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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश: जनसेवा हमारी प्राथमिकता, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक

रायपुर : जनसेवा ही हमारा संकल्प – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश खनिज न्यास की योजनाओं से होगा जनजीवन में सुधार – सूरजपुर में शासी परिषद की बैठक संपन्न रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज अपने निवास बीरपुर जिला सूरजपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे नागरिकों की समस्याएँ और सुझाव सुनी। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन पर आवश्यक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का निराकरण स्थल पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच सके। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सूरजपुर की शासी परिषद की बैठक भी जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, कलेक्टर सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       बैठक में खनिज न्यास निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि खनिज न्यास निधि से संचालित सभी योजनाएँ जनजीवन के उत्थान में सार्थक योगदान दें, तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय जनता को मिले और इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में स्थायी सुधार हो।

CM साय का बयान: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर  बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सड़क के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर देने वाले ठेकेदार से अनुबंध की प्रक्रिया शर्तों सहित पूरी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर को दिए गए हैं। कुल तीन खंडों में निर्मित होने वाले 21.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण लगभग 152 करोड़ रुपए न्यूनतम टेंडर दर प्राप्त हुई है, जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। यह उल्लेखनीय है कि कुतुल, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है और कुतुल से महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नीलांगुर की दूरी 21.5 किलोमीटर है। यह नेशनल हाईवे 130-डी का हिस्सा है। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एनएच-130डी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुँचता है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा और व्यापार, पर्यटन एवं सुरक्षा को बड़ी मजबूती प्राप्त होगी। नेशनल हाईवे 130-डी का कोण्डागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहाँ से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोण्डागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा सुलभ हो सकेगी।  

‘सुजलाम भारत’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर, “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, केलो और अन्य — प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं। ये नदियाँ न केवल धरती को उर्वर बनाती हैं, बल्कि कृषि, उद्योग और जीवन के हर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी रूपी कलश में केलो नदी का जल अर्पण इस बात का प्रतीक है कि हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेजकर रखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के इस संकल्प को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली और समृद्धि से लहलहाती रहे। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की संकल्पना की गई है। विभिन्न विभागों को एक-एक थीम पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 300 से अधिक लोगों ने, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपना पंजीयन कराया है। जल संरक्षण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। पिछले एक वर्ष में जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों ने जल संचयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक साढ़े तीन लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

शिक्षा में डिजिटल क्रांति- 1100 विद्यालयों को मिलेगी स्मार्ट टीवी की सौगात

  बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण, डिजिटल एवं ई-क्लास को मिलेगा बढ़ावा    रायपुर, शासकीय विद्यालयों में विशेष कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले के लगभग 1100 विद्यालयों में स्मार्ट टी०व्ही उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति के तहत बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण किया गया, जिससे बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें।            बिल्हा विकासखण्ड में 50 स्मार्ट टी०व्ही श्री नरेश अग्रवाल प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा के द्वारा प्रदान किया गया है, जिसके प्रथम चरण में आज 25 स्मार्ट टी०व्ही विद्यालयों को प्रदान किया गया है। इस प्रकार शेष विद्यालयों को शीघ्र ही स्मार्ट टी०व्ही० उपलब्ध कराया जायेगा। शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे बच्चों में रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले  मार्ट टी०व्ही सेट उपलब्ध्ण कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी, जिससे बच्चों का विद्यालय ओर अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी।           सम्पर्क फॉउडेशन नई दिल्ली द्वारा लगभग 1100 विद्यालयों को निःशुल्क सम्पर्क टी०व्ही डिवाईस भी उपलब्ध कराया जा रहा हैं, जिसके माध्यम से बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर,  कमिश्नर नगर निगम बिलासपुर प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा, डी०एम०सी० समग्र शिक्षा बिलासपुर सहित अधिकारी उपस्थित रहे ।            ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व 7 अक्टूबर को प्रथम चरण में नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा शहरी क्षेत्र के 31 शासकीय प्राथमिक शालाओं को स्मार्ट टी०व्ही० का वितरण किया गया।  कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की पहल से जन सहयोग द्वारा विद्यालयों को लगातार स्मार्ट टी० व्ही० उपलब्ध लगातार कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ेगी।

