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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: ससौली-छिरोपारा के ग्रामीणों को मिली सुगम आवागमन की सुविधा

रायपुर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए आवागमन का सशक्त माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम ससौली और छिरोपारा के निवासियों के लिए अब जिला मुख्यालय अंबिकापुर तक की राह न केवल आसान हुई है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बड़ी बचत हो रही है। कई किलोमीटर का पैदल सफर अब हुआ समाप्त ग्राम ससौली छिरोपारा निवासी  गिरवर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रारंभ होने से पहले उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलकर लुण्ड्रा आना पड़ता था। उन्होंने बताया कि पहले बस पकड़ने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था। कई बार देरी होने पर बस छूट जाती थी, जिससे पूरा दिन खराब हो जाता और जरूरी काम भी रुक जाते थे। लेकिन जब से ’अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा’ मार्ग पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू हुई है, हमारी जिंदगी बदल गई है।“ समय पर काम और सुरक्षित वापसी योजना के तहत संचालित बस अब सीधे गांव के करीब से होकर गुजर रही है। ग्रामीण अब आसानी से बस में सवार होकर समय पर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं, दिनभर अपना काम निपटाते हैं और उसी बस से सुरक्षित अपने घर वापस लौट आते हैं। इस सुविधा ने न केवल आर्थिक रूप से राहत दी है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों के लिए आवागमन को बेहद सुविधाजनक बना दिया है। योजना के लिए शासन का जताया आभार पहुंचविहीन क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने की इस सार्थक पहल के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ससौली और छिरोपारा के  गिरवर यादव ने इस संवेदनशील निर्णय के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजभवन में रेडक्रॉस प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, सेवा कार्यों को लेकर संवाद

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल   रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में  भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की।              सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल  का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। राज्यपाल ने किया पौध रोपण             इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने महतारी वंदन योजना मददगार

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने महतारी वंदन योजना मददगार आर्थिक सहायता मिलने से हेमा सिंग बनीं आत्मनिर्भर रायपुर महिलाओं के साथ असमानता को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार लाने, आर्थिक स्वावलंबन तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए  राज्य सरकार कृत संकल्पित है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका को सुदृढ़ करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी, जिसे मलिाओं ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने उपयोग करने लगी।             गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के छोटे से ग्राम मझगंवा की श्रीमती हेमा सिंग की कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली हेमा सिंग ने आज अपने आत्मविश्वास और सरकारी योजना के सहयोग से अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।  महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। जिसे हेमा सिंग ने इसे एक अवसर के रूप में देखा।           हेमा सिंग ने इस राशि को बचाकर अपने घर के पास एक छोटा सा किराना स्टोर शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी दुकान चल निकली। गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करते हुए उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और आय में भी स्थिरता आने लगी। आज उनकी दुकान न सिर्फ उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बनी है, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी बड़ा बदलाव लाई है। हेमा सिंग अब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं और भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। पहले जहां रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष साफ नजर आता है।             महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार आर्थिक मजबूती मिल रही है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई आशा और अवसर लेकर आया है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अपनी सफलता का श्रेय देते हुए हेमा सिंग कहती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।

जल संरक्षण कार्यों को तेज करें, पेड़ लगाकर उन्हें संरक्षित करें- राज्यपाल डेका

 जल संरक्षण के कार्यों को और गति दें,अधिक से अधिक पेड़ लगाकर संरक्षित करें-राज्यपाल डेका राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली जैविक खेती को प्रोत्साहित करें,चांवल का वैल्यू एडिशन करें रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया  कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं,  राज्यपाल ने  और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।                 राज्यपाल ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।               राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने  जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।                स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।                राज्यपाल डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।               बैठक में सरायपाली विधायक श्रीमती चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अनूपपुर जिले में गेहूँ उपार्जन 15 अप्रैल से प्रारंभ, 6 केंद्र निर्धारित

अनूपपुर  रबी विपणन वर्ष 2026–27 के अंतर्गत जिले में गेहूँ उपार्जन का कार्य 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती अनीता सोरते से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशानुसार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ क्रय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिले में 6 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। दुलहरा समिति के लिए मां शारदा वेयरहाउस BOT 2 बरबसपुर, पटनाकला समिति के लिए कृषि उपज मंडी अनूपपुर, मझगवां (फुनगा) समिति के लिए शारदा फूड प्रोसेसिंग BOT B गोदाम पयारी, धनगवां समिति के लिए सिंह वेयरहाउस छातापटपर, बिजुरी समिति के लिए बतूल वेयरहाउस कोतमा तथा राजेंद्रग्राम समिति के लिए MPWLC गोदाम राजेंद्रग्राम को उपार्जन केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने संबंधित केंद्र प्रबंधकों को किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी उपज निर्धारित मापदंडों के अनुसार साफ-सुथरी एवं अच्छी तरह सुखाकर उपार्जन केंद्रों पर लाएं, ताकि उपार्जन प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।

