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क्लासरूम में घुसा विशाल अजगर , छात्रों में मची अफरातफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन सफल

कोरबा SECL स्थित आत्मानंद स्कूल की कक्षा 9वीं में सुबह-सुबह क्लास के दौरान अचानक जोर की फुंकार से बच्चे सहम गए. नीचे झांक कर देखा तो, विशालकाय अजगर बैठा मिला. इस मंजर को देखते ही बच्चों में हड़कंप मच गया. अजगर मिलने की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल वन विभाग से संपर्क कर स्नैक कैचर को बुलाया. सर्प विशेषज्ञ उमेश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सतर्कता के साथ अजगर को काबू में लिया गया. अजगर को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ा गया, जिसके बाद रेस्क्यू के बाद शिक्षकों और छात्रों ने राहत की सांस ली. स्कूल में सांप के घुसने से स्कूली बच्चों में दहशत का माहौल है. घर के तबेले में मिला जहरीला सांप इससे पहले बीती रात (शुक्रवार) कोरबा के बालको नगर, जामबहार क्षेत्र में भी एक घर में कोबरा सांप निकला. सुनील उरांव के घर के तबेले में करीब 5 फीट लंबा जहरीला नाग (कोबरा) दिखाई दिया. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए स्थानीय सर्प मित्र सोमैया पांडेय और उमेश यादव की टीम को सूचना दी. टीम ने मौके पर पहुंचकर नाग को सुरक्षित तरीके से पकड़ा. सांप को पकड़ने की प्रक्रिया के दौरान वह काफी आक्रामक हो गया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. कुछ समय के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण यह दृश्य देखने के लिए मौके पर जमा हो गए. वन विभाग ने दोनों सांपों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा है.

सिमगा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सिटी सर्विलांस का शुभारंभ

