samacharsecretary.com

जोबगा में खुले रोजगार के द्वार, गायत्री परियोजना प्रभावितों को मिलेगा लाभ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्न सूरजपुर, जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही। निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सक्रिय हुई सीएम हेल्पलाइन 1076

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है। इसी क्रम में जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर   प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी हरिओम द्विवेदी, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण दल के प्रमुख  नुराग दीवान ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वतः अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान हेतु SLA आधारित व्यवस्था, समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा MIS डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी शामिल हैं। सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

अंधेरे से उजाले तक: CM विष्णुदेव साय की पहल से मटासी गांव रोशन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से जशपुर जिले के ग्राम मटासी में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु हो गई। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव की बस्ती लगभग 21 घंटे तक अंधेरे में डूबी रही, जिससे पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई थी और ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही इस समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने तत्परता से नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। बिजली व्यवस्था पुनः शुरू होते ही गांव में रोशनी लौट आई और पेयजल आपूर्ति भी सामान्य हो गई। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर हुए समाधान से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन-प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।  

राज्यपाल रमेन डेका बोले – जल बचाओ, भूजल बढ़ाओ का संदेश लेकर आगे बढ़ें

कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक लेकर वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान का रूप देना आवश्यक है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल  डेका ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे सहेजकर न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी की जा सकती हैं बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने तथा प्रारंभिक स्तर पर बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। राज्यपाल  डेका ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, जिससे जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों पर बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता बताई। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्धता तथा मल्टीपल टीबी मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा एम्स के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने रेड क्रॉस वार्षिक सदस्यता अभियान को बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि लोगों की छोटी-छोटी मदद किसी का जीवन बदल सकती है। राज्यपाल  डेका ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से स्थापित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यक्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर लोगों के जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की बात कही। बैठक में कलेक्टर   गोपाल वर्मा , पुलिस अधीक्षक सहित सभी एसडीएम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पक्के घर का सपना हुआ पूरा, Vishnu Deo Sai ने लेमरू में हितग्राही के नए घर में कराया गृह प्रवेश

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी : मुख्यमंत्री ने परिवार से आत्मीय मुलाकात कर जाना हालचाल रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह का बड़ा कार्यक्रम, डायल 112 सेवा को मिलेंगी 400 नई गाड़ियां

रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि डॉयल 112 की सुविधा 16 जिलों में लागू था, अब यह पूरे प्रदेश में लागू होगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह 18 मई को रायपुर पुलिस लाइन से डॉयल 112 की 400 गाड़ियां का शुभारंभ करेंगे. 33 जिलों में 33 सर्वसुविधा युक्त गाड़िया रवाना होंगी. वहीं प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की स्थापना की सौगात मिलेगी. 18 मई को बस्तर दौरा करेंगे HM शाह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के दौरे को लेकर जानकारी दी कि केंद्रीय गृहमंत्री 18 मई को बस्तर दौरे पर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस दौरान नेतानार सुरक्षा केंद्र को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की शुरुआत होगी, जिसका उद्घाटन गृहमंत्री शाह करेंगे. सुरक्षा कैंपों में अस्पताल, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी. दौरे के दौरान मुख्य सचिव बस्तर के विकास कार्यों को लेकर गृहमंत्री शाह को प्रेजेंटेशन देंगे. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री शाह शहीद जवानों के परिजनों, नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों और नक्सल उन्मूलन के लिए काम कर रहे विभिन्न वर्गों से भी मुलाकात करेंगे. इसके अलावा 19 मई को वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम नहीं होगा, यह वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कैंसिल किया गया है. भूपेश के IPL बंद करने वाले बयान पर डिप्टी शर्मा की प्रतिक्रिया पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आईपीएल बंद करने की सलाह वाले बयान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जो भी उनका भाव होगा, सकारात्मक दिशा में कहना चाह रहे तो जरूर ध्यान दिला देना चाहिए. वह भी अच्छा सोच रहे हैं. पीएम मोदी जो सोच रहे हैं, वैसा ही भूपेश बघेल अगर सोच रहे हैं तो एक बार उन्हें बता देना चाहिए.

