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यूपी में गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान, 2025-26 सत्र में 94.86% भुगतान पूरा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर मॉनीटरिंग की बदौलत पेराई सत्र 2025-26 में 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। वहीं 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का भुगतान किया। प्रदेश में संचालित राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में 543.51 करोड़ का भुगतान किया है। निजी चीनी मिलों की ओर से भी किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है। गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में शीर्ष पर बना है यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 94.86 प्रतिशत से अधिक का भुगतान सुनिश्चित वर्तमान पेराई सत्र में भी 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का शत- प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 9 वर्ष में चीनी मिलों ने की 9220 लाख टन गन्ने की पेराई गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। जो इससे पहले के 9 वर्ष की कुल गन्ना पेराई 6168 लाख टन से 3052 लाख टन अधिक है। 9 वर्ष में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सहकारी चीनी मिलों ने किया 100 प्रतिशत भुगतान उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 में सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य के रूप में 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर, तिलहर समेत कुल कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820.89 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 23 सहकारी चीनी मिलों की पेराई क्षमता 65375 टीसीडी है। निजी चीनी मिलों द्वारा किया गया भुगतान पेराई सत्र 2025-26 में निजी चीनों मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लखनऊ संभाग की मिलों ने सर्वाधिक 6462.19 करोड़ का भुगतान किया। वहीं मुरादाबाद संभाग की मिलों द्वारा 6398.36 करोड़, सहारनपुर संभाग की चीनी मिलों ने 4799.25 करोड़ का भुगतान किया। संभाग     भुगतान प्रतिशत     भुगतान अयोध्या     100 फीसदी     1212.35 करोड़ बरेली     89.25 फीसदी     2315.74 करोड़ देवरिया     97.86 फीसदी     1016.95 करोड़ देवीपाटन     91.63 फीसदी     2249.01 करोड़ गोरखपुर     93.46 फीसदी     749.97 करोड़ लखनऊ     91.34 फीसदी     6462.19 करोड़ मेरठ     94.09 फीसदी     4227.24 करोड़ मुरादाबाद     98.96 फीसदी     6398.36 करोड़ सहारनपुर     94.64 फीसदी     4799.25 करोड़

किसान संवाद को नई गति, योगी सरकार के सहयोग से गोरखपुर में किसान कारवां 2.0 का आगाज

गोरखपुर उत्तर प्रदेश में किसानों से संवाद और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने के उद्देश्य से किसान तक और योगी सरकार के सहयोग से किसान कारवां 2.0 की शुरुआत हो गई। बुधवार को गोरखपुर के योगीराज गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में पहले किसान महासम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि और गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में 1300 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में काला नमक चावल, गन्ने की खेती और कृषि तकनीक पर तीन पैनल चर्चाएं हुईं। विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने खेती की नई संभावनाओं और तकनीक पर विचार साझा किए। किसानों के स्वागत के लिए लोक गायक मनोज मिहिर ने प्रस्तुति दी, जबकि जादूगर सलमान ने जादू के करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। 10 कृषि वीर सम्मानित कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित 10 कृषि वीरों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जिसमें दीपक कुशवाहा, अविनाश कुमार, लालजी कुशवाहा, मालती देवी, वेदव्यास सिंह, जय सिंह कुशवाहा, कर्नल के.सी. मिश्रा, आज्ञाराम वर्मा, राजू सिंह और सीमा गुप्ता (ड्रोन दीदी, देवरिया) को सम्मानित किया गया। आज्ञाराम वर्मा के नाम पर गन्ने की एक वैरायटी जारी की गई है। राजू सिंह एफपीओ और शहद उत्पादन से जुड़े हैं। किसान परिषद का गठन इस अवसर पर 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन भी किया गया। परिषद में हरिशंकर राय, संजय सिंह, नंदलाल चौहान, अजीत श्रीवास्तव, मांधाता सिंह, राज मंगल चौधरी, विवेक सिंह बंटी, इंदू श्रीवास्तव, वीरेंद्र चौरसिया, शत्रुघ्न चंद, राम चेत चौधरी, राम रतन सिंह, राकेश मल्ल, धर्मेंद्र सिंह, संजय नायक, पुष्पा देवी, अविनाश कुमार, धर्मेंद्र पांडे, जयप्रकाश नारायण और सुभाष चंद्र सिंह को शामिल किया गया है। किसान कारवां 2.0 का अगला कार्यक्रम 24 सितंबर को झांसी में आयोजित होगा। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे।

योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बिजली आपूर्ति सामान्य

लखनऊ प्रदेश में विद्युत उपलब्धता को सामान्य बनाए रखने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति की समीक्षा कर फीडबैक लिया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो, उसका उपयोग कर आपूर्ति सामान्य रखी जाए। अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई और ओबरा-बी की यूनिट-10 का पुनः संचालन शुरू होने से प्रदेश की विद्युत उपलब्धता में औसतन करीब 1300 मेगावाट की वृद्धि हुई है। अगले एक-दो दिनों में एपीजीसी, सिंगरौली की यूनिट-2, टीआरएन एनर्जी की यूनिट-1, घाटमपुर की यूनिट-1 तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयां उपलब्ध हो जाने से लगभग 1,250 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हो जाएगी। वहीं केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के डायरेक्टर ऑपरेशन शिव एस. दास एवं उनकी टीम के साथ हुई बैठक में अगले पांच वर्षों तक गर्मी के महीनों में पावर बैंकिंग के माध्यम से 500-600 मेगावाट बिजली प्राप्त करने पर सहमति बनी है। वर्तमान में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से पावर बैंकिंग के जरिए औसतन करीब 2400 मेगावाट बिजली पीक आवर्स में प्राप्त की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक कोयला खदान क्षेत्रों में अतिवृष्टि और जलभराव के कारण थर्मल पावर प्लांटों को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते सिंगरौली, रिहंद, खुर्जा, मेजा, लैंको, रोजा और बारा समेत कई परियोजनाओं का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे प्रदेश को औसतन 1500 से 2000 मेगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद योगी सरकार उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने में जुटी है।

पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था मकसूद अली, ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया

लखनऊ  योगी सरकार की अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यूपी एटीएस ने अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े मॉड्यूल पर कार्रवाई करते हुए एक और आतंकी को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस ने तमिलनाडु एटीएस के सहयोग से कोयंबटूर से मकसूद अली को गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी मामले में मुख्य आतंकी मोहम्मद नबील को 12 सितंबर को आजमगढ़ से पकड़ा गया था।  लखनऊ लेकर आई यूपी एटीएस मकसूद अली (19) मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के बांसी थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह तमिलनाडु के कोयंबटूर में रह रहा था। यूपी एटीएस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ आई है, जहां संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बहकाने की कोशिश एटीएस के मुताबिक मूल रूप से यूपी के सिद्धार्थनगर का रहने वाला मकसूद अली सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर समूह बनाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को जोड़ रहा था। उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर मुजाहिद बनने और इसके लिए धन व आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण लेने की योजना से जोड़ा जा रहा था। जांच में इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशी लोगों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के संपर्क में आने का दावा जांच के दौरान सामने आया कि मकसूद अली देश विरोधी हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के हैंडलरों के संपर्क में आया था। एटीएस के मुताबिक, वह पाकिस्तान के हैंडलरों से संपर्क कर ‘हैकिंग टूल’ तैयार कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी उसने ऑनलाइन संसाधनों, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए हासिल की। ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ के जरिए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश मकसूद ने अपने मकसद को पूरा करने के लिए ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम का एक सेक्योर एप्लीकेशन भी तैयार किया था। इसका मोटो था, ‘एक प्लेटफॉर्म, एक मकसद: यूनिटी, प्लान एंड एक्शन’। जांच में सामने आया कि इसी माध्यम से नबील, मकसूद और अन्य लोग आपस में जुड़े थे। मकसूद के व्हाट्सऐप ग्रुप्स की भी जानकारी सामने आई है। इनमें यूयू एंट्री गेट, यूनाइटेड उम्माह, गजवा-ए-हिंद, टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-महंदी जैसे समूह शामिल मिले। इन ग्रुप्स में पाकिस्तानी नंबरों वाले संदिग्ध समेत अन्य पाकिस्तानी हैकर भी जुड़े थे। इन ग्रुप्स के जरिए कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था। एक्यूआईएस से जुड़े होने के सबूत मिले मकसूद, मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। इस समूह में प्रतिबंधित आतंकी संगठन एक्यूआईएस से संबंधित साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो साझा किए जा रहे थे।