CG में रद्द 14 ट्रेनों को फिर से शुरू किया, ओडिशा, महाराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों के यात्रियों को राहत, 7 अप्रैल तक चलेगी सेवाएं

रायगढ़ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पहले निरस्त किए गए 14 ट्रेनों को फिर से बहाल किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनका परिचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इससे रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर और रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया के यात्रियों को राहत मिलेगी। इससे पहले नागपुर मंडल से होकर गुजरने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनों को भी दोबारा शुरू किया गया था। गोंदिया स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3, लाइन नंबर 5 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसे बैलस्टेड ट्रैक में बदलने के कार्य के कारण इन गाड़ियों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया था। यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की सही स्थिति की जानकारी अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 से जरूर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

फुटबॉल में छत्तीसगढ़ को मिला रजत पदक, फाइनल में पश्चिम बंगाल से 0-1 से हार

फुटबॉल में छत्तीसगढ़ को रजत पदक : फाइनल में कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल से 0-1 से मिली हार फाइनल में कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल से 0-1 से मिली हार रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत आज रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में छत्तीसगढ़ को पराजय का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल मैच में दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार तालमेल, तेज आक्रमण और मजबूत रक्षा का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए हर पल मुकाबले को संतुलित बनाए रखा। हॉफ टाइम तक पश्चिम बंगाल की टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए थी। छत्तीसगढ़ की टीम ने लगातार आक्रमण कर गोल उतारने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, विभिन्न विभागों तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फाइनल मैच देखने के लिए मैदान में पहुंचे थे।

रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स में नया इतिहास रचा

रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स के लिए एक नया अध्याय लिखा वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने लंबी कूद में 7 मीटर की दूरी तय की लक्षद्वीप में कोई सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक नहीं है, इसलिए अब्दुल मिट्टी के गड्ढों में अपनी लंबी कूद का अभ्यास करते हैं रायपुर अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया। कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''  मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया। फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''  दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला। फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”  लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता। मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं।   उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''

बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षता रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।

हनुमान जी का जीवन: मुख्यमंत्री साय ने साझा की उनकी प्रेरणादायक कथा

अनन्य रामभक्त हनुमान जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक- मुख्यमंत्री साय राम नाम से गुंजायमान हुआ नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के स्टेशन चौक स्थित नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में आयोजित हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम के अनन्य भक्त हनुमान का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। बल, बुद्धि और विद्या के दाता हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि हमारे जीवन में निष्ठा, सेवा और समर्पण कैसा होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का भूमिपूजन किया। राम कथा के दौरान नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर राम नाम से गुंजायमान हो उठा।  मुख्यमंत्री ने नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में विधि-विधान से हनुमान का दर्शन और आरती पूजन किया। उन्होंने हनुमान जी से छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 01 से 05 अप्रैल तक नर्मदा कुंड मंदिर में स्वामी राजीव लोचन दास जी द्वारा राम कथा का भी आयोजन किया जा रहा है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय को कहा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। रामायण काल में वर्णित दंडकारण्य अबूझमाड़ क्षेत्र का इलाका है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रभु रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। 5 हजार से अधिक बुजुर्ग विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रा के लिए 19 जगहों को चिन्हांकित किया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी हमने धर्मांतरण रोकने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत देश के सभी प्रदेशों से कठोर नियम बनाए गए हैं। इन कड़े प्रावधानों से निश्चित ही धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। गौ माता के भी संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है। इसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया गया है। सुरभि गौधाम में गौमाता के लिए चारे और अन्य व्यवस्था के साथ ही गौपालकों को गोबर के विभिन्न उत्पाद के निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में 10 सुरभि गौधाम के साथ प्रदेश में 330 गौधाम का निर्माण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा,विधायक किरण सिंहदेव और पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास जी, राम गर्ग, श्रीमती विभा अवस्थी सहित गणमान्यजन और भक्तगण उपस्थित थे।