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फसल कटाई पर समय सीमा लागू: रात में हार्वेस्टर-कम्बाइन पर बैन

पटियाला. पंजाब के अलग-अलग जिलों में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए डी.सी. द्वारा पाबंदियों के कई आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि साल 2026 में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगा दी जाती है, जिससे नुकसान होने का खतरा रहता है। हवा में धुएं से प्रदूशन होता है, जिससे सांस की बीमारियां हो सकती हैं। जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में शाम 7 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक कंबाइन चलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए हैं। गेहूं की फसल की कटाई के दौरान रात में कंबाइन चलाने पर रोक लगाई गई है। ऊपर दिए गए दोनों आदेश 31 मई, 2026 तक लागू रहेंगे। फाजिल्का: जिला मजिस्ट्रेट फाजिल्का द्वारा जिले में शाम 7:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक कंबाइन के जरिए गेहूं की कटाई करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। इसी तरह गेहूं की नाड़ को आग लगाने के बाद भी सख्ती से पाबंदी लगाई गई है। गुरदासपुर: अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों द्वारा गेहूं के अवशेष (नाड़) को आग लगाने या जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से 10 जून 2026 तक लागू रहेंगे। जारी आदेशों में बताया गया कि अकसर गेहूं की कटाई के बाद किसान खेतों में बची नाड़ को आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह में मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और आसपास खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। होशियारपुर: जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने होशियारपुर में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक कम्बाइनों से गेहूं काटने पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गेहूं की कटाई करने वाली कम्बाइनों के मालिकों को निर्देश दिए कि वे हार्वेस्टर कम्बाइन का उपयोग करने से पहले कृषि विभाग के माध्यम से मशीन की अनिवार्य जांच (इंस्पैक्शन) करवाएं और कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर एस.एम.एस. लगाए बिना न चलाया जाए। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मैजिस्ट्रेट ने यह भी अपील की है कि गेहूं की पराली या फसल के अवशेष को आग न लगाई जाए, क्योंकि इससे स्वच्छ वातावरण प्रदूषित होता है।

पंजाब में अग्निवीर भर्ती रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाई, 10वीं पास के लिए 45% अंक की शर्त

जालंधर जालंधर में रोजगार अफसर ने अग्निनवीर भर्ती को लेकर मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने बताया कि पंजाब में अग्निनवीर भर्ती के रजिस्ट्रेशन लिए डेट बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। जुलाई 2005-2009 के बीच जन्में बच्चे इसमें अप्लाई कर सकते हैं। थेह कांजला सी पाइट सेंटर में अभ्यर्थी फ्री तैयारी कर सकते है। इसके अलावा उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी पंजाब सरकार की तरफ से होगी। अगर आप भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके लिए ये अच्छा मौका साबित हो सकता है। जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की डिप्टी डायरेक्टर नीलम महे ने बताया कि सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। जो युवा इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शेड्यूल के मुताबिक, इन पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा 1 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। भर्ती के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ है। 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी भर्ती की शर्तों के अनुसार, अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) के लिए 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। वहीं, तकनीकी पदों (Technical) के लिए 12वीं में साइंस (PCM) अनिवार्य है। क्लर्क या स्टोर कीपर (SKT) के पदों के लिए 10वीं में 60 फीसदी अंक होने चाहिए, जबकि ट्रेड्समैन के पदों के लिए 8वीं या 10वीं पास युवा भी आवेदन कर सकते हैं। लिखित और फिजिकल टेस्ट की तैयारी मुफ्त पंजाब के युवाओं के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि वे इस भर्ती की लिखित और शारीरिक परीक्षा की तैयारी पूरी तरह मुफ्त में कर सकते हैं। कपूरथला के थेह कांजला स्थित सी-पाईट (C-PYTE) कैंप में ट्रेनिंग ऑफिसर कैप्टन अजीत सिंह ने बताया कि यहां छात्रों के लिए हॉस्टल, खाना, जिम और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं बिल्कुल फ्री हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने शैक्षणिक सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, 2 फोटो और ऑनलाइन भरे गए फॉर्म की कॉपी लेकर सीधे कैंप में संपर्क कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों 83601-63527 और 69002-00733 पर भी फोन किया जा सकता है।  