कार्य की अपेक्षित प्रगति न देख सीएम ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम एचएन सिंह चौक से हड़हवा फाटक होते हुए जगेसर पासी चौराहे तक बन रही टूलेन/फोरलेन सड़क का दो स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य की अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल निगम और सेतु निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी और काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हरहाल में आवागमन योग्य बना दिया जाए। मुख्यमंत्री ने 495.24 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे एचएन सिंह चौक-जगेसर पासी चौराहा सड़क चौड़ीकरण कार्य का स्मार्ट बाजार के सामने और हड़हवा फाटक के आगे रुककर निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत लेआउट मॉडल को देखा और सड़क की लंबाई-चौड़ाई और अब तक निर्माण प्रगति की जानकारी ली। काम की गति तेज न होने को लेकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिकारियों पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग करा रहा है जबकि सीवर लाइन डालने का काम जल निगम द्वारा किया जा रहा है। हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम करा रहा है। उन्होंने तीनों विभागों को काम में और तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिथिलता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सीएम ने अफसरों से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे काम के दौरान आवागमन में कोई व्यवधान न हो और आगामी त्योहारों के पहले सड़क आवागमन योग्य बन जाए। उन्होंने जलनिकासी के लिए हेड टू टेल  व्यवस्था का भी निर्देश दिया।

यूपी पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब ₹9 हजार मिलेगी सैलरी

लखनऊ प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के लिए कई अहम निर्णय लेने की तैयारी कर ली है। वर्तमान में 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पाने वाले पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 9000 रुपये किया जाएगा। साथ ही मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करने, महिला पंचायत सहायकों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश देने और पंचायत सहायकों को रखने व हटाने से जुड़े मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही गई है। आंदोलन और मांगों से जुड़े मुकदमों की समीक्षा कर नियमानुसार उन्हें वापस लेने की कार्रवाई भी होगी। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए। मानदेय में तीन हजार रुपये की मासिक बढ़ोतरी होने से पंचायत सहायकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। डीबीटी की व्यवस्था होगी लागू प्रदेश में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक हैं। अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम प्रधान स्तर से मनमाने ढंग से सेवा समाप्ति की शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति से संबंधित मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका व अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे। महिला पंचायत सहायकों को शासन के नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। पंचायत सहायकों के आंदोलन व उनकी मांगों से संबंधित दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर विधिक प्रक्रिया के तहत वापसी की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायक पंचायती राज व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। पंचायतीराज मंत्री की वार्ता के बाद धरना दे रहे पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।  

सतत विकास लक्ष्यों को गति देने में यूपी की पहल, स्वास्थ्य-शिक्षा और पोषण पर योगी सरकार का फोकस

लखनऊ  सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी बनाने के साथ डेटा, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में बुधवार को होटल क्लार्क्स अवध में सशक्त भविष्य: शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को गति विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, डिजिटल हेल्थ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास और सार्वजनिक नीति के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रमुख आधार हैं। सफल प्रयासों और नवाचारों को साझा कर प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं। डेटा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के बेहतर उपयोग से योजनाओं के परिणामों को प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के पहले सत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बेहतर परिणामों के लिए डेटा, तकनीक और नवाचार के प्रभावी इस्तेमाल को जरूरी बताया। अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी ने बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वीके पॉल ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में निवेश को मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। पैनल चर्चा में रोकथाम योग्य मौतों, बच्चों में कम वजन और अविकसित शारीरिक विकास जैसी चुनौतियों पर विचार हुआ। स्वास्थ्य ढांचे और डेटा व्यवस्था को एआई से मजबूत करने पर हिमांशु बुराड, पीयूष एंटनी ,डॉ. कनिका अग्रवाल और डॉ आलोक सक्सेना ने विचार साझा किए। दूसरे सत्र में शिक्षा और कौशल विकास पर जोर रहा। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सतत विकास लक्ष्यों की आधारशिला बताया। प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरि ओम ने शिक्षा के साथ कौशल विकास को युवाओं के रोजगार और बेहतर अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। वहीं शंकर नारायणन, विनोद कराटे, सुनील कुमार, प्रेम रंजन सिंह और विष्णुकांत पांडेय ने नामांकन, बच्चों को विद्यालयों में बनाए रखने, डिजिटल कौशल और सीखने के बेहतर परिणामों पर चर्चा की। चौथी औद्योगिक क्रांति के अनुरूप कौशल, रोजगार और करियर में बदलाव पर प्रो. बलवंत सिंह मेहता, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. अनन्या समाजदार, प्रणव बंसोडे और दीपक कुमार सिंह ने विचार रखे। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सतत विकास लक्ष्यों को गति देने पर भी मंथन हुआ।