बैंक सखी बालेश्वरी 11 करोड़ रुपए का कर चुकी हैं ट्रांजेक्शन

रायपुर, बैंक सखी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की एक प्रशिक्षित महिला सदस्य होती है, जो सखी के रूप में काम करती है, वह बैंक के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है । सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम पंचायत लोसंगी की रहने वाली बालेश्वरी यादव बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। उनके द्वारा पांच पंचायतों लोसंगी, लोसगा, रेमहला, लब्जी, कटिन्दा में लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाई जा रहीं हैं,  ग्रामीण उन्हें बैंक वाली दीदी कहते हैं। क्योंकि बैकिंग सम्बन्धी जिन कार्यों के लिए लोगों को पहले बैंक तक जाना पड़ता था, वो काम अब उनके गांव में ही हो जाते हैं। बैंक वाली दीदी गांव में आती हैं और लोगों के बैंकिंग लेन-देन के कार्य करके जाती हैं।           बालेश्वरी यादव ने बताया कि वे वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, स्व- सहायता समूह की राशि का लेनदेन सहित अन्य बैंकिंग कार्य कर रहीं हैं। विगत पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 11 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेनदेन किया है। बालेश्वरी बताती हैं कि वे अपने पुत्र के साथ लोसंगी में रहती हैं, इससे पहले उनकी आय का जरिया मेहनत मजदूरी था, मजदूरी से प्राप्त पैसों से ही गुजर-बसर करना पड़ता था।         उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में  जब गांव में स्व-सहायता समूह का गठन हुआ, तो मुझे भी उसमें सदस्य बनने की इच्छा हुई और मुझे रानी लक्ष्मी बाई स्व-सहायता समूह का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मैंने ग्राम संगठन एवं क्लस्टर संगठन में भी अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसके बाद सक्रिय महिला एवं आरवीके बुक कीपर का काम करने का भी मौका मिला। इसके बाद मुझे एनआरएलएम के द्वारा  बैंक सखी के बारे में बताया गया, इस कार्य के लिए मुझे काफी उत्सुकता हुई। हमें आरसेटी के द्वारा बैंक सखी का प्रशिक्षण दिया गया।         वर्ष 2021 से मैंने बैंक सखी का काम करना शुरू किया, उन्होंने कहा कि इस कार्य से मुझे प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक कमीशन मिल जाता है। बैंक सखी के कार्य से आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मुझे समाज में अलग पहचान मिली है, वहीं लोगों की मदद करके बहुत खुशी मिलती है। लोगों को जब जरूरत होती है, तो वे स्वयं मुझे बुलाते हैं। वहीं बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों के घर पर भी मैं बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूं।  उन्होंने बताया कि कियोस्क के माध्यम से अब तक लभगभ 513 ग्रामीणों के जनधन खाते खोले हैं। वहीं बीमा योजनाओं से भी हितग्राहियों को जोड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 713, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 556, अटल पेंशन योजना 600 हुए हैं।

केन्द्र सरकार की अतिरिक्त सचिव पहुंची कांकेर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और मूक बधिर बच्चों से की बातचीत

रायपुर, भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख आज आकांक्षी जिला कांकेर पहुंची। उन्होंने यहां शुरू किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंची जहां उन्होंने निःशक्त, मुक-बधिर बच्चों से बातचीत की। भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया और वहां आने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की। कांकेर में स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर यह सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। अतिरिक्त सचिव ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख मावा मोदोल कोचिंग संस्थान भी गई। यहां उन्होंने  अध्ययन कक्ष में जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इस कोचिंग संस्थान को शुरू किया गया है। कोचिंग संस्थान में कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने इसकी भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने की सुविधा देना जिले की प्रतिभाओं को गढ़ने का अच्छा प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांकेर के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि वे अपनी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। सुश्री देशमुख ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।   अतिरिक्त सचिव ने मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समय कांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय भी पहुंचीं। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज से उनका स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। यह विशेष विद्यालय 50 सीटर है। विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है। इस विद्यालय में निकट भविष्य में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने की भी योजना है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात भी कही, ताकि निः शक्त और दृष्टि तथा श्रवण बाधित बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

कांग्रेस सरकार में फला-फूला नक्सलवाद, अब हो रहा सफाया: श्यामबिहारी, ताम्रध्वज बोले- हमारी सरकार होती तो पहले खत्म हो जाता

