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नगर पालिका की सफाई के दौरान तालाब में लाश बरामद, पुलिस कर रही मामले की जांच

कोंडागांव नगर पालिका की सफाई टीम को मंगलवार सुबह उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब नियमित सफाई अभियान के दौरान बंधा तालाब में एक शख्स का शव मिला। नगर पालिका के कर्मचारी तालाब से जलकुंभी हटाने के लिए जेसीबी मशीन से सफाई कर रहे थे, तभी अचानक जलकुंभी के बीच फंसा हुआ शव पानी की सतह पर तैरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान कोंडागांव निवासी कमल सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। नगर पालिका कर्मचारी संतोष ने बताया कि सुबह सफाई के दौरान जलकुंभी के बीच कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। नजदीक जाकर देखने पर कर्मचारियों को शव नजर आया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव को अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई, जो मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि युवक की मौत दुर्घटनावश पानी में डूबने से हुई या फिर किसी अन्य कारण से। घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।

गढ़चिरौली में 1.5 करोड़ के इनामी नक्सली भूपति ने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया

बस्तर छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। संगठन के केंद्रीय कमेटी मेंबर (सीसीएस) सोनू दादा उर्फ भूपति ने 60 साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि खूंखार नक्सली भूपति पर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम था। नक्सलियों ने लगभग 50 हथियार भी गढ़चिरौली पुलिस के हवाले किए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 3 DKSZC मेंबर और 10 DVCM सदस्य शामिल हैं। यह माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। खूंखार नक्सली भूपति पांच राज्यों की पुलिस के निशाने पर था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा पुलिस तलाश कर रही थी। कई बड़ी नक्सली घटनाओं शामिल में रहा है। भूपति गढ़चिरौली में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर भी था। ये नक्सली हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की बात पहले की कह चुके थे। सोनू दादा के बयान के बाद नक्सलियों में दो फाड़ हो गई थी। अब कई और नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ जारी की जा रही है। नक्सलियों को लीडर करने वाले सीसीएम मेंबर ने आज अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया, इस समर्पण के साथ ही नक्सली टीम पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। अब गिने चुने ही टॉप नक्सली बचे हुए है, जो पुलिस के टॉप लिस्ट में है, उन्हें भी सरेंडर करने की बात कही जा रही है। बता दें कि नक्सली संगठन के शुरुआत से ही सोनू दादा उर्फ भूपति उसका बड़ा भाई किशन जी, भाभी सुजाता के अलावा सोनू दादा की पत्नी जुडी हुई थी, जहां लंबे समय से पूरा परिवार नक्सलियों की विचारधारा से जुड़कर काम कर रहे थे। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर के अलावा राज्य हर बड़ी घटनाओं में शामिल थे। धीरे-धीरे इनका नाम हर जगह गूंजने लगा। टॉप लीडर किशन जी का छोटा भाई था भूपति नक्सलियों के टॉप लीडर किशन जी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया। किशन जी की मौत के बाद उनकी पत्नी सुजाता काफी अकेले हो गई, जिसके बाद उसने तेलंगाना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं सोनू दादा की पत्नी तारक्का ने भी करीब छह माह पहले गढ़चिरौली में आत्मसर्पण कर दिया था। पत्नी के बार-बार सोनू दादा को आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, जिसके बाद सोनू ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। ब्राह्मण परिवार से है सोनू दादा बता दे कि सोनू दादा ब्राह्मण परिवार से है, 67 वर्षीय सोनू दादा का असली नाम मल्लोजूला वेणुगोपाल राव है। वहीं  सोनू दादा के कई नाम भी हैं, जिसमें सोनू उर्फ विवेक उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा उर्फ भूपति है, सोनू दादा ने बी काम करने के साथ ही आईटीआई भी कर चुके है। सोनू दादा सीसीएम, पीबीएम, सीआरबी सचिव, प्रवक्ता सीपीआई माओवाद भी रह चुके हैं। टूट गई संगठन देखा जाए तो भूपति उर्फ सोनू दादा ने संगठन में हर बड़े से बड़े घटनाओं में शामिल होकर काम किया, लेकिन लगातार संगठन में चल रहे दो फाड़ के चलते सोनू दादा अकेले हो गए। वहीं सोनू ने अपने दुख को साझा करते हुए कुछ दिन पहले समर्पण करने की बात कही और आखिरकार आज समर्पण कर दिया। मिशन 2026 का डर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 में नक्सलियों के खात्मे की बात कही गई है। वहीं लगातार नक्सलियों के लीडर के खिलाफ चल रहे मुहिम के चलते किशन जी एनकाउंटर में मारा गया, सुजाता ने सरेंडर कर दिया, बसवराज भी मारा गया, नक्सली संगठन के टूट जाने से अब सोनू दादा उर्फ भूपति ने भी सरेंडर कर दिया। पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया इससे पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसमें 21 महिला नक्सली और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे। सरेंडर करने वाले 30 नक्सलियों पर 64 लख रुपए का इनाम था। डेढ़ साल में करीब 400 नक्सली मारे गए हैं। इनमें बस्तर के नक्सली ज्यादा हैं।

धर्मांतरण और चंगाई पर कड़ा रुख, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया बड़ा ऐलान

रायपुर मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर चर्चा की गई, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ जल्द सख्त कानून आएगा, जो देश में सबसे सशक्त कानून होगा. चंगाई सभा बंद होना चाहिए, यह लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है. प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3-4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाई थी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने सभी एसपी को हिदायत दी है. जिनका परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है, उन्हें परफॉर्मेंस सुधारने का आखिरी मौका दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं होने पर निर्णय लिया जाएगा. कांग्रेस के बयान पर पलटवार बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं के जाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पदयात्रा का विषय अच्छा है और भाव भी अच्छा है, लेकिन कांग्रेस नेता को यह भी बताना चाहिए कि उनके नेता ने जो पदयात्रा की थी, उसका परिणाम क्या निकला. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे जाएंगे, यह कांग्रेस छोड़ दें. हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. सीटों का बंटवारा भी पूरी तरह से हो चुका है और हम पूरी ताकत के साथ एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि वे वहां जाकर वास्तव में लड़ाई करेंगे या टिकट बेचेंगे, उम्मीद है कि इस बार वे कुछ अच्छा करेंगे.

सुरक्षा बलों ने नाकाम किया नक्सलियों का प्लान, कर्रेगुट्टा में भारी हथियारों का जखीरा मिला

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. ताड़पाला बेस कैम्प के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के हथियारों का जखीरा मिला है. कार्रवाई में नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किए गए 5 आईईडी को बरामद किया गया है. दरअसल, उसूर थाना अंतर्गत क्षेत्र ताड़पाला बेस कैम्प से कोबरा 206, केरिपु 229, 153 और 196 की संयुक्त टीम ने KGH Foothills क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान दोपहर करीब 3 बजे नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बीजीएल बनाने की सामग्री बरामद किया गया. क्या-क्या हुआ बरामद ? 51 नग जिंदा बीजीएल 100 बंडल एचटी एल्युमिनियम तार स्टील पाइप 50 नग (बीजीएल निर्माण के लिए) भारी मात्रा में बिजली का तार 20 नग लोहे की शीट (बीजीएल निर्माण के लिए) 40 नग लोहे की प्लेट (बीजीएल निर्माण के लिए) 5 IED बरामद जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 5 आईईडी भी बरमाद किए गए.  इसके बाद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) टीम ने मौके पर आईडी को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया.

छत्तीसगढ़/नक्सल प्रभावित क्षेत्र: भाजपा कार्यकर्ता को उतारा मौत के घाट , पर्चा छोड़कर फरार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम की हत्या कर दी है. इस घटना की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की माड़ेड़ एरिया कमेटी ने ली है. बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र ने मामले की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, घटना थाना इलमिडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुंजाल कांकेर की है. भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम काफी समय से नक्सलियों के निशाने पर था. उन्होंने कई बार चेतावनी भी दी थी. बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात करीब 4 से 5 नक्सली सादे वर्दी में पूनम के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने पास रखे रस्सी से गला घोंटकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी. वारदात के बाद नक्सलियों ने शव के पास पर्चा फेंका है. इसमें मद्देड एरिया कमेटी ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है. एसपी ने की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ.जितेंद्र ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल के लिए बल रवाना कर दिया गया है. क्षेत्र में सर्चिंग जारी है. भाजपा कार्यकर्ता की हत्या मामले पर गृहमंत्री शर्मा का बयान नक्सलियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की घटना की गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने स्पष्ट कह दिया है कि नक्सलवाद समाप्त होना चाहिए. बड़े नक्सलियों के समूह भी नक्सवाद को खत्म करना तय कर लिया है. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि लगभग सालभर पहले नक्सली महिला ने गढ़चिरौली (छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा) में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद उसके पति ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा को अपना लिया. इस वक्त बस्तर में बहुत सारी गतिविधियां चल रही है. आने वाले समय में मुख्यधारा में शामिल होने वालों का स्वागत किया जाएगा. उन्हें सरकारी नीति के तहत व्यवस्थाएं दी जाएगी. और जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, उनसे निपटने के लिए सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से जुटें हैं.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’, जिलों के नवाचारों पर हुई गहन चर्चा

