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डैश-बोर्ड से तय होगी पारदर्शिता: ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के सख्त निर्देश।

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।  

जशपुर में जगमगाएंगे 5 लाख से ज्यादा ‘आशीर्वाद के दीप’, सेवा संकल्प अभियान का आगाज

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जशपुर में जगमगाएंगे 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप 17 सितंबर को शाम 7 बजे रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा एवं बिरसा मुंडा चौक सहित जिलेभर में होगा दीप प्रज्वलन अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन हितग्राहियों, बिहान समूहों और शासकीय संस्थानों में भी प्रज्वलित होंगे दीप रायपुर सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जशपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे जिले में 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है।     सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा चौक और बिरसा मुंडा चौक सहित सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेवासी सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के संकल्प के साथ अभियान से जुड़ेंगे।     अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जिले के सभी अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, बिहान समूह की महिलाओं सहित शासकीय कार्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों से अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई है।     कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ अभियान के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसकी सभी पहलों की समयबद्ध तैयारी करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।     कलेक्टर ने अभियान के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं आयोजित गतिविधियों की फोटो और वीडियो सहित जानकारी निर्धारित गूगल ड्राइव में नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान की गतिविधियों का समुचित दस्तावेजीकरण एवं संधारण किया जा सके।     जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों, ग्रामों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनें और जनभागीदारी के इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

जीपीएम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, 17 को रक्तदान और 20 सितंबर को लगेगा मेगा स्वास्थ्य शिविर।

रायपुर,  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहलें आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत 17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर तथा 20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित होगा। इन आयोजनों के माध्यम से जिलेवासियों को रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य से जुड़ने के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को दोपहर 3 बजे से मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल, पेंड्रा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से इस मानवीय पहल में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की गई है। शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था, सामग्री, उपकरण तथा स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर अभियान के अगले चरण में 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जिलेवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित अधिक से अधिक नागरिकों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविर में एक ही स्थान पर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने की सुविधा मिलेगी। हृदय, किडनी, मेडिसिन और नेत्र रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श मेगा स्वास्थ्य शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, किडनी रोग, मेडिसिन एवं नेत्र रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उन्हें आगे की जांच, उपचार तथा आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से ऐसे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें किसी विशिष्ट स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता है। शिविर के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और समय पर उचित उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी। परिवार सहित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं के साथ अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित हों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श एवं जांच का लाभ उठाएं। नियमित एवं समय पर स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान में मदद मिल सकती है, जिससे समय पर उपचार शुरू करने में सुविधा होती है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ये दोनों आयोजन जिले में सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित अभियान में स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। रक्तदान के माध्यम से जहां नागरिक जरूरतमंदों के जीवन बचाने में योगदान दे सकेंगे, वहीं मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं लोगों के और करीब पहुंचेंगी।

एसएसपी के सख्त निर्देश पर जिलेभर के थानों में तलब किए गए निगरानीशुदा और असामाजिक तत्व।

बिलासपुर  आगामी त्योहारों के दौरान जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों और निगरानीशुदा बदमाशों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को तलब कर उनकी परेड कराई गई। उन्हें त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अशांति या उपद्रव से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह ने आगामी गणेश पूजा, नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके तहत थाना क्षेत्रों में दर्ज गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की जानकारी जुटाकर उन्हें तलब किया गया। जुटाकर उन्हें तलब किया गया। अधिकारियों ने बदमाशों से उनके वर्तमान कार्य और गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। परेड के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के समय किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने, विवाद करने या शांति भंग करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बदमाशों से अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक त्योहार मनाने और किसी विवाद में शामिल नहीं होने की अपील भी की। अधिकारियों को सक्रिय बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर इस्तगासा तैयार करने और बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले ही प्रभावी नियंत्रण कायम करना है। किन त्योहारों पर रहेगी खास नजर आने वाले दिनों में गणेश पूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इन आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने को कहा है। त्योहारों के दौरान विवाद की आशंका वाले स्थानों और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का फोकस किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से रोकथाम पर है। सक्रिय बदमाशों पर होगी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने केवल समझाइश तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने के संकेत दिए हैं। सक्रिय पाए जाने वाले बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित थाना स्तर पर इस्तगासा तैयार कर बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा। बाउंड ओवर की प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को भविष्य में शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रखना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में परिस्थितियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। 

‘डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य’: डिप्टी सीएम विजय शर्मा