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे निर्देश, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। कारकेड वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। ईंधन और वाहन व्यय में मितव्ययिता पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। विदेश यात्राओं पर रोक अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल एवं ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी। ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण—जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर—अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे। ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (PDF, PPT आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके। iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर iGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कोसला धाम दौरा, माता कौशल्या मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत आज अचानक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ. पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे। मंदिर सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। साथ ही समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में कोसला धाम को शामिल करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और स्थानीय श्रद्धालुओं से भी आत्मीय संवाद किया। उनके अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर श्रद्धालु, ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कार से आरक्षक को रौंदने का प्रयास नाकाम: चेकिंग के बीच दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. वाहन चेकिंग के दौरान आरक्षक को वाहन से कुचलने का प्रयास करने वाले नागपुर निवासी दो आरोपियों को कुम्हारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कुम्हारी टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार कार चालक द्वारा आरक्षक को कुचलने का प्रयास किया गया। वाहन में ब्लैक फिल्म लगी होने एवं रोकने के संकेत के बावजूद आरोपी तेज गति से वाहन चलाते हुए भागने का प्रयास किए थे। पुलिस टीम ने पीछा कर सिरसा गेट के पास वाहन सहित दो आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, हत्या का प्रयास एवं मोटर व्हीकल के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा कुम्हारी टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। वाहन चेकिंग ड्यूटी में सहायक उप निरीक्षक सुशील पांडे के साथ आरक्षक रमेश चंद्राकर की ड्यूटी रायपुर से दुर्ग मार्ग पर लगाई गई थी। चेकिंग के दौरान दोपहर लगभग 12,30 बजे वाहन एम एच 02 ए वाय 3475 तेज गति से रायपुर की ओर से दुर्ग की ओर आती हुई दिखाई दी जिसमें ब्लैक फिल्म लगी हुई थी। आरक्षक रमेश चंद्राकर द्वारा वाहन रोकने का संकेत देने पर चालक द्वारा वाहन को और तेज गति से चलाते हुए आरक्षक के ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया गया। स्वयं को बचाने के दौरान आरक्षक के दाहिने हाथ की उंगली में चोट आई तथा वह वाहन के सामने गिर गया। आरोपियों द्वारा वाहन सिर के ऊपर भी चढ़ाने का प्रयास किया गया किंतु आरक्षक द्वारा सतर्कता से पीछे हटकर स्वयं को सुरक्षित किया। घटना के बाद वाहन चेकिंग में लगे अन्य स्टाफ द्वारा यातायात पुलिस वाहन से उक्त कार का पीछा कर सिरसा गेट के पास वाहन को रोका। इस वाहन में दो युवक एवं दो युवतियां संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम रमजान एवं जाकिर मोहम्मद निवासी नागपुर बताया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 109 (1), 221, 3 (5) बीएनएस एवं धारा 184, 100 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

नौकरी की तलाश खत्म! जिला रोजगार मेले में 2347 तकनीकी और गैर-तकनीकी भर्तियां

दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग और छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीएसआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई को एक विशाल जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक से मिली जानकारी के अनुसार, यह आयोजन शिवाजी नगर स्थित सीएसआईटी के परिसर में होगा। इस मेले के माध्यम से क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा। इस रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों के 10 नियोजकों द्वारा कुल 2347 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्तियां की जाएंगी। 10वीं, 12वीं पास से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग स्नातक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी इस मेले में हिस्सा ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों जैसे एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग (जीएनएम / एएनएम) और पैरामेडिकल डिप्लोमा धारकों के लिए भी बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध हैं। इच्छुक आवेदक इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप पर देखी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मालवीय नगर चौक स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में सीधे संपर्क कर सकते हैं।