रायपुर : अपराध नियंत्रण में नई तकनीक एक सशक्त कदम सिमगा में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया सिटी सर्विलांस का शुभारंभ अत्याधुनिक 40 सीसीटीवी कैमरों से शहर की हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शुक्रवार को बलौदाबाज़ार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने थाना परिसर में स्थापित सीसीटीवी सिटी सर्विलांस कक्ष का अवलोकन कर नगर की निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कलेक्टर  दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता, जनपद अध्यक्ष  दौलत राम पाल, जनपद सदस्य  चंद्रप्रकाश टोंड्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर रही है। सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस की शुरुआत इस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिमगा नगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जहां कई औद्योगिक इकाइयाँ संचालित हैं और विभिन्न प्रांतों से लोग आते-जाते रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना के तुरंत बाद उसकी पहचान और अपराधियों की तलाश अब सीसीटीवी नेटवर्क से सहज और तेज़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में 40 उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन-रात समान रूप से कार्य करने में सक्षम हैं और वाहन के नंबर प्लेट तक को स्पष्ट रूप से कैद कर सकते हैं। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सिटी सर्विलांस व्यवस्था शहर की “तीसरी आँख” साबित होगी। अब किसी भी घटना पर तुरंत निगरानी रखी जा सकेगी और अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को ठोस सबूत मिल सकेंगे। कार्यक्रम में कलेक्टर  दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता ने भी इस पहल को शहर की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र से न केवल अपराधों में कमी आएगी बल्कि लोगों में भी सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  हेमसागर सिदार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पंचायत अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सिटी सर्विलांस की यह पहल सिमगा को तकनीकी रूप से सशक्त और सुरक्षित नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर में अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव का आगाज़, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव का किया शुभारंभ एचएनएलयू में कोलोसस और आईएमयूएनसी का आयोजन, देशभर के 65 विश्वविद्यालयों के 500 युवा कर रहे हिस्सेदारी विभिन्न खेलों, साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन मंथन, कूटनीति और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदारी के लिए प्रेरित करने अंतरराष्ट्रीय मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का भी आयोजन रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) में अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव एचएनएलयू कोलोसस और आईएमयूएनसी-2025 (HNLU Colossus and IMUNC-2025) का शुभारंभ किया। 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के 65 विधि विश्वविद्यालयों के 500 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। विधि की पढ़ाई कर रहे देश के अनेक शहरों से नवा रायपुर में जुटे युवा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं तथा साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी करेंगे। वे मंथन, कूटनीति और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदारी के लिए विधि के छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने आयोजित अंतरराष्ट्रीय मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (International Model United Nations Conference) में भी हिस्सेदारी करेंगे।  साव ने मशाल जलाकर कोलोसस और आईएमयूएनसी का उद्घाटन करने के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया।  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शुभारंभ समारोह में देशभर के विधि छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान राम का ननिहाल है। यहां की धरती बहुत खूबसूरत और ऐतिहासिक है। सभी कालों में छत्तीसगढ़ का उल्लेख मिलता है। यहां की उर्वरा, वन और खनिज संपदा से भरी धरती में कोयला से लेकर हीरा तक विद्यमान हैं। यहां के जंगल बहुत सुंदर और विविधताओं से भरे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोग बड़े सपने लेकर विधि की पढ़ाई कर रहे हैं। हमारे शरीर और मन की क्षमताएं असीम हैं। आज शिखर पर पहुंचे लोग भी कभी आपके और हमारे जैसे साधारण लोग थे।   साव ने कहा कि हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। कुछ ही वर्षों में देश में अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित की है। उन्होंने विद्यार्थियों के सामने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मिसाल रखते हुए कहा कि जीवन में असफलताओं से घबराना नहीं है। ऊर्जा, आत्मविश्वास, मेहनत और समर्पण से लक्ष्य की ओर बढ़ना है। आपके सामने सफलता का खुला आकाश है। आप दुनिया की हर ऊंचाई हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिनों का यह एचएलएनयू कोलोसस आप लोगों की क्षमता बढ़ाने, सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अच्छा अवसर है। इसका भरपूर लाभ उठाएं। आप लोग सफलता के सर्वोच्च पायदान पर पहुंचे, ऐसी मैं कामना करता हूं। उद्घाटन समारोह के विशेष अतिथि एन.एच. गोयल वर्ल्ड स्कूल, रायपुर में परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष चक्रवर्ती ने युवाओं से कहा कि आप लोग लोक संगीत को संरक्षित करने का काम करें। हमें अपनी मिट्टी की खूशबू को भूलना नहीं है। उन्होंने कहा कि आप लोग लगन, नियमित अभ्यास और परिश्रम से अपनी विधाओं में विशेषज्ञता हासिल करें। अपनी विधा के साथ ही सभी विधाओं का सम्मान करें। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में भागीदारी के लिए नवा रायपुर पहुंचे देशभर के विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन ने कहा कि एचएनएलयू कोलोसस पिछले कुछ वर्षों से देश का प्रतिष्ठित आयोजन बन गया है। अगले तीन तीनों में यहां संस्कृति, साहित्य और खेलों का वृहद संगम देखने को मिलेगा। इस आयोजन ने हमारे पूरे परिसर को बेहद जीवंत और गौरवशाली बना दिया है। रजिस्ट्रार डॉ. दीपक कुमार वास्तव, फैकल्टी कन्वीनर डॉ. अंकित सिंह और छात्र कल्याण के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश सामल ने भी शुभारंभ समारोह को संबोधित किया। एचएलएनयू के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं के साथ ही कोलोसस में भाग लेने आए अलग-अलग राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में इस दौरान मौजूद थे। विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से कानून के छात्र बिखेरेंगे अपने हुनर का जादू देश के विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में कानून की पढ़ाई कर रहे युवा विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। एचएनएलयू के इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन में विद्यार्थी अपनी कला तथा बौद्धिक व खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वे इस दौरान क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपनी चमक बिखेरेंगे। एकल व समूह गायन, नृत्य प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक और मंचीय नाटक जैसे विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में वे अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाएंगे। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को वाद-विवाद और ओपन माइक सत्रों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति, वक्तृत्व कला तथा काव्यात्मक प्रतिभा के प्रदर्शन का भी मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की

रायपुर : सुशासन की नई पहल : ऑनलाईन छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए समय-सीमा निर्धारित मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा  तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अब ऑनलाईन मिलेगी छात्रवृत्ति नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में अंतरित की जाएगी राशि रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है।  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था।  इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।  