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन… आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाई रायपुर,    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढ़ने की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए।          कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया।         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।                 सांसद संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।         कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।  उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी तैयारी और सफलता की कहानी         प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया। पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया         संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा।          उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए।         इस अवसर पर राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।

श्रमिकों को मिलेगा सम्मान और 2 लाख रुपये का पुरस्कार, 5 अक्टूबर तक करें आवेदन

श्रमिक सुरक्षा और उत्कृष्ट कार्य को मिलेगा सम्मान, 2 लाख रुपये का ‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिक एवं संस्थाएं 5 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन श्रमिकों और संस्थाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र सहित मिलेगा पुरस्कार रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार-2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के तहत चयनित श्रमिक अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार उन श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया हो। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रभावी उपाय किए गए हों और जिनके परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में कोई गंभीर दुर्घटना न हुई हो। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सुरक्षित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को भी पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। ऐसे प्रयास, जिनसे प्रदेश का नाम श्रम जगत में गौरवान्वित हुआ हो, पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे। 5 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन श्रम विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों एवं संस्थाओं से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक श्रमिक एवं संस्थाएं श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in/alankaran.aspx के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित नियम, पात्रता, प्रक्रिया एवं आवेदन प्रपत्र भी इसी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। सुरक्षित कार्य संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन ‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्टता, श्रमिक सुरक्षा और स्वस्थ कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुरस्कार के माध्यम से उन श्रमिकों एवं संस्थाओं के प्रयासों को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और सुरक्षित कार्य वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य आगाज

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका ने किया ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ का विमोचन रायपुर,   छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर किया।           शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।           उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।           इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।             छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास  शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े समसामयिक विषयों, डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।             समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।            दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कल  17सितम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होनी है। इसके बाद, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी केपिटल सिटी, नया रायपुर के निर्माण और विकास के बारे में प्रस्तुतीकरण होगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों को नया रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी       सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख योजनाओं की समीक्षा        बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।        इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से मिले विजय शर्मा, एम्स रायपुर पहुंचकर जाना हाल

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर बेहतर इलाज के दिए निर्देश रायपुर  महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र के लोगों से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने एम्स रायपुर पहुंचकर मुलाकात की। मंगलवार देर शाम रायपुर एम्स पहुंचे शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी मुलाकात कर घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की तथा सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।        इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बांधाटोला निवासी पांच वर्षीय लुकेश पटेल, दो वर्षीय डाली पटेल और 26 वर्षीय ललिता पटेल से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मासूम बच्चों सहित हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा हादसे के बाद लगातार परिवार जनों से संपर्क बनाए हुए हैं, अस्पताल में भर्ती से लेकर घायलों के उपचार तक निरंतर संपर्क कर पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। दिवंगतों के घर पहुंचकर पहले ही जता चुके हैं संवेदना         उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में दुर्घटना में दिवंगत हुए पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली थी।

जल संसाधन विभाग की बड़ी सौगात- धमतरी और बालोद जिलों में 5 सिंचाई योजनाओं के लिए 21.50 करोड़ रुपये स्वीकृत

जल संसाधन विभाग की बड़ी सौगात-   धमतरी और बालोद जिलों में 5 सिंचाई योजनाओं के लिए 21.50 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा किसानों को बड़ी राहत देते हुए धमतरी और बालोद जिलों की पांच प्रमुख सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विकास कार्यों के लिए कुल 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रीय किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। प्रमुख स्वीकृतियाँ              धमतरी जिला के राजाडेरा लघु जलाशय जलद्वार के नवीनीकरण एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी प्रकार खट्टी एनीकट (महानदी) महानदी पर निर्मित खट्टी एनीकट के संरक्षण और जलद्वारों के उन्नयन कार्य हेतु 4 करोड़ 89 लाख 30 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।           बालोद जिला (कुल 3 योजनाएं) के जलाशयों में विद्युतीकरण तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशय में विद्युतीकरण व प्रकाश व्यवस्था के कार्यों के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। खरखरा नदी के बांयी तट पर शीतला मंदिर के पास घाट एवं ग्राम मारीदेवरी तटबंध निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 183 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र लाभांवित होगा।          तांदुला परियोजना के अंतर्गत सकरैद वितरक नहर (नाहंदा माईनर, डौकीडीह माईनर, सुखरी माईनर और भदेरा माईनर) के रिमॉडलिंग, लाइनिंग एवं पक्के कार्यों के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे भी 183 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इस प्रकार कुल 21.50 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन मजबूत होगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।