लिया संज्ञान; एसओ पर गिरी गाज

कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में बंधक बनाकर 32 लाख की लूट का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। उन्होंने खुद इस संबंध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से पूरी जानकारी ली। इसके बाद जल्द वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए। उधर, लूटकांड की गाज सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पर गिरी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले के खुलासे में पुलिस की आठ टीमें लगी हैं। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के नेवरी गांव में बिधनू के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में तमंचे और चाकू के बल पर बंधक बनाकर दो बदमाशों ने करीब 32 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। फार्म हाउस के पीछे की दीवार फांदकर अंदर आए नकाबपोश लुटेरों ने हाथ-पैर बांधकर उनके मुंह पर टेप लगा दिया था। इसके बाद सोने की चेन-कड़ा और अंगूठी व रॉडो की घड़ी उतार ली थी। बेडरूम में ले जाकर अलमारी में रखे 12 लाख रुपये भी लूट लिए थे। अंत में रमेश यादव को बाथरूम में बंद कर पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। पुलिस सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। लूट की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद सेन पश्चिम थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा। अपराधियों की खंगाल रहे कुंडली पुलिस बीटीएस टॉवर डंप करने के साथ ही आसपास के अपराधियों की कुंडली भी खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे दो दर्जन से ज्यादा शातिरों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीटीएस टॉवर डंप में 35 हजार से ज्यादा नंबर आए हैं। इनमें लगातार उसे क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले बाहरी नंबरों की पड़ताल की जा रही है। एक दो दिन में सूची से संदिग्ध नंबर सामने आ जाएंगे। भाजपा नेता के साथ रहने वाले निजी सुरक्षा कर्मियों व उनके सेवादारों की भी कुंडली पुलिस खंगाल रही है। सवाल, ग्राम प्रधान ने क्यों दी तहरीर पुलिस लूटकांड की वारदात को लेकर सवालों में उलझी हुई हैं। सबसे पहला सवाल है कि वारदात भाजपा नेता रमेश यादव के साथ हुई है तो नेवरी ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने तहरीर क्यों दी। दूसरा सवाल है कि रात 11:37 पर नकाबपोश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। भाजपा नेता के हाथ, पांव बंधे थे जबकि मुंह में कपड़ा ठूस कर टेप लगा था। इसके बाद भी उन्होंने 11:42 बजे प्रधान को फोन कर दिया। महज पांच मिनट में उन्होंने अपने बंधन कैसे खोले और मुंह पर टेप लगा होने के बाद भी बात कैसे की। घटना के करीब सात मिनट में थाना प्रभारी भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा हटा लें अधिकारी वारदात के बाद भाजपा नेता ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की थी। इसमें उन्होंने एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने को कहा था। इस बात के चर्चा में आने के बाद भाजपा नेता रमेश यादव ने कहा, उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। वारदात के बाद जो पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं, उन्हें भी हटाने को कहा है।

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं?

अखिलेश बताएं, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे : राजभर   कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं?  राजभर का तंज- 2024 में एक ही परिवार के पांच सांसद जीते, तब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए?   2017, 2019 और 2022 में सपा हारी तो चुनाव गलत, 2024 में 37 सांसद जीत गए तो सब 'ऑल इज वेल' हो गया  2027 में साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटेगा, अभी से हार के बहाने तलाश रहे अखिलेश : राजभर   लखनऊ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?   राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब 'ऑल इज वेल' हो गया।   कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।   2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा   राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।   उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, 'कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।'

सीएम योगी ने किया अरविंद लिमिटेड की नई इकाई का निरीक्षण, 25 अक्टूबर को होगा लोकार्पण

