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मुख्यमंत्री साय ने जशपुर में दुलदुला छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य: प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में पहुँचकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का अवसर है कि मुझे छठ पर्व में सम्मिलित होने का अवसर मिला।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह से ही उन्हें जनसेवा का अवसर मिला है, और वे क्षेत्र के विकास एवं जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री साय ने दुलदुला क्षेत्रवासियों की माँग पर छठ घाट के सौन्दर्यीकरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी छठ पर्व तक दुलदुला छठ घाट का सौन्दर्यीकरण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुनकुरी छठ घाट का सौन्दर्यीकरण लगभग ₹5 करोड़ 17 लाख की लागत से किया गया है, जहाँ इस वर्ष व्रती महिलाएँ पूर्ण श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित छठ व्रत करने वाली महिलाएँ, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महासमुंद जिले के 323 तीर्थयात्री मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत निकल पड़े प्रयागराज-काशी यात्रा पर

विधायक श्री सिन्हा ने फूल माला पहनाकर तीर्थयात्रियों को दी शुभकामना महासमुंद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले के पांचों विकासखंडों से आज कुल 323 श्रद्धालु 18 बसों के माध्यम से पवित्र तीर्थस्थलों — प्रयागराज, हनुमानगढ़ एवं काशी विश्वनाथ — के दर्शन हेतु रवाना हुए। यह पांच दिवसीय यात्रा 27 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की गई है। रवाना होने के पूर्व सभी श्रद्धालुओं का मेडिकल चेक अप कराया गया। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने ध्वज दिखाकर श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए रवाना किया। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी, श्री येतराम साहू, श्री पवन पटेल, श्री महेंद्र सिक्का, श्री राजू चंद्राकर, श्री माखन पटेल, श्री मीना वर्मा, श्री रिंकू चंद्राकर, श्री शरद मराठा, श्री राकेश चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज कल्याण विभाग, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। विधायक श्री सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा आरंभ की गई थी, किंतु पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में यह योजना बंद रही। वर्तमान में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस जनकल्याणकारी योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को फूल माला पहनाकर और तिलक लगाकर शुभकामनाएं दी।  ज्ञातव्य है कि योजना अंतर्गत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु तीर्थ यात्रा के पात्र हैं। यदि पति-पत्नी साथ यात्रा करना चाहें तो उनमें से एक को आयु सीमा में छूट दी जाती है। योजना के तहत प्रत्येक माह पात्र श्रद्धालुओं को शासन द्वारा निर्धारित तीर्थस्थलों का निःशुल्क दर्शन कराया जाएगा। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है । यात्रा के दौरान आवागमन, ठहरने एवं भोजन की सभी व्यवस्थाओं का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाता है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा, बल्कि समाज और संस्कृति से उनका आत्मिक जुड़ाव भी सुदृढ़ होगा। महासमुंद जनपद से 52, बागबाहरा से 47, पिथौरा से 50, बसना से 40, सरायपाली से 43, नगरपालिका महासमुंद से 50, बागबाहरा से 6, सरायपाली से 15, तुमगांव से 6, पिथौरा से 6 तथा नगर पंचायत बसना से 5 श्रद्धालु शामिल हैं। इनके साथ कुल 9 अनुरक्षक भी यात्रा पर गए हैं। इस तीर्थ यात्रा से श्रद्धालुओं में उत्साह एवं श्रद्धा का भाव देखा गया। श्रद्धालु सुखिया ध्रुव,मचेवा, दुलारी साहू, बागबाहरा से फौज सिंह और ठाकुर दीवान,पिथोरा की रेखा प्रधान सहित सभी श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस जनकल्याणकारी योजना को जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

संस्कृति, इतिहास और अध्यात्म का संगम जहां इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है

रायपुर, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) केवल एक पुरातात्त्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। सिरपुर का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। यहाँ भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष मिले हैं। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का उल्लेख अपनी यात्राओं में किया है, जिससे इसकी अंर्तराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है। यह नगर धार्मिक सहिष्णुता और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के अवशेष प्राप्त हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनी रहे। डिजिटल टूर, क्यूआर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग हो रहा है। सिरपुर बौद्ध, जैन और हिन्दू स्थापत्य कला का त्रिवेणी संगम है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर है जो वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। आनंदप्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र है, जहाँ चीन से आए भिक्षु रह चुके हैं। गंधेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है, जिसमें अनेक मूर्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। 1872 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा सिरपुर के अवशेषों की खोज की गई थी। इसके बाद यहाँ अनेक उत्खनन कार्य हुए, जिनमें बुद्ध, विष्णु, शिव और जैन परंपराओं के असंख्य साक्ष्य मिले। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विद्वान भी सिरपुर को एशिया की बौद्ध धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं।     हर वर्ष आयोजित होने वाला सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं। यहाँ ईको-ट्रेल, हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और स्थानीय भोजनालयों की योजनाएँ चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय समुदाय को रोजगार मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले। विद्यार्थियों के लिए सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है।     साय सरकार ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विजन 2047 के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचा, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। सिरपुर की पुरातात्त्विक संरचनाओं को संरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। यहाँ के मंदिर, विहार, मूर्तियाँ और जीवंत परंपराएँ हमें यह सिखाती हैं कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता, कला और ज्ञान का संगम है। सिरपुर सचमुच वह स्थान है जहाँ इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है।