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सियासत गरमाने लगा है. माड़ डिवीजन के 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इस मामले में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, यह डबल इंजन सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है. पिछली सरकार में नक्सलवाद फला, फूला और बढ़ता गया. कांग्रेस की सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी. इच्छाशक्ति होती तो नक्सलवाद का सफाया हो जाता. वहीं नक्सलवाद को लेकर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि 5 साल तक नक्सलवाद को सिमटते हुए एक पिनपॉइंट पर हमने ला दिया था. अगर हमारी सरकार बनती तो उस पिनपॉइंट को खत्म कर देते. डबल इंजन सरकार नहीं होते हुए भी नक्सलवाद खत्म हो जाता. नक्सलवाद खात्मे पर पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, 15 साल रमन सरकार ने नक्सल उन्मूलन का काम नहीं किया. भूपेश सरकार में नक्सल उन्मूलन और विकास हुआ. नक्सल क्षेत्रों में 70 कैंप भूपेश सरकार में खुले. विश्वास और विकास का नारा भूपेश सरकार ने दिया. अगर हमारी सरकार बनती तो डबल इंजन सरकार नहीं होते हुए भी नक्सलवाद खत्म हो जाता. प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गोमाता को राजमाता का दर्जा देने की मांग की है. इस पर मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, गाय की पूजा सदियों से माता के रूप में की जा रही है. गोमाता को राजमाता का दर्जा दिया जाए तो खुशी की बात है. मुझे लगता है कि इसमें किसी को भी आपत्ति नहीं होगी. सनातन संस्कृति में हमेशा गोमाता की जय का नारा लगता है. पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, बोलने और दुष्प्रचार करने में भाजपा माहिर है. जब से सृष्टि बनी है तब से गौ माता को गौ माता ही कहते हैं. यह तो सामान्य प्रक्रिया शुरू से चल रही है. मंत्री ने मुगलों से की कांग्रेस की तुलना कांग्रेस के घोटालों को लेकर हर दिन हो रहे खुलासे पर मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस की तुलना मुगलों से की. घोटालों को लेकर उन्होंने कहा, रहीम ने कहा है – खैर, खून, खांसी, खुशी, बैर, प्रीति, मदपान, रहीमन दाबे न दबे, जानत सकल जहान. आपराधिक चीजों, भ्रष्टाचार को तत्काल कोई नहीं कहता, लेकिन एक न एक दिन ये बातें खुलकर सामने आती है. कभी मुगलों और टीपू सुल्तान को महान बताया जाता था. आज सबको पता चल रहा है ये लूटेरे थे, लूटने आए थे. इसी तरह से कांग्रेस के घोटाले भी खुलकर सामने आ रहे हैं. पूर्व गृह मंत्री ने कहा – मंत्री को इतिहास की जानकारी नहीं मंत्री ने कांग्रेस की तुलना मुगलों से की. इस पर पलटवार करते हुए पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, श्यामबिहारी जायसवाल को भारत वर्ष के इतिहास की जानकारी नहीं है. पहले जानकारी लें, इतिहास पढ़ें कि आजादी के पहले क्या था. अंग्रेजों के शासन के पहले क्या था. उसके बाद मुगलों की तुलना कांग्रेस से करे. कांग्रेस को भाजपा के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. कांग्रेस सरकार में हर क्षेत्र में अंधाधुन भ्रष्टाचार हुआ : श्यामबिहारी कांग्रेस का कहना है कि सरकार 32 लाख राशनकार्ड धारियों के राशन कार्ड निरस्त करना चाहती है. इस मामले में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, कांग्रेस चाहती है कि जंगलराज वापस आए. Kyc की वजह से डायरेक्ट पैसा जा रहा है. ये फिर से चाहते हैं कि 100 रुपए भेजे और 15 पैसे जाए. कांग्रेस के समय में हर क्षेत्र में अंधाधुन भ्रष्टाचार हुआ है. सरकार जब भी उसे दुरुस्त करना चाहती है उनको पीड़ा होती है.

कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण

बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने  कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए डबल लॉक का भौतिक सत्यापन, संबंधित पंजियों का परीक्षण तथा स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग,पेंशन भुगतान एवं लेखा कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कोषालय में अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव, दस्तावेजों के अद्यतन एवं वित्तीय अनुशासन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी , डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे, खजांची  ज्ञानू भारद्वाज,  सुरेंद्र देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्पल फेस्ट 2025 में मनोविकास केंद्र के 5 छात्र होंगे शामिल, कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला

9 से 12 अक्टूबर  तक गोवा में आयोजित पर्पल फेस्ट में करेंगे योगा प्रदर्शन रायपुर, मनोविकास केन्द्र बलौदाबाजार के 5 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। यह आयोजन  9 से 12 अक्टूबर 2025 तक गोवा मे  किया जा रहा है।  फेस्ट में हिस्सा लेने  गोवा रवाना होने से पहले गुरुवार को कलेक्टर दीपक सोनी से चयनित बच्चों ने मुलाक़ात की। कलेक्टर श्री सोनी ने मनोविकास केंद्र के बच्चों का फेस्ट के लिए चयन होने पर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्हें शुभकामनायें दी। मनोविकास केन्द्र  के नोडल अधिकारी आशा शुक्ला ने बताया कि केंद्र के छात्र  कुलदीप निर्मलकर, तुषार सेन पुष्कर कुमार साहू,लोकेश कुमार वर्मा एवं किशन यादव का चयन पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। इनके साथ  योग शिक्षक श्री ललित कुमार साहू तथा केन्द्र प्रमुख श्री दुर्गा शंकर पटनायक भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।चयनित विद्यार्थी मनोविकास केन्द्र एवं बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 मिनट का योग प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे जो दिव्यांगजनों की क्षमताओं और समावेशन की भावना को उजागर करेगा। यह भागीदारी मनोविकास पहल और  जिला प्रशासन के लिए गर्व का क्षण होग़ा तथा इन विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय  स्तर पर पहचान और अनुभव प्रदान करेगी। पर्पल फेस्ट 2025 को दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सशक्तिकरण के एक जीवंत उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,गोवा सरकार के राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय, तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं संयुक्त राष्ट्र भारत के सहयोग से किया जा रहा है।पर्पल फेस्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों के समावेशन, पहुंच और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव समाज में जागरूकता फैलाने, उनकी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करता है जहां प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और समान अवसरों के साथ जीवन जीने का अधिकार हो। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास हेतु जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार में  सीएसआर मद  से मनोविकास केंद्र संचालित किया जा रहा  है। इस केंद्र में 45 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है। यह केंद्र जनवरी 2025 से शुरू हुआ है और अल्प समय मे ही बेहतर परिणाम सामने आने लगा है। विशेष शिक्षा, थेरेपी सेवाएं व्यावसायिक प्रशिक्षण,मनोवैज्ञानिक परामर्श और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जा राही हैं। साथ ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है।

हाईकोर्ट ने माना पुलिस की यातना जिम्मेदार, युवक की मौत पर राज्य सरकार को मुआवजा देने का निर्देश

बिलासपुर पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, जहां किसी व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में होती है, वहां मृत्यु का कारण स्पष्ट करना राज्य की जिम्मेदारी है। ऐसा न करना जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी और यह मामला कस्टोडियल बर्बरता का उदाहरण है। पूरा मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाना का है। याचिकाकर्ता दुर्गा देवी कैठोलिया ने बताया कि उनके पति दुर्गेंद्र कैठोलिया को 29 मार्च 2025 को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 31 मार्च को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शाम 5 बजे उन्हें फिर से थाने में रखा गया, जहां कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में थर्ड डिग्री टार्चर दिया, जिससे दुर्गेंद्र की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 चोटों का है जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 पूर्व-मृत्यु चोटों का जिक्र है। मौत का कारण दम घुटने से सांस न ले पाने को बताया गया। दूसरे दिन पुलिस ने परिवार को बताया कि दुर्गेंद्र बीमार पड़ गए थे और अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। शव मिलने पर परिवार ने शरीर पर चोट के निशान देखकर हंगामा किया और उच्चाधिकारियों से शिकायत की। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सभी साक्ष्य साफ बताते हैं कि यह मौत पुलिस की यातना से हुई है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सम्मान के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी। मृतक की पत्नी और माता-पिता को मुआवजा देने के निर्देश हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मृतक की पत्नी दुर्गा देवी को तीन लाख की राशि दी जाए, ताकि वह और उनके दो नाबालिग बच्चों की देखभाल कर सकें। मृतक के माता-पिता को प्रत्येक एक लाख दिए जाएं। यह भुगतान 8 हफ्ते के भीतर किया जाए अन्यथा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा।