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सोमनाथ संकल्प महोत्सव में बोले सीएम योगी, विदेशी आक्रांताओं की कोशिशें रहीं नाकाम

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि 'विदेशी आक्रांताओं' ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने के प्रयास किए लेकिन वह नाकाम रहे क्योंकि सनातन भारत की चेतना में बसता है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत वाराणसी में आयोजित 'सोमनाथ संकल्प महोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सनातन को खत्म करने की कोशिश की लेकिन वह भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके। उन्होंने कहा कि मोहम्मद गौरी से लेकर मुगलों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया और यहां गुलामी का प्रतीक एक ढांचा खड़ा कर दिया लेकिन वे भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके। वे यह नहीं समझ सके कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि स्वयं भारत की चेतना में बसता है। भारत अपनी आत्मा को शाश्वत और अमर मानता है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद ही धूल में मिल गए और आज उन आक्रमणकारियों को कोई याद नहीं करता, लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान की गाथा को आगे बढ़ा रहे हैं। लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था उन्होंने कहा कि आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के पुनरुत्थान का विरोध करती हैं। मुख्यमंत्री ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बगैर कहा कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था, उन्हीं लोगों ने बाद में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में भी बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि सोमनाथ महादेव मंदिर की पुनर्स्थापना के कार्यक्रम के दौरान बाधाएं खड़ी करने वाले लोग कौन थे। ये वही लोग थे जिन्होंने बाद में राम मंदिर के निर्माण और इस मुद्दे के समाधान में बार-बार रुकावट डालने की कोशिश की। आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विज़न की ओर ले जाने और पूरे भारत में प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के पुनरुद्धार का नेतृत्व करने का श्रेय दिया और इसके लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया। नए वैभव के साथ विकास की एक नई यात्रा पर आगे बढ़ रहे मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चाहे वह सौराष्ट्र में सोमनाथ मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण हो, काशी में काशी विश्वनाथ धाम हो, उज्जैन में महाकाल महालोक हो, या अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो; सनातन परंपरा से जुड़े कई पवित्र केंद्र नए वैभव के साथ विकास की एक नई यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से, मैं उन्हें बधाई देता हूं। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी जनसभा को संबोधित किया।

नंदिनी नगर कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर गरमाई सियासत, आरोप-प्रत्यारोप जारी

 लखनऊ पहलवान विनेश फोगाट और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। नंदिनी नगर में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब इशारों और शेरो-शायरी तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर दोनों के आरोप-प्रत्यारोप की खेल व राजनीतिक जगत में चर्चा हो रही है। पहलवान विनेश फोगाट ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इसमें लिखा, ‘जिंदगी फंसी है किसी मझधार में, जमाना ढूंढ़ता है खामी मेरे किरदार में… जिंदगी तेरा सर सदा बुलंद रखा है, झुकाने की ताकत नहीं किसी तलवार में…!’ विनेश की इस पोस्ट को उनके समर्थक संघर्ष और आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि यह पोस्ट गोंडा में रविवार को शुरू हुई प्रतियोगिता और उससे जुड़े घटनाक्रमों की ओर इशारा कर रही है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया विनेश की इस पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक शेर साझा करते हुए लिखा, ‘शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।’ सोशल मीडिया यूजर इसे विनेश की पोस्ट का जवाब मान रहे हैं। हालांकि, दोनों ने सीधे तौर पर एक-दूसरे का नाम नहीं लिया है, लेकिन समय और संदर्भ को देखते हुए इसे सीधा मुकाबला माना जा रहा है। विवाद की जड़ 10 से 12 मई तक नंदिनी नगर में होने वाली सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता है। हाल ही में विनेश फोगाट ने इस आयोजन स्थल को लेकर अपनी असहजता जताई थी। इसके बाद पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया था कि इस प्रतियोगिता से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि आयोजन भारतीय कुश्ती संघ की ओर से कराया जा रहा है और वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं। विनेश ने जवाब नहीं दिया तो लगेगा प्रतिबंध : संजय सिंह भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है कि विनेश फोगाट ने अनुशासनहीनता के नोटिस का समय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उन पर प्रतिबंध लग सकता है। गोंडा में नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर आए संजय सिंह ने कहा कि विनेश हर बात पर आरोप लगाने की आदी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि विनेश के प्रतियोगिता में आने की बात कहने पर सुरक्षित लाने, मुकाबला कराने व वापस छोड़ने की पूरी जिम्मेदारी ली गई थी। संजय सिंह ने बताया कि 2028 ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी गई है। भारत को चार से पांच पदक मिलने की उम्मीद है। देशविरोधी कुछ ताकतें फिर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकती हैं।   बृजभूषण शरण सिंह और विनेश के बीच सोशल मीडिया पर शायरी पोस्ट करने को लेकर संजय सिंह ने कोई टिप्पणी नहीं की। वह सिर्फ इतना बोले कि बृजभूषण शायरी के बादशाह हैं। जवाब देने में पूर्वांचल में उनका मुकाबला नहीं है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर जो चल रहा है, वह उनका व्यक्तिगत मामला है। संजय सिंह ने कहा कि नंदिनी नगर स्टेडियम जैसी सुविधाएं देश में कहीं नहीं हैं। प्रतियोगिता में 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। फ्री स्टाइल कुश्ती में करीब 600 पहलवान मैदान में हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत हरियाणा से हैं। रैंकिंग सीरीज का मकसद नए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरह आगे बढ़ने के लिए मंच देना है।    

रिकॉर्ड उत्पादन के बाद संकट: यूपी के कोल्ड स्टोरेज भरने से किसानों की चिंता बढ़ी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की बदहाली दूर होगी। अन्य राज्यों से संपर्क करके वहां आलू भेजने की तैयारी चल रही है। अगले सीजन में बोआई के वक्त ही खपत की रणनीति बनाई जाएगी। इसमें कृषि, उद्यान, विपणन और प्रसंस्करण विभाग मिलकर कार्य करेंगे। आलू उत्पादन के मामले में देशभर में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। यहां इस वर्ष 246 लाख मीट्रिक टन आलू पैदा हुआ है। आलू बेल्ट के रूप में पहचाने जाने वाले फर्रुखाबाद, कन्नौज, फिरोजाबाद, आगरा सहित आसपास के जिलों में कोल्ड स्टोर भरने से किसानों के खेत में ढेर लगे हैं। फैक्ट फाइल     246 लाख मीट्रिक टन कुल उत्पादन     2363 कोल्ड स्टोर की संख्या प्रदेश में     131 नए कोल्ड स्टोर इस वर्ष खुले     202 लाख मीट्रिक टन कोल्ड स्टोर की क्षमता     172 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर में रखा गया किसानों की फजीहत को देखते हुए उद्यान विभाग अलग- अलग राज्यों से संपर्क में जुट गया हैं। जिन राज्यों में कम आलू उत्पादन होता है, वहां यूपी का आलू भेजने की तैयारी है। इसमें राजस्थान, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, दादरा नगर हवेली, दमन दीव आदि हैं। इसी तरह नेपाल में ज्यादा से ज्यादा आलू का निर्यात करने के साथ ही श्रीलंका को भी आलू भेजा जाएगा। अगले वर्ष के लिए अभी से बनेगी रणनीति अब अगले वर्ष के लिए आलू से जुड़े सभी विभागों को मिलाकर अभी से संयुक्त कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें कृषि अनुसंधान परिषद और आगरा में खुल रहे इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर के क्षेत्रीय केंद्र से भी मदद ली जाएगी। दो दिन पहले लखनऊ आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और विभागीय अधिकारियों के साथ ही बैठक में यह सुझाव दिया है। निदेशक उद्यान बीपी राम ने बताया कि कुछ व्यापारी नेपाल आलू भेज रहे हैं। श्रीलंका और खाड़ी देशों में भी संभावना देखी जा रही है। व्यापारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। अगले वर्ष यह नौबत न आए, इसके लिए भी अभी से तैयारी की जा रही है।  

शोएब का अपराध पकड़ा गया: सौरभ बनकर करता था लड़कियों का ब्लैकमेल और धर्मांतरण

   लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक युवक पर नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने, शारीरिक शोषण करने और फिर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चौंकाने वाले सबूत बरामद हुए हैं।  सैलून चलाता है शोएब अख्तर आरोपी की पहचान गोंडा निवासी शोएब अख्तर के रूप में हुई है. शोएब सैरपुर थाना क्षेत्र के रैथा रोड पर एक सैलून चलाता है. आरोप है कि शोएब ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर सौरभ सिंह के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बना रखा था. इसी फर्जी प्रोफाइल के जरिए वह हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाता था।  मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो पुलिस की जांच में शोएब का मोबाइल फोन कई राज उगल रहा है. आरोपी के फोन से कई नाबालिग हिंदू लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले हैं. आरोपी शोएब पहले लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनसे संबंध बनाता था और फिर उनकी अश्लील फोटो-वीडियो खींच लेता था. इन्हीं वीडियो के दम पर वह बाद में लड़कियों पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाता और उन्हें ब्लैकमेल करता था।  इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर सैरपुर थाने में शोएब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोपी के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा पुलिस के सामने खोल दिया।  कई सारी लड़कियों को बना चुका शिकार एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी शोएब फिलहाल पुलिस हिरासत में है. उसके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहनता से पड़ताल की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शोएब अब तक कितनी लड़कियों को अपना शिकार बना चुका है और क्या इस साजिश में उसके साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं. लखनऊ पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। 

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

आईजीआरएस की अप्रैल की रिपोर्ट में रामपुर ने फिर मारी बाजी, योगी सरकार के विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतार रहे  सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान  आईजीआरएस की निगरानी से विकास कार्यों में आयी तेजी, गुणवत्तापूर्ण हो रहे विकास कार्य आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में डीएम रामपुर ने 98.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हासिल किया पहला स्थान रिपोर्ट में पीलीभीत ने दूसरा, श्रावस्ती और अमेठी ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 138 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पीलीभीत ने दूसरा और श्रावस्ती के साथ अमेठी ने बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह आईजीआरएस से की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 138 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 98.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। बता दें कि रामपुर पिछले चार माह से पहले स्थान पर है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में िशिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में लगातार सुधार हो रहा है। पीलीभीत लगातार चार माह से प्रदेश में दूसरा स्थान बनाए हुए है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में भी पीलीभीत पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसका रेश्यो 97.86 प्रतिशत है। इसी तरह श्रावस्ती ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त  है। इसका रेश्यो 97.14 प्रतिशत है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णां गर्ग ने बताया कि विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। इसी तरह अमेठी ने भी 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूं, बाराबंकी और बलिया ने टॉप टेन जिलों में जगह बनायी है।

लखनऊ होकर उधना-सूरत-जयनगर रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को राहत

लखनऊ गर्मी की छुट्टी में यूपी बिहार से गुजरात आना जाना आसान करने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने लखनऊ होकर उधना, सूरत और झंझारपुर के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें वापसी में गोरखपुर होते हुए बिहार के जयनगर और मधुबनी भी जाएंगी। इन ट्रेनों में स्लीपर और जनरल के कोच होंगे। इन ट्रेनों के चलने से यूपी के आगरा, कानपुर, गोंडा समेत कई जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बिहार के रक्सौल, सीतामढ़ी, नरकटिया गंज से गुजरात जाने और आने वालों की परेशानी दूर होगी। उधना-जयनगर-सूरत विशेष गाड़ी 16 से ट्रेन नंबर 09041 उधना-जयनगर ग्रीष्मकालीन अनारक्षित विशेष गाड़ी 16 मई शनिवार को उधना से 23.30 बजे चलेगी। दूसरे दिन सायण, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 21.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 21.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बस्ती, गोरखपुर,रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी, मधुबनी होते हुए जयनगर 13.30 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09042 जयनगर से 11 एवं 18 मई, सोमवार को 15.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 08.04 बजे, मानक नगर से 08.49 बजे चलकर तीसरे दिन सूरत 07.24 बजे पहुंचेगी। उधना-मधुबनी-सूरत अनारक्षित गाड़ीआज से ट्रेन नंबर 09045 उधना-मधुबनी अनारक्षित विशेष गाड़ी 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 01.30 बजे चलेगी। सायण, भरुच, वडोदरा,रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, टूण्डला, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 23.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 23.52 बजे चलकर दूसरे दिन गोंडा, बस्ती, गोरखपुर रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी से होते हुए मधुबनी 16.00 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09046 मधुबनी से 11 एवं 18 मई सोमवार को 18.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 11.49 बजे, मानक नगर से 12.34 बजे खुलते हुए तीसरे दिन सूरत 11.09 बजे पहुंचेगी। झंझारपुर-उधना-सूरत विशेष ट्रेन 11 से चलेगी ट्रेन नंबर 09048 झंझारपुर से 11 एवं 18 मई सोमवार को 21.00 बजे चलेगी। सकरी, शिशो, दूसरे दिन सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा होते हुए लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 13.19 बजे, मानक नगर से 14.04 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल, टूण्डला, ईदगाह आगरा, बयाना, तीसरे दिन गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर,कोटा, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, भरुच, सायण होते हुए सूरत से 12.39 बजे पहुंचेगी। 09047 उधना-झंझारपुर 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 05.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे मानक नगर से 02.32 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 03.22 बजे चलकर झंझारपुर 19.00 बजे पहुंचेगी।

युवा शक्ति के लिए बड़ी योजना: उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’

युवा शक्ति को मिलेगा हुनर का साथ, उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ योगी सरकार की नई पहल से 13 विभागों के युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदेश भर में मिशन मोड पर शुरू हुई रोजगारपरक प्रशिक्षण योजना युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सक्षम बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने राज्य को देश का अग्रणी “स्किल हब” बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के 13 प्रमुख विभागों को कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजते हुए आगामी तीन महीनों में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हर वर्ग तक पहुंचेगा कौशल विकास अभियान इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तथा कारागारों से जुड़े युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के मॉडल के रूप में देखी जा रही है। विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में तैयार होगी हुनरमंद युवा शक्ति राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास को युवाओं की आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया गया है। जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किए जाने की संभावना है। साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन तेजी से किया जा सके। जेलों में भी शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण अभियान योजना के अंतर्गत कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग के माध्यम से जेलों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन्हें प्रशिक्षण देकर पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा प्रशिक्षण पुलकित खरे ने बताया कि यूपीएसडीएम को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ की मान्यता प्राप्त है, जिससे प्रशिक्षण और प्रमाणन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। वर्तमान में मिशन से राजकीय संस्थानों के साथ प्रतिष्ठित निजी और औद्योगिक इकाइयां भी प्रशिक्षण पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई हैं। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के ‘कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स’ (सीसीएन) के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। आठ लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण मिशन निदेशक ने बताया कि यूपीएसडीएम का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन, रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले 9 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार एवं सेवायोजन के अवसरों से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें युवा शक्ति को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा आधार माना गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना है। 13 विभागों के साथ मिलकर चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय को प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि विभागीय समन्वय से संचालित यह अभियान लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

संवेदनशील कदम: चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए 5 महीने के मासूम को लौटा परिवार

योगी सरकार की संवेदनशील पहल: चाइल्ड हेल्पलाइन ने 5 महीने के मासूम को मां की गोद वापस दिलाई तत्काल कार्रवाई होने से फईमा खातून ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद व्यक्त किया पारिवारिक विवाद में पिता ने दुधमुंहे बच्चे को मां से किया था अलग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने एएचटीयू और बाल कल्याण अधिकारी के साथ त्वरित हस्तक्षेप किया काउंसलिंग के बाद शहाबुद्दीन ने बच्चे को पत्नी को सौंपा मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में लगातार संवेदनशील और प्रभावी कदम उठा रही है। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की तलाश और पारिवारिक विवाद के चलते मां से अलग हुए मासूमों की मदद को लेकर राज्य सरकार की पहल लगातार असर दिखा रही है। इसका ताजा उदाहरण बिजनौर जिले में सामने आया, जहां चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से 5 माह के दुधमुंहे बच्चे को उसकी मां से मिलाया गया है।  बच्चे को अपने पास रख पत्नी को घर से दिया था निकाल दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित महिला कल्याण विभाग की मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चल रही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अब जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है। बीती 3 मई चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सूचना मिली थी कि बिजनौर जिले में पारिवारिक विवाद के चलते शहाबुद्दीन नाम के शख्स ने अपने पांच महीने के बच्चे को अपने पास रख उसकी मां को घर से निकाल दिया है। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि बच्चा बहुत कम उम्र का था और पूरी तरह अपनी मां की देखभाल और मातृ दुग्ध पर निर्भर था। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने इसे गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। बताते चलें कि योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  अधिकारियों ने माता-पिता से अलग-अलग बातचीत कर समझाया इसी क्रम में चाइल्डलाइन टीम ने बिना देरी किए संबंधित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय थाना के बाल कल्याण अधिकारी से संपर्क किया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और दोनों पक्षों से अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से बातचीत की। पारिवारिक विवाद का सीधा असर पांच माह के मासूम पर पड़ रहा था। शिशु की उम्र बेहद कम होने के कारण उसे मां की गोद, मातृ दुग्ध और निरंतर देखभाल की जरूरत थी। अधिकारियों ने बच्चे के पिता शहाबुद्दीन को समझाया कि इतनी कम उम्र में बच्चे को मां से अलग रखना उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काउंसलिंग के बाद पिता ने बच्चे को मां के सुपुर्द किया चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम और बाल कल्याण अधिकारियों ने कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं से भी पिता को अवगत कराया। टीम ने काउंसलिंग करते हुए मां फईमा और पिता शहाबुद्दीन के बीच संवाद स्थापित कराया और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। इसका नतीजा यह रहा है कि शहाबुद्दीन बच्चे को अपनी पत्नी फईमा को सुपुर्द करने के लिए सहमत हो गया था। संयुक्त टीम की मौजूदगी में 5 महीने के मासूम को सुरक्षित रूप से उसकी मां की देखरेख में सौंप दिया गया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्चे को आवश्यक मातृ पोषण और उचित देखभाल मिलती रहे। फिलहाल मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 लगातार ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभा रही है।  फईमा ने बच्चे के पालन पोषण के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली फईमा खातून ने बताया कि परिवारिक विवाद के चलते पति शहाबुद्दीन ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था और बच्चा भी छीन लिया था। जिसकी शिकायत उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर की थी। चाइल्ड हेल्पलाइन ने तत्काल मामले को संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुझे मेरा बच्चा दिला दिया है। जिसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी टीम का धन्यवाद व्यक्त करती हूं। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। फिलहाल पीड़ित फईमा बच्चे को लेकर अपने मायके चली गई है। उन्होंने बच्चे के पालन-पोषण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।  भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगीः उप निदेशक महिला कल्याण निदेशालय के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिजनौर में 5 माह के शिशु को उसकी मां से मिलाने का मामला इसी संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिशु की कम आयु को देखते हुए उसकी सुरक्षा, पोषण और मातृ देखभाल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक था। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण अधिकारियों के समन्वित प्रयास से मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने घोषणा: यूपी में फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ अब टैक्स फ्री

यूपी में फिल्म कृष्णावतारम् टैक्स फ्री लोकभवन सभागार में फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने की घोषणा फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग में राज्यपाल आनंदीबेन, दोनों डिप्टी सीएम, अन्य मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि भी रहे शामिल नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश, सीएम योगी ने मंच पर कलाकारों का किया सम्मान   कृष्णा-कृष्णा, राधे-राधे से गूंजा लोकभवन सभागार, भक्तिमय रहा माहौल भगवान कृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से दिखाती है फिल्म लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म कृष्णावतारम् को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है।  मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद राज्यपाल आनंदीबेन व सीएम योगी ने दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ यह फिल्म देखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे टैक्स फ्री करने को घोषणा की। राजधानी स्थित लोकभवन सभागार उस समय पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जब फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान “कृष्णा कृष्णा, राधे राधे” के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। इस दौरान सभागार खचाखच भरा रहा और फिल्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान सीएम योगी ने मंच पर कलाकारों का सम्मान भी किया।   फिल्म में द्वापर युग और सनातन संस्कृति की झलक फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वृंदावन बिहारी लाल की जय और भारत माता के जयकारे लगाए। उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि आज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस अद्भुत कार्यक्रम में सहभागी बने। करीब ढाई घंटे तक सभी एक साथ यहां बैठे रहे और हर एक चेहरे पर नई रौनक दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति से जुड़ी भगवान कृष्ण पर आधारित इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के साथ हम सभी यहां जुड़े हैं। फिल्म के कलाकार भी यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है, जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने लिया सीएम योगी से आशीर्वाद सीएम योगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम सभी ने एक साथ इस फिल्म को देखा। यह भारत की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इतिहास को समेटते हुए तथा पुरातन विरासत को मुख्य धारा में प्रस्तुत करने वाली फिल्म है। इस दौरान फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने सीएम योगी से आशीर्वाद लिया। सीएम योगी ने निर्माता-निर्देशक और फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों को धन्यवाद भी दिया।  जो नए मंत्री बने हैं, उनके स्वागत के लिए यादगार क्षण मुख्यमंत्री ने फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद दिया। इसी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा भी की। उन्होंने सूचना विभाग को प्रत्येक जनपद में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने में सहयोग करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चे और युवा इसे देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत के बारे में समझ सकें। उन्होंने कहा कि जब हम बरसाना, मथुरा और वृंदावन में जाते हैं तो वहां संबोधन राधे-राधे का ही होता है। उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णावतारम् की मुख्य पात्र संस्कृति राज्यपाल की नातिन हैं और किसी भी नानी के लिए इससे अद्भुत क्षण और कोई नहीं होगा कि पालन-पोषण कर जिस बच्ची को आगे बढ़ाया है, आज उसे इतना बेहतर काम करते हुए वे देख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए।  हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए : राज्यपाल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं।  इस अवसर पर विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हिंदी, तमिल और तेलुगु में की गई रिलीज यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की गई है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं, जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा समेत कई बड़े कलाकार अपने किरदारों के जरिये छाप छोड़ने में सफल रहे।

होमगार्ड सुनील कुमार पर कार्रवाई, वीडियो सामने आने के बाद जांच तेज

 गोरखपुर यूपी के गोरखपुर के एक थाने में बैठकर खुलेआम घूस लेते होमगार्ड का वीडियो वायरल होने पर पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया है। पता चला है कि पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर यह पैसा लिया जा रहा था। वीडियो पीपीगंज थाने के अंदर की थी। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सामने आने के बाद एसपी नार्थ ने जांच शुरू करा दी है। सीओ कैम्पियरगंज की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, घूसखोरी के मामले में पब्लिक जागरूक हो गई है। घूसखोरों को पैसा देने के साथ उनका वीडियो भी बना रही है। पुलिसवालों को भी यह पता है इस वजह से पैसे की वसूली के लिए होमगार्ड या अन्य को वह जिम्मेदारी सौंप रखी है। रविवार को पीपीगंज थाने में तैनात होमगार्ड सुनील कुमार का वीडियो सामने आया। कुर्सी पर बैठा होमगार्ड पैसा लेकर जेब में रख रहा है। पता चला कि पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती ने उसे यह जिम्मेदारी दी थी। वीडियो सामने आने बाद सीओ कैम्पियरगंज अनुराग सिंह ने थाने पर पहुंच कर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी है। जिसके बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने होमगार्ड को थाने से हटाने के साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है, वहीं पासपोर्ट का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही थाने में हो रही इस वसूली में और किन-किन लोगों की भूमिका है इसकी भी जांच भी शुरू करा दी है। वीडियो पर हो चुकी है कार्रवाई नौसढ़ इलाके में एक ट्रैफिक सिपाही का भी वीडियो सामने आया था जिसमें डीसीएम चालक उसके सामने गिड़गिड़ा रहा था। एसएसपी ने ट्रैफिक सिपाही को निलम्बित कर दिया था। पहले भी हुई है कार्रवाई पूर्व एसएसपी गौरव ग्रोवर के थाने में निरीक्षण के दौरान भी पासपोर्ट के मामले में पैसा लेने की शिकायत मिली थी। तत्कालीन एसएसपी ने पासपोर्ट रजिस्ट्रर पर दर्ज एक नम्बर पर फोन कर पूछा आप का पासपोर्ट मिल गया है कोई खर्च तो नहीं लगा है। पीड़ित ने बताया था कि पांच सौ रुपये मुंशी जी को दिया था। गौरव ग्रोवर ने उस समय भी पासपोर्ट मुंशी को निलंबित किया था।