सोशल मीडिया पर साड़ी बेचने के बहाने ठगे 50 करोड़, पुलिस ने साइबर गिरोह का किया भंडाफोड़

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है. इंस्टाग्राम पर साड़ी बेचने के नाम पर हुई एक छोटी-सी ऑनलाइन ठगी के मामले ने पुलिस को 50 करोड़ रुपए के बड़े साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह तक पहुंचा दिया. छोटी शिकायत, बड़ा खुलासा मामला खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा की शिकायत से शुरू हुआ. छात्रा ने पुलिस को बताया था कि उसने इंस्टाग्राम पर एक ऑनलाइन पेज से साड़ी खरीदी और पेमेंट करने के बाद उसके साथ ₹64,000 की ठगी हो गई. पहली नज़र में यह एक छोटा मामला लग रहा था, लेकिन खैरागढ़ साइबर सेल ने जब इंस्टाग्राम पेज, पेमेंट ऐप और बैंक खातों की गहन जांच शुरू की, तो ठगी के एक बड़े जाल का पता चला. ‘100 बुक’ गेमिंग ऐप के जरिए भी ठगी जांच में सामने आया कि इस फ्रॉड के पीछे मुंबई के डोम्बिवली और कल्याण में सक्रिय एक बड़ा गैंग काम कर रहा था. ये शातिर ठग इंस्टाग्राम पर साड़ी बेचने के फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे. चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग “100 बुक” नाम का एक ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप भी चला रहे थे, जिसके जरिए ठगी के इस काले कारोबार को और बड़ा किया जा रहा था. ₹50 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 100 से ज्यादा फर्जी खाते साइबर सेल ने जब आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया, तो सामने आया कि गिरोह ने ठगी के लिए 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते बना रखे थे. इन खातों के माध्यम से ही करीब ₹50 करोड़ का बड़ा लेन-देन हुआ था. डिलीवरी ब्वॉय बनकर की गई रेकी, फिर छापा गिरोह की धरपकड़ के लिए खैरागढ़ पुलिस की टीम ने 7 दिन तक मुंबई में डेरा डाला. टीम ने आरोपियों की पहचान और ठिकाने की पुष्टि के लिए खुद को ‘डिलीवरी ब्वॉय’ बताकर इलाके में रेकी की. सही मौका देखकर, पुलिस ने डोम्बिवली के दो फ्लैटों में एक साथ छापा मारा और 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान गिरफ्तार किए गए आरोपियों में महाराष्ट्र और बिहार के निवासी शामिल हैं, जिनके नाम गौतम पंजाबी, पवन सुरूसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अमोल दिवनाने, अभिषेक डंबडे और मनोज मुखिया बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इनके पास से 5 लैपटॉप, 14 मोबाइल, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए हैं. राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि सभी आरोपियों पर संगठित अपराध और जुआ अधिनियम (Gambling Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके ठगी के तरीकों की और कड़ियां तलाश रही है. खैरागढ़ पुलिस की इस पेशेवर कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी देश के किसी भी कोने में क्यों न छिपे हों, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुंचेंगे.