दिवंगत अधिवक्ताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि दी मुख्यमंत्री ने, परिवार को दिया आर्थिक संबल

गोरखपुर हर जरूरतमंद के साथ आत्मिक संवेदना रखते हुए भरपूर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम दिवंगत अधिवक्ताओं आलोक कुमार अस्थाना और संजय सिंह के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया। दोनों अधिवक्ताओं की 6 सितंबर को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दुखद मृत्यु हो गई थी। गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने दोनों अधिवक्ताओं के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को 15-15 लाख रुपये के चेक सौंपे। कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी में दिवंगत अधिवक्ता आलोक कुमार अस्थाना के घर पहुंचे। यहां उन्होंने स्मृतिशेष अस्थाना के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों को 10 लाख रुपये की धनराशि का चेक मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से तथा 5 लाख रुपये का चेक अधिवक्ता कल्याण कोष से प्रदान किया। इसके बाद वह शक्ति नगर में दिवंगत अधिवक्ता संजय सिंह के घर गए। उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने संजय सिंह के परिवार को 10 लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से तथा 5 लाख रुपये की धनराशि अधिवक्ता कल्याण कोष से प्रदान की। उन्होंने दोनों अधिवक्ताओं के परिजनों को आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। उल्लेखनीय है कि सीएम योगी के निर्देश पर दोनों अधिवक्ताओं के परिजनों को पूर्व में भी 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता आपदा कोष से दी गई थी।