रायपुर,   मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो – मुख्यमत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों।  उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें। स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख मुख्यमंत्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके। ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है। फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी। जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया। कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है। सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने … Read more

यात्रियों के लिए खुशखबरी: त्योहारों पर चलेंगी 5 पूजा स्पेशल ट्रेनें, जानिए कैसे करें आरामदायक सफर की बुकिंग

बिलासपुर दीपावली, छठ पूजा और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है. रेलवे का उद्देश्य है कि लोग त्योहारों में घर तक आसानी से और आराम से पहुंच सकें, टिकट को लेकर परेशान हुए बिना. रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में यात्रियों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर कंफर्म सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान सीट की अनिश्चितता खत्म होगी और लोगों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव मिलेगा. प्रमुख फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत विवरण 1. बिलासपुर–यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08261/08262) : यह ट्रेन 9 सितंबर से 18 नवंबर 2025 तक कुल 22 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08261 (बिलासपुर–यलहंका): हर मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08262 (यलहंका–बिलासपुर): हर बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन में एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. और मुख्य ठहराव बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया हैं. 2. दुर्ग–सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08763/08764) यह ट्रेन 13 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 12 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08763 (दुर्ग–सुल्तानपुर): हर शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08764 (सुल्तानपुर–दुर्ग): हर रविवार को चलेगी. यात्रियों के लिए एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में सीटें उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 3. दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08760/08761) दिल्ली की ओर यात्रा करने वालों के लिए यह विशेष ट्रेन 5 अक्टूबर से 24 नवंबर 2025 तक 8 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08760 (दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन): हर रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08761 (हजरत निजामुद्दीन–दुर्ग): हर सोमवार को चलेगी. इसमें एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर श्रेणियों में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 4. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–जयनगर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08869/08870) यह ट्रेन 16 अक्टूबर से 8 नवंबर 2025 तक बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08869 (इतवारी–जयनगर): हर गुरुवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08870 (जयनगर–इतवारी): हर शनिवार को चलेगी. इसके मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं. 5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–शालीमार पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08865/08866) यह ट्रेन यात्रियों को कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त फेरे में चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी–शालीमार): 13 और 20 अक्टूबर (सोमवार).     गाड़ी संख्या 08866 (शालीमार–इतवारी): 14 और 21 अक्टूबर (मंगलवार). इस ट्रेन के मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं.

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल बोले, 1-2 दिन में तय होगा बिहार महागठबंधन का सीट बंटवारा

रायपुर एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब सब की नजर महागठबंधन पर है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष दिल्ली में हैं। वहीं कांग्रेस के भी कई प्रमुख नेता दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। वहीं बैठक से पहले कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने बिहार में महागठबंधन के सीट बंटवारे पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह 1-2 दिन में हो जाएगा। सारी तैयारी हो चुकी है, ये जल्दी हो जाएगा। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार के विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, संगठित व समर्पित एनडीए…आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए परिवार के सभी सदस्यों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से सीटों का वितरण पूर्ण किया, जो कि इस प्रकार है– भाजपा – 101 सीट जदयू – 101 सीट लोजपा (रामविलास) – 29 सीट रालोमो – 06 सीट हम – 06 सीट आज दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। इसके बाद संभावना है कि शाम तक सीट बंटवारे की घोषणा हो जाएगी। हालांकि कई सीटों पर कांग्रेस और राजद के बीच पेज फंसा हुआ ही है। इसलिए कांग्रेस ने इस बार अलग-अलग नीति बनाने शुरू कर दी है। 2020 के विधानसभा के तरह ही इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी पूरी तरह से तैयार कर ली है। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मोहर भी लग जाएगी। सूत्र बता रहे हैं कि राजद और वामदल अब भी कांग्रेस को 70 सीट देने के लिए तैयार नहीं हैं।  

वन विभाग की कार्यप्रगति पर CM साय की समीक्षा, कलेक्टर-डीएफओ बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में कलेक्टर्स और डीएफओ कॉन्फ्रेंस चल रही है. मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय बैठक में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, अपर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं. 7 से 15 दिनों के भीतर हो तेंदूपत्ता का भुगतान : सीएम साय सीएम साय ने वनों से आजीविका के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने पर चर्चा की. उन्होंन कहा कि तेंदूपत्ता का भुगतान सात से 15 दिनों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए. सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें. भुगतान की जानकारी sms के माध्यम से संग्राहक के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की जाए. लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहक को जानकारी ऑनलाइन मिली. सीएम ने कहा, तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की पहल हो. सीएम साय ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी ली और आने वाले सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए. इससे पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है. इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.