सुरक्षा से विकास तक: नक्सल प्रभावित इलाकों में बदली तस्वीर

बीजापुर बीजापुर जिले के थाना भोपालपटनम क्षेत्रान्तर्गत कैम्प कांडलापर्ती-2 और थाना फरसेगढ़ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पील्लूर में नवीन सुरक्षा और जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई है. यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए की गई है. विपरीत मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इन कैम्पों की स्थापना सफलतापूर्वक की. यह कदम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि क्षेत्रीय विकास की गति को भी सशक्त करेगा. अंतर्राज्यीय सम्पर्क और आधारभूत संरचना का विस्तार भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली को जोड़ने की दिशा में यह एक अहम प्रगति है. आगामी समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के ग्रामों को सड़क और अन्य सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा. सुरक्षा और विकास का समन्वय कैम्प की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी सुविधाएं सुलभ होंगी. इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय उपलब्धियां वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 21 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए हैं. इन प्रयासों के फलस्वरूप 599 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 196 माओवादी अलग अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं तथा 986 माओवादियों को सुरक्षा बलो की कार्यवाही में गिरफ्तारी हुई है. सुरक्षा बलो के द्वारा किये जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप बस्तर संभाग मे 210 माओवादियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किये है, यह नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी रणनीतिक सफलता है. प्रशासनिक नेतृत्व और सहयोग जिला बीजापुर के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने के लिए बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पी., शालिन महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स छ.ग. सेक्टर रायपुर, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, बी0एस0नेगी उप महानिरीक्षक (परि) सीआरपीएफ रेंज बीजापुर के मार्ग-दर्शन एवं डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव पुलिस अधीक्षक जिला बीजापुर, मोहित कुमार कमांडेंट केरिपु 22 बटालियन, के डी जोशी कमांडेंट केरिपु 214 बटालियन, विजेंद्र सिंह कमांडेंट केरिपु 222 बटालियन, अमित कुमार, कमांडेंट 153 सीआरपीएफ अशोक कुमार कमांडेंट कोबरा 210, पुष्पेन्द्र कुमार कमांडेंट कोबरा 206, रविन्द्र कुमार मीणा अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स बीजापुर, अमन कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स बीजापुर, संजय ध्रुव अति0 पुलिस अधीक्षक, मनोज तिर्की उप पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी भोपालपटनम घनश्याम कामड़े, कुलदीप सिंह डीसी ऑप्स बीजापुर की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत जिला बीजापुर थाना भोपालपटनम क्षेत्र के ग्राम कांडलापर्ती-2 में दिनांक 24/10/2025 एवं थाना फरसेगढ़ क्षेत्रअंतर्गत ग्राम पिल्लूर मे दिनांक 27/10/2025 को नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया. नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अन्तर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आयेगी एवं आप-पास क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे कि सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधायें मिल पायेगा. नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है. विकास की गति वर्ष 2023-24 और 2024-25 में अब तक जिले में कुल 43 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं. “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी और अन्य जन-सुविधाओं का तीव्र विस्तार हुआ है.

मुख्यमंत्री साय अग्रसेन भवन कोरबा में पगड़ी रस्म कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोरबा के अग्रसेन भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल की पगड़ी रस्म कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय अग्रवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा अग्रवाल एवं उनके परिवार के लोगों से भेंट कर उन्हें ढाढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल का जीवन जनसेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने सदैव कोरबा जिले के विकास और जनता की भलाई के लिए कार्य किया। उनकी सादगी, विनम्रता और सामाजिक संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने स्वर्गीय अग्रवाल के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल,  विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, महावीर अग्रवाल,  बजरंग लाल अग्रवाल, बिहारी लाल अग्रवाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ में: शांति शिखर में करेंगे ध्यान, प्रशासन ने दौरे को यादगार बनाने की पूरी तैयारी की

रायपुर   छत्तीसगढ़ के लिए 1 नवम्बर को दिन खास होने वाला है। राज्य अपना 25वां रजत जयंत वर्ष मनाएगा। 5 दिन तक अलग-अलग आयोजन होंगे। सबसे खास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा रहेगा। वे छत्तीसगढ़ के 5 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को यादगार बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। पीएम के स्वागत के लिए राज्योत्सव स्थल पर 1 किलोमीटर लंबा परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री परिक्रमा पथ में रथ पर सवार होंगे। पीएम का सुबह से शाम तक व्यस्त दौरा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सुबह से शाम तक सबसे व्यस्त दौरा रहेगा। वे सुबह 7. 35 मिनट में दिल्ली से रवाना होंगे और शाम 6.35 मिनट में वापस दिल्ली पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में 6 घंटे 35 मिनट का समय बिताएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर भवन का उद्घाटन भी करेंगे। यहां वे दो मिनट का ध्यान भी लगाएंगे। सुबह 7.35 बजे दिल्ली से रवाना होकर 9.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। सुबह 10.00 बजे सत्य साईं अस्पताल पहुंचेंगे। 10.35 बजे तक दिल की बात करेंगे। सफल ऑपरेशन वाले 2500 बच्चों से चर्चा करेंगे। 10.45 से 11.30 बजे तक प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर भवन का लोकार्पण करेंगे। 11.45 से दोपपहर 1.15 बजे तक विधानसभा के नए भवन और अटल जी की प्रतिमा का लोकार्पण। दोपहर 1.30 से 2.15 बजे तक आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ करेंगे। 2.30 से 4.00 बजे तक राज्योत्सव का शुभारंभ और सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4.00 बजे एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। साथ में लगाएंगी ध्यान: शांति शिखर के मेडिटेशन हॉल में पीएम मोदी सोफा पर बैठकर दो मिनट तक ध्यान में नजर आएंगे। इस दौरान माउंट आबू से अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका जयंती दीदी, अतिरिक्त महासचिव मृत्युंजय भाई, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश इंचार्ज हेमलता दीदी, जयंती दीदी, आशा दीदी ऊषा दीदी और साविता दीदी पीएम के साथ ध्यान लगाएंगी।