इसमें 77 हजार भर्तियां अकेले पुलिस व होमगार्ड विभाग में की जाएंगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अगले छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। इनमें 77 हजार भर्तियां सिर्फ पुलिस व होमगार्ड विभाग में होंगी। इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होने जा रही है। सीएम ने वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजन के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1 करोड़ 10 लाख वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं व दिव्यांगजन को 12 हजार रुपये सालाना पेंशन दी जाती है। जल्द ही पेंशन की धनराशि और लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। विकास व जनोपयोगी सुविधाओं के लिए कानून का राज और सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण होना जरूरी है। सीएम योगी बुधवार को गोरखपुर के वार्ड नंबर-53 उर्वरक नगर के अंतर्गत जंगल नकहा नंबर-2 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नगर निगम की करीब 40 करोड़ रुपये की लागत वाली 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी गांव या शहर में नागरिकों के जीवन स्तर का पता विकास और वहां उपलब्ध जनोपयोगी सुविधाओं से चलता है। इसके लिए कानून का राज और सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण होना जरूरी है। 2017 के बाद गोरखपुर और उत्तर प्रदेश में कानून का राज सुनिश्चित कर विकास एवं सुविधाओं की नई श्रृंखला खड़ी की गई है। माफिया या तो जेल में है या दूसरे लोक की यात्रा पर जा चुका है। आज हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा तथा पर्व-त्योहारों के लिए बेहतरीन वातावरण की गारंटी है। यूपी अब देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन मुख्यमंत्री ने सुदृढ़ कानून व्यवस्था के चलते हुए विकास और इससे आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। बल्कि अब यह देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। 2017 के पहले यहां खराब कानून व्यवस्था, लूट-खसोट, अराजकता के कारण कोई बाहरी व्यक्ति काम नहीं करना चाहता था, जबकि आज यहां आने को हर कोई लालायित है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज अर्थव्यवस्था में एक है। यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, कल-कारखानों की नई श्रृंखला और सुदृढ़ कनेक्टिविटी के लिए जाना जा रहा है।  अराजकता फैलाना विभाजक राजनीति करने वालों की फितरत सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और जन कल्याण से सकारात्मक माहौल बना है। ऐसे में समाज को बांटने वालों से सावधान रहना होगा। विकास समाज की एकजुटता का परिणाम है। यदि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बटेंगे तो बांटने वाले फिर कर्फ्यू-दंगे का माहौल बनाएंगे। असुरक्षा का अंधकार मचाएंगे। अराजकता फैलाना समाज को बांटने वालों की फितरत है। शानदार वर्तमान और बेहतरीन भविष्य के लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है।  मच्छर व माफिया को समाप्त कर दिलाई नई पहचान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी और गोरखपुर में 2017 के बाद से दिख रहे बदलाव का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस, मच्छर व माफिया को समाप्त कर इंफ्रास्ट्रक्चर से गोरखपुर और उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई गई है। पिछली सरकारों के निकम्मेपन से 2017 के पहले तक हर साल इंसेफेलाइटिस से सैकड़ों मौतें होती थी। तब सपा या कांग्रेस का कोई मंत्री या मुख्यमंत्री गरीबों को देखने बीआरडी मेडिकल कॉलेज नहीं आता था। मुझे आंदोलन करना पड़ता था। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने 40 वर्ष की बीमारी को दो वर्ष में समाप्त कर दिया। सीएम ने गोरखपुर में बंद पड़े खाद कारखाने के दोबारा चलने, चहुंओर फोरलेन कनेक्टिविटी, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज के निर्माण, रामगढ़ताल के पर्यटन स्थल बनने, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थिति शानदार बनाने के साथ एम्स की सौगात मिलने का जिक्र कर कहा कि आज गोरखपुर की चमचमाती पहचान से हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है। 2017 के पूर्व गोरखपुर की गंदगी और बीमारी दरअसल सपा व कांग्रेस सरकारों की गंदी मानसिकता का परिणाम थी।  अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में नौजवानों को नौकरी की गारंटी है। हमारी सरकार ने अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। और, चुनाव की घोषणा से पहले, सरकार अगले छह माह में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। 2017 के पहले सरकारी भर्ती निकलने पर सैफई सिंडिकेट वसूली करने निकल पड़ता था। तब नौजवानों का भविष्य खतरे में पड़ता था। हमारी सरकार में गोरखपुर के गीडा में 500 कारखाने लगे, जिससे अकेले गीडा में 50 हजार नौजवानों को रोजगार मिला और इस क्षेत्र को पलायन से मुक्ति मिली। डबल इंजन की सरकार ने युवाओं के सामने पहचान का संकट भी दूर किया है। 7 अक्टूबर से विशेष शिविर, मिलेगा योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिना भेदभाव सबको शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हर पात्र को आवास, शौचालय, राशन, रसोई गैस, बेटियों की पढ़ाई और विवाह से जुड़ी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजनाओं में यदि किसी कारण से कोई वंचित रह गया है तो उसे भी संतृप्त करने के लिए एक सप्ताह का विशेष शिविर लगने जा रहा है। यह शिविर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 7 अक्टूबर से लगेगा।  सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिचायक है कल्याण मंडपम: डॉ. मंगलेश समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी जब भी गोरखपुर आते हैं, यहां के लोगों को उनके हाथों कुछ न कुछ सौगात जरूर मिलती है। कल्याण मंडपम आमजन को उत्कृष्ट सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का परिचायक है। एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि 2017 के पहले पिछड़े व बीमारू राज्य की पहचान वाले उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के बेहतरीन मॉडल के रूप में निखार दिया है। इस अवसर पर विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, स्थानीय पार्षद आनंद कुमार साहनी, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, बीरू … Read more

UP के 57 हजार पंचायत सहायकों का बढ़ा मानदेय, ₹6 हजार से बढ़कर ₹9 हजार होगी मासिक राशि

पंचायत सहायकों को मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सौगात, मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी   छह हजार की जगह अब हर माह मिलेंगे नौ हजार रुपये, 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को लाभ   डीबीटी से सीधे खाते में आएगा मानदेय, कैबिनेट से ली जाएगी स्वीकृति   प्रधान और सचिव नहीं हटा सकेंगे, डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ही करेगी फैसला   आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस, हटाए गए पंचायत सहायकों की होगी बहाली   महिलाओं को मातृत्व अवकाश, उपचार के लिए मिलेगी कैशलेस सुविधा   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात दी है। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी।   पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।   अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।   प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।   आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।   महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।   मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।