अरविंद लिमिटेड की नई इकाई का मुख्यमंत्री योगी ने किया निरीक्षण, 25 अक्टूबर को पीएम मोदी के हाथों लोकार्पण है प्रस्तावित  सात एकड़ से अधिक भूमि पर स्थापित इकाई में 150 करोड़ रुपये का निवेश, एक हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी दौरे के दौरान मिर्जामुराद स्थित अरविंद लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने 25 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इकाई में चल रही व्यवस्थाओं को देखा और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां गांव स्थित जनता इंटर कॉलेज के मैदान में उतरा। यहां से वह अरविंद लिमिटेड की नई फैक्ट्री पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी ली। 150 करोड़ रुपये का निवेश, एक हजार से अधिक रोजगार के अवसर मिर्जामुराद के रूपापुर चौराहे के पास खोचवां (भड़ेहरा) गांव में हाईवे किनारे सात एकड़ से अधिक भूमि पर अरविंद लिमिटेड की नई इकाई स्थापित की गई है। इस परियोजना की लागत लगभग ₹150 करोड़ है। इकाई के संचालन से एक हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी में काम करने वाली करीब 300 महिलाओं को इकाई में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं से संवाद कर प्रशिक्षण और कामकाज से जुड़ी जानकारी ली। इस नई इकाई में स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी भविष्य में निवेश के दूसरे चरण की भी योजना बना रही है। अरविंद लिमिटेड देश में लोकप्रिय ब्रांडों के लिए कपड़े तैयार करती है। इनमें जॉकी, यूएस पोलो, एरो सहित अन्य ब्रांडों के पैंट, शर्ट, टी-शर्ट और जींस जैसे परिधान शामिल हैं। इस इकाई का भूमिपूजन 25 अप्रैल 2024 को हुआ था। अब 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना से वाराणसी और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे । निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अरविंद मिल के पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, लिया आशीर्वाद

बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के दरबार में मुख्यमंत्री योगी ने नवाया शीश विधि-विधान से किया दर्शन-पूजन, राष्ट्र की सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की   एक सप्ताह में दूसरी बार काशी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी  शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्र में धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाया। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार काशी पहुंचे मुख्यमंत्री ने दोनों मंदिरों में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और लोक कल्याण की कामना की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर को भी काशी पहुंचकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा का विधिवत दर्शन-पूजन कर आरती की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह में उन्होंने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया और बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश और देश की लोक कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। बाबा काल भैरव मंदिर में मौजूद बच्चों को प्यार से चॉकलेट दी और उनसे उनकी पढाई के बारे में बात की।  दर्शन-पूजन के दौरान मुख्यमंत्री के साथ वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक सुनील पटेल सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

तीन माह में पंचायत चुनाव कराना मुश्किल, SC जाएगी सरकार?

 लखनऊ प्रदेश में तीन माह में पंचायत चुनाव करा पाना आसान नहीं है। जातीय जनगणना, परीक्षाएं और विधानसभा चुनाव इन्हीं 3-4 महीनों में होने हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों की मानें तो इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट के तीन माह में पंचायत चुनाव कराने के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। हालांकि, पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अध्ययन के बाद अगले कदम के बारे में निर्णय लेंगे। विगत 25 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाया गया था। उसके बाद जुलाई में ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों को भी कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक बना दिया गया। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की मतदाता सूची 10 जून को जारी कर चुका है। आयोग का अपनी तैयारियां पूरी होने का दावा है। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण तय करने के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन 20 मई को किया गया था। इसका छह महीने का कार्यकाल 20 नवंबर को पूरा होगा। फिलहाल पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है, जो अभी तक 75 में से 42 जिलों में सर्वे और भ्रमण का काम पूरा कर पाया है। उत्तर प्रदेश में जनगणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी के बीच चलेगा, जिसमें पूरी प्रशासनिक मशीनरी व्यस्त रहेगी। जनवरी के पहले सप्ताह में ही विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने की संभावना है। ऐसे में न सरकार के लिए चुनाव करा पाना आसान होगा और न ही विपक्ष चाहेगा कि उसकी ऊर्जा, समय व संसाधन दो जगह बंटें। समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़े सूत्र भी बताते हैं कि इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील किए जाने की पूरी संभावना है। क्या कहा था इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को ग्राम पंचायत चुनाव मामले में एक अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, जब तक नए चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। यह फैसला न्यायमूर्ति जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने शाम 4:00 बजे खुली अदालत में सुनाया। यह याचिका प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और अन्य द्वारा समय पर चुनाव कराने की मांग को लेकर दायर की गई थी। पंचायत चुनाव पर न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान: ओपी राजभर पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय के निर्णय पर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हालांकि, अभी उन्होंने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। ऐसे में आदेश का अध्ययन किए बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।   राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पहले न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और उसमें दिए गए निर्देशों को समझा जाएगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय की जाएगी। 33 जिलों का दौरा अभी बाकी : आयोग समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह ने कहा कि हम 42 जिलों का दौरा पूरा कर चुके हैं। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी के अध्ययन के बाद आगे का निर्णय लेंगे। रिपोर्ट जल्दी देने के लिए कहा जाएगा तो पूरा आयोग एक साथ जाने के बजाय उसके सदस्य 2-3 टीमें बनाकर शेष जिलों का अलग-अलग दौरा पूरा करेंगे।

वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी समारोह में बोले मुख्यमंत्री, संन्यासी के जीवन का बताया ध्येय

धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा: सीएम योगी वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी समारोह में बोले मुख्यमंत्री, संन्यासी के जीवन का बताया ध्येय राष्ट्रवाद, धर्म-संस्कृति की रक्षा और लोककल्याण को बताया आध्यात्मिक साधना का उद्देश्य भारत सेवाश्रम संघ ने सम-विषम परिस्थितियों में मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया: सीएम योगी स्वामी प्रणवानंद जी ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रजागरण का माध्यम बनाया देश और धर्म के लिए मरेंगे, देश और धर्म के लिए जिएंगे, सीएम योगी ने संन्यासियों के जज्बे को सराहा शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं, राष्ट्र रक्षा के लिए भी तैयार रहना होगा: मुख्यमंत्री इसी जज्बे से काशी विश्वनाथ धाम और भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ: मुख्यमंत्री वाराणसी,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा। देश और धर्म के लिए जो भी त्याग होगा, वह महान होगा और उसी महानता को लेकर के कार्य करना है, उसी महानता के लिए अपने आप को समर्पित करना है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संघ की राष्ट्रवादी विचारधारा और सेवा परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भारत सेवाश्रम संघ ने सम और विषम परिस्थितियों में कभी भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। इस संस्था ने जीवन का ध्येय राष्ट्रवाद रखा, आत्मोन्नति का माध्यम राष्ट्रोन्नति को बनाया और राष्ट्रोन्नति को ही आत्मोन्नति का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठीक 100 वर्ष पहले इसी काशी में एक महान राष्ट्रवादी साधक पूज्य स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने 1926 में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा का शुभारंभ किया था। यह देश गुलाम था, स्वामी प्रणवानंद जी महाराज देश के अलग-अलग कोने में जाकर के भारत की स्वाधीनता की अलख को भी जगाते थे और हिंदू जागरण के इस महान व्रत को भी अपने हाथों में लेकर के भारत को महान भारत बनाने, स्वतंत्र भारत की संकल्पनाओं को पूरा करने में अपना योगदान देते थे। आज यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में भारत के सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को लेकर प्रभावी ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। राष्ट्र की विरासत, धर्म और संस्कृति की रक्षा भी जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, उसकी विरासत, उसकी आध्यात्मिक धरोहर, उसकी ऐतिहासिक धरोहर, उसके मान बिंदु, उसके धर्म और संस्कृति, इन सब के ऊपर भी संकट आता है। काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते, तो क्या काशी में बाबा विश्वनाथ की इस पावन धरा पर, बाबा विश्वनाथ के पावन मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस कोई कर सकता था? राम जन्मभूमि पर 500 वर्षों तक गुलामी का कलंक (ढांचा) खड़ा रहता? मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मभूमि पर गुलामी का कलंक खड़ा रहता? कभी नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये वही पाप है जो आपने बंट कर के किया था, और उसी पाप का परिमार्जन करने के लिए इन संतों ने अलग-अलग रूपों में, अलग-अलग कालखंड में उस महाजागरण के अभियान को अपनी आध्यात्मिक साधना का हिस्सा बनाया था, जिसमें स्वामी प्रणवानंद जी ने भी उसी आध्यात्मिक साधना को आगे बढ़ाया।  12-13 वर्ष की उम्र में गुरु की तलाश में गोरखपुर पहुंचे थे स्वामी प्रणवानंद जी स्वामी प्रणवानंद जी महाराज के जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि स्वामी प्रणवानंद जी ने 1912-13 में जिस धरा पर आकर के दीक्षा ली थी, वह गोरखपुर की गोरक्षपीठ है। उस समय के सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ जी के सानिध्य में रहकर उन्होंने साधना की और लंबे समय तक गोरखपुर में रहे।  मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि आज के बांग्लादेश के मेमनसिंह शहर के पास स्वामी जी की पावन जन्मभूमि है। स्कूली शिक्षा के दौरान छठी-सातवीं क्लास का विद्यार्थी अपने शिक्षक से अचानक एक दिन कहता है कि उसे गोरखपुर जाना है, उसके गुरु ने उसे बुलाया है। उन्होंने बताया कि विनोद नाम का वह छात्र अपने शिक्षक के साथ ढूंढते-ढूंढते गोरखपुर आता है। सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ जी के सामने पहुंचने पर बाबा ने कहा कि ये तो जन्म से योगी है, सिद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही वे अपनी साधना में बाबा के सामने बैठे, उनकी तीन घंटे की अखंड समाधि लगी थी। गोरखपुर के बाद काशी, और काशी के बाद फिर पूरे देश के अंदर स्वामी प्रणवानंद जी ने इस आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। केवल आत्मोन्नति का नहीं, राष्ट्र उन्नति का माध्यम बनाया। शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं, राष्ट्र रक्षा के लिए भी तैयार रहना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ की परंपरा में पूजा केवल धूप और दीया से ही नहीं होती, अस्त्र-शस्त्र से भी मां जगत जननी मां भगवती की पूजा होती है। उन्होंने कहा कि ये शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं हैं, ये पूजन की भी वस्तु है और राष्ट्र रक्षा के लिए भी जब आवश्यकता पड़ती है इसको धारण करने के लिए हमें तैयार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रणवानंद जी ने अपने समय में इस अभियान को आगे बढ़ाया था। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि भारत सेवाश्रम संघ आज भी उन मूल्यों से विचलित नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल में संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही थी जो सरकार, वह गई पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बंगाल में एक हिंदू विरोधी (ममता) सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकाने लग गई,  मैंने कहा अब तो गई यह सरकार, अब इसको कभी नहीं आना है, क्योंकि वह अब रावण की तरह धमकाने का काम कर रही है, कंस की तरह धमकाने का काम कर रही है, संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही है, इसका मतलब अब वह सरकार गई। उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों की सराहना करते हुए … Read more