बेमेतरा हादसा: बेकाबू कार ने ली तीन की जान, गुस्साई भीड़ ने आरोपी के घर को घेरा

बेमेतरा रविवार देर रात छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में रईसजादे की रफ्तार का कहर देखने को मिला है। आरोपी चालक ने तीन लोगों को अपने वाहन से रौंद दिया। इस घटना में तीन लोगों को मौत हुई है। वही, 5 लोग गंभीर रूप से घायल है।   गंभीर को देर रात रायपुर रैफर किया गया है। दूसरी ओर इस घटनाक्रम के बाद लोग भड़क उठे व बिजनेसमैन के घर को अचानक घेराव कर दिया। घर में तोड़फोड़ व वाहन को नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं दूसरी तरफ  आज सोमवार को घटना के विरोध में बेमेतरा बंद का आह्वान किया गया है। इसके अलावा मृतक के परिजनों ने देर रात शव को शहर के सिग्नल चौक में रखकर प्रदर्शन किए है। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। मिली जानकारी अनुसार फोर व्हीलर चालक ने भीड़ भरी सड़क पर बेकाबू होकर एक के बाद एक पांच वाहनों को टक्कर मार दी। तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने स्थिति को अपने कंट्रोल में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। बेमेतरा एसएसपी रामकृष्ण साहू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सब्जी मंडी में लगी भीषण आग से मचा हाहाकार

बलौदाबाजार भाटापारा की सब्जी मंडी में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे मंडी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि मंडी में रखे प्लास्टिक के बास्केट और अन्य सामान के कारण आग तेजी से फैल गई. देखते ही देखते धुआं आसमान में फैल गया, जिससे पूरा इलाका काले गुब्बार से ढक गया. घटना की सूचना मिलते ही नगरपालिका भाटापारा और जिला मुख्यालय से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गईं. आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. आग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, नगरपालिका अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस घटना में व्यापारियों को लाखों रुपए के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. फिलहाल दमकल कर्मी आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास में लगे हुए हैं.

सांध्य अर्घ्य आज: छठ व्रत की रस्मों में घाट पर श्रद्धालुओ का ताता

रायपुर उत्तर भारत के महापर्व छठ को लेकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत पूरे प्रदेशभर में तैयार हो चुका है. नहाए खाए में सात्विक भोजन खाकर व्रतियों ने महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गई है. वहीं आज तीसरे दिन डूबते सूर्य को व्रती महिलाएं और पुरुष अर्ध्य देंगे. घरों में जहां आज मिट्‌टी के चूल्हे बनाए गए तो गेंहू, चावल धोकर सुखाए गए. बीते कल खरना के साथ ही तीन दिनों का कठिन व्रत भी शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में राजधानी रायपुर का महादेव घाट भी सजकर तैयार हो गया है. बता दें कि बिलासपुर के पूर्व छठ घाट में सुबह से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. यहां छठ पूजा को लेकर समिति द्वारा भव्य तैयारी किया गया है. तो वहीं, दुर्ग जिले में भी इस पावन पर्व को लेकर शहर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है. दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी घाटों में पहुंचकर वहां की तैयारियों का निरीक्षण कर जायजा लिया है. तालाबों की सफाई, घाट की रंग रोंगन के साथ ही भिलाई के 20 और दुर्ग में 10 से ज्यादा तालाबों में व्रती आज शाम डूबते सूर्य को अर्घ देंगे. वही मंगलवार की सुबह उगते सूर्यदेव की आराधाना के बाद यह व्रत पूरा होगा. इधर सुपेला, छावनी, बैंकुठधाम, सूर्य कुंड, कोहका, मुक्तिधाम तालाबों में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है. सुपेला के सबसे पुराने तालाब में अभी भी सफाई का दौर चल रहा है. वहीं बाजार भी दौरा, सूपा, मौसमी फल, पूजन सामग्री, पारंपरिक दीए सहित अन्य सामग्रियों से भर गया हैं. रात को भी तालाबों में विशेष रौशनी की गई है. खासकर सेक्टर-2, सेक्टर-7, राधिका नगर, बैंकुठधाम तालाबों में विशेष तैयारियां की जा रही है.