मौसम ने ली करवट: बारिश से सुहावना हुआ माहौल, आंधी का अलर्ट जारी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में मंगलवार मध्यरात्रि से लेकर बुधवार सुबह छह बजे के दौरान तेज हवाओं के बीच हल्की से तेज वर्षा हुई, जिससे सुबह मौसम में ठंडक घुली रही। सुबह हल्की ठंड महसूस हो रह थी, जिसके चलते बहुत से लोगों को हलके गर्म कपड़े पहनने पड़े। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, लुधियाना में 4.6 मिलीमीटर, पटियाला में 9.2 मिलीमीटर, बठिंडा में 21.2 मिलीमीटर, फरीदकोट में 8.4 मिलीमीटर, फिरोजपुर में 16.5 मिलीमीटर, रूपनगर में 9.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा के चलते इन जिलों में दिन का तापमान कम रहा। हालांकि, सुबह छह बजे के बाद से लगभग सभी जिलों में तेज धूप निकल आई थी। लुधियाना में भी सुबह नौ बजे के बाद दिनभर बादलों का आना जाना लगा रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को पंजाब के कई जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पांच अप्रैल से मौसम दोबारा से साफ हो जाएगा। दिन का तापमान बढ़ेगा।

हिमाचल के टैक्स फैसले पर तकरार तेज, भगवंत मान का सख्त संदेश

चंडीगढ़. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा की गाड़ियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि हम पंजाब में टोल टैक्स बंद करवा रहे हैं, जिसका फायदा हिमाचल की गाड़ियों को भी मिल रहा है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है। सीएम ने कहा कि हमें भी टैक्स लगाना आता है। हालांकि इससे पहले उन्होंने एचपी सरकार द्वारा टैक्स कम करने को लेकर कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो भूला नहीं कहते। यह तो दोपहर में ही आ गए हैं। दरअसल, हिमाचल सरकार ने हरियाणा-पंजाब से आने वाली गाड़ियों पर 130 रुपये एंट्री टैक्स लगा दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद हुआ। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने टैक्स को 130 के स्थान पर 100 रुपये कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इस पर पंजाब कांग्रेस के नेता क्यों चुप हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में पंजाब सरकार भी हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का विचार कर सकती है।" ग्रामीण क्षेत्रों में होगा जातीय सर्वेक्षण पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय सर्वेक्षण करवा रही है। बुधवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वर्ग की कितनी आय हैं। क्योंकि इस सर्वे में ड्रग्स का डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। सर्वे में नशा लेने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाना है। इसका आंकड़ा भी इसी सर्वे से जुटाया जाएगा। वहीं, ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पंचायतों ने अपने गांवों को नशा मुक्त करार दिया हो। इस सर्वेक्षण के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी की कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं। बता दें कि पंजाब में 13236 पंचायतें हैं। पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद सीजन से पहले ही आढ़तियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों की मांग केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। आज जब खरीद का सीजन शुरू हो रहा है तो वह हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। खेतों को जाने वाली बिजली की लाइन होगी अंडरग्राउंड मुख्यमंत्री भगवान मान ने कहा कि खेतों को जाने वाली बिजली की लाइनें को अंडरग्राउंड करने का नया प्रयोग वह अपने गांव सतौज (संगरूर) में करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की लाइनें से कई प्रकार के नुकसान होता है। लाइन शॉर्ट होने पर फसल जल जाती है। वहीं खंभों को लेकर के गांव वासियों के बीच आपस में विवाद होता है। इसलिए वह एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। 'फूलका ने बीच में छोड़ दी थी राजनीति' आप के पूर्व विधायक व विपक्षी दल के नेता रहे एचएस फूलका द्वारा भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व विधायक ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। दाखा विधान सभा के लोगों को मझधार में छोड़ दिया था। ऐसे लोग पुन: राजनीति में सफल नहीं होते।

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड लॉन्च, 1.5 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा, पहचान प्रक्रिया होगी सरल

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि पंजाब में अब पारंपरिक राशन कार्ड की जगह QR कोड आधारित स्मार्ट राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। क्यों जरूरी था यह बदलाव? पुरानी व्यवस्था में कई लाभार्थियों को राशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासतौर पर वे लोग जिनके बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) ठीक से मैच नहीं होते थे या ई-केवाईसी बार-बार फेल हो जाती थी, उन्हें राशन मिलने में देरी होती थी। नई QR कोड तकनीक इन समस्याओं का समाधान करने के लिए लाई गई है। कितने लोगों को मिलेगा लाभ? पंजाब में करीब 1.5 करोड़ लोग PDS प्रणाली के तहत राशन लेते हैं, जबकि राज्य में लगभग 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% लाभार्थियों तक नए QR कोड कार्ड पहुंचाने का है, ताकि गेहूं वितरण शुरू होने से पहले व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्यभर में हजारों पात्र परिवार E-KYC और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के दौरान लगातार समस्याओं का सामना कर रहे थे। खासकर अंगूठे के निशान का मेल न होना, बुजुर्गों के घिसे हुए फिंगरप्रिंट और EPoS मशीनों में तकनीकी खराबियां बड़ी वजह रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को गेहूं के हक से वंचित न होना पड़े। लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी, जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट गरीब परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। राज्य स्तर पर यह योजना बड़े पैमाने पर लागू की जा रही है, जिसमें करीब 39 लाख राशन कार्ड और 1.5 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू होने से डिपो पर विवाद कम होंगे, लाभार्थियों की पहचान बेहतर होगी और पूरे पंजाब में गेहूं वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी। राज्य सरकार इस पहल को एक बड़े कल्याणकारी और पारदर्शिता बढ़ाने वाले सुधार के रूप में देख रही है, जिससे कोई भी पात्र परिवार तकनीकी कारणों से वंचित न रह जाए। जिला स्तर पर वितरण शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में पंजाब की राशन प्रणाली में स्मार्ट कार्ड आधारित पहचान का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले ही छप चुके हैं लाखों कार्ड सरकार ने QR कोड आधारित करीब 10 लाख प्लास्टिक राशन कार्ड पहले ही तैयार कर लिए हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से जिलों और राशन डिपो तक पहुंचाया जा रहा है। शेष कार्डों की आपूर्ति भी तेजी से जारी है, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे। अब नहीं ले जाना होगा आधार या अन्य दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सिर्फ QR कोड वाला राशन कार्ड दिखाना होगा। राशन डिपो पर अब आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी। कहीं भी मिलेगा राशन इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत पोर्टेबिलिटी है। यानी लाभार्थी अपने निर्धारित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो से भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। QR कोड स्कैन होते ही उनकी जानकारी सामने आ जाएगी और उन्हें बिना किसी परेशानी के अनाज मिल सकेगा। नए स्मार्ट कार्ड से मिलेगी लाभार्थियों को वैध पहचान अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को राशन के हक से वंचित न होना पड़े। डिपो होल्डरों के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेगे स्मार्ट कार्ड लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इससे खासकर उन मामलों में राहत मिलेगी, जहां अंगूठे के निशान के मेल न खाने से गेहूं वितरण में दिक्कत आ रही थी। यह वितरण पंजाब के राशन डिपो नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और डिपो धारक अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे। e-KYC से मिलेगी राहत स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी। जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। इस पहल से खासकर बुजुर्गों, मजदूरों और उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बार-बार e-KYC में फेल हो रहे थे या बायोमेट्रिक गड़बड़ी के कारण उनका राशन अटक जाता था। पात्र लाभार्थियों को मुफ्त मिलता है राशन अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट … Read more

अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने जानी हकीकत, महिला मरीजों की समस्याएं सुनीं

पटियाला. यहां माता कौशल्या अस्पताल में बीते दिन बुधवार को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिला को थप्पड़ करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह वीरवार सुबह नो बजे ही अस्पताल में स्थित ओपीडी में पहुंच गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्ची काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और तुरंत अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महिला को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर अस्पताल अधिकारियों से बातचीत की गई मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्री की अस्पताल अधिकारियों से मीटिंग चल रही है। पंजाब ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की; डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3 महीने से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवार पंजीकृत हुए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एक मिसाल कायम की है। 8 जनवरी, 2026 को शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी मॉडल के रूप में उभरी है। शुक्रवार को पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के व्यापक कार्यान्वयन और गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना से पंजाब भर में लाखों परिवारों को तेजी से वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्राप्त हुई है।

चंडीगढ़ BJP ऑफिस अटैक में पाकिस्तान मेड ग्रेनेड का प्रयोग, संदिग्धों के 2 और वीडियो हुए सार्वजनिक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। इससे पहले 2 नए वीडियो सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। बुधवार शाम को पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट हुआ था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई है। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम बीजेपी ऑफिस के बाहर जांच में जुटी हुई हैं। 30 फुट दूरी से फेंका गया ग्रेनेड BJP मुख्यालय के बाहर करीब 30 फुट दूरी से ग्रेनेड फेंका गया था। दीवार की ऊंचाई लगभग 3 फुट है, जबकि उसके ऊपर करीब 2 फुट ऊंची एल्यूमीनियम ग्रिल लगी हुई है। जिस जगह ग्रेनेड गिरा, वहां से बीजेपी दफ्तर के मुख्य द्वार की दूरी करीब 25 फीट बताई जा रही है। मुख्य द्वार के पास सुरक्षा कर्मियों के लिए केबिन बना हुआ है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान राउंड द क्लॉक तैनात रहते हैं। वहीं मुख्य गेट पर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। हालांकि जिस स्थान पर ग्रेनेड गिरा, वहां अकसर आने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं और घटना के समय भी वहां वाहन खड़े थे। खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले के पीछे वही है। पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय सिस्टम चाहे पंजाब के सिख युवाओं के खिलाफ कितने भी कदम उठा ले, इसका जवाब दिया जाएगा। खालसा पंथ उचित प्रतिक्रिया करेगा। गुरदासपुर में रणजीत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए उसके आरोपियों को भी न बख्शने की बात कही गई है। पंजाब की धरती खालसा की धरती पोस्ट के अंत में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे गए हैं, जिनमें खालिस्तान के समर्थन और खालसा राज की बात दोहराई गई है। इस में कहा गया है कि पंजाब की धरती खालसा की धरती है। पंजाब में खालिस्तान बनेगा खालिस्तान जिंदाबाद, खालसा राज करेगा। वायरल पोस्ट में संगठन की ओर से इस वारदात को अंजाम देने का जिक्र करते हुए पंजाब के डीआईजी संदीप गोयल को भी चेतावनी दी गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख़्स ग्रेनेड की पिन निकाल कर फेंकते हुए दिख रहा है। हमले की जांच में पुलिस को सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखे हैं। दोनों लोगों को मोटरसाइकिल पर बीजेपी ऑफिस के आसपास घूमते देखा गया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कहीं पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष तो नहीं थे निशाना? पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस घटना के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। इसके अलावा इस हमले को पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले एसएसपी पठानकोट ने अश्वनी शर्मा को सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कम जाने की चेतावनी दी थी। घटना से दो दिन पहले तक शर्मा पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और बुधवार सुबह ही दिल्ली में एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। क्रूड बम का इस्तेमाल किया: एसएसपी चंडीगढ़ सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम करीब 4:48 बजे जोरदार धमाके से भाजपा कार्यालय के बाहर खड़ी कार का शीशा टूट गया। काले रंग की एक एक्टिवा क्षतिग्रस्त हो गई और चारदीवारी पर 50 से अधिक स्थानों पर छर्रों के निशान देखने को मिले। चण्डीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि विस्फोट के लिए क्रूड बम का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले क्रूड बम का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में एक घटना में किया गया था। घटना के बाद केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वहीं, घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पंजाब सरकार की नई पहल: आंगनवाड़ी नेटवर्क से तैयार होगा ड्रग डेटा

चंडीगढ़. आंगनवाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीद को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। पंजाब सरकार ने अब इन स्मार्टफोनों को ड्रग्स जनगणना में लगे एन्यूमरेटरों को देने का फैसला किया है। इस फैसले से पहले ही छह साल की देरी और दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर यह मामला चर्चा में रहा है। सरकार ने कुल 28,515 सैमसंग 5G स्मार्टफोन खरीदे थे। इनमें से करीब 28,000 फोन अब ड्रग्स जनगणना के एन्यूमरेटरों को दिए जाएंगे। ये फोन मूल रूप से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने थे, लेकिन अब इन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है, जो ड्रग्स जनगणना का नोडल विभाग है। इन स्मार्टफोनों की खरीद पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और यह योजना केंद्र सरकार की ओर से वित्तपोषित है। इन स्मार्ट फोनों को कम से कम पांच जिलों में भेजा भी गया था और बाकी जिलों में वितरण की तैयारी थी। इसी बीच सरकार ने इन्हें ड्रग्स जनगणना के लिए उपयोग करने का फैसला लिया। एन्यूमरेटर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इन फोनों की जरूरत है। जनगणना पूरी होने के बाद ये फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दे दिए जाएंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की पंजाब अध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दिए जाएंगे, लेकिन अब जानकारी मिली है कि इन्हें ड्रग्स जनगणना में लगाया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी बैठक मंत्री डॉ. बलजीत कौर और विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह के साथ हुई थी, जिसमें उन्हें बताया गया था कि फोन खरीदे जा चुके हैं और वितरण प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह खरीद पोषण अभियान के तहत की गई थी, जो केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी वर्करों को फील्ड से डेटा भरने के लिए ऐप के माध्यम से सशक्त बनाना है, ताकि योजना की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके। इस पूरे मामले में देरी को लेकर 7 फरवरी को आईएएस अधिकारी केके यादव और जसप्रीत सिंह को निलंबित किया गया था। उस समय वे क्रमशः उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव और इंफोटेक के एमडी थे। स्मार्टफोन की खरीद प्रक्रिया पंजाब इंफोटेक के जरिए की गई थी, जिसमें अनियमितताओं और देरी की बात सामने आई थी। शुरुआत में करीब 27,515 स्मार्टफोन के लिए टेंडर जारी किया गया था। उस समय 5G फोन उपलब्ध नहीं थे, इसलिए 4G फोन के लिए प्रक्रिया शुरू हुई और एक कंपनी को एल1 घोषित किया गया। बाद में 5G फोन की जरूरत बताते हुए नया टेंडर जारी किया गया, जिसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची थी। इसके बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और खरीद प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रत्येक फोन की कीमत करीब 20,000 रुपये बताई गई है।

बड़ी खबर: पंजाब में शुक्रवार को अवकाश घोषित, सभी शिक्षण संस्थान बंद

जालंधर. आज से अप्रैल का महीना शुरू हो गया है। इसके साथ ही इस महीने भी कई छुट्टियां आ रही हैं, जिसकी वजह से पंजाब में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। बच्चों की मस्ती के साथ-साथ कर्मचारियों की भी मौज लगेंगी। इस दौरान स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहने वाले हैं। इस महीने की पहली सरकारी छुट्टी 3 अप्रैल को आ रही है। 3 अप्रैल यानी शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी रहेगी। इसके बाद बुधवार यानी 8 अप्रैल को श्री गुरु नाभा दास जी की जयंती आ रही है, जिसकी वजह से स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। 14 अप्रैल, मंगलवार को बैसाखी है और डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती आ रही है। इसके बाद 19 अप्रैल को भगवान परशु राम की जयंती आ रही है, जो रविवार को आ रही है। आपको यह भी बता दें कि इन सरकारी छुट्टियों के अलावा 4 रविवार भी आ रहे हैं। प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल भारत के उत्तरी भाग में स्थित पंजाब में स्वर्ण मंदिर जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं और 1900 ईसा पूर्व तक सिंधु घाटी सभ्यता के केंद्र के रूप में इसका ऐतिहासिक महत्व है। आप अवकाश प्राप्त कर त्योहारों में दर्शनीय स्थल में भाग ले सकते हैं। राज्य में हवाई, रेल और सड़क नेटवर्क के माध्यम से उत्कृष्ट संपर्क है, जिससे यह देश के विभिन्न हिस्सों से आसानी से पहुँचा जा सकता है। पर्यटकों को ऐतिहासिक महलों, युद्धक्षेत्रों और राज्य की शोभा बढ़ाने वाली शानदार सिख स्थापत्य कला का अवलोकन करने का अवसर मिलता है। 2026 के लिए पंजाबी में बैंक अवकाश पंजाब में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के अलावा बैंक अवकाश भी होते हैं। इन छुट्टियों के दौरान बैंक कर्मचारी अवकाश पर रहते हैं। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के बीच हुए समझौते के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को पंजाब और भारत के अन्य राज्यों के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बंद रहते हैं।

मां की गलती, कबाड़ी की ईमानदारी: 1.5 लाख रुपये लौटाकर पेश की मिसाल

जलालाबाद/चंडीगढ़. जलालाबाद में एक युवक की मां ने उसके डेढ़ लाख रुपयों को कबाड़ समझ कर कबाड़ी को बेच दिए। यह रकम युवक ने डेढ़ साल की मेहनत से जमा की थी। हालांकि, तीन अलग-अलग हाथों से गुजरने के बाद यह पैसे युवक को वापस मिल गए। यह घटना जलालाबाद के गांव फलियावाला से सामने आई है। गांव कमरेवाला का रहने वाला युवक सोनू एक शेलर में काम करता है। उसने चोरी के डर से अपनी डेढ़ साल की कमाई, कुल डेढ़ लाख रुपए, सूखी रोटियों के एक थैले में छिपाकर रखे थे। आज जब युवक काम पर गया हुआ था, तो उसकी मां ने एक फेरीवाले राजकुमार को कबाड़ के साथ वह थैला भी बेच दिया, जिसमें डेढ़ लाख रुपए रखे थे। फेरीवाले ने आगे यह सामान तीर्थ नामक बड़े कबाड़ी को बेचा, जिसने फिर सूखी रोटियों वाले थैले को दूध डेरी वाले पप्पू बैटरी वाले को बेच दिया। जब नौजवान घर लौटा और उसने अपनी मां से सूखी रोटियों के थैले के बारे में पूछा, तो मां ने बताया कि उन्होंने फेरीवाले को बेच दिया है। यह सुनकर सोनू हैरान रह गया और उसने तुरंत कबाड़ी की तलाश शुरू कर दी। युवक की तलाश के बाद वह कबाड़ी तक पहुंचा और अपनी पूरी बात बताई। कबाड़ी ने पप्पू बैटरी वाले से रोटियों वाला थैला वापस लाकर ईमानदारी दिखाते हुए डेढ़ लाख रुपए युवक को वापस लौटा दिए। बड़ी बात ये रही कि तीन जगह बाइक कैश वाले थैले को किसी ने भी खोलकर नहीं देखा । गांव मोहकम अराईया के सरपंच परमिंदर सिंह ने इस अनोखे मामले की पुष्टि की है। हालांकि इसके बाद नौजवान भावुक हुआ और कहता कि मैंने ईंटें उठा-उठा पैसे जोड़ थे। यह मेरी मेहनत की कमाई है जो वापस लौट आई है।