साय सरकार की नई पहल: ऑनलाईन छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता

एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अब ऑनलाईन मिलेगी छात्रवृत्ति नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में अंतरित की जाएगी राशि रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है। श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।

कलेक्टर-विधायक से संबंधों का धौंस बताने वाली शिक्षिका के खिलाफ स्टूडेंट्स का विरोध, हटाने की मांग पर अड़े

दंतेवाड़ा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बारसूर के छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षिका को हटाने की मांग को लेकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका माधुरी उइके पिछले तीन वर्षों से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। छात्रों ने बताया कि शिक्षिका माधुरी स्कूल में उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती है और अभिभावकों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें करती हैं। जब शिकायत करने की बात करते हैं तो शिक्षिका उन्हें धमकाती है और कहती हैं कि उनके कलेक्टर और विधायक से सीधे संबंध हैं इसलिए उनका कुछ नहीं बिगड़ सकता। बच्चों का यह भी आरोप है कि महिला शिक्षिका और बीईओ बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं बच्चे छात्राओं ने बताया कि उन्होंने बीते दिन सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिक्षिका के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था और कार्रवाई की मांग की थी। शुक्रवार को वे अभिभावकों के साथ स्कूल तो पहुंचे, लेकिन कक्षाओं में जाने के बजाय स्कूल परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि जब तक शिक्षिका को स्कूल से नहीं हटाया जाता, तब तक वे क्लास में नहीं बैठेंगे। छात्रों का आरोप – शिक्षिका के व्यवहार से स्कूल का माहौल हुआ खराब छात्रों का यह भी आरोप है कि शिक्षिका के व्यवहार से स्कूल का माहौल खराब हो गया है। कई शिक्षक भी परेशान हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी छात्रों के समर्थन में धरने में शामिल हुए। उनका कहना है कि शिक्षिका की वजह से न केवल बच्चे, बल्कि कई शिक्षक भी असंतुष्ट हैं। पिछले दो वर्षों में कई कर्मचारी स्कूल छोड़ चुके हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षिका माधुरी उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, ताकि स्कूल का वातावरण दोबारा सामान्य हो सके।

PCC चीफ दीपक बैज का बयान: 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो, किसानों को मिले 3286 रुपये प्रति क्विंटल

रायपुर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। साय कैबिनेट की आज हुई बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 3100 रुपये समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 3286 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य करने की भी मांग की। बैज का कहना है कि केंद्र सरकार ने दो बार एमएसपी में बढ़ोतरी की है। इसके अलावा उन्होंने अन्य मुद्दों पर भी बयान दिया। गाय को राजमाता का दर्जा देने मुद्दे पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “गाय को राजमाता का दर्जा देने” वाले बयान पर दीपक बैज ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गाय को राजमाता का दर्जा देने की बात कहना भाजपा का पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है। गायों की लगातार मौत हुई है। 5 लाख गाय कहां चली गई, यह बताना चाहिए। कवर्धा में युवा कांग्रेस और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच विवाद पर बयान कवर्धा में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भाजयुमो कार्यकर्ताओं की ओर से मारपीट करने के मामले पर बैज ने कहा कि कवर्धा में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ भाजयुमो नेताओं की ओर से मारपीट निंदनीय है। लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने अपशब्द कहे और मारपीट की। 1 नवंबर को प्रधानमंत्री आ रहे हैं तो हम लोग भी विरोध करेंगे। मंत्री केदार कश्यप के बयान पर पलटवार मंत्री केदार कश्यप के कांग्रेस पर धान के मसले पर निशाना साधने और पश्चाताप यात्रा निकालने की सलाह पर बैज ने कहा कि पश्चाताप यात्रा तो भाजपा को निकालनी चाहिए, झूठ बोलकर 15 साल सत्ता में भाजपा रही, दो साल का बोनस भी नहीं दिया। कांग्रेस ने कर्जा माफ किया, घोषणा के मुताबिक धान खरीदा की। भाजपा सरकार किसानों के लिए नौटंकी कर रही है। जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया पर बयान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया पर मंत्री केदार कश्यप के निशान साधने के मामले पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में लोकतांत्रिक तरीके से जिला अध्यक्ष का चयन हो रहा है, हमारे यहां पर्ची से मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने का चलन नहीं है, पारदर्शी व्यवस्था है। पदाधिकारी चयन में 40 प्रतिशत महिलाओं को जगह देने के सवाल पर कहा कि दीपावली से पहले एआईसीसी को अपनी रिपोर्ट पर्यवेक्षक देंगे। महिला, युवा को 50 फीसदी पदों पर तरजीह देने की सोच है। किसान और बिजली बिल के मुद्दे पर बयान भारतीय किसान संघ के प्रदर्शन और घेराव के ऐलान के मुद्दे पर पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि किसान परेशान हैं तो नाराज तो होंगे ही, उनको समय पर खाद-बीज नहीं मिला, बिजली बिल में दो गुना बढ़ोतरी हुई है। भाजपा और संघ से जुड़ा संगठन ही प्रदर्शन कर रहा है तो समझिए कि भाजपा के भीतर भी कुछ न कुछ चल रहा है। अब सरगुजा ओलंपिक के नाम पर भ्रष्टाचार की खोली जा रही नई दुकान – बैज सरगुजा ओलंपिक और डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान को लेकर दीपक बैज ने कहा कि पहले बस्तर ओलंपिक के नाम पर खेल कराए गए, बस्तर इसलिए चुना गया ताकि भ्रष्टाचार हो। बस्तर ओलंपिक में 1400 रुपये का ट्रैक सूट 2500 रुपये में खरीदे गए। अब सरगुजा ओलंपिक के नाम पर भ्रष्टाचार की नई दुकान खोली जा रही।