पंचायत चुनाव पर कोर्ट के फैसले का सम्मान, ओम प्रकाश राजभर ने कही ये बात

पंचायत चुनाव पर न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान, आदेश के अध्ययन के बाद तय होगी आगे की दिशा : ओम प्रकाश राजभर   पंचायतीराज मंत्री बोले- न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा विश्वास, निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व   बिना आदेश पढ़े कोई टिप्पणी करना उचित नहीं, सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद होगा आगे की प्रक्रिया पर विचार    लखनऊ पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय के निर्णय पर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हालांकि, अभी उन्होंने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। ऐसे में आदेश का अध्ययन किए बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।   राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पहले न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और उसमें दिए गए निर्देशों को समझा जाएगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय की जाएगी।

योगी सरकार में चमके यूपी के बाल वैज्ञानिक, राष्ट्रीय स्तर पर 5 नवाचार सम्मानित

योगी सरकार में यूपी के बाल वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय मंच पर जलवा, 5 नवाचारों ने जीते पुरस्कार 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर-मानक प्रदर्शनी में मुजफ्फरनगर, औरैया, फर्रुखाबाद, रामपुर और लखनऊ के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश भर के 790 मॉडल्स में से चयनित हुए यूपी के 5 नवाचार केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया सम्मानित  लखनऊ/नई दिल्ली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के बीच प्रदेश के पांच बाल वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान (एनआईएफ) की ओर से संचालित इंस्पायर-मानक योजना के तहत आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रोजेक्ट एवं प्रदर्शनी प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) में उत्तर प्रदेश के पांच विद्यार्थियों के नवाचारों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 अक्टूबर को आयोजित प्रतियोगिता में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। 790 मॉडलों के बीच यूपी के नवाचारों ने बनाई जगह देशभर से चयनित 790 छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में अपने वैज्ञानिक एवं तकनीकी मॉडल प्रस्तुत किए। उत्तर प्रदेश के 41 बाल वैज्ञानिकों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने मॉडलों की नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, लागत प्रभाविता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद प्रदेश के पांच विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए। पांच जिलों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों में मुजफ्फरनगर के अलौकिक सिरस्वाल, औरैया के दिव्यांश कश्यप, फर्रुखाबाद की दक्षिणा सिंह, रामपुर के शुभ अग्रवाल और लखनऊ के अभिनन्जय पाण्डेय शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की उपलब्धि ने प्रदेश की स्कूली प्रतिभा और नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा के अनुसार, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों की भागीदारी और सफलता उनकी वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता तथा समस्याओं के समाधान की क्षमता को दर्शाती है। इंस्पायर-मानक जैसी पहल विद्यार्थियों को कम उम्र से ही वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नए विचारों पर काम करने और समाजोपयोगी समाधान तैयार करने का अवसर देती है।