छत्तीसगढ़ का गौरव: कुपोषण मुक्त अभियान में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ को देशभर में सराहना

रायपुर छत्तीसगढ़ के नवगठित आकांक्षी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ने कुपोषण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट और नवाचारी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा आयोजित “नीति फॉर स्टेट्स-यूज़ केस चौलेंज” में जिले को स्वास्थ्य एवं पोषण विषय के अंतर्गत कुपोषण प्रबंधन श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है.             इस उपलब्धि के लिए जिले की कलेक्टर तुलिका प्रजापति (भा.प्र.से.) को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबसना) में आयोजित समारोह में नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रमण्यम द्वारा सम्मानित किया गया. यह सम्मान जिले की नवाचारी पहल “सैम/मैम इन चिल्ड्रन” को दिया गया है, जिसके माध्यम से गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए सामुदायिक आधारित सशक्त मॉडल विकसित किया गया. सितंबर 2024 में प्रारंभ हुए “हमर स्वस्थ लइका” अभियान के तहत संवर्धित टेक होम राशन के प्रयोग से बच्चों की पोषण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इस पहल से बच्चों की रिकवरी दर 56 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंच गई है.             इसके अतिरिक्त, साप्ताहिक माता-पिता बैठकों के माध्यम से पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर बल दिया गया, वहीं बच्चों की साप्ताहिक प्रगति की डिजिटल निगरानी के लिए “समर्थ्य ऐप” का प्रयोग किया गया. डाइट कैलेंडर और पालक कार्ड जैसे उपकरणों से परिवारों में खाद्य विविधता और भोजन की आवृत्ति पर निगरानी रखी जा रही है. इस सफलता में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एम्स रायपुर (राज्य उत्कृष्टता केंद्र) तथा एबीस ग्रुप राजनांदगांव की संयुक्त भूमिका रही. कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने संकल्पित            मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि “यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की पोषण सुधार नीतियों के सफल क्रियान्वयन का प्रमाण है. राज्य सरकार ऐसी नवाचारी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.”            महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी जिले की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  “कुपोषण के खिलाफ यह नवाचारी प्रयास अनुकरणीय है. महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसी सफल पहलों को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में कार्य करेगा, ताकि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन मिल सके. राज्य में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इस प्रकार की पहलें प्रेरणास्रोत बनेंगी.”

हाईकोर्ट का फैसला: पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति निर्दोष, निचली अदालत ने ठहराया था दोषी

बिलासपुर पत्नी की आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट ने पति को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने निचली अदालत की सजा को निरस्त करते किया। कोर्ट ने कहा, अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया या उसके साथ ऐसी क्रूरता की, जिससे वह आत्महत्या करने को मजबूर हुई। पूरा मामला धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र का है। पवन प्रजापति की पत्नी बसंती बाई की 6 दिसंबर 2019 को घर में आग लगने से मृत्यु हो गई थी। आरोपी ने खुद पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी पत्नी आग में जल गई है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से जले हुए कपड़े, टायर के टुकड़े, माचिस, मिट्टी तेल की बोतल और अन्य सामान जब्त किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर ने बताया कि मृतका के शरीर के महत्वपूर्ण अंग 3 से 4 डिग्री तक जले थे और मौत का कारण जलने से हुई दम घुटने को बताया गया। ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी पांच साल की सजा मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) और 498-ए (पत्नी के प्रति क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया। आरोप था कि पति पवन शराब पीकर पत्नी से मारपीट करता था और यह कहकर ताना मारता था कि वह केवल बेटियां ही जन्म देती है। ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2021 में आरोपित को दोषी पाते हुए 5 साल की सजा (धारा 306) और एक साल की सजा (धारा 498ए) सुनाई थी। पत्नी ने कभी नहीं की थी पुलिस में शिकायत हाईकोर्ट में आरोपी के वकील डीएन प्रजापति ने दलील दी कि अभियोजन का पूरा मामला केवल यह कहता है कि पवन शराब पीकर पत्नी से झगड़ा करता था, पर ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि उसने जानबूझकर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया या मारपीट की वजह से उसने आत्महत्या की। उसकी पत्नी ने कभी पुलिस में शिकायत नहीं की और उनकी बेटियां या परिजनों ने भी ऐसा कुछ नहीं कहा कि घर में गंभीर हिंसा होती थी। राज्य सरकार की ओर से पैनल लायर ने कहा कि पवन का व्यवहार क्रूर था और उसकी वजह से बसंती मानसिक रूप से परेशान रहती थी, जिससे उसने आत्महत्या कर ली। बैठक में पवन ने पत्नी को न सताने का किया था वादा कोर्ट ने मामले की पूरी गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और सामाजिक साक्ष्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि मृतका की दोनों बेटियों और भाभी ने स्पष्ट कहा कि पति-पत्नी में झगड़े नहीं होते थे। मृतका के भाइयों ने कहा कि कभी-कभी शराब पीने के बाद पवन पत्नी को मारता था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा कितनी बार हुआ। पड़ोसी या स्थानीय गवाह, जो सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, उन्हें पेश नहीं किया गया। समाज की बैठक में पवन ने पत्नी को न सताने का वादा किया था, पर यह भी एक सामान्य पारिवारिक विवाद की तरह था, न कि गंभीर क्रूरता जैसा। ‘कभी-कभी झगड़ा करना क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता’ अदालत ने कहा कि केवल शराब पीना और कभी-कभी झगड़ा करना क्रूरता या आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल सामान्य आरोपों या घरेलू मतभेदों के आधार पर व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान शुरू, उमंग सिंघार बोले – युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर

बिलासपुर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व केंद्रीय पर्यवेक्षक उमंग सिंघार छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि नई सोच के साथ आगे लड़ाई लड़ेंगे. जिन्हें चुनाव लड़ना है, उन्हें पहले पद छोड़ना पड़ेगा. चुनाव नहीं लड़ने वाला संगठन में काम करेगा. संगठन सृजन की यही क्राइटेरिया है. दरअसल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि 2028 के चुनाव के लिए संगठन मजबूती के साथ खड़ा रहेगा. नया जोश, नया नेतृत्व, नई सोच जरूरी है. संगठन में नई पीढ़ी को अवसर दिया जाएगा. उद्योगपतियों के लिए काम कर रही सरकार : उमंग सिंघार उमंग सिंघार ने छत्तीसगढ़ और एमपी की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि यहां की सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है. आम लोगों के लिए काम नहीं कर रही है. आम जनता में बोझ डाला जा रहा है. लोग भारी बिजली बिल आने से परेशान हैं. स्मार्ट मीटर का रिमोट विदेशी कंपनियों के हाथ में है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या उद्योगपति के खदानों के लिए शाह लगातार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं.